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पार्किंग शुल्क से ही करोड़ों कमा रहा रोडवेज, पर नहीं दिला रहा स्टेशनों पर सुविधाएं

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नैनीताल, 23 नवंबर 2018। उत्तराखंड परिवहन निगम अपने स्टेशनों पर बसों के खड़े होने से वर्ष में लाखों तथा पिछले कुछ वर्षों में ही करोड़ों रुपये कमा रहा है। किंतु स्टेशनों पर सुविधाएं उपलब्ध कराने के नाम पर कुछ भी नहीं किया जा रहा है। जनपद के सूचना अधिकार कार्यकर्ता हेमंत गौनिया को परिवहन विभाग द्वारा उपलब्ध करायी गयी सूचना के अनुसार केवल हल्द्वानी के रोडवेज स्टेशन से ही निगम को वर्ष 2014 में 27.48 लाख, 2015 में 35.24 लाख, 2016 में 43.82 लाख, 2017 में 51.25 लाख एवं इस वर्ष 2018 में अब तक 43.49 लाख यानी पिछले पांच वर्षों में दो करोड़ रुपये से अधिक की आय प्राप्त हो चुका है। यह स्थिति तब है, जबकि हल्द्वानी के रोडवेज स्टेशन पर न तो बसों के खड़े होने के लिये पर्याप्त जगह नहीं है, और दी गयी सूचना में यह स्वीकारोक्ति भी की गयी है। बताया गया है कि स्टेशन पर हर रोज 90-95 बसें आती हैं, और एक घंटे से कम देरी तक खड़े होने वाली बसों से 118 रुपये, रात्रि में रुकने वाली बसों से 236 रुपये एवं यूपी के केसरबाग व राजस्थान के जयपुर डिपो की बसों से 472 रुपये लिये जाते हैं, क्योंकि इन दोनों डिपो में खड़ी होने वाली यहां की बसों को भी वहां इतनी ही धनराशि देनी पड़ती है। गौनिया का कहना है कि इतनी बड़ी धनराशि प्राप्त करने के बाद भी स्टेशन की दशा नहीं सुधारी जा रही है। यही स्थिति प्रदेश के अन्य रोडवेज स्टेशनों की भी है।

यह भी पढ़ें : पांच वर्ष की कवायद और शिलान्यास के एक वर्ष बाद भी मोबाइल टावर अधर में

नैनीताल, 19 नवंबर 2018। जनपद के दूरस्थ ग्राम गौनियारो में करीब पांच वर्ष से चल रही कवायद और एक वर्ष पूर्व क्षेत्रीय विधायक एवं सांसद द्वारा शिलान्यास किये जाने के बावजूद बीएसएनएल के मोबाइल टावर का निर्माण अधर में पड़ा हुआ है। क्षेत्रीय निवासी एवं सूचना अधिकार कार्यकर्ता हेमंत गौनिया ने बताया कि उनके गांव में लोगों को मोबाइल के सिग्नल प्राप्त करने के लिये करीब 5 किमी दूर पैदल जाना पड़ता है। इस समस्या के समाधान के लिए वे पिछले करीब पांच वर्षों से प्रयासरत हैं, और दिल्ली में दूरसंचार मंत्रालय और बीएसएनएल के मुख्यालय तक पत्राचार करने के बाद किसी तरह बीएसएनएल का मोबाइल टॉवर स्वीकृत हुआ। इस पर श्रेय लेने के लिए क्षेत्रीय विधायक राम सिंह कैड़ा व सांसद भगत सिंह कोश्यारी ने करीब एक वर्ष पूर्व टावर का शिलान्यास भी कर दिया। किंतु इधर एक वर्ष बीत जाने के बावजूद बीएसएनएल की ओर से बरती जा रही निष्क्रियता की वजह से अभी भी टॉवर का निर्माण शुरू नहीं हो पाया है। उन्होंने शिलान्यास करने वाले विधायक व सांसद पर टावर के शीघ्र निर्माण के लिए प्रयास भी नहीं करने का आरोप भी लगाया।

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