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अल्मोड़ा एनएच के कार्यों पर कमिश्न का 15 दिनों का अल्टीमेटम, रोज ह्वाट्सएप से देनी होगी प्रगति रिपोर्ट

 

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 4 मई 2022। कुमाऊं मंडल के आयुक्त दीपक रावत ने बुधवार शाम भवाली-अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग का काकड़ीघाट से क्वारब तक का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ने जनपद नैनीताल के अंतर्गत खैरना, चमडिया, नावली, काकडी घाट से क्वारव तक 10 किलोमीटर के कार्यो का स्थलीय निरीक्षण करते हुए कार्यों की धीमी प्रगति पर एनएच एवं ठेकेदार को कडी फटकार लगाते हुए गुणवत्ता के साथ कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।

साथ ही कहा कि यदि 15 दिन में कल्वर्ट, जीएसपी एव अन्य कार्यों में प्रगति नहीं पाई गई तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने प्रतिदिन कार्य में लगे श्रमिकों एवं कार्यों की प्रगति की रिपोर्ट व्हाट्सएप के माध्यम से उन्हें उपलब्ध कराने के भीकड़े निर्देश दिए। कहा कि यदि कार्यों में हीला-हवाली पाई गई तो ठेकेदार पर भारी भरकम पेनल्टी भी लगायी जाएगी।

इसके अलावा श्री रावत ने उप जिलाधिकारी कोस्या कुटोली राहुल शाह को निर्देश दिए है कि प्रतिदिन एनएच के कार्यों की मॉनिटरिंग करें किएनएच के कार्य सही हो रहे हैं या नहीं, ताकि आम जनता को जो परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है उसे जल्द से जल्द निजात मिल सके व समय पर कार्य पूर्ण हो सके। इस दौरान श्री रावत नीम करोली बाबा एव प्राचीन शिव मंदिर काकड़ीघाट के दर्शन भी किए एवं वहां स्थानीय लोगों एवं पुजारी से मंदिर में आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी भी ली।

इस अवसर पर संयुक्त मजिस्ट्रेट जय किशन रानीखेत, उप जिलाधिकारी राहुल शाह कोस्याकटोली, ठेकेदार रविदास शर्मा, एई जेके पांडे, तहसीलदार मनीषा बिष्ट के साथ ही राजस्व उपनिरीक्षक ललित मोहन जोशी, गौरव रावत, जया बिष्ट आदि संबंधित अधिकारी भी मौजूद रहे। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

यह भी पढ़ें : मंत्री ने ग्रामीणों के पत्र पर निरस्त की दो सड़कों की निविदा, ब्लॉक प्रमुख ने बताया बदले की कार्रवाई…

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 15 अप्रैल 2022। प्रदेश के ग्राम विकास मंत्री गणेश जोशी ने ग्रामीणों के पत्र के आधार पर नैनीताल जनपद के भीमताल विकास खंड में पीएमजीएसवाई के तहत ‘मेरा गांव-मेरी सड़क’ योजना के तहत बन रही दो सड़कों को निरस्त कर दिया है। इस सड़क की निविदा गत 4 अप्रैल को ही यानी मौजूदा सरकार के कार्यकाल में ही निविदा निकली थी। निरस्तीकरण पत्र में तिथि अस्पष्ट तौर पर 4 या 7 अप्रैल लिखी गई है। पत्र में मुख्य विकास अधिकारी को निविदा को निरस्त करते हुए नए समरेखण के अनुसार डीपीआर मंगवाने को कहा गया है।

दो सड़कों-ग्राम पंचायत रौशिला में मुख्य मोटर मार्ग से अनुसूचित जाति बहुल मल्ला रौशिल गांव के लिए सीसी सड़क व ग्राम पंचायत हैड़ाखान में मुख्य मार्ग से ग्राम रैला तोक तक एक किलोमीटर संपर्क मार्ग को निरस्त करने के लिए हेमंत सिंह, दिनेश चंद्र, सतीश चंद्र, सुनील चंद्र, भूपाल सिंह, प्रकाश चंद्र, नारायण सिंह, खेमराज, प्रताप सिंह, कैलाश चंद्र आदि क्षेत्रीय ग्रामीणों के गत 31 मार्च को प्राप्त पत्र को आधार बताया गया है, जिसमें रौसिल गांव में प्रस्तावित सड़क को हैड़ाखान मंदिर से चकरा बैंड संम्भल बस्ती गांव की ओर बनाने का अनुरोध किया गया है।

सड़क की निविदा होने के बाद इसे निरस्त करने की कार्रवाई को ब्लॉक प्रमुख डॉ. हरीश बिष्ट ने कहा कि पुराने कार्यकाल में स्वीकृत सड़क की निविदा को निरस्त करना बदले की कार्रवाई है। इनमें से एक सड़क पर काफी काम हो भी गया था। ग्रामीणों के फर्जी हस्ताक्षरों से भेजे गए पत्र पर मंत्री ने बिना सोचे-समझे निविदा को निरस्त करा दिया है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

यह भी पढ़ें : बिरसिंग्या के लिए सड़क की मांग पर मंडलायुक्त से मिले ग्रामीण

8 किलोमीटर पैदल चलकर ग्रामीणों के बीच पहुंचे डीएम।डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 21 मार्च 2022। लंबे समय से सड़क की मांग के लिए प्रयास कर रहे और 2019 के लोक सभा चुनाव का इस मांग पर बहिष्कार भी कर चुके जनपद के धारी ब्लॉक की ग्राम सभा बबियाड के तोक बिरसिंग्यां के ग्रामीण सोमवार को कांग्रेस नेता मनोज शर्मा के नेतृत्व में कुमाऊं मंडलायुक्त दीपक रावत से मिले। उन्होंने श्री रावत को ज्ञापन सोंपते हुए बिरसिंग्या के लिए सड़क की मांग करते हुए बताया कि मुख्य सड़क से 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित अनुसूचित जाति बहुल बिरसिंग्या के ग्रामीणों को क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के द्वारा लगातार झूठे आश्वासन दिये जा रहे हैं।

चुनाव के समय सड़क का सर्वे भी किया गया, लेकिन चुनाव जीतने के बाद सड़क जहां की तहां है। सड़क न होने से किसानों की पकी फसल खेतों में ही सड़ जा रही है, और स्कूल दूर जंगल के रास्ते होने की वजह से यहां की बालिकाओं को शिक्षा नहीं मिल पा रही है। यहां की गर्भवती महिलाओं को प्रसव के समय अपनी जान हथेली में रखकर लकड़ी के डोली में मुख्य सड़क तक पहुंचाया जाता है, लेकिन फिर भी सरकार खामोश है। बताया कि सड़क के लिए ग्रामीण वन विभाग को 90 हेक्टेयर भूमि का भी हस्तांतरण कर चुके हैं।

सरकार को अब वन विभाग को प्रतिपूरक पौधरोपण के लिए 53 लाख की धनराशि जमा करनी थी जो लंबा समय बीतने के बाद भी जमा नहीं हो पाई है। इस कारण ही सड़क निर्माण कार्य नहीं हो पा रहा है। मंडलायुक्त दीपक रावत ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि वन विभाग को प्रतिपूरक पौधरोपण के लिए 53 लाख की धनराशि जमा कराने के लिए वह अपने स्तर से प्रबल संस्तुति भेजेंगे, और शीघ्र ही सड़क का निर्माण किया जाएगा। शिष्टमंडल में क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता रमेश टम्टा, पूर्व प्रधान युगल किशोर पलड़िया, जीवन किमटडिया, प्रमोद कुमार व हरीश चंद्र आदि ग्रामवासी भी मौजूद रहे। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : कृष्णापुर हेतु सीसी मार्ग निर्माण के लिए संयुक्त टीम ने किया निरीक्षण

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 16 मार्च 2022। नगर के भीतर ही और हल्द्वानी राष्ट्रीय राजमार्ग से मात्र 500 मीटर की दूरी पर स्थित कृष्णापुर वार्ड 2018 में बलियानाले की पहाड़ी पर हुए भारी भूस्खलन के बाद नगर से सड़क मार्ग से 25 किलोमीटर दूर हो गया है। दोपहिया वाहन भी क्षेत्र में नहीं जा पाते हैं। अब इस क्षेत्र को सीसी मार्ग से जोड़ने की कवायद शुरू हो गई है। डीएम के निर्देशों के बाद बुधवार को राजस्व विभाग, वन विभाग, लोनिवि और नगर पालिका की संयुक्त टीम ने हल्द्वानी रोड स्थित कूड़ा खड्ड से क्षेत्र हेतु सीसी मार्ग निर्माण हेतु संयुक्त निरीक्षण किया और मार्ग निर्माण की संभावनाएं तलाशीं।

उल्लेखनीय है कि क्षेत्रवासियों के कई धरना-प्रदर्शन व आंदोलनों के बाद डीएम धीराज गर्ब्याल ने गत दिनों क्षेत्र के लिए सीसी मार्ग हेतु जिला योजना से 20 लाख का बजट जारी कर लोनिवि को मार्ग निर्माण के निर्देश दिए थे। इस धनराशि से मार्ग निर्माण के लिए निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद वन भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी की जानी है। इस हेतु ही बुधवार को नायब तहसीलदार युगल किशोर पांडे के नेतृत्व में विभागीय संयुक्त टीमों ने मार्ग हेतु स्थलीय निरीक्षण किया।

बताया गया कि यहां पहले से पैदल बटिया मौजूद थी और पूर्व में वन भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया की गई थी, लेकिन इसके कोई साक्ष्य नहीं मिल रहे हैं। आगे टीम अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपेगी। जिसके बाद कोई निर्णय लिया जाएगा। निरीक्षण में वन क्षेत्राधिकारी प्रमोद तिवारी, राजस्व उप निरीक्षक सुरेश सनवाल लोनिवि के सहायक अभियंता किशन सिंह बसेड़ा, सभासद कैलाश रौतेला व केएल आर्य सहित अनेक क्षेत्रवासी और विभागीय अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : बड़ा समाचार: काठगोदाम का कलसिया पुल खोले जाने के बावजूद सीजन में पुल को जारी रखेगा प्रशासन

हल्द्वानी: कलसिया पुल की कहानी - नया नौ दिन पुराना सौ दिनडॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 15 मार्च 2022। दो वर्ष के कोरोना काल में पर्यटन के बुरी तरह से प्रभावित होने के बाद काठगोदाम में जीर्णशीर्ण पुराने कलसिया पुल को खोले जाने से अगले एक वर्ष और पर्यटन के प्रभावित होने का खतरा उत्पन्न हो गया है। ‘नवीन समाचार’ में यह चिंता जताते हुए समाचार प्रकाशित होने के बाद मंगलवार को नैनीताल होटल रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश साह एवं वेद साह व दिग्विजय बिष्ट आदि प्रमुख पदाधिकारियों ने डीएम धीराज गर्ब्याल एवं कमिश्नर दीपक रावत से वार्ता कर अपनी ओर से भी चिंता जताई। इस पर डीएम गर्ब्याल ने सकारात्मक आश्वासन दिया है। यह भी पढ़ें : अगले एक वर्ष तक प्रभावित रहेगा नैनीताल सहित पड़ाड़ों के लिए वाहनों का आवागमन, पर्यटन पर प्रभावित होने का फिर बड़ा खतरा…

