News

नैनीताल ब्रेकिंग : दुर्गा पूजा महोत्सव के कार्यक्रम में हुआ बदलाव…

यहाँ से दोस्तों को भी शेयर करके पढ़ाइये
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

-आखिर तय हुआ, दुर्गा पूजा महोत्सव में भी होगा मूर्ति निर्माण
नवीन समाचार, नैनीताल, 19 सितंबर 2020। पूर्व में नगर में दुर्गा पूजा महोत्सव का आयोजन करने वाली संस्था सर्वजनिन दुर्गा पूजा समिति ने इस वर्ष के दुर्गा पूजा महोत्सव में मूर्ति निर्माण न कर, इसकी जगह फ्लैक्सी पर माता दुर्गा की मूर्ति छपवाकर उसकी प्रतीकात्मक पूजा कराने का निर्णय लिया था। किंतु शनिवार को आयोजक संस्था ने उपाध्यक्ष त्रिभुवन फर्त्याल की अध्यक्षता में आयोजित हुई बैठक में अपना निर्णय बदल दिया है और तय किया है कि मूर्तियों का निर्माण किया जाएगा और मूर्तियों का नयना देवी मंदिर से ही बिना शोभायात्रा निकाले माता नंदा-सुनंदा की तरह विसर्जन किया जाएगा। साथ ही यह भी तय किया है कि वर्तमान कार्यकारिणी ही महोत्सव का आयोजन कराएगी। बैठक में संरक्षक प्रेम कुमार शर्मा, सुरेश चौधरी, गुरविंदर सिंह, महासचिव नरदेव शर्मा, सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें : नंदा देवी महोत्सव के बाद एक और महोत्सव हुआ तय

-प्रतीकात्मक होगा दुर्गा पूजा महोत्सव
नवीन समाचार, नैनीताल, अगस्त 2020। सर्वधर्म की नगरी सरोवरनगरी में सर्वजनिन दुर्गा पूजा कमेटी के तत्वावधान में इस वर्ष 22 से 26 अक्तूबर तक दुर्गा पूजा महोत्सव आयोजित किया जाएगा। कोराना की वजह इस वर्ष दुर्गा पूजा महोत्सव प्रतीकात्मक रूप से मनाया जाएगा। इस दौरान मूर्तियों की नगर में शोभायात्रा नहीं निकाला जाएगा। अलबत्ता प्रतीकात्मक कलश यात्रा से महोत्सव का शुभारंभ किया जाएगा। जबकि फ्लैक्सी के माध्यम से पूजा-अर्चना होगी।
रविवार को आयोजक संस्था की दुर्गा महोत्सव को लेकर आयोजित हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में आय-व्यय समेत अन्य प्रस्तावों पर भी चर्चा कर इस बार महोत्सव को प्रतीकात्मक रूप से मनाने का निर्णय लिया गया। बैठक के अंत में पदाधिकारियों ने कमेटी से जुड़े सदस्यों के परिजनों के इस बीच हुए आकस्मिक निधन पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। बैठक में संरक्षक प्रेम कुमार शर्मा, सुरेश चंद्र चौधरी, सरदार गुरविंदर सिंह, अध्यक्ष चंदन कुमार दास, महासचिव नरदेव शर्मा, कोषाध्यक्ष राकेश कुमार, किशन सिंह अधिकारी, उमेश मिश्रा, शंकर गुहा मजूमदार, पवन व्यास, दिनेश चंद्र भट्ट, सुमन साह, राजेश वर्मा, सरदार जीतेंद्र सिंह, भास्कर महतोलिया आदि मौजूद रहे।

