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नैनीताल: पुलिस ने उतरवाए धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 28 जून 2022। देश में पिछले माह चली धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर उतरवाने की मुहिम मुख्यालय में अब दिखाई दे रही है। मंगलवार को तल्लीताल थाना पुलिस ने थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मुख्यालय के साथ ज्योलीकोट चौकी पुलिस के क्षेत्र में लाउड स्पीकरों का प्रयोग कर रहे धार्मिक स्थलों में जाकर लाउड स्पीकर उतरवा दिये।

तल्लीताल के थाना प्रभारी रोहिताश सिंह सागर ने बताया कि धर्मावलंबियों को न्यायालय के निर्देशों को लेकर जानकारी दे दी है। न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन नहीं करने की अपील भी की गई है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : राज्यपाल ने कही बड़ी बात, कहा-चार धाम के साथ अन्य धार्मिक स्थानों को भी धार्मिक यात्राओं के सर्किट में जोड़ने की आवश्यकता

-राज्यपाल ने किये विश्व प्रसिद्ध श्री जागेश्वर धाम एवं चितई गोलू मंदिर के दर्शन

जागेश्वर धाम में राज्यपाल को स्मृति चिन्ह भेंट करती मंदिर की प्रबंधक एवं अन्य।

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 15 जून 2022। उत्तराखंड के राज्यपाल सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने बुधवार को जनपद अल्मोड़ा के विश्व प्रसिद्ध श्री जागेश्वर धाम एवं चितई गोलू मंदिर पहुंचकर पूजा अर्चना की तथा प्रदेशवासियों के लिए सुख समृद्धि की प्रार्थना की। इस दौरान जागेश्वर मंदिर में पुजारी गिरीश भट्ट ने उन्हें पूजा पाठ कराई।

राज्यपाल ने मंदिर में महामृत्युंजय मंत्र एवं शिव के अन्य मंत्रों का उच्चारण किया, तथा मातृशक्ति मंदिर, पुष्टि देवी मंदिर आदि में भी पूजा-अर्चना की। साथ ही संपूर्ण मंदिर परिसर की परिक्रमा कर मंदिर के इतिहास एवं मान्यताओं की जानकारी प्राप्त की।

मंदिर के पुजारी लक्ष्मी दत्त भट्ट ने उन्हें मंदिर के इतिहास एवं मान्यताओं की जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने डीएम वंदना से इस क्षेत्र के आध्यात्म एवं पर्यटन की दृष्टि से विशेष महत्व को देखते हुएयहां के लोगों की आर्थिकी को पर्यटन से जोड़े जाने पर कार्य करने को कहा। इस हेतु उन्होंने इस क्षेत्र में होम-स्टे योजना पर विशेष कार्य किए जाने को भी कहा। इस दौरान उन्होंने कहा कि जागेश्वर धाम में पहुंचकर वह खुद को बहुत भाग्यशाली महसूस कर रहे हैं।यहां पहुंचकर उन्हें भारत की सभ्यता एवं संस्कृति का वास्तविक आभास हुआ है।

इसके उपरान्त चितई गोलू मंदिर पहुंचकर राज्यपाल ने धार्मिक यात्राओं का सर्किट बनाने और चारधाम के अलावा अन्य धार्मिक स्थानों को भी इससे जोड़ने की आवश्यकता जताई। उन्होने कहा कि विश्व में जितने भी गुरूनानक के अनुयायी है वे भी हेमकुण्ड, रीठा साहिब, नानकमत्ता, देहरादून, हरिद्वार में स्थित ंगुरुद्वारों में आकर आध्यत्मिक अनुभूति प्राप्त करें। इसके लिए सड़क मार्ग, हैलीपैड व संचार व्यवस्थाओं को और अधिक विकसित करना होगा। इस अवसर पर राज्यपाल के परिसहाय तरुण कुमार, एसएसपी प्रदीप कुमार राय, सीडीओ नवनीत पांडे, एडीएम सीएस मर्तोलिया, जागेश्वर मंदिर की प्रबन्धक ज्योत्सना पंत सहित अन्य लोग भी उपस्थित रहे। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : अनूठा मामला: भगवान शिव से प्रीति लगा बैठी 28 साल की हरप्रीत, डेढ़ माह से 17 हजार फिट की ऊंचाई पर स्थित ॐ पर्वत के पास शिव की भक्ति में डूबी

पार्वती की शिव के लिए कैलाश पर कठिन तपस्या || BR Chopra Superhit Hindi  Serial @ BR Studios || - YouTube
प्रतीकात्मक तस्वीर

नवीन समाचार, पिथौरागढ़, 4 जून 2022। आस्था बड़ी चीज है। शिव के धाम छोटा कैलाश गई एक 28 वर्षीय युवती भगवान शिव की भक्ति में ऐसी रमी कि पिछले करीब डेढ़ माह से वहीं भक्ति में लीन है। वह वहां से वापस नहीं लौटना चाहती। उसका यहां तक कहना है कि वह माता पार्वती का अवतार है। वह भगवान शिव से विवाह करेगी और वहीं रमेगी।

हरप्रीत कौर

हुआ यह कि गत 23 अप्रैल को यूपी के लखीमपुर खीरी की रहने वाली 28 साल की हरप्रीत कौर अपनी मां हरविंदर कौर के साथ 17 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित ॐ पर्वत के दर्शन के लिए गई थी। दोनों मां-बेटी को प्रशासन ने 6 मई तक के लिए ‘इनर लाइन पास’ यानी इस सीमावर्ती क्षेत्र में जाने की अनुमति दी थी। लेकिन तय अवधि में हरप्रीत को भगवान शिव की ऐसी लगन लगी कि स्वीकृति की तय अवधि में वापस लौटने को तैयार नहीं हुई।

इस पर उसकी मां के अनुरोध पर पास की अवधि को 6 से 24 मई तक के लिए बढ़ा दिया गया। लेकिन इस समय सीमा के खत्म होने के बाद हरप्रीत ने नाभीढांग से लौटने के लिए मना कर दिया। इस पर बेटी की जिद के आगे थक-हार कर हरप्रीत की मां हरविंदर कौर वापस लौट आईं। हरविदर ने प्रशासनिक अधिकारियों केा बताया कि कि हरप्रीत शिव की धरती से वापस आना ही नहीं चाह रही हैं और वह खुद को देवी पार्वती का अवतार बता भगवान शिव से विवाह करने की बात कह रही है।

इस बात के प्रकाश में आने के बाद प्रशासन और खुफिया तंत्र भी अलर्ट मोड में आ गया है। चीन और नेपाल के एकदम करीब सटे नाभीढांग इलाके में इस तरह का यह पहला मामला है। पिथौरागढ़ के पुलिस अधीक्षक ने बताया कि हरप्रीत की दिमागी हालत ठीक नही है। पहली बार उसे नीचे लाने का प्रयास सफल नही हो पाया। जिसके बाद एक बार फिर से हरप्रीत को वापस नीचे लाने के लिए एक मेडिकल टीम, दो महिला एसआई और दो जवान भेजे जा रहे हैं। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : राज्य के धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर हटाने को शुरू हुआ अभियान, अब तक हटाए 258 लाउड स्पीकर