नैनीताल में दो दिन बाहरी लोगों के दोपहिया वाहनों से आने पर रोक

डीएम गर्ब्याल ने कहा कि पुल को आगामी सीजन के लिए फिर से वाहनों के आवागमन के लिए तैयार किया जाएगा। इसके लिए पुलिस के नीचे बड़े ह्यूम पाइम डालकर और भरान करके रास्ता बनाया जाएगा। ऐसा करना संभव न होने पर पुल की जगह सेना द्वारा प्रयुक्त होने वाला वैली ब्रिज तैयार किया जाएगा। श्री गर्ब्याल ने ‘नवीन समाचार’ को बताया कि पुल के गार्डर गल गए थे, इस कारण पुल को खोला जाना जरूरी हो गया था। लेकिन इस पर सीजन में यातायात जारी रखने के प्रबंध किए जाएंगे, और जून माह के बाद ही वैकल्पिक पुल को फिर से खोलकर इसकी जगह नया पुल बनाने का कार्य प्रारंभ कराया जाएगा। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : लखनऊ से हल्द्वानी के लिए अगले पांच वर्षों में 15400 करोड़ से बनेगा गोमती एक्सप्रेसवे, प्रस्ताव तैयार…

300 km long Gomti Expressway will be built from Lucknow to Uttarakhand  travel will be easy - लखनऊ से उत्तराखंड तक बनेगा 300 किमी लंबा गोमती  एक्सप्रेसवे, आसान होगा सफरनवीन समाचार, लखनऊ, 15 मार्च 2022। लखनऊ से हल्द्वानी के बीच 300 किमी लंबा एक्सप्रेस बनाया जाएगा। गोमती एक्सप्रेसवे नाम से बनने वाला ये राजमार्ग लखनऊ से गोमती नदी के किनारे बनेगा और दुधवा नेशनल पार्क को जोड़ते हुए उत्तराखंड के नैनीताल जिले में हल्द्वानी शहर को जोड़ेगा। लखनऊ विकास प्राधिकरण ने करीब 15 हजार करोड़ रुपये लागत वाले इस एक्सप्रेस-वे का खाका तैयार कर इसे सिटी डेवलपमेंट प्लान में शामिल किया है।

यह एक्सप्रेसवे लखनऊ में गोमती नदी के किनारे से बनेगा। इस दायरे में आईआईएम रोड तक गोमती किनारे 40 किलोमीटर लंबा ग्रीन कॉरिडोर बनना है। ग्रीन कॉरिडोर खत्म होने के बाद आगे से गोमती एक्सप्रेसवे बनेगा। एक्सप्रेसवे दुधवा नेशनल पार्क से भी जुड़ेगा, जिससे पर्यटकों को दुधवा नेशनल पार्क आने-जाने आसानी होगी और वे सीधे हल्द्वानी तक जा सकेंगे, जहां से नैनीताल तक सीधी कनेक्टिविटी होगी।

गोमती एक्सप्रेसवे बनाने के खर्च का भी आकलन हो चुका है। जमीन अधिग्रहण, फ्लाईओवर, रेलवे ओवर ब्रिज, सर्विस रोड समेत पूरी परियोजना पर करीब 15040 करोड़ रुपए खर्च आएगा। इसे बनाने के लिए केंद्र सरकार से भी मदद दी जाएगी। केंद्र सरकार पहले से ही कई एक्सप्रेसवे को बजट दे रहा है। इस परियोजना में भी केंद्र से पूरी मदद मिलने की उम्मीद है।

सिटी डेवलपमेंट प्लान में इस प्रोजेक्ट को पूरा करने का लक्ष्य भी निर्धारित किया गया है। गोमती एक्सप्रेस वे के 2027 तक बनकर तैयार होने की उम्मीद है। एलडीए उपाध्यक्ष अक्षय त्रिपाठी ने बताया कि गोमती एक्सप्रेस वे बनाने का प्रस्ताव तैयार है। यह लखनऊ के गोमती नदी किनारे से उत्तराखंड के लिए बनेगा। ये दुधवा नेशनल पार्क से भी जुड़ेगा। एलडीए ने सिटी डेवलपमेंट प्लान में इस एक्सप्रेस वे शामिल किया है। (डॉ. नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : 18 अक्टूबर की आपदा से राजमार्ग-87 पर नहीं शुरू हुए सुधारीकरण के कार्य, वाहन हो रहे क्षतिग्रस्त…

-कई जगह बही सड़कों पर अब तक दीवारों का निर्माण शुरू नहंी हो पाया, पहाड़ की ओर खोदी सड़क पर रोलर तक नहीं चलाया
-तब मलबे में दबी जेसीबी का मलबा तक नहीं हटाया जा सका है

लोहाली के पास सड़क पर पड़ी 18 अक्टूबर को क्षतिग्रस्त हुई जेसीबी मशीनें।

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 28 फरवरी 2022। 18 अक्टूबर 2021 को जनपद में जल प्रलय की सी तरह आई दैवीय आपदा को चार माह का समय हो गया है, लेकिन इतने लंबे समय के बाद भी नैनीताल जनपद में स्थित भवाली-अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग में सुधारीकरण के कोई भी प्रभावी कार्य नहीं हुए हैं। इस कारण इस राष्ट्रीय राजमार्ग की स्थिति दिन-प्रति-दिन बद से बदतर होती जा रही है। दूसरी ओर अधिकारी इतने मदमस्त हैं कि या तो फोन नहीं उठा रहे या मोबाइल फोन स्विच ऑफ कर दे रहे हैं।

इधर, एनएच पर स्थिति यह है जिन करीब आधा दर्जन स्थानों पर सड़क पूरी तरह से बह गई थी, वहां पहाड़ की ओर खोद कर वाहनों का आवागमन चालू किया गया है, जबकि खाई की ओर दीवारें बनने का कार्य शुरू नहीं हुआ है। तस्वीर गवाह है, इस मार्ग पर लोहाली के पास मलबे में कई भारी-भरकम जेसीबी जल प्रलय की विभीषिका के आगे बौनी पड़ ध्वस्त हो गई थीं, उनके मलबे तक को वहां से नहीं हटाया गया है। अधिकारी इसके लिए अब आचार संहिता व चुनावों का बहाना बना रहे हैं, जबकि राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण के कार्य जारी हैं। इन स्थितियों में इस राष्ट्रीय राजमार्ग पर पहाड़ की ओर जाने वाले समस्त वाहन प्रभावित व क्षतिग्रस्त हो रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि 18 अक्टूबर की आपदा में भवाली-अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग कई दिनों तक वाहनों के आवागमन के लिए अवरुद्ध हो गया था। इस मार्ग पर निगलाट से आगे कैंची, रातीघाट, फ्रॉग स्टोन प्वाइंट, भौर्या बैंड, लोहाली आदि कई स्थानों पर सड़क पूरी तरह से बह गई थी। प्रशासन ने पहाड़ की ओर खोदकर तब जिस स्थिति में वाहनों का आवागमन बिना रोलर चलाए शुरू किया था, इन स्थानों पर स्थिति अब भी जस की स्थिति है। यहां कच्चे हिस्से में बड़े-बड़े नुकीले पत्थर उभरे हुए हैं, उन्हें रोलर से दबाया तक नहीं गया है।

इस कारण वाहन यहां रेंग-रेंगकर चलने के बावजूद क्षतिग्रस्त हो रहे हैं, और लंबा जाम भी लग रहा है। वाहन एवं यात्री पूरे मार्ग पर धूल व कीचड़ से भी सन रहे हैं। शेष सड़क की भी कोई मरम्मत, गड्ढों को भरने का प्रयास चार माह के बाद भी शुरू नहीं हो पाया है। आगे काकड़ीघाट से क्वारब के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण के कार्य चल रहे हैं। वहां हालत और खराब हो रही है। चौड़ीकरण के कार्य में लगी मशीनें भी पुरानी सड़क को बुरी तरह से क्षतिग्रस्त कर रही हैं। इस चौड़ीकरण कार्य मंे भी अभी लंबा समय लगने की और तब तक मार्ग के सुधार की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है।

पूछे जाने पर एनएच के अधिकारी विधानसभा चुनाव एवं आचार संहिता का बहाना बना रहे हैं। इस बारे में पूछे जाने पर लोनिवि के राजमार्ग खंड 87 के सहायक अभियंता मदन थापा ने बताया कि सड़क की मरम्मत के लिए 3.5 करोड़ रुपए का प्रस्ताव भेजा गया है, लेकिन अभी स्वीकृति नहीं मिली है। जबकि एनएच-87ई के सहायक अभियंता जीके पांडे ने पहले फोन नहीं उठाया और बाद में मोबाइल स्विच ऑफ कर लिया, और कई घंटों के बाद भी उनका मोबाइल ऑन नहीं हुआ। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : प्रशासनिक नाकारापन की ऐसी तस्वीर न मिलेगी, मुट्ठी भर मलबा न हटने से नैनीताल की आधी आबादी 6 दिन से शेष दुनिया से कटी

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 7 फरवरी 2022। जी हां, नैनीताल के सर्वाधिक जनसंख्या घनत्व वाले सात, नंबर, स्नोव्यू व बिड़ला आदि क्षेत्रों के लोग पिछले छह दिनों से सड़क मार्ग से शेष दुनिया से कटे हुए हैं। यहां बिड़ला की ओर का मार्ग तो 18 अक्टूबर को शहर में आई जल प्रलय के बाद से ही यानी करीब तीन माह से बंद है, और यहां के लोग ‘रोड नहीं तो वोट नहीं’ का भी ऐलान कर चुके हैं, जबकि दूसरी ओर यानी तल्लीताल की ओर से आने वाली बिड़ला रोड भी भोटिया बैंड के पास पेड़ गिरने से बंद है।

अफसोसजनक व शर्मनाक बात यह भी है कि यहां सड़क पर गिरे पेड़ तो काट दिए गए हैं, परंतु मलबा नहीं हटाया गया है, जो कि बहुत थोड़ा कार्य है, फिर भी जिला व मंडल मुख्यालय होते प्रशासनिक नाकारापन के कारण यहां मार्ग को खोलने का कोई प्रयास ही नहीं किया गया है, जबकि यह कुछ ही घंटों में खोला जा सकता है।

क्षेत्रीय निवासी भुवन भट्ट ने बताया कि थोड़े से मलबे के कारण छह दिन से क्षेत्रवासियों के वाहन जहां के तहां फंसे हुए हैं। चंदन जोशी ने बताया कि क्षेत्र में दूध तक नहीं पहुंच पा रहा है। उन्होंने बमुश्किल पोस्ट ऑफिस वाला मार्ग पैदल चलने के लिए खोला है। प्रशासनिक नाकारापन का इससे बड़ा उदाहरण नहीं हो सकता। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : नैनीताल के कृष्णापुर वार्ड के दूसरी ओर के मार्ग पर भी नया भूस्खलन, चुनाव पार्टियों के पहुंचने पर भी संकट

