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उत्तराखंड में पर्यटन उद्योग को 75 करोड़ की छूट का बड़ा ऐलान, कर्मचारियों के खातों में भी आयेंगे रुपये

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-पर्यटन क्षेत्र से जुड़े कर्मचारियों व ऑटो-ई रिक्शा वालों के खातों में आएंगे एक-एक हजार रुपये
नवीन समाचार, देहरादून, 21 मई 2020। कोरोना संकट काल में लॉकडाउन से परेशान प्रदेश के पर्यटन उद्योग, इससे जुड़े कारोबारियों और कर्मचारियों के लिए राज्य सरकार ने 75 करोड़ रुपए की बड़ी राहत का ऐलान कर दिया है। मंत्रिमंडल ने तय किया कि पर्यटन महकमे और अन्य विभागों में पर्यटन व्यवसाय में पंजीकृत एक लाख से ज्यादा इकाइयों में कार्यरत 2.15 लाख और ऑटो, ई-रिक्शा में पंजीकृत 27 हजार कर्मचारियों समेत कुल 2.43 लाख कार्मिकों को एकमुश्त एक-एक हजार रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना व दीनदयाल होम स्टे योजना के तहत लिए गए ऋण पर अप्रैल से जून यानी तीन माह तक ब्याज नहीं देना होगा। इस ब्याज का भुगतान सरकार करेगी। पर्यटन व्यवसायियों को वार्षिक जल मूल्य वृद्धि में राहत देते हुए छह फीसद की छूट देने का निर्णय लिया गया है। इसी तरह करीब दो लाख परिवहन व्यवसायियों को वाहन के परमिट और मोटर यान कर में छूट देने पर मुहर लगाई गई है। सरकार ने शराब कारोबारियों को भी तीन माह के अधिभार के भुगतान से राहत दी गई है।
त्रिवेंद्र सिंह रावत मंत्रिमंडल की गुरुवार को सचिवालय में हुई बैठक में करीब 15 बिंदुओं पर चर्चा हुई। इनमें 14 बिंदुओं पर निर्णय लिया गया, जबकि शेष उद्योगों की मांग पर श्रम कानूनों में संशोधन के मामले में विचार करने को श्रम मंत्री डॉ हरक सिंह रावत की अध्यक्षता में दो सदस्यीय मंत्रिमंडलीय उपसमिति गठित की गई। उपसमिति के दूसरे सदस्य शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक हैं। सरकार के प्रवक्ता व काबीना मंत्री मदन कौशिक ने बताया कि मंत्रिमंडल ने लॉकडाउन अवधि में पर्यटन, परिवहन और शराब के कारोबार को नुकसान हुआ है। मंत्रिमंडल ने इन सभी कारोबारियों को राहत दी है।
उन्होंने बताया कि पर्यटन विभाग और अन्य विभागों में पर्यटन से संबंधित 82579 पंजीकृत इकाइयों में 215116 कार्मिक कार्यरत हैं। पर्यटन क्षेत्र में कार्यरत परिवहन व्यवसाय से जुड़े ऑटो व ई-रिक्शा के पंजीकृत 27239 कार्मिक हैं। इन सभी को एक हजार रुपये प्रति कार्मिक एकमुश्त सहायता डीबीटी से दी जाएगी। इससे सरकार पर 25 करोड़ का व्ययभार पड़ेगा। पर्यटन विभाग की ओर से राफ्टिंग गाइड आदि को करीब 35 लाख की एकमुश्त सहायता दी जाएगी। इस श्रेणी के लिए धनराशि एक हजार से कम नहीं होगी।
कैबिनेट के प्रमुख फैसले:
-पर्यटन में पंजीकृत इकाइयों में कार्यरत ऑटो रिक्शा चालक समेत 2.43 लाख कार्मिकों को एकमुश्त एक हजार रुपये की मदद