Petition Filed On Breaking Rules Late Night loud Speakers In High Court -  नियमों को तोड़ देर रात लाउड स्पीकर बजाने वालों के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका  दायर - Amar Ujala Hindiनवीन समाचार, देहरादून, 3 जून 2022। उत्तराखंड पुलिस ने उच्च न्यायालय के आदेश पर प्रदेश में कुल 258 धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकरों को हटाया है। शुक्रवार को पुलिस मुख्यालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार प्रदेश के पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार के निर्देशन में धार्मिक स्थलों के लाउडस्पीकरों से होने वाले ध्वनि प्रदूषण और उच्च न्यायालय के आदेश के तहत लाउडस्पीकरों को हटाने के लिए राज्य के सभी जनपदों में 1 जून से विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के अन्तर्गत अभी तक कुल 258 धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकरों को हटाया गया है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड के राज्यपाल ने प्रथम महिला संग नयना देवी मंदिर और गुरुद्वारे में नवाए शीष

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 26 मई 2022। उत्तराखंड के राज्यपाल सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने गुरुवार को नैनीताल स्थित गुरूद्वारे में सपरिवार मत्था टेका व नयना देवी मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश वासियों की समृद्धि और खुशहाली के लिए कामना की। इस दौरान उन्होंने बताया कि उन्होंने प्रत्येक उत्तराखंडवासी स्वस्थ, समृद्ध हो और उत्तराखंड का विकास हो, चारधाम यात्रा में आ रहे श्रद्धालुओं की यात्रा मंगलमय हो, इसकी कामना की।

उन्होंने कहा कि नयना देवी मंदिर में आकर एक अलग ही आंनद व शक्ति मिलती है। सभी पर्यटको को यहां आकर मां नयना देवी में आशीर्वाद लेना चाहिए।

इस दौरान राज्यपाल को गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी व मंदिर कमेटी के पदाधिकारियों ने स्मृति चिन्ह देकर उनका अभिनंदन किया। नयना देवी मंदिर के अमर उदय ट्रस्ट के अध्यक्ष राजीव लोचन साह ने उन्हें माता की पवित्र चुनरी भी भेंट कीं। इस दौरान उनके साथ प्रथम महिला गुरमीत कौर भी उपस्थित रहीं। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : हल्द्वानी में बिक रही धार्मिक चिन्ह युक्त बियर की बोतल, सीएम हेल्पलाइन व एसएसपी से की गई शिकायत..

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 21 मई 2022। जनपद में हिंदू धर्म में पवित्र माने जाने वाले स्वास्तिक के चिन्ह युक्त बियर की बोतलें बेचे जाने का मामला प्रकाश में आया है। इस मामले में नगर के मल्लीताल स्प्रिंगफील्ड कंपाउंड निवासी हरीश राणा ने एसएसपी को शिकायती पत्र भेजा है।

पत्र में कहा गया है कि हल्द्वानी के कुसुमखेड़ा स्थित अनुज्ञापी पूरन बिष्ट की देशी मदिरा की दुकान में टेंसबर्ग प्रीमियर नाम स्ट्रांग बियर नाम की मदिरा बेची जा रही है। इस पर हिंदू धर्म की आस्था के प्रतीक चिन्ह स्वास्तिक का प्रयोग किया जा रहा है। इससे समाज में नकारात्मक माहौल पैदा हो रहा है, एवं धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं। यह भी पढ़ें इस समाचार पर कुछ ही मिनटों में कैसे हुआ असर : कुछ ही मिनटों में हुआ ‘नवीन समाचार’ पर प्रकाशित समाचार का असर

इसलिए पत्र में संबंधित विक्रेता एवं इसके वितरक अद्वैंता एग्रीटेक एवं इस व्यवसाय से जुड़े सभी लोगो पर सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि भारतीय दंड संहिता की धारा 295ए व 298 के तहत धार्मिक चिन्हों का इस तरह प्रयोग करना दंडनीय अपराध है।

इस मामले में एसएसपी पंकज भट्ट ने कहा कि इस मामले में शुभम पाठक नाम के व्यक्ति के द्वारा सीएम हेल्पलाइन में आबकारी विभाग को संदर्भित करते हुए भी शिकायत की गई हैं उन्होंने भी यह मामला संज्ञान में आने पर जिला आबकारी विभाग से पूछा है कि बियर की बोतल पर अंकित चिन्ह उनके नियमों के अनुसार कैसा है। साथ ही उन्होंने कहा कि इस मामले में सीओ हल्द्वानी को जांच सोंपी गई है। कहा कि यदि लोगों की भावनाएं आहत होती हैं तो मामले में संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : मुख्यमंत्री धामी का एनयूजे-आई के सम्मेलन में बड़ा दावा: एक भी तीर्थयात्री की मौत राज्य सरकार की अव्यवस्थाओं से नहीं हुई…

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, पंतनगर 15 मई 2022। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दावा किया कि चार धाम यात्रा में एक भी तीर्थयात्री की मौत सरकार की अव्यवस्थाओं के कारण नहीं हुई। जो भी मौतें हुईं वह स्वास्थ्य कारणों से हुई हैं। उन्होंने दावा किया कि वह स्वयं पहले दिन से व्यवस्थाओं को, खासकर पहले दिन करीब साढ़े 6 हजार तीर्थयात्रियों के खुले में रहने जैसी व्यवस्थाओं को देख रहे थे। मीडिया में चौथे दिन समाचार आए और उनसे राष्ट्रीय स्तर पर राज्य की छवि खराब हुई। उन्होंने कहा कि यात्रा से राज्य का मान बढ़े, यह सरकार के साथ प्रत्येक राज्यवासी की भी जिम्मेदारी है। इस हेतु उन्होंने मीडिया से सहयोग भी मांगा।

रविवार को एनयूजे-आई यानी ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया)’ के प्रांतीय सम्मेलन में श्री धामी ने कहा कि यात्री बिना स्वास्थ्य परीक्षण के, और बिना स्थानीय कठिन परिस्थितियों से अभ्यस्त हुई शून्य से नीचे के तापमान की इस यात्रा पर निकलते हैं, इसलिए स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ती हैं। इस कारण पर यात्रा में वीआईपी के लिए अलग व्यवस्था हटाने एवं पंजीकरण एवं स्वास्थ्य जांच के बाद ही यात्रियों को आगे भेजने जैसे प्रबंध करने पड़े हैं।

कहा कि सभी की यात्रा सरल, सुगम व सुरक्षित हो, इसके लिए युवा यात्री महिलाओं व बुजुर्गों को दर्शन करने में प्राथमिकता दे तथा यात्रा पर आने वाले श्रद्धालु डॉक्टर से परामर्श लें। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि जो भी व्यक्ति स्वस्थ न हों, वे स्वस्थ होने तक यात्रा पर न आयें। श्री धामी ने कहा कि केदारनाथ धाम यात्रा में अपेक्षा से कहीं अधिक श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, फिर भी सरकार की कोशिश है कि रात्रि में ही सभी यात्रियों के लिए ऐसी व्यवस्था हो कि किसी को भी खुले आसमान के नीचे रहना व सोना न पड़े। उन्होंने राज्य में एक समान नागरिक संहिता लागू किए जाने का संकल्प भी दोहराया। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : श्री गोल्ज्यू संदेश यात्रा के समापन कार्यक्रम में शामिल हुए सीएम, की प्रदेशवासियों की खुशहाली के लिए प्रार्थना