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 26 जनवरी 2022। जिला मुख्यालय के तल्ला कृष्णापुर वार्ड क्षेत्र पहले ही वाहनों के आवागमन के लिए कटा हुआ है। नगर से दो किलोमीटर दूर के इस क्षेत्र में वाहन से आने के लिए करीब 25 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ रहा है। अब यह लंबा मार्ग भी भूस्खलन की जद में आ गया है। इससे आगामी चुनाव में चुनाव पार्टियों को भी वाहनों से क्षेत्र में पहुंचना मुश्किल हो सकता है। साथ ही क्षेत्रवासियों की परेशानियां बढ़नी भी तय हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार नगर के कृष्णापुर क्षेत्र के लिए वीरभट्टी की ओर से आने वाले सीसी मार्ग पर पार्वती प्रेमा जगाती सरस्वती विहार के पास गत दिनों से हो रही वर्षा के कारण भूस्खलन शुरू हो गया है, और मार्ग का एक हिस्सा खाई में समा गया है। इस भूस्खलन के और बढ़ने की भी संभावना है। क्षेत्र के पूर्व सभासद डीएन भट्ट ने कहा कि यदि भूस्खलन बढ़ने पर इस मार्ग से भी चार पहिया वाहनों का आवागमन भी बंद हो सकता है। लिहाजा यथाशीघ्र मार्ग के सुदृढ़ीकरण के लिए कार्य किए जाने की आवश्यकता है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : सभासद ने दी ‘रोड नहीं तो वोट नहीं’ की चेतावनी

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 13 जनवरी 2022। नैनीताल नगर पालिका के स्नोव्यू वार्ड के सभासद पुष्कर बोरा ने जिला निर्वाचन अधिकारी-जिलाधिकारी को पत्र लिखकर ‘रोड नहीं तो वोट नहीं’ के अंतर्गत चुनाव बहिष्कार करने की धमकी दी है। उन्होंने याद दिलाया है कि माह अक्टूबर 2021 में हुई अतिवृष्टि के कारण आई आपदा में उनके वार्ड में कई सड़कें और सीवर लाइन के चैंबर पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हो गए।

इस बारे में क्षेत्रवासी आंदोलन भी कर चुके हैं, फिर भी इन मार्गों व चैंबरों की मरम्मत नहीं की गई है। उन्होंने इन समस्याओं का संज्ञान लेने का अनुरोध करते हुए अन्यथा की स्थिति में क्षेत्रवासियों की ओर से आसन्न विधानसभा चुनाव का पूर्ण बहिष्कार करने की चेतावनी दी है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : प्रधानमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे चुनावों तक के लिए पड़ा खटाई में

साल 2025 तक चालू हो जाएगा दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे | Housing Newsरवीन्द्र देवलियाल @ नवीन समाचार, नैनीताल, 6 जनवरी 2022। लगभग 13 हजार करोड़ की लागत से बनने वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे का निर्माण फिलहाल खटाई में पड़ सकता है। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने इस मामले में बुधवार को कोई अंतरिम आदेश पारित करने से फिलहाल मना कर दिया है। अब इस मामले में 16 फरवरी को सुनवाई होगी।

रवीन्द्र देवलियाल

विदित हो कि भारत सरकार के राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्रालय की ओर से दिल्ली से सहारनपुर होते हुए देहरादून के लिये लगभग 210 किमी लंबे ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे का निर्माण देश की महत्वपूर्ण भारत माला परियोजना के तहत किया जाना प्रस्तावित है। केंद्र सरकार का दावा है कि आधुनिक तकनीक से निर्मित होने वाले इस एक्सप्रेस-वे से दिल्ली से देहरादून की दूरी मात्र दो से ढाई घंटे के बीच सिमट जायेगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से पिछले देहरादून दौरे पर इस एक्सप्रेस-वे का शुभारंभ किया जाना था लेकिन मामला उच्च न्यायालय में लंबित होने के चलते इसका उद्घाटन नहीं किया जा सका। दरअसल केंद्र सरकार चाहती है कि उत्तराखंड विधानसभा चुनाव की अधिसूचना जारी होने से पहले इस एक्सप्रेस-वे का शुभारंभ किया जाये और राजमार्ग मंत्रालय की ओर से इस पर काम शुरू कर दिया जाये। इधर, दो दिन पहले मंगलवार को उत्तराखंड के खटीमा दौरे पर आये केंद्रीय राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भी इस एक्सप्रेस-वे की बड़ी तारीफ की थी और उत्तराखंड की समृद्धि के लिए इसे महत्वपूर्ण बताया था।

इस मामले को देहरादून के सामाजिक कार्यकर्ता रेनू पॉल व हल्द्वानी के अमित खोलिया की ओर से अलग-अलग जनहित याचिकाओं के माध्यम से चुनौती दी गयी है। याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया है कि जिस क्षेत्र से इस एक्सप्रेस-वे का निर्माण किया जा रहा है वह राजाजी नेशनल पार्क के ईको सेंसटिव जोन का हिस्सा है और इसकी जद में बेशकीमती ढाई हजार साल के पेड़ आ रहे हैं।

एनएचएआई की ओर से बुधवार को इस मामले में उच्च न्यायालय में एक अत्यावश्यक प्रार्थना पत्र पेश कर इससे जुड़ी दोनों जनहित याचिकाओं को खारिज करने की मांग की गयी। एनएचएआई की ओर से कहा गया कि राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) ने इस मामले को खारिज कर दिया है। एनएचएआई की ओर से इस मामले में एनजीटी के 50 पेज के आदेश की प्रति भी पेश की गयी। एनजीटी में देहरादून की एक निजी संस्था की ओर से इसे चुनौती दी गयी थी।

दूसरी ओर याचिकाकर्ता रेनू पाल के अधिवक्ता अभिजय नेगी की ओर से इसका जोरदार विरोध किया गया और कहा गया कि एनजीटी की ओर से इस मामले में कई बिंदुओं की अनदेखी की गयी। श्री नेगी ने कहा कि एनजीटी ने इस मामले में यहां की जैव विविधता, शिवालिक रेंज के पारिस्थितिकी तंत्र (ईको सिस्टम), साल के पेड़ों के पुनर्जनन सिस्टम व इस क्षेत्र की जल बाहुल्यता जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं की अनदेखी की गयी है।

अदालत ने इसे गंभीरता से लिया। अंत में एनएचएआई की ओर से पेश प्रार्थना पत्र को सुनवाई के लिये स्वीकार तो कर लिया लेकिन याचिका को खारिज करने और उसमें कोई अंतरिम आदेश पारित करने से साफ मना कर दिया। हालांकि एनएचएआई की ओर से यह भी कहा गया कि यह राष्ट्रीय महत्व की परियोजना है और इसके लंबित रहने से काफी नुकसान हो रहा है।

अदालत ने अपनी महत्वपूर्ण टिप्पणी में कहा कि यह पर्यावरण संवेदनशीलता का मामला भी है। धन हानि की पूर्ति की जा सकती है लेकिन पर्यावरणीय क्षति की पूर्ति नहीं की जा सकती है। इसलिये वह इस पर विस्तृत सुनवाई के बाद ही कोई निर्णय जारी करेंगे। साथ ही सुनवाई के लिये 16 फरवरी की तिथि नियत कर दी। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

4 किमी लिंक मार्ग से 30 किमी घटी 7 गांवों की ब्लॉक मुख्यालय से दूरी

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 28 दिसंबर 2021।नैनीताल जनपद के भीमताल विधानसभा की ग्रामसभा सूपी, लोद, गल्ला से ब्लॉक मुख्यालय रामगढ़ जाने के लिए ग्रामीणों को अब 45 की जगह केवल 15 किलोमीटर का ही सफर तय करना पड़ेगा। जिला पंचायत सदस्य लाखन सिंह नेगी ने इन गांवों के लिए करीब सात लाख रुपए की पंचायत निधि से चार किमी का लिंक मार्ग बनाया है। इस लिंक मार्ग के लोकार्पणके मौके पर ग्रामीणों ने श्री नेगी का अभिनंदन किया और आगामी विधानसभा चुनाव के लिए अपना समर्थन भी जताया।

इस मौके पर श्री नेगी ने कहा कि ग्रामसभा नथुवाखान के टाड़ा तोक से सूपी-कसियालेख मोटर मार्ग के बराबर तक इस करीब चार किलोमीटर लंबे लिंक मार्ग का निर्माण किया गया है। सूपी, लोद, गल्ला, सुनकिया, कोकिलबना, पाटा, म्योड़ा ग्रामसभाओं के ग्रामीणों को ब्लॉक मुख्यालय के लिए अब 30 किमी कम चलना पड़ेगा। जनता के आशीर्वाद से उन्होंने रामगढ़ ब्लॉक को पूरे जिले में विकास कार्यों में सर्वोच्च स्थान पर पहुंचाया है। इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख पुष्पा नेगी, प्रधान म्यौड़ा नंदू बिष्ट, प्रधान नथुवाखान शांति बिष्ट, प्रधान लोद जानकी बिष्ट, प्रधान प्रतिनिधि दिनेश बिष्ट, डूंगर बिष्ट, कुंदन सिंह, हरक सिंह, उमेद सिंह, मोहन सिंह आदि उपस्थित रहे। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : नैनीताल : कृष्णापुर पैदल मार्ग के लिए 56.43 लाख स्वीकृत, 20 लाख अवमुक्त करने की संस्तुति

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 3 दिसंबर 2021। जिलाधिकारी धीराज गर्ब्याल ने नगर के कृष्णापुर वार्ड के लिए हल्द्वानी रोड कूड़ा खड्ड से पैदल सीसी मार्ग के लिए जिला योजना से 56.43 लाख रुपए स्वीकृत एवं प्रथम किस्त के रूप में 20 लाख रुपए अवमुक्त करने की संस्तुति की गई। इस संबंध में जनपद के मुख्य विकास अधिकारी को लिखे पत्र में जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड से यह सीसी मार्ग बनाने की संस्तुति करते हुए मौजूदा वित्तीय वर्ष 2021-2022 की जिला योजना से धनराशि स्वीकृत व अवमुक्त करने को कहा है।

उल्लेखनीय है कि कृष्णापुर के लोग इस मार्ग के लिए लंबे समय से आंदोलनरत थे। कुछ संगठन एवं राजनीतिक दल भी इस आंदोलन में शामिल हो रहे थे। पूर्व में क्षेत्र का मार्ग बलियानाले की ओर हुए भूस्खलन के कारण ध्वस्त हो गया था, जिस कारण हल्द्वानी रोड से करीब आधा-एक किलोमीटर दूर स्थित इस क्षेत्र के लोगों को वाहन से आने के लिए करीब 20-25 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ रहा था। इसके बाद आंदोलन की अगुवाई कर रहे कृष्णापुर के सभासद कैलाश रौतेला ने कहा कि लोक निर्माण विभाग ने 20 दिन के भीतर मार्ग निर्माण के लिए निविदा निकालने की बात कही है। आंदोलन स्थगित हो गया है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : सरकार ने न सुनी तो अब ग्रामीणों ने श्रमदान से रोड बनाने की ठानी, जिला पंचायत सदस्य ने किया शुभारंभ

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 26 नवंबर 2021। भीमताल विधानसभा के ब्लॉक रामगढ़ की ग्राम सभा दनकन्या में वर्षों से लंबित पड़ी सड़क की मांग अब पूरी होने जा रही है। ग्रामीणजनों की मौजूदगी में जिला पंचायत सदस्य लाखन सिंह नेगी ने शुक्रवार को सड़क का शिलान्यास कर निर्माण कार्य शुरू कराया।

