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नैनीताल : एनजीटी की टीम ने शुरू की पेड़ों के अवैध कटान की जांच, पेड़ में लगा मिला बिजली का मीटर….

दिल्ली-NCR में 10 साल पुराने डीजल वाहनों को राहत नहीं, जानिए नेशनल ग्रीन  ट्रिब्यूनल ने क्या कहा-ngt-refuses-to-modify-order-on-deregistration-of-10-year-old-diesel-vehicles-in  ...डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 23 सितंबर 2022। नगर के अयारपाटा क्षेत्र में अरोमा होटल व धामपुर बैंड क्षेत्र में बीते अप्रैल माह में पेड़ काटने की घटनाएं हुई थीं। इस बाबत की गई शिकायत पर एनजीटी यानी नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की टीम ने सीधे संज्ञान लिया है। शुक्रवार को एनजीटी की टीम से क्षेत्र का निरीक्षण किया। टीम अब एनजीटी मुख्यालय को अपनी रिपोर्ट भेजेगी।

शुक्रवार को वन संरक्षक मान सिंह व अपर मंडलायुुक्त जीवन सिंह नगन्याल ने अयारपाटा क्षेत्र में अरोमा होटल के समीप, धामपुर बैंड में अरविंदो आश्रम के समीप तथा टिफिन टॉप और किलबरी क्षेत्र का दौरा कर हकीकत जानी। इस दौरान शिकायतकर्ता विवेक वर्मा व उनके साथी पर्यावरणविद तथा नगर पालिका के दौरान ईओ अशोक कुमार सभासद मनोज जगाती मौजूद रहे।

बताया गया है कि समिति को विवादित भूमि में पेडों के़ कटान के साथ ही बिजली और पानी मीटर के कनेक्शन आदि आपत्तिजनक चीजें मिलीं। यहां तक कि एक पेड़ पर भी बिजली का मीटर लगा हुआ मिला। माना जा रहा है कि इसे पेड़ काटने के लिए लगाई गई बिजली से चलने वाली आरा मशीन चलाने के लिए उपयोग में लाया गया होगा। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : वन विभाग का पेशेवर रवैया, नैनीताल चिड़ियाघर, बॉटनिक गार्डन व वाटर फॉल का संयुक्त शुल्क घटाया

Tourists are not reaching Nainital Zoo Waterfall and Botanical Garden in  Unlock period jagran special - 26 दिन में एक दिन जितनी आय भी नहीं जुटा पाया  नैनीताल जू, वॉटरफॉल और बॉटनिकल गार्डनडॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 13 सितंबर 2022। वन विभाग ने पर्यटन नगरी में सैलानियों के लिए अपने तीन मुख्य आकर्षणों में सैलानियों को आकर्षित करने के लिए पेशेवर रवैया अपनाया है। विभाग ने नगर में स्थित गोविंद बल्लभ पंत उच्च स्थलीय प्राणी उद्यान यानी चिड़ियाघर तथा नारायण नगर स्थित बॉटनिक गार्डन व सरिता ताल स्थित वाटर फॉल का एक साथ भ्रमण करने पर कुल शुल्क में 10 फीसद की छूट देने का ऐलान किया है।

नैनीताल चिड़ियाघर के वन क्षेत्राधिकारी अजय रावत ने बताया कि पहले 12 वर्ष से अधिक उम्र के सभी वयस्कों के लिए इन तीनों स्थानों की सैर करने का संयुक्त रूप से शुल्क 200 रुपए था, जिसे 10 फीसद घटाकर 180 रुपए कर दिया गया है। इसी तरह 5 से 12 वर्ष के बच्चों के लिए इन तीनों का शुल्क अब 100 की जगह 90 रुपए, विदेशी वयस्कों के लिए 350 की जगह 315 रुपए और विदेशी बच्चों के लिए 150 की जगह 135 रुपए होगा। गौरतलब है कि इन तीनों स्थानों के लिए 60 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों व 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए प्रवेश निःशुल्क है।

बताया जाता है कि सैलानी नैनीताल चिड़ियाघर तो आते है, और सीमित संख्या में टैक्सी वालो के द्वारा अपने प्वाइंट बढ़ाने के लिए वाटर फॉल भी ले जाये जाते हैं, परंतु रास्ते में ही आने वाले बॉटनिक गार्डन में अधिक समय लगने के कारण वहां नहीं ले जाते हैं। अब इस बहाने वन विभाग की कोशिश है कि सैलानियों को बॉटनिक गार्डन भी ले जाया जाए, जहां अनेकों प्रकार की हिमालयी वनस्पतियां, फर्न, फूल, तितलियों व कीट-पतंगों की प्रजातियां भी मिलती हैं। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : संरक्षित प्रजाति के 18 कछुओं के साथ पकड़े 4 वन तस्करों को ढाई माह बाद भी नहीं मिली जमानत

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 4 अगस्त 2022। जनपद के प्रभारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश-प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश अजय चौधरी की अदालत ने रामनगर के कार्बेट आरक्षित क्षेत्र में कछुवे की तस्करी करने के आरोपितों के गिरफ्तारी के करीब ढाई माह बाद प्रस्तुत जमानत प्रार्थना पत्र सुनवाई के उपरांत खारिज कर दिए हैं।

इस मामले में अभियोजन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्त फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने ग्राम किलावली पोस्ट गढीनेगी तहसील जसपुर जिला उधमसिंहनगर निवासी आरोपितों-हंसराज पुत्र दुआसी, संजय पुत्र गंगाराम तथा जाटव बस्ती भवानीगंज रामनगर जिला नैनीताल निवासी सरजीत पुत्र शिव दयाल व ग्राम भोट जिला रामपुर उत्तर प्रदेश निवासी करन पुत्र जगदीश के जमानत प्रार्थनापत्र का विरोध करते हुए तर्क रखा कि आरोपितों को गत 13 जून को वन आरक्षी मनवर सिंह वन दरोगा होरी लाल, तथा स्पेशल टाईगर प्रोटेक्शन फोर्स के बलवंत सिं व, तेजपाल सिंह ने गश्त के दौरान ढेला भावर ब्लॉक पथरुवा के आरक्षित वन क्षेत्र में प्लास्टिक के कट्टे में 16 जिंदे कछुओं के साथ पकड़ा।

पकड़े गए कछुवे वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 की अनूसूची-1 के भाग-2 के वन्य प्राणी हैं। उनका अपराध गम्भीर है। इस आधार पर न्यायालय ने उनके जमानत प्रार्थना पत्र को मामले की गम्भीरता को देखते हुए निरस्त कर दिया। (डॉ. नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : बदल गए नैनीताल, हल्द्वानी सहित प्रदेश भर के 37 वनाधिकारी, देखें कौन हटे-कौन आए…

नवीन समाचार, देहरादून, 13 जुलाई 2022। उत्तराखंड सरकार ने 37 आईएफएस यानी भारीतय वन सेवा के अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। डॉ. समीर सिन्हा को प्रभारी प्रमुख वन संरक्षक वन्यजीव एवं मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक बनाया गया है। वहीं, पीके पात्रो को मुख्य वन संरक्षक कुमाऊं की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है।

उप सचिव, वन सत्यप्रकाश सिंह की ओर से जारी सूची के अनुसार प्रमुख वन संरक्षक (पीसीसीएफ) डॉ. धनंजय मोहन को वन निगम का एमडी बनाया गया है। वहीं केएम राव को एपीसीसीएफ पर्यावरण, बीपी गुप्ता को एपीसीसीएफ प्रशासन, कपिल लाल को एपीसीसीएफ परियोजना एवं सामुदायिक वानिकी, जीएस पांडेय को सीईओ कैंपा, कपिल जोशी को एपीसीसीएफ वन अनुसंधान एवं प्रशिक्षण हल्द्वानी, एसएस रसाईली को एपीसीसीएफ वन संरक्षण, नरेश कुमार को मुख्य वन संरक्षक ईको टूरिज्म, मनोज चंद्रन को मुख्य वन संरक्षक मूल्यांकन, डॉ. तेजस्विनी पाटिल को एफटीआई हल्द्वानी, डॉ. पराग मधुकर धकाते को सीसीएफ वन पंचायत की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

इसके अलावा डॉ. धीरज पांडेय को जिम कॉर्बेट पार्क का निदेशक बनाया गया है। राहुल को प्रतिनियुक्ति पर वन निगम भेजा गया है। निशांत वर्मा को निदेशक नंदा देवी बायोस्फियर, मान सिंह को सीएफ दक्षिणी कुमाऊं, डॉ साकेत बडोला को राजाजी पार्क का निदेशक, राजीव धीमान को वन संरक्षक शिवालिक व भागीरथी, डॉ विनय भार्गव को वन संरक्षक यमुना वृत्त व पंकज कुमार को सीएफ गढ़वाल बनाया गया है।

इनके अलावा उप वन संरक्षक मयंक शेखर झा को डीएफओ हरिद्वार, कहकशां नसीम को उप वन संरक्षक मूल्यांकन व आईटी, अमित कंवर को डीएफओ नरेंद्रनगर, वैभव कुमार को डीएफओ तराई केंद्रीय वन प्रभाग हल्द्वानी, दिनकर तिवारी को डीएफओ लैंसडौन, दीपक सिंह को डीएफओ नियोजन मुख्यालय, कुंदन कुमार को डीएफओ तराई पश्चिमी वन प्रभाग रामनगर, आशुतोष सिंह को डीएफओ मसूरी, बलवंत शाही को उप वन संरक्षक वन वर्धनिक, अभिमन्यु को डीएफओ रुद्रप्रयाग, बीडी सिंह को उप निदेशक राजाजी पार्क, चंद्र शेखर जोशी को डीएफओ नैनीताल, जीवन मोहन को डीएफओ रामनगर, बीबी मर्तोलिया को उप वन संरक्षक जायका तथा नीतीश मणि त्रिपाठी को देहरादून जू का निदेशक व डीएफओ देहरादून बनाया गया है। वहीं टीआर बीजूलाल और डॉ. अभिलाषा सिंह को बाध्य प्रतीक्षा में रखते हुए फिलहाल मुख्यालय भेजा गया गया है। (डॉ. नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

नैनीताल : बारिश के दौरान कारों पर गिरा विशालकाय पेड़…

तल्लीताल क्षेत्र में भारी वर्षा के दौरान बांज का विशालकाय पेड़ गिर गया। पेड़ की टहनियों ने सड़क पर खड़ी दो कारों को भी चपेट में ले लिया। साथ ही...डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 9 जुलाई 2022। मौसम विभाग की रेड लेवल की चेतावनी पर शनिवार को जनपद के आंगनबाड़ी से लेकर 12वीं तक के सभी विद्यालय बंद रहे। जनपद में भीमताल से लेकर हल्द्वानी तक भारी बारिश हुई। लेकिन मुख्यालय में बारिश मामूली ही रही।

अलबत्ता, बीते कुछ दिनों से जारी बारिश के कारण बीती रात्रि नगर के तल्लीताल क्षेत्र में डीएम आवास के नीचे स्थित जिला पंचायत के आवासों के पास बांज का एक विशालकाय पेड़ जल से उखड़ गया। पेड़ की टहनियों ने सड़क पर खड़ी दो कारों-संख्या यूके04के-3105 व यूके01बी-5453 को भी चपेट में ले लिया। साथ ही टहनियां एक घर तक भी पहुंच गईं।

पास में मौजूद दो अन्य छोटे पेड़ भी इसकी चपेट में आए। सूचना मिलने पर तल्लीताल थाना पुलिस एवं अग्निशमन बल के जवान मौके पर पहुंचे और वन विभाग के कर्मचारियों ने वुडकटर की मदद से पेड़ को काटकर हटाया। पेड़ हटाने में अग्निशमन बल के एफएसएसओ चंदन राम आर्य, प्रकाश मेर, विपिन बडोला, नीरज कुमार, दीपक सुतेड़ी, मो. उमर व जितेंद्र कुमार तथा वन क्षेत्राधिकारी प्रमोद तिवारी, संतोष गिरी, निमिष दानू, धर्मेंद्र, सुरेश सिंह आदि कर्मचारी शामिल रहे। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : अभी-अभी: वन विभाग की टीम के हाथ लगी बड़ी कामयाबी, हल्द्वानी रोड पर 10 लाख की अवैध वन सामग्री पकड़ी, पर…

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 27 जून 2022। सोमवार की देर शाम हल्द्वानी रोड पर मनोरा वन क्षेत्र की वन विभाग की टीम ने भुजियाघाट में एक ट्रक संख्या यूपी25ईटी-3327 में पहाड़ से अवैध रूप से लाया जा रहा 312 टीन बिरोजा पकड़ा है। उल्लेखनीय तथ्य यह भी बताया जा रहा है कि नए वन क्षेत्राधिकारी के आते ही यह बरामदगी की गई है। सवाल उठ रहा है कि पुराने वन क्षेत्राधिकारी के समय ऐसी बरामदगी क्यों नहीं की गई।

बताया गया है कि यह विरोजा इस तरह ट्रक में छुपाकर लाया जा रहा था कि ट्रक का पिछला हिस्सा तो खाली था, परंतु इसे ट्रक के केबिन में छुपाकर लाया जा रहा था। लेकिन वन क्षेत्राधिकारी मुकुल शर्मा, उप वन क्षेत्राधिकारी चंद्रशेखर भट्ट, राजेंद्र करायत, सुरेश जोशी, राजू जोशी, संजय सिंह, मनोज सिंह, डुंगर सिंह व महेश सिंह आदि ने गश्त के दौरान शक होने पर इस वाहन को रोका और जांच की ट्रक के केबिन में छिपा कर रखा 312 टिन विरोजा टीम की नजरों से नहीं बच पाया।

अलबत्ता इस दौरान वन कर्मी ट्रक के चालक पर नजर नहीं रख पाए और वह भाग निकला। विभाग ने ट्रक को विरोजा सहित अपने कब्जे में ले लिया है। बरामद किए गए विरोजा की कीमत दस लाख रुपए आंकी गयी है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : हल्द्वानी : 12 लाख से अधिक की लीसा तस्करी पकड़ी गई..

