Shok Suchana

सुबह-सुबह दुर्घटना में शहर के प्रतिष्ठित व्यवसायी का निधन

  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

नवीन समाचार, हल्द्वानी, 12 जुलाई 2021। हल्द्वानी शहर की पहचान से जुड़े प्रतिष्ठान स्टेंडर्ड स्वीट्स के स्वामी दिनेश गुप्ता की सोमवार सुबह-सुबह दुर्घटना में असामयिक मृत्यु का दुःखद समाचार है। घटना पर किसी को विश्वास नहीं हो रहा। वरिष्ठ व प्रतिष्ठित व्यवसायी के इस तरह अचानक निधन के समाचार से उनके घर पर परिजनों के साथ ही शहर के व्यवसायिक जगत में सदमे का माहौल है और शोक छा गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार 62 वर्षीय दिनेश गुप्ता रोज की तरह सोमवार सुबह अपनी स्कूटी यूके04 बी-5324 से अपने अग्रसेन चौराहा रामपुर रोड स्थित प्रतिष्ठान की ओर जा रहे थे। तभी सुबह करीब 6.40 बजे उनकी स्कूटी को काठगोदाम से हल्द्वानी की ओर आ रहे एक ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबर्दस्त थी कि दिनेश ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने उनके शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया और त्वरित कार्रवाई करते हुए बागेश्वर निवासी बताए जा रहे ट्रक चालक तरेंद्र सिंह पुत्र बलवंत सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। (डॉ. नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : अभी-अभी उत्तराखंड उच्च न्यायालय के अधिवक्ता का STH हल्द्वानी में असामयिक निधन, शोक की लहर…

स्व.चौहान

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल 29 जून 2021। उत्तराखंड उच्च न्यायालय में वकालत करने वाले अधिवक्ता मंगल सिंह चौहान का बीती रात्रि असामयिक निधन हो गया। बताया गया है कि 49 वर्षीय चौहान बीते कुछ समय से पेट की बीमारी से ग्रस्त थे। कुछ समय पहले दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल से इलाज करा कर वह स्वस्थ होकर काम पर वापस लौटे थे. किंतु बीते दिवस पुनः स्वास्थ्य खराब हो जाने के कारण उन्हें हल्द्वानी के सुशीला तिवारी चिकित्सालय में भर्ती किया गया था। जहाँ मंगलवार देर रात्रि लगभग उनका असामयिक निधन हो गया। यह समाचार मिलते ही साथी अधिवक्ताओं में शोक की लहर फैल गयी है ।
मूल रूप से चमोली गौचर निवासी स्वर्गीय चौहान अपने पीछे पत्नी व दो बेटों को छोड़ गए हैं। उनके निधन पर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन अध्यक्ष अवतार सिंह रावत, सचिव विकास बहुगुणा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष डीसीएस रावत, संयुक्त सचिव शक्ति प्रताप सिंह व आशुतोष पोस्ती, पूर्व अध्यक्ष पूरन बिष्ट, पूर्व सचिव जयवर्धन कांडपाल, विनोद तिवारी, कमलेश तिवारी, संदीप तिवारी, भुवनेश जोशी, संजय भट्ट, महाधिवक्ता एसएन बाबुलकर, सीएससी चंद्रशेखर रावत, असिस्टेंट सॉलिसिटर जनरल राकेश थपलियाल, संजय भट्ट, कार्तिकेय हरि गुप्ता समेत अन्य अधिवक्ताओं ने गहरा शोक प्रकट किया है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। 

यह भी पढ़ें : वाल्मीकि पंचायत के अध्यक्ष मुन्ना प्रधान के निधन पर शोक की लहर

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 16 जून 2021। वाल्मीकि पंचायत के अध्यक्ष मुन्ना प्रधान का बीमारी के चलते मंगलवार को देर शाम निधन हो गया। इससे बाल्मीकि समाज में शोक की लहर दौड़ गई, और लोग शोक संवेदना व्यक्त करने उनके घर पहुंचने लगे। बाल्मीकि समाज के लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर भी दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए श्रद्धांजलि दी। 85 वर्षीय मुन्ना प्रधान वर्ष 2009 से लगातार नैनीताल बाल्मीकि पंचायत के अध्यक्ष थे। शोक संवेदना व्यक्त करने वालों में सरपंच गिरीश भैया, पूर्व सरपंच मनोज पवार, महामंत्री दिनेश कटियार, राजू लाल, रोहित कैशले, रवि सरदार, वीरेंद्र गॉड सरदार, संजय सौदा, धीरज कटिहार आदि शामिल रहे। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। 

यह भी पढ़ें : हल्द्वानी पहुंची पार्थिव देह, इंदिरा हृदयेश अमर रहे के नारों से गूंजा ‘संकलन’, सांसद भट्ट व बलूनी भी रहे मौजूद

-रात्रि नौ बजकर 10 मिनट पर हल्द्वानी स्थित आवास पर पहुंची डॉ. हृदयेश की पार्थिव देह
नवीन समाचार, हल्द्वानी, 13 जून 2021। लौह महिला कही जाने वाली नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश की पार्थिव देह रविवार रात्रि करीब नौ बजकर 10 मिनट पर हल्द्वानी स्थित उनके आवास ‘संकलन’ पर पहुंची तो ‘इंदिरा हृदयेश अमर रहे’ के नारे गूंज पड़े। साथ ही हर कोई अपनी प्रिय नेता की एक झलक पाने के लिए लालायित दिखाई दिया। इस दौरान भाजपा नेता क्षेत्रीय सांसद अजय भट्ट व राज्य सभा सांसद अनिल बलूनी के साथ ही भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप बिष्ट, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल के साथ ही कांग्रेस जिलाध्यक्ष सतीश नैनवाल, दीपक बल्यूटिया व राहुल छिम्वाल आदि कांग्रेस नेता भी संकलन में मौजूद रहे।
इससे पूर्व डॉ. हृदयेश के असामयिक निधन के बाद उनके हल्द्वानी स्थित आवास ‘संकलन’ पर उनकी स्मृतियों को साझा करते समर्थकों के शोर के बावजूद अजीब सी खामोशी पसरी हुई थी। लोग उनकी पार्थिव देह के अंतिम दर्शन करने के लिए सुबह से देर रात्रि तक घंटों से वहां जमे हुए थे। जबकि कुछ वरिष्ठ पार्टीजन उनकी पार्थिव देह को उनके आवास और पार्टी कार्यालय ‘स्वराज आश्रम’ में अंतिम दर्शनों के लिए रखने के प्रबंधों में जुटे हुए थे। वहीं रविवार पूर्वाह्न जब करीब साढ़े 11-12 बजे डॉ. हृदयेश के असामयिक देहांत का समाचार हल्द्वानी में उनके समर्थकों तक पहुंचा, लोग पहले तो इस समाचार की पुष्टि करने में जुट गए। पर जब डिजिटल व सोशल मीडिया पर इस संबंध में तेजी से समाचार आने लगे तो समर्थकों का रुख शहर के आवास विकास में सौरभ होटल स्थित संकलन की ओर होने लगा। लेकिन वहां डॉ. हृदयेश के कोई परिजन नहीं मिले। बताया गया कि सभी परिजन यह समाचार मिलते ही दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं। इसलिए पारिवारिक तौर पर भी अधिक जानकारियां समर्थकों को नहीं मिल पा रही थीं। इस बीच कुछ वरिष्ठ पार्टी कार्यकर्ताओं ने संकलन के बाहर टेंट आदि की व्यवस्था कर दी, और लोग यहां बढ़ते चले गए। अपराह्न साढ़े चार बजे उनकी पार्थिव देह को दिल्ली से हल्द्वानी लाए जाने की सूचना से भीड़ और बढने लगी। इस पर वहां प्रशासन की ओर पुलिस की अतिरिक्त व्यवस्था भी की गई है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। 

यह भी पढ़ें : दु:खद ब्रेकिंग : उत्तराखंड की राजनीति के लिए बड़ा दुःखद समाचार, नहीं रहीं नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 13 जून 2021। उत्तराखंड की राजनीति को बड़ा झटका देने वाली दुःखद खबर है। राज्य की नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व काबीना मंत्री डॉ. इंदिरा हृदयेश का असामयिक निधन हो गया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार डॉ. हृदयेश नई दिल्ली में थीं व एक दिन पूर्व शनिवार को कांग्रेस पार्टी के संसदीय दल की बैठक में शामिल हुई थीं। इसके बाद उनका प्रदेश में सामूहिक नेतृत्व में चुनाव लड़ने का बयान आया था। लेकिन बताया जा रहा है कि शनिवार सुबह उत्तराखंड सदन में प्रवास के दौरान उनका स्वास्थ्य बिगड़ा और हृदयाघात से उनका देहांत हो गया। उनका पार्थिव शरीर उनके हल्द्वानी स्थित आवास पर लाया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि वह कुछ दिन पूर्व कोरोना से भी संक्रमित हो गई थी। नैनीताल विधायक संजीव आर्य ने इस जानकारी की पुष्टि करते हुए बताया कि उनके पिता काबीना मंत्री यशपाल आर्य को आज सुबह 11 बजे डॉ. हृदय के निधन का दुःखद समाचार मिला। उन्होंने डॉ. हृदयेश के निधन पर शोक व्यक्त किया है। (हम इस समाचार पर लगातार बने हुए हैं। (इस संबंध में अपडेट इसी लिंक पर अपडेट किए जाएंगे। अपडेट देखने के लिए इस पोस्ट को रिफ्रेश करते रहें।) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : दुःखद: जिला मुख्यालय में मां-बेटी के बाद पुत्र की भी कोरोना से मौत…

नवीन समाचार, नैनीताल, 23 मई 2021। कोरोना की दूसरी लहर का प्रकोप नए संक्रमणों के मामलों में तो घट रहा है, पर मौतों को लेकर चिंता अभी भी बनी हुई है, और बुरी खबरों के आने का सिलसिला न चाहते हुए भी थम नहीं रहा है। गत दिनों उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री रहे भाजपा नेता श्रीचंद के परिवार में 9 दिनों के अंतराल में चार लोगों, स्वयं श्रीचंद, उनके पुत्र और दो पुत्रियों की मौत का दुःखद समाचार आया था। वहीं अब एक दौर में गगन साह सेठजी के नाम से विख्यात स्वर्गीय गजेंद्र लाल साह निवासी चीना हाउस मल्लीताल निवासी 94 वर्षीया नंदी साह की गत बृहस्पतिवार 20 मई को रात्रि करीब एक बजे निधन हो गया था। वह कोरोना संक्रमित होने के बाद घर में आइसोलेट थी जबकि उसी रात्रि करीब साढ़े 12 बजे उनकी उनकी अविवाहित पुत्री चीमा साह का भी हल्द्वानी के सुशीला तिवारी चिकित्सालय में कोरोना के उपचार के दौरान निधन हो गया। इसके अलावा स्व. नंदी साह के बड़े 74 वर्षीय पुत्र सज्जन साह का भी सुशीला तिवारी चिकित्साल में कोरोना का उपचार चल रहा था। अब समाचार यह है कि सज्जन साह की भी शनिवार को सुशीला तिवारी चिकित्साल में उपचार के दौरान मौत हो गई है। इसके बाद परिवार में दुःख का सैलाब उमड़ आया है।
इसके बाद सक्रिय हुए प्रशासन ने बीडी पांडे जिला चिकित्सालय की टीम के माध्यम से चीना हाउस क्षेत्र में इस परिवार के आसपास के 35 लोगों की कोरोना की रैपिड एंटीजन जांच की है, गनीमत रही कि जांच में सभी लोग कोरोना से सुरक्षित पाए गए हैं। साथ ही क्षेत्र को नगर पालिका द्वारा क्षेत्र को सेनेटाइज भी करवा दिया गया है।

यह भी पढ़ें : मां-बेटी एवं सुप्रसिद्ध संगीतकार का कोरोना से निधन, शोक की लहर..

नवीन समाचार, नैनीताल, 21 मई 2021। सरोवर नगरी में शुक्रवार को कोरोना संक्रमण के चलते मल्लीताल क्षेत्र में एक बुजुर्ग महिला व उनकी अविवाहिक पुत्री की मृत्यु हो गई है। इसके अलावा नगर निवासी प्रसिद्ध सितार वादक पंडित हरिकृष्ण शाह के भी दिल्ली के एक निजी अस्पताल में निधन का समाचार है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार नगर के मल्लीताल चीना हाउस निवासी 94 वर्षीया नंदी साह पत्नी स्वर्गीय गजेंद्र लाल साह (गगन साह सेठजी) संक्रमित होने के बाद घर में आइसोलेट थी जबकि उनकी अविवाहित पुत्री चीमा साह का हल्द्वानी के सुशीला तिवारी चिकित्सालय में कोरोना का उपचार चल रहा था। बीती रात्रि वृद्धा मां का नैनीताल स्थित अपने घर में और बेटी का सुशीला तिवारी अस्पताल में निधन हो गया। एक साथ मां व बेटी के निधन से उनके परिवार में जहां गहरे दुःख की स्थिति है, वहीं प्रतिष्ठित परिवार होने की वजह से आसपास के लोगों में भी दुःख है। बताया गया है कि स्व. नंदी साह के बड़े पुत्र सज्जन साह का भी सुशीला तिवारी चिकित्साल में उपचार चल रहा है।
इधर नगर में लगभग 30 वर्षों तक गीत एवं नाटक प्रभाग में कार्यरत रहे प्रसिद्ध सितार वादक पंडित हरिकृष्ण शाह का भी बृहस्पतिवार को दिल्ली के एक निजी अस्पताल में निधन होने का समाचार है। प्राप्त जानकारी के अनुसार मूलतः पीपलकोटी में जन्मे हरीकृष्ण शाह ने संगीत की शिक्षा सुप्रसिद्ध वीणा वादक स्वर्गीय डीआर पार्वतीकर से प्राप्त की थी। वह नगर के नैना देवी मंदिर के संचालक अमर उदय ट्रस्ट से भी जुड़े रहे और आकाशवाणी के लिए शास्त्रीय संगीत के कलाकार रहे, और विगत 15 वर्षों से ऋषिकेश में एक राष्ट्रीय स्तर का संगीत समारोह स्वामी आरडी पर्वतीकर (वीणा महाराज) के नाम से आयोजित करते आ रहे हैं। उनके निधन पर डॉ. विजय कृष्ण, दिनेश डंडरियाल, विशंभर नाथ साह ‘सखा’, नलिन ढोलकिया, डॉ. रेखा साह, डॉ. मृदुला कृष्ण, सुषमा डंडरियाल, जगमोहन जोशी, जगमोहन बिष्ट, जहूर आलम, रवि जोशी, राजेश पांडे, मनोज कांडपाल आदि ने शोक व्यक्त किया है।

यह भी पढ़ें : राज्य आंदोलनकारी संघर्ष समिति के जिलाध्यक्ष व प्रमुख व्यवसायी के निधन से शोक की लहर..