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 6 मई 2022। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को जनपद के घोङाखाल में आयोजित श्री गोल्ज्यू संदेश यात्रा के समापन कार्यक्रम मे प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने पूजा अर्चना करते हुए गोल्ज्यू महाराज से प्रदेशवासियों की खुशहाली के लिए प्रार्थना की। इस दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं के साथ प्रसाद भी ग्रहण किया।

उल्लेखनीय है कि ‘अपनी धरोहर’ संस्था द्वारा उत्तराखंड राज्य की संस्कृति के प्रतीक गोलज्यू यात्रा का शुभारंभ गत 25 अप्रैल को बोना गाँव धरती धार मुनस्यारी से हुआ था। यात्रा पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, बागेश्वर, पौड़ी, देहरादून, चंपावत, खटीमा, रुद्रपुर, हल्द्वानी, नैनीताल, भवाली होते हुए घोड़ाखाल गुरुवार शाम पहुंची थी। इधर शुक्रवार को घोड़ाखाल स्थित गोलज्यू मंदिर में हवन के साथ यात्रा का विधिवत समापन हुआ। संस्थाध्यक्ष सेवानिवृत्त आईपीएस गणेश मर्तोलिया, सचिव विजय भट्ट व यात्रा में शामिल सदस्यों ने पूजा अर्चना व हवन यज्ञ कर गोलज्यू महाराज से प्रदेश वासियों के शुभ मंगल की कामना की एवं आयोजकों को बधाई दी।

अध्यक्ष गणेश मर्तोलिया ने पूजा अर्चना के बाद कहा कि गोलज्यू हमारे न्याय के देवता हैं और पूरे उत्तराखंड में लोग उन्हें पूजते हैं। रोजगार, शिक्षा, चिकित्सा तथा कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देते हुए सहभागी बनाने के उद्देश्य से आयोजित गोलज्यू यात्रा के द्वारा पूरे उत्तराखंड में जाकर जन जागृति का प्रयास किया गया है। सचिव विजय भट्ट ने कहा कि शिल्पकार, मूर्तिकार, लोहार, जगरिये, डंगरिये, लोकगायक, लोकनर्तक, वाद्य यंत्र बनाने व बजाने वाले और इसी प्रकार उत्तराखंड की पहचान और विरासत को जीवंत रखने वाले कलाकारों की पहचान करना और उनकी कला को रोजगारोन्मुख बनाना भी यात्रा का उद्देश्य रहा है।

यात्रा दल में श्याम सुंदर रौतेला, मनोज इष्टवाल, बीएस मेहता, ललित पंत, जीवन जोशी, मोहन बिष्ट, कैलाश सुयाल, भूपेंद्र भट्ट, भगवान पंत, दिनेश नेगी, हिमांशु खुल्बे आदि लोग शामिल रहै। जबकि समापन के अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष बेला तोलिया, विधायक राम सिंह कैड़ा व सरिता आर्य, डीआईजी नीलेश आनंद भरणे, डीएम धीराज गर्ब्याल, एसएसपी पंकज भट्ट, भाजपा के जिला अध्यक्ष प्रदीप बिष्ट, पूर्व पालिका अध्यक्ष मुकेश जोशी, नैनीताल यात्रा संयोजक नीरज जोशी, रुचिर साह, रवि दुर्गापाल, दिगंबर वर्मा, सुरेश कपिल, सुनीता जोशी, गिरीश मेलकानी, चंद्रप्रकाश तिवारी व वीरेंद्र प्रताप सिंह सहित बङी संख्या में श्रद्धालु और जनसामान्य उपस्थित रहे। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : मुख्यमंत्री धामी कल पहुंच रहे जिस कार्यक्रम में, भाजपा नेता ने लगाया उसके आयोजकों पर चोरी सहित कई गंभीर आरोप

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 5 मई 2022। प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कल 6 मई 2022 को नैनीताल जनपद के घोड़ाखाल में श्री गोल्ज्यू संदेश यात्रा के समापन अवसर पर पहुंच रहे हैं। लेकिन भारतीय जनता पार्टी के ही एक नेता, पूर्व मंडल अध्यक्ष एवं ग्वल सेना के संस्थापक पूरन मेहरा ने श्री गोल्ज्यू संदेश यात्रा के आयोजकों पर उनके गीतों को चोरी करने सहित कई गंभीर आरोप लगाए हैं।

श्री मेहरा ने कहा है कि कुछ लोगों के द्वारा पूर्व मे ग्वल सेना द्वारा पहाड़ में अवैध रूप से जमीनों की खरीद फरोख्त को रोकने, भू-माफियाओं व प्रभावशाली लोंगों के गठबंधन को बेनकाब करने के लिए पूरे कुमाऊँ-मंडल में निकाली गई ग्वल संदेश यात्रा और उसमें प्रयोग किए गए व स्वयं मेहरा द्वारा लिखे व बनाये गये मनमोहक गीतों को झूठे तरीके से, चोरी करके यात्रा में लोगों को गुमराह करने के लिए बजा कर झूठी वाह-वाही लूटी जा रही है

मेहरा ने कहा वह ऐसे लोगों व आयोजकों पर उनके गाने चोरी करने व पूर्व में निकाली गयी ग्वल संदेश यात्रा का गलत इस्तेमाल करने पर शीघ्र कानूनी नोटिस देकर मानहानि का दावा करेंगे। उन्होंने ग्वल संदेश यात्रा के नाम पर एक व्यक्ति द्वारा बुद्धिजीवी वर्ग को गुमराह करने व लाखों-लाख रूपए खर्च करने पर भी पहाड़ के लोगांे से सावधान रहने की बात कही है। साथ ही उन्होंने इस यात्रा पर लाखों रुपए खर्च करने पर संदेह जाहिर किया और कहा कि लोग ग्वल सेना को इस प्रकार के आयोजन के लिये अवैध रूप से धन देने की बात कर यात्रा निकालने या कार्यक्रम आयोजित करने को कहते थे जिसका हमेशा उनके द्वारा विरोध किया। वही लोग ऐसे आयोजन को आर्थिक मदद कर रहे हैं।

इधर प्रशासनिक विज्ञप्ति में बताया गया है कि मुख्यमंत्री धामी इस कार्यक्रम में प्रतिभाग करने के लिए शुक्रवार सुबह 9 बजे हैली काप्टर से केदारनाथ से प्रस्थान कर 9ः50 बजे सैनिक स्कूल घोडाखाल के मैदान में पहुचेंगे और 10.10 बजे से 11 बजे तक श्री गोल्ज्यू संदेश यात्रा के समापन में प्रतिभाग करेंगे। आगे उनका 11ः45 बजे सैनिक स्कूल घोड़ाखाल मैदान से हैलीकॉप्टर से देहरादून के लिए प्रस्थान करने का कार्यक्रम है।

इधर आज जिला मुख्यालय में पहुंचने पर यात्रा का रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों से मल्लीताल रामलीला मैदान में स्वागत किया गया। इसके बाद यात्रा नगर के ठंडी सड़क स्थित गोल्ज्यू मंदिर पहुची और वहां पूजा-अर्चना के बाद भवाली और वहां से गोल्ज्यू मंदिर घोड़ाखाल पहुंची, जहां रात्रि में गोल्ज्यू के जागर के उपरांत शुक्रवार को यात्रा का समापन किया जाएगा। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : यज्ञ, कन्या पूजन, कथा और भंडारे के साथ भागवत कथा का समापन

