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नंदा देवी मेले को लेकर अधिकारियों पर धार्मिक भेदभाव का आरोप, मुख्यमंत्री से की शिकायत..

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नवीन समाचार, नैनीताल, 28 अगस्त 2020। उत्तराखंड उच्च न्यायालय के अधिवक्ता एवं पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष नितिन कार्की ने प्रदेश के मुख्यमंत्री को शुक्रवार को एक पत्र भेजा है। ‘माता नंदा देवी महोत्सव नैनीताल में श्रद्धालुओं को दर्शन से वंचित रखने’ के विषय पर लिखे पत्र में कहा गया है कि जहां मुख्यमंत्री प्रदेश को कोराना से मुक्त कर स्थिरता की ओर ले जाने का प्रयास कर रहे हैं, वहीं कुछ प्रशासनिक अधिकारी अपनी मनमानी से धार्मिक भेदभाव एवं उन्माद फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। कार्की के अनुसार अल्मोड़ा में जहां सभी श्रद्धालुओं को सामाजिक दूरी का पालन कर माता नंदा-सुनंदा के दर्शन करने का अवसर प्राप्त हुआ, वहीं नैनीताल में श्रद्धालओं को दर्शनों से वंचित रखा गया, जबकि जुम्मे की नमाज में सैकड़ों की संख्या में लोगों के द्वारा मस्जिद के अंदर नमाज अदा की जा रही है। दावा किया है कि ऐसा जिला अधिकारी के आदेशों पर प्रशासन के द्वारा बनाई गई व्यवस्था के तहत हुआ है, इसमें किसी भी धर्म के लोगों का कोई दोष नहीं है।

आदर्श रामलीला एवं जन कल्याण समिति सूखाताल के महासचिव मोहित लाल साह ने भी श्री कार्की द्वारा उठाए गए मुद्दों का पूर्ण समर्थन करने हुए कहा कि अल्मोड़ा, भवाली सहित सभी स्थानों पर नंदा देवी के महोत्सव में लोग नंदा-सुनंदा के दर्शन करने की मिली। ऐसे में वे नैनीताल में श्रद्धालुओं को रोके जाने के प्रशासनिक निर्णय की कड़ी निंदा करते हैं।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 17 अगस्त 2020। भवाली निवासी गणेश गयाल कुमाऊं मंडलायुक्त को ज्ञापन भेजकर सुरक्षा की गुहार लगाई है। गयाल का कहना है कि उन्होंने नगर पालिका से पूर्व में 21 जुलाई को सूचना के अधिकार के तहत कुछ जानकारियां मांगी थीं, तब भी उन्हें धमकी दी गई थी। इसकी शिकायत उन्होंने मंडलायुक्त से की थी। इधर उन्होंने पुनः नगर पालिका से सूचनाएं मांगी हैं, इसके बाद उन्हें शहर के प्रभावशाली लोगों के द्वारा अप्रत्यक्ष तौर पर पुनः देख लेने व जान से मार डालने तक की धमकियां दी जा रही है।

यह भी पढ़ें : पर्यावरण प्रेमी के खिलाफ मानहानि की शिकायत, पूर्व में ली गई जमानत भी वापस ली…

नवीन समाचार, भवाली, 12 अगस्त 2020। नगर की उत्तरवाहिनी शिप्रा नदी अथवा नाले के विवाद में नया मोड़ आ गया है। शिप्रा के नदी अथवा नाला होने पर सवाल उठाने वाले पर्यावरण प्रेमी गणेश गयाल के खिलाफ शिप्रा कल्याण समिति भवाली के अध्यक्ष जगदीश नेगी ने भवाली कोतवाली में मानहानि की शिकायत की है। भवाली के कोतवाल ने बताया कि मामले की जांच एसएसआई विमल मिश्रा को सोंपी गई है। वे बृहस्पतिवार तक इस मामले में अपनी रिपोर्ट दे सकते हैं। रिपोर्ट के अनुसार आगे कार्रवाई की जाएगी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जगदीश नेगी ने तहरीर में कहा है कि गणेश गयाल पुत्र बंशीधर गयाल से उसके अच्छे संबंध रहे, उन्होंने दोनों पिता-पुत्र के एक फौजदारी के मामले में जमानत भी दी थी। कोई विवाद भी नहीं हुआ। वह चुपचाप अपनी संस्था के माध्यम से शिप्रा की सफाई के कार्य में जुटे हैं। फिर भी गयाल ने 11 अगस्त को फेसबुक पर उनके खिलाफ अभद्र टिप्पणी की है और उनके कार्य पर अंगुली उठाई है। इससे उनकी मानहानि हुई है और उनकी वर्षों की सामाजिक कार्य से बनी छवि भी धूमिल हुई है। इसलिए वे दोनों पिता-पुत्र के खिलाफ जमानत वापस लेना चाहते हैं और गणेश के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करना चाहते हैं, लिहाजा इस प्रकरण में उचित कार्रवाई की जाए।

यह भी पढ़ें : विधायक पुत्र के निधन पर परिजनों ने पुलिस में दी तहरीर, जांच की मांग..