बताया गया है कि ग्रामसभा दनकन्या में पिछले कई वर्षों से सड़क निर्माण की मांग उठ रही थी। मगर ग्रामीणों की मांग पर किसी भी जनप्रतिनिधि ने गौर नहीं किया। इस पर ग्रामीणों ने जिला पंचायत सदस्य लाखन सिंह नेगी के समक्ष अपनी यह मांग रखी। शुक्रवार को सड़क का शिलान्यास कर निर्माण कार्य शुरू कराते हुए जिला पंचायत सदस्य लाखन सिंह नेगी ने बताया कि यह करीब 5 किलोमीटर लंबी सड़क सुनारखोला, सिरमोली, मटियाली और कालीरो तक पहुंचेगी।

ग्रामसभा ल्वेशाल के साथ ही अल्मोड़ा जिले की सीमा से सटे क्षेत्रों के ग्रामीणों को भी इस सड़क का लाभ मिलेगा। बताया कि सड़क निर्माण कार्य ग्रामीण जनों के श्रमदान से पूरा किया जायेगा। सड़क निर्माण की मांग पूरी होने पर ग्रामसभा की महिलाओं, बुजुर्गों व युवाओं ने हर्ष प्रकट किया है। इस अवसर पर ग्राम प्रधान सरस्वती देवी, उप प्रधान राजेंद्र प्रसाद, पूर्व प्रधान नंदनराम आर्य, राजेंद्र सिंह नेगी, हरिराज सिंह नेगी, पंकज सिंह नेगी, धीरज सिंह नेगी, कैलाश खोलिया, नीमा देवी, कलावती नेगी आदि ग्रामीणजन मौजूद रहे। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : पैदल डेड़ किलोमीटर, वाहन से 25 किलोमीटर, क्षेत्रवासी बोले-चुनाव तक रोड नहीं तो वोट नहीं

-कहा, यदि एक सप्ताह में मार्ग निर्माण को लेकर प्रगति नहीं दिखी तो श्रमदान से खुद ही मार्ग निर्माण शुरू कर देंगे, और रोका करेंगे जेल भरो आंदोलन
डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 21 नवंबर 2021। नैनीताल से महज डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर स्थित कृष्णापुर क्षेत्र अब भी मोटर मार्ग की राह देख रहा है। यहां के लोगों को वाहन से मुख्यालय आने के लिए करीब 25 किलोमीटर का चक्कर लगाकर आना पड़ता है। ऐसे में उनके सब्र का बांध अब टूटता नजर आ रहा है। उन्होंने अब ‘रोड नहीं तो वोट नहीं व पहले रोड-फिर वोट’ के नारे दिए हैं। उल्लेखनीय है कि चार वर्ष पूर्व 2017 में बलियानाले में हुए भूस्खलन के कारण क्षेत्र को जोड़ने वाला संपर्क मार्ग ध्वस्त गया था। इस कारण यह स्थिति आई है।

रविवार को कृष्णापुर क्षेत्र वासियों ने क्षेत्रीय सभासद कैलाश रौतेला के नेतृत्व में भारी संख्या में एकत्रित होकर तल्लीताल गांधी मूर्ति के नीचे जिला प्रशासन और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जमकर आक्रोश व्यक्त किया। साथ ही माल रोड से इंडिया होटल तक जुलूस भी निकाला। उन्होंने एसडीएम को ज्ञापन सौंप तत्काल क्षेत्र को मोटर मार्ग से जोड़ने की मांग भी की। साथ ही चेताया कि यदि एक सप्ताह में मार्ग निर्माण को लेकर प्रगति नहीं दिखी तो श्रमदान से खुद ही मार्ग निर्माण शुरू कर देंगे। यदि प्रशासन द्वारा उन्हें रोका गया तो क्षेत्र का हर एक बच्चा, बूढ़ा, और युवा जेल भरो आंदोलन शुरू कर देंगे। सभासद कैलाश रौतेला ने कहा कि जिला और मंडल मुख्यालय से महज डेढ़ किलोमीटर दूर होने के बावजूद क्षेत्र के लोग खुद को दूरस्थ ग्रामीण घोषित करने को मजबूर है।

प्रदर्शन में पूर्व सभासद डीएन भट्ट, जगदीश कांडपाल, सानिया, कांता गोस्वामी, आयुष जोशी, नीलम रावत, सुनील रावत, अदिति रावत, मोना रौतेला, गीता रौतेला, निर्मला बिष्ट, पंकज उप्रेती, दया बिष्ट, रेखा, मुन्नी कांडपाल, लक्ष्मी पपोला, लीला बोरा, चंपा बिष्ट, हिमानी बोरा, खुशी बोरा समेत डेढ़ सौ से अधिक लोग मौजूद रहे। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : ‘नेता नहीं बेटे’ ने 30 किलोमीटर घटाई गांवों से ब्लॉक मुख्यालय-अस्पताल की दूरी

-जिला पंचायत सदस्य लाखन सिंह नेगी ने सात लाख रुपए की निधि से शुरू कराया लिंक मार्ग का निर्माण
-सूपी, तोप और गल्ला से ग्रामीण मात्र 15 किमी के सफर में पहुंच सकेंगे 45 किलोमीटर दूर स्थित ब्लॉक मुख्यालय-अस्पताल
नवीन समाचार @ धानाचूली-नैनीताल, 31 अक्टूबर 2021। नैनीताल जनपद के सूपी, लोद व गल्ला आदि गांवों से ब्लॉक मुख्यालय रामगढ़ जाने के लिए अब ग्रामीणों को 30 किमी का कम सफर तय करना पड़ेगा। जिला पंचायत सदस्य लाखन सिंह नेगी ने करीब चार किमी के लिंक मार्ग के लिए सात लाख रुपए की निधि स्वीकृत की थी। इस निधि से लिंक मार्ग का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। रविवार को जिला पंचायत सदस्य लाखन सिंह नेगी की मौजूदगी में लिंक मार्ग का शिलान्यास विधिवत पूजा-अर्चना के साथ किया गया।

जिला पंचायत सदस्य नेगी ने बताया कि ग्राम सभा नथुवाखान के टाड़ा तोक से सूपी-कसियालेख मोटर मार्ग के बराबर तक इस चार किमी लंबे लिंक मार्ग का निर्माण किया जाना है। इस लिंक मार्ग के जरिये सूपी, लोद, गल्ला, सुनकिया, कोकिलबना, पाटा, म्योड़ा ग्रामसभाओं के ग्रामीणों को लाभ मिलेगा। इससे पहले इन ग्राम सभाओं के ग्रामीणों को ब्लॉक मुख्यालय रामगढ़ और अस्पताल जाने के लिए 45 किमी का सफर तय करना पड़ता था, ab मात्र 15 किमी के सफर में ही ब्लाक मुख्यालय पहुंच सकेंगे ।

उन्होंने कहा कि वह ‘नेता नहीं बल्कि बेटा’ बनकर काम करते हैं। उनकी इसी कार्यशैली की बदौलत जनता का आशीर्वाद उनके साथ है और रामगढ़ ब्लॉक पूरे जिले में विकास कार्यों में सर्वोच्च स्थान पर है। आगे वह पूरी भीमताल को आदर्श विधानसभा बनाना चाहते हैं। इस अवसर पर प्रधान नंदू बिष्ट, प्रधान प्रतिनिधि दिनेश बिष्ट, सरपंच नथुवाखान रमेश बिष्ट, गणेश बिष्ट, चंदन लोधियाल, सूरज मेहता, अनिल लोधियाल, जीवन मेहता, कमल बिष्ट, कुंदन बिष्ट, हरेंद्र सिंह, खुशाल सिंह, नारायण सिंह, लक्ष्मण सिंह, दीपक सिंह, प्रेम सिंह, पूरण सिंह, किशन लोधियाल आदि उपस्थित रहे। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : ग्रामीणों ने 9 वर्ष से बन रही सड़क के कीचड़ में की धान की रोपाई

-सड़क की खराब हालत पर ग्रामीणों ने विरोध जताते हुए पीएमजीएसवाई के खिलाफ की नारेबाजी
-दो दिन में सड़क सही नहीं होनेे पर जिला मुख्यालय में धरना देने का किया ऐलान
डॉ. नवीन जोशी, नवीन समाचार, नैनीताल, 26 अगस्त 2021। ग्रामीण क्षेत्रों में बरसात के मौसम में खेतों में धान की पौध को लगाने के लिए रोपाई करने वाले मुख्यालय के निकटवर्ती देवीधूरा क्षेत्र के ग्रामीण बृहस्पतिवार को देवीधूरा-बसानी रोड पर देवीधूरा से बोहरागांव के बीच सड़क पर बने कीचड़ में धान की पौध की रोपाई करते नजर आए।

ग्रामीणों का कहना था कि वर्ष 2012 यानी पिछले 9 वर्षों से यह सड़क पीएमजेएसवाई के तहत बन रही है। इस मार्ग के डामरीकरण के लिए धनराशि भी अवमुक्त हो चुकी है। फिर भी सड़क के हालात ऐसे हैं। सड़क पर डामरीकरण दूर, इसे विधायक द्वारा दिए आश्वासन के अनुरूप बरसात में चलने लायक भी बनाया गया है। आगे उन्होंने दो दिन में मार्ग दुरुस्त न होने पर जिला मुख्यालय में धरना देने का ऐलान किया है।

बुधवार को क्षेत्रीय ग्रामीणों ने क्षेत्रीय क्षेत्र पंचायत सदस्य व भीमताल विकास खंड के ज्येष्ठ प्रमुख हिमांशु पांडे व ग्राम प्रधान धर्मेंद्र रावत की अगुवाई में सड़क पर प्रतीकात्मक तौर पर धान के पौधे रोपे और पीएमजीएसवाई के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने सड़क की सोलिंग में नदी के मजबूत की जगह स्थानीय कच्चे पत्थर लगाने का आरोप लगाते हुए कहा कि इसी कारण सड़क पर इतना अधिक कीचड़ हो गया है। विरोध प्रदर्शन में प्रमोद कुमार, ललित बिष्ट, रवि बिष्ट, दीवानी राम, मोहित चंद्रा, राजेंद्र प्रसाद, प्रेम बिष्ट, शुभम कुमार, भुवन चंद्र, हेमंत कुमार, उमेश चंद्र, उमेश सिंह, इंद्र सिंह, घानम, पंकज व ऋषभ आदि ग्रामीण शामिल रहे। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : ज्योलीकोट-भवाली एनएच फिर खुला वाहनों का आवागमन

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 25 अगस्त 2021। ज्योलीकोट-भवाली एनएच पर नई अपडेट है। बुधवार सुबह 10 बजे यह मार्ग फिर वाहनों के आवागमन के लिए खोल दिया गया है। इसके बाद मार्ग में फंसे वाहनों की निकासी प्रारंभ कर दी गई है। उल्लेखनीय है यह राजमार्ग ज्योलीकोट के निकट बीरभट्टी पर नए बन रहे दो लेन के पुल के एक सिरे पर मलबा आने के कारण पिछले शुक्रवार को बंद हो गया था। इसके बाद बमुश्किल इसे पांचवे दिन मंगलवार सुबह 9 बजे खोला गया, लेकिन पांच घंटे बाद ही अपराह्न 2 बजे यह पुनः मलबा आने से बंद हो गया था। अब पुनः इसे बुधवार सुबह खोला तो गया है, परंतु आगे भी यहां बारिश होने पर मलबा आने की संभावना बनी हुई है। देखें वीडियो:

ह भी पढ़ें : अब तितोली में भी बजेगी शहनाई, सड़क के लिए 1.04 करोड़ की स्वीकृति के साथ रास्ता साफ…

-पिता की स्वीकृत सड़क को बेटा कराएगा पूरा
डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 23 जुलाई 2021। पिछली हरीश रावत के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार में 4 अक्टूबर 2016 को सोशल मीडिया पर ‘मेरा उत्तराखंड’ ट्विटर हैंडल से एक ट्वीट किया गया था-‘कांग्रेस राज में तितोली गांव में है मनहूसी छाई, सालों से नैनीताल के इस गांव में नहीं बजी शहनाई’। इस ट्वीट का स्क्रीनशॉट आज पुनः नैनीताल विधायक ने सोशल मीडिया पर एक और फोटो के साथ डाला है, ‘अब तितोली गांव में भी आएगी बारात, अब फिर से गांवों में बजेगी शहनाई’। यह भले राजनीतिक बहस का मुद्दा हो, लेकिन इतना साफ है कि तितोली गांव के लिए शेष बची तीन किलोमीटर सड़क के लिए प्रदेश सरकार ने 22 जुलाई को एक करोड़ चार लाख 40 हजार रुपए की धनराशि राज्य योजना से स्वीकृत कर दी है। इसके बाद इस सड़क के बनने की राह साफ हो गई है।

देखें विधायक संजीव आर्य का ट्वीट :

उल्लेखनीय है कि कैंची के हेयरपिन बैंड से हरतपा होते हुए रामगढ़ को जोड़ने वाली सड़क से करीब 6 किलोमीटर की दूरी पर स्थित तितोली गांव प्राकृतिक सुंदरता का अनुपम उदाहरण होने के साथ ही यहां के लोगों की उद्यमशीलता के साथ पॉली हाउसों के साथ ही जा रही खेती-बागवानी का प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत करने वाला गांव है। हरीश रावत सरकार के दौरान जब यशपाल आर्य क्षेत्र के विधायक थे, तब तितोली के लिए सड़क स्वीकृत हुई थी। लेकिन 2017 में सरकार जाने तक सड़क बनने की औपचारिकताएं पूरी नहीं हो पाईं।

भाजपा सरकार आने के बाद विधायक संजीव आर्य ने 2018 में इस मार्ग की वन भूमि हस्तांतरण की समस्याएं निपटाईं। 2019 में यशपाल आर्य द्वारा स्वीकृत धनराशि से 6 की जगह 3 किलोमीटर सड़क काटी गई तो तीन किलोमीटर सड़क फिर भी रह गई। अब इस बची 3 किमी सड़क के लिए 1.04 करोड़ रुपए स्वीकृत हो गए हैं। विधायक आर्य ने कहा कि अब जल्द ही इस धनराशि से गांव में सड़क पहुंच जाएगी। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : पहाड़ की लाइफ लाइन का एक पुल क्षतिग्रस्त, दूसरे कामचलाऊ वैली ब्रिज पर बढ़ गया भार

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 19 जुलाई 2021। रविवार रात्रि से हो रही मानसूनी बारिश खेती-बागवानी के लिए लाभदायक होने के साथ ही परेशानी बढ़ाने वाली भी साबित हो रही है। बारिश की वजह से कुमाऊं के प्रवेश द्वार हल्द्वानी से मंडल के पर्वतीय जनपदों को जोड़ने वाला रानीबाग में भीमताल रोड पर स्थित पुल क्षतिग्रस्त हो गया है। इस कारण इस मार्ग पर वाहनों का आवागमन पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। इसके बाद यदि किसी को भीमताल या पुल के पार अमृतपुर, चंदादेवी, सलड़ी आदि क्षेत्रों की ओर जाना है तो उसे ज्योलीकोट-भवाली होते हुए 20 से 50 किलोमीटर चलना पड़ेगा। इस तरह पहाड़ की ओर जाने वाला पूरा आवागमन ज्योलीकोट के रास्ते पर ही निर्भर हो गया है।

बीरभट्टी में वैली ब्रिज के पास भारी मात्रा में आया मलबा (File Photo)।

उल्लेखनीय है कि रानीबाग का पुल पहले से ही क्षतिग्रस्त होने की वजह से यहां नया पुल बनाया जा रहा है। अब जब तक पुराने पुल के ढहे हिस्से को नीचे नदी से दीवार चिनकर दुरुस्त नहीं कर लिया जाता, तब तक इस मार्ग पर खासकर चौपहिया वाहनों का आवागमन होना मुश्किल नजर आ रहा है। ऐसे में ज्योलीकोट के पास पहले से कामचलाऊ तौर पर पूरे यातायात को झेल रहे वैली ब्रिज के भी दबाव बढ़ने पर जवाब देने से इंकार नहीं किया जा सकता है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : नैनीताल: 800 मीटर छोटी सड़क बनाने व मलबा फेंककर नुकसान करने का आरोप…

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 17 जुलाई 2021। नैनीताल जनपद के ओखलकांडा विकास खंड के ग्राम टांडा को जोड़ने के लिये 2019 में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से बनी खनस्यूं-टांडा मोटर मार्ग का लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस सड़क को बिना ग्रामीणों की सहमति लिए गांव के किसी सार्वजनिक स्थान तक पहुंचाने के बजाय निर्जन स्थान पर छोड़ दिया गया है। सीएम पोर्टल एवं अन्य स्थानों पर मार्ग की लंबाई 9.930 किलोमीटर बताकर गुमराह किया जा रहा है, जबकि चार पहिया वाहनों से नापने पर सड़क की लंबाई 9.1 किलोमीटर यानी करीब 800 मीटर कम आ रही है। ठेकेदार को भी पूरी लंबाई की सड़क निर्माण का भुगतान कर दिया गया है।

ग्रामीणों की ओर से शनिवार को जिलाधिकारी को की गई शिकायत के अनुसार लोक निर्माण विभाग काठगोदाम द्वारा बनाई गई इस सड़क के पर्यावरण विभाग से स्वीकृत एवं वास्तविक निर्माण कार्य में काफी अंतर है। इसकी शिकायत सीएम पोर्टल में भी की गई है। उनका यह भी कहना है कि इस सड़क के निर्माण का मलबा गलत तरीके से निस्तारित किया गया है। इस कारण गांव के रास्ते, खेत, घराट, गूल, दुकान, आवास, खड़ंजे, अश्व मार्ग, मुक्तिधाम मार्ग व वन विभाग का पौधारोपण आदि सड़क के मलबे से दब गए हैं। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : भैंस को कन्धों पर ढोने को मजबूर ग्रामीणों ने जताया ‘सड़क नहीं तो वोट नहीं’ का इरादा..

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 12 जुलाई 2021। गत दिवस हमने ‘नवीन समाचार’ में जनपद मुख्यालय से करीब 15 किलोमटर दूर स्थित भेवा गांव की सड़क की समस्या को उजागर किया था। यहां सड़क न होने से लोग भैंस जैसे बड़े जानवर को भी कंधे पर ढोने को मजबूर थे। देखें ग्रामीणों को भैंस को कंधे पर ढोने का वीडियो:

इस समाचार के बाद स्थानीय विधायक संजीव आर्य ने भी स्थिति स्पष्ट की थी। अब इस गांव के युवाओं ने ‘सड़क नहीं तो वोट नहीं’ का इरादा जताते हुए एक वीडियो जारी किया है। ग्रामीणों का कहना है कि उनके गांव के लिए सड़क क्या पगडंडी भी नहीं है। ग्रामीणों को घने जंगल के बीच से अपनी फसल को मंडी तक लाने के लिए सुबह 6 बजे की गाड़ी पकड़ने को सुबह चार बजे घर से निकलकर इस जंगल के बीच से गुजरना पड़ता है, और लौटने तक फिर अंधेरा हो जाता है। यह भी बताया कि गांव में विधायक निधि से मिले 5 लाख रुपयों से बीच के हिस्से में मार्ग बना, यानी बनाने वालों ने ऐसा खेल किया कि न गांव की ओर से और न मूल सड़क की ओर से ही, बल्कि बीच के हिस्से में मार्ग बनाया, इससे ग्रामीणों को बीच के बने मार्ग का कोई लाभ नहीं मिल रहा। यही मार्ग यदि सड़क की ओर से बना होता तो गांव के लिए वाहन कुछ आगे तक आ सकते थे।
देखें ग्रामीणों का नया वीडियो:

विधायक ने किया मंगोली-खमारी-थापला-जलालगांव-रौखड़ रोड का शिलान्यास
नैनीताल। विधायक संजीव आर्य ने सोमवार को दशकों से लंबित व बहुप्रतक्षित मंगोली-खमारी-थापला-जलालगांव-रौखड़ रोड का भूमि पूजन एवं शिलान्यास किया। उन्होंने बताया कि 12 करोड़ 45 लाख की लागत से प्रस्तावित इस 7 किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण की सभी बाधाएं दूर हो गई हैं। इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख डॉ. हरीश बिष्ट, जिला पंचायत सदस्या श्रीमती लेखा भट्ट, जिला मंत्री हरीश भट्ट, पूर्व जिला पंचातय सदस्य गणेश मेहरा, पान सिंह, सुरेश चंद, मुन्ना कनवाल, त्रिलोक राठौर, महामंत्री त्रिलोक बिष्ट, पूर्व अध्यक्ष नीरज मेहरा, नंदन बिष्ट, क्षेत्र पंचायत सदस्य विक्रम कनवाल, अधिवक्ता रवि बिष्ट, सुंदर बिष्ट सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रीय ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य व ग्रामीण मौजूद रहे। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : दीपक तले अंधेरा: कठिन पहाड़ी डगर व कंधे पर भैंस

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 08 जुलाई 2021। शीर्षक पढ़कर चौंक रहे हैं ? उत्तराखंड के एक गांव की एक वीडियो देखकर हम भी चौंके हैं, और यह समाचार लिखने को मजबूर हुए हैं। अब तक आपने उत्तराखंड के गांवों के सड़क से दूर होने के कारण गर्भवती व बीमार महिलाओं-बुजुर्गों को पहाड़ी पगडंडियों व नदी-नालों को पार कर अस्पताल तक पहुंचाने के वीडियो देखे होंगे, लेकिन आज का वीडियो इनसे अलग है, बल्कि सोच से परे। इस वीडियो में कुछ युवा अपने कंधे पर भैंस को लेकर जा रहे हैं। कारण भैंस बीमार है। सीधी पगडंडी भी हो तो वह किसी तरह अपने पैरों पर चलकर अपने गंतव्य तक पहुंच जाए, पर गांव में पगडंडी तक नहीं है। इसलिए उसे युवा कंधांे पर लेकर जाकर जा रहे हैं, और अपने ऐसे हालातों पर रोने की जगह चुहल कर रहे हैं। चाहते हैं, उनकी दशा पूरी दुनिया देखे। खासकर युवा मुख्यमंत्री देखें, जिनकी ताजपोशी से राज्य के युवाओं में नए जोश के साथ नई उम्मीदें जगी हैं। वे इकट्ठे होकर अपने गांव के लिए सड़क बनाने की आवाज उठा रहे हैं।