-वीर चंद्र सिंह गढ़वाली स्वरोजगार योजना और दीनदयाल होम-स्टे योजना में अप्रैल से जून तक ऋण ब्याज पर छूट मिलेगी
-प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सहमति की अवधि को एक वर्ष का विस्तार दिया गया जिस पर कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।
-आबकारी होटल, रेस्टोरेंट बार शुल्क में तीन माह की छूट
-पर्यटन से जुड़ी औद्योगिक इकाइयों के संचालन को उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सहमति को 31 मार्च, 2021 तक बढ़ाने को मंजूरी
-स्थानीय निकाय पर्यटन इकाइयों को अपने स्तर से पंजीकरण या नवीनीकरण, शुल्क में एक वर्ष की छूट दे सकेंगे
-पर्यटन उद्योग और कारोबारियों को चालू वित्तीय वर्ष में वार्षिक जल मूल्य वृद्धि की प्रचलित दर 15 फीसद के स्थान पर नौ फीसद करने का निर्णय, छह फीसद छूट से कारोबारियों को 1.87 करोड़ का लाभ
-सार्वजनिक वाहन व्यवसायियों के सालाना परमिट नवीनीकरण की फीस और मोटरयान कर में तीन माह की छूट, सरकार करेगी भरपाई
-कोविड-19 को लेकर बॉर्डर पर प्रवासियों को क्वारंटाइन किए जाने के संबंध में हाईकोर्ट के निर्देशों के मद्देनजर सरकार पूरा पक्ष हाईकोर्ट के समक्ष रखेगी
-उद्योगों की मांग पर श्रम कानूनों में संशोधन के संबंध में श्रम मंत्री हरक सिंह रावत की अध्यक्षता में मंत्रिमंडलीय उपसमिति गठित, काबीना मंत्री मदन कौशिक समिति में शामिल
-15वें वित्त आयोग के अनुदान में ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत व जिला पंचायत की हिस्सेदारी 35, 30 व 35 फीसद को बदलकर 75, 10 और 15 फीसद करने को मंजूरी
-शहरी निकायों के कुल अंशदान में से 3.54 फीसद छावनी परिषदों को देने का निर्णय
-उत्तराखंड जोत चकबंदी नियमावली 2020 को मंजूरी दी, इसके तहत नाम, परिभाषा, नोटिस भेजना, अधिसूचना जारी करने की प्रक्रिया तय
-पेयजल संस्थान के प्रबंध निदेशक पद की चयन प्रक्रिया में वाद्दषक प्रविष्टि के लिए समयसीमा आठ वर्ष की जगह पांच वर्ष करने का निर्णय
-मदिरा दुकानों को लॉकडाउन में बंद रहने की अवधि में अधिभार से राहत
-मुख्यमंत्री राज्य कृषि विकास योजना लागू करने को स्वीकृति
-बीज क्रय टीडीसी के अतिरिक्त कृषि विश्वविद्यालय पंतनगर, टिहरी भरसार विश्वविद्यालय एवं आईसीएआर से करने को अनुमति
-राज्य वन्यजीव अवैध शिकार अपराध रोकथाम के लिए 14 पदों का सृजन
-स्वास्थ्य विभाग में चिकित्सकों के लिए बिना अवकाश पांच वर्ष की अनुपस्थिति पर सेवा समाप्त होगी
-सूचना एवं लोक सम्पर्क विभाग में लोक सेवा आयोग के माध्यम से सूचना अधिकारी के पद पर हिन्दी विषय की अनिवार्यता समाप्त
-सर्व शिक्षा अभियान, राष्ट्रीय शिक्षा अभियान के एकीकरण के बाद समग्र शिक्षा अभियान के 1959 पदों के ढांचे पर मुहर
-श्रम सुधार के अंतर्गत उद्योग श्रमिकों को बोनस नवंबर के बजाए 31 मार्च तक दे सकेंगे