नवीन समाचार, नैनीताल, 11 अगस्त 2020। पूर्व विधायक खड़क सिंह बोहरा के छोटे पुत्र अमित मोहन सिंह बोहरा उर्फ आशु के निधन पर जिला बार एसोसिएशन के बाद उनके परिवार की ओर से भी सवाल उठाए गए हैं तथा जांच की मांग की गई है। इस संबंध में मृतक के परिजनों की ओर से थाना कालाढुंगी में तहरीर देकर अज्ञात पर उसकी हत्या करने का आरोप लगाया गया है। इस मामले में स्वर्गीय अमित के बड़े भाई ललित बोहरा ने कहा कि जब तक वह और परिजन मौके पर पहुंचे अमित के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी की जा रही थी और दुर्घटनाग्रस्त कार को मौके से हटा लिया गया था। उन्होंने दावा किया कि अमित की गर्दन पर आगे व पीछे गहरे कटे का निशान था तथा उसका कॉलर भी कटा हुआ था। उन्होंने कार के कथित तौर पर दीवार पर टकराने के बाद वापस उल्टी दिशा में कार के मुड़ने व कार के स्टार्ट ही होने व अमित के पैर एक्सीलेंटर पर होने के बावजूद कार के ढाल पर भी बिना किसी अवरोध से टकराये रुकने पर भी सवाल उठाए हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि अमित की किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी और वह बेहद सौम्य व मिलनसार इंसान था। उधर कालाढुंगी के थानाध्यक्ष दिनेश नाथ महंत ने बताया कि अभी-अभी तहरीर मिली है। नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

यह भी पढ़ें : कोतवाली पुलिस पर नाबालिग पुत्र को प्रताड़ित करने का आरोप, एसएसपी को लिखा पत्र..

नवीन समाचार, भवाली, 05 अगस्त 2020। नगर निवासी व्यवसायी राकेश रावत पुत्र भवान सिंह ने भवाली कोतवाली पुलिस पर अपने नाबालिक पुत्र को प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए जनपद के एसएसपी को एक पत्र भेजा है, और दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही करने व न्याय दिलाने की गुहार लगाई है। पत्र में उन्होंने कहा है कि उनके नाबालिग पुत्र द्वारा बिना किसी के दवाब में फेसबुक पर पालिकाध्यक्ष संजय वर्मा के विरुद्ध टिप्पणी की थी। लेकिन कोतवाली पुलिस द्वारा पालिकाध्यक्ष के दबाव में उनके व पुत्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया हैं। साथ ही उनके पुत्र को यह कहने के लिए दबाव बनाते हुए प्रताड़ित किया जा रहा है कि यह टिप्पणी उसने व्यापार मंडल अध्यक्ष नरेश पांडे के कहने पर की है। ऐसा कहकर उसे बार-बार जेल भेजने की धमकी भी दी जा रही है। जिससे वह काफी भय में है। उल्लेखनीय है कि इस मामले से जुड़े मामले में भी व्यापार मंडल को 6 माह के लिए जिला बदर कर दिया गया है।

यह भी पढ़ें : पालिकाध्यक्ष पर जानमाल के खतरे का आरोप, डीएम से कार्रवाई की गुहार

नवीन समाचार, नैनीताल, 04 अगस्त 2020। प्रशासन द्वारा छह माह के लिए जिला बदर किये गये भवाली के व्यापार मंडल अध्यक्ष नरेश पांडे के मामले में अब उनके पिता सामने आये हैं। कहलक्वीरा निवासी पूरन चंद्र पांडे ने इस संबंध में मंगलवार को एसडीएम के माध्यम से डीएम को पत्र भेजकर कहा है कि उनका पुत्र भवाली नगर पालिका अध्यक्ष के वर्तमान अध्यक्ष संजय वर्मा के खिलाफ 2018 में चुनाव लड़ा था। इस कारण वर्मा ने उसके खिलाफ राजनीतिक द्वेष के चलते तथ्यहीन व झूठा मुकदमा दर्ज कराया है, तथा इस मामले में नाबालिग को कोतवाल के द्वारा डरा-धमका कर झूठी गवाही देने के लिए मजबूर किया जा रहा है। उन्होंने पालिकाध्यक्ष पर डराने-धमकाने के साथ आगे भी झूठे मुकदमे में फंसाने का अंदेशा जताते हए उचित कार्रवाई करने की मांग भी की है। इस मामले में नगर पालिका अध्यक्ष से संपर्क नहीं हो पाया। यदि उनका पक्ष आता है तो उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।

बेरोजगारी के खतरे पर होटल एसोसिएशन व तल्लीताल व्यापार मंडल ने विधायक से मिलकर लगाई मदद की गुहार..