मोहर्रम पर नहीं हुआ मातम, न निकले ताजियों के जुलूस, घरों पर हुई कुरान खानी

नवीन समाचार, नैनीताल, अगस्त 2020। हजरत इमाम शाहब व उनके साहबजादों की याद में मुस्लिम संप्रदाय का गमी के त्योहार मोहर्रम पर इस वर्ष कोरोना की छाया दिखाई दी। इस मौके पर शिया समुदाय के लोगों के घरों पर पिछले वर्षों की तरह ना ही घरों पर मातम हुआ, ना ही मातमी जुलूस निकला। अलबत्ता केवल पांच लोगों ने तल्लीताल मोटापानी स्थित छोटे इमामबाड़े पर जाकर मजलिस की। वहीं मल्लीताल में सुन्नी समुदाय के लोगों द्वारा मोहर्रम पर निकाला जाने वाला ताजियों का जुलूस भी इस बार नहीं निकला। अलबत्ता, मोहर्रम कमेटी के तत्वावधान में बनाये गये इमाम हुसैन के पीतल के व एक छोटे ताजिये को रजा क्लब के मैदान में रखकर जमात कराई गई व शाम को वाहन में रखकर कर्बला लेकर जाकर फतेह निशान व अखाड़े की सलामी देकर फातिहा पढ़कर सुपुर्दे-खाक कर दिया गया। इस कार्य में भी कमेटी के सदर नाजिम बक्श, महासचिव समीर अहमद, मो. नसीम, मो. साबिर, मो. कासिम शामिल हुए, जबकि ताजिये बनाने में मो. सऊद, मो. फैशल, मो. अदनान, मो. अजान, मो. खालिद, मो. रिहान व मोहसिन आदि लोग शामिल हुए। इस दौरान घरों पर कुरान खानी की गई।

यह भी पढ़ें : जहां शिव-पार्वती का विवाह हुआ था, हजार साल पुरानी आस्था की प्रतीक भीम शिला खंडित, तमाम सवाल…

-नौ अंगुलियों से उठ जाती थी पर किसी से भी अकेले नहीं उठ पाती थी करीब 90 किलो वजन वाली शिला
नवीन समाचार, बैजनाथ, बागेश्वर, 5 अगस्त 2020। बागेश्वर जनपद के कत्यूरी शासकों की राजधानी बैजनाथ में नौवीं शताब्दी में बने धार्मिक एवं पुरातात्विक महत्व के बैजनाथ मंदिर में, कहा जाता है कि जहां भगवान शिव एवं पार्वती का विवाह हुआ था, सावन के इस पवित्र माह में भीम शिला खंडित हो गई है। यह वही आस्था की प्रतीक शिला है, जिसके बारे में कहा जाता है कि उसे नौ लोग मात्र एक-एक अंगुली छूकर उठा सकते थे, किंतु कैसा भी बलवान एक व्यक्ति इसे उठा नहीं सकता था। इसलिए मंदिर में आने वाले श्रद्धालु इसे उठाने का प्रयास करते रहते यह तब है, जबकि मंदिर परिसर पुरातत्व विभाग के अधीन और उनकी सुरक्षा में था। यहां पुरातत्व विभाग के कर्मचारी भी हमेशा तैनात रहते हैं, और मंदिर में सीसीटीवी कैमरे भी लगे हुए हैं।

https://twitter.com/navinsamachar/status/1291291834795175936

शिला के खंडित होने से पूरी कत्यूर घाटी और कत्यूरी शासकों में वंशजों में रोष व्याप्त हो गया है। हिंदू जागरण मंच अखिल जोशी तथा समाज के लोगों ने भीम शिला के इस तरह खंडित होने पर पुलिस एवं प्रशासन में शिकायत दर्ज कराते हुए पुरातत्व विभाग के कर्मचारियों की जांच कराने की मांग भी की है। लोगों में इस सीमा तक रोष है कि शिला के खंडित होने पर स्थानीय कवि मोहन जोशी ने इस पर कविता भी लिख डाली है।

पेश है मोहन जोशी की कविता:

भीम पत्थर
 
बैजनाथ के मन्दिर पावन
सदियों से भू सम सफेद।
यह जाने कितनों ने देखा
न छू पायेगा दुखद खेद।।
 
पत्थर मन्दिर पर रखा जो 
स्वयं ही कैसे टूट गया।।
मन मानस की पोसी यादें
बेरहमी कोई लूट गया।।
 
नौ नौं कहते नौ उंगुली पर
सहज जमीं से जो उठता था।
बली अकेले भीम पत्थर पर
खोते शक्ति खुद लुटता था।।
 
कुत्सित भावों के बिन प्रस्तर
कैसे यह टूट गया होगा।।
या बलहीन जमीं को जाने
यह स्वयं ही रूठ गया होगा।।
 
कितनी मेहनत से बनती हैं
जागीर धरोहर दुनियाँ में।
मगर वक्त कहाँ लगता है
खोते पल भर दुनियाँ में।।
 
पत्थर तो जुड़ जाएंगे 
अगर जोड़ते जाओगे।
खण्डित होगी यूँ ही सभ्यता
अगर स्मृति तोड़ते जाओगे।।
 
जिसने सुन्दरता को देने
श्रमबिंदु भरे क्षण दान किए।
मानवता हित जीवन धन तज
मुद हर्ष कभी अनुमान किए।।
 