-विधायक सरिता आर्य सहित विभिन्न गणमान्य लोगों ने दी उपस्थिति
डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 4 मई 2022। सरोवर नगरी नैनीताल में नव साँस्कृतिक सत्संग समिति शेर का डांडा द्वारा 7 नंबर स्थित रामलीला मैदान में चल रहे श्रीमद भागवत कथा का विशाल यज्ञ एवं कथा के साथ बुधवार को समापन हो गया। आठ दिन तक विश्व शांति की भावना के साथ चले ज्ञान यज्ञ में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रतिभाग कर कथा का श्रवण किया।

समापन अवसर पर व्यास नमन कृष्ण ने कहा कि सद गृहस्थ के लिए अपने कर्तव्यों के निर्वहन के साथ ही प्रभु भक्ति का समन्वयन करना ही श्रेष्ठ है। भोग विलास से निर्लिप्त होकर ही भगवान को समझा जा सकता है। इस हेतु सभी नागरिक पंच देवों का पूजन करें।

समापन अवसर पर आयोजित विशाल यज्ञ में 20 यजमानों खुशहाल रावत, पीसी पांडे, कैलाश जोशी, लक्ष्मण बिष्ट, इंद्र रावत, प्रकाश पांडे, विपिन पंत, कंचन चंदोला, दिनेश पांडे, मोहन जोशी, भीम सिंह कार्की, राजेश जोशी, ललित गिरि गोस्वामी, कमल बिष्ट, बीएस नैनवाल, दीपक पांडे, संतोष पंत, दीपक जोशी, ललित मोहन पांडे, चंद्र शेखर जोशी सहित समिति के सदस्यों उमेश सनवाल, हेम पांडे, हरीश जोशी, वीरेंद्र बिष्ट, महावीर बिष्ट, प्रकाश चंदोला, विनोद सनवाल, महेश चंद्र, ध्यान सिंह आदि सहित सैकड़ों लोगों ने श्रद्धा सहित आहुति दी।

आयोजन को सफल बनाने में घनश्याम शर्मा, विपिन भट्ट, हिमांशु पांडे, दिव्यांशु रावत, विकास बड़ोला, रजत पांडे, अर्जुन, विपिन तरीयाल, दीपक जोशी, हनी जोशी, कुणाल जोशी, हिमांशु जोशी, भगत सिंह, कुणाल कुरिया, सचिन जोशी व गिरीश पाठक आदि ने योगदान दिया। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : काठगोदाम में हनुमान चालीसा पढ़कर लौट रहे युवकों से मारपीट के बाद पथराव, हंगामा, तमंचे लहराए…, मुकदमा दर्ज-आरोपित गिरफ्तार…

हनुमान चालीसा का पाठ कर लौट रहे युवकों पर पथराव के बाद हंगामानवीन समाचार, अल्मोड़ा, 1 मई 2022। हनुमान चालीसा पढ़ने वालों पर पथराव की घटना अब काठगोदाम में भी हो गई। शनिवार रात्रि शीशमहल स्थित शिव मंदिर से हनुमान चालीसा का पाठ कर लौट रहे बजरंग दल के कार्यकर्ताओं पर समुदाय विशेष के लोगों ने पथराव कर दिया। भीड़ ने पथराव करने वाले तीन आरोपितों को पकड़ा तो 15-20 लोगों ने एकत्र होकर तमंचे के बल पर दो युवकों को छुड़ा ले गए। इसके बाद पथराव भी हुआ। विरोध में हिंदू संगठनों के लोगों ने देर रात तक काठगोदाम थाने में हंगामा किया।

इस मामले में नैनीताल जनपद पुलिस की ओर से बताया गया है कि तहरीर के आधार पर त्वरित कार्यवाही करते हुए रात्रि में ही काठगोदाम थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 147, 149 153ए, 323, 504 506 व 296 के तहत नामजद एवं अन्य आरोपितों के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत कर दिया है। साथ ही घटना में संलिप्त अधिकतर आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस द्वारा अन्य शामिल आरोपितों की पहचान कर उनके विरुद्ध भी आवश्यक कार्यवाही की जा रही है।

इसके अलावा मामले में सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्मों पर जनपद के सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल द्वारा निरंतर निगरानी की जा रही है। कहा है कि यदि किसी व्यक्ति द्वारा उक्त मामले से संबंधित कोई भी पोस्ट शेयर कर लोगों को भड़काने आदि का प्रयास किया जाता है तो उसके विरुद्ध सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया जाएगा।

आरोपों के अनुसार शनिवार शाम हनुमान चालीसा पढ़कर लौट रहे युवकों से दूसरे समुदाय के लोगों ने उनके संगठन का नाम पूछा और मारपीट कर दी। बताया गया है कि काठगोदाम थाने में मौजूद लोगों ने बताया कि हनुमान चालीसा पाठ कर घर लौट रहे युवक हनुमान गढ़ी के पास गन्ने का जूस पीने के लिए रुक गए थे। उसी दौरान वहां करीब 6-7 बाइकों से बड़ी संख्या में समुदा विशेष के लोग पहुंचे और तीनों युवकों के गले में भगवा गमछा पड़ा देख बजरंग दल का सदस्य होने के बारे में पूछा और अचानक हमला कर दिया।

जब युवकों ने इसका विरोध किया तो दूसरे पक्ष ने पथराव शुरू कर दिया। शोर शराबा सुनकर बस्ती के लोग मौके पर पहुंचे और तीन आरोपियों को दबोच लिया। थाने में मौजूद प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि लगभग 10 मिनट बाद ही समुदाय विशेष के एक युवक ने किसी को फोन किया और कुछ ही देर में 50-60 लोग शीशमहल चौराहे पर पहुंचे और पथराव शुरू कर दिया। आरोप है कि पथराव कर रही भीड़ में कुछ के पास धारदार हथियार, लाठी-डंडे और कुछ लोगों के पास तमंचे भी थे।

हथियारों से लैस भीड़ ने अपने दो साथियों को छुड़वाया और दूसरे पक्ष की ओर से पथराव होने पर तमंचा लहराते हुए फरार हो गए। बताया कि इस दौरान समुदाय विशेष के तीसरे व्यक्ति को लोगों ने दुकान में बंद कर दिया। सूचना पर पहुंची काठगोदाम पुलिस मामला शांत कराकर एक पक्ष को लेकर थाने पहुंची। काफी देर की बातचीत के बाद एक पक्ष ने तहरीर देते हुए जल्द से जल्द पथराव करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।

काठगोदाम निवासी पंकज खत्री ने पुलिस को दी तहरीर में कहा है कि प्रत्येक मंगलवार व शनिवार को शीशमहल स्थित शिव मंदिर में हनुमान चालीसा पाठ कराया जाता है। शनिवार को बजरंग दल कार्यकर्ता रक्षित, देव व मानस हनुमान चालीसा का पाठ कर घर लौट रहे थे। तीनों के गले में भगवा गमछा पड़ा था। इसी बीच दूसरे समुदाय के लोग बड़ी संख्या में हाथ में तमंचे लेकर पहुंच गए और तीनों कार्यकर्ताओं से मारपीट की। शोरशराबा होने पर भीड़ जमा हो गई। मारपीट करने वाले तीन युवकों को पकड़ लिया गया।