हम बात कर रहे हैं, भेवा गांव की। यह गांव जिला व मंडल मुख्यालय तथा पर्यटन नगरी नैनीताल, जहां देश-दुनिया के लोगों में अपनी सुख-सुविधाओं, धन-संपत्ति, महंगी गाड़ियों व फैशन दिखाने की होड़ दिखती है, वहां से केवल करीब 15 किलोमीटर दूर यह गांव नैनीताल-कालाढुंगी मार्ग पर स्थित मंगोली पड़ाव से करीब 2-ढाई किलोमीटर नीचे है। गांव की आबादी करीब 300 छोटे-बड़ों की है। पास ही स्थित मंगोली गांव भी है, जहां करीब 600 की आबादी रहती है। प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण इन दोनों गांवों के लिए सड़क तक खड़ी चढ़ाई चढ़ने के लिए सड़क तो दूर पगडंडी-खड़ंजा तक नहीं बना है।

लोग घने जंगल के बीच हिंसक वन्य जीवों के भय के साथ बरसात के पानी के बहने से बनने वाली धार पर या जैसे-तैसे स्कूल, स्वास्थ्य सहित हर छोटी-बड़ी जरूरत के लिए आदतन सड़क तक पहुंचते और लौटते हैं। उनकी अदरक, पिनालू सहित बहुतायत में होने वाली सब्जियां बाजार तक पहुंचने से पहले ही खराब हो जाती हैं। रास्ते की हालत ऐसी है कि पशु तक नहीं चल पाते। कई तो रास्ते में ही गिरकर दम तोड़ देते हैं। फिर भी छोटे बच्चों को इंटर की पढ़ाई के लिए करीब 4-5 किलोमीटर दूर नलनी जाने या सिरदर्द-बुखार की गोली के लिए भी ढाई किलोमीटर चढ़कर मंगोली पहुंचने के लिए हर क्षण जान जोखिम में रहती है।
देखें ग्रामीण युवाओं का दर्द:

सड़क की समस्या को दूर करने के लिए इधर लॉक डाउन में ग्रामीण युवकों ने करीब डेढ़ किलोमीटर सड़क श्रमदान से भी बनाई, लेकिन वन विभाग के कर्मियों ने धमकाया तो यह कार्य भी बंद करना पड़ा। गांव के अर्जुन कंडारी ने बताया कि करीब 4-5 किलोमीटर सड़क कटे तो उनके गांव में भी वाहन पहुंच सकते हैं। इसके लिए पूर्व में 7-8 बार सर्वे और कांग्रेस सरकार के दौर में एक बार बजट आवंटन की बात भी हुई थी, लेकिन सड़क नहीं बन पाई। अब उन्हें उम्मीद है राज्य के युवा मुख्यमंत्री ही उनकी गुहार सुन सकते हैं। ऐसे में गांव में अर्जुन के साथ महेंद्र कनवाल, मनोज कनवाल से लेकर सऊदी अरब में रहने वाले गांव के युवा जीतेंद्र कनवाल सहित अनेक युवा गांव की सड़क के लिए मुखर हो गए हैं।

इस बारे में पूछे जाने पर विधायक संजीव आर्य ने कहा कि भेवा मंगोली का एक तोक है। यहां वन क्षेत्र होने की वजह से डीएफओ ने सीसी मार्ग भी स्वीकृत नहीं किया था। इसके बावजूद यहां विधायक निधि से साढ़े छह लाख रुपए अश्व मार्ग बनाने के लिए स्वीकृत किए गए, ताकि दो पहिया वाहन गांव तक पहुंच सकें। इससे करीब डेढ़ किमी रास्ता बन चुका है। उन्होंने बताया कि पिछली विधायक सरिता आर्य ने भी मार्ग के लिए 75 हजार रुपए दिए थे। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : पहाड़ की जीवन रेखा का एक अति महत्वपूर्ण ऐतिहासिक पुल क्षतिग्रस्त, देर शाम शुरू हुआ वाहनों का आवागमन

अल्मोड़ा-नैनीताल जि‍ले की सीमा पर स्थित क्वारब पुल पर बढा खतरा, डाइवर्ट किया गया रूटडॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 01 जून 2021। 1962 के भारत-चीन युद्ध के बाद सामरिक महत्व के लिहाज से अल्मोड़ा के लिए बनी खैरना-अल्मोड़ा सड़क पर क्वारब नाम के स्थान पर नैनीताल एवं अल्मोड़ा जनपद को जोड़ने के लिए सुयाल नदी पर बना ऐतिहासिक पुल सोमवार रात्रि क्षतिग्रस्त हो गया है। पुल के ठीक बीच में एक बड़ा छेद हो गया है। इसके बाद पुल पर आवागमन रोक दिया गया है, और वाहनों को खैरना से रानीखेत के रास्ते अल्मोड़ा भेजा जा रहा है। उल्लेखनीय है कि पुल पर आवागमन रुकने से न केवल अल्मोड़ा, वरन यहीं से होकर गुजरने वाले पिथौरागढ़ व बागेश्वर जनपदों के लिए वाहनों का आवागमन भी प्रभावित हो गया है। वाहनों को रानीखेत के रास्ते अल्मोड़ा पहुंचने के लिए करीब 35 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी। इधर, मंगलवार देर शाम को प्रशासन की ओर से बताया गया है कि लोक निर्माण विभाग के राजमार्ग खंड के कर्मचारियों द्वारा क्वारब पुल को मरम्मत करने के पश्चात भवाली-अल्मोड़ा राजमार्ग को वाहनों के आवागमन के लिए पुनः खोल दिया गया है। 

नैनीताल से हल्द्वानी के लिए एक और वैकल्पिक सड़क की राह हुई साफ, 7वीं बार केंद्र को भेजे प्रस्ताव पर मिली स्वीकृति

-केंद्र से मिले फतेहपुर-बेल के बीच 10 किमी सड़क के लिए 5.22 करोड़
-हल्द्वानी के फतेहपर से बेल, नाईसेला, देवीधुरा होते हुए यह 33 किलोमीटर लंबी सड़क पटवाडानगर पर नैनीताल-हल्द्वानी राष्ट्रीय राज मार्ग से जुडेगी

नैनीताल-हल्द्वानी के लिए वैकल्पिक मार्ग के रूप में बन रही बेल-बसानी सड़क।

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 31 मई 2021। नैनीताल के विधायक संजीव आर्य के प्रयासों से नैनीताल के लिए मैदानी क्षेत्रों से तीसरे वैकल्पिक सड़क मार्ग की अंतिम समस्या भी दूर हो गई। भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय ने इस वैकल्पिक मार्ग के शेष बचे हिस्से, हल्द्वानी के निकट फतेहपुर से बेल गांव तक 10 किलोमीटर सड़क के डामरीकरण एवं बचे हुए पुल के निर्माण के प्रोजेक्ट को अंतिम स्वीकृति के साथ 5 करोड़ 22 लाख रुपए की धनराशि अवमुक्त हो गए है। विधायक संजीव आर्य ने बताया कि एक वर्ष के अंदर इस पूरे मार्ग का निर्माण हो जाएगा।
उन्होंने यह भी बताया कि हल्द्वानी के फतेहपर से बेल, नाईसेला, देवीधुरा होते हुए यह 33 किलोमीटर लंबी सड़क पटवाडानगर पर नैनीताल-हल्द्वानी राष्ट्रीय राज मार्ग से जुड़ जाएगी और भविष्य में नैनीताल पहुँचने के लिए तथा नैनीताल-हल्द्वानी राजमार्ग के किसी कारण बाधित होने अथवा बड़े जाम आदि लगने की स्थिति में इस मार्ग का वैकल्पिक मार्ग के रूप में प्रयोग किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि इस सड़क के 23 किलोमीटर पर डामरीकरण एवं पुल निर्माण का कार्य अभी चल रहा है। अब अवमुक्त हुए 5.22 करोड़ से शेष बचे 10 किलोमीटर मार्ग पर भी कर लिया जाएगा। इस हेतु उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री का भी हार्दिक आभार जताया है।
बताया गया है इस सड़क का 23 किमी हिस्सा करीब 9 वर्ष पहले से कट चुका था। जबकि बेल से देवीधूरा के बीच की 10 किमी सड़क के प्रस्ताव की फाइल 11 बार देहरादून व 6 बार भारत सरकार जाने के वापस आने के बाद पुनः भारत सरकार को भेजी गई थी, जिसे अब अंतिम स्वीकृति मिल गई है।

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-वेधशाला से कृष्णापुर के लिए पहुंच मार्ग को मिली अनापत्ति

नवीन समाचार, नैनीताल, 24 जनवरी 2021। नगर में चंद कदमों की दूरी पर होते हुए भी विगत वर्षों में हुई भूस्खलन में मार्ग ध्वस्त हो जाने के कारण शहर से सड़क मार्ग से करीब 25 किमी दूर हो गए कृष्णापुर क्षेत्र के लिए अब करीबी पहुंच मार्ग की उम्मीद बन गई है। रविवार को क्षेत्र के लिए वेधशाला पहुंच मार्ग से चड़ता गांव होते हुए तीन किमी लंबे पहुंच मार्ग को अनापत्ति मिल गई। इस हेतु मार्ग के समरेखन एवं सर्वेक्षण कार्य के लिए तल्ला कृष्णापुर स्थित कैनाल कॉलोनी में कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों एवं क्षेत्रीय लोगों की बैठक में यह अनापत्ति मिली। इसके बाद मार्ग के सर्वेक्षण की राह खुल गई है। बैठक में लोनिवि के अधिशासी अभियंता दीपक गुप्ता, सहायक अभियंता केएस बसेड़ा, अपर सहायक अभियंता भारत पाल, सभासद कैलाश रौतेला, पूर्व सभासद डीएन भट्ट, जीएस त्रिपाठी व भाजपा के पूर्व जिला महामंत्री दयाकिशन पोखरिया सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 28 दिसम्बर 2020। हल्द्वानी-काठगोदाम से मात्र 8 किमी दूर स्थित गांव बल्यूटी की पहचान विकास पुरुष कहे जाने वाले पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय नारायण दत्त तिवारी की ननिहाल के रूप में है। गांव से बाहर आए यहां के निवासियों की हल्द्वानी-काठगोदाम में बड़ी मिल्कियतें हैं और वे विकास की बड़ी-बड़ी बातें भी करते हैं। लेकिन शहर से इतना करीब होने के बावजूद उनके गांव में ‘दीपक तले अंधेरा’ की स्थिति पूरी तरह से चरितार्थ होती है। गांव में अब तक सड़क नहीं है। बिजली व पानी की लाइनें टूटी हुई हैं। सोमवार को भीमताल विकास खंड के क्षेत्र पंचायत प्रमुख डा. हरीश बिष्ट इस गांव में पहुंचे तो समस्याओं का अंबार मिला। इस पर उन्होंने बल्यूटी ग्राम पंचायत में आने वाली ग्राम सभा भद्यूनी में सड़क पहुंचाने का वादा किया। साथ ही उन्होंने गांव में गोलू मंदिर के लिए एक लाख व जन मिलन केंद्र के लिए छह लाख रुपए देने की घोषणा भी की और प्राथमिक विद्यालय मोरा का जीर्णोद्धार कराने का भी आश्वासन दिया।

