Politics

राजनीति: पिछली ‘रावत-रावत सरकार’ वाले एक रावत दूसरे रावत पर हुए हमलावर, बोले सठिया गए हैं, आराम करें….

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       नवीन समाचार, नैनीताल, 20 जनवरी 2021। बिना मुद्दों के, सत्तापक्ष के बजाय खुद में ही ‘बिना सूत-कपास-जुलाहों की तरह लट्ठम-लट्ठ’ में व्यस्त कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता हरीश रावत अब ‘अपनों’ के ही निशाने पर आ गए हैं। अपने भी वह, जिनके नाम पर उनकी सरकार को ‘रावत सरकार’ की जगह ‘रावत-रावत सरकार’ भी […]

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हरिद्वार में हरि की पैड़ी पर आदिकालीन लिपि के बाद आज मिले भगवान के पद चिन्ह ! लोगों का जमावड़ा

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       नवीन समाचार, हरिद्वार, 07 जनवरी 2021। हरिद्वार में हरकी पैड़ी पर बृहस्पतिवार को ब्रह्मकुंड के पास जलमग्न सीढ़ियों पर मिला एक पदचिन्ह दिखाई दिया है। लोग इस पदचिह्न को दैवीय पद चिह्न मान रहे हैं। लोग इन्हें यहां साक्षात ईश्वर की उपस्थिति बता रहे हैं। लिहाजा इस पदचिन्ह को देखने के लिए हरकी पैड़ी […]

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न्याय देवता के चितई ग्वेलज्यू मंदिर के मामले में हाईकोर्ट ने निर्णय लेने से किया इंकार, निचली अदालत को भेजा अधिकार का मामला..

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       नवीन समाचार, नैनीताल, 19 नवम्बर 2020। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने प्रदेश में न्याय के देवता के रूप में प्रसिद्ध ग्वेलज्यू के चितई अल्मोड़ा स्थित मंदिर के प्रबंधन को लेकर जनहित याचिका व पुनर्विचार याचिका में खुद कोई निर्णय लेने से इंकार करते हुए सिविल न्यायालय अल्मोड़ा को मामले में उपासना से संबंधित अधिकार के […]

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देखें पहली डिजिटल कुमाउनी रामलीला…

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       देखें 7वें दिन की पहली डिजिटल कुमाउनी रामलीला : देखें छठे दिन की पहली डिजिटल कुमाउनी रामलीला : देखें पांचवे दिन की पहली डिजिटल कुमाउनी रामलीला :  देखें चौथे दिन की पहली डिजिटल कुमाउनी रामलीला : देखें तीसरे दिन की पहली डिजिटल कुमाउनी रामलीला :  देखें दूसरे दिन की पहली डिजिटल कुमाउनी रामलीला : देखें पहले दिन […]

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नैनीताल के हरदा बाबा-अमेरिका के बाबा हरिदास

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       सरोवरनगरी नैनीताल का साधु-संतों से सदियों से, वस्तुतः अपनी स्थापना से ही अटूट रिस्ता रहा है। इस नगर का पौराणिक नाम ‘त्रिऋषि सरोवर’ ही इसलिये है, क्योंकि इसकी स्थापना सप्तऋषियों में गिने जाने वाले तीन ऋषियों (लंकापति रावण के पितामह महर्षि पुलस्त्य के साथ ब्रह्मा पुत्र अत्रि व पुलह) ने की थी। आगे भी […]

ऐपण : उत्तराखण्ड की लोक चित्रकला

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       प्रमोद प्रसाद, इतिहास विद्यार्थी, नैनीताल। ऐपण या अल्पना एक लोक चित्रकला है। जिसका कुमाऊँ के घरों में एक विशेष स्थान है। ये उत्तराखण्ड की एक परम्परागत लोक चित्रकला है। यह चित्रकला उत्तराखण्ड के कुमाऊँ क्षेत्र से सम्बन्धित है। ऐपण शब्द संस्कृत के शब्द अर्पण से व्युत्पादित है। ऐपण का वास्तविक अर्थ है लिखायी या […]

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धर्म-आस्था : नैनीताल में बंगाली-कुमाउनी संस्कृतियां हुईं एकाकार

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       -63वां दुर्गा महोत्सव शुरू नवीन समाचार, नैनीताल, 4 अक्टूबर 2019। सर्वजनिन दुर्गा पूजा कमेटी के तत्वावधान में शुक्रवार से 63वां पांच दिवसीय दुर्गा महोत्सव शुरू हो गया। महोत्सव की शुरुआत सुबह कलश यात्रा के साथ हुई। कलश यात्रा में बंगाली और कुमाउनी संस्कृतियां एकाकार होती दिखीं। शोभायात्रा में जहां सबसे आगे कुमाउनी शादी-ब्याह व […]

🚩पहाड़ी पञ्चाङ्ग और राशिफल 30 जून 2019 (आषाढ़ 16 पैट-गते)…आज है वाहन से सावधानी बरतने, शारीरिक कष्ट व जोखिम से बचने का दिन..