यह भी पढ़ें : पति ने तीन तलाक दिया तो पत्नी ने की पति को जहर देकर मारने की कोशिश, फिर लाखों के जेवहरात लेकर हुई फरार..

नवीन समाचार, रुद्रपुर, 3 अगस्त 2020। एक पत्नी पर अपने मायके वालों सहित छह लोगों की मदद से पति को जान से मारने का षड़यंत्र रचने और षडयंत्र का पता लगने पर घर से कीमती जवाहरात लेकर फरार होने का सनसनीखेज आरोप लगा है। इस मामले में सोमवार को पीड़ित-रुद्रपुर के प्रीत विहार निवासी तौकीर अहमद की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपित पत्नी व अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। इधर यह भी पता चला है कि पति अपनी पत्नी को तीन तलाक दे चुका है, और यह मामला कोर्ट में लंबित है।
इधर पीड़ित का कहना है कि रुबीनास से निकाह होने के बाद वह विदेश में नौकरी करता था। जबकि उसकी पत्नी रुद्रपुर में ही उसके घर में रह रही थी। पत्नी के कहने पर वह हर माह हजारों रुपये उसके खाते में भेजता था। इधर कुछ समय पहले वह घर वापस आया तो पत्नी का चालचलन ठीक नहीं लगा। इस पर उसने पत्नी को समझाने की कोशिश की लेकिन वह नहीं सुधरी। उसने आरोप लगाया कि कुछ समय पहले पत्नी ने अपने मायके पक्ष व एक अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर उसे जहर देकर मारने की कोशिश की और इधर वह बिना उसकी अनुमति के घर से लाखों रुपये नगदी और जेवर लेकर भाग गई है। मामले में पुलिस ने पत्नी के साथ ही पांच मंदिर निवासी विवेक, कच्ची खमरिया निवासी अतीक अहमद, जावेद मलिक, नावेद मलिक, सीरीनाज के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।

यह भी पढ़ें : एनजीओ संचालिका से कैंसर प्रोजेक्ट के नाम पर 26 लाख की धोखाधड़ी, पैरेंट्स एसोसिएशन ने स्कूल पर लगाये आरोप…

नवीन समाचार, नैनीताल, 25 जुलाई 2020। नैनीताल में एक स्वयं सेवी संस्था की संचालिका महिला से 26 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने शिकायती पत्र के आधार पर मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार महिला ने मल्लीताल कोतवाली में शिकायती पत्र देकर कहा है कि बीते वर्ष दिसंबर में कैंसर पीड़ितों के प्रोजेक्ट को लेकर तीन लोग उससे मिले। उन लोगों के कहने पर प्रोजेक्ट के लिए आठ कर्मचारियों को प्रतिमाह 30 हजार रुपए के वेतन पर रखा गया एवं 35 हजार रुपए प्रतिमाह पर किराए का भवन लिया गया। इसका पूरा खर्चा उन लोगों की ओर से दिया जाना था, लेकिन एक माह पूरा होने पर दफ्तर का किराया और कर्मचारियों का वेतन देने के नाम पर युवकों ने बहाना बनाना शुरू कर दिया। इस बीच संचालिका ने अपनी जमा पूंजी से ही किराया व कर्मचारियों को वेतन दिया। अब संचालिका का कहना है कि भवन किराया, बिजली-पानी का बिल और अन्य खर्चा कुल मिलकार 26 लाख की देनदारी उन युवकों पर बनती है। उन्होंने धनराशि का भुगतान और युवाओं पर कार्रवाई करने की मांग की है। एसएसआई यूनुस खान ने बताया मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