यह भी पढ़ें : नैनीताल टैक्सी-ट्रेवल एसोसिएशन ने सांसद को दिये पर्यटन प्रसार के लिए 16 सुझाव..

नवीन समाचार, नैनीताल 12 मई 2020। नैनीताल टैक्सी-ट्रेवल एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने मंगलवार को क्षेत्रीय सांसद अजय भट्ट से उनके हल्द्वानी स्थित आवास पर भेंट की तथा उन्हें आश्वस्त किया कि कोरोना की वैश्विक महामारी के संकट में संगठन सरकार एवं प्रदेश के नागरिकों के साथ है। साथ ही सांसद द्वारा पर्यटन व्यवसाय से जुड़े संगठनों तथा उनके प्रतिनिधियों से पर्यटन एवं मानव संसाधन विकास के प्रसार हेतु मांगे गये सुझावों के क्रम में अपने सुझाव भी प्रस्तुत किये। कहा कि महामारी से निपटने के उपरांत पर्यटकों को आश्वस्त किये जाने की आवश्यकता है कि उत्तराखंड कोरोना सहित हर तरह की विषाणु जनित बीमारियों से मुक्त है। साथ ही टैक्सी एवं पर्यटक बसों के लिए वर्ष 2020 के अंत तक सभी प्रकार के टैक्स, बीमा, परमिट, फिटनेस एवं अन्य प्रकार के दस्तावेजों को माफ करने, राज्य में प्रवेश पर लिया जाने वाला टैक्स 2020 अंत तक माफ करने, टैक्सी संचालकों को भी आर्थिक मदद देने, राज्य के सभी पर्यटक स्थलों पर लिये जाने वाले प्रवेश शुल्क को कम से कम करने, प्रदेश के सभी पर्यटन जिले में बड़े प्रचार-प्रसार के साथ शीतकालीन रंगारंग कार्यक्रमों का आयोजन करने, छोटे पर्यटन कारोबारियों को ब्याज मुक्त अथवा कम ब्याज युक्त बैंक ऋण उपलब्ध कराने, कोरोना से निपटने के पश्चात भी राज्य के सभी प्रवेश द्वारों पर मेडिकल सुविधा युक्त विशेष निगरानी दलों की तैनाती रखने, महानगरों से लौटे सभी युवाओं के लिए रोजगार उपलब्ध कराने हेतु ग्रामीण क्षेत्रों में ही कैंप लगाकर व्यवस्था करने तथा केएमवीएन व जीएमवीएन के सभी रेस्ट हाउसों में किराए को कम करने, सभी व्यवसायिक वाहनों को सैनिटाइज करने, वीर चंद्र सिंह गढ़वाली स्वरोजगार योजना में दी जाने वाली सब्सिडी को 50 फीसद तक बढ़ाने, ट्रैवल व होटल कारोबार में जीएसटी को कम से कम 2 वर्ष के लिए बंद करने, टैक्सी चालकों को भी आर्थिक सहायता देने, राज्य में प्रवेश करने वाले पर्यटकों के लिए आरोग्य सेतु एप के बिना प्रदेश में प्रवेश निषेध करने सहित 16 सुझाव दिये गये। ज्ञापन देने वालों में संगठन के अध्यक्ष नीरज जोशी, नरेंद्र नैनवाल, हेमचंद्र लोशाली, ठाकुर सिंह भाकुनी व कुर्बान अली जाफरी आदि सदस्य शामिल रहे।

यह भी पढ़ें : नैनीताल: टैक्सी वालों ने रियायतों के साथ ही रिवर्स पलायन का भी सुझाया नुस्खा..

-प्रवासियों को पर्यटन से जोड़कर गांवों को आबाद करने की जरूरत
-प्रदेश सरकार द्वारा गठित आर्थिकी एवं आजीविका समिति को भेजा प्रत्यावेदन
नवीन समाचार, नैनीताल, 15 अप्रैल 2020। नैनीताल टैक्सी-ट्रेवल्स एसोसिएशन ने उत्तराखंड सरकार द्वारा प्रदेश के मुख्य सचिव इंदु कुमार पांडे की अध्यक्षता में गठित आर्थिकी एवं आजीविका समिति एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री को अपना प्रत्यावेदन भेजा है। ई-मेल के माध्यम से भेजे गये प्रत्यावेदन में टैक्सी व्यवसायियों को लॉक डाउन के पश्चात ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराकर प्रदेश में सार्वजनिक वाहनों की कमी को पूरा करने, राज्य में पर्यटकों की संख्या में वृद्धि के लिए प्रवेश करने वाली पर्यटक बसों से एक वर्ष तक किसी प्रकार का टैक्स ना लेने एवं स्थानीय लोगों को टैक्सी, मैक्सी एवं पर्यटक बसें लेने के लिए प्रोत्साहित करने की मांग की है। इसके साथ ही लॉक डाउन के दौरान महानगरों से गांवों में आये प्रवासियों को गांवों में ही संसाधन उपलब्ध कराने, ग्रामीण लघु एवं कुटीर उद्योग में पूरा ध्यान केंद्रित कर ग्रामीण महिलाओं के उत्थान के प्रयास करने एवं प्रदेश के आईआईटी व आईआईएम जैसी विशिष्ट शिक्षा प्राप्त युवाओं से परामर्श कर राज्य में स्वरोजगार एवं अन्य रोजगारपरक संशाधनों का सृजन करने को कहा है ताकि वीरान हुए गांव फिर से आबाद किये जा सकें।
इसके अलावा मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में सभी पंजीकृत टैक्सी वाहनों को 31 दिसंबर 2020 तक रोड टैक्स, फिटनेस, बीमा इत्यादि कागजातों से छूट दिलाने, टैक्सी चालकों के खाते में बेरोजगारी भत्ते की तर्ज पर कम से कम छः हजार की धनराशि डालने की मांग भी की गई है।

