-मोटर यान अधिनियम में साइकिल चलाने के बाबत कोई नियम-क़ानून नहीं, माल रोड पर साइकिल चलाने वालों के उत्तराखंड पुलिस अधिनियम के तहत किये जा रहे हैं 250 रुपये के चालान 

नैनीताल पुलिस द्वारा साइकिल चलाने पर किया गया चालान की प्रति

देश-दुनिया में पेट्रोलियम बचाने और साइकिल को अपनाने की चल रही मुहिम तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा भी किये गये ऐसे आह्वान शायद नैनीताल पुलिस को पसंद नहीं आये हैं। नैनीताल पुलिस ने माल रोड पर साइकिल चलाने पर प्रतिबंध लगा दिया है।

पूछे जाने पर अपर पुलिस अधीक्षक हरीश चंद्र सती ने कहा कि मॉल रोड पर बच्चे उल्टी दिशा में भी साइकिलें चला रहे हैं, इसलिये सुरक्षात्मक कारणों से मॉल रोड पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसी कड़ी में बुधवार को 3 साइकिल चला रहे लोगों का 250-250 रुपए का चालान किया गया है। गौरतलब है कि साइकिलों के चलने के बाबत एमवी एक्ट यानी मोटरयान अधिनियम में किसी तरह के प्राविधान नहीं हैं, तथा चालान की कॉपी में चालान का कारण साफ नजर नहीं आ रहा है। अलबत्ता, पुलिस के उच्चाधिकारियों का इस मामले में जिस तरह का रुख है, उससे लगता है कि चालान की कार्रवाई उत्तराखंड पुलिस अधिनियम की आढ़ में की जा रही है। 
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते वर्ष नीदरलेंड दौरे पर वहां के प्रधानमंत्री मार्क रुट के साथ साइकिल की सवारी की थी, और रुट ने उन्हें वही साइकिल तोहफे में दी, और मोदी इसे न केवल साथ लेकर भारत आये, वरन ट्विटर के जरिये रुट को साइकिल तोहफे में देने के लिए धन्यवाद भी अदा किया।

नीदरलैंड केप्रधानमंत्री मार्क रूट से तोहफे में साइकिल मिलने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किया गया ट्वीट :

वहीं इधर कर्नाटक में चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी साइकिल चलाते हुए दिखे, जबकि नीदरलेंड, जापान सहित दुनिया के अनेकों देशों में हालिया दौर में प्रधानमंत्रियों व राजनेताओं को कारों के बजाय साइकिल चलाकर सुर्खियां बटोरी हैं। देश दुनियां में बाईसाइकिलिंग और बाइकिंग एक खेल के रूप में भी खासा पसंद किया जा रहा है, और नैनीताल में भी ऐसी प्रतियोगिताएं पिछले कुछ वर्षों से आयोजित की जा रही हैं, और स्वयं पुलिस इसमें सुरक्षा उपलब्ध कराती रही है।

कर्नाटक चुनाव के दौरान साइकिल से चुनाव प्रचार को जाते कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी : 

अलबत्ता, इधर नैनीताल में करीब डेढ़ वर्ष पूर्व सैलानियों को साइकिलों का एक नया आकर्षण उपलब्ध कराने की शुरुआत करने वाले रोहित मिश्रा का कहना है कि उन्होंने पेट्रोलियम पदार्थों के प्रयोग को कम करने और नगर में ईको फ्रेंडली-पर्यावरण मित्र एवं सेहत के लिए भी लाभदायक साइकिलों का विकल्प उपलब्ध कराया था। वे शुरू से इस नये विकल्प को नियमानुसार चलाने के पक्षधर हैं। साइकिलें रखने के लिए उनके पास अपनी पार्किंग की सुविधा भी है। उन्होंने परिवहन विभाग से भी साइकिल चलाने के बारे में नियम-कानूनों की जानकारी ली, लेकिन उन्होंने एमवी एक्ट से संबंधित प्रपत्र उपलब्ध कराकर कहा कि साइकिल चलाने के लिए कोई नियम-कानून नहीं हैं। साइकिलों से उनका रोजगार अच्छा चल निकला तो उनकी देखा-देखी नगर में अन्य लोग भी साइकिलें ले आए। वर्तमान में करीब 80-90 साइकिलें माल रोड पर 200 रुपए प्रति घंटे के किराये पर चलाई जा रही हैं। जरूर इनसे कुछ दिक्कतें भी हो रही होंगी, किंतु नैनीताल पुलिस कोई समस्या होने पर उस समस्या का समाधान करने के बजाय उस समस्या को बंद ही करने की नीति पर चल रही है। नगर में बसों के प्रवेश को रोकने के साथ ही पिछले दिनों नगर में बाइक टैक्सियां भी रोक दी गयी थीं, जबकि ये भी यातायात एवं प्रदूषण का बड़ा कारण बनने वाली चार पहिया टैक्सियों से बेहतर हैं। साइकिलों के मामले में पुलिस को साइकिल चलवाने वालों के पास पार्किंग की सुविधा न होने पर ही चालान जैसी कार्रवाई करनी चाहिए। इसी तरह उल्टी दिशा में साइकिल चलाने की स्थिति में यह साइकिल चलवाने वाले ने साइकिल चलाने वालों को नियमों की जानकारी न दी हो तो साइकिल चलाने वाले का और अन्यथा साइकिल चलाने वाले का चालान करना चाहिए।