तुमने जीवन में दिया ही क्या
पर मन में क्षोभ और डर डाला।।
हे निष्ठुर मानव तुमने क्षण में
कुंठित हो कर क्या कर डाला।।

इधर उत्तराखंड उच्च न्यायालय के अधिवक्ता भीमशिला के टूटने पर मंदिर के निकट गोमती नदी में बनी झील के पास अवैध खनन के लिए भारी मशीनों का प्रयोग करने एवं स्थानीय नेताओं द्वारा खनन माफियाओं के रूप में गोमती नदी का दोहन करने से भी जोड़ा है। बताया गया है कि इतनी विशाल को तोड़ने के लिए किये गये प्रयासों के अधिक निशान भी सामान्यतया नजर नहीं आ रहे हैं। ऐसे में कुछ लोग इसे प्राकृतिक घटना, दैवीय रोष से भी जोड़ रहे हैं, जबकि अन्य इसे असामाजिक तत्वों की हिमाकत बता रहे हैं।

यह भी पढ़ें : ईद पर नमाज व कुर्बानी पर एसडीएम ने साफ की स्थिति

नवीन समाचार, नैनीताल, 27 जुलाई 2020। आने वाली 1 अगस्त को होने वाली ईद पर नमाज घरों पर ही पढ़ी जाएगी और बकरों की कुर्बानी, खुले में नहीं, वरन मुख्यालय में नये बने स्लॉटर हाउस में की जाएगी। यह बात एसडीएम विनोद कुमार ने सोमवार को मल्लीताल कोतवाली में सीओ विजय थापा की उपस्थिति में अंजुमन इस्लामिया कमेटी की बैठक में कही।
उल्लेखनीय है कि इस संबंध में सभी बातें पहले ही पिछली बैठक में तय हो गई थीं, किंतु अंजुमन इस्लामिया की ओर से डीएम को पत्र भेजकर पूर्व की तरह बरसात होने पर जामा मस्जिद एवं बरसात न होने पर डीएसए मैदान में नमाज पढ़ने की इजाजत मांगी गई थी। इसी आलोक में आज बैठक आयोजित हुई। इस पर एसडीएम ने साफ किया कि कोविद-19 के दृष्टिगत जारी दिशा-निर्देशों का पालन किया जना जरूरी है। इसके तहत एक स्थान पर अधिक लोगएकत्र नही हो सकते हैं। बैठक में मल्लीताल कोतवाल अशोक कुमार, तल्लीताल थाना प्रभारी विजय मेहता, अंजुमन इस्लामिया के मोहम्मद फारुख सिद्दीकी, मुफ्ती अब्दुल खालिक, शोएब, दिलशाद व दानिश आदि लोग मौजूद रहे।

धर्म-आस्था : नैनीताल में बंगाली-कुमाउनी संस्कृतियां हुईं एकाकार

यह भी पढ़ें : 100 दिन बाद खुले कपाट, फिर भी नयना देवी मंदिर में हुए ‘दूर-दर्शन’

नवीन समाचार, नैनीताल, 1 जुलाई 2020। आखिर 100 दिन के लंबे अंतराल के बाद बुधवार को नयना देवी मंदिर सहित विभिन्न मंदिरों के कपाट खुल गए। फिर भी श्रद्धालु माता नयना सहित विभिन्न देवी देवताओं के दूर से ही दर्शन कर पाये। मंदिर में कोविद-19 की महामारी के दृष्टिगत बेहद कड़े सुरक्षा प्रबंधों के तहत मंदिर के बाहर ही दर्शनार्थियों का तापमान लेकर स्क्रीनिंग करने की व्यवस्था की गई है। इसके बाद जूते उतारते ही श्रद्धालुओं को सैनिटाइजर उपलब्ध कराया जा रहा है। मंदिर के प्रवेश द्वार के पास ही स्थित हनुमान जी की विशाल मूर्ति से लेकर माता नयना एवं अन्य मंदिरों से काफी दूरी पर रस्सी बांधी गई है, साथ ही मंदिर के विशाल घंटों को भी ढका गया है, ताकि दर्शनार्थी कुछ भी छू न सकें। इसके अलावा अधिकतम 10-10 की संख्या में ही श्रद्धालुओं को एक छोटे गेट से मंदिर में प्रवेश कराया गया। वहीं मंदिर से बाहर आने के लिए भी नियमानुसार अलग गेट की व्यवस्था की गई थी। इस प्रकार सुबह सात से 11 बजे के नियत समय में अधिकतम 200 श्रद्धालुओं ने ही माता नयना एवं अन्य देवी-देवताओं के दर्शन किये। नगर के कुछ अन्य मंदिरों के भी आज से खुलने के समाचार हैं।