यह भी पढ़ें : लॉक डाउन से सबसे ज्यादा प्रभावित होगा पर्यटन उद्योग ! नैनीताल होटल एसोसिएशन ने सरकार की समिति को भेजे पुनरुद्धार के लिए सुझाव

नवीन समाचार, नैनीताल, 15 अप्रैल 2020। वैश्विक महामारी का कारण और द्वितीय विश्व युद्ध के बाद दुनिया की सबसे बड़ी तबाही के रूप में घोषित कोरोना विषाणु कोविद-19 से यूं तो पूरा देश और विश्व तथा समस्त आर्थिक गतिविधियां ही ‘लॉक डाउन’ में हैं। वहीं यह भी कहा जा रहा है कि लॉक डाउन की अवधि यह संकट और लॉक डाउन बीत जाने के बाद भी लोग कहीं न कहीं सामाजिक दूरी के सिद्धांत को अपनी जीवनचर्या का हिस्सा बना चुके होंगे और अधिक-अकारण इधर-उधर जाना, सार्वजनिक यातायात और पर्यटन से परहेज करेंगे। ऐसे में पर्यटन व्यवसायियों में अभी से भविष्य को लेकर चिंता तेज होने लगी है। इधर उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश में लॉक डाउन को हटाये जाने के बाद उद्योगों को राहत देने के लिए प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव इंदु कुमार पांडे की अध्यक्षता एवं भूपेश तिवारी (सचिव) की समिति गठित की है। नैनीताल होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने बुधवार को इस समिति को पत्र के जरिये अपनी आवश्यकताओं से अवगत करा दिया है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश साह के हवाले से वेद साह ने बताया कि लॉकडाउन का आतिथ्य क्षेत्र, विशेष रूप से होटल और पर्यटन उद्योग पर ‘विनाशकारी प्रभाव’ पड़ा है। लोगों में इस दौरान पड़ी सामाजिक दूरी की आदत के कारण किसी भी अन्य उद्योग की तुलना में इसे पुनर्जीवित करने में अधिक समय लगेगा क्योंकि यह प्रस्थिति सामान्य होने के बाद भी लोग लंबे समय तक यात्रा करने से डरेंगे। वहीं लॉक डाउन के बाद के कारण लोगों की आर्थिक स्थिति खराब हो जाएगी और खर्च करने की क्षमता भी बहुत कम हो जाएगी। साथ ही वे इस दौरान मिले अवकाश के बाद आगे अवकाश में भी अपने खोये हुए व्यवसायों को पुनर्जीवित करने में व्यस्त होंगे। ऐसे में वर्ष की आखिरी तिमाही पर भी पर्यटन कारोबार के धुरी पर लौटने की संभावना कम है। इधर वह मार्च के तीसरे सप्ताह से पर्यटन कारोबार ठप होने की वजह से उनके लिए अपने कर्मचारियों को वेतन का भुगतान करना भी असंभव हो गया है। इसलिए पर्यटन प्रतिष्ठानों को ईएसआईसी की कवरेज सीमा से परे कर्मचारियों का 25 फीसद भुगतान ही करने की अनुमति मिलनी चाहिए और शेष राशि का भुगतान सरकार सरकार द्वारा किया जा सकता है। वहीं जो इकाइयां ईएसआईसी के अंतर्गत नहीं आती हैं, लेकिन जीएसटी में शामिल हैं, सरकार सभी कर्मचारियों को बिल द्वारा स्वीकृत और सीए द्वारा प्रमाणित वेतन का भुगतान कर सकती है। साथ ही चूंकि यह उद्योग बहुत पूंजी आधारित है और उन पर बैंकों से लिए गए ऋणों की किस्तों के ब्याज और अदायगी का भारी बोझ है। इसलिए ऋण की किस्तों को कम से कम 6 महीने के लिए टालने और इस अवधि के लिए ब्याज पूरी तरह से माफ करने का अनुरोध किया गया है। इसके अलावा उन्होंने सस्ती यात्रा की पेशकश करने और रहने के लिए पर्यटन उद्योग पर कम कराधान का भी अनुरोध किया गया है, और जीएसटी के स्लैब को 12 फीसद से घटाकर 5 फीसद और 18 फीसद से घटाकर 12 फीसद करने तथा जीएसटी के भुगतान को कम से कम दो साल के लिए छह मासिक किये जाने और पानी और सीवरेज के शुल्क में कम से कम 5 वर्षों के लिए हर साल होने वाली 15 फीसद की स्वचालित वृद्धि को पूरी तरह से स्थगित करने तथा लॉकडाउन की अवधि के दौरान जल का उपयोग होने के कारण पानी और सीवरेज शुल्क पूरी तरह से माफ करने की मांग भी की गई है। इसी तरह लॉकडाउन अवधि के लिए बिजली के बिलों में भी ‘फिक्स्ड’ दरों पर यूपी की तरह छूट देने और इस अवधि के बिलों को 6 महीने के बाद बिना किसी दंड के भुगतान करने की अनुमति देने तथा महाराष्ट्र, पंजाब और विभिन्न राज्यों के अन्य विद्युत नियामक आयोगों द्वारा की गई घोषणाओं की तर्ज पर 5 वर्षों की अवधि के लिए वाणिज्यिक विद्युत शुल्क में लगभग 10 फीसद की कमी करने एवं एक अप्रैल 2020 से शुरूएक वर्ष की अवधि के लिए स्थानीय-नगर करों को भी स्थगित करने एवं इसे राज्य सरकार द्वारा वहन कराने की मांग की गई है। इसके साथ ही लॉक डाउन के बाद प्रदेश के पर्यटन गंतव्यों को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देने के लिए विज्ञापन देने और घरेलू पर्यटन को प्रोत्साहित करने, विदेशी शराब पर वैट और उपकरों में 31 मार्च 2021 तक छूट देने, न्यूनतम मजदूरी कम से कम अगले 2 वर्षों के लिए तय नहीं करने की मांग भी की गई है।