नवीन समाचार, हल्द्वानी, 13 जून 2022। तराई केंद्रीय वन प्रभाग और वन विभाग की एसओजी की टीम ने लीसा तस्करी की बड़ी खेप पकड़ी है। इस मामले में एक आरोपित भी गिरफ्तार किया गया है।

वन विभाग के एसओजी प्रभारी कैलाश तिवारी ने बताया कि पकड़ा गया लीसा रानीखेत से हल्द्वानी लाया जा रहा था। विभाग ने सूचना पर ट्रक से करीब 700 टिन लिसा बरामद किया है। पकड़े गए लीसे की कीमत 12 लाख रुपए से अधिक बताई जा रही है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : जनपद में वनाग्नि के कारण पिरूल को एकत्र किए जाने व बांज की पत्तियों से कम्पोस्ट बनाने का कार्य प्रारंभ, मेहनताना देने में कंजूसी

-महिलाओं को पिरूल एकत्र करने पर मिलेंगे प्रति किलोग्राम दो रुपए

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 28 अप्रैल 2022। वनाग्नि की घटनाओं के प्रमुख कारण, चीड़ की सूखी पत्तियों-पिरूल को औद्योगिक उपयोग के लिए एकत्र करने का कार्य जनपद में प्रारंभ हो गया है। जनपद मुख्यालय के निकट बल्दियाखान में स्वयं सहायता समूह बल्दियाखान के द्वारा यह कार्य प्रारम्भ कर दिया गया है। सीडीओ ने जनपद के सभी खंड विकास अधिकारियों को भी समस्त स्वयं सहायता समूहों के सहयोग से पिरूल संग्रहण का कार्य कराने के निर्देश दिये हैं।

उन्होंने बताया कि जनपद के स्वयं सहायता समूह द्वारा संग्रहित किये गए पिरूल को औद्योगिक विकास के लिये वन विभाग के माध्यम से फैक्टरी लगाने की मांग को जल्द पूरा किया जाएगा। सरकार द्वारा पिरूल से कोयला व बिजली बनाने के संयत्र स्थापित करने पर भी जोर दिया जा रहा है। जबकि डीएफओ से इस संबंध में बात नहीं हो पाई।

अलबत्ता, पिरूल एकत्र किए जाने पर महिलाओं को मिलने वाली धनराशि पर भ्रमपूर्ण स्थिति और सरकार की ओर से कंजूसी दिखाई दे रही है। गत 18 फरवरी को डीएफओ टीआर बीजू लाल ने प्रति किलोग्राम वन विभाग की ओर से 3 एवं सेंचूरी पेपर मिल लालकुआं की ओर से 3 यानी कुल 6 रुपए प्रति किलोग्राम देने की बात कही थी, जबकि आज जनपद के मुख्य विकास अधिकारी डॉ. संदीप तिवारी ने मात्र दो रुपए प्रति किलोग्राम देने की बात कही है।

इस बारे में पूछे जाने पर सीडीओ डॉ. तिवारी ने कहा कि 2020 के शासनादेश में 2 रुपए प्रति किलोग्राम दिये जाने की बात है। वहीं डीएफओ बीजू लाल ने कहा शासन से धनराशि बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे थे, लेकिन बढ़ नहीं पाए। सेंचूरी सहित 4 कंपनियां पिरूल तो ले रही हैं, पर पिरूल ले जाने में अधिक खर्च आने की बात कह दो रुपए प्रति किलोग्राम ही दे पा रही है। आगे धनराशि बढाने का प्रयास किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में पिरूल के कारण लगने वाली आग बुझाने में करोड़ों रुपए खर्च होते हैं, लेकिन सरकार इसके सापेक्ष पिरूल एकत्र करने पर धनराशि खर्चने को तैयार नहीं है।

बांज की पत्तियों से कम्पोस्ट खाद बनाने का कार्य भी शुरू
नैनीताल। नैनीताल वन प्रभाग के द्वारा डीएफओ टीआर बीजूलाल के निर्देशन में नगर के टिफिन टॉप क्षेत्र में बांज के पत्तों को एकत्र कर इससे कंपोस्ट खाद बनाने की अनूठी पहल शुरू की है। उल्लेखनीय है कि इन बांज के पत्तों को पूर्व में जलाया जाता था। इस पर उच्च न्यायालय नैनीताल ने बांज के पत्तों को न जलाने के कड़े आदेश जारी किए थे। इस प्रकार डीएफओ की पहल को इसके विकल्प के तौर पर देखा जा सकता है। बताया गया है कि बांज के पत्तों से तैयार कम्पोस्ट खाद का उपयोग पौधरोपण क्षेत्रों, नर्सरियों, बॉटनिकल गार्डन आदि में किया जा सकेगा। अन्य ताज़ा नवीन समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : बड़ा समाचार : धामी सरकार की भ्रष्टाचार पर बड़ी कार्रवाई, तीन आईएफएस अधिकारियों पर गिरी गाज

नवीन समाचार, देहरादून, 28 अप्रैल 2022। वन विभाग पर धामी सरकार ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। आईएफएस यानी भारतीय वन सेवा के दो अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। जबकि, एक अधिकारी को मुख्यालय से संबद्ध किया गया है।

उत्तराखंड शासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार वन विभाग के 3 वरिष्ठ अधिकारियों जेएस सुहाग व किशन चंद और राहुल कुमार पर कार्रवाई की गई है। सुहाग व किशन चंद को निलंबित तथा जिम कॉर्बेट पार्क के निदेशक राहुल कुमार को देहरादून मुख्यालय में संबद्ध किया गया है। बताया गया है कि पाखरो रेंज में अवैध निर्माण व जमकर अवैध कटान होने तथा बिना अनुमति के निर्माण की पुष्टि होने पर यह कार्रवाई की गई है। प्रमुख सचिव आर के सुधांशु ने कार्रवाई की पुष्टि की है। (डॉ. नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : भाजपा ने वन भूमि में बाहरी व्यक्ति द्वारा अतिक्रमण की मुख्यमंत्री व वन मंत्री को भेजी शिकायत, स्थानीय वन कर्मियो की भूमिका बताई संदिग्ध

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 25 अप्रैल 2022। भारतीय जनता पार्टी के भवाली मंडल के अध्यक्ष पुष्कर जोशी ने सोमवार को निकटवर्ती ज्योलीकोट में एक बाहरी व्यक्ति द्वारा वन भूमि पर अतिक्रमण किए जाने की शिकायत प्रदेश के मुख्यमंत्री व वन मंत्री को शिकायत भेजी है। सत्तारूढ़ पार्टी के अध्यक्ष ने इस मामले में विभागीय कर्मचारियों की भूमिका को भी संदिग्ध बताया है। अपनी ही पार्टी की सरकार होने के बावजूद अध्यक्ष की शिकायत को संज्ञान में लेने के कारण मुख्यमंत्री व वन मंत्री को शिकायत भेजा जाना क्षेत्रीय वनाधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल खड़े कर रहा है।

श्री जोशी ने भेजे गए पत्र में कहा है कि ग्राम सभा गेठिया के अंतर्गत ग्राम ढाका खेत मं सरियाताल मोटरमार्ग से लगी हुई मनोरा वन क्षेत्र की भूस्खलन प्रभावित बलिया नाले से लगी भूमि में बाहरी व्यक्ति द्वारा अतिक्रमण कर मार्ग और पार्किंग बनाने का कार्य किया जा रहा है। विभागीय अधिकारियों से बार-बार कहने के बावजूद विभाग की इस अतिक्रमण को स्थायी तौर पर रोकने में असफल रहा है, इस कारण कुछ विभागीय कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध है।

लिहाजा उन्होंने इस मामले में वन संपदा को बचाने हेतु शीघ्र उचित कार्रवाई करने की मांग की है। पत्र की प्रतियां जिलाधिकारी, मंडलायुक्त, वन संरक्षक दक्षिणी कुमाऊं वृत्त व मुख्य वन संरक्षक आदि के कार्यालयों में भी उपलब्ध कराई गई हैं। अन्य ताज़ा नवीन समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : नैनीताल: अयारपाटा क्षेत्र में पेड़ों के अवैध कटान पर डीएफओ की कड़ी कार्रवाई

DFO टीआर बीजूलाल

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 13 अप्रैल 2022। नगर के अयारपाटा क्षेत्र में मंगलवार रात्रि पेड़ों के अवैध कटान पर प्रभागीय वनाधिकारी टीआर बीजू लाल ने कड़ा रुख दिखाया है। उन्होंने इस मामले में नगर पालिका क्षेत्र के वन क्षेत्राधिकारी प्रमोद तिवारी का जवाब तलब कर दिया है। साथ ही क्षेत्र के संबंधित वन बीट अधिकारी-वन दरोगा रणजीत थापा को तत्काल प्रभाव से अपने कार्यालय में संबद्ध कर दिया है। साथ ही इस मामले में जनपद के एसएसपी को प्राथमिकी दर्ज करने के लिए पत्र प्रेषित कर दिया है। अन्य ताज़ा नवीन समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : नगर के बीचों-बीच रात्रि में काट डाले गए अनेक पेड़, सभासद ने दी आत्मदाह की की धमकी

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 13 अप्रैल 2022। नगर के प्राकृतिक संपदा से भरपूर अयारपाटा क्षेत्र में इन दिनों अवैध गतिविधियां एवं अवैध निर्माण के प्रयास चरम पर हैं। गत दिनों ‘नवीन समाचार’ ने यहां धामपुर बैंड क्षेत्र में करीब आधा दर्जन पेड़ काटकर प्लॉटिंग किए जाने का समाचार ब्रेक किया था। लेकिन ऐसा करने वालों पर अपेक्षित कार्रवाई का संदेश लगता है अवैध निर्माणकर्ताओं तक नहीं पहुंचा है, इसलिए उनकी हिम्मत बढ़ गई है। देखें वीडियो:

अब उन्होने मल्लीताल कोतवाली से चंद कदमों की दूरी पर या कहें कि नगर के बीचों-बीच अरोमा होटल के पास बड़ी संख्या में पेड़ काट डाले हैं। ऐसा लगता है कि मंगलवार की रात्रि ही इन पेड़ों को आरी से काटा गया है। काटे गए पेड़ भी वहीं पड़े हैं। जानकारी देते हुए क्षेत्रीय विधायक मनोज साह जगाती ने कहा कि यदि 72 घंटे में इस मामले में कार्रवाई नहीं की गई तो वह आत्मदाह कर लेंगे। उन्होंने बताया कि संभवतया कब्जा करने के लिए पेड़ काटे गए हैं। निकटवर्ती अरोमा होटल का सीसीटीवी पांच दिन से बंद बताया गया है। इससे पुलिस की सक्रियता खासकर होटलों की जांच पर भी सवाल उठते हैं।

पूछे जाने पर क्षेत्रीय वन क्षेत्राधिकारी प्रमोद तिवारी ने बताया कि नजूल भूमि पर काकीश प्रजाति के सात और संरक्षित प्रजाति अंगू का एक पेड़ काटा गया है। जांच की जा रही है। इधर बुधवार को जानकारी लगने के बाद ‘नैनीताल अलर्ट’ समूह से जुड़े युवा भी यहां काटे गए पेड़ों का जायजा लेने पहुंचे हैं। अन्य ताज़ा नवीन समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : नैनीताल : वन कर्मियों से जबरन जब्त वाहन को छुड़ाने का प्रयास, मारपीट

-वन विश्राम गृह किलबरी का मामला, कोतवाली मल्लीताल में तीन लोगों के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत
Smugglers Attack Custom Team On Nepal Border, Vehicles Break - नेपाल बॉर्डर  पर कस्टम की टीम पर तस्करों का हमला, वाहन तोड़े - Lakhimpur Kheri Newsडॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 9 अप्रैल 2022। वन विभाग के किलबरी वन विश्राम गृह में तीन लोगों के द्वारा अनाधिकृत तरीके से घुसने एवं वहां वन विभाग द्वारा जब्त किए वाहन को छुड़वाने के लिए वन कर्मियों पर दबाव बनाते हुए मारपीट किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। मामले में वनाधिकारी की तहरीर पर पुलिस ने तीन लोगों के विरुद्ध नामजद अभियोग दर्ज कर लिया है। साथ ही आरोपितों की धरपकड़ के लिए भी प्रयास शुरू कर दिए हैं।

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार नैना वन क्षेत्र रांची की वन क्षेत्राधिकारी ममता चंद ने मल्लीताल पुलिस कोतवाली में शिकायती पत्र देकर बताया है कि नैनीताल वन प्रभाग के अंतर्गत नैना वन क्षेत्र के किलबरी वन विश्राम भवन में शुक्रवार की शाम ग्राम बगड़ मल्ला पोस्ट पंगूट तहसील नैनीताल निवासी राहुल पुत्र शेर राम, अंकित जोशी पुत्र जगदीश जोशी तथा जून स्टेट भीमताल नैनीताल निवासी प्रमोद कुमार पुत्र हरिश्चंद्र अनाधिकृत तरीके से घुसे तथा एक मामले में जब्त वाहन संख्या यूके04टीबी-2349 को बिना न्यायालय की अनुमति के छोड़ने हेतु राजकीय ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों को दबाव बनाने हेतु धमकाने लगे तथा मना करने पर उन्होंने वन दरोगा चंदन बिष्ट के साथ हाथापाई व मारपीट की।

इस पर उन्हें मौके पर मौजूद वन आरक्षी गोविंद बिष्ट व मुन्नी दानू तथा बीट वाचक वीरेंद्र रावत व चौकीदार दयाल बिष्ट आदि ने उन्हें पकड़ने की कोशिश की परंतु तीनों मौके से भाग गए। शिकायती पत्र पर कोतवाली पुलिस ने शनिवार को भारतीय दंड संहिता की धारा 323 व 332 के तहत तीनों के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत कर दिया है। प्रभारी निरीक्षक प्रीतम सिंह ने बताया कि मामले की विवेचना उप निरीक्षक धाम सिंह पांगती को सोंपी गई है। अन्य ताज़ा नवीन समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : ‘नवीन समाचार एक्सक्लूसिव’: जिला-मंडल मुख्यालय में हाईकोर्ट से आगे ग्रीन बेल्ट क्षेत्र में आधा दर्जन से अधिक पेड़ों को सुखाकर प्लॉटिंग का प्रयास !!