विद्यालय पर कम्पार्टमेंट परीक्षा को लेकर लगाये आरोप

नैनीताल। नैनीताल पैरेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सुहृद सुदर्शन से जिलाधिकारी को ज्ञापन सोंपकर अपनी पुत्री के विद्यालय नगर के मोहन लाल साह बाल विद्या मंदिर विद्यालय पर 11वीं कक्षा की छात्राओं को कोरोना की महामारी के दौरान नियमों के विपरीत कम्पार्टमेंट की परीक्षा में जानबूझ कर फेल करने का आरोप लगाया है, इस मामले में विद्यालय की प्रधानाचार्या व शिक्षिकाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने तथा सीबीएससी के नोटिफिकेशन के अनुसार सभी छात्राओं को प्रोन्नत किये जाने की मांग की है। उनका कहना है कि विद्यालय ने सीबीएसई के निर्देशों के विपरीत और अभिभावकों के लगातार अनुरोध के बावजूद कम्पार्टमेंट की परीक्षा केवल ऑफलाइन माध्यम से कराई। यह भी आरोप लगाया कि अधिकांश छात्राओं व उनके परिजनों को 13 जुलाई को आयोजित हुई परीक्षा की जानकारी नहीं दी गई, जबकि कुछ को केवल दो दिन पूर्व 11 जुलाई को जानकारी दी गई। इसके अलावा उन्होंने परीक्षा की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। पत्र में रमेश कुमार, राकेश भारती, बहादुर सिंह किरौला, दीपक सहदेव व सरजीत सिंह के नाम भी लिखे हुए हैं।

यह भी पढ़ें : पूर्व छात्र नेताओं ने लगाए कुमाऊं विश्वविद्यालय प्रशासन पर आरोप

नवीन समाचार, नैनीताल, 20 जून 2020। कुमाऊं विश्वविद्यालय के डीएसबी परिसर के पूर्व छात्र नेताआंे ने कुलसचिव को 16वंे दीक्षांत समारोह के बिलों के लेकर ज्ञापन दिया। ज्ञापन में दीक्षांत समारोह में बड़े घोटाले की आशंका जताई गई है। छात्र नेताओं का कहना है कि उन्होंने सूचना अधिकार अधिनियम-2005 के तहत सूचना मांगी थी। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन पर इस बारे में सूचना छुपाने तथा निविदा से इतर बिलो में गड़बड़ी करने का आरोप भी लगाया। छात्र नेताओं ने बताया कि कुलपति ने द्वारा पूर्व में आश्वासन के बाद भी इस मामले में कोई भी जांच के आदेश नही दिए गए। छात्र नेताओं ने इस मामले की पुनः उच्च स्तरीय जांच करवाने की मांग की है और अन्यथा उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होने की धमकी दी है। ज्ञापन देने वालो में पूर्व अध्यक्ष दिग्विजय बिष्ट, करन दनाई, छात्रा उपाध्यक्ष पूजा रौतेला, अंकित चंद्रा, नितिन देवल तथा एनएसयूआई के जिला सचिव शार्दूल नेगी आदि शामिल रहे। इस बारे में कुलपति प्रो. एनके जोशी से बात करने का प्रयास किया गया, परंतु उनका फोन स्विच ऑफ मिला।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बस किराये में वृद्धि पर किया विरोध प्रदर्शन
नैनीताल। मुख्यालय के निकटवर्ती ज्योलीकोट में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शनिवार को प्रदेश सरकार द्वारा बसों के किराए में दोगुनी वृद्धि के विरोध में धरना प्रदर्शन किया और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते निर्णय को वापस लेने की मांग की। ज्येष्ठ ब्लॉक प्रमुख हिमांशु पांडे के नेतृत्व में आयोजित हुए इस धरने में पूर्व प्रधान धर्मेंद्र सिंह, राम दत्त चनियाल, जीवन चंद्र, वीरेंद्र बोरा, सुरेंद्र कोटलिया, वीरेंद्र बोरा, उपप्रधान मनोज चनियाल, क्षेत्रपाल सिंह, मनोज कुमार मन्नू, दीपक चौहान, साहिल चनियाल, विनोद जेम्स, नन्द लाल व गोपाल जोशी सहित अन्य कार्यकर्ता सम्मलित हुए।

यह भी पढ़ें : कुमाऊं विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में धांधली के आरोप, कुलपति को सोंपा ज्ञापन