यह भी पढ़ें : सोशल डिस्टेंसिंग के लिए विभिन्न संस्थाओं की जगह प्रशासन बंटवाए मदद, नैनीताल के होटलों में सिर्फ नैनीताल वालों को ही रखें

नवीन समाचार, नैनीताल, 1 अप्रैल 2020। उत्तराखंड ग्वाल सेवा संगठन के अध्यक्ष एवं ग्वाल सेवा फाउंडेशन उत्तराखंड के निदेशक अधिवक्ता पंकज कुलौरा ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर नैनीताल में क्वारंटीन संेंटर बनाए गए होटलों एवं पर्यटक आवास गृहों स्थानीय लोगों के अतिरिक्त बाहरी लोगों को न रखने की मांग की है। नैनीताल होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश साह ने भी ठीक यही मांग की है।
वहीं कुलौरा ने इसके अलावा उन्होंने दिल्ली के निजामुद्दीन तबलीग जमात से संबंधित पूरे जिले में जमातियों को तत्काल कोरनटाइन कराने के साथ ही उनके संपर्क में आए सभी मौलाना, मौलवी व अन्य व्यक्तियों को भी तत्काल चिन्हित कर कोरोना टेस्ट करा कर कोरनटाइन कराने एवं जनपद में विभिन्न क्षेत्रों में सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा कराये जा रहे गरीबों अथवा असहाय को भोजन व राशन वितरण कार्य को प्रशासन के माध्यम से बटवाने की मांग भी की है, ताकि सामाजिक दूरी बनाने का उद्देश्य भी पूरा किया जा सके। उन्होंने मुख्यालय में जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन द्वारा कोरोना वायरस के संक्रमण के दृष्टिगत लॉक डाउन का पूर्णतया पालन के लिए अधिकारियों की प्रशंसा भी की है। साथ ही उन्होंने जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में बाहरी राज्यों से आए व्यक्तियों की गहनता से कोरोना संक्रमण की जांच कराने तथा जनपद में बांग्लादेशियों के रहने की सूचनाओं को गंभीरता से लेने एवं यहां कबाड़ का काम करने वाले व्यक्तियों तथा मुस्लिम बस्तियों में रह रहे लोगों की उनके आधार कार्ड या पहचान पत्र से जांच कर विदेशों से आए हुए लोगों को चिन्हित कर उनके भी कोरोना वायरस संक्रमण की जांच कराने की मांग की है।

यह भी पढ़ें : इधर ‘नवीन समाचार’ ने संभावना जताई, उधर हो गए 33 होटलों के अधिग्रहण के आदेश