इसी बीच 15-20 लोग बाइकों पर हथियारों से लैस होकर पहुंचे और तमंचा दिखाते हुए दो युवकों को छुड़ा लिया। इसके बाद जमकर पथराव किया गया। एक आरोपित को भीड़ ने पुलिस के हवाले कर दिया। इधर, मारपीट, पथराव की सूचना पर हिंदूवादी संगठन एकजुट होकर काठगोदाम थाने में पहुंच गए। आरोपितों पर कार्रवाई की मांग को लेकर मेयर डा. जोगेंद्र रौतेला सहित 30-35 लोग थाने में डटे रहे। एसपी सिटी हरबंस सिंह, सीओ भूपेंद्र धोनी आदि ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई का आश्वासन देकर लोगों को शांत कराया। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : यूनीफॉर्म सिविल कोड के बाद उत्तराखंड से उठी देश में हिंदू ईशनिंदाकानून लागू करने की मांग, PM मोदी को लिखा पत्र

 नवीन समाचार, देहरादून, 20 अप्रैल 2022। देश में लाउडस्पीकर, हिजाब व धार्मिक आधार पर दंगों तथा उत्तराखंड में यूनीफार्म सिविल कोड लागू किए जाने की पृष्ठभूमि के बीच उत्तराखंड से देश में ‘हिदू ईशनिंदा कानून’ लागू किए जाने की मांग उठी है। विश्व हिंदू सुरक्षा बल के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित योगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर देश में यह कानून लागू करने की अपील की। उनका कहना है कि देश की संस्कृति और हिंदूवाद को बचाने के लिए इस कानून की जरूरत है।

देहरादून के प्रेस क्लब में अमित योगी ने देश में हिंदू ईशनिंदा कानून लागू करने की मांग रखते हुए कहा कि देश में एक विशेष जाति-धर्म के लोग हिंदुओं के त्योहारों, मठ, मंदिरों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। विश्व हिंदू सुरक्षा बल का मानना है कि देश भर में जिस तरह हिंदुओं के त्योहारों की आलोचना की जा रही है और जिस तरह हाल में दिल्ली, रुड़की और अन्य जगहों पर हनुमान जयंती के मौके पर पथराव किया गया, इस स्थिति में यह कानून बहुत जरूरी है।

योगी का कहना है मुस्लिम देशों में जिस तरह से उनके धर्म के लिए कानून बने हैं। उनके धर्म के लिए कोई भी व्यक्ति कुछ कहता है या उसका अपमान करता है, तो उसको कठोर सजा मिलती है। ठीक इसी प्रकार से अब भारत मे भी हिंदू ईशनिंदा कानून की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इस कानून के तहत दोषी को मृत्यु दंड तक का प्रावधान होना चाहिए।

क्या है हिन्दू ईशनिंदा कानून?
ईशनिंदा कानून ब्रिटिश शासनकाल के दौरान बनाया गया एक आम कानून था। इसके तहत अगर कोई व्यक्ति जानबूझकर किसी पूजा करने की वस्तु या जगह को नुकसान या फिर धार्मिक सभा में खलल डालता है तो उसे दंड का प्रावधान होता है। साथ ही, अगर कोई किसी की धार्मिक भावनाओं का अपमान, बोलकर या लिखकर या कुछ दृश्यों से करता है तो उसे गैरकानूनी माना जाता है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : आंख न देखने वाले शंभू दत्त सहित अनेक लोग पूरी रामायण कंठस्थ याद कर पढ़ रहे…

-पुटगांव धारी के देवी मंदिर में शुरू हुआ अखंड रामायण का पाठ

पुटगांव में अखंड रामायण का पाठ करते श्रद्धालु।

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 15 अप्रैल 2022। जनपद के धारी विकासखंड के ग्राम पुटगांव स्थित देवी मंदिर में शुक्रवार से अखंड रामायण का पाठ शुरू हुआ। ग्वेलज्यू मंदिर समिति के सचिव बची सिंह कुलौरा के प्रयासों से शुरू गोस्वामी तुलसीदास रचित श्रीराम चरित मानस के अखंड पाठ का शुभारम्भ पुजारी रमेश चंद्र पनेरू ने पंच ब्राहमण पूजा के साथ किया। आयोजन की विशेषता रही कि इस मौके पर आंख नहीं देखने वाले शम्भू दत्त बेलवाल के साथ ही पूरी रामायण को कंठस्थ याद रखने वाले उनके साथी ईश्वर दत्त बेलवाल, त्रिलोचन बेलवाल, पुष्कर बेलवाल व भुवन सुयाल भी पाठ में शामिल रहे।

बताया गया कि आगे शनिवार को रामायण के समापन के उपरांत भंडारे का आयोजन किया जाएगा। अखंड रामायण के पाठ में उत्तराखंड ग्वालसेवा संगठन के संस्थापक अधिवक्ता पंकज कुलौरा, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य महेंद्र जीना, धरम सिंह, जगत सिंह धौनी, बिसनी देवी, शंकर सिंह, कमल कुलौरा, दीपा महरा, किरन जीना, दीपक सिंह, कमलेश गरवाल, निशा कुलौरा, जया कुलौरा, सुमन रैक्वाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु व स्थानीय ग्रामीण शामिल रहे। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : बैशाखी पर खालसा पंथ की स्थापना का पर्व खालसा साजना दिवस के रूप में मनाया

गुरुद्वारे में खालसा साजना दिवस के अवसर पर शीश नवाते श्रद्धालु।

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 154 अप्रैल 2022। वैशाखी के अवसर पर खालसा पंथ की स्थापना का पर्व साजना दिवस के रूप में मनाया गया। इस मौके पर नैनीताल के मल्लीताल स्थित गुरुद्वारे में गुरुद्वारा गुरुसिंह सभा के तत्वावधान में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए।

इस मौके पर सुबह अखंड पाठ साहिब का भोग पढ़ा गया जिसके बाद कीर्तन दरबार सजा, जिसमें देहरादून से पहुंचे निर्वैर सिंह तथा लखनऊ से आए लखविंदर सिंह ने कीर्तन एवं 10वेंगुरु गोविंद सिंह द्वारा आज के ही दिन खालसा पंथ की स्थापना करने की कथा से संगत को निहाल किया। अपराह्न में लंगर का आयोजन हुआ, जिसमें स्थानी आज ही के दिन गुरु गोविंद सिंह जी ने खालसा पंथ की स्थापना की थी तभी से इस दिवस को साजना दिवस के रुप में मनाया जाता है। आयोजन में मुख्य ग्रंथी बलविंदर सिंह, सभा के अध्यक्ष जोगिंदर सिंह आनंद, उपाध्यक्ष मनप्रीत सिंह, संदीप सिंह, जसनीत सिंह, गगनदीप सिंह, सतनाम सिंह, सुरेंद्र कौर, बबीता आदि लोग शामिल रहे। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : बृहस्पतिवार को देव गुरु बृहस्पति के इकलौते मंदिर पहुंचे मंडलायुक्त, परंपरागत परिधान में की पूजा-अर्चना