नवीन समाचार, नैनीताल, 15 मई 2021। नैनीताल नगर के प्रमुख आंदोलनकारी, 1994 के प्रथक उत्तराखण्ड राज्य आंदोलन से प्रमुख रूप से जुड़े उत्तराखण्ड राज्य नवनिर्माण आंदोलनकारी संघर्ष समिति के जिलाध्यक्ष, उत्तराखंड क्रांतिदल के पूर्व उपाध्यक्ष एवं नगर के प्रमुख व्यवसायी भवाली रोड स्थित न्यू शेर-ए-कुमाऊं रेस्टोरेंट के स्वामी 61 वर्षीय सुंदर सिंह नेगी का शनिवार को शाम 4 बजे हृदयाघात से असामयिक निधन हो गया। उनके निधन से मुख्यालय में राज्य आंदोलनकारियों की आवाज को राजधानी तक पहुंचाने वाली एक आवाज खामोश हो गई है। उनके निधन पर उत्तराखंड क्रांतिदल के पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष व विधायक डॉ. नारायण सिंह जंतवाल, नैनीताल विधान सभा के प्रभारी केएल आर्य, पानसिह सिजवाली, खीम सिह बिष्ट, प्रकाश पांडे, पूर्व नगर पालिकाध्यक्ष श्याम नारायण, भूपाल सिह, वीरेंद्र जोशी, मनोज साह, महेश जोशी, भुवन रावत, प्रकाश आर्य, मुनीर आलम व डॉ. नवीन जोशी सहित अनेक उत्तराखंड राज्य नवनिर्माण आंदोलनकारियों ने गहरा दुःख प्रकट करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति और इस दःुख की घडी मे शोकाकुल परिवार को दुख सहन करने के लिए ईश्वर से प्राथना कि है। स्वर्गीय नेगी अपने पीछे पत्नी भावना नेगी, पुत्र जगदीश नेगी व राकेश नेगी, दो बहूआं,े दो पोते व एक पोती आदि भरे-पूरे परिवार को रोता बिलखता छोड गये हैं।

यह भी पढ़ें : वर्चुअल शोक सभा से स्वर्गीय डॉ. सुचेतन को दी श्रद्धांजलि

नवीन समाचार, नैनीताल, 10 मई 2021। कुमाऊं विश्वविद्यालय परिवार के द्वारा मंगलवार को स्वर्गीय डॉ. सुचेतन साह जी को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए गूगल मीट ऐप के माध्यम से वर्चुअल शोक सभा का आयोजन किया गया। सभा का संचालन करते हुए प्रो. ललित तिवारी जी ने कहा कि डॉ. साह डीएसबी परिसर नैनीताल में सहायक पुस्तकालयाध्यक्ष के पद के साथ ही कुमाऊं विश्वविद्यालय शिक्षक संघ-कूटा में भी महासचिव व बी.लिब के समन्वयक थे। वह छात्र जीवन में डीएसबी परिसर के छात्र संघ महासचिव के पद पर भी रहे। शोक सभा में देशभर से विभिन्न पुस्तकालयों के पुस्तकालयाध्यक्ष, कई जाने-माने प्रकाशक तथा डीएसबी परिसर, एसएसजे परिसर अल्मोड़ा व भीमताल परिसर के साथ ही अन्य विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के साथ ही पूर्व कुलपति प्रो. डीके नौड़ियाल, सीआरएसटी ओल्ड बॉयज के अध्यक्ष जगदीश बवाड़ी, प्रो. संजय पंत, प्रो. अतुल जोशी, प्रो. राजीव उपाध्याय, प्रो.नीता बोरा शर्मा, डॉ. नागेंद्र शर्मा, प्रो. अनिल जोशी, प्रो. इला साह, कार्यपरिषद सदस्य अरविंद पडियार, झारखंड से प्रो. एसके पांडे, प्रो. एमपीएन खान, प्रो. एमपी सिंह, संतोष कुमार, डॉ विभाष के मिश्रा, डॉ. चंद्र शेखर, डॉ. बी एस कालाकोटी, डॉ. चारु तिवारी, डॉ. हेम चंद्र, डॉ. रितेश साह, डॉ. महेंद्र राणा, डॉ. विजय कुमार, डॉ. सोहेल जावेद, डॉ. ललित मोहन, डॉ. दीपिका गोस्वामी, डॉ. हिमांशु लोहनी, डॉ.गगन होती, डॉ. कृष्ण कुमार टम्टा, डॉ. दीपिका पवार, डॉ. बृजमोहन, डॉ. स्वर्णिका साह, डॉ. अभिलाषा साह व गायत्री लोहनी ने अपने विचार रखे और बताया कि वे सरल व्यक्तित्व के धनी थे तथा हमेशा क्रियात्मक कार्य करते हुए पुस्तकालय के विकास में सोचते थे।

यह भी पढ़ें : नैनीताल का एक और युवा-कुमाऊं विश्वविद्यालय के पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ. सुचेतन कोरोना से जंग हारे…

नवीन समाचार, नैनीताल, 8 मई 2021। कोरोना से प्राणवायु ऑक्सीजन एवं उपकरणों के स्तर के साथ ही मानसिक मजबूती व सकारात्मकता के साथ चल रहे युद्ध में जहां प्रतिदिन सैकड़ों लोग स्वस्थ भी हो रहे हैं, वहीं शुक्रवार रात्रि नगर के एक बेहद प्रतिभावान युवा-डॉ. सुचेतन साह युद्ध हार गए। सुचेतन मात्र 43 वर्ष के थे। कुमाऊं विश्वविद्यालय के डीएसबी परिसर में पुस्तकालयाध्यक्ष एवं कुमाऊं विश्वविद्यालय शिक्षक संघ-कूटा के महासचिव के साथ ही उत्तराखंड पुस्तकालय संघ व अंतर्राष्ट्रीय पुस्तकालय संघ-सिपला के सदस्य, इग्नू के सहायक समन्वयक व सहायक अधिष्ठाता छात्र कल्याण जैसे पदों पर कार्यरत रहे व फ्रांस भी गए तथा पूर्व में दिल्ली विश्वविद्यालय में भी अपनी सेवाएं दे चुके डॉ. सुचेतन ने दो वर्ष पूर्व ही पीएचडी की डिग्री हासिल की थी। वह नगर के मल्लीताल बेकरी कंपाउंड क्षेत्र में अपनी पूर्व शिक्षिका माता, सेंट मेरीज कॉन्वेंट कॉलेज नैनीताल में कार्यरत पत्नी डॉ. कणिका एवं तीन बच्चियों के साथ रहते थे। बच्चियों में बड़ी 8-9 वर्ष की और दो करीब करीब तीन वर्ष की जुड़वा हैं।
सुचेतन गत 26 अप्रैल को कोरोना ग्रस्त हो गए थे। इसके बाद उन्हें हल्द्वानी के सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। यहां उन्हें प्लाज्मा भी चढ़ाया गया था। दो दिन पूर्व उनके स्वास्थ्य में सुधार भी हो रहा था। एक युवा होने के नाते उम्मीद की जा रही थी कि वह सकारात्मकता के साथ वापस लौटेंगे। उनके स्वास्थ्य के प्रति डीएम धीराज गर्ब्याल के स्तर से भी चिंता व्यक्त की जा रही थी, एवं उनके स्वास्थ्य पर नजर थी, किंतु शुक्रवार को पुनः फंगल इंफेक्शन होने के बाद रात्रि करीब 10 बजे उनका देहावसान हो गया। शनिवार को उनके परिजनों द्वारा शव प्राप्त करने की प्रक्रिया की जा रही है। इसके बाद उनका अंतिम संस्कार हल्द्वानी में ही कोविद रोगियों के लिए बनाए गए विशेष श्मशान घाट में तय मानकों एवं नियमों के अनुसार किया जाएगा।
उनके निधन का समाचार सुनते ही मुख्यालय में शोक की लहर छा गई है। कूटा के अध्यक्ष प्रो. ललित तिवारी, कुलपति प्रो. एनके जोशी, पूर्व कुलपति प्रो. डीके नौड़ियाल, प्रो. एचएस धामी, प्रो. नागेश्वर राव, डीएसबी परिसर के निदेशक प्रो. एलएम जोशी, प्रो. देवेंद्र बिष्ट, विधान चौधरी, कुलसचिव डॉ. दिनेश चंद्रा, प्रो. संजय पंत, डॉ. अमित जोशी, डॉ. निर्मल बसेड़ा, डॉ. सुरभि गुंबर, डॉ. विजय कुमार, डॉ. मनोज धौनी, डॉ. पुष्पा जोशी, डॉ. छवि, डॉ. बृज, डॉ. हिमांशु लोहनी, डॉ. आईएस नेगी, डॉ. मोहन मेहता, डॉ.एचसी जोशी, नवीन जोशी ‘कन्नू’, डॉ. दया कृष्ण पांडे, डॉ. दिकेश लोशाली, डॉ. आरसी पडलिया, डॉ. गोकुल सिंह सत्याल, डॉ. निशा, डॉ. रितेश साह, डॉ. बीना फुलारा, डॉ. श्वेता पांडे, नवीन पालीवाल, बीआर पंत, डॉ. गीता तिवारी, डॉ. सविता जोशी, डॉ. उमा मेलकानिया, डॉ. साधना पंत, डॉ. अनीता बोरा, डॉ. कमला बोरा, डॉ. भाष्कर जोशी, प्रकाश पांडे, डॉ. दीपिका पंत, वी बेदी, डॉ. उर्वशी, डॉ. एसएस कुंजवाल, डॉ.ज्योति कांडपाल, डॉ. सौम्य कुमार, डॉ. रवीश त्रिपाठी, डॉ. आशा कोरंगा गड़िया, सुरेश पंत, गौरव बिष्ट,, डॉ. जया तिवारी, डॉ. दीपिका गोस्वामी, डॉ. प्रदीप कुमार, डॉ. राजीव उपाध्याय, डॉ. चारु जीवन सिंह, डॉ. सुषमा टम्टा, डॉ. जीसीएस नेगी, डॉ.एनएस बनकोटी, डॉ. आरएस फर्त्याल, डॉ. सुबोध ऐरी, प्रो. एनएस बिष्ट, बीएसएसवी के प्रधानाचार्य बिशन मेहता, डॉ. शिवानी रावत, प्रो. पीएस बिष्ट, डॉ. एसएन ओझा, वीरेंद्र जोशी, कार्यपरिषद सदस्य कैलाश जोशी, डॉ. गजेंद्र सिंह, डॉ. नंदन सिंह बिष्ट, डॉ. एचएस नयाल, डॉ. नवीन जोशी, डॉ. गोविंद रावत, राजेंद्र लाल साह, डॉ. केतकी तारा कुमैया, संतोष पांडे, गौतम शर्मा व डॉ. प्रभा पंत सहित उन्हें श्रद्धांजलि देने वालों की लंबी सूची है। कुमाऊं विश्वविद्यालय शिक्षेत्तर कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष भूपाल सिंह करायत, महामंत्री डॉ. लक्ष्मण सिंह रौतेला, कोषाध्यक्ष राजेन्द्र कुमार एवं प्रशासनिक भवन शाखा अध्यक्ष दीपक बिष्ट, सचिव नवल बिनवाल, डीएसबी परिसर शाखा अध्यक्ष एनबी पालीवाल, सचिव कुंवर सिंह एवं भीमताल परिसर सचिव मनोज रौतेला सहित अन्य पदाधिकारियों व विश्वविद्यालय के अन्य कर्मचारियों ने भी उनके निधन पर भारी दुख व्यक्त करते हुए उनके निधन को कुमाऊं विश्वविद्यालय के निए अपूरणीय क्षति बताया है।

यह भी पढ़ें : केंद्रीय मंत्री, कौशिक, प्रो. बिष्ट, साह व मंटू आदि के निधन से नैनीताल में शोक की लहर..