-नैनीताल, भवाली, भीमताल के 33 होटलों, टीआरएच एवं ग्राफिक इरा परिसर का किया अधिग्रहण
नवीन समाचार, नैनीताल, 30 मार्च 2020। आपके प्रिय एवं भरोसेमंद समाचार पोर्टल ‘नवीन समाचार’ ने इधर संभावना जताई, उधर प्रशासन से 33 होटलों एवं कुमाऊं मंडल विकास निगम के पर्यटक आवास गृहोें का तत्काल प्रभाव से अधिग्रहण के आदेश जारी हो गए हैं। डीएम सविन बंसल के आदेशों के क्रम मंे एसडीएम विनोद कुमार ने इन होटलों एवं पर्यटक आवास गृहों के अधिग्रहण के आदेश जारी कर दिये हैं। आदेश तत्काल प्रभाव से प्रभावी हो गया है।
एसडीएम विनोद कुमार ने बताया है कि नगर के टीआरएच सूखाताल, तल्लीताल, राज्य अतिथि गृह नैनीताल क्लब के अलावा इंडिया होटल, होटल विक्रम विटेंज इन, शेरवानी, मनु महारानी, अल्का, चन्नीराजा, गुरदीप, शालीमार, ग्रांड, एवरेस्ट, हिमालय, सेंट्रल, क्लासिक, नेशनल, वैल्कम, हैप्पी होम, तल्लीताल धर्मशाला, गजराज, अर्श, एपिल इन, ट्रेवल्र इन भवाली, मिस्ट ओक भवाली, स्प्रिंगवुड इन भवाली, हरशिखर होटल भीमताल, निलेश इन भीमलाल, पाइंन क्रस्ट भीमताल व कन्ट्री इन भीमताल का अधिग्रहण किया गया है। उन्होने बताया कि इसके अलावा नैनीताल के यूूथ हास्टिल, बलरामपुर हाउस, ग्राफिक एरा हिल्स यूनिवर्सिटी के भीमताल परिसर का भी अधिग्रहण किया गया हैै। एसडीएम ने बताया कि शासनादेश के अनुसार इन होटलों में कोरोना रोगियों को कोरेनटाइन अवधि में रखने पर 950 रूपये प्रति दिन प्रति कक्ष किराया तथा 150 रूपये प्रतिदिन भोजन का व्यय प्रशासन द्वारा किया जायेगा लेकिन यदि कोई कोरेन्टाइन व्यक्ति इससे अधिक सुविधाजनक आवासीय व्यवस्था चाहता है तो उसके द्वारा भुगतान स्वयं किया जायेगा।

यह भी पढ़ें : जानलेवा कोरोना पर यह असावधानियां पड़ सकती हैं पहाड़वासियों को भारी

नवीन समाचार, नैनीताल, 21 मार्च 2020। प्रदेश में देशी और विदेशी पर्यटकों पर रोक का असर नहीं दिख रहा है। बल्कि पर्यटक बेधड़क बिना जांच के प्रदेश और जनपद में पहुंच रहे हैं, और शहरों में होटल-रेस्टोरेंट आदि बंद होने के कारण जनपद के मुक्तेश्वर, धारी, रामगढ़, ओखल कांडा व बेतालघाट में खुद को सुरक्षित करने के लिए जा रहे हैं। इसके साथ ही प्रदेश के दिल्ली, एनसीआर व मुंबई सहित अन्यत्र रहने वाले प्रवासी भी अपने गांवों को लौट रहे है। इससे जनपद व प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्र के लोगों का जीवन संकट में पड़ सकता है।
उत्तराखंड ग्वाल सेवा संगठन के संस्थापक पंकज कुलौरा एवं भारतीय जनता पार्टी के निवर्तमान जिलाध्यक्ष नितिन कार्की ने कहा कि प्रशासन के द्वारा न ही सैलानियों और न ही प्रवासियों के प्रदेश व जनपद में प्रवेश पर कोई जांच की जा रही है। बिना कोरोना जांच के इन लोगों के पहाड़ आने से समस्या विकराल हो सकती है। कहा जा रहा है कि इटली ने भी यही गलती की है। उसने अपने शहरों में लॉकआउट किया लेकिन शहरों में रहने वाले लोग अपने मूल गांवों को लौट आए। गांवों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं न होने के कारण अधिक लोगों की वहां जानें गई हैं। पंकज कुलौरा ने जिला प्रशासन से तत्काल रानीबाग, काठगोदाम और कालाढूंगी में बैरिकेडिंग लगाकर बाहर से आ रहे व्यक्तियों का सत्यापन करने तथा उनका पहचान पत्र देख कर ही उन्हें पहाड़ी क्षेत्र को जाने देने की मांग की है। साथ ही उन्होंने सैलानियों को चोरी-छुपे रख रहे अवैध होटल व गेस्ट हाउसों पर मुकदमा दर्ज करने की मांग भी की है। उन्होंने प्रदेश वासियों से भी अनुरोध किया है कि वह अपने आस-पड़ोस में रह रहे अवैध होटलों-गेस्ट हाउस में या अन्य भवनों में संदिग्धों की या पर्यटकों की शिकायत तुरंत मीडिया और प्रशासन क्षेत्रीय पुलिस को तत्काल दें। वहीं नितिन कार्की ने सैलानियों के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की है। कार्की ने बताया कि बड़ी संख्या में सैलानी पंगोठ, किलबरी आदि की ओर भी जाते देखे गए हैं।