देखें नयना देवी मंदिर में ऐसे हो रहे हैं दर्शन :

यह भी पढ़ें : 100 दिन के बाद बुधवार से नियम-शर्तों सहित खुल जाएगा नयना देवी मंदिर

नवीन समाचार, नैनीताल, 30 जून 2020। कोरोना महामारी के कारण 22 मार्च को लॉकडाउन लागू होने के बाद से बंद नगर की आराध्य देवी श्री मां नयना देवी मंदिर 100 दिन के बाद बुधवार 1  जुलाई से कुछ नियम-शर्तों के साथ खुल जाएगा। मंदिर के व्यवस्थाधिकारी सुरेश मेलकानी ने बताया कि मंदिर अगले आदेशों तक प्रतिदिन सुबह सात से 11 एवं शाम तीन से सात बजे तक दर्शनार्थियों के लिए खुलेगा। इस दौरान उत्तराखंड से बाहर के तथा 65 वर्ष से अधिक के बुजुर्ग, 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चों एवं गर्भवर्ती महिलाओं को छोड़कर अन्य यानी प्रदेश के लोग, एक बार में अधिकतम 10 की संख्या में मंदिर में प्रवेश कर पाएंगे। मंदिर में किसी भी तरह का प्रसास या जल चढ़ाना, दिया-धूपबत्ती जलाना अभी निषिद्ध होगा। मंदिर में प्रवेश करते हुए जूते बाहर उतारने होंगे और फेस मास्क आवश्यक रूप से पहनना होगा, साथ ही मंदिर में प्रवेश करने से पूर्व अपने हाथों को सैनिटाइज भी करना होगा। मंदिर में किसी भी वस्तु, रेलिंग, घंटियों आदि को छूना भी बना है।
नगर के ठंडी सड़क स्थित शनि देव मंदिर, ग्वेल देवता मंदिर, पाषाण देवी मंदिर एवं शिरडी सांई मंदिर आदि को भी बुधवार से खोले जाने की सूचना है। उल्लेखनीय है कि पूर्व में अनलॉक 1.0 में धार्मिक स्थलों को खोले जाने के आदेशों के बावजूद नगर के मंदिर जरूरी व्यवस्थाएं न बना पाने के कारण बंद ही रहे थे। अब अनलॉक 2.0 में यह खुलने जा रहे हैं।

यह भी पढ़ें : 30 जून तक बंद रहेंगे नैनीताल के मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारे

नवीन समाचार, नैनीताल, 10 जून 2020। सर्व धर्म की नगरी सरोवरनगरी नैनीताल में सभी मंदिर, मस्जिद व गुरुद्वारे आदि धार्मिक स्थल आगामी 30 जून तक बंद रहेंगे। बृहस्पतिवार को नैना देवी मंदिर में पुलिस-प्रशासन के साथ आयोजित हुई सर्व-धर्म के लोगों की बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में धार्मिक स्थलों के प्रतिनिधियों ने एक स्वर में कहा कि अभी कोरोना के संक्रमण की संभावना एवं इनसे बचते हुए धार्मिक स्थलांे को खोलने के केंद्र व राज्य सरकार के निर्देशों का पालन करना समाज के हित में नहीं होगा। धार्मिक स्थलों के पास निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए अपेक्षित व्यवस्था, मानव शक्ति भी नहीं है। इसलिये अभी धार्मिक स्थलों को 30 जून तक बंद रखना ही ठीक रहेगा। 30 जून के बाद धार्मिक स्थलों को खोलने पर निर्णय तब की कोरोना से संबंधित स्थितियों एवं यदि कोई नये दिशा-निर्देश आते हैं, तो उन पर निर्भर करेगा। बैठक में एसडीएम विनोद कुमार, सीओ विजय थापा, मल्लीताल के कोतवाल अशोक कुमार, तल्लीताल के थाना प्रभावी विजय मेहता, नैना देवी मंदिर के व्यवस्थापक अमर उदय ट्रस्ट के मुख्य ट्रस्टी राजीव लोचन साह के साथ ही जामा मस्जिद, गुरुद्वारा गुरुसिंह सभा एवं अंजुमन इस्लामिया आदि धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें : माता नयना देवी और बाबा नीब करौरी के वार्षिकोत्सव भी लॉक डाउन की भेंट चढ़े