नवीन समाचार, नैनीताल, 19 अप्रैल 2021। एक साथ कई दुःखद समाचार हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री बची सिंह रावत के साथ ही भारतीय सूचना सेवा के अधिकारी, उत्तराखंड दूरदर्शन के निदेशक एवं अपर महानिदेशक नरेंद्र कुमार कौशल तथा कुमाउनी के लब्ध प्रतिष्ठ साहित्यकार तथा कुमाऊं विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त पूर्व हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. शेर सिंह बिष्ट के कोरोना की वजह से निधन से मुख्यालय में भी शोक की लहर है। भाजपा के साथ ही आम आदमी पार्टी एवं कुमाऊं विश्वविद्यालय शिक्षक संघ-कूटा के कार्यकर्ताओं ने भी स्वर्गीय रावत के निधन पर शोक जताया है। वहीं मुख्यालय में होटल व्यवसायी मानवेंद्र साह ‘मंटू’ एवं रमेश साह का भी निधन हो गया है। स्वर्गीय मानवेंद्र साह की पत्नी सेंट मेरीज कॉन्वंेट कॉलेज में शिक्षिका हैं। उनकी माता पुष्पा साह एवं स्वर्गीय रमेश साह की बहन गीता साह नगर के लेक सिटी वेलफेयर क्लब की सदस्य हैं।
उधर स्वर्गीय नरेंद्र कौशल के निधन पर क्षेत्रीय लोक संपर्क ब्यूरो नैनीताल में आज एक शोक सभा का आयोजन किया गया जिसमें प्रादेशिक लोक संपर्क ब्यूरो देहरादून में पदस्थापित विभाग के भारतीय सूचना सेवा के अधिकारी एवं अपर महानिदेशक नरेन्द्र कुमार कौशल के असामयिक निधन पर शोक व्यक्त किया गया। वहीं स्वर्गीय बची सिंह रावत को श्रद्धाजलि देने वालों में हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अवतार सिंह रावत, उपाध्यक्ष डीसीएस रावत, सचिव विकास बहुगुणा सहित शक्ति सिंह, आशुतोष पोस्ती, मनी कुमार, प्रभा नैथानी, भुवनेश जोशी, अतुल बहुगुणा, योगेश शर्मा, सिद्धार्थ जैन व नेहा खत्री आदि ने शोक सभा आयोजित कर श्रद्धांजलि दी। उत्तराखंड क्रांति दल के पूर्व विधायक एवं पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष डॉ. नारायण सिंह जंतवाल ने भी पूर्व केंद्रीय मंत्री बची सिंह रावत के असामयिक निधन पर शोक संवेदना व्यक्त की है। उधर आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप दुम्का, नगर अध्यक्ष शाकिर अली, जिला महामंत्री देवेंद्र लाल, विनोद कुमार, नगर महामंत्री महेश आर्य, विधानसभा सचिव डा. भुवन आर्य, प्रदीप साह, हरीश बिष्ट, सुनील कुमार, उमेश तिवारी, विजय साह, निम्मो भाई, नवीन उप्रेती, सतनाम सिंह, मोहम्मद शान बुरहान आदि भी शाामिल रहे। वहीं, भारतीय जनता पार्टी की नगर इकाई की ओर से ओर से आयोजित शोक सभा में नगर मंडल अध्यक्ष आनंद बिष्ट, उपाध्यक्ष भूपेंद्र बिष्ट, विधायक प्रतिनिधि अरविंद पडियार, नवीन जोशी ‘कन्नू’, किशन पांडे, कुंदन बिष्ट, दया बिष्ट, रोहित भाटिया, विश्वकेतु वैद्य, देवेंद्र बगडवाल, राजेंद्र कैड़ा व राहुल पुजारी आदि कार्यकर्ता शामिल रहे।

यह भी पढ़ें : भाजपा की सक्रिय सदस्य रानी साह के निधन से भाजपाई स्तब्ध

नवीन समाचार, नैनीताल, 30 मार्च 2021। नगर की सक्रिय भाजपा कार्यकत्री रानी साह के असामयिक निधन का समाचार है। लगभग 50 वर्षीय स्वर्गीय साह के अचानक निधन की सूचना से भाजपा कार्यकर्ता स्तब्ध हैं। वह अपने पीछे एक पुत्र, एक पुत्री, अपने पति और अपनी सास और अन्य पारिवारिक सदस्यों का छोड़ गई हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार वह बीते करीब छह माह से पेनक्रियाज की गंभीर समस्या से ग्रस्त थीं। इसका उनका दिल्ली में उपचार चल रहा था। बीती रात्रि चिकित्सकों द्वारा जवाब दे दिये जाने पर परिजन उन्हें बीती रात्रि ही घर ले आए थे। लेकिन रात्रि में ही स्वास्थ्य खराब हो जाने पर उन्हें बीडी पांडे जिला चिकित्सालय ले जाया गया, जहां उन्हें बचाया नहीं जा सका। इसके बाद स्थानीय पाइन्स स्थित श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।

स्वर्गीय रानी साह

स्वर्गीय रानी साह पार्टी के साथ ही नगर की महिलाओं के संगठन-लेक सिटी वेलफेयर क्लब में जुड़ाव सहित धार्मिक, सामाजिक कार्यों में भी बढ़-चढ़कर योगदान देती थीं। साथ ही रॉयल होटल के समीप अपने प्रतिष्ठान सर्वोदय पुस्तक भंडार पर भी योगदान देती थीं। पिछले वर्ष होली में वह तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का स्वांग करते हुए काफी पसंद की गई थीं। उनके असामयिक निधन पर नैनीताल विधायक संजीव आर्य, मंडल अध्यक्ष आनंद बिष्ट, वरिष्ठ उपाध्यक्ष भूपेंद्र बिष्ट, पूर्व उपाध्यक्ष अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद नवीन जोशी कन्नू, नगर पालिका के मनोनीत सभासद मनोज जोशी, प्रकाश सती, केएमवीएन के निदेशक कुंदन बिष्ट, अरविंद पडियार, हरीश राणा, विवेक साह व संतोष साह सहित अनेक भाजपा कार्यकर्ताओं ने शोक व्यक्त किया है।

यह भी पढ़ें : नहीं रहे विश्व पर्वतीय भूगोल के विशेषज्ञ प्रो. चंद

नवीन समाचार, नैनीताल, 27 मार्च 2021। कुमाऊं विश्वविद्यालय के डीएसबी परिसर में भूगोल विभाग के पूर्व विधागाध्यक्ष एवं कला संकाय के अध्यक्ष रहे प्रो. रघुवीर चंद के बारे में बुरा समाचार है। बीती रात्रि उनका असामयिक निधन हो गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार 64 वर्षीय प्रो. चंद काफी समय से अस्वस्थ थे और दिल्ली से उनका उपचार चल रहा था। दो दिन पूर्व ही वह दिल्ली से लौटे थे। इधर बीती रात्रि स्वास्थ्य खराब होने पर परिजन उन्हें निकटवर्ती रैमजे चिकित्सालय ले गए, किंतु उन्हें बचाया नहीं जा सका। उनके असामयिक निधन के समाचार से कुमाऊं विश्वविद्यालय में शोक छा गया है। बताया गया है कि थोड़ी देर में उनकी अंतिम यात्रा पाइंस स्थित श्मशान घाट के लिए रवाना होगी।

प्रो. रघुवीर चंद

मूल रूप से पिथौरागढ़ जनपद के निवासी प्रो. चंद ग्रामीण चकबंदी पर कार्य कर रहे थे। उन्होंने हिमालय के साथ ही अलास्का से लेकर एंडीज पर्वत श्रृंखलाओं की यात्रा की थी, इस तरह पूरी दुनिया के पर्वतीय भूगोल के विशेषज्ञ थे। वह हर वर्ष हिमालयी अन्वेषक पंडित नैन सिंह पर व्याख्यानमाला आयोजित करते थे, जिसमें जानी-मानी हस्तियां भाग लेती थीं। उनके निर्देशन में 20 से अधिक विद्यार्थी पीएचडी की डिग्री प्राप्त कर चुके हैं। वह अपने पीछे पत्नी व दो पुत्रियों को छोड़ गए हैं। कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.एनके जोशी, परिसर निदेशक प्रो. एलएम जोशी, संकायाध्यक्ष प्रो. अतुल जोशी, प्रो. सुरेश सती, प्रो. आरके पांडे, कुमाऊं विश्वविद्यालय शिक्षक संघ-कूटा के अध्यक्ष प्रो. ललित तिवारी, प्रो. आरके पांडे, डॉ. युगल जोशी, प्रो. आरसी जोशी, प्रो. संजय पंत, प्रो. हरीश बिष्ट व डॉ. गोकुल सत्याल सहित कूटा के डॉ. विजय कुमार, डॉ. सुचेतन साह, डॉ. दीपक कुमार, डॉ. दीपिका गोस्वामी, डॉ. सोहेल जावेद, डॉ. प्रदीप, डॉ. पैनी जोशी, डॉ. गगन होती, डॉ. मनोज धुनी, डॉ. सीमा चौहान व डॉ. रितेश आदि ने उनके निधन पर गहरा दुःख जताया है। ‘नवीन समाचार’ भी प्रो. चंद के निधन पर हार्दिक श्रद्धांजलि व्यक्त करता है।

यह भी पढ़ें : राजकीय इंटर कॉलेज के व्यायाम शिक्षक की असामयिक मौत

नवीन समाचार, नैनीताल, 13 फरवरी 2021। मुख्यालय स्थित शहीद मेजर राजेश अधिकारी राजकीय इंटर कॉलेज में व्यायाम शिक्षक के पद पर कार्यरत अजय कुमार का शनिवार को असामयिक निधन हो गया। वे करीब 57 वर्ष के थे। प्राप्त जानकारी के अनुसार राजेश शुक्रवार को घर के बाथरूम में फिसल गए थे। इससे उनके सिर में चोट लगी थी।

स्वर्गीय व्यायाम शिक्षक अजय कुमार।

इधर शनिवार को स्वास्थ्य अधिक खराब होने पर परिजन उनको बीडी पंाडे जिला चिकित्सालय लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। राइंका के प्रभारी प्रधानाचार्य संजय पांडे ने बताया कि वह पिछले दो-तीन माह से आगामी 15 फरवरी तक के लिए टीआरएच में कोविद ड्यूटी पर थे। उनकी एक पुत्री का विवाह हो चुका है, जबकि बीटेक कर चुका बेटा दिल्ली में नौकरी में है। यहां घर में वह अपने माता-पिता व पत्नी के साथ रहते थे। व्यायाम शिक्षक के इस तरह असामयिक निधन की सूचना से नगर में शोक की लहर है।

यह भी पढ़ें : शिक्षक प्रो. जोशी व साह के निधन से शोक

नवीन समाचार, नैनीताल, 29 जनवरी 2021। गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय हरिद्वार के पर्यावरण विज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो. पीसी जोशी का बृहस्पतिवार को को 55 वर्ष की उम्र में असामयिक निधन हो गया। उनके निधन ने कुमाऊं विश्वविद्यालय में भी शोक छा गया। कुमाऊं विश्वविद्यालय शिक्षक संघ-कूटा के अध्यक्ष प्रो. ललित तिवारी ने बताया कि स्वर्गीय जोशी डीएसबी परिसर से जंतु विज्ञान में परास्नातक थे एवं यहीं से उन्होंने पीएचडी किया था। कूटा ने उन्हें शोक व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि दी है, तथा शोकाकुल परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है। शोक व्यक्त करने वालों में प्रो. ललित तिवारी के साथ ही डॉ. सुचेतन साह, डॉ. विजय कुमार, डॉ. दीपक कुमार, डॉ.दीपिका गोस्वामी, डॉ. सुहेल जावेद, डॉ. प्रदीप कुमार, डॉ. सीमा चौहान, डॉ. पैनी जोशी तथा डॉ. रीतेश साह इत्यादि शामिल रहे।
इधर नगर के सेंट जोसफ कॉलेज के करीब 80 वर्षीय पूर्व शिक्षक शिरीष चंद्र साह का भी निधन हो गया है। उनके निधन से उनके परिजनों के साथ ही उनके पढ़ाए तत्कालीन छात्रों में भी शोक व्याप्त है। उनके पूर्व छात्र अरुण कुमार साह ने बताया कि वह बीते कुछ समय से बीमार थे।

यह भी पढ़ें : केएमवीएन के मंडलीय लेखाकार व डीएसए के पूर्व फुटबाल सचिव का कोरोना एवं अन्य बीमारियों से असामयिक निधन

नवीन समाचार, नैनीताल, 18 जनवरी 2021। कुमाऊं मंडल विकास निगम के मंडलीय लेखाकार व डीएसए के पूर्व फुटबाल सचिव कैलाश बिष्ट का बीती रात्रि असामयिक निधन हो गया। बताया गया है कि करीब 58 वर्षीय बिष्ट पिछले करीब डेढ़ साल से लीवर यानी यकृत की समस्या से ग्रस्त थे और नियमित रूप से उनका दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में उपचार चल रहा था। पारिवारिक सदस्यों ने बताया कि हाल में उनका पूरा संयुक्त परिवार ही कोरोना ग्रस्त हुआ था। जबकि इधर करीब एक सप्ताह पहले बीमार होने पर दिल्ली गंगाराम अस्पताल ले जाया गया था। वहां पहले वह कोरोना निगेटिव आए थे। लेकिन इधर बताया गया कि कोराना से ग्रस्त थे।
इसी दौरान रविवार रात्रि करीब दो बजे उनका चिकित्सालय में ही उपचार के दौरान आकस्मित निधन हो गया और दिन में ही उनके पार्थिव शरीर को कोविड-19 के तय प्राविधानों के तहत एम्बुलेंस से अपरान्ह करीब डेढ़ बजे नैनीताल क्लब के निकट स्थित आवास पर लाया गया। यहां करीब दो मिनट के लिये एम्बुलेंस रुकी, किंतु पार्थिव शरीर को उनके परिजनों के अनुरोध के बावजूद एम्बुलेंस से बाहर नहीं निकाला गया और एम्बुलेंस में ही शव को पाईंस ले जाया गया और कोविड-19 के तय प्राविधानों के तहत पाईंस स्थित श्मशान घाट में में उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। उनका एक बेटा व एक बेटी है। दुर्योग से पिछले वर्ष आज के दिन ही उनके बेटे की शादी हुई थी। वह फुटबाल व अन्य खेलों के उत्कृष्ट खिलाड़ी भी रहे थे। उल्लेखनीय है कि उनके बड़े भाई प्रो. डीएस बिष्ट डीएसबी परिसर में डीएसडब्ल्यू, एक भाई नरेंद्र बिष्ट रेलवे दिल्ली में तथा सबसे छोटे भाई डॉ. मनोज बिष्ट अम्तुल्स पब्लिक स्कूल में उप प्रधानाचार्य हैं। कुमाऊं मंडल विकास निगम एवं कुमाऊं विवि के अधिकारियों-कर्मचारियों व कुमाऊं विवि शिक्षक संघ-कूटा के अध्यक्ष प्रो. ललित तिवारी सहित सहित अन्य सदस्यों तथा डीएसए एवं व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने भी उनके आवास पर पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि व उनके परिजनों को सांत्वना दी।