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 7 अप्रैल 2022। कुमाऊँ मंडल के आयुक्त दीपक रावत बृहस्पतिवार को नवरात्र के छठे दिन 8 किलोमीटर पैदल चलकर एशिया के प्रसिद्ध-एकमात्र बताए जाने वाले बृहस्पति देव मंदिर पहुंचे और यहां परंपरागत तरीके से पूजा-अर्चना कर जिले व राज्य की सुख शांति की कामना की। इस मौके पर आयुक्त ने कहा कि धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर आने पर यह मंदिर जनपद, राज्य व राष्ट्र की आर्थिकी के लिए लाभप्रद सिद्ध होगा। इस अवसर पर महाराज प्रेमानंद, कमल कफल्टिया, देवगुरु जनकल्याण समिति के अध्यक्ष भुवन चंद्र व एसडीएम योगेश मेहरा सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

देव गुरु बृहस्पति भगवान के एकमात्र मंदिर की महत्ता

बताया कि जनपद के विकासखंड ओखलकांडा क्षेत्र में स्थित देव गुरु बृहस्पति भगवान का यह एकमात्र मंदिर है, जो समूचे हिमालयी भू-भाग में परम पूजनीय है। इस मंदिर की महिमा के बारे में अनेकों दंतकथाएं प्रचलित हैं। कहा जाता है कि सतयुग में एक बार देवराज इंद्र ब्रह्म हत्या के पाप से घिर गये थे। पाप से मुक्ति के लिए वे यहां के घने जंगलों की गुफाओं में तपस्या करने लगे। उनके अचानक स्वर्ग छोड़ देने के कारण सभी देवता परेशान हो गए। काफी खोजबीन के बाद भी जब देवराज इंद्र का पता नहीं चला तो सभी देवगण निराश होकर अपने गुरु बृहस्पति महाराज की शरण में गये।

उन्होंने देवगुरु से इंद्र को खोजने का अनुरोध किया। देवताओं की विनती पर देवगुरु ने इंद्र की खोज आरम्भ की। वे उन्हें खोजते-खोजते भू-लोक में पहुंचे। एक गुफा में उन्होंने देवराज इंद्र को भयग्रस्त अवस्था में व्याकुल देखा। देवगुरु ने इंद्र की व्याकुलता दूर कर उन्हें अभयत्व प्रदान कर वापस भेज दिया। तत्पश्चात इस स्थान के सौंदर्य व पर्वतों की रमणीकता देखकर वे मंत्रमुग्ध हो तपस्या में लीन हो गए तभी से यह स्थान पृथ्वी पर देवगुरु धाम के नाम से प्रसिद्व हुआ। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : धामी ने किए आज माता पूर्णागिरि के दर्शन व मेले का शुभारंभ, बने ऐसा करने वाले राज्य के पहले सीएम, उपचुनाव लड़ने पर भी दिये संकेत या पूर्व सीएम की सीटों से लड़ेगे…

नवीन समाचार, टनकपुर, 2 अप्रैल 2022। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शनिवार को हिंदू वर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा युगाब्द 5124 विक्रम संवत 2079 और प्रथम नवरात्रि के अवसर पर पत्नी गीता धामी सहित पैदल चलकर पूर्णागिरि मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने आज से शुरू हुए पूर्णागिरि मेले का ऑपचारिक शुभारंभ किया और पैदल पूर्णागिरि पहुंचने वाले राज्य के पहले मुख्यमंत्री बनने का सौभाग्य भी प्राप्त किया। बताया गया है कि इससे पहले केवल पं. नारायण दत्त तिवारी डोली के माध्यम से यहां आए थे, लेकिन तब वह मुख्यमंत्री नहीं थे। जबकि धामी विधायक रहते पहले भी कई बार यहां आ चुके हैं।

jagranमुख्यमंत्री धामी ने नव वर्ष एवं प्रथम नवरात्र पर यहां पत्नी तथा क्षेत्रीय विधायक कैलाश गहतोड़ी के साथ आने एवं मेले का शुभारंभ करने के निहितार्थ इस रूप में भी निकाले जा रहे हैं कि धामी चंपावत सीट से विधानसभा का उपचुनाव लड़ सकते हैं। क्षेत्रीय विधायक गहतोड़ी पहले भी धामी के लिए सीट छोड़ने का ऐलान कर चुके हैं, और आज भी उन्होंने अपनी यही बात दोहराई।

Navratri 2022: शनिवार को मां पूर्णागिरि के दर्शन कर उन्होंने इतिहास रचा।चम्पावत जनपद के दो दिवसीय दौरे पर सीएम धामी की मौजूदगी में विधायक कैलाश गहतोड़ी ने एक बार फिर सीएम पुष्कर सिंह धामी के लिए सीट छोडने के लिए एलान किया। वहीं धामी ने अपने संबोधन में कई बार चम्पावत से अपने जुड़ाव को जनता के साथ साझा किया। उन्होंने मंच पर खुलकर तो चम्पावत विधानसभा से चुनाव लडने का एलान नहीं किया, लेकिन उनके संबोधनों ने जरूर यह संकेत दिए। जिसे सुनकर जनता काफी गदगद व अश्वस्त नजर आई कि वह चंपावत से चुनाव लड़ेंगे।

बनबसा के चूना भट्टा स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में विधायक गहतोड़ी ने मंच से बोलते हुए कहा कि चम्पावत का विकास मेरी प्राथमिकता है। मैं सीएम धामी को एक बार फिर चम्पावत विधानसभा सीट से लडने के लिए आमंत्रित कर रहा हूं। उन्होंने चुनाव में कई बार मेरे क्षेत्र में आकर चुनाव प्रचार किया। क्षेत्र की जनता भी यही चाहती है कि सीएम हमारी सीट से लड़ें और यह सीएम की सीट कहलाए।

वहीं सीएम धामी ने विधायक कैलाश गहतोड़ी को जिताने पर जनता का अभिवादन किया व आभार जताया। उन्होंने कहा कि मैं विधायक गहतोड़ी के प्रचार में कई बार आया। जनता ने मेरी भावनाओं का सम्मान किया। मैं चम्पावत के विकास के लिए हमेशा कटिबद्ध हूं। विधायक ने जो भी मांगे रखी है उन्हें पूरा करने का पूरा प्रयास किया जाएगा। सीएम ने कई बार अपने संबोधन में टनकपुर, बनबसा व चम्पावत से जुड़ी यादों को ताजा किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र से मेरा गहरा जुड़ाव है। मैं आप सबकी भावनाओं का सम्मान करता हूं। चुनाव लडने का फैसला पार्टी हाईकमान तय करेगा। मां पूर्णागिरि का आशीर्वाद मुझे हमेशा मिला है। यही वजह है कि मैं मां का आशीर्वाद लेने आया हूं। पार्टी हाइकमान तक जनता की भावनाओं पहुंचेगी और पार्टी ही मेरे चुनाव लडने का क्षेत्र तय करेगी।