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 2 अप्रैल 2022। जनपद व मंडल मुख्यालय में उत्तराखंड उच्च न्यायालय से करीब एक-डेढ़ किलोमीटर आगे ही ग्रीनबेल्ट के बीच प्लॉटिंग कर आधा दर्जन से अधिक हरे पेड़ों को सुखाने का प्रयास किया जा रहा है। मामला नगर के कालाढुंगी रोड पर धामपुर बैंड के पास का है, यहां घने जंगल के बीच प्लॉटिंग कर मोरपंखी-सुरई प्रजाति के आठ से अधिक पेड़ों को सुखाने के लिए उनकी छाल उतारे गए हैं। देखें वीडियो:

क्षेत्रीय सभासद ने बताया कि उन्होंने इसकी सूचना वन विभाग के अधिकारियों को दी, लेकिन केवल निचले दर्जे के वन कर्मी ही आए। उच्चाधिकारी नहीं आए। मामला डीएफओ बीजू लाल के संज्ञान में भी लाया जा रहा है। फिलहाल उनका फोन नहीं लग रहा है। वहीं जिला विकास प्राधिकरण के अवर अभियंता कमल जोशी ने कहा कि मामले में संज्ञान लिया जा रहा है। मौके पर टीम भेजी जाएगी। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : जिम कार्बेट पार्क में अवैध निर्माणों एवं दागी अधिकारी पर उच्च न्यायालय के कड़े-बड़े आदेश

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 6 जनवरी 2022। उत्तराखंड उच्च न्यायालय की कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजय कुमार मिश्रा व न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ ने कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में मोरघटि व पाखरो क्षेत्र में हुए अवैध निर्माण पर राज्य के मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव वन एवं प्रमुख सचिव पर्यावरण को तत्काल दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए हैं। इसके अलावा पीठ ने जिम कार्बेट पार्क में हुई गड़बड़ी में दोषी पाये गए अधिकारी के खिलाफ दंडात्मक कार्यवाही करने और उनके कार्यभार वापस लेने के आदेश भी दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई शीतकालीन अवकाश के बाद 14 फरवरी को नियत की गयी है।

उल्लेखनीय है कि देहरादून निवासी अनु पंत ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर कहा है कि उत्तर प्रदेश शासन द्वारा 1999 में विजिलेंस रिपोर्ट में जंगली जानवरों की खाल की खरीद फरोख्त जैसे गंभीर अपराधों की पुष्टि होने के बाद दोषी पाये गये अधिकारी किशन चंद को कालागढ़, कॉर्बेट टाइगर रिजर्व जैसे अति संवेदनशील स्थान में तैनाती दी गयी। राष्ट्रीय टाइगर संरक्षण प्राधिकरण की जांच रिपोर्ट में भी किशन चंद अवैध निर्माण के लिए दोषी पाया गया।

इसके बाद उच्च न्यायालय के दिशा-निर्देश में वन विभाग के विभागाध्यक्ष राजीव भरतरी की अध्यक्षता में गठित उच्च स्तरीय समिति की रिपोर्ट में भी किशन चंद को गड़बड़ी का दोषी पाया गया। किंतु तत्कालीन मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक जेएस सुहाग ने किशन चंद पर कोई कार्रवाई नहीं की। उल्टे जांच के दौरान ही वन मंत्री ने किशन चंद की तारीफ की। उच्च न्यायालय में रिपोर्ट दाखिल होने के बाद तत्कालीन प्रमुख वन संरक्षक राजीव भरतरी को शासन ने पद से हटा दिया और 25 नवंबर को किशन चंद के भी स्थानांतरण के आदेश पारित किये थे, परंतु आदेशों का क्रियान्वयन नहीं किया गया और किशन चंद आज की तिथि तक दूसरे अधिकारी को चार्ज नहीं सौंप रहे हैं। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : अभी-अभी हाईकोर्ट के पास विशाल पेड़ गिरने से वाहनों का आवागमन बंद

डॉ. नवीन जोशी, नवीन समाचार, नैनीताल, 4 सितंबर 2021। डॉ. नवीन जोशी, नवीन समाचार, नैनीताल, 4 सितंबर 2021। नैनीताल में अभी-अभी उत्तराखंड उच्च न्यायालय के पास बांज का एक विशाल पेड़ नैनीताल कालाढुंगी रोड पर गिर पड़ा है। इससे मार्ग अवरुद्ध हो गया है, और वाहनों का आवागमन बंद हो गया है। देखें घटना का एक्सक्लूसिव वीडियो:

शनिवार पूर्वाह्न करीब सवा ग्यारह बजे यह पेड़ मनु महारानी होटल के निचले गेट के के पास गिरा है। पेड़ के गिरने से बिजली की लाइन भी क्षतिग्रस्त हुई है। सड़क पर आमतौर पर वाहनों का आवागमन लगा रहता है, लेकिन संयोग से घटना के समय कोई वाहन यहां से नहीं गुजर रहा था, इस कारण कोई इसकी चपेट में नहीं आया।

वन विभाग के वन क्षेत्राधिकारी प्रमोद तिवारी ने बताया कि पेड़ हाईकोर्ट परिसर के अंतर्गत उद्यान विभाग द्वारा संचालित पार्क का था। वन विभाग एवं वन निगम के कर्मचारी अपराह्न करीब तीन बजे पेड़ को सड़क से हटा पाए। इसके बाद ही सड़क पर वाहनों का आवागमन शुरू हो पाया। इधर, विद्युत विभाग के एसडीओ पर्यंक पांडे ने बताया कि पेड़ गिरने से बिजली का एक पोल तथा एलटी, 11केवी व 33 केवी की लाइनें टूट गई हैं। क्षेत्र में वैकल्पिक एवं तात्कालिक-अस्थाई व्यवस्था के तहत शाम तक विद्युत आपूर्ति शुरू करने की कोशिश की जा रही है। जबकि लाइनों को दुरुस्त करने में दो दिन लग सकते हैं। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : बड़ी कार्रवाई : हल्द्वानी में सम्बद्ध एक वनाधिकारी लकड़ी की चोरी मामले में सस्पेंड

नवीन समाचार, देहरादून, 19 अगस्त 2021। वन विभाग के किलपुरा रेंज, तराई पूर्वी वन प्रभाग के वन क्षेत्राधिकारी आशीष मोहन तिवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। बृहस्पतिवार को प्रदेश के प्रमुख वन संरक्षक राजीव भरतरी के हस्ताक्षरों से जारी आदेश में कहा गया है कि आरोपित वन क्षेत्राधिकारी ने अवैध लकड़ी के मामले में व्यक्तिगत लाभ लेने का प्रयास करते हुए संबंधित को सूचना नहीं दी गई और अपने राजकीय कर्तव्यों के संपादन में लापरवाही बरतने का प्रथमदृष्टया दोषी पाया गया है। निलंबन की अवधि में उन्हें सिर्फ जीवन निर्वाह भत्ते की आधे वेतन पर देय अवकाश के वेतन के बराबर धनराशि ही दी जाएगी।

उल्लेखनीय है कि गत आठ अगस्त को खटीमा, सुरई एवं किलपुरा भ्रमण के दौरान किलपुरा रेंजर के कार्यों में लापरवाही पाई गई थी। इस दौरान कॉमन नदी में अवैध खनन किए जाने की सूचना थी। इस संबंध में जब किलपुरा रेंजर को दूरभाष पर कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया तो वह मौके पर तब पहुंचे, जब आरोपित फरार हो गए। मामले में नया मोड़ तब आया, जब बुधवार को एक ऑडियो वायरल हुआ। इसमें एक व्यक्ति किसी वनाधिकारी से लकड़ी चोरी का मामला दबाने के बदले में लेनदेन की बात कर रहा है।

वह बता रहा है कि उसने चार लाख में सौदा किया है और दो लाख दे चुका है। वनाधिकारी फोन पर कह रहा है कि तुम लकड़ी को जंगल में कहीं फेंक देना, बाकी वह संभाल लेगा। इसके एवज में एक लाख अभी और एक लाख रुपये बाद में देना। इसके बाद बुधवार को तिवाररी को हल्द्वानी कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया था। साथ ही डीएफओ संदीप कुमार ने एसडीओ शिवराज चंद को प्रकरण की गोपनीय जांच के आदेश दिए थे। उप प्रभागीय वनाधिकारी ने 17 अगस्त को प्रेषित प्राथमिक जांच में रेंजर आशीष मोहन तिवारी की भूमिका संदिग्ध बताई थी। माना जा रहा है कि इस पर ही यह कार्रवाई की गई है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : गरीब के टिन के आशियाने पर गिरा विशाल पेड, बमुश्किल बचा परिवार, पेड़ हटाने को गुहार

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 18 अगस्त 2021। नगर के सात नंबर क्षेत्र में बौद्ध मठ सुख निवास के पास रहने वाले नैन राम नाम के व्यक्ति के टिन से बने कच्चे घर पर बुधवार दोपहर एक विशाल पेड़ गिर गया। दोपहर करीब साढ़े 12 बजे हुई इस घटना में पेड़ सीधा घर पर गिरा और घर व घर में रखा सामान बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के समय घर में गृह स्वामी की पत्नी, बहु और पोती थे।

गरीब के घर पर गिरा विशाल पेड़।

सूचना मिलने पर अग्निशमन विभाग के अधिकारी चंदन राम आर्य के नेतृत्व में संदीप सिंह, भोपाल सिंह, कुलदीप कुमार, विक्रांत सिंह, नीरज कुमार, जगत सिंह व राजेंद्र सिंह कर्मी मौके पर पहुंचे और वुड कटर से अवरोध पैदा कर रही पेड़ की टहनियों को काटकर घर के टूटे व दबे प्रवेश द्वार को खोलकर घर के अंदर फंसे लोगों व घर के जरूरी सामान को सुरक्षित बाहर निकाला।

पेड़ के काफी विशाल होने एवं इससे वुड कटर से काटने पर घर को और अधिक क्षति होने के अंदेशे से वन विभाग को घटना की सूचना दी गई, पर मौके पर पहुंचे वन विभाग के कर्मियों ने निजी संपत्ति होने का हवाला देते हुए नियमानुसार पेड़ काटने से इंकार कर दिया। बहरहाल ‘राष्ट्रीय सहारा’ द्वारा सूचना दिए जाने के बाद डीएफओ बीजू लाल टीआर ने घटना का संज्ञान लेने की बात कही है। उधर गृह स्वामी नैन राम पुत्र प्रेम राम का कहना है कि वह नगर में फोटोग्राफी करके गुजारा करता है। उसका शादीशुदा पुत्र भी छोटे-मोटे काम ही करता है। पेड़ को घर से हटवाने के लिए मजदूर 18 हजार रुपए मांग रहे हैं, जबकि उनके पास रुपए नहीं हैं।

यह भी पढ़ें : अवैध निर्माण के लिए हरे पेड़ की चढ़ी बलि

बैरमविला कंपाउंड में गिरा बांज का हरा विशाल पेड़।

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 22 जुलाई 2021। दो दिन पूर्व प्राधिकरण ने नगर के मल्लीताल बैरमविला कंपाउंड में एक तीन मंजिला अवैध निर्माण का ध्वस्तीकरण किया था। तभी यह बात प्रकाश में आई थी कि अवैध निर्माणकर्ता मोबिन के द्वारा यहां एक बांज के विशाल-हरे पेड़ की जड़ें खोद दी गई हैं, ताकि वह बरसात के दौरान गिर जाए।

बृहस्पतिवार को यह पेड़ गिर गया। गनीमत रही कि इससे कोई जान-माल का नुकसान नहीं हुआ। इस बारे में वन विभाग के अधिकारियों ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया है कि पेड़ को गिराने का प्रयास करने वाले व्यक्ति से एक पेड़ के लिए निर्धारित 20 हजार रुपए जुर्माना वसूल लिया गया है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। 

यह भी पढ़ें : घर पर गिरा पुराना पेड़, बाल-बाल बची महिला

नवीन समाचार, भीमताल, 21 जुलाई 2021। लगातार हो रही बारिश की वजह से बुधवार को निकटवर्ती भवाली कस्बे में एक पुराना बांज का पेड़ एक घर की छत पर गिर गया। घटना के दौरान छत के नीचे स्थित बाथरूम में महिला कपड़े धो रही थी। गनीमत रही कि वह पेड़ गिरने की आवाज सुनकर बाथरूम से बाहर भाग आई, अन्यथा बड़ा हादसा भी हो सकता था।

भवाली में घर पर गिरा पेड़।

प्राप्त जानकारी के अनुसार नगर के मल्ली बाजार स्थित नारायण निवास क्षेत्र में मोहन सिंह बिष्ट के घर के बाथरूम की छत पर पुराना बांज का पेड़ गिरा। उस समय बाथरूम में किरायेदार दीपा भंडारी कपड़े धो रही थी। भवन स्वामी ने कहा कि तीन सालों से सूखे पेड़ को काटने की अनुमति मांग रहे थे, लेकिन वन विभाग ने इजाजत नहीं दी। जबकि नगर में हरे पेड़ों को काटने की अनुमति भी दी गई है। वन क्षेत्राधिकारी मुकुल शर्मा ने बताया कि पेड़ को कटवाने के लिए डीएफओ को पत्र भेजा गया था। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। 

यह भी पढ़ें : वन-पुलिस विभाग ने पकड़ा तस्करी कर ले जाया जा रहा 80 लाख का दुर्लभ वन्य जीव

नवीन समाचार, हल्द्वानी, 12 अप्रैल 2021। जनपद की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रीति प्रियदर्शिनी के द्वारा जनपद नैनीताल स्तर पर चलाए जा रहे अवैध कार्यों के विरुद्ध अभियान के तहत डॉ. जगदीश चंद्र अपर पुलिस अधीक्षक नगर हल्द्वानी के दिशा-निर्देशन, प्रमोद शाह क्षेत्राधिकारी हल्द्वानी के पर्यवेक्षण एवं मनोज रतूड़ी प्रभारी निरीक्षक कोतवाली हल्द्वानी के नेतृत्व में उप निरीक्षक दिनेश चंद जोशी चौकी प्रभारी मंडी कोतवाली हल्द्वानी द्वारा सोमवार सुबह पुलिस व वन विभाग की संयुक्त चेकिंग के दौरान डीवेर गोरापड़ाव हल्द्वानी के पास से 6 लोगों के कब्जे से एक संरक्षित प्रजाति का जीवित पैंगुलिन (अंतराष्टीय बाजार में जिसकी कीमत करीब 80 लाख है) बरामद किया गया। साथ ही पैंगुलिन की अवैध तस्करी में प्रयुक्त वाहन (मारुति सुजुकी स्विफ्ट) को भी सीज किया गया है। इस संबंध में पकड़े गए आरोपियों के विरुद्ध वन विभाग में वन्य जीव अधिनियम 1972 के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया है। सभी को आज ही न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। 

यह भी पढ़ें : नैनीताल निवासी युवक जंगल में आग लगाते पकड़ा गया, हो सकती है कम से कम तीन वर्ष की सजा

नवीन समाचार, नैनीताल, 07 अप्रैल 2021। बुधवार को मुख्यालय के हरिनगर निवासी 20 वर्षीय युवक आकाश कुमार वाल्मीकि पुत्र सुरेश लाल को निकटवर्ती भवाली कस्बे में सेनिटोरियम के पास भवाली बाइपास पर जंगल में आग लगाते हुए पकड़ा गया है। भवाली के वनक्षेत्राधिकारी मुकुल शर्मा ने बताया कि दोपहर करीब साढ़े 12 बजे आरोपित युवक भवाली बाइपास पर माचिस से जंगल में आग लगा रहा था।