यह भी पढ़ें :पान व्यवसायी का गले के कैंसर से निधन

नवीन समाचार, नैनीताल, 16 जनवरी 2021। नगर के तल्लीताल बाजार के पान व्यवसायी बंशी चौधरी का बीती रात्रि जयपुर में असामयिक निधन हो गया। बताया गया कि वह गले के कैंसर से पीड़ित थे। इसका जयपुर में उपचार चल रहा था। बेहद शांत, सरल व सज्जन स्वभाव के 67 वर्षीय स्वर्गीय चौधरी अपने पीछे दो पुत्र व पत्नी को छोड गए हैं। उनके बड़े पुत्र विक्की चौधरी व्यवसायी व पत्नी शिक्षिका हैं। जबकि छोटे पुत्र हर्षवर्धन साह ने अभी हाल ही में नेट की परीक्षा उत्तीर्ण की है। उनके पार्थिव शरीर को मुख्यालय लाया जा रहा है, जिसके बाद रविवार को उनका निकटवर्ती पाइंस स्थित श्मशान घाट में अंतिम संस्कार किया जाएगा। वहीं तल्लीताल व्यापार मंडल के उपाध्यक्ष अमनदीप सिंह ‘सनी’ ने बताया कि उनके असामयिक निधन पर सोमवार को तल्लीताल बाजार में शोक सभा की जाएगी।

यह भी पढ़ें : ‘दीपक’ के बाद उत्तराखंड की पत्रकारिता का एक और ‘दीप’ असामयिक बुझा…

नवीन समाचार, नैनीताल, 12 जनवरी 2021। प्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार, 1992 से यानी पिछले करीब तीन दशक से अमर उजाला समाचार पत्र से जुड़े, अल्मोड़ा में ब्यूरो प्रभारी-वरिष्ठ उप संपादक के पद पर कार्यरत दीप जोशी का बीती रात्रि असामयिक निधन हो गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार करीब 52 वर्षीय दीप जोशी ने बीती रात्रि 12 बजकर 40 मिनट पर दिल्ली के नेशनल हार्ट इंस्टीट्यूट में अंतिम सांस ली। वह अपने पीछे पत्नी एवं पुत्र को रोता-बिलखता छोड़ गए हैं। स्वर्गीय दीप जोशी के साढ़ू भाई जगदीश जोशी ने बताया कि उनका अंतिम संस्कार मंगलवार पूर्वाह्न रानीबाग स्थित चित्रशिला घाट पर कर दिया गया है। उल्लेखनीय है कि बीते माह ही उत्तराखंड ने दीपक उप्रेती के रूप में अमर उजाला से सेवानिवृत्त हुए वरिष्ठ पत्रकार को खोया था। इससे पूर्व भी विगत वर्ष देहरादून में हिंदुस्तान टाइम्स में कार्यरत पश्चिमी खेड़ा गौलापार हल्द्वानी निवासी वरिष्ठ पत्रकार दीप जोशी का भी असामयिक निधन हो गया था। इस प्रकार पुनः उत्तराखंड की पत्रकारिता के एक ‘दीप’ के इस तरह बुझ जाने से उत्तराखंड की पत्रकारिता में एक शून्य सा उत्पन्न हो गया है।
मूल रूप से नैनीताल जनपद के भीमताल निवासी दीप जोशी उन पत्रकारों में शामिल हैं, जिन्होंने उस दौर में बरेली से प्रकाशित अमर उजाला को पहाड़ में स्थापित करने में बड़ी भूमिका निभाई। स्तरीय एवं निश्पक्ष तथा जनसरोकारों से जुड़ी पत्रकारिता तथा साफगोई से लिखने के लिए पहचाने जाने वाले अब भी अल्मोड़ा के नृसिंहबाड़ी स्थित आनंद निवास में किराये पर रहते थे। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार बीते माह 11 जनवरी को वे खुशी-खुशी अपनी शादी की सालगिरह के कार्यक्रम में शामिल रहे थे। इसके काफी दिनों बाद स्वास्थ्य में गिरावट होने पर वह स्वयं ही हल्द्वानी के निजी चिकित्सालय में खुद को दिखाने गए थे। लेकिन स्वास्थ्य में सुधार न होने पर उन्हें नई दिल्ली ले जाया गया था। जहां एक-दो दिनों से उनकी स्थिति नाजुक हो गई थी। इधर आगामी 16 फरवरी को ही उनका जन्मदिन था। उनके असामयिक निधन पर पत्रकारिता जगत में शोक की लहर है। ‘नवीन समाचार’ भी स्वर्गीय दीप जोशी के असामयिक देहांत पर शोक संतप्त है, एवं श्रद्धांजलि व्यक्त करता है।

यह भी पढ़ें : नैनीताल के प्रतिष्ठित विद्यालय-सेंट जोसफ कॉलेज के पूर्व प्रधानाचार्य का निधन

नवीन समाचार, नैनीताल, 11 जनवरी 2021। नैनीताल के प्रतिष्ठित विद्यालय-सेंट जोसफ कॉलेज के पूर्व प्रधानाचार्य ब्रदर ग्रेग फर्नांडेज का रविवार अपराह्न 76 वर्ष की आयु में दिल्ली में हृदयाघात से निधन हो गया। ब्रदर फर्नांडेज गत 7 जनवरी को ही नैनीताल से दिल्ली गए थे। वे भौतिकी के बेहतरीन शिक्षक और बहुगुणी व्यक्तित्व के धनी व्यक्ति थे। ब्रदर फर्नांडेज 1979 से 1981 तक सेंट जोसफ विद्यालय में प्रधानाचार्य और उसके बाद विभिन्न पदों पर कार्यरत रहे। ब्रदर फर्नांडेज भारतीय वायुसेना के सेवनिवृत्त पायलट भी थे। वे सेंट जोसफ कॉलेज के तत्कालीन व पूर्व विद्यार्थियों में काफी लोकप्रिय थे। बताया गया है कि उनका अंतिम संस्कार मंगलवार 12 जनवरी को दिल्ली में बंगला साहिब गुरुद्वारा के पीछे स्थित सेक्रेड हर्ट कैथेड्रल व यॉर्क सेमेस्ट्री कब्रस्तान में किया जाएगा। सेंट जोसफ कॉलेज के प्रधानाचार्य ब्रदर हैक्टर पिंटो व ब्रदर सुपीरियर रायन सहित समस्त विद्यालय कर्मियों एवं पूर्व छात्रों ने ब्रदर ग्रेग फर्नान्डेज को श्रद्धांजलि अर्पित की है।

यह भी पढ़ें : 1962 और 1965 युद्ध के जांबाज पूर्व सैनिक का निधन..

नवीन समाचार, देहरादून, 06 जनवरी 2020। 1962 के भारत-चीन युद्ध और 1965 में भारत-पाक युद्ध के सेनानी रहे 14 कुमाऊँ रेजीमेंट के जांबाज पूर्व सैनिक ज्ञान सिंह कार्की का निधन हो गया। पिथौरागढ़ जनपद में थल के पास पुगराऊ पट्टी के हिपा गांव निवासी 91 वर्षीय ज्ञान सिंह के निधन पर क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। सरोवर नगरी से भी उनका रिश्ता रहा है। उनके छोटे भाई स्वर्गीय भीम सिंह कार्की राजकीय पॉलीटेक्निक नैनीताल में कार्यरत रहे। उनके भतीजे भूपाल कार्की नगर पालिका परिषद नैनीताल के पूर्व सभासद और शिवसेना के प्रदेश महामंत्री हैं। बुधवार दोपहर उनके ज्येष्ठ पुत्र रमेश कार्की एवं छोटे बेटे जगत सिंह कार्की ने थल स्थित़ रामगंगा नदी के घाट पर स्वर्गीय कार्की को मुखाग्नि दी।

यह भी पढ़ें : सुप्रसिद्ध कुमाउनी साहित्यकार अनिल भोज का निधन…

Image may contain: 1 personनवीन समाचार, हल्द्वानी, 04 जनवरी 2020। कुमाउनी लोक भाषा के सुप्रसिद्ध रचनाकार एवं मुख्य शिक्षा अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त शिक्षाविद् अनिल भोज नही रहे। सोमवार को उनका 67 वर्ष की आयु में देहांत हो गया। वह बीते कुछ समय से बीमार चल रहे थे। प्राप्त जानकारी के अनुसार बीेते शनिवार को अचानक उनकी तबियत बिगड़ने के बाद परिजन उन्हें हल्द्वानी से दिल्ली ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही गजरौला के पास उनका निधन हो गया। उनके निधन से हर तरफ शोक की लहर दौड़ गई है। प्रदेश एवं खासकर कुमाउनी साहित्यकारों ने उनके निधन को अपूरणीय क्षति बताते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है। 1980 के दशक में अल्मोड़ा में उन्होंने दीपक कार्की के साथ ‘ब्याण तार’ नामक हस्त लिखित फोल्डर पत्रिका के रूप में कुमाउनी लोक भाषा को आगे बढ़ाने का उत्कृष्ट कार्य किया था। ‘पछ्यांण’, ‘किरमोई तराण’, गद्यांजलि, कुमगढ़ व पहरू सहित अनेक कुमाउनी संकलनों व भाषाई पत्रिकाओं से भी उनका जुड़ाव रहा था।
उल्लेखनीय है कि 25 जून 1954 को अल्मोड़ा में जोगा राम भोज व मोहिनी देवी व पिता के घर में जन्मे स्व. भोज का कुमाउनी भाषा के विकास में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। अल्मोड़ा राइंका में भौतिकी के प्रवक्ता के रूप में भी उनके कार्यकाल को भी याद किया जाता है। बाद में वह नैनीताल एवं ऊधमसिंह नगर जिलों के मुख्य शिक्षा अधिकारी रहे व इसी पद से सेवानिवृत्त हुए थे। उनके निधन पर डॉ. दिवा भट्ट, कुमगढ़ के संपादक दामोदर जोशी ‘देवांशु’, पहरू के संपादक डॉ. हयात सिंह रावत, नवीन जोशी ‘नवेंदु’, ललित तुलेरा, दीपक कार्की सहित अनेक कुमाउनी रचनाकारों ने गहरा शोक प्रकट किया है।

यह भी पढ़ें : वरिष्ठ अधिवक्ता का असामयिक निधन, आज न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे अधिवक्ता

नवीन समाचार, नैनीताल, 23 दिसम्बर 2020। जिला न्यायालय में वकालत करने वाले एवं कई सामाजिक संगठनों जुड़े, तल्लीताल हरिनगर क्षेत्र निवासी इस्लामिक स्कॉलर सादिक रजा खान का बीती रात्रि असामयिक इंतकाल हो गया। उनका सुपुर्दे-खाक आज ही किया जाएगा। उनके इंतकाल की खबर से जिला न्यायालय परिसर में बुधवार सुबह शोक छा गया। अनेक शोकाकुल अधिवक्ता भी उनके सुपुर्दे-खाक में शामिल होने के इच्छुक रहे। इसलिए जिला न्यायालय के समस्त अधिवक्ता आज शोक प्रस्ताव पारित करने के उपरांत न्यायिक कार्य से विरत हो गए हैं। जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष, सचिव एवं उपाध्यक्ष आदि की ओर से इस आशय का शोक प्रस्ताव जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अन्य पीठासीन न्यायाधीशों को भी दे दिया है।

यह भी पढ़ें : स्मृति शेष: 1995 व 2006 में नैनीताल आए थे स्व. मोती लाल बोरा, नैनीताल से था विशेष लगाव

नवीन समाचार, नैनीताल, 21 दिसम्बर 2020। सोमवार को अपने 93वें जन्मदिन के ठीक एक दिन बाद दिवंगत हुए कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता मोती लाल बोरा का नैनीताल से भी गहरा लगाव था। वह 1990 के दशक में यूपी के राज्यपाल रहने के दौरान और 2005 में नगर के नैनीताल क्लब में तत्कालीन प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह व कांग्रेस सुप्रीमो सोनिया गांधी की मौजूदगी में हुए देश भर के कांग्रेसी मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन की तैयारियों के लिए नैनीताल आए थे और काफी दिन रहे थे। दो बार संयुक्त मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री तथा 15 वर्ष कांग्रेस पार्टी के कोषाध्यक्ष रहने के बावजूद व दिल्ली के एआईसीसी कार्यालय में नैनीताल के स्थानीय कांग्रेस नेताओं से बेहद आत्मीयता से मिलते थे। बताया गया है कि वह नैनीताल के पास स्थित ग्राम ताकुला भी गए थे और वहां गांधी जी की स्मृतियों को चिरस्थायी रखने के लिए इस गांव को गांधी ग्राम भी घोषित किया था।
कांग्रेस पार्टी के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष डा. रमेश पांडे ने बताया कि 90 के दशक में यूपी के राज्यपाल रहते जब वह नैनीताल राजभवन में रुके थे, तब उनसे राजभवन में मुलाकात हुई थी। बाद में 2006 में कांग्रेसी मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन के दौरान भी उनसे मुलाकात हुई थी। वह पिछली पीढ़ी के उन नेताओं में शामिल थे जो इतने बड़े नेता होने के बावजूद आम कार्यकर्ताओं को अपने पद-प्रतिष्ठा का आभास नहीं होने देते थे, बल्कि परिवार के किसी सयाने की तरह मिलते थे, और हालचाल पूछते थे। इससे कार्यकर्ताओं के मन की भावनाएं भी बाहर आ जाती हैं। पांडे कहते हैं, यही उनके व्यक्तित्व की सबसे बड़ी खासियत थी और 93 की उम्र में भी राजनीति में बने रहने का राज था। दिल्ली स्थित एआईसीसी कार्यालय में उन्होंने नैनीताल से आया बताने पर दो-तीन मिनट में ही बिना अपॉइन्टमेंट के मिलने बुलाया था और नैनीताल के हालचाल भी पूछे थे। उल्लेखनीय है कि 2006 में बोरा ऑस्कर फर्नांडीज व मार्गरेट आल्वा जैसे वरिष्ठ नेताओं के साथ सम्मेलन से कई दिन पहले ही तैयारियों के लिए नैनीताल आ गए थे और उन्होंने ही तैयारियों को अंतिम रूप दिया था।

यह भी पढ़ें : ‘स्तब्ध कर देने वाला है मंगलेश जी का यूं जाना’