नवीन समाचार, नैनीताल, 27 मई 2020। विश्व प्रसिद्ध सरोवरनगरी की आराध्य देवी माता नयना देवी का 136वां वार्षिकोत्सव एवं विश्व गुरु बाबा नीब करौरी के कैंची धाम स्थित धाम के हर वर्ष 15 जून को होने वाले वार्षिकोत्सव भी इस वर्ष लॉक डाउन की भेंट चढ़ गये हैं। नयना देवी मंदिर का हर वर्ष ज्येष्ठ माह की नवमी को आयोजित होने वाला वार्षिकोत्सव इस वर्ष 31 मई को प्रस्तावित है, किंतु हर वर्ष भव्यता के साथ आयोजित होने वाले इस आयोजन में इस वर्ष बाहरी लोग मंदिर में प्रवेश नहीं कर पायेंगे। केवल इसी दिन मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश करने का अधिकार रखने वाले मंदिर के संस्थापक लाला मोती राम शाह के वंशजों को भी इस दिन होने वाली कुल पूजा के लिए पहले दिन ही पूजा सामग्री एवं प्रसाद मंदिर में उपलब्ध कराना होगा। मंदिर ट्रस्ट की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि यह आयोजन बेहद सादगी से होगा। कुल पूजा में केवल एक दंपत्ति प्रतीकात्मक रूप में बैठेंगे ओर तीन आचार्य पूजा करवाएंगे।
वहीं बाबा नीब करौरी के कैंची धाम में भी इस वर्ष हर वर्ष लाखों लोगों की उपस्थिति में लगने वाला मेला नहीं लगेगा, साथ ही बाबा को मालपुवों का प्रसाद भी नहीं चढ़ पायेगा। क्योंकि मालपुवे बनाने के लिए मथुरा के परंपरागत लोग नहीं आ पा रहे हैं। ऐसे में बाबा को इस बार पुवों का प्रसाद चढ़ाया जाएगा।

घोड़ाखाल मंदिर में पूजा अर्चना करते भवाली व भीमताल के निकाय अध्यक्ष।

यह भी पढ़ें : कोरोना से निजात को भवाली-भीमताल के प्रथम नागरिकों ने ग्वेल देवता से लगाई गुहार

नवीन समाचार, नैनीताल, 20 अप्रैल 2020। जनपद मुख्यालय के निकटवर्ती भवाली नगर पालिका के अध्यक्ष संजय वर्मा एवं भीमताल नगर पंचायत के अध्यक्ष देवेंद्र चनौतिया ने सोमवार को निकटवर्ती घोड़ाखाल स्थित कुमाऊं में न्याय देवता के रूप में प्रसिद्ध लोक देवता ग्वेल के मंदिर में साथ पहुंचकर संयुक्त रूप से कोरोना विषाणु की महामारी से विश्व एवं देश को निजात दिलाने की गुहार लगाई। इस मौके पर सामाजिक दूरी एवं कोरोना से बचाव के लिए मास्क पहनकर घंटियों के मंदिर के रूप में प्रसिद्ध इस मंदिर के प्रांगण में मंदिर के पुजारी कैलाश जोशी ने हवन-यज्ञ भी करवाया। इस धार्मिक अनुष्ठान में कमल जोशी, गिरीश चंद्र, नंदन कुमार, धर्म सिंह नेगी, भुवन उप्रेती, योगेश कुमार, महेंद्र सिंह धौनी व अनिल आदि लोग भी शामिल हुए। कहा जाता है कि न्यायालयों में न्याय न मिल पाने से परेशान लोग भी आखिर में ग्वेल देवता के मंदिर में पत्र, स्टांप पेपर आदि के माध्मय से गुहार लगाते हैं, और उन्हें न्याय मिल भी जाता है।

यह भी पढ़ें : नयना देवी मंदिर ट्रस्ट ने कोरोना नियंत्रण के लिए दिया एक लाख का चेक

नवीन समाचार, नैनीताल, 17 अप्रैल 2020। नगर की आराध्य देवी माता नयना देवी का प्रबंधन करने वाली श्री मां नयना देवी मंदिर अमर उदय ट्रस्ट नैनीताल के द्वारा कोरोना विषाणु के संक्रमण के नियंत्रण के लिए जनपद के डीएम को एक लाख रुपये की सहायता भेंट की है। ट्रस्ट की ओर से मुख्य ट्रस्टी राजीव लोचन साह ने शुक्रवार को डीएम द्वारा बताये गए ‘रायफल क्लब’ के नाम का एक लाख रुपए का चेक एसडीएम विनोद कुमार को भेंट किया। इस अवसर पर ट्रस्ट के प्रदीप शाह, हेमंत शाह व सुरेश मेलकानी आदि भी मौजूद रहे। बताया गया कि इससे पूर्व भी अमर उदय ट्रस्ट के द्वारा क्षेत्रीय विधायक संजीव आर्य की प्रेरणा से नगर में जरूरतमंदों के लिए गठित ‘हेल्पिंग हेंड’ संस्था को भी पच्चीस हजार रुपये की राशि राशन हेतु प्रदान की थी।