संयोग से उधर से गुजर रहे वन कर्मी भुवन आर्य ने उसे देख लिया और सक्रियता दिखाते हुए तत्काल मौके से ही पकड़ लिया। युवक नशेड़ी सा प्रतीत हो रहा है। आग लगाने का कोई स्पष्ट कारण नहीं बता रहा। माफी मांगते हुए उसका कहना है कि आग लगाकर क्या होता है, देखना चाहता था। उसकी जेब से मुड़ी-तुड़ी सिगरेट भी बरामद की गई। आरओ शर्मा उसे तारा सिंह व बलविंदर सिंह आदि वन कर्मियों की मदद से थाना भवाली ले गए, जहां उसके खिलाफ वन अधिनियम की धारा 26 के साथ ही आपदा अधिनियम के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है। बताया गया है कि आरोपों की पुष्टि होने पर आरोपित को कम से कम तीन वर्ष की सजा हो सकती है। इधर एसएसपी प्रीति प्रियदर्शिनी ने कहा है कि यदि किसी व्यक्ति द्वारा जंगलों में आग लगाई जाती है या क्षति पहुंचाई जाती है तो उसके विरुद्ध तत्काल सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया जाएगा। 

यह भी पढ़ें : हल्द्वानी वन प्रभाग ने की अनूठी पहल, भावी पीढ़ी के लिए रोचक और पुरानी पीढ़ी के लिए बीते दौर को याद करने का मौका

नवीन समाचार, हल्द्वानी, 20 मार्च 2021। हल्द्वानी वन प्रभाग ने एक अनोखी पहल करते हुए पुरानी वस्तुओं का संग्रह करने की एक नई पहल की है। इस कड़ी में वन विभाग ने 1967 की एक लॉरी को संरक्षित किया जा रहा है। बताया गया है कि इस पहल के माध्यम से वन विभाग अपनी पुरानी कार्यशैली और इतिहास को भावी पीढ़ी के समक्ष प्रदर्शित करेगा। गौरतलब है कि जिस पीढ़ी के लोगांे ने वह दौर नहीं देखा है, उनके लिए इस लॉरी सहित उस पुराने दौर की संरक्षित वस्तुओं को देखना अपने आप में एक अनूठा अनुभव होगा। वहीं पुरानी पीढ़ी के लिए भी यह बीते दौर को याद करने का मौका होगा।
देखें वन विभाग की पुरानी लॉरी का वीडियो:

यह भी पढ़ें : वनाग्नि से नैनीताल नगर एवं आसपास के क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति ठप, हाईवे पर पत्थर गिरने से वाहन क्षतिग्रस्त-चालक चोटिल

-खुर्पाताल में बिजली की लाइन पर पेड़ गिरने से 500 मीटर लाइट क्षतिग्रस्त, पाइंस व ज्योलीकोट में भी बिजली की लाइन को नुकसान
नवीन समाचार, नैनीताल, 03 अप्रैल 2021। जिला व मंडल मुख्यालय सहित आसपास के क्षेत्रों में वनाग्नि की वजह से शनिवार को पूरे दिन विद्युत आमर्ति प्रभावित व बाधित हुई है। नगर एवं आसपास के क्षेत्रों में सुबह से बार-बार चल रहीं तेज हवाएं आग को भड़काने में मदद कर रही हैं। बताया गया है कि जंगल में लगी आग की वजह से मुख्यालय के निकटवर्ती खुर्पाताल क्षेत्र में बिजली की लाइन पर पांच-छह पेड़ गिर गए, इस वजह से यहां 500-600 मीटर बिजली की लाइन क्षतिग्रस्त हो गई है। इसके अलावा ज्योलीकोट व पाइंस क्षेत्र में भी बिजली की लाइन व ट्रांसफरों को वनाग्नि की वजह से नुकसान पहुंचा है। विद्युत वितरण खंड नैनीताल के उप मंडल अधिकारी पर्यंक पांडे ने बताया कि वनाग्नि की वजह से लाइनों को काफी नुकसान पहुंचा है। फिलहाल वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए आपूर्ति शुरू करने का प्रयास किया जा रहा है। इधर मुख्यालय में भी डीएसबी परिसर के निकट सहित कई क्षेत्रों में वनाग्नि की घटनाएं हुई हैं।

हाइवे पर पत्थर गिरने से वाहनों के शीशे टूटे, चालक चोटिल
नैनीताल। शनिवार को अल्मोड़ा हाईवे पर पत्थर आने से कई वाहनो के शीशे टूट गए। गनीमत रही कि भाग्यवश किसी वाहन सवार को पत्थरों से चोट नहीं आई। अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। प्राप्त जानकारी के अनुसार अल्मोड़ा हाईवे पर खैरना से आगे डेंजर जोन कहे जाने वाले भोर्या बैंड पर थुआ कि पहाड़ी में आग धधक रही है। इससे हाईवे पर पत्थर चटककर गिर रहे हैं। इससे मार्ग पर बड़े हादसे की संभावना बनी हुई है। इन्हीं पत्थरों से शनिवार को सिल्टोना निवासी वाहन चालक पान सिंह के वाहन संख्या यूके04सीए-7788 पर एकाएक पत्थर गिर गए, इससे वाहन के शीशे चकनाचूर हो गए, तथा पान सिंह को भी हल्की चोट लगी। इससे मार्ग पर आवाजाही भी बाधित हुई। एनएच के कर्मी मौके पर पहुंचे और किसी तरह जान जोखिम में डालकर पहाड़ी से लगातार गिरते पत्थरों के बीच हाईवे पर फैले पत्थरों को हटाकर यातायात सुचारू करवाया। बताया गया है कि इससे पूर्व बृहस्पवितारको भी एक वाहन के शीशे चकनाचूर हो गए थे और वाहन चालक ने बमुश्किल जान बचाई। इधर रानीखेत खैरना स्टेट हाईवे पर भी पहाड़ी से जगह-जगह पत्थरों के गिरने का समाचार है, जबकि मुख्यालय के निकट खुर्पाताल के जंगलों में भी आग लगने का समाचार है।

यह भी पढ़ें : मानव बस्तियों तक पहुंचने लगी जंगल की आग, घर खाक, किताबें, लकड़ियां व घास के लूटे भी जले..

नवीन समाचार, नैनीताल, 01 अप्रैल 2021। जनपद के धारी ब्लॉक के ग्राम सभा बबियाड के कैलाश द्वार में बीती शाम जंगल की ओर से आई आग तेज लपटों में भैरव दत्त पुत्र कमलापति पोखरिया का पुराना मकान जलकर पूरा राख हो गया और लोगों के घर में रखी हुई लकड़ियां, खेतों में बनाए घास के लूटे भी जलकर राख हो गये। साथ ही कौस्तुभानंद पोखरिया पुत्र डुंगर देव पोखरिया के घर में भी आग काफी नुकसान हुआ। क्षेत्रीय सामाजिक कार्यकर्ता रमेश टम्टा ने बताया कि आग की तेज लपटों से घर के अंदर रखीं किताबें और कपड़े, घास व लकड़ियां आदि भी जल गईं। आग बुझाने में ग्राम प्रधान पुष्पा देवी, तुलसीदास पोखरिया, कृष्ण कुमार पोखरिया, हिमांशु पोखरिया व भोला सुयाल आदि ने योगदान दिया। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि सुनील कुमार ने पट्टी पटवारी हेम जोशी को मौखिक रूप से इसकी सूचना दी है।
उधर बृहस्पतिवार को विकास खंड ओखलकाडा के वन क्षेत्राधिकारी कार्यालय के समीप जंगल में अचानक आग धधक उठी। आग से ओखलकांडा मल्ला निवासी प्रताप सिंह बर्गली के घर के समीप जानवरों के लिए दूर-दूर से लाकर इकट्ठा की गयी घास का लूटा जलकर भस्म हो गया। वन विभाग के कर्मचारियों व ग्रामीणों ने मिलकर बमुश्किल आग पर नियंत्रण पाया और वन क्षेत्राधिकारी से प्रताप सिंह के घास जल जाने पर सहायता उपलब्ध कराने की मांग की। आग बुझाने में वन कर्मचारियों के साथ ग्रामीण राजेंद्र बर्गली, सुनील महरा, गिरीश मेलकानी, पुष्कर बर्गली व किशोर आर्य आदि ग्रामीणों ने योगदान दिया।

यह भी पढ़ें : खुर्पाताल में वनाग्नि में जानवरों के झुलसने की सूचना से हड़कंप…

-करीब 5-6 बकरियों के गायब होने की अपुष्ट सूचना, वन क्षेत्राधिकारी ने जानवरों के झुलसे की घटना से इंकार किया और अग्निशमन विभाग की टीम के आने से पहले आग बुझाने का दावा किया
नवीन समाचार, नैनीताल, 01 मार्च 2021। मुख्यालय के निकट खुर्पाताल क्षेत्र में सोमवार को जंगल में आग लगने और आग में कुछ जानवरों के भी झुलसने की खबर से हड़कंप मच गया। सूचना पर वन विभाग के साथ ही अग्निशमन विभाग की टीम भी मौके की ओर रवाना हुई। हालांकि नयना रेंज के वन क्षेत्राधिकारी भूपाल सिंह मेहरा ने जानवरों के झुलसने की घटना से इंकार किया। उन्होंने बताया कि आग खुर्पाताल के कंपार्ट नंबर 8 में लगी थी और रामनगर डिवीजन की ओर से आई थी। वन विभाग की टीम ने आग पर अग्निशमन विभाग की टीम के आने से पहले ही काबू पा लिया था। वहीं लीडिंग फायर मैन अमर सिंह अधिकारी ने बताया कि सूखाताल झील के पास सड़क से नीचे आग लगी है। क्षेत्रीय ग्रामीणों की इस क्षेत्र में करीब 20 बकरियांें के चरने आने और इनमें से 5-6 बकरियां के गायब होने की अपुष्ट सूचना है।
वहीं रेंजर मेहता ने बताया कि 15 फरवरी के बाद ‘कंट्रोल फायर’ यानी नियंत्रित फुकान बंद कर दिया गया है। अब केवल सुबह 8 से 10 बजे तक हल्द्वानी-नैनीताल राष्ट्रीय राजमार्ग पर ही नियंत्रित फुकान किया जा रहा है।

यह भी पढ़ें : जंगल की आग बुझाने गए दो वन कर्मियों की दर्दनाक मौत…

नवीन समाचार, श्रीकोट, 10 फरवरी 2021। गढ़वाल वन प्रभाग की पोखड़ा रेंज में आग बुझाने गए दो वन कर्मियों की चट्टान से गिरकर मौत होने का समाचार है। प्राप्त जानकारी के अनुसार बुधवार को पोखरा रेंज के अंतर्गत श्रीकोट के जंगलों में आग की सूचना पर रेंज कार्यालय से वन कर्मियों की एक टीम आग बुझाने के लिए क्षेत्र में गई थी। टीम में वन दरोगा दिनेश लाल व वनरक्षक हरिमोहन भी शामिल थे। दोपहर करीब 12 बजे टीम ने जंगल में प्रवेश किया। टीम के अन्य सदस्य आगे निकल गए जबकि दिनेश लाल व हरिमोहन पीछे रह गए। आग बुझाने के बाद जब कर्मियों ने दोनों सदस्यों को अपने साथ नहीं पाया तो उन्होंने दिनेश लाल के मोबाइल पर संपर्क कर उनकी स्थिति जानने का प्रयास किया। मोबाइल पर घंटी गई लेकिन दिनेश लाल ने फोन नहीं उठाया। सदस्यों ने हरिमोहन को भी फोन किया लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। अनहोनी की आशंका में सभी कर्मी अपने साथियों को ढूंढते हुए वापस आने लगे, जहां रास्ते में उन्हें दिनेश लाल का बैग पड़ा दिखाई दिया। सदस्यों ने खाई की ओर नजर डाली, जहां उन्हें दिनेश लाल बुरी तरह घायल अवस्था में पड़े दिखाई दिए। वन कर्मियों ने रेंज कार्यालय में घटना की सूचना दी व ग्रामीणों की मदद से दिनेश लाल को खाई से बाहर निकालने के प्रयास शुरू कर दिए। काफी मशक्कत के बाद घायल दिनेश को हाई से बाहर निकाल उपचार के लिए नौगांवखाल स्थित स्वास्थ्य केंद्र में ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। राजस्व उप निरीक्षक राजपाल सिंह ने बताया की दुर्घटना में हरिमोहन की मौके पर ही मौत हो गई। बताया कि गहरी खाई से काफी मशक्कत के बाद हरिमोहन के शव को बाहर निकाला जा सका।

यह भी पढ़ें : सरकारी भूमि से संरक्षित प्रजाति के 100 से अधिक हरे पेड़ काटे जाने का आरोप…

-सूचना पर अधिकारी मौके को रवाना हुए
नवीन समाचार, नैनीताल, 23 जनवरी 2021। नैनीताल जनपद के बेतालघाट ब्लॉक के जजूला गांव के पास के क्वीटी क्षेत्र में बांज, काफल व बुराश आदि संरक्षित प्रजातियों के 100 से अधिक हरे पेड़ काटे जाने का मामला प्रकाश में आया है। इससे वन विभाग में हड़कंप मच गया है। पेड़ों को आरी से काटकर उनके ठूंठों में मिट्टी डाली गई है ताकि वह नजर में न आएं। वन विभाग की टीम मौके को रवाना हो गई है। ग्रामीणों ने मामले में कार्रवाई किए जाने की मांग उठाई है। हरीश चंद्र, जगदीश चंद्र आदि स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि यहां पिछले कुछ महीनों से सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करते हुए बाहरी बिल्डर से जुड़े अराजक तत्वों ने संरक्षित प्रजाति के यह हरे पेड़ काट डाले है। इसके बाद यहां आडू के पेड़ लगाए जा रहे हैं। ग्रामीणों ने मामले में कार्रवाई की मांग भी उठाई है।
ग्रामीणों के अनुसार क्वीटी क्षेत्र में नाप भूमि की आड़ में भारत सरकार की भूमि पर कब्जा कर हरे पेड़ काटे जा रहे हैं। पूर्व में राजस्व विभाग के अधिकारी इस जमीन की भारत सरकार की जमीन के रूप में पुष्टि कर चुके हैं। इसके बावजूद बिल्डर पेड़ों को काट रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार ग्रामीणों को धमकाया भी जा रहा है। जिससे गांव का माहौल भी अशांत होता जा रहा है। ग्रामीणों ने राजस्व विभाग से भी मामले में कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग उठाई है। चेतावनी दी है कि यदि हीलाहवाली की गई तो तहसील मुख्यालय में धरना शुरु कर दिया जाएगा। इस बारे में पूछे जाने पर प्रभागीय वनाधिकारी नैनीताल बीजू लाल टीआर ने मामले को गंभीरता से लेने की बात कही है।

यह भी पढ़ें : ग्रामीणों ने नहीं करने दिया बांज के जंगल के बीच से रोपवे के लिए सर्वे, बैरंग लौटी विभागों की संयुक्त टीम