-कुमाऊं विश्वविद्यालय की रामगढ़ स्थित महादेवी वर्मा सृजन पीठ में शोकसभा आयोजित कर स्वर्गीय मंगलेश डबराल को श्रद्धांजलि दी गई
मंगलेश डबराल - कविता कोशनवीन समाचार, नैनीताल, 11 दिसंबर 2020। साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित हिंदी के वरिष्ठ कवि और लेखक मंगलेश डबराल के निधन पर कुमाऊं विश्वविद्यालय की रामगढ़ स्थित महादेवी वर्मा सृजन पीठ में शोकसभा आयोजित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। उल्लेखनीय है कि श्री डबराल महादेवी वर्मा सृजन पीठ कार्यकारिणी के सदस्य थे। वह वर्ष 2009, 2013, 2016 में दो बार तथा अंतिम बार वर्ष 2018 में पीठ के कार्यक्रम में शामिल हुए थे। पीठ की कार्यकारिणी में उनका कार्यकाल अप्रैल, 2021 तक था।
शोक सभा में कवि मंगलेश डबराल से जुड़ी स्मृतियों को याद करते हुए महादेवी वर्मा सृजन पीठ के निदेशक प्रो. शिरीष कुमार मौर्य ने कहा कि मंगलेश जी का अचानक यूँ चले जाना स्तब्ध करने वाला है। उनमें सौम्यता के साथ क्रांति की ऊष्मा और बदलाव के लिए कोमलता भरी जिद का अद्भुत मेल था। राजनीति में बदलते धर्म, पाशविक होते इंसान और आदमी को निगलते बाजार का विरोध उन्होंने बहुत संतुलित तरीके से किया। डबराल उन दुर्लभ लेखकों में से एक हैं जिन्होंने गद्य और पद्य दोनों विधाओं में शानदार लेखन किया। वर्तमान में युवा पीढ़ी और नवलेखकों मे वे सबसे ज्यादा पढ़े जाने वाले साहित्यकार थे। उनकी कविता की पंक्ति ‘जहाँ तहाँ जो भी बिखरा था शोर की तरह, उसे ही मैं लिखता रहा संगीत की तरह’ एक तरह से उन्हीं का जीवन दर्शन है। पीठ के शोध अधिकारी मोहन सिंह रावत ने कहा कि मंगलेश डबराल समकालीन हिंदी कवियों में सबसे चर्चित नाम है। खुद की ही तरह अपनी बेहद शांत रचनाओं से व्यवस्था को झकझोरने वाले मंगलेश जी अपने पीछे कविताओं का ऐसा संसार छोड़ गए हैं, जो उनकी याद दिलाता रहेगा। श्री डबराल की कविताओं में एक अजब तरह की खामोशी अंतर्मन को चीरती थी। व्यवस्थाओं से सवाल करती थी। पहाड़ पर जलती यह लालटेन अपने शब्दों से पाठकों को होशियार और खबरदार भी करती थी। शोकसभा में पीठ कर्मी बहादुर सिंह कुँवर, भैरव सिंह आदि भी शामिल रहे।

यह भी पढ़ें : बेहद दुःखद: परिवार पर ढाई वर्ष में पांचवा सदमा है उत्तराखंड हाईकोर्ट के सीएससी परेश त्रिपाठी का निधन

नवीन समाचार, नैनीताल, 16 नवंबर 2020। उत्तराखंड उच्च न्यायालय के सीएससी यानी चीफ स्टेंडिंग काउंसिल यानी मुख्य स्थायी अधिवक्ता परेश त्रिपाठी के बारे में बेहद दुःखद समाचार है। तीव्र हृदयाघात के बाद उनका रविवार देर रात्रि करीब पौने 9 बजे उनका बीडी पांडे जिला चिकित्सालय में निधन हो गया। परिवार के लिए बेहद दुःखद-दुर्योग यह है कि बीते करीब ढाई वर्षों में उनके परिवार में यह पांचवी मौत है। इससे पूर्व उनकी माता, फिर दादी तथा बीते वर्ष ही भाई एवं भाभी की मौत हुई थी। भाई एवं भाभी की मौत का कारण भी हृदयाघात ही बताया जा रहा है। उनकी उनकी अंतिम यात्रा चित्रशिला घाट रानीबाग के लिए रवाना हुई। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में अधिवक्ता, न्यायिक अधिकारी एवं स्थानीय लोग शामिल हुए। उच्च न्यायालय के वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया, न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी, न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे, कुमाऊं के मंडलायुक्त एवं मुख्यमंत्री के सचिव अरविंद ह्यांकी, आईजी अजय रौतेला, महाधिवक्ता एसएन बाबुलकर, पूर्व महाधिवक्ता विजय बहादुर नेगी सहित अनेक अधिवक्ताओं, अधिकारियों व उनके मित्रों-रिश्तेदारों ने उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की। उनकी बहन भी भाई की मृत्यु का समाचार सुनकर सुबह ही लखनऊ से यहां पहुंच गई थी।
बहुमुखी प्रतिभा के धनी त्रिपाठी की काबिलियत इस बात से समझी जा सकती है कि प्रदेश की पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के बाद आई भाजपा की वर्तमान त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार में भी वे सीएससी बने रहे। भाजपा सरकार आने पर त्रिपाठी को हटाने के लिए भी प्रयास हुए मगर सरकार को नहीं होने की वजह से सरकार ऐसा नहीं कर पाई। वह अकेले ही सरकार के लिए ढाल बनते थे। सरकार के खिलाफ मुकदमों की पैरवी के भारी दबाव के बावजूद हमेशा हंसमुख रहते थे। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के खिलाफ हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट से राहत दिलाने के मामले में भी त्रिपाठी ने अहम भूमिका निभाई थी। अब उनके स्थान पर नए सीएससी की नियुक्ति करना सरकार के लिए चुनौतीपूर्ण हो गया है। उनकी सिफारिश पर अनेक अधिवक्ता सरकार के पैनल में शामिल किए गए थे। परिवार व सरकार के साथ ही उनके लिए भी त्रिपाठी का जाना बड़ी क्षति है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार त्रिपाठी मूल रूप से द्वाराहाट के दैरी गांव निवासी थे, व वर्तमान में लखनऊ रहते थे। मंगलवार को हाइकोर्ट खुलने के दृष्टिगत वह सोमवार को नैनीताल आ रहे थे। बताया जा रहा है कि वह बुकिंग की गाड़ी के चालक के पहाड़ पर गाड़ी चलाने में परेशानी होने के कारण हल्द्वानी से स्वयं कार चला कर नैनीताल लाए थे। स्वर्गीय त्रिपाठी (51) रविवार को अपने लखनऊ स्थित घर से अपने चालक के साथ नगर के मेविला कंपाउंड, तल्लीताल स्थित आवास पर पहुंचे ही थे कि घर के बाहर ही उन्हें सीने में तेज दर्द उठा। बताया जा रहा है कि बुकिंग वाली गाड़ी के चालक को पहाड़ की सड़क में चलाने में दिक्कत हुई तो हल्द्वानी से वह खुद ही नैनीताल तक गाड़ी चला कर लाए। चिड़ियाघर रोड से मेविला कंपाउंड को जाने वाली जिला पंचायत वाली खड़ी रोड की चढ़ाई में उन्हें दर्द शुरू हुआ। जैसे-तैसे उन्होंने घर तक गाड़ी पहुंचा दी। अधिक दर्द होने पर वह वहीं पर बैठ गए तो उन्हें चालक सीधे बीडे पांडे जिला चिकित्सालय उपचार के लिए ले गए, जहां वरिष्ठ फिजीशियन डा.एमएस दुग्ताल, डा. धामी, डा. रावत, डा. वर्मा सहित कई चिकित्सकों की टीम उन्हें बचाने के लिए जुटी, लेकिन उन्हें बचाया नहीं नहीं जा सका। करीब आधे घंटे के उपचार के दौरान ही उन्होंने दम तोड़ दिया। चिकित्सालय के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक ने पुष्टि करते हुए बताया कि बेहद तीव्र हृदयाघात के उपरांत करीब आधे घंटे चिकित्सालय में उपचार के दौरान ही उत्तराखंड उच्च न्यायालय के मुख्य स्थायी अधिवक्ता परेश त्रिपाठी ने दम तोड़ दिया। उन्हें बचाया नहीं जा सका। अस्पताल में निधन की सूचना पर महाधिवक्ता एसएन बाबुलकर, हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार अनुज संगल समेत बड़ी संख्या में अधिवक्ता, शहर के गणमान्य लोग तथा हाईकोर्ट के कर्मचारी अस्पताल पहुंच गए। जरूरी औपचारिकता के बाद शव को एम्बुलेंस में उनके आवास के लिए भेज दिया गया। साथ आई पत्नी, बेटी श्रेया व बेटे जयेश को लोगों ने बमुश्किल संभाला। त्रिपाठी के असामयिक निधन से उत्तराखंड हाईकोर्ट में सरकार की रीढ़ टूट गई है। उत्तराखंड हाईकोर्ट में सरकार के खिलाफ हर सिविल मामले में ढाल बनने वाले त्रिपाठी के निधन की सूचना पूरे शहर में आग की तरह फैल गई थी, लेकिन कोई पुलिस या प्रशासन का अधिकारी अस्पताल नहीं आया। बताया जाता है कि जिले के प्रशासनिक अफसरों को मोबाइल से कॉल की गई मगर फोन नहीं उठे। इस पर अधिवक्ताओं में खासा आक्रोश भी देखा गया।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड के एक युवा-ऊर्जावान भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह जीना का असामयिक निधन

नवीन समाचार, देहरादून, 12 नवम्बर 2020। उत्तराखंड के सल्ट विधानसभा के युवा ऊर्जावान भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह जीना का बुधवार रात्रि दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में असामयिक निधन हो गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार स्वर्गीय जीना को पूर्व में कोरोना वायरस का संक्रमण हुआ था। उसके बाद गत 28 अक्टूबर को उनकी पत्नी धरमा देवी (नेहा) का भी दिल्ली में असामयिक  निधन हुआ था, वो भी कोरोना संक्रमित थीं। इस कारण वह शारीरिक कष्ट के साथ ही पत्नी नेहा के निधन के आघात से भी दुखी थे। इधर 2 दिन पूर्व स्वास्थ्य खराब होने पर उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था, जहां बीती रात्रि उन्होंने अंतिम सांस ली। वह कुमाऊँ मंडल विकास निगम के अध्यक्ष सहित कई पदों पर भी रहे थे। स्वर्गीय जीना के निधन पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने गहरा शोक व्यक्त किया है।
श्री भगत ने कहा कि श्री जीना हमारे युवा, ऊर्जावान व योग्य कार्यकर्त्ता व विधायक थे और हमेशा संगठन व जनहित में हमेशा सक्रिय रहते थे। वे एक शालीन व्यक्ति थे और हर वर्ग में लोकप्रिय थे। उन्होंने कहा कि ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे व उनके परिवार को यह असीम दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करे। हाल में उनकी पत्नी का निधन हुआ था और अब उनके निधन से परिवार पर अवर्णनीय दुःख आ पड़ा है। ईश्वर यह दोहरा दुःख सहन करने की शक्ति परिवार को दे। श्री भगत ने कहा कि वे व्यक्तिगत रूप से भी और पूरी पार्टी इस दुःख की घड़ी में परिवार के साथ है। 

यह भी पढ़ें : गरीबों-वंचितों को उपचार, न्याय दिलाने के लिए प्रसिद्ध समाजसेवी चड्ढा का निधन

नवीन समाचार, हल्द्वानी, 4 नवंबर 2020। प्रदेश एवं जनपद के प्रमुख समाजसेवी, सामाजिक कार्यकर्ता, मानवतावादी एवं सूचना अधिकार कार्यकर्ता, वंचितों के सुख-दुःख में हमेशा मदद पहुंचाने की कोशिश करने वाले सरदार गुरविंदर सिंह चड्ढा का सोमवार सुबह तड़के करीब ढाई बजे हृदय गति रुकने से स्वर्गवास हो गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार रात्रि में उन्हें सांस लेने में दिक्कत होने पर परिजन पास के चिकित्सालय ले गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अपने फेसबुक पेज पर उन्होंने अंतिम पोस्ट नैनीताल के बजून निवासी बालक को हल्द्वानी के निजी चिकित्सालयों द्वारा उपचार न करने को लेकर की थी। इस पर उन्होंने मानवाधिकार आयोग को भी शिकायत भेजी थी।

देखें स्वर्गीय चड्ढा की अंतिम फेसबुक पोस्ट:

सूचना के अधिकार को गरीबों-वंचितों को मदद पहुंचाने का हथियार बनाने वाले गुरविंदर सिंह चड्ढा के निधन से हल्द्वानी क्षेत्र में शोक फैल गया है। हमेशा गरीबों के इलाज में सबसे अधिक बढ़-चढ़कर भागीदारी करने वाले चड्ढा के असमय चले जाने से लोग काफी दुखी हैं। उनका अंतिम संस्कार आज अपराह्न 3 बजे राजपुरा स्थिम मुक्तिधाम में किए जाने की सूचना है। उनके निधन के समाचार से उनके गली नम्बर 3 गोविंद पुरा भोटिया पड़ाव हल्द्वानी स्थित आवास पर शोक संवेदना व्यक्त करने वालों का तांता लगा हुआ है।

यह भी पढ़ें : पत्रकार नवीन तिवारी को पितृशोक

नवीन समाचार, नैनीताल, 18 अक्टूबर 2020। नगर के संडे पोस्ट समाचार पत्र से लंबे समय से जुड़े वरिष्ठ पत्रकार नवीन तिवारी के पिता डीडी तिवारी का रविवार को स्वर्गवास हो गया। नगर के माल रोड पर स्थित प्रतिष्ठान-तिवारी जनरल स्टोर के प्रतिष्ठित व्यवसायी रहे 84 वर्षीय डीडी तिवारी बीते कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे। उन्होंने दोपहर करीब साढ़े 12 बजे अंतिम सांस ली। सूचना मिलते ही उनके नवीन कुंज, मेविला कंपाउंड स्थित आवास पर पत्रकारों, व्यवसायियों एवं विभिन्न राजनीतिक व गैर राजनीतिक संगठनों के लोगों का शोक संवेदना व्यक्त करने के लिए तांता लग गया। उनकी अंतिम यात्रा शाम करीब चार बजे पाइंस स्थित श्मशान घाट के लिए निकली। वह अपने पीछे पत्नी प्रेमा तिवारी, पुत्र नवीन के साथ ही तीन विवाहित एवं एक अविवाहित पुत्री सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स-इंडिया, कुमाऊं प्रेस क्लब, व्यापार मंडल तथा कूटा यानी कुमाऊं विश्वविद्यालय शिक्षक संघ ने उनके असामयिक निधन पर शोक व्यक्त किया है।