सोमवार को इस गांव में पहुंचने पर गांव के लोगों ने उनके समक्ष सड़क की समस्या रखी। इस पर डा. बिष्ट ने कहा कि उन्होंने ही गांव के लिए 6 किमी सड़क पूर्व में पीएमजीएसवाई से बनाई थी। शेष डेढ़-दो किमी सड़क भी वह शीघ्र ही पीएमजीएसवाई से बनाएंगे। इस हेतु पूर्व में ही प्रस्ताव भेजा जा चुका है। इस दौरान गांव के वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता चंदन पलड़िया ने पेयजल लाइन को दुरुस्त करने एवं अन्य ने लकड़ी के जर्जर विद्युत पोलों की समस्या रखी। डा. बिष्ट ने इस हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया।

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-पिछले 12 दिनों से कर रहे हैं जंगल में प्रदर्शन

नवीन समाचार, नैनीताल, 23 अगस्त 2020। नैनीताल जिला मुख्यालय से 50 किमी दूर क्षेत्रीय विधायक राम सिंह कैड़ा के मूल गांव-कैड़ा गांव के हिस्से पुराने कैड़ागांव के जंगल में एक सड़क पर करीब चार-पांच गांवों के ग्रामीण, महिलाएं, बच्चे व बुजुर्ग प्रदर्शन कर रहे हैं। दूरस्थ क्षेत्र होने की वजह से इतने दिनों तक उनकी आवाज भी वहां से बाहर नहीं आ पा रही है। क्षेत्रीय ग्रामीणों का कहना है कि विधायक के गांव के लिए ढोलीगांव के पास धैना गांव से नदी के इस व उस पार से दो सड़कें कट रही है। एक नौ किमी सड़क नए कैड़ा गांव जा रही है, जहां बस्ती है। वहीं दूसरी करीब चार किमी सड़क पुराने कैड़ागांव जा रही है। पुराने कैड़ागांव में केवल दो परिवार रहते हैं, लेकिन यह सड़क उन दो परिवारों के घरों तक भी नहीं पहुंच पा रही है, बल्कि इन घरों से पहले जंगल में ही समाप्त हो जा रही है। क्षेत्रीय ग्रामीणों का कहना है कि यही 4 किमी सड़क यदि दूसरी ओर मोड़ी गई होती तो इससे पांच गांवों में सैकड़ों लोग लाभांन्वित हो जाते। लेकिन वर्ष 2007 के गलत सर्वे का उन्हें खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।

देखें ग्रामीणों का विरोध प्रदर्शन :

क्षेत्रीय लोग इसी स्थान पर जंगल में पिछले 12 दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। लेकिन गांव के ही विधायक होने के बावजूद न ही विधायक, ना ही कोई अन्य जन प्रतिनिधि मौके पर पहुंचा है। उनका कहना है कि यदि इस सड़क को जंगल की जगह धैना गांव से करीब एक किमी आगे लधियाघाटी के पुल से आगे केवल चार किमी जंगल की जगह जूनियर हाईस्कूल कैड़ागांव लाया जाता तो इससे कुकना, बजवाल गांव, बेतली, काफली व लिंगड़ानी के सैकड़ों ग्रामीण लाभान्वित हो सकते थे। उनका कहना है कि उनके गांवों से 15 किमी दूर चंपावत जिले के रीठासाहिब, 18 किमी दूर ढोलीगांव व 20 किमी दूर देवीधूरा से करीब कोई स्वास्थ्य सुविधा नहीं है। इसी सप्ताह एक महिला को बीमार होने पर कंधों पर डोली में रीठासाहिब ले जाना पड़ा था।

क्षेत्रीय सामाजिक कार्यकर्ता गणेश धौनी का कहना है कि वास्तव में यह सड़क धैना गांव से कुकना-लिंगड़ानी के नाम से है। लेकिन राजनीतिक दबावों के कारण इसे पुराने कैड़ागांव के लिए जंगल की ओर मोड़ कर जंगल में ही समाप्त किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि चार दिन के भीतर जनप्रतिनिधि मौके पर न आए तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। विरोध प्रदर्शन में मदन सिंह नौलिया, नरेश राम, नरेंद्र धौनी, चंदन धौनी, चंचल धौनी, दिलीप धौनी, दीवान धौनी, भगवान नौलिया, ध्यान सिंह नौलिया, दीवान बर्गली, हयात धौनी, डुंगर धौनी, राजेंद्र धौनी, गोपाल नौलिया, दीवान धौनी, पवन वालिया, त्रिलोक नौलिया व गोपाल दत्त जोशी आदि शामिल रहे। इधर विधायक राम सिंह कैड़ा से इस बारे में संपर्क करने का प्रयास किया गया, किंतु उनका फोन नहीं उठा।

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नवीन समाचार, पतलोट (नैनीताल), 17 अगस्त 2020। नैनीताल जनपद के ओखलकांडा विकासखंड के कई गांव आजादी के 74 वर्ष बाद भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। यहां सड़क के साथ स्वास्थ्य सहित सभी तरह की सुविधाओं का नितांत अभाव है। ऐसे में बीती शाम ग्राम पंचायत कुकना निवासी उमा देवी पत्नी दीवान सिंह को अचानक स्वास्थ्य खराब होने पर ग्रामीणों द्वारा कुर्सी के सहारे चार घंटे लगातार चलकर, बीच में लधिया सहित कई नदी-नाले पारकर 15 किलोमीटर दूर चंपावत जिले में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रीठा साहिब पहुंचाया गया। अब वहां महिला का इलाज चल रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत कुकना में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्वीकृति मिल चुकी थी। इसके लिए ग्रामीणों ने भूमि भी दे दी है, लेकिन स्वास्थ्य केंद्र अब तक नहीं बन पाया है। शासन और विभागीय अधिकारियों को कई बार अवगत करा चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई है। इसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। यह स्थिति बेहद चिंताजनक है। महिला को स्वास्थ्य केंद्र रीठा साहिब पहुंचाने वालों में पूर्व बीडीसी दीवान सिंह, नवीन धौनी, नरेंद्र सिंह, खीम सिंह, दीवान सिंह, सुरेंद्र, चंचल सिंह, हेम, योगेश, दीपक, नवीन, राजेंद्र आदि शामिल रहे।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 09 अगस्त 2020। जिला मुख्यालय को देश से जोड़ने वाले हल्द्वानी-नैनीताल राष्ट्रीय राजमार्ग 109-विस्तार पर ज्योलीकोट बाजार में सड़क के बीचों-बीच दक्षिण भारत के मानचित्र जैसा बड़ा गड्ढा नजर आ रहा है। अचानक दोनों ओर ठीक-ठाक सड़क के बीच ऐसा बड़ा गड्ढा आ जाने के कारण खासकर कई दोपहिया वाहन यहां पर दुर्घटनाग्रस्त हो चुके हैं और बाजार में राहगीरों की  जान भी आफत में रहती है।

ज्योलीकोट बाजार में एनएच के बीचों-बीच गड्ढे में भरा बरसाती पानी।

नगर के पत्रकार कैलाश जोशी ने बताया कि ज्योलीकोट मुख्य बाजार में सड़क के बीचों बीच एक माह से ज्यादा समय से जानलेवा गड्ढा बीते दिनों विभाग ने नजर में आने के बावजूद इसे और खतरनाक बना कर अधूरा छोड़ दिया है, जिससे अब यह सीधे मौत को दावत दे रहा है। इसके आधे हिस्से में ईंट और मिट्टी आदि डाली गई जो अब बह तथा सड़क पर फैल चुकी है।

हल्द्वानी रोड पर आया विशाल पत्थर

नैनीताल। रविवार को सरोवरनगरी में पूरी रात्रि और फिर दिन में भी बारिश हुई। इस दौरान हल्द्वानी-नैनीताल राष्ट्रीय राजमार्ग 109-विस्तार पर हनुमानगढ़ी मोड़ से थोड़ा पहले दोपहर करीब साढ़े 12 बजे अचानक विशाल पत्थर आ गिरा। गनीमत रही कि इस दौरान सड़क पर गुजरता हुआ कोई वाहन उसकी चपेट में नहीं आया, अन्यथा बड़ा हादसा भी हो सकता था। बाद में लोक निर्माण विभाग के राष्ट्रीय राजमार्ग खंड ने जेसीबी डोजर मशीन से अपराह्न करीब एक बजे पत्थर को मार्ग से किनारे हटवाया गया।

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-1996 से प्रस्तावित सड़क का मामला अब भी वन भूमि हस्तांतरण के लिए फंसा है, ग्रामीणों को सड़क के लिए 7 किमी चलना पड़ता है पैदल
नवीन समाचार, नैनीताल, 01 अगस्त 2020। शायद इसे ही ‘चिराग तले अंधेरा’ कहते हैं, और यह पहाड़ के विकास की असली तस्वीर भी है। जिला व मंडल मुख्यालय के नजदीकी क्षेत्र भी आजादी के सात से अधिक दशक बीत जाने के बावजूद विकास की मुख्य कड़ी कही जाने वाली सड़क से वंचित हैं। हम यहां नगर से मात्र 26 किमी दूर स्थित प्राकृतिक सुंदरता एवं कृषि उपज के लिए प्रसिद्ध रोखड़ ग्राम सभा के लोगों की कर रहे हैं, जिनके लिए 1996 में खमारी-थापला-मंगोली-देचौरी सड़क प्रस्तावित की गई थी, किंतु ढाई दशक बीतने के बावजूद अब भी इस गांव के लोगों को सड़क तक आने के लिए सात किमी का पैदल रास्ता तय करना पड़ता है। इस पर अब ग्रामीणों के सब्र का बांध टूट गया लगता है। वहां के ग्रामीणों के साथ महिलाओं, स्कूली छात्राओं व बच्चों ने भी किताबों की जगह हाथों में गैंठियां, बेलचे, फावड़े आदि हथियार हाथों में उठा लिये हैं और वे इन दिनों बरसात में भी बिना थमे गांव के लिए श्रमदान कर सड़क बनाने में जुट गए हैं।

ग्रामीणों की इस कार्य में अगुवाई कर रहे विक्रम बिष्ट का कहना है कि ग्रामीण करीब आधा किलोमीटर सड़क खोद भी चुके हैं। इस तरह उनकी कोशिश सो चुकी व्यवस्था को नींद से जगाने की है। ग्राम प्रधान योगेश्वर जीना का कहना है कि सड़क की फाइल 1996 से वन भूमि हस्तांतरण के कारण फंसे है। ग्रामीण महिलाएं ममता देवी, हेमा सनवाल व स्कूली छात्र दिव्यांशु आदि भी इस मामले में जनप्रतिनिधियों के प्रति काफी आक्रोशित हैं। वहीं इस बारे में पूछे जाने पर क्षेत्रीय विधायक संजीव आर्य ने कहा कि इतने वर्षों में क्या हुआ, वे कह नहीं सकते, किंतु इतना निश्चित है कि इस सड़क को वे ही रौखड़ गांव पहुंचाएंगे ।