नवीन समाचार, नैनीताल, 12 जनवरी 2021। वन विभाग के नैना रेंज के अंतर्गत जिला मुख्यालय के निकट पंगूट से 2.5 किलोमीटर दूर च्यूरानी तोक तक 1.28 किलोमीटर लंबे रोपवे यानी रज्जु मार्ग के लिए सर्वेक्षण करने पहुंचे वन विभाग, जल संस्थान एवं विद्युत विभाग के संयुक्त दल को ग्रामीणों ने सर्वे नहीं करने दिया और बैरंग लौटा दिया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार च्यूरानी तोक पर ईको फन विलास लिमिटेड के मनोज नेगी द्वारा 1.28 किलोमीटर लंबे रोपवे यानी रज्जु मार्ग के लिए सरकार से अनुमति मांगी गई है। पूर्व में वन विभाग की टीम इस रज्जु मार्ग के लिए सर्वे कर चुकी है, जिसमें 251 पेड़ प्रभावित हो रहे है। लेकिन इसके बाद संबंधित व्यक्ति व फर्म ने रज्जु मार्ग के दोनों शिरों पर पानी एवं बिजली की आपूर्ति के लिए भी अनुमति मांगी। इसकी जानकारी लगने पर निकटवर्ती ग्राम बुधलाकोट के पूर्व प्रधान दिनेश चंद्र बुधलाकोटी की अगुवाई में पंगूट व बुधलाकोट के ग्राम प्रधान व सरपंच सहित 50-60 लोग मौके पर जुट गए और संरक्षित श्रेणी-1 में आने वाले बांज प्रजाति के पेड़ नहीं काटने देने, इसके लिए चिपको जैसा आंदोलन भी कर गुजरने का इरादा जताते हुए जिला प्रशासन, पर्यटन विभाग व वन विभाग के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए। नैना रेंज की वन क्षेत्राधिकारी ममता चंद ने पूछे जाने पर बताया कि ग्रामीणों के विरोध के कारण सर्वेक्षण का कार्य नहीं हो पाया।

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-दर्जन भर प्रवासी पक्षी मिले मृत, तस्कर फरार
शाकिर हुसैन @ नवीन समाचार, कालाढूंगी, 2 जनवरी 2020। जनपद के जलाशयों में हजारों मील दूर से आने वाले प्रवासी पक्षियों की जान खतरे में हैं। तस्कर शिकारी इन्हें अपना शिकार बना रहे हैं। शनिवार को हरिपुरा व बौर जलाशयों में शिकारियों ने एक दर्जन प्रवासी पक्षियों का शिकार कर दिया। दोपहर करीब दो बजे मुखबिर से सूचना मिलने पर तराई केंद्रीय की प्रभागीय वनाधिकारी डॉ. अभिलाषा सिंह, उप प्रभागीय वनाधिकारी शिव राज चंद व एसओजी प्रभारी रूप नारायण गौतम के निर्देशन में वन कर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे तो वन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार तीन लोग जिनकी पहचान जाकिर पुत्र जमालुद्दीन, अयूब पुत्र अली हसन, मो. यूनुस पुत्र राशिद बाबू उर्फ पप्पू के रूप में हुई, मौके से नाव में बैठकर पड़किया की तरफ भाग गये। मौके पर 12 प्रवासी पक्षी मृत एवं एक मोटर साइकिल हीरो डीलक्स वाहन संख्या यूके06-6589 जब्त कर ली गई। बताया गया कि वन कर्मी नाव ना होने के कारण पकड़े नहीं जा सके। वन विभाग की टीम में कैलाश तिवारी, वन दरोगा, डीएस शाही, पीसी तीवारी, जगदीश विनवाल व मोहम्मद ताहिर आदि शामिल रहे। इस मामले में एक रोचक सवाल उठ रहे है कि जब सभी तस्कर भाग गए तो कैसे वन कर्मियों को उनके नाम पता चले। यदि तस्कर भागे तो मृत पक्षियों को अपने साथ क्यों नहीं ले गए। कहीं ऐसा तो नहीं कि शिकारियों को भाग जाने दिया गया अथवा अधिक संख्या में प्रवासी पक्षियों का शिकार किया गया है, जिन्हें शिकारी साथ ले गए। मारे गए प्रवासी पक्षियों में सुर्खाब सहित कई पक्षी बताए जा रहे हैं।

यह भी पढ़ें : कालाढुंगी में वन्य जीवों के लिए बना देश का पहला फ्लाईओवर, देखकर यूपी में भी मिली मंजूरी

नवीन समाचार, कालाढुंगी, 7 दिसंबर 2020। ऋषियों-मनीषियों के दौर से ही भारत में मनुष्य कल्याणकारी राज्य में ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः..’ की सहअस्तित्व की भावना से कार्य करता रहा है। शायद इसीलिए मानव सभी तरह के वन्य जीवों, पशु-पक्षियों को देवी-देवताओं से जोड़कर उनकी भी पूजा करता है। आधुनिक दौर में वन विभाग वन संपत्ति के साथ ही वन्य जीवों के संरक्षण व संवर्धन का कार्य करता है। इसी कड़ी में उत्तराखंड वन विभाग ने कालाढुंगी रेंज में एक ऐसा प्रयोग किया है, जिसे बकौल कालाढुंगी रेंज के रेंज अधिकारी अमित ग्वासीकोटी, पूरी तरह से बनने से पहले ही पूरे देश में प्रसिद्धि मिल गई है। यह प्रयोग है नैनीताल-कालाढुंगी राज्य मार्ग पर दो लाख रुपए की लागत से बनाया गया एक 90 फिट लंबा व 5 फिट चौड़ा उपरगामी पथ यानी फ्लाईओवर, जिसे देश का अपनी तरह का इकलौता प्रयोग बताया जा रहा है। खास बात यह है कि यह फ्लाईओवर मनुष्य नहीं सांप, छिपकली, चूहे जैसे जमीन पर रेंग कर चलने वाले रेप्टाइल यानी सरीसृप वर्ग के प्राणियों के लिए बनाया गया है। इसके पीछे भावना यह है कि यह निरीह वन्य जीव सड़क पार करते हुए किसी वाहन की चपेट में आकर जान न गंवा बैठें।
हालांकि यह बात सामान्य रूप से अजीब सी लगती है कि सड़क के दोनों ओर फैले इतने बड़े जंगल में वन्य जीव सड़क के आर-पार जाने के लिए क्या मानव की तरह इस पुल का इस्तेमाल करेंगे। नीचे सड़क की जगह कोई नदी होती तो भी शायद वे इसका इस्तेमाल करते। वैसे भी उन्हें यह पुल कोई जाल जैसा भी लग सकता है, जिससे गुजरने की बजाय वे इससे दूर रहने का प्रयास करें। फिर भी अमित को विश्वास है कि धीरे-धीरे वन्य जीवों की इसके प्रति समझ बनेगी और वे इससे गुजरेंगे। वे कहते हैं, यदि कुछ वन्य जीव भी इसकी वजह से जान गंवाने से बच गए तो यह इस पुल की सफलता होगी। वे बताते हैं कि धामण यानी रैट स्नेक तरीके के कई सरीसृप हैं जो चूहों को खाकर मानव के कृषि कार्य में सहयोगी हैं। इसी तरह किंग कोबरा जैसे कई सरीसृप ईको सिस्टम यानी पारिस्थितिकी और जैव विविधता के महत्वपूर्ण घटक हैं। उन्होंने बताया कि इस फ्लाईओवर में आगे जाल जैसे स्वरूप की जगह बिल्कुल जंगल की तरह घास, मिट्टी, पेड़ आदि फैलाए जाएंगे ताकि यह प्राकृतिक लगे। इसके दोनों ओर कैमरे भी लगाए गए हैं, ताकि इससे गुजरने वाले वन्यजीवों के बारे में जानकारी भी एकत्र की जा सके। इसे ठेकेदार द्वारा 10 दिन में तैयार किया गया है। इसे बांस, जूट और घास से बनाया गया है। जिस हाईवे पर यह बना है वह नैनीताल आने-जाने का मुख्‍य मार्ग है, ऐसे में वो काफी व्‍यस्‍त रहता है। इस जंगल में बड़ी छिपकलियां, विभिन्‍न तरह के सांप और अजगर, गिलहरी, बंदर और अन्‍य जानवर रहते हैं। अमूमन देखने को मिलता है कि कोई ना कोई जानवर सड़क हादसे का शिकार हो जाता है। यह पुल करीब 3 व्‍यक्तियों को भार झेल सकता है इस पुल के जरिये जानवरों को सड़क पार करने को लुभाने के लिए इसपर बेल उगाई गई हैं। साथ ही बड़ी मात्रा में घास और पत्तियां भी लगाई गई हैं। 
यह फ्लाईओवर रामनगर के डीएफओ चंद्रशेखर जोशी के विचार पर प्रायोगिक तौर पर बनाया गया है। आगे इसकी सफलता पर फतेहपुर रेंज में भी इसी प्रकार के दो फ्लाईओवर बनाने की योजना है। उधर इस फ्लाईओवर की सफलता को देखते हुए यूपी के बहराइच जिले में कतर्नियों में भी सेंचुरी कॉरीडोर के बीच इसी तरह का फ्लाईओवर बनाने को मंजूरी मिल गई है।

विदेशी मीडिया में भी हो रही तारीफ 

यूएसए टुडे, अमेरिका : भारत के उत्तराखंड राज्य में वन अधिकारियों ने गैर-मानव यात्रियों के लिए एक राजमार्ग के ऊपर अनोखा पुल बनाया है। जो कि आसपास के जंगलों में रहने वाले सरीसृप वर्ग के जीव-जंतुओ के लिए है। इनमें- छिपकलियां, अजगर, बंदर और तेंदुए शामिल हैं। 90-फीट लंबा इको-ब्रिज बांस, जूट और घास से बना है, जो कि अब पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन गया है।
न्यू जिम्बाब्वे, जिम्बाब्वे : भारत के पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में व्यस्त राजमार्ग को पार करने के लिए सरीसृप और अन्य छोटे जानवरों के लिए एक अनूठा पुल बनाया गया है। बांस, जूट और घास से बना 27 मीटर का यह पहला इको ब्रिज है। राज्य के एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल नैनीताल की ओर जाने वाली सड़क पर यह पुल बना है।
डीपीए इंटरनेशनल, जर्मनी : उत्तरी भारत के जंगलों की पहाड़ियों में सिर्फ सांपों, छिपकली और साही के लिए बना एक पुल पर्यटकों के लिए नवीनतम सेल्फी स्टॉप बन गया है। उत्तराखंड राज्य में वन अधिकारियों ने एक व्यस्त राजमार्ग को पार करने के लिए सरीसृप और छोटे जानवरों के लिए इस पुल का निर्माण किया है। जूट की रस्सियों और बांस से बना इको-ब्रिज राजमार्ग से 12 मीटर ऊपर निर्मित किया गया है।
ग्लोबल टाइम्स, चीन : उत्तराखंड में वन अधिकारियों ने एक जंगल क्षेत्र के अंदर व्यस्त राजमार्ग को पार करने में मदद करने के लिए सरीसृप और अन्य छोटे जानवरों के लिए एक अनूठा पुल बनाया है। उत्तराखंड के नैनीताल जिले में रामनगर वन प्रभाग के अंदर बांस के डंडे, जूट और घास से यह पुल बनाया गया है। उत्तर भारत के जंगलों में अपनी तरह का पहला इको ब्रिज 90 फीट लंबा है।

यह भी पढ़ें : नैनीताल : चिनार के पेड़ों से अलग तरह की तस्करी, एक तस्कर को दबोचने के बाद छोड़ा, तीन हाथ नहीं आए..

नवीन समाचार, नैनीताल, 18 नवम्बर 2020। नैनीताल वन विभाग के अंतर्गत मुख्यालय के निकटवर्ती किलबरी क्षेत्र में वन विभाग ने चिनार की लकड़ी के साथ एक नेपाली मूल तस्कर को गिरफ्तार किया गया, जबकि तीन लोग मौका देख फरार हो गए। युवक को चालान की कार्रवाई करने के बाद बुधवार सुबह छोड़ दिया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार चिनार के खड़े पेड़ों को काटे बिना औजारों की मदद से इनकी गांठों के हिस्सों को निकाल लिया जाता है। इन गांठों से कटोरी जैसे लकड़ी के बर्तन बनाकर बेचे जाते हैं। बताया जाता है कि चिनार की लकड़ी के बर्तनों में दरार नहीं पड़ती, और ये मजबूत होते हैं। इस कारण इसकी तस्करी की जा रही है।
ऐसी ही एक कार्रवाई का खुलासा मंगलवार शाम वन कर्मियों की टीम के समक्ष किलबरी क्षेत्र में गश्त के दौरान हुआ। यहां जंगल में लकड़ी काटने की आवाज सुनाई देने पर वन कर्मियों ने हरकत में आते हुए चिनार के पेड़ों की गांठ निकाल रहे युवकों पर छापेमारी की। लेकिन वन कर्मियों के पास पहुंचने तक वे सभी भाग खड़े हुए। फिर भी वन कर्मियों ने पीछा कर उनमें से एक, मूलरूप से नेपाल निवासी युवक लोक बहादुर को दबोच लिया। पूछताछ में युवक ने बताया कि वह चिनार के बड़े पेड़ों से गांठ निकालकर गांठों को बर्तन बनाने के प्रयोग में लाते है। वन क्षेत्राधिकारी ममता चंद ने बताया कि पकड़े गये युवक से बुधवार को भारतीय वन अधिनियम की धारा 26 के तहत 26 हजार का जुर्माने वसूला गया तथा उससे तय कानूनी प्राविधानों के तहत बीडी पांडे जिला चिकित्सालय में मेडिकल कराने के उपरांत निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया। अलबत्ता, उनसे प्राप्त औजार जब्त कर लिए गए है और क्षेत्र में तस्करी की संभावना को देखते हुए गश्त बढ़ा दी गई है। पकड़ने वाली टीम में वन दारोगा चंदन बिष्ट, गोविंद बिष्ट, चंदन रावत शामिल रहे।

यह भी पढ़ें : दो लाख रुपए मूल्य की चोरी की गई खैर की लकड़ी के साथ 6 मोटर साईकिलें कीं जब्त

शाकिर अली @ नवीन समाचार, कालाढुंगी (नैनीताल), 8 नवम्बर 2020। वन विभाग ने करीब दो लाख रुपए मूल्य की चोरी की गई खैर की लकड़ी को एक वन तस्कर के घर से बरामद किया है। साथ ही चोरी में प्रयुक्त 6 मोटर साईकिलों को भी अपने कब्जे में ले लिया गया है। साथ ही मुख्य आरोपी सहित अन्य 5 लोगो के खिलाफ वन अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर उन की तलाश शुरू कर दी गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार रुद्रपुर वन प्रभाग की बरहैनी रेंज अंतर्गत मुखबिर की सूचना पर एसओजी प्रभारी व बरहैनी वन क्षेत्राधिकारी रूपनारायण गौतम व बन्नाखेड़ा चौकी प्रभारी अनिल जोशी के नेतृत्व में टीम ने उच्च अधिकारी अभिलाषा सिंह व उमेश तिवारी के निर्देश पर रविवार को छापामारी करते हुवे अंग्रेज सिंह पुत्र भजन सिंह निवासी स्याली बाजपुर के घर से खैर के 39 नग बरामद किए। साथ ही चोरी में इस्तेमाल की गई 6 मोटर बाइकों को भी जब्त कर लिया। साथ ही अंग्रेज सिंह व उसके 5 अन्य साथियों के खिलाफ वन अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। बरामदगी करने वाली टीम में रूपनारायण गौतम व बन्नाखेड़ा चौकी प्रभारी अनिल जोशी, हेम चन्द्र, लक्ष्मण सिंह, हर सिंह, वन विभाग के कैलाश तिवारी, नईम अहमद, नीरज तिवारी, जय प्रकाश सिंह यादव, दीपक नेगी, नीरज रौतेला, बिशन व महेंद्र सिंह आदि शामिल रहे।

यह भी पढ़ें : जंगली जानवरों को मारने के लिए विष्फोटक लगाने वाले की जमानत अर्जी खारिज

नवीन समाचार, नैनीताल, 15 अक्टूबर 2020। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे ने जंगल में जंगली जानवरों के शिकार के लिए विष्फोटक पदार्थ लगाते हुए पकड़े गए आरोपित चमन पुत्र ध्यान सिंह निवासी मूलतः ग्राम लोकमनपुर चोपड़ा रामनगर एवं वर्तमान में प्रेमपुर नवाड़ लामाचौड़ की जमानत अर्जी खारिज कर दी। जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने न्यायालय को बताया कि आरोपित ने गत चार अक्टूबर को जंगल में विष्फोटक पदार्थ लगाते हुए पकड़े जाने की बात भी स्वीकार की थी।

यह भी पढ़ें : वन विभाग ने पकड़ी एक लाख की लकड़ी..