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       दगड़ियो नमस्कार 🙏🙏आज’क दिन उत्तरायण, कृष्ण पक्ष बिक्रम संवत 2076, शक संवत 1941, द्वादशी तिथि अर आषाढ़ 16 पैट (गते) छू। आप सब लोगनक दिन मंगलमय हवौ.. “खुशि, स्वस्थ-सुकयारि रईया, खुटन में कान झन बुड़ौ.. धिनाइ-पाणी, ज्यो-जैजात बढ़ते रओ…और दुसारन कै ले खुश रखना लिजी प्रयास करिया! यो दिन-यो बार भेटनै रईया…” जय गोलज्यू […]

जानिए अपनी हस्तरेखाओं से अपने जीवन के राज और अपने भविष्य की संभावनाएं…

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      नवीन समाचार, 16 अप्रैल 2019। अपनी हथेली में मौजूद रेखा आपके बारे में ऐसे रहस्य खोलती है जिसके बारे में आप कभी सोच भी नहीं सकते। अगर आप इन रेखाओं का मतलब जान लें तो संभव है कि भविष्य में होने वाली घटनाओं से बचने का उपाय कर सकते हैं। खासतौर पर अगर आप यह जान […]

जागेश्वर मंदिर समूह बना कुमाऊं विवि का आधिकारिक प्रतीक

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       नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय ने सातवीं से 14वीं शताब्दी में बने देश के 12 ज्योर्तिलिंगों में से एक, 125 मंदिरों के जागेश्वर मंदिर समूह को अपना आधिकारिक प्रतीक चुन लिया है। विवि के कुलपति प्रो. डीके नौड़ियाल ने बताया कि काफी सोच-विचार के बाद कुमाऊं के सबसे बड़े मंदिर समूह व पहचान के रूप में […]

आस्था के साथ ही सांस्कृतिक-ऐतिहासिक धरोहर भी हैं ‘जागर’

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       इस तरह ‘जागर’ के दौरान पारलौकिक शक्तियों के वसीभूत होकर झूमते हें ‘डंगरिये’ कुमाऊं के जटिल भौगोलिक परिस्थितियों वाले दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों में संगीत की मौखिक परम्पराओं के अनेक विशिष्ट रूप प्रचलित हैं। उत्तराखंड के इस अंचल की संस्कृति में बहुत गहरे तक बैठी प्रकृति यहां की लोक संस्कृति के अन्य अंगों की तरह […]

राजुला-मालूशाही और उत्तराखंड की रक्तहीन क्रांति की धरती, कुमाऊं की काशी-बागेश्वर

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       पौराणिक काल से ऋषि-मुनियों की स्वयं देवाधिदेव महादेव को हिमालय पुत्री पार्वती के साथ धरती पर उतरने के लिए मजबूर करने वाले तप की स्थली बागेश्वर कूर्मांचल-कुमाऊं मंडल का एक प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थल है। नीलेश्वर और भीलेश्वर नाम के दो पर्वतों की उपत्यका में सरयू, गोमती व विलुप्त मानी जाने वाली सरस्वती […]

प्रसिद्ध वैष्णो देवी शक्तिपीठ सदृश रामायण-महाभारतकालीन द्रोणगिरि वैष्णवी शक्तिपीठ दूनागिरि

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       हिमालय की गोद में बसे आध्यात्मिक महिमा से मंडित और नैसर्गिक प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर दूनागिरि शक्तिपीठ का अपार महात्म्य है। जम्मू के प्रसिद्ध वैष्णो देवी शक्तिपीठ की तरह ही यहां भी वैष्णवी माता की स्वयंभू सिद्ध पिंडि विग्रह मौजूद हैं। कहते हैं कि इन दोनों स्थानों पर अन्य शक्तिपीठों की तरह माता के […]

भगवान राम की नगरी के समीप माता सीता का वन ‘सीतावनी’

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       देवभूमि कुमाऊं-उत्तराखंड में रामायण में सतयुग, द्वापर से लेकर त्रेता युग से जुड़े अनेकों स्थान मिलते हैं। इन्हीं में से एक है त्रेता युग में भगवान राम की धर्मपत्नी माता सीता के निर्वासन काल का आश्रय स्थल रहा वन क्षेत्र-सीतावनी, जो अपनी शांति, प्रकृति एवं पर्यावरण के साथ मनुष्य को गहरी आध्यात्मिकता के साथ मानो उसी […]

सच्चा न्याय दिलाने वाली माता कोटगाड़ी: जहां कालिया नाग को भी मिला था अभयदान

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       नवीन जोशी, नैनीताल। कण-कण में देवत्व के लिए प्रसिद्ध देवभूमि उत्तराखंड में कोटगाड़ी (कोकिला देवी) नाम की एक ऐसी देवी हैं, जिनके दरबार में कोर्ट सहित हर दर से मायूस हो चुके लोग आकर अथवा बिना आए, कहीं से भी उनका नाम लेकर न्याय की गुहार लगाते (स्थानीय भाषा में विरोधी के खिलाफ ‘घात’ […]

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