यह भी पढ़ें : पूर्व पुलिस एएसपी हरीश चंद्र सती नहीं रहे

नवीन समाचार, नैनीताल, 06 अक्टूबर 2020। नैनीताल एवं एसडीआरएफ के अपर पुलिस अधीक्षक एवं पूर्व में यहां सीओ रहे हरीश चंद्र सती का मंगलवार को असामयिक निधन हो गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार एक माह पूर्व घर में ही चक्कर आने पर गिर गए थे। उपचार चल रहा था। अपोलो अस्पताल में भर्ती थे। सुबह साढ़े चार बजे उनका असामयिक निधन हो गया। दिल्ली में ही अंतिम संस्कार कराकर परिजन हल्द्वानी लौट रहे हैं। वह 31 दिसंबर 2018 को सेवानिवृत्त हुए थे और सेवानिवृत्ति के आखिरी दिन नए वर्ष के स्वागत के लिए सैलानियों की भारी भीड़ के बीच मध्य रात्रि के बाद भी व्यवस्थाएं बनाने को जुटे रहे थे। सेवानिवृत्ति के उपरांत वे भारतीय जनता पार्टी से जुड़ गए थे और पुलिस-पेंशनर कल्याण समिति के अध्यक्ष भी थे।

यह भी पढ़ें : पूर्व विधायक का बीती रात्रि निधन, राजनीतिक जगत में शोक की लहर

नवीन समचार, चंपावत, 24 सितंबर 2020। अविभाजित उत्तर प्रदेश में अविभाजित पिथौरागढ़ सीट से विधायक रहे लोहाघाट निवासी वरिष्ठ भाजपा नेता कृष्ण चंद्र पुनेठा का बीती रात्रि निधन हो गया। वह लंबे समय से बीमार थे। उन्होंने लोहाघाट के फोर्ती स्थित अपने निवास पर रात्रि 10.40 बजे अंतिम सांस ली। बृहस्पतिवार प्रातः 10 बजे दगडेश्वर घाट (निकट कोली पुल ) लोहाघाट में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
वरिष्ठ भाजपा नेता कृष्ण चंद्र पुनेठा का कल रात निधन हो गया।उल्लेखनीय है कि स्वर्गीय पुनेठा वर्ष 1971 से जनसंघ से जुड़े थे। 1990 में वे चंपावत सहित अविभाजित पिथौरागढ़ जिले में भाजपा के जिलाध्यक्ष बने और 1991 में उत्तर प्रदेश विधानसभा के लिए पिथौरागढ़ सीट से सदस्य चुने गए। 1996 में भी वह विधायक निर्वाचित हुए। उत्तराखंड राज्य अलग होने के बाद वह राज्य की पहली मुख्यमंत्री नित्यानंद स्वामी के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार में हिल्ट्रान के अध्यक्ष बने। पूर्व विधायक के निधन की सूचना से राजनीतिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। उल्लेखनीय है कि बीती एक सितंबर को उनके पुराने साथी व महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने उन्हें उपचार के लिए मुंबई बुलवाया था। वह उत्तराखंड सरकार की ओर से भेजे गए हेलीकाप्टर से देहरादून होते हुए मुंबई गए थे, और इधर करीब एक सप्ताह पहले मुंबई से लौट आए थे। उनके पुत्र मयंक पुनेठा प्राथमिक शिक्षक एवं उत्तराखंड राज्य प्राथमिक संघ की लोहाघाट शाखा के ब्लाक मंत्री हैं। उल्लेखनीय है कि बीती एक सितंबर को उनके पुराने साथी व महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने उन्हें उपचार के लिए मुंबई बुलवाया था। वह उत्तराखंड सरकार की ओर से भेजे गए हेलीकाप्टर से देहरादून होते हुए मुंबई गए थे, और इधर करीब एक सप्ताह पहले मुंबई से लौट आए थे। वह पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह एवं भाजपा के दिग्गज नेता डॉ मुरली मनोहर जोशी, पूर्व केंद्रीय मंत्री बची सिंह रावत के करीबी रहे। बताया जाता है कि उन्होंने ही कुमाऊं मंडल में में जनता दरबार की शुरुआत की थी। प्रशासनिक ज्ञान की वजह से उनके अधिकारियों के साथ बेहतर रिश्ते थे। पूर्व मुख्य सचिव डॉ आरएस टोलिया, रामचन्द्रन, राकेश शर्मा, एसके दास, एसके माहेश्वरी, अमरिंदर सिन्हा सहित अनेक चर्चित अधिकारियों से भी उनकी गहरी मित्रता थी।

यह भी पढ़ें : नैनीताल: दो दिनों में आठ प्रतिष्ठित व्यक्तियों-पारिवारिक सदस्यों की मौत से शहर में शोक का माहौल..

नवीन समाचार, नैनीताल, 22 सितंबर 2020। जिला-मंडल मुख्यालय में बीते दो दिनों में नगर के बाजार क्षेत्र के आठ प्रतिष्ठित लोगों एवं पारिवारिक सदस्यों की अलग-अलग कारणों से मौत की दुःखद सूचना है। इससे नगर में शोक का माहौल है, एवं लोग इतनी बड़ी संख्या में लोगों की मौत पर चिंता व्यक्त कर रहे हैं।

स्वर्गीय अनिल साह।

प्राप्त जानकारी के अनुसार मंगलवार सुबह तड़के नगर के मल्लीताल बड़ा बाजार स्थित प्रतिष्ठान नयना पुस्तक भंडार के स्वामी अनिल साह का असामयिक देहावसान हो गया। वे 67 वर्ष के थे। इनके अलावा आज बड़ा बाजार स्थित प्रतिष्ठान टेक्सटाइल इंपोरियम के स्वामी रजत कपूर की 88 वर्षीया माता का भी निधन हो गया। इसी तरह आज कंसल प्रिंटिंग प्रेस स्वामी अशोक कंसल की पत्नी निशा कंसल (62) का भी लखनऊ में उपचार के दौरान निधन हो गया है। जबकि बीती शाम बड़ा बाजार निवासी नैनीताल बैंक कर्मी रजत साह की 75 वर्षीया माता और तत्कालीन उत्तर प्रदेश की हॉकी टीम के खिलाड़ी रहे बड़ा बाजार निवासी एवं प्रतिष्ठान स्वामी गजेंद्र लाल साह का हल्द्वानी में निधन हो गया। वे यूपी के लिए रंगास्वामी नेशनल हॉकी चैंपियनशिप में भी खेले थे। बताया गया है कि वे अस्वस्थ थीं। उनका डायलिसिस चल रहा था। इनके अलावा आज भी मल्लीताल जय लाल साह बाजार स्थित प्रतिष्ठान पहाड़ी वस्त्र भंडार के स्वामी प्रेम बिष्ट की 90 वर्षीय माता के निधन का भी समाचार है। वहीं बीती शाम तल्लीताल बाजार स्थित हरीश टेलर प्रतिष्ठान स्वामी की 55 वर्षीय पत्नी के दुःखद निधन का भी समाचार है। इनके अलावा भी कुछ अन्य लोगों की मृत्यु के समाचार आज नगर में चर्चा में रहे।

यह भी पढ़ें : बेटे की कोरोना से असामयिक मौत के सदमे में पत्रकार के पिता का भी असामयिक देहांत

नवीन समाचार, हल्द्वानी, 11 सितंबर 2020। जनपद के भवाली में अमर उजाला के पत्रकार कमलेश जोशी, जनपक्ष आजकल पत्रिका के संपादक गिरीश जोशी एवं शिखर ग्रुप के चेयरमैन मनोज जोशी के पिता दामोदर जोशी का असामयिक निधन हो गया। वे 85 वर्ष के थे। शुक्रवार शाम करीब 6 बजे उन्होंने हल्द्वानी के विवेक विहार गैस गोदाम रोड कुसुमखेडा स्थित आवास में अंतिम सांस ली। उल्लेखनीय है कि भवाली स्थित श्यामखेत के मूल निवासी श्री जोशी के एक पुत्र हरीश जोशी का गत दिवस कोरोना से असामयिक निधन हो गया था। बताया गया है कि पुत्र के असामयिक निधन के सदमे के कारण ही उनका भी निधन हो गया।

यह भी पढ़ें : नैनीताल : पत्रकार हरीश का असामयिक निधन, आखिरी स्टेज के मर्ज का पता ही नहीं था

नवीन समाचार, नैनीताल, 10 सितंबर 2020। नगर के पत्रकार हरीश कुमार के असामयिक निधन का दुःखद समाचार है। प्राप्त जानकारी के अनुसार बृहस्पतिवार देर रात्रि हल्द्वानी के निजी चिकित्सालय में उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। बेहद मृदुभाषी, मिलनसार एवं दूसरों की मदद के लिए हमेशा तत्पर रहने वाले 40 वर्षीय हरीश साधना न्यूज के साथ नगर के स्थानीय ताल चैनल में कार्य करते थे। बताया गया है कि इधर करीब एक सप्ताह से पे बुखार आदि की समस्या से ग्रस्त थे। इस पर बृहस्पतिवार को दिन में बीडी पांडे जिला चिकित्सालय दिखाने के लिए आए थे। यहां वरिष्ठ फिजीशियन डा. एमएस दुग्ताल ने स्वयं तत्काल उनके अल्ट्रासाउंड, शुगर आदि के टेस्ट कर तत्काल हल्द्वानी जाकर डायलिसिस कराने की सलाह दी थी। इस पर अपराह्न तीन बजे अस्पताल से लौटकर वह शाम 6 बजे से पहले हल्द्वानी के निजी चिकित्सालय में भर्ती हुए थे। डा. दुग्ताल ने बताया कि हरीश को 300 शुगर थी, लेकिन उन्हें इसका पता ही नहीं था। इस कारण उन्होंने कोई ऐहतियात भी नहीं बरती होगी। इस कारण उनकी दोनों किडनी खराब हो गई थी, और उन्हंे आखिरी समय में इसका पता चला। इस कारण उन्हें बचाया नहीं जा सका।
हरीश का मई 2011 में विवाह हुआ था, तथा अभी कोई संतान नहीं है। अभी नंदा देवी महोत्सव के दौरान महोत्सव का ताल चैनल एवं ‘नवीन समाचार’ के माध्यम से लाइव प्रसारण करने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। उनके निधन से पत्रकारों में गहरा दुःख एवं शोक व्याप्त हो गया है।

यह भी पढ़ें : नगर पालिका सभासद को पितृशोक

नवीन समाचार, नैनीताल, 21 अगस्त 2020। नैनीताल नगर पालिका के आवागढ़ वार्ड के सभासद राजू टांक के पिता यशपाल टांक का बीती रात्रि असामयिक निधन हो गया। करीब 50 वर्षीय यशपाल नगर पालिका में कर्मचारी थे, और इधर गले में गांठ की समस्या से ग्रस्त थे। इधर लॉक डाउन में समस्या और बढ़ गई थी। इस पर रात्रि करीब साढ़े 11 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके राजू सहित दो पुत्र व एक पुत्री हैं। बड़ी पुत्री का विवाह हो चुका है। श्री टांक ने बताया कि अंतिम यात्रा शुक्रवार सुबह साढ़े 10 बजे पाइंस स्थित श्मशान घाट के लिए चलेगी।

यह भी पढ़ें : डीएसए कर्मी ‘लाली दा’ के निधन से खेल जगत में शोक

नवीन समाचार, नैनीताल, 10 अगस्त 2020। डीएसए यानी नैनीताल जीमखाना एवं जिला क्रीड़ा संघ में कार्यरत राजेश बिनवाल उर्फ ‘लाली दा’ का सोमवार सुबह तड़के करीब चार बजे असामयिक निधन हो गया। डीएसए से जुड़े सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार लाली दा शुगर यानी मधुमेह की बीमारी से ग्रस्त थे। इधर लॉक डाउन के बाद से उनका स्वास्थ्य अधिक खराब हो गया था। इधर उनका डायलिसिस से उपचार चल रहा था। वह अपने पीछे पत्नी तथा इंजीनियरिंग कर चुके व कॉलेज में पढ़ाई कर रहे दो पुत्रों सहित परिवार को शोक संतप्त छोड़ गए हैं। उनके निधन से डीएसए सहित खेल जगत में शोक की लहर है। डीएसए मैदान में वर्ष भर होने वाली हर तरह की खेल गतिविधियों के संपादन में लाली दा की सक्रिया भूमिका रहती थी। उनका अंतिम संस्कार रानीबाग में किया जाएगा। अंतिम यात्रा की तैयारी की जा रही है।

इधर रॉयल बास्केटबाल क्लब एवं कुमाऊं विश्वविद्यालय शिक्षक संघ-कूटा ने लाली दा को असामसिक निधन पर शोक सभा आयोजित कर श्रद्धांजलि दी। रॉयल बास्केटबाल क्लब की शोक सभा में राजीव गुप्ता, आंनद खम्पा, भुवन बिष्ट, गिरीश वर्मा, चंद्रा शर्मा, हरीश जोशी, तनवीर, जगजीत सिंह, दिनेश वर्मा, मनोज साह, हरीश चौधरी व नीमा साह तथा कूटा की शोक सभा में कूटा के अध्यक्ष प्रो. ललित तिवारी व अन्य मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें : विधायक पुत्र के असामयिक निधन पर श्रद्धांजलि देने में भी राजनीति हावी..