पूर्व मुख्यमंत्रियों की सीट से चुनाव लड़ने की भी चर्चा
चंपावत। सीएम पुष्कर सिंह धामी की चंपावत के साथ पूर्व मुख्यमंत्रियों की सीटों से भी उपचुनाव लड़ने की संभावना जताई जा रही है। इनमें एक सीट है कपकोट, जहां से पूर्व सीएम भगत सिंह कोश्यारी सीएम बनने के बाद भी चुनाव जीतने का रिकॉर्ड रखते हैं। उनके अलावा राज्य के कोई भी सीएम विधानसभा चुनाव नहीं जीत पाए हैं। वर्तमान में यहां धामी की तरह की कोश्यारी के पूर्व ओएसडी एवं धामी के करीबी सुरेश गड़िया विधायक हैं, और वह भी धामी के लिए सीट खाली करने की इच्छा जता चुके हैं। इसके अलावा धामी के एक और धामी यानी कांग्रेसी विधायक हरीश धामी की धारचूला सीट से चुनाव लड़ने की भी चर्चाएं हैं। इन चर्चाओं को कौन और क्यों हवा दे रहा है, यह तो पता नहीं, लेकिन यदि ऐसा होता है यह संयोग ही होगा कि इस सीट से हरीश रावत बतौर सीएम विधानसभा का उपचुनाव जीत चुके हैं। गौरतलब है कि धारचूला से कभी भी विधानसभा चुनाव नहीं जीत पाई है। (डॉ. नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : नैनीताल के नागेश्वर धाम में श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन…

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 18 मार्च 2022। जनपद के मुक्तेश्वर क्षेत्र में नदी किनारे स्थित भगवान शिव के नागेश्वर मंदिर में आगामी 23 से 30 मार्च तक श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। नागेश्वर धाम मंदिर समिति की ओर से बताया गया है कि ब्रह्मलीन स्वामी रुद्रगिरि महाराज की कृपा से स्वामी अफीमी नाथ आनंद गिरि एवं दिगंबर गिरि महाराज के सानिध्य में होने वाले इस आयोजन में कथा व्यास पंडित बसंत बल्लभ त्रिपाठी शास्त्री श्रीमद् भागवत कथा का संगीतमय पान कराएंगे।

आयोजन में क्षेत्र के दाड़िमा, दुबगड़, सुनकिया व कोकिलबना आदि गांवों के श्रद्धालु ग्रामीण कथामृत ग्रहण करेंगे। आयोजन का शुभारंभ 23 मार्च को सुबह 8 बजे मंगल कलश यात्रा से होगा। 30 मार्च को हवन, पूर्णाहुति, गोदान, महात्म्य कथा, पुस्तक पूजन एवं व्यास पूजन के साथ आरती, प्रसाद वितरण एवं भंडारा आयोजित किया जाएगा। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : नैनीताल : जनपद में हनुमानजी की मूर्ति तोड़कर साम्प्रदायिक तनाव फैलाने का प्रयास, पुलिस की त्वरित कार्रवाई

jharkhand:9 क्विंटल डोडा के साथ चतरा नगर परिषद के पूर्व अध्यक्ष बेटे सहित 5  गिरफ्तार.. – झारखण्ड न्यूज़डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 9 मार्च 2022। जनपद के रामगढ विकासखंड में एक मंदिर में हनुमानजी की मूर्ति तोड़ दी गई। इससे साम्प्रदायिक तनाव फैलने की संभावना पैदा हो गई। स्थानीय ग्रामीणों ने आरोपितों को पकड़कर पुलिस को सोंपा। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर मूर्ति तोड़ने के 5 आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के उपरांत उन्हें न्यायालय में पेश कर न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार रामगढ़ विकासखंड के ग्राम बोहराकोट के तोक रिया में हनुमान जी की मूर्ति तोड़ने का मामला प्रकाश में आया है। पुलिस ने इस मामले में बरेली निवासी 22 वर्षीय आमिर पुत्र हुमायूं निवासी बरेली, मुरादाबाद निवासी 32 वर्षीय नूर हसन पुत्र मोहम्मद शकील, 22 वर्षीय हामिद पुत्र मोहम्मद शकील, 18 वर्षीय रफत अली पुत्र इब्ने अली व 35 वर्षीय मुकेश कुमार पुत्र मुन्ना लाल के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 295 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। साथ ही उन्हें न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है।

बताया गया है कि गांव के निवासी चंद्रशेखर सुयाल इन पांचों को मंदिर के पास देखा था। वे उसे धक्का देकर फरार हो गए थे। इस पर उन्होंने शोर मचाया और ग्रामीणों ने उन्हें घेर कर पकड़ लिया और पुलिस को सोंप दिया। इसके बाद उन्होंने मंदिर में मूर्ति तोड़े जाने को लेकर 5 लोगों के खिलाफ पुलिस को तहरीर सौपी। उधर, पुलिस का कहना है कि आरोपित मजदूर हैं। उनके हाथ लगाने से मूर्ति गिरकर टूट गई थी। मामले की जांच की जा रही है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : मल्लीताल कोतवाली में प्रतिष्ठित पान मसाला कंपनी के खिलाफ शिकायत दर्ज

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 3 मार्च 2022। नगर के एक अधिवक्ता नितिन कार्की   ने महाशिवरात्रि के दिन एक दैनिक समाचार पत्र में एक पान मसाला कंपनी द्वारा दिए गए विज्ञापन पर आपत्ति जताते हुए मल्लीताल कोतवाली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।

अधिवक्ता कार्की ने कहा है कि 1 मार्च को महाशिवरात्रि के दिन जब हिंदू त्योहार मना रहे थे उस दौरान पान बहार कंपनी ने अपने बाहुबली पान मसाला यानी नशीले पदार्थ के विज्ञापन के साथ भगवान शिव का नाम जोड़कर हिंदुओं की आस्था पर कुठाराघात किया है। उन्होंने खासकर विज्ञापन में ‘भोले के संग सब बाहुबली दबंग’ शब्द पर आपत्ति जताते हुए कहा है कि यह भगवान शिव की गरिमा पर आघात है। विज्ञापन में हिंदुओं के आराध्य भगवान शिव को नशे के साथ जानबूझकर जोड़ा गया है और भगवान शिव की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया गया है।

साथ ही युवा पीढ़ी को नशे से जोड़ने हेतु गुमराह करने का प्रयास भी किया गया है। लिहाजा उन्होंने पान मसाला बनाने वाली कंपनी पान बहार के जिम्मेदार अधिकारियों व मालिक के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। इस मामले में पूछे जाने पर नगर कोतवाल प्रीतम सिंह ने कहा कि मामला जांच तलब रखा गया है। आरोपों की जांच की जांच की जा रही है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : सोशल मीडिया पर यह क्या चल रहा है, ‘तुम मुस्लिम यूनिवर्सिटी बनाओगे, हम यूनिफॉर्म सिविल कोड लाएंगे’

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 12 फरवरी 2022। राजनीति में धर्म के नाम पर वोट मांगना प्रतिबंधित है, किंतु उत्तराखंड की राजनीति में भी परोक्ष तौर पर धर्म की राजनीति हावी होती नजर आ रही है। सोशल मीडिया पर शनिवार से ‘तुम मुस्लिम यूनिवर्सिटी बनाओगे, हम यूनिफॉर्म सिविल कोड लाएंगे’ ट्रेंड कर रहा है। विभिन्न स्तरों पर इस पर बहस चल रही है, और तेज होती जा रही है। टीवी चैनलों पर भी तुम मुस्लिम यूनिवर्सिटी बनाओगे, हम यूनिफॉर्म सिविल कोड लाएंगे’ विषय पर बहस होने लगी है। भाजपा की ओर से इसे वोटों का ध्रुवीकरण करने का प्रयास माना जा रहा है। वहीं कांग्रेस पार्टी अभी इस मुद्दे पर मौन नजर आ रही है।