यह भी पढ़ें : कोरोना के भय से मुक्त कराएंगे ‘राम-कृष्ण’, रामायण-महाभारत फिर से आएगा टीवी पर

नवीन समाचार, नैनीताल, 27 मार्च 2020। कोरोना के संक्रमण के चलते अगले 21 दिनों तक लॉक डाउन मंे घर में खुद को कैद महसूस कर रहे लोगों के लिए खुशखबरी है। केंद्र सरकार ने लोगों की इस परेशानी को दूर करने के लिए राम का सहारा लिया है। केन्द्रीय सूचना प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने दूरदर्शन के राष्ट्रीय चैनल पर रामानंद सागर के 1987 में शुरू हुए रामायण धारावाहिक को एक बार फिर से प्रसारण करने की घोषणा की है। रामायण के पहले एपिसोड का प्रसारण कल यानी शविवार 28 मार्च को सुबह 9 बजे से 10 बजे तक तथा दूसरे एपिसोड का प्रसारण रात को 9 बजे से 10 बजे तक होगा। यही नहीं, सरकार बीआर चोपड़ा के 1988 में शुरू हुए मशहूर धारावाहिक ‘महाभारत’ को भी फिर से प्रसारित करने की संभावना तलाश रही है।
शुक्रवार को केन्द्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने ट्वीट कर जानकारी दी कि लोगों की मांग को देखते हुए दूरदर्शन पर एक बार फिर रामायण का प्रसारण शुरू किया जा रहा है। 80 के दशक में प्रसारित होने वाला सीरियल रामायण इस कदर लोगों के बीच लोकप्रिय था कि कुछ देर के लिए सड़कें सूनी हो जाया करती थीं। जिन लोगों के घरों में टीवी नहीं था वे भी दूसरों के घरों में जा कर रामायण देखा करते थे। रामायण के किरदार अरुण गोविल और दीपिका को तो लोग सचमुच का राम और सीता मानने लगे थे।

यह भी पढ़ें : नव संवत्सर, चैत्र प्रतिपदा, नवरात्र पर घरों पर ही पूजा अर्चना

नवीन समाचार, नैनीताल, 25 मार्च 2020। हिंदू नव वर्ष, नव संवत्सर, चैत्र प्रतिपदा, नवरात्र पर कोरोना एवं लॉक आउट हावी रहा। कोरोना के दृष्टिगत मंदिर पहले ही बंद हैं। ऐसे में नगर के सभी मंदिरों में सन्नाटा छाया रहा। अनेक लोगों को बाजारों में पूजा की सामग्री भी नहीं मिल पाई। ऐसे में लोगों ने बमुश्किल कहीं गली-मोहल्लों के मंदिरों में छिटपुट शीष नवाए, अन्यथा घरों पर ही पूजा-अर्चना की। सुबह नहा-धोकर लोगों ने घर में ही कलश स्थापना की एवं दुर्गा सप्तशती का पाठ किया। कई लोगों ने पंडितों-आचार्यों से फोन एवं वीडियो कॉल पर संपर्क करके भी धार्मिक अनुष्ठान करवाए।

यह भी पढ़ें : घर पर ही पढ़ें नमाज, मस्जिद से की गई अपील

नवीन समाचार, नैनीताल, 23 मार्च 2020। नगर के अन्य धार्मिक स्थलों-मंदिर, चर्च एवं गुरुद्वारे के बाद आखिर मुस्लिम धर्म के इबादत स्थल-जामा मस्जिद से भी कोरोना को लेकर दिशा-निर्देश जारी हो गए हैं। सोमवार अपराह्न मुस्लिम समुदाय के लोगों से 31 मार्च तक घर से ही मस्जिद पढ़ने की अपील की गई। उल्लेखनीय है कि ऐसी अपील पहली बार की गई है। इससे पूर्व बीते शुक्रवार को जामा मस्जिद में जुम्मे की नमाज पढ़ी गई थी। उल्लेखनीय है कि नगर का प्रसिद्ध नयना देवी मंदिर, गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा एवं सभी चर्च पहले ही श्रद्धालुओं के लिए 31 मार्च तक बंद कर दिया गया है। नगर की सबसे पुरानी धार्मिक-आध्यात्मिक संस्था श्रीराम सेवक सभा ने हिंदुओं के नव वर्ष-नव संवत्सर चैत्र प्रतिपदा पर 25 मार्च को होने वाले कार्यक्रम भी निरस्त कर दिए हैं।