(बताया जाता है कि पूर्व में जब साइकिलें ही यातायात का प्रमुख माध्यम होती थीं, तब बिना ‘बत्ती’ (रोशनी) के चलने वाली साइकिलों के चालान का प्राविधान होने की बात कही जाती है, किन्तु अब साइकिलों में रोशनी के प्रबंध नहीं होते हैं।)

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मेरा जन्म 26 नवंबर 1972 को हुआ था। मैं नैनीताल, भारत में मूलतः एक पत्रकार हूँ। वर्तमान में मार्च 2010 से राष्ट्रीय हिन्दी दैनिक समाचार पत्र-राष्ट्रीय सहारा में ब्यूरो चीफ के रूप में कार्य कर रहा हूँ। इससे पहले मैं पांच साल के लिए दैनिक जागरण के लिए काम कर चुका हूँ। कुमाऊँ विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग से ‘नए मीडिया’ विषय पर शोधरत हूँ। फोटोग्राफ़ी मेरा शौक है। मैं NIKON COOLPIX P530 और अडोब फोटोशॉप 7.0 के साथ फोटोग्राफी कर रहा हूँ। फोटोग्राफी मेरे लिए दुनियां की खूबसूरती को अपनी ओर से चिरस्थाई बनाने का बहुत छोटा सा प्रयास है। एक फोटो पत्रकार के रूप में मेरी तस्वीरों को नैनीताल राजभवन सहित विभिन्न प्रदर्शनियों में प्रस्तुत किया गया, तथा उत्तराखंड की राज्यपाल श्रीमती मार्गरेट अलवा द्वारा सम्मानित किया गया है। कुछ चित्रों को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्राप्त हो चुके हैं। गूगल अर्थ पर चित्र उपलब्ध कराने वाली पैनोरामियो साइट पर मेरी प्रोफाइल को 18.85 Lacs से भी अधिक हिट्स प्राप्त हैं।पत्रकारिता और फोटोग्राफी के अलावा मुझे कवितायेँ लिखना पसंद है। काव्य क्षेत्र में मैंने नवीन जोशी “नवेन्दु” के रूप में अपनी पहचान बनाई है। मैंने बहुत सी कुमाउनी कवितायेँ लिखी हैं, कुमाउनी भाषा में मेरा काव्य संकलन उघड़ी आंखोंक स्वींड़ प्रकाशित हो चुका है, जो कि पुस्तक के के साथ ही डिजिटल (PDF) फार्मेट पर भी उपलब्ध होने वाली कुमाउनी की पहली पुस्तक है। मेरी यह पुस्तक गूगल एप्स पर भी उपलब्ध है।

यहां है एक पत्रकार, लेखक, कवि एवं छाया चित्रकार के रूप में मेरी रचनात्मकता, लेख, आलेख, छायाचित्र, कविताएं, हिंदी-कुमाउनी के ब्लॉग आदि कार्यों का पूरा समग्र। मेरी कोशिश है कि यहां नैनीताल, कुमाऊं, उत्तराखंड और वृहद संदर्भ में देश की विरासत, संस्कृति, इतिहास और वर्तमान को समग्र रूप में संग्रहीत करने की….।

मेरे दिल में बसता है, मेरा नैनीताल, मेरा कुमाऊं और मेरा उत्तराखंड

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