-परिसर निदेशक ने धांधली के आरोपों से किया इंकार, कहा-अभी कोई भुगतान हीं नहीं हुआ, आपातकालीन परिस्थितियों एवं बारिश-बर्फबारी की वजह से ठेकेदार ने प्रस्तुत किये हैं बड़े बिल
नवीन समाचार, नैनीताल, 8 जून 2020। डीएसबी परिसर के छात्र नेताओं ने गत सात मार्च को आयोजित हुए कुमाऊं विश्वविद्यालय के 16वें दीक्षांत समारोह में धांधली होने के आरोप लगाये हैं। सोमवार को विजय बिष्ट, करन दनाई, पवन कन्याल व दिग्विजय बिष्ट आदि छात्र नेताओं ने इस संबंध में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एनके जोशी को ज्ञापन सोंपा है। ज्ञापन में टेंडर की राशि से कई गुना अधिक बिल लगाने का आरोप लगाया गया है और उचित राशि का भुगतान ही करने की मांग की गई है। अन्यथा की स्थिति में सूचना के अधिकार के तहत जानकारियां लेकर उच्च न्यायालय की शरण में जाने की धमकी दी गई है।
इस मामले में कुलपति प्रो. जोशी से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उनका फोन नहीं उठा। वहीं डीएसबी परिसर के निदेशक प्रो. एलएम जोशी ने कहा कि अभी किसी बिल का भुगतान नहीं किया गया है, इसलिए किसी धांधली का सवाल नहीं उठता है। आगे भुगतान ऑडिट कराकर और वित्त विभाग की आपत्तियों का संबंधितों से निस्तारण कराकर ही किये जाएंगे।
साथ ही उन्होंने बताया कि इस वर्ष दीक्षांत समारोह अचानक बिगड़े मौसम, बर्फबारी के बीच तथा आपातकालीन परिस्थतियों में कराया गया। इस कारण पांच अतिरिक्त वाटर प्रूफ टेन्ट, दो अतिरिक्त कॉफी मशीनें आदि कुछ अतिरिक्त व्यवस्थाएं चार मार्च को कुलपति से मिले अनुमोदन के बाद सात मार्च को ही आयोजन होने के कारण आपातकाल में बिना नयी निविदा प्रक्रिया के पहले से निविदाप्राप्त ठेकेदार से ही कराई गयीं। फिर भी अतिरिक्त व्यवस्थाओं के लिए ठेकेदार को तय व जायज दरों के आधार पर ही भुगतान किया जाएगा।

नैनीताल : पूरे दिन राष्ट्रीय राजमार्ग पर पड़े-पड़े मर गया पोस्टमैन ! न पुलिस पहुंची-न प्रशासन !!

यह भी पढ़ें : कोरोना से निपटने में विफलता का आरोप, पार्टी ने की मुख्यमत्री के इस्तीफे और राज्य में राष्ट्रपति शासन लगवाने की मांग

नवीन समाचार, नैनीताल, 25 मई 2020। रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया रिफार्मिस्ट उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष गोपाल वनवासी ने प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सोमवार को हल्द्वानी आगमन एवं कोरोना से संबंधित व्यवस्थाओं पर सवाल उठाये हैं। वनवासी ने सरकार पर कोरोना के विस्फोट के लिये जिम्मेदार होने और अभी भी कोई निर्णय लेने से पीछे हटने का आरोप लगाया है। उन्होंने राज्य में मंत्रियों के मोदी चालीसा व मोदी आरती गाने पर भी टिप्पणी करते हुए अपनी विफलता पर ,मुख्यमंत्री से इस्तीफा देने और राज्य में राष्ट्रपति शासन लगवाने की मांग की है।
प्रेस को जारी बयान में वनवासी ने कहा है कि जब सरकार के पस कोई तैयारी नहीं थी तो प्रवासियों की घर वापसी नहीं की जानी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि त्रिवेंद्र सरकार ने जान-बूझकर देवभूमि को कोरोना महामारी की ओर धकेला है। उन्होंने कोरोना से निपटने के लिये सरकार पर विफलता का आरोप लगाते हुए कहा कि पहाड. के अस्पतालों में कोरोना महामारी से निपटने के लिये पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। आरोप लगाया कि प्रशासनिक अधिकारियों व सरकार की नाकामयाबी के कारण ग्राम प्रधानों को प्रवासियों की जिम्मेदारियां दी जा रही हैं। कहा कि सरकार की क्वारन्टाईन नीति के कारण गाँवों में तनाव का माहौल बन रहा है। इससे हालात काबू होने नामुमकिन है। उन्होंने मुख्यमंत्री के द्वारा भीड़ के साथ जनपदों का दौरा करने को भी निन्दनीय कदम बताते हुए कहा कि उन्हें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सीख लेनी चाहिये। साथ ही उन्होंने हल्द्वानी में मुख्यमंत्री के दौरे को जमरानी में गत दिनों सरकार द्वारा कराये जा रहे खनन से भी जोड़ा। कहा कि सरकार अपने नुमाईंदों को फायदा पहुंचाने के लिय जबरन खनन करने पर आमादा है।

