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उत्तराखंडी लालों का कमाल : हरिमोहन ने मैजिक पजल्स में बनाया वर्ल्‍ड रिकॉर्ड

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मैथमेटेशियन हरिमोहन ने मैजिक पजल्स में बनाया वर्ल्‍ड रिकॉर्ड, जानिए क्‍या है खासनवीन समाचार. कपकोट (बागेश्वर), 22 अप्रैल 2019। कपकोट के ऐठाण गांव के शिक्षक हरिमोहन सिंह ऐठानी ने गणित में दो और रिकार्ड बनाए हैं। हस्तलिखित मैजिक पजल्स में वर्ल्‍ड रिकॉर्ड बनाया है। उन्होंने 1260 घंटे में अलग-अलग श्रेणी के 48000 मैजिक पजल्स लिख डाले। 450 चार्ट पेपर्स में 13 किलो की किताब भी बना डाली है। केरल बुक ऑफ रिकॉर्ड ने उन्हें 2019 का वर्ल्‍ड रिकॉर्ड का तथा पुडुचेरी बुक ऑफ रिकॉर्ड संस्था ने नेशनल रिकॉर्ड का प्रमाण पत्र दिया है। यह प्रमाण पत्र एक जटिल अंतरारष्ट्रीय गणितीय सिद्धांत को 15 दिन में हल करने के लिए दिया गया है, जो कि संख्या सिद्धांत से संबंधित है। संस्था ने उन्हें 18 अप्रैल को यह रिकार्ड प्रदान किया है। हाल ही में इस गणितीय सिद्धांत का एक अंतरराष्ट्रीय जर्नल भी प्रकाशित हो चुका है। शिक्षक हरिमोहन ऐठानी ने अपनी उपलब्धि पर बताया कि अनुसलझे और जटिल गणितीय सिद्धांतों का हल खोजना, गणित के सूत्र, शार्ट ट्रिक और रिजनिंग अध्ययन मेरा शौक है।

हरिमोहन की अब तक कि उपलब्धियां :

लिम्का नेशनल रिकॉर्ड 2014
लिम्का वल्र्ड रिकॉर्ड 2015
इंटरनेशनल वंडर बुक ऑफ रिकॉर्ड 2015
वर्ल्‍ड रिकॉर्ड ऑफ यूनिवर्सल रिकॉर्ड फोरम 2015
वर्ल्‍ड रिकॉर्ड इंडिया वर्ल्‍ड रिकॉर्ड 2015
तेलगु बुक ऑफ रिकार्ड द्वारा राष्ट्रीय स्पेशल जूरी अवार्ड 2015
इंटरनेशनल ऑनलाइन वर्ल्‍ड रिकॉर्ड 2015
मैथ जीनियस वर्ल्‍ड रिकॉर्ड 2016
एवेरेस्ट वर्ल्‍ड रिकॉर्ड 2016
इंटरनेशनल मेगास्टार वर्ल्‍ड रिकॉर्ड 2017
असम बुक ऑफ वर्ल्‍ड रिकॉर्ड 2018
कलाम बुक ऑफ वर्ल्‍ड रिकॉर्ड 2018
केरला बुक ऑफ वर्ल्‍ड रिकॉर्ड 2019
पांडिचेरी बुक ऑफ रिकॉर्ड 2019

यह भी पढ़ें : हल किया 381 साल पुराना 1 करोड़ इनाम का सवाल

उत्तराखंड के बागेश्वर जिले की कपकोट तहसील के ग्राम ऐठाण निवासी एक शिक्षक ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 381 वर्षों से अनसुलझे एक गणितीय प्रश्न को हल कर लिया है। एक करोड़ डालर के इस सवाल का शिक्षक की ओर से खोजा गया जवाब ‘अंतर्राष्ट्रीय जर्नल एमआईईआर जर्नल ऑफ एजुकेशनल स्टडीज’ के जून-जुलाई अंक में भी प्रकाशित हुआ है। इस अंक का पहला शोध हरिमोहन का ही है। उनकी इस उपलब्धि पर पूर्व राष्ट्रपति डा. एपीजे कलाम को समर्पित ‘कलाम बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड’ की ओर से प्रमाण पत्र भेजा गया है। इसमें अनसुलझे प्रश्न को 15 दिन के भीतर बूझने की सराहना की है।

कपकोट के इंटर कालेज असों में गणित के शिक्षक हरिमोहन सिंह ऐठानी ने इस अबूझ प्रश्न को बूझा है। गणितज्ञ और अंतरराष्ट्रीय बैंकर एंड्रयू बील ने 381 साल पुराने एक गणितीय सिद्धांत के आधार पर प्रश्न 90 के दशक में तैयार किया था। इस सवाल को हल करने पर एक करोड़ डालर का ईनाम भी घोषित किया हुआ है। एठानी के मुताबिक इस सवाल का जवाब खोजने में उन्हें 15 दिन का समय लगा। आगे अनसुलझे सवाल और हरिमोहन के जवाब पर दुनिया भर के गणितज्ञों की नजरें टिकी हुई हैं।

उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व अगस्त 2015 में शिक्षक हरिमोहन ऐठानी की मैजिक स्क्वायर बनाने की कला को वंडर बुक आफ रिकार्ड ने भी दर्ज करते हुए उन्हें इंटरनेशनल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। ऐठानी ने 1260 घंटे में 48 हजार मैजिक स्क्वायर (जादुई वर्ग) का निर्माण किया था। ऐठानी की इस महारत का ‘इंटरनेशनल वंडर बुक आफ रिकार्ड’ ने भी परीक्षण कर उन्हें ‘इंटरनेशनल वंडर बुक आफ रिकार्ड ‘के पुरस्कार से नवाजा था। इससे पूर्व हरिमोहन को ‘यूनिवर्सल रिकार्ड फोरम’ तथा ‘व‌र्ल्ड रिकार्डस आफ इंडिया’ ने भी उन्हें प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया है।

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