ब्रिटिश कालीन पैदल मार्ग को दुरुस्त कराने की मांग
नैनीताल। ब्रिटिश काल में वीरभट्टी से ग्राम छीड़ा होते हुए रानीबाग के लिए आवागमन का मुख्य मार्ग आज बदहाल स्थित में है। इसके कारण छींड़ा गांव के ग्रामीणों को बहुत परेशानियां हो रही हैं। इस पर ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मार्ग को ठीक करने की मांग की है। क्षेत्र के ग्रामीणों का कहना है कि हल्द्वानी-अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग पर वीरभट्टी पड़ाव से छींड़ा गांव जाने वाला पैदल मार्ग ब्रिटिश शासन में सेना के घोड़े, डाक सामग्री लाने समेत कार्यालय और स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों का एकमात्र मार्ग था, जो अब बदहाल है। इस तीव्र ढाल वाले मार्ग पर लोग असंतुलित होते हुए गिर रहे हैं। इस संबंध में कई बार जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया गया, लेकिन गरीब ग्रामीणों की कोई सुनने को तैयार नहीं है। क्षेत्र में एक आंगनबाड़ी केंद्र हैं। जहां अक्सर छोटे बच्चे और गर्भवती महिलाएं भी आती हैं। कई बार व्यक्ति गिरकर चोटिल हो चुके हैं। कैलाश पांडे, कैलाश जोशी, किशन दत्त जोशी, बहादुर बिष्ट, पवन बिष्ट, करन बिष्ट, नंदन मनराल, संजय बिष्ट, भुवन जोशी, हरीश वारियाल, मनोज आर्या ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर मार्ग ठीक करने की मांग की है।

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-32 किमी मार्ग में से 22 किमी के डामरीकरण के लिए 13.5 करोड़ मंजूर
-बीच के 10 किमी की सड़क का वन भूमि का प्रस्ताव केंद्र सरकार में, स्वीकृति मिलते ही नैनीताल-हल्द्वानी के बीच बन जाएगा वैकल्पिक मार्ग
नवीन समाचार, नैनीताल, 10 जुलाई 2020। नैनीताल के विधायक संजीव आर्य के प्रयासों से नैनीताल विधानसभा के अंतर्गत विकासखंड भीमताल के अंतर्गत 10 किमी लंबी फतेहपर-बेल एवं इसी से लगे 12 किमी लंबे देवीधूरा-बोहरा गांव मोटरमार्ग के 13.5 करोड़ रुपए लागत से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत डामरीकरण की राह प्रशस्त हो गई है। इस हेतु यूआरडीए ने ठेकेदार के अनुबंध को संस्तुति दे दी है। इस धनराशि से बीच में एक पुल भी बनेगा, जबकि दो पुल पहले ही बन रही है। विधायक संजीव आर्य ने बतायाकि इस कार्य के लिए जरूरी 65 लाख रुपए की अतिरिक्त राशि भी राज्य सरकार से स्वीकृत हो गए हैं। उन्होंने कहा कि इस सड़क के बनने से नैनीताल-हल्द्वानी के बीच वैकल्पिक मार्ग के साथ ही स्थानीय लोगों लोगों को रोजगार एवं क्षेत्र में पर्यटन की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।
उन्होंने बताया कि यह सड़क हल्द्वानी के पास फतेहपुर से देवीधूरा तक 32 किमी में पहुंचेगी। इन दोनों सड़कों का 22 किमी हिस्सा 8 वर्ष पहले से कट चुका था। जबकि बेल से देवीधूरा के बीच की 10 किमी सड़क के प्रस्ताव की फाइल 11 बार देहरादून व 6 बार भारत सरकार जाने के वापस आ चुकी थी। इसे पुनः आपत्तियों का समाधान कर केंद्र सरकार को भेजा गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस सड़क को भी जल्द सैद्धांतिक स्वीकृत मिल जाएगी।
उल्लेखनीय है कि यह सड़क हल्द्वानी तथा जिला व मंडल मुख्यालय तथा पर्यटन नगरी नैनीताल के बीच वैकल्पिक मार्ग के रूप में विकसित की जा रही है। इस रोड के तैयार हो जाने से नैनीताल-हल्द्वानी राजमार्ग के किसी कारण बाधित होने अथवा बड़े जाम आदि लगने की स्थिति में इस मार्ग का वैकल्पिक मार्ग के रूप में प्रयोग किया जा सकेगा।

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-फौजी किशन सिंह कपकोटी ने किया युवाओं को प्रेरित
नवीन समाचार, नैनीताल, 29 जून 2020। लॉक डाउन के दौरान मिले समय को बहुत से लोग सकारात्मक कार्यों एवं अपनी समस्याओं के समाधान में लगा रहे हैं। इसी कड़ी में जनपद के कोटाबाग विकास खंड के डोला गांव के लोग भी जुड़ गए हैं। यहां गांव के निवासी भारतीय सेना के जवान किशन सिंह कपकोटी के 22 दिन पहले अपने घर छुट्टी पर आए तो वहां के युवाओं को जागरूक कर गांव को सड़क से जोड़ने का बीड़ा उठाया। उनकी प्रेरणा से करीब 20 ग्रामीण युवा श्रमदान कर रोड बनाने में जुट गए। पूरे गांव के ग्रामीणों ने अपनी आर्थिक स्थिति के हिसाब से एक लाख रुपए की सहयोग राशि भी एकत्रित की। इस तरह 22 दिनों में ही उन्होंने श्रमदान कर गांव को सड़क से जोड़ दिया हैं श्रमदान करने वालों में भुवन कपकोटी, योगेश कपकोटी, योगेश मेहरा, दिगंबर मेहरा, हरीश बिष्ट व यतेंद्र मेहरा आदि की भूमिका विशेष उल्लेखनीय बताई गई है। बताया गया है कि डोला गांव मुख्य सड़क से ढाई किलोमीटर लंबी सड़क छः वर्ष पूर्व से बजट के अभाव में अटकी हुई थी। अब गांव तक सड़क पहुंच जाने के बाद ग्रामीणों ने कहा है कि उन्होंने गांव के लिए सड़क तो मिलजुल कर बना दी, लेकिन गांव मे सिचाईं के पानी की बहुत समस्या है। ऐसे में उन्होंने सरकार से सिंचाई के पानी की व्यवस्था करने की मांग की है।
इस पर विधायक संजीव आर्य ने दावा किया ग्रामीणों ने डोला गांव के एक तोक के लिए करीब एक किमी लंबी सड़क ही बनाई है। अलबत्ता कहा कि इसके लिए वह विधायक निधि आदि से भी मदद दिलाएंगे। साथ ही बताया कि डोला से अमोठा गांव तक 6 किलोमीटर की सड़क पहले से ही प्रस्तावित है। सड़क निर्माण के लिए प्रथम चरण में 55 लाख स्वीकृत हो गये हैं। वन भूमि हस्तांतरण के लिए सिविल सोयम भूमि की उपलब्धता करा ली है। वन भूमि हस्तांतरण के बाद सड़क निर्माण शुरू कराया जाएगा। अभी युवाओं ने डोला गांव के एक तोक के लिए सड़क बनाई है। उनके कार्य की सराहना करते हैं।

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कैलाश जोशी @ नवीन समाचार, ज्योलीकोट (नैनीताल), 10 जून 2020।हल्द्वानी-नैनीताल राष्ट्रीय राजमार्ग की वर्तमान हालत को देख कर लगता है कि आने वाले दिनों में इस मार्ग पर सफर की डगर आसान नहीं होगी। बन्द पड़े कलवर्ट, टूटे पैरापिट, मलबे से भरी पड़ी  नालियां और अधूरे पड़े काम। निर्माण कार्यो की धीमी गति इस राजमार्ग की राह के सबसे बड़े रोड़े हैं।

उल्लेखनीय है कि ब्रिटिश काल में निर्मित यह मार्ग पर्यटन नगरी नैनीताल का सबसे प्रमुख मार्ग है। साथ ही कुमाऊँ की लाइफ लाइन ज्योलीकोट-कर्णप्रयाग एनएच भी इसी मार्ग से जुड़ा हुआ है। यह मार्ग इतना अधिक महत्वपूर्ण है, लेकिन विभागीय उदासीनता, कर्मचारियों व श्रमिकों की कमी और कोरोना की वजह से ठप पड़े सुरक्षा और निर्माण कार्य आगामी महीनों में दिक्कतें खड़ी करेंगे। मार्ग में बने गड्ढो ने इस मार्ग को उबड़-खाबड़ मार्ग में बदल दिया है। एक दो स्थल पर धीमी गति से निर्माण कार्य चल रहा है।भूस्खलन के लिए अत्यंत संवेदनशील भेड़िया पखान में चौड़ीकरण का कार्य पूरा न हो पाने से  बड़े भूस्खलन की आशंका बढ़ रही है, जिससे दिक्कतें बढ़ेंगी।

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-आज भी गांव से 20 किमी दूर है सड़क, पलायन कर गए पुरुष, घायल व्यक्ति को महिलाओं ने कंधे पर पहुँचाया अस्पताल
-उच्च हिमालयी क्षेत्र में, सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं होने के कारण जहां पुरुष पलायन कर गए, महिलाएं पुरुष घायलों को भी कंधा दे रही हैं
नवीन समाचार, कपकोट (बागेश्वर), 4 मार्च 2020। केंद्र व राज्य की अनेकों योजनाओं के बीच प्रदेश में आज भी कई गांव सड़क और स्वास्थ्य जैसी तमाम सुविधाओं से 20 किलोमीटर तक दूर हैं। जनपद मुख्यालय से 25 किमी दूर कपकोट से करीब 45 किमी दूर कमोबेश मौत के कुंवे सी कच्ची व बेहद खतरनाक सड़क से होकर एक स्थान आता है बदियाकोट। उससे आगे के गांवों की तो कल्पना भी नहीं की जा सकती है। वहां न तो बाहरी दुनिया की खबरें ही पहुंचती हैं और न वहां की खबरें ही बाहर आ पाती हैं। ऐसा ही एक गांव में बोरबलड़ा। संभवतया पहली बार इस गांव से कोई खबर फोटो सहित बाहरी दुनिया में आई है। फोटो में महिलाएं अपने कंधों पर एक मरीज को ला रही हैं। वहीं खबर के अनुसार यहां पेड़ से गिरने के कारण 38 वर्षीय खिलाफ सिंह का पैर टूट गया। गांव सुविधाओं की कमी से पलायन की बुरी चपेट में है। गांव में पुरुषों की संख्या ही सीमित है। इसलिए कौन घायल खिलाफ सिंह को 20 किमी दूर पैदल बलियाकोट के स्वास्थ्य केंद्र लाये। ऐसे में गांव की प्रीति, चंद्रा, सावित्री व बबीता आदि महिलाएं आगे आईं और घायल को अपने कंधों पर 20 किमी पैदल ढोकर बदियाकोट के अस्पताल लायीं। यहां का अस्पताल भी मात्र फार्मासिस्ट के भरोसे चल रहा है, इसलिए घायल को यहां भी उपचार नहीं मिला। इस पर घायल को वाहन से 70 किमी दूर स्थित बागेश्वर के जिला चिकित्सालय भेजा गया। अंतराष्ट्रीय महिला दिवस पर इन महिलाओं के साहस को सलाम तो बनता है जो गांवों से असुविधाओं के कारण पलायन कर चुके पुरुष समाज को संदेश भी दे रही हैं कि वे हिमालय के करीब 12 माह बर्फ के बीच वे बेहद कठिन परिस्थितियों में बिना किसी सुविधा के बीच भी न केवल जी रही हैं, घर के साथ ही पालतू पशुओं के लिए चारा-पत्ती व ईंधन के लिए लकड़ियों का इंतजाम करती और खुद ही बैलों से खेत भी जोतती हैं, बल्कि पुरुषों को जरूरत पड़ने पर ‘कंधा’ भी दे रही हैं।

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