यह भी पढ़ें : होटलों-स्कूलों द्वारा कर्मियों की वेतन कटौती पर भामसं ने दी धमकी

नवीन समाचार, नैनीताल, 8 मई 2020। भारतीय मजदूर संघ के जिलामंत्री विरेंद्र खंकरियाल ने केंद्र सरकार की अपील को दरकिनार कर नगर के होटल प्रबंधकों और निजी विद्यालयों पर लॉकडाउन अवधि में कर्मचारियों को वेतन नहीं देने और वेतन मांगने पर नौकरी से निकालने की धमकी देने का आरोप लगाया है। वहीं संघ के जिलाध्यक्ष पवन साह ने कहा कि अगर होटल मालिकों एवं निजी स्कूलों के संचालकों द्वारा कर्मचारियों को इस करोना महामारी के समय वेतन नही दिया जाता है तो संघ डीएम और श्रमायुक्त से मामले की शिकायत करेगा, तथा सैकड़ों कर्मचारियों को लेकर प्रदर्शन करने को मजबूर होगा। संघ से जुड़े नासिर खान, विकास जोशी, हरीश विश्वकर्मा, रमेश चंद्र जोशी एंव होटल कर्मचारी संघ के अध्यक्ष नरेंद्र पपोला, नरेंद्र कुमार जगदीश प्रकाश, राजेंद्र प्रसाद हरीश चौधरी व प्रेमा बिष्ट आदि ने भी आंदोलन में भागीदारी करने का ऐलान किया है। इधर स्कूल व होटल मालिकों का कहना है कि सरकार ने उन्हें कर्मचारियों को न निकालने की हिदायत तो दे दी, लेकिन उन्हें कर्ज एवं बिलों की मांफी तो दूर, बिजली व पानी के वास्तविक बिल ही वसूलने की राहत तक नहीं दी है। ऐसे में उनकी आय शून्य हो चुकी है, और खर्चे अपनी जगह बने हुए हैं। ऐसे में वह कैसे अपने कर्मियों को नौकरी पर बनाये रख सकते हैं और कैसे उन्हें समय पर वेतन दे सकते हैं, इस बारे में सरकार की ओर से स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है।

कूटा ने उठाई स्थायी कुलपति की नियुक्ति व एक्ट में संशोधन की मांग

नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय शिक्षक संगठन कूटा ने विवि में शीघ्र स्थाई कुलपति की नियुक्ति की मांग की है। कूटा ने शनिवार को प्रदेश के राज्यपाल, मुख्यमंत्री व उच्च शिक्षा मंत्री को ज्ञापन भेजा। जिसमें विवि हित में स्थाई कुलपति नियुक्त करने की मांग को प्रमुखता से रखा। कूटा ने विवि में कार्यवाहक कुलपति की नियुक्ति में विश्वविद्यालय के वरिष्ठतम प्राध्यापक अथवा संबद्ध महाविद्यालयों के वरिष्ठतम प्राचार्य को कार्यवाहक कुलपति बनाने का संशोधन करने की मांग भी की है। ज्ञापन में कूटा के अध्यक्ष प्रो. ललित तिवारी, उपाध्यक्ष दीपक कुमार, महासचिव डा. सुचेतन शाह, कोषाध्यक्ष डा.विजय कुमार व उपसचिव डा. सुहेल जावेद आदि के हस्ताक्षर हैं।

यह भी पढ़ें : समाचार पत्र कर्मी पर समाचार पत्र वितरक को मृत्यु तक पहुंचाने के आरोप