उल्लेखनीय है कि कांग्रेस पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष अकील अहमद का बयान आया था कि उन्हें कथित तौर पर हरीश रावत ने उत्तराखंड में मुस्लिम यूनिवर्सिटी बनाने का बयान आया था। हरीश रावत व कांग्रेस पार्टी की ओर से अकील के बयान को महत्व न देने की बात तो कही गई। कांग्रेस के नेताओं ने धर्म की राजनीति नहीं करने की बात भी कही गई, किंतु जिस कड़ाई से इस मुद्दे को कुचला जाना चाहिए था, वैसा नहीं किया गया।

इस पर चुनाव प्रचार के आाखिरी दिन प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शपथ ग्रहण के तत्काल बाद उत्तराखंड में ‘यूनिफार्म सिविड कोड’ लागू करने की बात कही तो इस मुद्दे की आग में जैसे घी पड़ गया है, और देश में चल रहे हिजाब के विवाद के बीच यह मुद्दा राज्य ही नहीं राष्ट्रीय स्तर पर बहस का मुद्दा बन गया है। टीवी चैनलों पर भी तुम मुस्लिम यूनिवर्सिटी बनाओगे, हम यूनिफॉर्म सिविल कोड लाएंगे’ विषय पर बहस होने लगी है।

Imageसोशल मीडिया पर भी ‘तुम मुस्लिम यूनिवर्सिटी बनाओगे, हम यूनिफॉर्म सिविल कोड लाएंगे’ ट्रेंड करने लगा है। भाजपा ने खुल कर यूनिफार्म सिविल कोड के नाम पर वोट मांगने शुरू कर दिए हैं। भाजपा की ओर से अपने नए चुनावी पोस्टरों में कहा जा रहा है, सत्ता में आने के बाद समान नागरिक संहिता लागू होगी। लोगों को विवाह, तलाक, भूमि संपत्ति और विरासत का समान अधिकार मिलेगी। एक देश-एक कानून के लिए भाजपा को चुनें। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में भी हिंदू-मुस्लिम ?, हरीश रावत सीएम बने तो मुस्लिम यूनिवर्सिटी बनाएंगे…! कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष का दावा

west bengal nadia district muslim funeral ceremony hindu manडॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 2 फरवरी 2022। उत्तराखंड की राजनीति में भी ‘हिंदू-मुस्लिम’ के मुद्दे की इंट्री हो गई है। शुरुआत कांग्रेस पार्टी की ओर से हुई है। पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष अकील अहमद का एक वीडियो आया है, जिसे भाजपा ने पकड़ लिया है। वीडियो में कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष बताए जा रहे सहसपुर निवासी अकील अहमद कह रहे हैं कि उनसे हरीश रावत और प्रदेश प्रभारी ने राज्य में मुस्लिम यूनिवर्सिटी बनाने का वादा किया है। देखें वीडियो क्या कहा अकील अहमद ने:

अकील के इस वीडियो पर भाजपा ने कहा है, ‘जिन लोगों ने देवप्रयाग में संस्कृत विश्वविद्यालय नहीं बनने दिया, वो लोग आज एक संप्रदाय विशेष को खुश करने के लिए उत्तराखंड में मुस्लिम यूनिवर्सिटी बनाने का वचन दे बैठे हैं। क्या देवभूमि ऐसे लोगों को माफ कर पाएगी ?

वीडियो में अकील कह रहे हैं, इसी बात पर समझौता हुआ है, उन्होंने (अकील ने) मांग की थी कि एक मुस्लिम यूनिवर्सिटी होनी चाहिए, जिसमें मुस्लिम बच्चे आएं, वह पढ़ाई कर सकें और शिक्षित हो सकें। सड़कों का निर्माण भी है। यही सब चीजें हैं जो मान ली गई हैं। इन सब चीजों पर प्रभारी जी से बात हुई, उन्होंने यस बोला है। हरीश रावत जी से भी बात हुई है। हरीश रावत ने भी कहा कि यदि मुख्यमंत्री बनता हूं तो यह काम होंगे। अलबत्ता, अभी इस बारे में कांग्रेस पार्टी की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। (डॉ. नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : पुलिस ने कर ली रुद्रपुर में गौवंशीय पशु को काटने वालों की पहचान….

Uttarakhand के इस जिले में 24 घण्टे के लिए इंटरनेट बन्द, गौवंशीय पशु की  हत्या के बाद अवशेष मिलने का मामलानवीन समाचार, रुद्रपुर, 11 जनवरी 2022। आगामी विधान सभा चुनाव हेतु आदर्श चुनाव आचार संहिता होने के साथ शहर में माहौल को धार्मिक आधार पर बिगाड़ने का प्रयास जिन लोगों ने किया, पुलिस ने उनकी पहचान कर ली है। एसएसपी दलीप सिंह कुंवर ने कहा कि घटना के बाद प्रकाश में आए सीसीटीवी में जो तीन लोग हत्या के लिए प्रतिबंधित गौवंशीय पशुओं को सड़क पर दौड़ाते नजर आए, उनके साथ ही पुलिस ने कार में सवार आरोपितों की पहचान भी कर ली है। शीघ्र ही उनकी गिरफ्तारी कर ली जाएगी।

उल्लेखनीय है कि इस घटना के बाद एक वीडियो इंटरनेट पर वायरल होने लगा, जिसमें कुछ लोग गौवंशीय पशुओं को सड़क पर दौड़ाकर लाते देखे गए। दावा किया गया कि यह वीडियो घटना से पहले का है। बताया जा रहा है कि इसी एवं ऐसे ही अन्य वीडियो तथा स्थानीय लोगों एवं संदिग्धों से पूछताछ के जरिऐ पुलिस आरोपितों की शिनाख्त कर पाई है। तीन पैदल चलते आरोपित रामपुर स्वार के कसाई बताए गए हैं। तीनों इस वारदात को अंजाम देने के बाद फरार हो गए हैं। उत्तराखंड पुलिस उत्तर प्रदेश की रामपुर पुलिस के सहयोग से उनकी तलाश में जुट गई है। साथ ही घटना में प्रयुक्त कार स्वामी की पहचान भी कर ली गई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार जल्द ही आरोपितों की गिरफ्तारी कर घटना में शामिल लोगों की भी पुष्टि कर मामले का पर्दाफाश कर लिया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि इस मामले में पुलिस ने विरोध जता रहे अज्ञात हिंदूवादियों के खिलाफ भी आदर्श चुनाव आचार संहिता एवं धारा 144 के उल्लंघन के आरोप में अलग से एक मुकदमा दर्ज कर लिया है। इस घटना के बाद किसी तरह का धार्मिक उन्माद न फैले, इस हेतु ऊधमसिंह नगर जनपद में जिलाधिकारी युगल किशोर पंत के द्वारा 24 घंटे के लिए मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगा दी थी, हालाँकि कुछ ही घंटों के बाद इस आदेश को निरस्त कर दिया गया। जबकि एसएसपी ने आवास विकास चौकी प्रभारी गोविंद अधिकारी को लापरवाही बरतने के आरोप में लाइन हाजिर कर दिया है और 24 घंटे के भीतर मामले का खुलासा करने का आश्वासन भी दिया है। इसके बाद खाली प्लाट में गोवंश पशुओं को काटकर फेंकने वालों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस और एसओजी की 10 टीमें लगाई गई हैं। (डॉ. नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

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डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार
‘नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से ‘मन कही’ के रूप में जनवरी 2010 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।
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