देवभूमि में इस फल में नजर आये महादेव के प्रिय त्रिशूल व ‘ॐ’ के धार्मिक चिह्न

यह भी पढ़ें : अपने हाथ की रेखाओं से जानें किस क्षेत्र में सबसे बेहतर हो सकता है आपका भविष्य

रेखाएं बताती है करियर – ज्‍योतिषशास्‍त्र में ऐसी अनेक विद्याएं हैं जिनके माध्‍यम से मनुष्‍य की कई सारी समस्‍याओं को सुलझाया जा सकता है। इन्‍हीं में से एक है हस्‍तरेखाएं जिनकी मदद से आपके भविष्‍य की गणना की जा सकती है।

आज हम आपको हाथ की उन रेखाओं के बारे में बताने जा रहे हैं जो आपके करियर का निर्धारण

This image has an empty alt attribute; its file name is %E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%A5-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%87%E0%A4%A8-%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%96%E0%A4%BE%E0%A4%93%E0%A4%82-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%B8%E0%A4%95%E0%A4%A4%E0%A5%87-%E0%A4%B9%E0%A5%88%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%B0-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%9C%E0%A5%81%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A5%80-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A5%87%E0%A4%82-2.jpg

करती हैं। हाथ में सूर्य के पर्वत और सूर्य रेखा का बेहतर होना व्‍यक्‍ति को प्रशासनिक सेवा में ले जाता है। इसके अलावा मस्तिष्‍क की रेखाएं जितनी लंबी और सीधी हो उतनी ही ज्‍यादा प्रशासनिक नौकरी की संभावना बनती है। कनिष्‍ठा उंगली जितनी लंगी हो और अनामिका उंगली तक पहुंचे उतना ही प्रशासनिक सेवा में जाना निश्चित हो जाता है।

तो चलिए जानते हैं कि कैसे रेखाएं बताती है करियर – आपकी रेखाएं आपके करियर के बारे में क्‍या कहती हैं…

रेखाएं बताती है करियर – डॉक्‍टर बनाने वाली रेखा

अगर हाथ में मंगल और चंद्रमा अच्‍छा हो तो व्‍यक्‍ति चिकित्‍सक बन सकता है। मंगल की मजबूत रेखा और चंद्रमा पर ऊपर की ओर रेखाओं का जाना व्‍यक्‍ति को सर्जन बनाता है। अगर हाथ में बुध के पर्वत पर सीधी और छोटी लाइनें हों तो वह जातक फिजिशियन बनता है।

मंगल और चंद्रमा के साथ बुध जितना ज्‍यादा अच्‍छा होगा, व्‍यक्‍ति उतना ही अच्‍छा डॉक्‍टर बनता है।

रेखाएं बताती है करियर – इंजीनियर बनने की रेखा

हाथ में बुध और शनि का पर्वत अच्‍छा हो तो व्‍यक्‍ति तकनीकी करियर में ले जाता है।

बुध का पर्वत अच्‍छा हो और शनि के पर्वत पर सीधी लकीर हो या भाग्‍य रेखा जाकर मिल रही हो तो वह व्‍यक्‍ति इंजीनियर बनता है।

शनि के ठीक नीचे केतु के पर्वत पर वर्ग हो तो वह जातक कंप्‍यूटर या इंडस्ट्रियल इंजीनियर होता है।

मैनेजमेंट की लकीरें

हथेली में बुध और बृहस्‍पति की शुभ स्थिति मैनेजमेंट के क्षेत्र की ओर ले जाती है।

भाग्‍य रेखा से बुध के पर्वत की ओर रेखा का जाना इंसान को कॉरपोरेट क्षेत्र में ले जाता है।

अगर बृहस्‍पति पर्वत अच्‍छा हो तो उस पर खड़ी लकीर या तारे का चिह्न हो तो वह व्‍यक्‍ति मैनेजमेंट या मार्केटिंग में बेहतरीन सफलता पाता है।