नवीन समाचार, लालकुआं, 4 मई 2020। लालकुआं एवं बिंदूखत्ता क्षेत्र में दो समाचार पत्रों का कई वर्षों से वितरण का कार्य करने वाले रमेश चंद्र पांडे पुत्र नारायण दत्त पांडे निवासी इंद्रानगर-द्वितीय बिदंूखत्ता की गत दिवस मौत हो गई। रमेश के भाई हरीश पांडे ने इस मामले में एक समाचार पत्र के कर्मी रामेंद्र प्रताप सिंह पर भाई को डराने-धमकाने व मानसिक रूप से प्रताणना देकर मृत्यु तक पहुंचाने के लिए आरोपित करते हुए लालकुआं पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है और कार्रवाई की मांग की है। मृतक के हाथ से लिखे कुछ नोट भी प्राप्त हुए हैं, जिनमें लिखा गया है, ‘सत्य हमेशा जीतेगा… जब मैं बार-बार परेशान हो गया तो आखरी कदम मैंने यह उठाया..’ साथ ही एक कागज में आत्महत्या कर सकने की बात भी लिखी है और अपनी मौत के लिए रामेंद्र को जिम्मेदार बताया है।
पुलिस को दी गई तहरीर में मृतक के भाई हरीश पांडे का कहना है कि विगत आठ माह से आरोपित कर्मी रामेंद्र के द्वारा उनके भाई को पैंसे के लेन-देन के लिए बार-बार घर पर आकर प्रताणित किया जा रहा था। बीती 14 सितंबर 2019 की रात्रि नौ बजे भी राजेंद्र उनके घर आया था और आवश्यक कार्य के बाने अपने साथ ले गया। जब सुबह तक रमेश न लौटे तो फोन करने पर रामेंद्र ने कहा कि भाई समाचार पत्र की हल्द्वानी स्थिति प्रेस में है। भाई चाहिये तो पैंसे लेकर आओ। इस पर हरीश किसी तरह 47 हजार रुपए का इंतजाम करके हल्द्वानी गये और भाई को छुड़ाकर लाये। इसके बाद भी रामेंद्र आये दिन घर आकर मृतक के बच्चों के साथ गाली-गलौज तथा जमीन व जानवर बेचने के लिए प्रताणित करता था। इससे पूरा परिवार मानसिक तनाव में आ गया था। वहीं मृतक हर माह भुगतान करता रहता था। शेष रकम मई माह में देने की बात हुई थी। इधर बीती 29 अप्रैल को भी शाम सात बजे रामेंद्र घर आया और रमेश को अपने साथ ले गया और कुछ देर बाद गेट पर छोड़कर चला गया। उसकी हालत नाजुक थी। पूछने पर उसने बताया कि रामेंद्र ने उसे शिव दत्त नैनवाल नाम के व्यक्ति के घर से पानी व गिलास मांग कर पानी पिलाया। तब से उसकी हालत खराब हो गयी है, उसे बचा लें। इस पर उसे लालकुआं व हल्द्वानी में अस्पतालों में उपचार के लिए ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान 30 अप्रैल को उसकी मृत्यु हो गयी। इस बारे में लालकुआं पुलिस से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो थाना प्रभारी ने फोन नहीं उठाया, जबकि एक लैंड लाइन नंबर उपयोग में न होने तथा दूसरा थाने से बाहर एक कम्युनिकेशन शॉप का बताया गया।

यह भी पढ़ें : छात्रों को कोरोना न होने के बावजूद 14 की जगह 28 दिन से क्वारन्टाइन में रखने का लगाया आप प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप

-प्रदेश अध्यक्ष कलेर ने सरकार व उसकी मशीनरी पर लगाया सुशुप्तावस्था में जाने का आरोप
नवीन समाचार, नैनीताल, 22 अप्रैल 2020। आम आदमी पार्टी ने प्रदेश में लॉक डाउन के कारण छात्रों व मजदूरों को हो रही परेशानियों को लेकर चिंता जताते हुए प्रदेश सरकार पर ढुलमुल रवैये का आरोप लगाते हुए भर्त्सना की है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एसएस कलेर ने बुधवार को प्रेस को जारी बयान में कहा कि भुक्तभोगियों की सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि नैनीताल जिला प्रशासन ने रुद्रप्रयाग व गुप्तकाशी के कुछ छात्रों को उनके भीमताल स्थित कलेर होटल में 14 दिनों के लिए क्वारन्टाइन किया था। इन छात्रों को क्वारन्टाइन में 14 की जगह 28 दिन हो गये हैं। उन्हें दो बार स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना मुक्त होने का प्रमाण पत्र भी दे दिया है। स्वयं उन्होंने प्रशासन से कई बार इस बारे में आग्रह किया। फिर भी उन्हें घर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। ऐसे कई और उदाहरण भी हो सकते हैं। इससे ऐसा लगता है जैसे प्रदेश के मंत्री व विधायक भी क्वारन्टाइन में चले गये हैं और सरकार व उसकी मशीनरी सुप्तावस्था में चली गई है। उन्होंने कहा कि कोरोना मुक्त लोगों को जबरन क्वारन्टाइन में रखना सरासर अन्याय है। सरकार ऐसे लोगों को चिन्हित कर उनके घर भेजने की व्यवस्था करे।

यह भी पढ़ें : सोशल मीडिया पर अभद्र पोस्ट को लेकर पालिकाध्यक्ष ने कांग्रेस नेता के खिलाफ दर्ज कराई रिपोर्ट..