शाकिर हुसैन @ नवीन समाचार, कालाढूंगी, 8 अक्टूबर 2020। वन विभाग की टीम ने खैर की अवैध लकड़ी ले जाते हुए एक टाटा 407 वाहन को पकड़ लिया है। अपने आपको वन कर्मियों के घेराव में देख खैर तस्कर वाहन को छोड़ मौके का फायदा उठा कर फरार हो गए। मामला पीपलपड़ाव रेंज का है।
वन क्षेत्राधिकारी पीपलपड़ाव रूप नारायण गौतम ने बताया कि वन विभाग की गश्ती टीम को सूचना मिली कि खैर से लदा एक वाहन निकलने वाला है। इस सूचना पर वन क्षेत्राधिकारी गौतम व वन कर्मियों ने हरीपुरा जलाशय के पास अपना जाल फैला दिया। तभी एक वाहन यूपी 22एटी-4676 को वन विभाग की टीम ने रोकने का प्रयास किया तो उसके चालक ने अपने वाहन को तेज दौड़ा कर जलाशय के पास खड़ा किया और गाड़ी से कूद कर फरार हो गया। वन कर्मचारियों ने जब वाहन की तलाशी ली तो उसमें 30 गिल्टे अवैध रूप से खैर के बरामद हुए वन कर्मचारीयों ने वाहन को रेंज परिसर में खड़ा कर भारतीय वन अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर फरार लकड़ी तस्करों की तलाश शुरू कर दी है। आरओ गौतम के अनुसार बरामद लकड़ी की कीमत करीब एक लाख रुपए आंकी गई है।

यह भी पढ़ें : पर्यावरण प्रेमी की धरने की धमकी के बाद भाजपा नेता का 25 हजार का चालान

नवीन समाचार, भवाली, 05 अगस्त 2020। भवाली नगर के पर्यावरण प्रेमी गणेश गयाल की बुधवार को धरना-प्रदर्शन की धमकी के बाद वन विभाग ने एक भाजपा नेता का 25 हजार रुपए का चालान कर दिया है। इसके साथ ही गयाल ने वन क्षेत्राधिकारी से वार्ता के बाद अपना धरना स्थगित कर दिया है।
उल्लेखनीय है कि गयाल ने भवाली नगर पालिका द्वारा समर हाउस में बाँज प्रजाति के वृक्ष को एक दुकान की चहारदीवारी व छत में चिनने का आरोप लगाया था। गयाल ने बताया कि इस पर बुधवार को धरने से पहले वन विभाग ने नगर पालिका के ठेकेदार एवं निवर्तमान भाजपा मंडल अध्यक्ष मुकेश गुरूरानी निवासी दुगई स्टेट भवाली के नाम से वन संपदा को नुकसान पहुंचाने पर भारतीय वन अधिनियम की धारा नगर पालिका बाईलौज 1916 के तहत दोषी पाते हुए रवन्ना व 25 हजार रूपये का चालान कर दिया है। साथ ही वृक्ष को अतिक्रमण से एक मीटर के घेरे में मुक्त करा दिया गया है। वन विभाग से वार्ता में सामाजिक कार्यकर्ता खजान भट्ट भी मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें : वनाधिकारियों ने वन तस्करों की मोटर साइकिलें व काटी गई 50 हजार की सागौन की लकड़ी बरामद की.. यह वनाधिकारियों की सफलता या विफलता ?

-वन विभाग की टीम ने बरामद की तस्कारों द्वारा काटी 50 हजार की सागौन की लकड़ी व पांच मोटरसाइकिलें
नवीन समाचार, कालाढूंगी, नैनीताल, 23 जुलाई 2020। वन विभाग की टीम ने बृहस्पतिवार को बहुमूल्य सागौन की लकड़ियों के अवैध कटान का भंडाफोड़ किया है। मामले में टीम के हाथ तस्कर तो नहीं लगे, अलबत्ता काटे गए सागौन के दो पेड़ों के पांच लट्ठे एवं तस्करों की 5 मोटरसाइकिलें पकड़ने में सफलता पा ली। लकड़ी तस्कर भागने में कामयाब रहे। तस्करों की मोटर साइकिलों को सीज कर उनके खिलाफ वन अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और उनकी तलाश की जा रही है। पकड़ी गई लकड़ी की कीमत लगभग 50 हजार बताई जा रही है। इस मामले में दिलचस्प बात यह है कि वन तस्कर अपनी मोटरसाइकिलें छोड़ने के बावजूद भी वन कर्मियों के हाथों नहीं पाए। और यह भी कि वे मोटरसाइकिलों पर इतने विशाल सागौन के पेड़ों को लेने आए थे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार तराई वन प्रभाग रुद्रपुर की बरहैनी रेंज के वन क्षेत्र अधिकारी रूप नरायण गौतम ने बताया कि उनके नेतृत्व में वन विभाग की टीम ने मुखबिर की सूचना पर गुरुवार को बरहैनी प्लाट संख्या 52 से वन तस्करों द्वारा काटे गए दो सागौन के पेड़ों के पांच हिस्से बरामद किये। फरार वन तस्करों की पहचान राजू सिंह पुत्र बूढ़ा सिंह, कुलदीप सिंह पुत्र पामी सिंह निवासी ग्राम थाना नगला, बिंदा सिंह पुत्र काला सिंह, सुनील सिंह पुत्र गुरनाम सिंह, बीड़ू़ सिंह पुत्र करनैल सिंह, राजू सिंह पुत्र अज्ञात आदि के रूप में हुई है। कार्रवाई में वन दरोगा लक्ष्मी दत्त जोशी, मोहन चन्द्र, राजेन्द्र प्रसाद, हरीश सिंह, लक्ष्मण सिंह जीना, दीपक नेगी, महेंद्र सिंह, नीरज रौतेला व विजेंदर बाबू आदी शामिल रहे।

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-डीएम के प्रयासों से जनपद की सभी वन पंचायतों में हुए चुनाव, वन पंचायतें हुईं सक्रिय, आयोजित हुई सरपंचों के लिए कार्यशाला, भेंट किया गया 17 लाख का चेक

 

नवीन समाचार, भवाली (नैनीताल), 13 फरवरी 2020। वन एवं वन्य जीवों तथा पर्यावरण के प्रति बेहद संजीदा डीएम सविन बंसल की सक्रियता एवं तत्परता से जनपद में शत-प्रतिशत वन पंचायतों में वन सरपंचों के चुनाव कराने के बाद वन सरपंचों को उनके अधिकार, कर्त्तव्य, दायित्वों एवं वित्तीय जानकारियां देने हेतु बुद्धवार को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कंट्री इन भीमताल में बृहद अभिमुखी कार्यशाला का आयोजन किया। कार्यशाला का शुभारंभ डीएम बंसल तथा वन पंचायत सलाहकार परिषद के अध्यक्ष वीरेंद्र बिष्ट व डीएफओ बीजुलाल टीआर ने संयुक्त रूप से दीप जलाकर किया। कार्यशाला में 30 वन पंचायतों के सरपंचों को 17 लाख रुपये की लीसा रॉयल्टी से प्राप्त धनराशि के चेक वितरित किये गये।
कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए वन पंचायत सलाहकार परिषद के अध्यक्ष दर्जा राज्य मंत्री वीरेंद्र बिष्ट कहा कि विगत दस वर्षों से निष्क्रिय पड़ी वन पंचायतों को डीएम सविन बंसल के प्रयासों से सक्रिय किया गया है। इस हेतु उन्होंने डीएम बंसल को बधाई दी, साथ ही कहा कि नैनीताल की ही तर्ज पर प्रदेश के सभी जनपदों में ऐसी ही कार्यशालाऐं आयोजित की जायेंगी व जनपद के मॉडल को भी अपनाया जायेगा। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य नव निर्वाचित वन सरपंचों को उनके कार्यो, दायित्वों के साथ ही वित्तीय प्रबन्धन एवं वन पंचायत के नियमों एवं अधिनियमों से भिज्ञ कराना है ताकि सभी सरपंच सक्रियता से कार्य कर अपनी वन पंचायतों को सक्रिय एवं सुदृढ़ कर सके। उन्होंने कहा कि वन पंचायतों के संरक्षण एवं सुदृढ़ीकरण के साथ ही वनाग्नि सुरक्षा का दायित्व भी वन सरपंचांे का होता है। उन्होंने कहा कि सरपंच अपने गाड़-गधेरों को पुनर्जीवीकरण के साथ ही उनमें सुंदर स्थानों अथवा झरनों को भी चिन्हित करें ताकि उनको पर्यटन की दृष्टि से विकसित कर आय का नियमित स्रोत बनाया जा सके, जिससे पलायन पर भी रोक लगाने में भी मदद मिल सके। उन्होंने कहा कि रेंज अधिकारी प्रत्येक छः माह में वन पंचायतों के साथ अनिवार्य रूप से बैठकें करना सुनिश्चित करें। श्री बंसल ने कहा कि जनपद के ग्रामीण एवं दुर्गम इलाकों में 485 वन सरपंचो एवं समिति का गठन होने से जनहित की योजनाओं को धरातल पर लाने एवं आम जनमानस को जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में भी मदद मिलेगी तथा योजनाओं के धरातलीय क्रियान्वयन करने के लिए वन पंचायत समितियों के लगभग 4500 पदाधिकारी सदस्यों का सहयोग लिया जायेगा। उन्होंने कहा कि वन और वन पंचायतें जीव-जन्तुओं, जैव विविधता एवं पारिस्थितिकी संतुलन के साथ ही हमें शुद्ध हवा व जल उपलब्ध कराते हैं। वन पंचायते कार्यदायी संस्था के रूप में सांसद व विधायक निधि आदि से भी अपनी पंचायतों में भी विकास कार्य करा सकते हैं।
कार्यशाला में विषय विशेषज्ञ डॉ. डीके जोशी ने वन पंचायतों की आवश्यकता एवं इतिहास के बारे में, डॉ.राजेन्द्र सिंह ने वन पंचायतों द्वारा तैयार किये जाने वाले माईक्रो प्लान, जायका एवं कैम्पा से किये जाने वाले कार्यों, वन पंचायतों के सीमांकन व अभिलेखों के बारे में तथा डीएफओ दिनकर तिवारी ने उत्तराखण्ड पंचायती वन नियमावली, पंचायतों के वित्तीय अधिकारों आदि के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इसके साथ ही एसडीएम गौरव चटवाल ने वन पंचायतों एवं क्षेत्रीय परामर्शदात्री समितियों के गठन के बारे में, अध्यक्ष क्षेत्रीय परामर्शदात्री समिति प्रदीप कुमार पंत ने वन पंचायतों के विस्तार के बारे, सीडीपीओ रेनू यादव ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओं, तूलिका जोशी ने महिलाओं में पोषण के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन एआरटीओ विमल पांडे ने किया। कार्यशाला में डीएफओ दिनकर तिवारी, एसडीएम विनोद कुमार, अनुराग आर्य, जिला कार्यक्रम अधिकारी अनुलेखा बिष्ट सहित वन सरपंच मौजूद रहे।

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-नैनीताल चिड़ियाघर में दिया जा रहा है सभी पर्वतीय प्रभागों के दो-दो कर्मियों को ड्रोन उड़ाने का प्रशिक्षण

बुधवार को नैनीताल चिड़ियाघर में कुमाऊं मंडल के सभी वन प्रभागों के चयनित कर्मियों को ड्रोन उड़ाने का प्रशिक्षण देते प्रशिक्षक।

नवीन समाचार, नैनीताल, 22 जनवरी 2020। उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल के वनों में वनाग्नि, वन्य जीव संघर्ष एवं मानव-वन्य जीव संघर्ष, वनों के अवैध पातन एवं वन्य जीवों के शिकार आदि पर उड़ते ड्रोन के जरिये हाईटेक तरीके से नजर रखी जाएगी। इस हेतु पहले चरण सभी पर्वतीय वन प्रभागों में ड्रोन खरीदे जा रहे हैं तथा इनके दो-दो चयनित कर्मचारियों को ड्रोन उड़ाने का पांच दिवसीय मुख्यालय स्थित नैनीताल जू यानी गोविंद बल्लभ पंत उच्च स्थलीय प्राणि उद्यान में प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

