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आपका कोना में आज रक्षाबंधन पर एक बहन के वचन की अनोखी कहानी – श्रावणी

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       (‘नवीन समाचार’ के इस ‘आपका कोना’ स्तंभ में हम ‘नवीन समाचार’ के पाठकों की कविताएं, लेख, विचार आदि प्रकाशित करते हैं। यदि आप भी ‘नवीन समाचार’ के माध्यम से अपने विचार, कविता-लेख आदि प्रकाशित कर हमारे अन्य पाठकों तक पहुंचना चाहते हैं तो हमें अपने विचार, कविता या लेख आदि हमें हमारे व्हाट्सएप नंबर […]

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न्याय देवता के चितई ग्वेलज्यू मंदिर के मामले में हाईकोर्ट ने निर्णय लेने से किया इंकार, निचली अदालत को भेजा अधिकार का मामला..

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      नवीन समाचार, नैनीताल, 19 नवम्बर 2020। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने प्रदेश में न्याय के देवता के रूप में प्रसिद्ध ग्वेलज्यू के चितई अल्मोड़ा स्थित मंदिर के प्रबंधन को लेकर जनहित याचिका व पुनर्विचार याचिका में खुद कोई निर्णय लेने से इंकार करते हुए सिविल न्यायालय अल्मोड़ा को मामले में उपासना से संबंधित अधिकार के साक्ष्य […]

प्रसिद्ध वैष्णो देवी शक्तिपीठ सदृश रामायण-महाभारतकालीन द्रोणगिरि वैष्णवी शक्तिपीठ दूनागिरि

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      हिमालय की गोद में बसे आध्यात्मिक महिमा से मंडित और नैसर्गिक प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर दूनागिरि शक्तिपीठ का अपार महात्म्य है। जम्मू के प्रसिद्ध वैष्णो देवी शक्तिपीठ की तरह ही यहां भी वैष्णवी माता की स्वयंभू सिद्ध पिंडि विग्रह मौजूद हैं। कहते हैं कि इन दोनों स्थानों पर अन्य शक्तिपीठों की तरह माता के कोई […]

भगवान राम की नगरी के समीप माता सीता का वन ‘सीतावनी’

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       देवभूमि कुमाऊं-उत्तराखंड में रामायण में सतयुग, द्वापर से लेकर त्रेता युग से जुड़े अनेकों स्थान मिलते हैं। इन्हीं में से एक है त्रेता युग में भगवान राम की धर्मपत्नी माता सीता के निर्वासन काल का आश्रय स्थल रहा वन क्षेत्र-सीतावनी, जो अपनी शांति, प्रकृति एवं पर्यावरण के साथ मनुष्य को गहरी आध्यात्मिकता के साथ मानो उसी […]

भद्रकालीः जहां वैष्णो देवी की तरह त्रि-पिंडी स्वरूप में साथ विराजती हैं माता सरस्वती, लक्ष्मी और महाकाली

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      ॐ जयन्ती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी। दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोस्तुते।। कहते हैं आदि-अनादि काल में सृष्टि की रचना के समय आदि शक्ति ने त्रिदेवों-ब्रह्मा, विष्णु व महेश के साथ उनकी शक्तियों-सृष्टि का पालन व ज्ञान प्रदान करने वाली ब्रह्माणी यानी माता सरस्वती, पालन करने वाली वैष्णवी यानी माता लक्ष्मी और बुरी शक्तियों […]

नेपाली, तिब्बती, पैगोडा, गौथिक व ग्वालियर शैली में बना है नयना देवी मंदिर

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       “सरोवरनगरी की पहचान से जुड़ा नगर का प्राचीन नयना देवी मंदिर नेपाली, तिब्बती, पैगोडा व कुछ हद तक अंग्रेजी गौथिक व ग्वालियर शैली में भी बना हुआ है। इसकी स्थापना नगर के संस्थापकों में शुमार मूलतः नेपाल निवासी मोती राम शाह के पुत्र अमर नाथ शाह ने अंग्रेजों से एक समझौते के तहत यहां […]