नवीन समाचार, नैनीताल, 08 अगस्त 2020। शुक्रवार को पूर्व भाजपा विधायक खड़क सिंह बोहरा ने युवा पुत्र एवं पूर्व छात्र संघ सचिव अमित मोहन सिंह बोहरा उर्फ आशु बोहरा के असामयिक निधन पर शोक व्यक्त करने में भी राजनीति होती नजर आई। उल्लेखनीय है कि अमित पहले भाजपा में थे लेकिन पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कांग्रेस पार्टी का दामन थाम लिया था। इसलिए उनके निधन पर केवल कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता भी श्रद्धांजलि व्यक्त करते दिखे। कांग्रेस नेता हेम आर्य ने कांग्रेस कार्यकर्ता के रूप में आशु बोहरा के आकस्मिक निधन पर दुःख व्यक्त किया। इसी तरह नगर कांग्रेस कमेटी की ओर से भी उनके निधन पर शोक व्यक्त किया गया। जबकि अन्य दलों की ओर से इस उदीयमान युवा के निधन पर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई। अलबत्ता नगर की जनहित संस्था तथा कूटा यानी कुमाऊं विवि शिक्षक संघ की ओर से आशु बोरा के निधन पर शोक सभा आयोजित करने का समाचार है। शोक सभा में संस्था के अध्यक्ष सुरेंद्र चौधरी, जगमोहन बिष्ट, अशोक साह, महेश आर्य, शाकिर अली, रीता बिष्ट, प्रेमा साह, नजर अली व विजय साह आदि मौजूद रहे। कूटा ने आशु के साथ ही वन विभाग के ललित पांडे की माता मुन्नी पांडे के निधन पर शोक जताया है। कूटा की विज्ञप्ति में डीएसबी परिसर के पूर्व छात्र तथा दिल्ली विश्वविद्यालय के रसायन विज्ञान विभाग के प्रोफेसर काफलीगैर बागेश्वर निवासी दीवान सिंह रावत के दिल्ली विश्वविद्यालय में डीन यानी संकायाध्यक्ष बनने पर हर्ष जताते हुए उन्हें शुभकामनाएं भी हैं।

यह भी पढ़ें : शोक समाचार : दुःखद ब्रेकिंग: पूर्व विधायक के पुत्र का दुर्घटना में असामयिक निधन

नवीन समाचार, नैनीताल, 7 अगस्त 2020। नैनीताल के पूर्व विधायक स्वर्गीय खड़क सिंह बोहरा के छोटे पुत्र एवं पूर्व छात्र संघ सचिव अमित मोहन सिंह बोहरा उर्फ आशु की दुर्घटना में असामयिक मृत्यु हो गई है। वे करीब 40 वर्ष की उम्र के थे। प्राप्त जानकारी के अनुसार अमित का शव मुख्यालय से करीब 50 किमी दूर कोटाबाग-हल्द्वानी रोड पर कोटाबाग से करीब एक-डेढ़ किमी आगे गुरुण़ी नाला के पास उनकी दुर्घटनाग्रस्त अल्टो कार में बरामद हुआ है।

स्वर्गीय अमित मोहन सिंह बोहरा और दुर्घटनाग्रस्त कार में ऐसे मिले अमित।

बताया जा रहा है कि उनकी कार घूमी हुई है। इसका कारण नहीं पता चल पा रहा है कि किसी दूसरे वाहन ने उनकी कार को टक्कर मारी अथवा कार दीवार से टकराई। दुर्घटना के कारणों का ठीक से पता नहीं चल पाया है। कालाढुंगी थाने के प्रभारी दिनेश नाथ महंत अभी-अभी मौके पर पहुंचे हैं। उन्होंने मृत्यु की पुष्टि की है। शव को कोटाबाग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाकर पंचनामा भरने की कार्रवाई की जा रही है। बताया गया है कि अमित कोटाबाग स्थित अपने घर से नैनीताल आ रहे थे, तभी यह हादसा हुआ।
उल्लेखनीय है कि अमित आध्यात्मिक जीवन जी रहे थे। वे वर्ष 2004-05 में डीएसबी परिसर नैनीताल में छात्र संघ सचिव भी निर्वाचित रहे थे। उनके बड़े भाई ललित मोहन सिंह बोहरा तराई बीज विकास निगम में कार्यरत थे।
विस्तृत जानकारी की प्रतीक्षा है। हम इस समाचार पर बने हुए हैं। विस्तृत समाचार के लिए इस पोस्ट के लिंक को रिफ्रेश करते रहें।

यह भी पढ़ें : भूगोलविद् डा. जीएल साह का असामयिक निधन, अकादमिक जगत में शोक की लहर

-नैनी झील पर वृहद अध्ययन एवं टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन का ड्राफ्ट तैयार कर केंद्रीय रेल मंत्रालय व प्रधानमंत्री कार्यालय को भिजवाया था
-कुमाऊं विश्वविद्यालय के डीएसबी परिसर में जीआईएस लैब स्थापित करने के साथ कई अन्य उल्लेखनीय उपलब्धियां भी की थी हासिल, कुमाऊं विश्वविद्यालय में परीक्षा नियंत्रक सहित कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां भी निभाई थीं

नवीन समाचार, नैनीताल, 8 जुलाई 2020। कुमाऊं विश्वविद्यालय के डीएसबी परिसर में भूगोल विभाग में प्रोफेसर तथा विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक सहित कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में रहे, नगर के तल्लीताल निवासी डा. गोविंद लाल साह का बुधवार सुबह असामयिक निधन हो गया। वे 68 वर्ष के थे। प्राप्त जानकारी के अनुसार वे इधर कुछ समय से अस्वस्थ थे और बीते तीन-चार दिनों से बीडी पांडे जिला चिकित्सालय में भर्ती थे। चिकित्सकों के अनुसार प्रॉस्टेट का कैंसर उनके शरीर में फैल गया था। इसके कारण ही सुबह पांच बजे अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। इसके बाद पूर्वाह्न साढ़े 11 बजे उनका अंतिम संस्कार पाइंस स्थित श्मशान घाट पर गमगीन माहौल में कर दिया गया।
उल्लेखनीय है कि अपने सरल सौम्य स्वभाव और बुद्धिमत्ता के लिए प्रसिद्ध डा. साह मूल रूप से बागेश्वर के कत्यूर बाजार के निवासी थे। दिसंबर 1976 में डीएसबी राजकीय महाविद्यालय के भूगोल विभाग में मानचित्रकार के पद पर नियुक्त हुए डा. साह वर्ष 2000 से प्रोफेसर बने और वर्ष 2013 में सेवानिवृत्त हुए। इस दौरान उन्हें विभाग में जीआईएस यानी सुदूर संवेदन एवं भौगोलिक प्रणाली की प्रयोगशाला उत्तराखंड सरकार के सहयोग से स्थापित करने का श्रेय भी दिया जाता है। उन्होंने कुमाऊं विश्वविद्यालय में परीक्षा नियंत्रक सहित कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां भी निभाई थीं। 2012-13 में सेवानिवृत्ति के बाद से वह नगर तथा प्रदेश की विभिन्न गतिविधियों में शामिल रहते थे। उन्होंने इन पंक्तियों के लेखक के नैनी झील के जल स्तर संबंधी एक शोध प्रश्न पर नैनी झील पर विस्तृत अध्ययन करते हुए ‘समय का कलेडोस्कोप’ नाम की काफी चर्चित रही पुस्तक लिखी थी, और पुस्तक के प्रथम पृष्ठ पर इसका जिक्र भी किया था।
उनके पास नैनीताल एवं नैनी झील के ऐतिहासिक मानचित्रों का संग्रह मौजूद था, एवं उन्होंने स्वयं भी नैनी झील के गिर्द हो रहे अतिक्रमण, झील में उपलब्ध पानी आदि पर विस्तृत अध्ययन कर मानचित्र तैयार किये थे। उन्हें उत्तराखंड का पर्यटन मानचित्र एवं राज्य की विधानसभाओं के परिसीमन मानचित्र बनाने का श्रेय भी दिया जाता है। उन्होंने टनकपुर से बागेश्वर तक रेललाइन पहुंचाने के लिए ऐसा मानचित्र तैयार किया था, जिसके जरिये केवल चार पुलों से, बिना एक भी सुरंग बनाए केवल 610 मीटर के चढ़ाव के साथ ही रेलगाड़ी बागेश्वर पहुंच सकती है। इस बारे में उन्होंने तत्कालीन रेल मंत्री सुरेश प्रभु एवं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विस्तृत प्रस्ताव भेजा था। इसके बाद ही रेल मंत्री प्रभु ने इस रेल प्रोजेक्ट को राष्ट्रीय महत्व की परियोजना में शामिल करने की घोषणा की थी।

https://navinsamachar.wordpress.com/2014/08/25/train-in-hills/

इसके अलावा डा. साह चिया यानी सेंट्रल हिमालयन इन्वायरमेंट एसोसिएशन के उपाध्यक्ष एवं इसकी गवर्निंग कौंसिल के सदस्य के साथ साह चौधरी समाज एवं सर्बजनिन दुर्गा पूजा समिति आदि संगठनों में थे। ‘हिल साइड सेफ्टी कमेटी’ के सदस्य के तौर पर नगर की समस्याओं के समाधान पर प्रशासनिक बैठकों में उपयोगी सुझाव देने में भी उनकी भूमिका रहती थी। इधर पिछले लोक सभा चुनाव के दौरान भाजपा के ‘संपर्क फॉर अभियान’ के तहत तत्कालीन भाजपा सांसद एवं मौजूदा महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी उनके आवास पर समर्थन प्राप्त करने लिए पहुंचे थे।

कोश्यारी ने पूर्व ओलंपियन राजेंद्र रावत, डा. जीएल साह, वेद साह व भानु प्रकाश साह से किया ‘संपर्क फॉर समर्थन’

आइएएस ज्योति साह

डा. साह की धर्मपत्नी अपर निदेशक-माध्यमिक शिक्षा कार्यालय से सेवानिवृत्त हुई हैं। जबकि उनकी पुत्री ज्योति साह का आईएएस में चयन हुआ था। वह वर्तमान में गुजरात में सहायक आयकर आयुक्त के पद पर जबकि पुत्र दिल्ली में पढ़ाता है। कुमाऊं विश्वविद्यालय शिक्षक संघ-कूटा के अध्यक्ष प्रो. ललित तिवारी, महासचिव डा. सुचेतन साह, डा. दीपक कुमार, डा. दीपिका गोस्वामी, डा. विजय कुमार, डा. सोहेल जावेद, डा. प्रदीप, डा. गगन होती, डा. पैनी जोशी, डा. मनोज धुनी एवं डा. सीमा चौहान सहित अकादमिक जगत के कई लोगों ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड के ‘हीरा’ लोक गायक एवं साहित्यकार हीरा सिंह राणा के निधन शोक की लहर

नवीन समाचार, नैनीताल, 13 जून 2020। प्रदेश के सुप्रसिद्ध कुमाउनी लोक गायक एवं साहित्यकार हीरा सिंह राणा जी के आकस्मिक निधन का समाचार प्राप्त होने पर कुमाऊं मंडल के कला एवं साहित्य तथा संस्कृति से जुड़े लोगों में शोक की लहर है। लोग सोशल मीडिया पर स्वर्गीय राणा को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। इसी कड़ी में उत्तराखंड क्रांति दल के पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक डा. नारायण सिंह जंतवाल ने कहा कि राणा का निधन उत्तराखण्डी समाज के लिये अपूरणीय क्षति है। लोक संस्कृति के ध्वजवाहक स्वर्गीय राणा समाज को जागृत करने वाले अपनी थाती पर आधारित रचनाओं को अपने मधुर स्वरों में प्रस्तुत कर लोगों को आल्हादित करते रहे। उत्तराखंडी संस्कृति व समाज को व्यापक पहचान दिलाने में भी उनका अविस्मरणीय योगदान रहा है। ऐसे बहुत से कार्यक्रमों में भी उन्होंने योगदान दिया और उत्तराखंड राज्य के संघर्ष को अग्रगति प्रदान करने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। उक्रांद के जसवंत सिंह बिष्ट व विपिनदा आदि संस्थापकों के साथ उनका निकट संबंध रहा। नैनीताल में वे अक्सर पार्टी के नेता अंबादत्त बवाड़ी के घर पर रुकते थे। उनके निधन से एक युग का अंत हो गया है।
वहीं लोक साहित्यकार एवं राज्य की लोक भाषाओं की एकमात्र समग्र पत्रिका ‘कुमगढ़’ के संस्थापक दामोदर जोशी ‘देवांशु’ ने कहा कि स्वर्गीय राणा गढ़-कुमाऊं के रत्न तथा साहित्य व संस्कृति के महान संरक्षक थे। उनके निधन के समाचार से सभी स्तब्ध हैं। उनका निधन राज्य के साहित्य व कला जगत के लिए अपूरणीय क्षति है तथा प्रत्येक साहित्यकार के लिए व्यक्तिगत आघात है। उनके द्वारा गाये गये गीत उत्तराखंडियो के दिल में हमेशा गूंजते रहेंगे।

कुमाऊं के शिखर कवि व गायक थे राणा: जहूर
नैनीताल के वरिष्ठ रंगकर्मी जहूर आलम ने स्वर्गीय हीरा सिंह राणा को याद करते हुए बताया कि वर्तमान में उनका रुतबा कुमाऊं के शिखर कवि व गायक के रूप में था। वे बेहद भले, सीधे व ठेठ पहाड़ी इंसान थे। जीवन भर बहुत संघर्ष कर उन्होंने बड़ा मुकाम हासिल किया। उनके साथ एनडी तिवारी सरकार के दौर में उत्तराखंड कला एवं साहित्य परिषद एवं पिछली हरीश रावत सरकार के दौर में राज्य गीत की समिति में साथ काम करने का मौका मिला। जहूर आलम ने बताया कि नैनीताल शरदोत्सव के मंच पर पहली बार उन्होंने ही राणा को आमंत्रित किया था। इधर राज्य सरकार ने उनकी कद्र नहीं की, अलबत्ता दिल्ली सरकार ने उन्हें गढ़वाली, कुमाउनी व जौनसारी अकादमी का अध्यक्ष बनाया था। श्री आलम ने बताया कि इधर कुछ दिन पूर्व हुई वार्ता में उन्होंने कोरोना काल निपट जाने के बाद प्रदेश की लोक भाषाओं के साहित्य के साथ ही कुमाउनी के नाटकों पर भी कार्य करने की इच्छा जताई थी, लेकिन नियति के कू्रर हाथों ने उन्हें छीन लिया है।