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प्रदेश के मुख्य वन संरक्षक एवं उत्तराखंड ड्रोन फोर्स के समन्वयक डा. पराग मधुकर धकाते के निर्देशन में चल रहे प्रशिक्षण के तहत बुधवार को नैनीताल चिड़ियाघर में मुख्य प्रशिक्षक अतुल भगत एवं ड्रोन उपलब्ध कराने वाली कंपनी-ड्रोनीटेक के करुण कुमार के द्वारा नैनीताल, अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़ व चंपावत वन प्रभाग के दो-दो यानी कुल 10 कर्मियों को ड्रोन को उड़ाने एवं इसके जरिये वनों से संबंधित अपेक्षित जानकारियां प्राप्त करने का प्रशिक्षण दिया गया। आगे बताया गया कि ये कर्मी अपने वन प्रभागों में ड्रोन संचालित कर पाएंगे तथा अगले चरण में अपने वन प्रभागों के अंतर्गत आने वाले वन रेंजों के दो-दो चयनित कर्मियों को भी ड्रोन चलाने का प्रशिक्षण देंगे। इसके बाद ड्रोन के माध्यम से वनों में वनाग्नि लगने, वन्य जीवों के आपस में एवं मानव के साथ होने वाले संघर्ष, वन्य जीवों एवं शिकारियों की सक्रियता आदि वनों में होने वाली सभी तरह की गतिविधियों पर ड्रोन में मौजूद कैमरों से नजर रखी जाएगी। बताया गया कि मैदानी क्षेत्रों के वन प्रभागों में पहले ही इस तरह का ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण चयनित कर्मियों को पहले ही दिया जा चुका है।

यह भी पढ़ें : वन कर्मियों ने तस्कर समझ कर पांचवी कक्षा के बच्चे को मार दी गोली, हालत नाजुक…

नवीन समाचार, गूलरभोज (ऊधमसिंह नगर), 7 दिसंबर 2019। वनकर्मियों ने तस्कर समझ कर पांचवीं कक्षा के छात्र दीपू सिंह सहित उसके भाई पर शुक्रवार रात फायरिंग कर दी। गोली दीपू की जांघ को चीरती हुई पार निकल गई। उसे गंभीर हालत में एसटीएच हल्द्वानी में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। हमले से गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने गुलरभोज चौकी पर पहुंच प्रदर्शन किया। मामला बढ़ता देख देर रात एसओ गदरपुर और एएसपी ने चौकी पहुंचकर दो वनकर्मियों व दो अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। इसके बाद लोग शांत हुए।

प्राप्त जानकारी के अनुसार हरिपुरा जलाशय के कटपुलिया गांव निवासी गुरमीत सिंह का बड़ा बेटा हरजीत एक विवाह समारोह में गया था। देर रात वह घर लौट रहा था। कटघाट पहुंचा तो पार जाने के लिए नाव दूसरे छोर पर थी। फोन कर उसने कक्षा पांच में पढने वाले छोटे भाई दीपू सिंह को बुला लिया। दीपू उसे लेकर जैसे ही नाव से उतरा, अचानक दूसरे छोर से वनकर्मियों ने फायरिंग शुरू कर दी। एक गोली दीपू की जांघ के पार निकल गई। यह देख हरजीत ने शोर मचाना शुरू कर दिया। कुछ देर में घटनास्थल पर ग्रामीणों का हुजूम उमड़ पड़ा। गुस्साए ग्रामीण और परिजन दीपू को लेकर देर रात पुलिस चौकी पहुंच गए। प्रदर्शन के साथ विरोध बढ़ता जा रहा था, सूचना पर पहुंचे एएसपी डॉ.जगदीश चंद्रा व एसओ गदरपुर ललित बिष्ट ने किसी तरह ग्रामीणों को शांत कराया। दीपू के पिता की तहरीर पर आरोपित वनकर्मी मोहनदत्त शर्मा, राजू डोगरा व दो अज्ञात के खिलाफ धारा 307 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
वनकर्मियों ने भी फायरिंग का लगाया आरोप
मामले में वनकर्मी इमरान खां ने भी अज्ञात लोगों के खिलाफ फायरिंग की तहरीर दी। उन्होंने बताया कि लकड़ी तस्करी में विफल रहने पर कुछ लोगों ने फायरिंग की थी, जिसके जवाब में उन्हें भी फायरिंग करनी पड़ी। उप प्रभागीय वनाधिकारी यूसी तिवारी ने बताया कि कटपुलिया और ककराला गांव लकड़ी तस्करी के लिए कुख्यात है। यहां से रोजाना तस्करी के मामले सामने आ रहे हैं। शुक्रवार रात तस्करों और वनकर्मियों के बीच क्रॉस फायरिंग में छात्र को गोली लगने की जांच की जाएगी।

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-पुलिस ने पिकप व वाहन चालक को किया गिरफ्तार, वन विभाग की कार्यशैली पर भी उठ रहे सवाल
दान सिंह लोधियाल @ नवीन समाचार, धानाचूली, 22 नवंबर 2019। जनपद की थाना मुक्तेश्वर ने गहना के जंगलों से तस्करी कर ले जाये जा रहे अवैध लीसे के टिनो के जखीरे को वाहन एवं वाहन चालक सहित चेकिंग के दौरान पकड़ा है। आरोपित वाहन चालक के खिलाफ वन अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्यवाही शुरू कर दी है। मामले में वन विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं।

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पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसरा मुक्तेश्वर के थानाध्यक्ष कुलदीप सिंह के नेतृत्व में धानाचूली बैंड के पास चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान गहना पोखरी से आ रही पिकप संख्या यूके04सीए-1866 को रोकने पर उसमें 140 टिन लीसा पाया गया। वाहन चालक इस लीसे के कागजात मागने पर पुराने कागज दिखाने लगा। वैध कागजात नही दिखा पाने पर वाहन चालक गिरीश चंद्र पुत्र माधोराम निवासी अर्नपा, तहसील धारी को पिकप सहित गिरफ्तार कर लिया गया। एसओ सिह ने बताया लीसे के वैध कागजात नही दिखा पाने पर आगे की जाँच की जा रही है। वही रेंजर उत्तरी गौला पीके आर्या का कहना है यह वैध लीसा है जो जंगल से पहाड़पानी लीसा डिपो को ले जाया जा रहा था। यह पूछे जाने पर कि आज की तिथि का रवन्ना क्यों नही दिया गया तो उनका ढुलमुल जबाब आया। इससे वन विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं। पुलिस कार्रवाई में पुलिस आरक्षी त्रिलोक, देवीदत्त पांडे, नरेश परिहार और सुरेंद्र कुमार आदि भी शामिल रहे।

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-पहली बार डीएम के हाथों पुरस्कृत हुए वन्य प्राणी सप्ताह की प्रतियोगिताओं के विजेता

नवीन समाचार, नैनीताल, 14 नवंबर 2019। बाल दिवस के अवसर पर नैनीताल चिड़ियाघर में गत दिनों वन्य प्राणी सप्ताह के अंर्तगत आयोजित प्रतियोगिताओं में विजयी रहे प्रतिभागियों को पहली बार डीएम के हाथों पुरस्कृत किया गया। इस मौके पर डीएम सविन बंसल ने नगर के मोहन लाल साह बाल विद्या मंदिर, को प्रथम, भारतीय शहीद सैनिक विद्यालय को द्वितीय व विशप शॉ इंटर कॉलेज को तृतीय, सेंट स्टीफन स्कूल, सैन्ट जौन्स स्कूल, सरस्वती विद्या मन्दिर, ऑल सेन्टस कॉलेज व राष्ट्रीय शहीद सैनिक स्मारक विद्यापीठ, को सांत्वना पुरस्कार तथा कुंदन लाल साह कन्या इंटर कालेज ऐशडल, संेट जेवियर स्कूल, लौंगव्यू पब्लिक स्कूल, वसंत वैली पब्लिक स्कूल तथा राधा चिल्ड्रन एकेडमी, को प्रतिभाग पुरस्कार प्रदान किये। निदेशक ने ऑल सेंटस कॉलेज व राष्ट्रीय शहीद सैनिक स्मारक विद्यापीठ को विशेष पुरस्कार भी प्रदान किये।
इस अवसर पर चिड़ियाघर के निदेशक बीजू लाल टीआर ने जल्द ही चिड़ियाघर प्रशासन में इंटरप्रिटेशन सेंटर व इंटरप्रिटेशन थियेटर शुरू करने तथा डीएम ने बच्चों के लिए कॅरियर प्रोग्राम भी चलाने की बात कही, जिससे बच्चों को वन्य जीवों के संसार में रोजगार की संभावनाओं के बारे में जानकारी दी जा सकेगी। बताया गया कि इंटरप्रिटेशन थियेटर में पृथ्वी और इस पर रहने वाले प्राणियों के विकास, अलग-अलग ऊंचाइयों पर मिलने वाली जीव-जंतुओं एवं पेड़-पौधों की प्रजातियों आदि प्राकृतिक संपदा के बारे में सरल व रोचक तरीके से जानकारियां दी जाएंगी। कार्यक्रम में नगर के 13 विद्यालयों के 65 छात्र ,छात्राऐं एवं शिक्षकगण उपस्थित रहे। संचालन प्राणी उद्यान की वन क्षेत्राधिकारी ममता चन्द ने किया। इस अवसर पर प्रमोद कुमार तिवारी, सोनल पनेरू, खजान चन्द्र मिश्रा, रेखा सुयाल, विक्रम मेहरा, आनंद सिंह व रमेश सिंह चिड़ियाघर के समस्त कर्मचारी भी मौजूद रहे।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 8 नवंबर 2019। मुख्यालय के पास कुंजखड़क क्षेत्र में धारचूला के एक युवक के साथ, उसे वन तस्कर बताकर वन विभाग की महिला अधिकारी की अगुवाई में वनाधिकारियों व कर्मचारियों पर थर्ड डिग्री जैसा टॉर्चर किये जाने का आरोप लगाया गया है। वहीं वन विभाग के अधिकारी चोटों को पेड़ से गिरने के कारण और युवक को तस्कर बता रहे हैं। अलबत्ता युवक को क्यों छोड़ा गया, इस प्रश्न का कोई जवाब नहीं है।
शुक्रवार को धारचूला निवासी 31 वर्षीय भाष्कर सिंह बुदियाल पुत्र स्वर्गीय पदम सिंह बुदियाल निवासी ग्राम बुदि तहसील धारचूला जिला पिथौरागढ़ ने मल्लीताल कोतवाली के पास पट्टी पटवारी सौड़ के नाम लिखा शिकायती पत्र स्थानीय पट्टी पटवारी अमित साह को सोंपा और वन विभाग के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की। पत्र में भास्कर ने कहा है कि वह बीती 5 नवंबर को पंगूठ क्षेत्र में घूमने गया था। यहां वन विभाग के एक गेस्ट हाउस नुमा भवन में मौजूद चौकीदार से मौखिक अनुमति लेकर वह जंगल में गया। वहां रास्ता समझ नहीं आने पर जब वह वापस आया तो वन विभाग के कर्मी उसे व उसके वाहन चालक को पकड़कर कुंजाखड़क नामक स्थान पर ले गए। दूसरे दिन वन रेंजर तनूजा परिहार के बाद उस पर तस्करी का आरोप कबूल करने को लेकर उसके साथ बेहोश होने तक बर्बरतापूर्वक मारपीट की गई। रेंजर ने उसके चेहरे की बनावट को लेकर एवं जातिसूचक शब्दों के साथ अभद्र शब्दों का प्रयोग भी किया। इसके बाद उसे तीन दिन बाद सात नवंबर की शाम रिहा किया गया किंतु एक लिखित दस्तावेज में 6 नवंबर को रिहा करना तथा कोई शारीरिक मारपीट व अभद्र व्यवहार न होना लिखकर जबर्दस्त दबाव बनाकर हस्ताक्षर करवाए गऐ। अन्यथा रिहाई न करने की बात कही गई। साथ ही जुर्माने के तौर पर 5000 रुपए लेने परंतु इसकी कोई रसीद न देने का भी आरोप लगाया। इधर युवक द्वारा कराये गए मेडिकल परीक्षण में उसे 30 से 39 घंटे पुरानी कठोर व भोथरी वस्तु से 13 सामान्य प्रवृृत्ति की चोटें लगी होने की बात कही गई है। इधर उसके बांये हाथ की छोटी अंगुली का नाखून उखड़े होने की बात भी कही जा रही है और इसके आधार पर ही उसके साथ थर्ड डिग्री टार्चर किये जाने की बात कही जा रही है।
वहीं इस बारे में पूछे जाने पर डीएफओ बीजू लाल टीआर ने इस अवधि में स्वयं के पंचायत चुनाव की ड्यूटी पर अल्मोड़ा जनपद में होने की जानकारी देने के साथ ही बताया कि आरोपित युवक की धारचूला में फैक्टरी है। उसके खिलाफ लंबे समय से मूर्तियां बनाने के लिए मैपल और ओक के पेड़ों की तस्करी करने की मीडिया एवं स्थानीय लोगों से पुख्ता सूचना थी। इस आधार पर ही उसे पकड़ा गया था। अलबत्ता मातहत अधिकारियों से पूरी जानकारी न मिलने की बात कहते हुए वे उसे तस्कर होने के बावजूद छोड़ दिये जाने के कारण का पता न होने की बात कही। उन्होंने मातहत अधिकारियों से मिली जानकारी के आधार पर चोटों को पेड़ से गिरने के कारण बताया, अलबत्ता मामले की पूरी जांच कराने की बात भी कही।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 29 अक्तूबर 2019। सरोवरनगरी में दीपावली के त्योहार की आढ़ में कुछ लोगों ने वन क्षेत्र से लगे इलाके में पेड काट डाले। साथ ही जमीन को चौरस कर ढलान की ओर मिट्टी के कट्टों की दीवार भी बना डाली। सूचना मिलने पर डीएफओ ने क्षेत्रीय वनाधिकारी एवं वन कर्मियों को मौके पर पहुंचकर निर्माण की तैयारी को हटवाया, और अज्ञात निर्माणकर्ता के खिलाफ जुर्माना भी लगवाया।
नगर के सकिय सामाजिक कार्यकर्ता अरुण कुमार साह ने बताया कि सीआरएसटी स्कूल से ऊपर भोटिया बैंड के पास बड़ी मात्रा में हरे पेड़ काटे गये। उन्होंने इसकी शिकायत डीएफओ बीजू लाल टीआर से की। इस पर डीएफओ ने नगर पालिका रेंज के हीरा सिंह शाही आदि वनाधिकारियों व कर्मियों को मौके पर भिजवाकर कब्जा करने के प्रयास को रोका। काटी गई लकड़ी को सीज किया गया तथा पेड़ काटने वालों के खिलाफ जुर्माना लगाया गया है। श्री शाही ने बताया कि जिस भूमि पर पेड़ काटे गए हैं वह निजी भूमि है। उन्होंने स्वीकारा कि इस पर पद्म, हॉली, बांज व पुतली आदि के पेड़ काटे गए हैं। यहां भूस्वामी के द्वार प्लॉटिंग की जा रही है। लेकिन वन कर्मियों को यह पता नहीं लग पाया कि निर्माण किसके द्वारा किया जा रहा है और पेड़ किसके द्वारा काटे जा रहे है। इसके अज्ञात के खिलाफ चालान की कार्रवाई की जा रही है।