यह भी पढ़ें : बड़ा समाचार : उत्तराखंड में देशी-विदेशी पर्यटकों के प्रवेश पर रोक

नवीन समाचार, देहरादून, 20 मार्च 2020। उत्तराखंड में घरेलू और विदेशी दोनों प्रकार के सैलानियों के प्रवेश पर अगले आदेश तक रोक लग गई है। शुक्रवार को प्रदेश स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव नितेश कुमार झा ने इस बाबत आदेश जारी कर दिया है। आदेश की प्रति सभी जिलाधिकारियों को भेजकर कोरोना की महामारी को देखते हुए आदेश का पालन करने को कहा गया है। इस आदेश के बाद प्रदेश एवं प्रदेश के जनपदों में मौजूद सैलानियों के बारे में असमंजसपूर्ण स्थिति पैदा हो सकती है

यह भी पढ़ें : कोरोना के हो हल्ले के बीच ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन की तैयारियां भी शुरू, अच्छे पर्यटन की उम्मीद

-माल रोड की मरम्मत, रंग-रोगन के लिए डीएम ने स्वीकृत किए 70 लाख रुपए
नवीन समाचार, नैनीताल, 17 मार्च 2020। कोरोना संक्रमण के हो-हल्ले के बावजूद पर्यटन नगरी में आगामी ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन सैलानियों के स्वागत के लिए तैयारियां भी शुरू होने जा रही है। डीएम सविन बंसल ने आने वाले पर्यटक सीजन के मद्देनजर तल्लीताल से मल्लीताल के बीच लोअर एवं अपर माल रोड पर क्षतिग्रस्त रेलिंग एवं दीवारों की मरम्मत, पेंटिंग तथा पुताई, माल रोड पर पैंचवर्क आदि के लिए लोनिवि को 70 लाख की धनराशि जारी कर दी है। श्री बंसल ने लोनिवि के अधिकारियों को निर्देश दिए है कि इस धनराशि से तत्काल माल रोड पर कार्य बिना किसी देरी के कार्य शुरू करें ताकि आने वाले पर्यटकों को खूबसूरत एवं आकर्षक माल रोड के दीदार हो सकें।
साथ ही उन्होंने बताया कि माल रोड में आई दरारों की समस्या से सतही तौर पर निजात पाने तथा लोअर माल रोड की स्थायी मरम्मत के लिए शासन को 82 लाख का स्टीमेट भेजा गया है। इस पर बजट आवंटन के लिए भी उनकी ओर से प्रयास किए जा रहे है।

अच्छे पर्यटन की उम्मीद

नैनीताल। कोरोना महामारी की चर्चाओं के बीच सकारात्मकता का माहौल भी बरकरार है। बड़ी संख्या में लोग हैं जो कोरोना के कथित भय के बीच भी सकारात्मक हैं। इसके जरिये देश की संस्कृति के दुनिया में प्रसिद्ध होने, नमस्कार-नमस्ते के साथ ही भारतीय योग, हवन, यज्ञ, शाकाहारी खान पान, जीव मात्र के प्रति दया की भावना आदि से पूरी दुनिया के वाकिफ होने की उपलब्धि भी सामने आ रही है, वहीं पर्यटन में कमी आने की चिंताओं के बावजूद नगर के होटल व्यवसायी, पैलेस होटल के स्वामी व सामाजिक कार्यकर्ता देवेंद्र लाल ने कहा कि अभी मार्च में बोर्ड परीक्षाओं की वजह से अन्य वर्षों में भी कम सैलानी ही आते थे। इसलिए खास नुकसान नहीं हो रहा है। साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि आगे ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन में भारतीय लोग विदेशों की सैर की बजाय देश के पर्यटन स्थलों की सैर पर ही जाना पसंद करेंगे। ऐसे में नैनीताल में इस वर्ष अच्छा सीजन रहेगा। वहीं अल्का होटल के स्वामी वेद साह ने कहा कि कोरोना से घबराने की जगह इससे सावधानी बरतने के पूरे प्रबंध किये जा रहे हैं। अगले कुछ दिनों में कोरोना का खौफ जाता रहेगा और सीजन अन्य वर्षों से भी अच्छा रहेगा।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड : होटल कर रहे एक ऑनलाइन कंपनी का विरोध, दूसरी करेगी होमस्टे की बुकिंग