-पहले पालिकाध्यक्ष के खिलाफ दर्ज हुई थी रिपोर्ट, भड़के पालिकाध्यक्ष ने थाने में रात को दिया धरना
-कांग्रेस नेता पर छवि खराब कराने के लिए सोशल मीडिया पर पोस्ट डलवाने का लगाया आरोप
नवीन समाचार, गदरपुर, 23 जनवरी 2020। नगर पालिकाध्यक्ष गुलाम गौस ने अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य व वरिष्ठ कांग्रेस नेता राजेंद्र पाल सिंह पाटू सहित तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। मामला पालिकाध्यक्ष के खिलाफ गत दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक पोस्ट से जुड़ा है।

उल्लेखनीय है कि गत दिवस मजराशिला निवासी हारिस पुत्र मोहम्मद अयूब की तहरीर पर पालिकाध्यक्ष के खिलाफ थाना गदरपुर में रिपोर्ट दर्ज की गई थी, जिसमें पालिकाध्यक्ष एवं पालिकाध्यक्ष के प्रतिनिधि के रूप में कार्य करने वाले तारीख एवं मोमिन सिद्दीकी के खिलाफ मारपीट एवं उसको जबरन उठाने के आरोप लगाए गए हैं। इसकी जानकारी लगने पर पालिकाध्यक्ष बीती रात्रि पालिका के सभासदों के साथ थाने पहुंचे। इस दौरान सैकड़ों लोग भी पालिकाध्यक्ष के समर्थन में पुलिस प्रशासन हाय हाय के नारे लगाते हुए थाना परिसर में ही धरने पर बैठ गए। उन्होंने थानाध्यक्ष जसविंदर सिंह पर दबाव में काम करने और एक व्यक्ति विशेष के कहने पर मुकदमा लिखे जाने के आरोप लगाए। माहौल बिगड़ता देख मौके पर पहुंची क्षेत्राधिकारी दीपशिखा अग्रवाल ने पालिकाध्यक्ष को मनाने का प्रयास किया। काफी देर की नोकझोंक के बाद भी पालिकाध्यक्ष ने दूसरे पक्ष के खिलाफ मुकदमा लिखवाया।
पालिकाध्यक्ष ने थाना गदरपुर में दी गई तहरीर में कहा है कि मजराशिला निवासी हारिस पुत्र मोहम्मद अय्यूब ने नगर में चल रहे है सोशल मीडिया के कई व्हाट्सएप ग्रुप्स में उनके विरुद्ध एक अभद्र पोस्ट डाली थी। किंतु जब इस विषय में हारिस से बात की तो वह 17 जनवरी की शाम उनके पास आया और माफी मांगने लगा, तथा बताया कि इस पोस्ट को झगड़पुरी निवासी प्रधान पति शराफत अली मंसूरी पुत्र शौकत ने उन्हें भेजी थी और नगर के कांग्रेसी नेता राजेंद्र पाल सिंह पुत्र भगत सिंह निवासी अलखदेवी ने ग्रुप में डाल कर पालिकाध्यक्ष को बदनाम करने को कहा था। पालिकाध्यक्ष गौस का यह भी कहना है कि वह निजी कार्य से करतारपुर रोड से जा रहे थे तो बस अड्डे के पास शराफत अली व राजेंद्र पाल ने उन्हें रोक लिया तथा उनके साथ मारपीट की तथा जान से मारने की धमकी दी। साथ ही उनकी छवि को खराब करने के लिए पोस्ट वायरल की।इस पर पालिकाध्यक्ष ने राजेंद्र पाल सिंह, शराफत अली मंसूरी व हारिश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 23 नवंबर 2019। अल्मोड़ा जिले की असगोली गांव निवासी महिला वंदना अधिकारी ने कुमाऊं आयुक्त राजीव रौतेला को ज्ञापन सौंपकर क्षेत्र के राजस्व अफसरों पर शराब के नशे में जबरन घर में घुसकर वृद्ध सास-ससुर के साथ धक्का-मुक्की करने का आरोप लगाया है। महिला का आरोप है कि बीती 27 सितंबर को क्षेत्र के राजस्व अधिकारियों ने शराब के नशे में बचे सिंह, रतन सिंह व उसके पति नंदन सिंह अधिकारी की दुकान में छापेमारी की। दुकान में कुछ न मिलने पर उनके घर में घुसकर छानबीन करने लगे और इस दौरान उसके वृद्ध सास-ससुर से धक्का-मुक्की की और अपशब्द भी कहे। इसकी शिकायत जिले के अधिकारियों से करने पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। महिला ने आयुक्त से इस पूरे मामले की जांच राजस्व विभाग के इतर किसी अधिकारी से कराने की मांग की है।

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