लोक से आये व्यक्ति थे हिरदा: शेखर पाठक
नैनीताल। प्रदेश के संस्कृति कर्मी एवं इतिहासकार डा. शेखर पाठक ने कहा कि स्वर्गीय हीरा सिंह राणा ‘हिरदा’ लोक से आये व्यक्ति थे। वे कविताओं के साथ ही अपने गीत लिखते और उन्हें गाते भी थे। अपने कई गीतों को उन्होंने संगीत भी दिया था। उनके गीतों की शब्दावली में पाली पछाऊं की अलग मिठास थी। उनका गीत ‘लसका कमर बांधा’ उम्मीद का गीत था और जनांदोलनों में काफी गाया गया। उनके ‘आ लीली बाकरी लीली’ व ‘बिंदी घाघरि काई’ जैसे गीत उनके गृह अंचल सल्ट के बाद पूरे कुमाऊं, उत्तराखंड व दिल्ली में प्रवासियों के द्वारा काफी पसंद किये गये। वे अपनी बीमारी के बावजूद भाषा, गीत व संस्कृति के कार्यक्रमों में कभी पीछे नहीं रहते थे। इधर काफी समय से नरेंद्र नेगी व उनकी जुगलबंदी करने की योजना थी, लेकिन पहले नरेंद्र नेगी को आये हृदयाघात और इधर कोरोना की वजह से यह संभव नहीं हो पाया।

आम आदमी पार्टी व कूटा ने भी जताया हिरदा के निधन पर शोक
नैनीताल। आम आदमी पार्टी नैनीताल के कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों ने दिल्ली सरकार में कुमाऊनी, गढ़वाली व जौनसारी भाषा अकादमी के उपाध्यक्ष एवं उत्तरांचल भ्रात्रि सेवा संस्थान के मुख्य सलाहकार, महान् कवि और गीतकार के रूप में स्वर्गीय हीरा सिंह राणा को याद किया एवं उनके असमय निधन पर गहरा शोक तथा दुंख व्यक्त किया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनके निधन को उत्तराखंडी कला और संस्कृति के लिए बहुत बड़ा आघात बताया। उनके निधन पर शोक सभा भी आयोजित की, जिसमें विधानसभा नैनीताल प्रभारी प्रदीप कुमार दुम्का, शाकिर अली, डीएस नेगी, प्रताप पडियार, विजय साह, पीसी जोशी, आरसी पंत, राजेंद्र कुमार, राम नारायण व विजय साह आदि शामिल रहे। कार्यकर्ताओं ने इस मौके पर नैनीताल जिले के ओखलकांडा विकास खंड के ग्राम सभा मीडार के पदमपुर गांव निवासी 6 कुमाऊं रेजिमेंट के सूबेदार यमुना प्रसाद पनेरू के जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में रेस्क्यू ऑपरेशन में अपना फर्ज निभाते हुए शहीद होने पर भी गहरा शोक तथा दुंख व्यक्त किया। इधर कूटा यानी कुमाऊं विवि शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रो. ललित तिवारी, डा. दीपक कुमार डा. दीपिका गोस्वामी, डा. सुचेतन साह व डा. सोहेल जावेद आदि ने भी सुर सम्राट एवं कहा व साहित्य जगत की हस्ती के रूप में स्वर्गीय राणा को याद किया और उनके निधन पर शोक-संवेदना व्यक्त की है।

शोक समाचार : सुबह-सुबह उत्तराखंड ने खो दिया अपना एक ‘हीरा’, हीरा सिंह राणा का निधन

नवीन समाचार, नैनीताल, 13 जून 2020। सुबह-सुबह उत्तराखंड के कला एवं साहित्य जगत से के लिए एक बहुत बुरी खबर आ रही है ।उत्तराखंड ने अपना एक ‘हीरा’ हीरा सिंह राणा को खो दिया है। हृदयाघात से आज सुबह ढाई बजे दिल्ली में उनका निधन हो गया। लोक के महान सेवक, संगीत को समर्पित महान व्यक्तित्व, लेखन के धनी, स्वभाव में विनम्र, आडम्बर और अहं से दूर रहने वाले, बीते वर्ष 2019 में गढ़वाली कुमाऊनी व जौनसारी अकादमी दिल्ली के उपाध्यक्ष बने व इसके अतिरिक्त अपनी मिट्टी से जुड़े, अद्वितीय व्यक्ति, कलाकार, लोक गायक हीरा सिंह राणा का अचानक हम सब को छोड़ जाना हृदय विदारक घटना है। वर्तमान में दिल्ली में रह रहे स्वर्गीय राणा के मित्र एवं कला जगत से जुड़े लोग इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे हैं : “विश्वास से परे इस ख़बर से उत्तराखंड सहित विश्व आहत है। लोक की सेवा करने के लिए में ऐसी शख्सियतें बार )-बार जन्म नही लेती। स्व.चन्द्र सिंह राही जी के बाद ये ऐसी दूसरी क्षति है जिसकी पूर्ति नही हो सकती। बहुत बड़ा आघात। राणा जी को अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि।”

https://m.facebook.com/story.php?story_fbid=1169819383371467&id=100010302496004
उल्लेखनीय है कि उत्तराँखण्ड के प्रमुख गायक कलाकारो में हीरा सिंह राणा का नाम प्रथम पंक्ति में आता है जिन्हें लोग हीरदा कुमाऊनी भी कहते है। हीरा सिंह राणा का जन्म 16 सितंबर 1942 को मानिला डंढ़ोली जिला अल्मोड़ा में हुआ उनकी माताजी स्व: नारंगी देवी, पिताजी स्व: मोहन सिंह थे। राणा जी प्राथमिक शिक्षा मानिला में हुई। उन्होंने दिल्ली सेल्समैन की नौकरी की लेकिन इसमें उनका मन नहीं लगा और इस नौकरी को छोड़कर वह संगीत की स्कालरशिप लेकर कलकत्ता चले गए और संगीत के संसार में पहुँच गए।
इसके बाद हीरा सिंह राणा ने उत्तराखंड के कलाकारों का दल नवयुवक केंद्र ताड़ीखेत 1974, हिमांगन कला संगम दिल्ली 1992, पहले ज्योली बुरुंश (1971) , मानिला डांडी 1985, मनख्यु पड़यौव में 1987, के साथ उत्तराखण्ड के लोक संगीत के लिए काम किया। इस बीच राणा जी ने कुमाउनी लोक गीतों के 6- कैसेट ‘रंगीली बिंदी, रंगदार मुखड़ी’, सौमनो की चोरा, ढाई विसी बरस हाई कमाला’, ‘आहा रे ज़माना’ भी निकाले। राणा जी ने कुमाँउ संगीत को नई दिशा दी और ऊचाँई पर पहुँचाया. राणा ने ऐसे गाने बनाये जो उत्तराखण्ड की संस्कृति और रिती रीवाज को बखुबी दर्शाते हैं। यही वजह कि भूमंडलीकरण के इस दौर में हीरा सिंह राणा के गीत खूब गाए बजाए जाते हैं। उनकी एक रचना की कुछ पंक्तियां : त्यर पहाड़, म्यर पहाड़
होय दुःखों को डयर पहाड़
बुजुर्गों ले जोड़ पहाड़
राजनीति ले तोड़ पहाड़
ठेकेदारों ले फोड़ पहाड़
नांतिनों ले छोड़ पहाड़।

श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के नैनीताल जिला अध्यक्ष, वरिष्ठ पत्रकार दानिश खान का असामयिक निधन

नवीन समाचार, हल्द्वानी, 12 जून 2020। हल्द्वानी के वरिष्ठ पत्रकार दानिश खान नहीं रहे। हमेशा पत्रकारों के सुख-दुःख में कंधे से कंधा मिलाकर चलने वाले और पत्रकारों को एक माला में पिरोने का प्रयास करने वाले श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के नैनीताल जिला अध्यक्ष दानिश खान का असामयिक इंतकाल होने की दुःखद खबर के बाद से प्रदेश में शोक की लहर है।
बताया गया है कि बीती शाम अचानक दानिश खान का स्वास्थ्य बिगड़ने पर उन्हें हल्द्वानी के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां चिकित्सक ने बताया कि उन्हें एक के बाद एक दो हार्ट अटैक आये।
सूचना मिलने के बाद हल्द्वानी के पत्रकार भी अस्पताल पहुँचे और दानिश खान के स्वास्थ्य की चिकित्सकों से जानकारी ली। लेकिन सुबह करीब 6 बजे सूचना मिली की अब पत्रकारों के हितों की लड़ाई करने वाले वरिष्ठ पत्रकार दानिश खान अपनी जिंदगी की जंग हार गए, और उनका इंतकाल हो गया। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार दानिश खान का अंतिम संस्कार 12 बजे के करीब किया जाएगा। 

नैनीताल के वरिष्ठ भाजपा नेता गोपाल रावत कांग्रेस नेता मारुति साह की माताएं पंचतत्व में विलीन

-रावत की माता को प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने दिया कंधा

भाजपा नेता गोपाल रावत की माता के पार्थिव शरीर को अंमित यात्रा के लिए कंधा देते भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत। इनसेट में स्वर्गीय रेखा साह एवं स्वर्गीय सरला रावत।

नवीन समाचार, नैनीताल, 2 जून 2020। बीती रात्रि नगर के वरिष्ठ कांग्रेस एवं व्यापारी नेता, प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के कार्यकारी जिलाध्यक्ष, पूर्व नगर कांग्रेस अध्यक्ष एवं सामाजिक कार्यकर्ता मारुति नंदन साह की माता रेखा साह एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य एवं पूर्व नगर अध्यक्ष, पूर्व जिला महामंत्री, पूर्व सभासद एवं सामाजिक कार्यकर्ता गोपाल रावत की माता सरला रावत का देहावसान हो गया। मंगलवार को दोनों के आवासों पर शोक संवेदना व्यक्त करने वालों का तांता लगा रहा। नगर के सामाजिक एवं विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों के साथ ही राजनीतिक दलों के नेता, कार्यकर्ता भी दोनों ही जगह राजनीतिक विभेद भुलाकर शोक में शामिल हुए। वहीं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने स्वर्गीय सरला रावत को अंतिम यात्रा में कंधा भी दिया।

बाबा नीब करौरी के साथ स्वर्गीय रेखा साह (फाइल फोटो)

यह संयोग ही है कि 74 वर्षीया स्वर्गीय रेखा साह हनुमान जी के अवतार कहे जाने वाले बाबा नीब करौरी की अनन्य भक्त एवं परिवार से ही बाबा जी के अत्यंत करीब रहीं स्वर्गीय रेखा साह ने बाबा की प्रेरणा से ही अपने पुत्र का नाम हनुमान जी के ही एक नाम पर मारुति रखा था, और हनुमान जी के ही वार कहे जाने वाले मंगलवार की सुबह उनका असामयिक निधन होने का दुःखद समाचार आया। बीते सात-आठ माह से लीवर एवं किडनी की समस्याओं से जूझने के उपरांत उसका बीती रात्रि असामयिक निधन हो गया। उनके पति स्वर्गीय द्वारिका नाथ साह भी नगर के प्रतिष्ठित व्यवसायी रहे हैं, जबकि बड़े पुत्र रामेश्वर साह भी नगर के प्रतिष्ठित व्यवसायी हैं और पिता की विरासत संभालते हैं। एक पुत्री साधना शर्मा देश के प्रतिष्ठित, सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठतम एवं ख्यातिलब्ध अधिवक्ता फल्ली नारीमन के सहयोगी सुभाष शर्मा की पत्नी हैं, और वर्तमान में विधि की पढ़ाई कर रहे अपने पुत्र के साथ अमेरिका में हैं। श्री साह ने बताया कि उनकी अंतिम यात्रा सुबह 10 बजे रानीबाग स्थित चित्रशिला घाट के लिये प्रारंभ होगी।
वहीं, 80 वर्षीया स्वर्गीय सरला रावत भी धर्म परायण महिला थीं,। रात्रि साढे़ 12 बजे नगर के सुखताल-सूखाताल स्थित आवास पर उनका देहावसान हो गया। वे अपने पीछे राजनेता पुत्र गोपाल रावत के साथ ही उच्च न्यायालय में अधिवक्ता पुत्र डीसीएस रावत,, राजकीय पॉलीटेक्निक टनकपुर में प्रवक्ता के पद पर कार्यरत ध्यान सिंह रावत एवं दिल्ली में रहने वाली पुत्री गौरी के भरे-पूरे परिवार को शोक संतप्त छोड़ गई हैं। श्री रावत ने बताया कि उनकी अंतिम यात्रा सुबह 11 बजे पाइंस स्थित श्मशान घाट के लिये प्रारंभ होगी। शोक संवेदना व्यक्त करने वालों में नगर पालिका अध्यक्ष सचिन नेगी, पूर्व सांसद डा. महेंद्र पाल, भाजपा के नगर अध्यक्ष आनंद बिष्ट, कंाग्रेस के नगर अध्यक्ष अनुपम कबडवाल, व्यापार मंडल अध्यक्ष किसन नेगी व भुवन लाल साह, नीरज जोशी, मनोज जोशी, अरविंद पडियार, डा. ललित तिवारी व पूरन मेहरा सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे। वहीं कूटा यानी कुमाऊं विवि शिक्षक संघ तथा आम आदमी पार्टी के प्रदीप दुम्का, शाकिर अली, अभिषेक मुल्तानिया, सूरज कुमार आदि कार्यकर्ताओं ने भी दोनों दिवंगत आत्माओं के प्रति शोक संवेदना व्यक्त की है।

‘नवीन समाचार’ दोनों दिवंगत दिव्य आत्माओं की शांति एवं शोक संतप्त परिवारों को अपार विछोह के इस दुःख को सहने की सामर्थ्य प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना करता है।

Leave a Reply