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ललित मोहन बधानी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 22 जून 2019। तराई केंद्रीय वन प्रभाग के बरहैनी रेंज में बौर नदी किनारे खैर तस्करों और वनकर्मियों में शुक्रवार रात्रि सवा दो बजे हुई मुठभेड़ में एक बीट वाचर बहादुर सिंंह चौहान की गोली लगने से मौके पर ही शहीद होने की बेहद दुःखद खबर है।
बताया गया है कि महोली के जंगल में बौर नदी के उत्तर में तसजर खैर के पेड़ काट रहे थे, तभी तस्करों ने ललकारने पहुंची वन विभाग की टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गोलीकांड में एक बीट वाचर तस्करों का सामना करते हुए शहीद हो गए, जबकि दूसरा बीट वाचर महेंद्र घायल हो गया। घटना से समूचे वन विभाग में हड़कंप मच गया है। मौके पर 2 बाइक और एक मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। उल्लेखनीय है कि प्रदेश के वनों, यहां तक कि नए बन रहे अंतरराष्ट्रीय चिड़ियाघर से खैर और जिम कॉर्बेट के संग्रहालय के पास से चंदन के पेड़ काटे जाने और लापरवाही के चलते अमूल्य और प्रतिबंधित वन संपदा को तस्करों के द्वारा काटे जाने के समाचार लगातार आ रहे हैं। खैर का तस्करी बाजार में ₹6000/-प्रति कुंतल का रेट बताया जाता है। बताया जा रहा है कि उत्तराखंड की अमूल्य वन सम्पदा हरियाणा, यूपी के सुदूर नगरों तक आसानी से पहुंचाई जा रही है।

पूरा मामला:-

वन तस्करों के हौसले इतने बुलंद हो चुके है कि अब वह पेड़ो के साथ साथ वन विभाग के कर्मचारियों पर फायर करने में भी गुरेज नही कर रहे है। ताज़ा मामला तराई केंद्रीय वन प्रभाग के बरहैनी रेंज का है जहाँ पर वन तस्करों ने वन विभाग की टीम पर फायर झोंक दी। जिसमे वचार बहादुर सिंह चौहान की मौके पर ही मौत हो गयी जबकि रोपड़ रक्षक महेंदर सिंह घायल हो गया। मृतक के शव का पंचनामा भर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है जबकि घायल का इलाज अस्पताल में चल रहा है।

आज सुबह सवा दो बजे वन विभाग की टीम को सूचना मिली थी कि कुछ वन तस्कर तराई केंद्रीय वन प्रभाग के बरहैनी रेंज में घुस कर पेड़ो को काट रहे है। हरकत में आई टीम ने वन तस्करों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया जैसे ही वन तस्कर वहां पर पहुचे तो वह विभाग की टीम ने तस्करों को घेर लिया। जिसके बाद तस्करों द्वारा वन विभाग की टीम में फायर झोंक दी जिसकी चपेट में आने से वन वचार बहादुर सिंह की मौके पर ही मौत हो गयी जबकि अन्य रोपण रक्षक महेन्दर सिंह घायल हो गया। मौका देख आरोपी वन तस्कर मौके से फरार हो गए। आनन फानन में टीम द्वारा दोनों को अस्पताल ले जाया गया जहाँ पर डॉक्टरों ने बहादुर सिंह को मृत घोषित कर दिया घटना की सूचना पर वन विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुच गए है। वन विभाग के मुताबिक वन तस्कर आधा दर्जन लोग थे जो कि ग्राम थापा नगला थाना केलाखेडा उधम सिंह नगर के रहने वाले है। वन तस्करों में कुछ लोगो को चिह्नित भी किया जा चूका है

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वन पंचायत जुटी जांच में, 15 पेड़ मौके पर बरामद, बाकी मिले कटे ठूंठ

दान सिंह लोधियाल @ नवीन समाचार, धानाचूली (नैनीताल), 4 अप्रैल 2019। लोकसभा चुनावों की चहल-पहल के बीच मौके का लाभ उठा कर तस्करों ने बांज और खरसू के करीब तीन दर्जन पेड़ों पर आरी चला दी। शिकायत मिलने पर वन पंचायत ने मौका मुयायना किया तो जंगल मे 15 पेड़ काटे हुए तथा दो दर्जन पेडों के़ के कटे ठूंठ पाये गए। सतबूंगा के सरपंच गंगा सिंह ने बताया कि गांव वालों की सूचना पर वह वन विभाग की टीम के साथ जंगल में गए, जहां पर करीब तीन दर्जन पेड़ काटे मिले। वहीं सरपंच ने बताया कि करीब 15 घरों में जाकर पूछताछ और चेकिंग की गई लेकिन कही कोई सुराग नही मिला। वहीं लोग इस मामले को स्थानीय तस्करों से भी जोड़ कर देख रहे हैं। वही वन पंचायत राजस्व विभाग में रिपोर्ट दर्ज करने का विचार कर रही है।

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-पिकप से लाई जा रही थी अवैध लकड़ी, लकड़ी तस्कर वाहन छोड़ हुए फरार

दान सिंह लोधियाल @ नवीन समाचार, धानाचूली, नैनीताल, 28 मार्च 2019। जनपद के रामगढ़ विकासखंड के सतखोल में वन विभाग की टीम ने अवैध तरीके से जायी जा रही इमारती लकड़ी से भरी एक पिक-अप वैन को बरामद किया है। अलबत्ता विभागीय कर्मियों को देखकर वाहन चालक वाहन को छोड़कर फरार होने में सफल रहा। वन अधिकारी ने वाहन को अवैध लकड़ी सहित सीज कर वनाधिनियम के तहत कार्यवाही कर उच्चाधिकारियों को सूचित कर दिया है।
उत्तरी वन गोला रेंज के वन क्षेत्राधिकारी ललित मोहन कार्की ने बताया उनकी टीम बृस्पतिवार को गस्त पर थी। इस दौरान सतोली से सतखोल की तरफ आ रही पिकप संख्या यूके04 सीबी-4574 को रोका तो उसमें सवार वाहन चालक व अन्य ने वाहन रोक जंगल की ओर दौड़ लगा दी। वाहन की तलाशी लिए जाने पर अवैध तरीके से तस्करों द्वारा लायी जा रही इमारती लकड़ी की 8 बल्ली व 16 तख्ते पाए गए। श्री कार्की ने बताया वाहन विनय रूवाली के नाम पर दर्ज है। उच्चाधिकारियों को सूचना दे दी गयी है। आगे वाहन मालिक का पता कर आगे की कार्यवाही की जाएगी। कार्रवाई में रणजीत थापा, देवीनाथ गोस्वामी, ललित भौर्याल आदि वन कर्मी शामिल रहे हैं।

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-इनमें भी उथले वनों को हटा दें तो महज 34 फीसद में हैं 40 फीसद से अधिक घनत्व के वन
-इंडिया स्टेट ऑफ फॉरेस्ट रिपोर्ट 2017 से हुआ खुलासा
नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 27 दिसंबर 2018।
उत्तराखंड में देश में सर्वाधिक 66 फीसद भूभाग पर वन होने की बात बहुप्रचारित की जाती है, किंतु भारतीय वन संरक्षण विभाग की जिस ‘इंडिया स्टेट ऑफ फॉरेस्ट रिपोर्ट 2017’ के हवाले से यह बात कही जाती है, उसका बारीकी से अध्ययन करने पर पता चलता है कि वास्तव में उत्तराखंड में केवल 46 फीसद क्षेत्रफल में ही वन हैं। निराशाजनक बात यह भी है कि इस इसमें से 12 फीसद भूभाग में उथले यानी अवनत वन हैं। इस प्रकार सही मायने में उत्तराखंड में महज 34 फीसद क्षेत्रफल में ही 40 फीसद से अधिक घनत्व के वन हैं।

भारतीय वन संरक्षण विभाग की देश के वनों के संबध में जारी ताजा द्विवार्षिक रिर्पोट के अनुसार राज्य के कुल 53483 वर्ग किमी भू भाग में से 4969 वर्ग किमी यानी कुल भू भाग के 9.29 फीसद क्षेत्रफल में अत्यधिक घने वन, 2884 वर्ग किमी यानी 24.08 फीसद भूभाग पर सामान्य घने वन, 6442 वर्ग किमी यानी 12.04 भूभाग में खुले वन, 383 वर्ग किमी यानी 0.71 फीसद में झाड़ी झंकार हैं। इस प्रकार 28805 वर्ग किमी यानी 53.83 फीसद क्षेत्रफल में वन नहीं हैं, एवं कुल 46.17 फीसद क्षेत्रफल में ही वन हैं। इसमें से यदि 12.04 फीसद खुले या अवनत वन क्षेत्र को हटा दें तो राज्य का कुल वन केवल 34.13 फीसद पर ही हैं। राष्ट्रीय वन नीति में भी कुल भूमि के 33 फीसद पर वन होने चाहिये, इस तरह उत्तराखंड ठीक सीमा रेखा पर ही है, जबकि राज्य में 66 फीसद में वन बताये जाते हैं।

23 वर्ग किमी में वन बढ़ने पर भी भ्रमपूर्ण स्थिति
नैनीताल। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि वन सर्वेक्षण की 2015 की रिपोर्ट के मुकाबले 2017 की रिपोर्ट में अत्यधिक घने वन क्षेत्र में 165 वर्ग किमी, खुले वन में 636 वर्ग किमी, झाड़ी झंकार में 87 वर्ग किमी तथा गैर वन क्षेत्र में 110 वर्ग किमी की वृद्धि हुई है, जबकि सामान्य घने वन क्षेत्र में 778 वर्ग किमी की कमी आई है। इससे साफ पता चलता है कि सामान्य घना वन क्षेत्र 778 वर्ग किमी घट कर 636 किमी खुले वन में बदल गया और इसी तरह झाड़ी झंकार और गैर वन क्षेत्र भी बढ़ गया है। यह स्थिति गंभीर है यानी वनों का बड़ा भाग उथला या अवनत हो रहा है। हालांकि इसी रिर्पोट में एक जगह यह भी बताया गया है कि आरक्षित वन भूमि 49 वर्ग किमी घट गयी है वहीं वनों के बाहरी क्षेत्रों में 72 वर्ग किमी वन बढ़ गये हैं और इसे प्रचारित भी किया गया है कि हमारे यहां इन दोनों का अंतर यानी 23 वर्ग किमी जंगल बढ़ गये हैं। यह भी हो सकता है कि बाहरी क्षेत्र में बढ़ा वन क्षेत्र केवल कृषि आदि की हरियाली भी हो सकती है।

यह है सर्वेक्षण रिपोर्ट में वनों की परिभाषा
नैनीताल। सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार किसी क्षेत्र में 70 फीसद से अधिक वृक्ष होने पर उसे अत्यधिक घना वन, 40 फीसद से 70 फीसद के मध्य वृक्ष होने पर सामान्य घना वन, 10 फीसद से 40 फीसद के मध्य वृक्ष होने पर खुला वन एवं 10 फीसद से कम वृक्ष होने परगैर वन कहे जाते हैं। इसके साथ ही रिपोर्ट में यह भी साफ किया गया है कि यह रिपोर्ट धरातल के अध्ययन के बजाय उपग्रह से प्राप्त चित्रों के आधार पर तैयार की जाती है। जिसके कारण इसके संकलन व व्याख्या में कई त्रुटियां रह जाती हैं। रिपोर्ट की प्रस्तावना में भी यह स्पष्टीकरण दिया गया है कि घने बादलों के कारण पड़ने वाली परछायियां वनों की सघनता का आभास दे सकती हैं, तो वृक्षारोपण, गन्ने के खेत, फलों के बगीचे, लैंटाना जैसी झाड़ियां व खरपतवार आदि की लंबे क्षेत्र में फैली हरीतिमा भी वनों के रूप में ही चित्रित हो सकती हैं। लिहाजा यह रिर्पोट पूर्णतः जमीनी सच्चाई के बजाय एक अनुमान ही है।

पौड़ी में सर्वाधिक बढ़े-नैनीताल में सर्वाधिक घटे वन क्षेत्र
नैनीताल। रिपोर्ट का उत्तराखंड के जिले वार अध्ययन करने पर पता चलता है कि वर्ष 2015 से 2017 के बीच पौड़ी जिले में सर्वाधिक 76 वर्ग किमी में वन बढ़े हैं, जबकि नैनीताल में सर्वाधिक 35 वर्ग किमी वन क्षेत्र में कमी आई है। इन जिलों के अतिरिक्त रुद्रप्रयाग में 37, अल्मोड़ा में 17, टिहरी गढ़वाल में 7 व देहरादून में 5 वर्ग किमी में वन क्षेत्र बढ़े हैं, जबकि हरिद्वार में 3, पिथौरागढ़ में 5, बागेश्वर में 10, चंपावत में 11, ऊधमसिंह नगर में 14 चमोली में 15 व उत्तरकाशी में 26 वर्ग किमी में वन क्षेत्र की कमी आई है। इस प्रकार राज्य में 23 वर्ग किमी में वन क्षेत्र की नेट वृद्धि बतायी गयी है। इस संबंध में वन निगम के पूर्व अधिकारी एवं वन विशेषज्ञ विनोद पांडे का कहना है कि जिस पौड़ी जिले में वन क्षेत्र में सर्वाधिक वृद्धि बतायी गयी है, वहां अधिकांशतया चीड़ जैसी पर्यावरण के लिए प्रतिकूल बताई जाने वाली प्रजाति के वनों की अधिकता है, यानी वनों में वृद्धि भी पर्यावरण प्रतिकूल वनों की हो सकती है, जबकि मिश्रित वनों के लिए पहचान रखने वाले नैनीताल जिले में सर्वाधिक 35 वर्ग किमी की कमी भी चिंताजनक है।

वन विभाग में अफसरों व फील्ड कर्मचारियों की कमी
वन सांख्यिकी उत्तराखण्ड की वर्ष 2015-16 की रिपोर्ट के अनुसार उत्तराखंड वन विभाग में उच्चाधिकारियों के पदों पर जहां स्वीकृत पदों से भी अधिक अधिकारी कार्यरत हैं, वहीं नीचे के स्तर पर कर्मचारियों की भारी कमी है। बताया गया है कि राज्य में 3 स्वीकृत पदों के सापेक्ष 11 प्रमुख वन संरक्षक के, 4 के सापेक्ष 15 अतिरिक्त प्रमुख वन संरक्षक, 14 के सापेक्ष 24 मुख्य वन संरक्षक और 12 के सापेक्षे 18 वन संरक्षक हैं, जबकि फील्ड स्तर पर 33 के सापेक्ष 24 उप वन संरक्षक, 90 के सापेक्ष सहायक वन संरक्षक, 2445 के सापेक्ष 1987 राजि अधिकारी, उपराजिक व वन दरोगा तथा 3650 के सापेक्ष 2634 वन आरक्षी ही कार्यरत हैं। इससे वनों के संरक्षण के प्रति विभागीय प्रतिबद्धता भी साफ नजर आती है।

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