फिल्‍म और कला से जुड़ी रेखा

आप कला या फिल्‍म के क्षेत्र में करियर बनाएंगें,  इस बात का पता हथेली पर शुक्र पर्वत से लगाया जा सकता है। इसके अलावा हाथों का रंग भी आपमें कला के गुण होने के बारे में बता सकता है।

हाथों में शुक्र का घेरा जितना बड़ा हो उतना ही व्‍यक्‍ति को ग्‍लैमर मिलता है और व्‍यक्‍ति के कला, मीडिया या फिल्‍म में जाने की संभावना बढ़ जाती है।

बुध के पर्वत पर सीधी लकीर हो और हाथ के बीचोंबीच त्रिभुज हो तो वह जातक अभिनेता बनता है।

अगर हाथों की अंगुलियां लंबी हों और अंगूठा समकोण बनता हो तो वह व्‍यक्‍ति फिल्‍म एक्‍टर बन सकता है।

रोज़गार के अवसर

अगर हाथ का रंग बहुत साफ ना हो और हाथ क़ड़ा हो तो इंसान साधारण नौकरी करता है। हाथ की रेखाएं बहुत गाढ़ी हों तो उस व्‍यक्‍ति को तमाम मुश्किलों के बाद भी धन और रोज़गार को लेकर कोई समस्‍या नहीं रहती है। सूर्य पर्वत खराब हो या इस पर क्रॉस लग रहा हो या वलय हो तो वह जातक रोज़गार में उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ता है।

इस तरह आप अपनी हथेली की रेखाओं को देखकर जान सकते हैं कि आप किस क्षेत्र में अपना करियर बनाएंगें।

यह भी पढ़ें : सिर्फ इन 6 वास्तु टिप्स से घर में लाएं सकारात्मक ऊर्जा

नए साल 2019 की शुभ शुरुआत हो चुकी है। इस समय घर में पॉजीटिव एनर्जी का वास होना बहुत जरूरी है ताकि सारा साल खुशहाली बनी रहे। घर की नेगेटिव एनर्जी को दूर करने के लिए आप कुछ वास्तु टिप्स अपना सकते हैं। जिसे परिवार में सारा साल सुख-शांति व समृद्धि बनी रहेगी।

मुख्य द्वार पर लगाएं स्वास्तिक

घर का मुख्य दरवाजा सबसे खास होता है। इस के जरिए ही सकारात्मक और नकारात्मक ऊर्जा घर के अंदर प्रवेश करती है। नए साल में सबसे पहले इस तरफ ध्यान दें और मेन गेट पर चांदी के बने स्वास्तिक को लगाएं, जिससे घर में सकारात्मकता आएगी।

जरूर लगाएं पेड़-पौधे

घर चाहे छोटा हो या फिर बड़ा, पेड़-पौधे जरूर लगाएं। कम स्पेस है तो गमले में पौधे लगा सकते हैं। इससे सकारात्मरक ऊर्जा को स्थान मिलता है। इससे पूर्व दिशा के दोष हटकर घर में संतुलन बना रहता है।

बाहर फेंक दें पुराना और बेकार सामान

 

हिंसक जानवरों की तस्वीरें न लगाएं

वास्तु के हिसाब से घर की डैकोरेशन का सामान भी बहुत अहमियत रखता है। ऐसे चित्र जो वीरान घर, लड़ाई-झगड़े, पतझड़ आदि नकारात्मक बातों को बढ़ाते हैं, उन्हें घर से हटा दें। इसकी जगह पर हरियाली, फूल, आनंद, उमंग, शांति व तरोताजा करने वाले चित्र लगाएं। इससे पॉजीटिव एनर्जी और खुशहाली बनी रहेगी।

जमीन खरीदते समय इन बातों का रखें ख्याल

 नए साल पर कोई जमीन खरीदने का प्लान बना रहे हैं तो कुछ खास बातों का ख्याल रखें। जो जमीन खरीद रहे हैं उसके नजदीक सड़क और ढलान नहीं होनी चाहिए। वह प्लॉट न लें जिस पर दक्षिण पश्चिम से सड़क आ रही हो।

रसोई में करवाएं सफेद पेंट

रसोई घर से निकलने वाली सकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव पूरे घर पर पड़ता है। इसके दोष को दूर करने के लिए किचन में हमेशा व्हाइट पेंट करवाएं। इससे वास्तु दोष दूर हो जाएंगे।

नवीन समाचार
‘नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से ‘मन कही’ के रूप में जनवरी 2010 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।
https://navinsamachar.com

Leave a Reply

loading...