नवीन समाचार, देहरादून, 2 फरवरी 2020। नैनीताल में एक ऑनलाइन कंपनी के विरोध के बीच उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद ने प्रदेश में सैलानियों के लिए होमस्टे सुविधा को बढावा देने के लिए एक दूसरी ऑनलाइन कंपनी मेकमाई ट्रिप के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर दस्तखत किया है। पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर ने ज्ञापन पर दस्तखत के बाद यहां संवाददाताओं को बताया, ‘मेकमाइट्रिप एक अग्रणी बिजनेस प्लेटफार्म है और एमओयू से उत्तराखंड में होमस्टे सुविधा को डिजिटल मार्केटिंग के जरिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढावा देने में मदद मिलेगी ।’ उन्होंने कहा कि प्लेटफार्म की व्यापक पहुंच से राज्य में स्थित कम लोकप्रिय पर्यटक स्थलों को भी पहचान बनाने में सहायता मिलेगी । सैलानियों को आकर्षित करने के लिए राज्य के पहाड़ी क्षेत्रों खासतौर से नैसर्गिक सुंदरता से भरे जगहों पर करीब 2000 होम स्टे सुविधाएं विकसित की गयी हैं । जावलकर ने कहा, ‘होमस्टे से जुड़े व्यवसायियों को मेकमाइट्रिप के जरिए ज्यादा पर्यटक मिलेंगे और इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों से पलायन कम होगा ।’ एमओयू के तहत, मेकमाइट्रिप उत्तराखंड की होमस्टे सुविधाओं को अपनी वेबसाइट पर दर्ज करेगा और होमस्टे मालिकों को हॉस्पिटेलिटी क्षेत्र का प्रशिक्षण भी देगा । वेबसाइट पर विज्ञापन के जरिए राज्य भर की होमस्टे फैसिलिटी को 1.2 मिलियन सैलानी देख सकेंगे ।

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oyo के लिए इमेज नतीजे"नवीन समाचार, नैनीताल, 24 जनवरी 2020। प्रदेश की पर्यटन राजधानी सरोवरनगरी नैनीताल के होटल व्यवसायियों ने एक ऑनलाइन होटल बुक कराने वाली कंपनी के बहिस्कार का ऐलान कर दिया है। नैनीताल होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने बृहस्पतिवार को प्रेस को जारी बयान में ओयो कंपनी के बहिस्कार का ऐलान कर दिया है। ऐसोसिएशन ने यह कदम शहर के कुछ होटलों द्वारा मल्लीताल कोतवाली में ओयो कंपनी के खिलाफ दी गई तहरीर के बाद उनका समर्थन करते हुए उठाया है। साथ ही जनपद के एसएसपी से इन होटलों के ओयो कंपनी पर बकाये का निस्तारण करने के लिए अनुरोध करने की बात भी कही है।
इससे पहले नगर के होटलों ने मल्लीताल कोतवाली में ओयो कंपनी के खिलाफ तहरीर देते हुए कहा है कि नगर के मून होटल के 1.85 लाख, डॉल्स इन के 1 लाख, पनोरमा के 3.8 लाख, न्यू भारत होटल के 3.76 लाख, मधुबन होटल के तीन लाख, शिवराज होटल के 2.65 लाख व ओक शेड के 3.37 लाख यानी सात होटलों के ही 19.43 लाख रुपए ओयो कंपनी पर शेष हैं। बताया गया है कि ओयो कंपनी पिछले एक वर्ष से योजनाबद्ध तरीके से होटलों की धनराशि रोक रही है। तहरीर में ओयो के हब हेड अभय केसरवानी, एरिया बिजनेस हेड रजत अग्रवाल, स्टॉक हेड कपिल हेमनानी, बीडी हेड राम पैकरे, बिजनेस एसोसिएट गुंजन कुमार तथा बीडी कमल कापड़ी, अमृत भुईया, प्रशांत उनियाल व रौनक पटेल तथा कुमाऊं बीडी हेड अखिल कृष्णा व अकाउंटेंट शाहरोज अख्तर पर भुगतान के लिए गुमराह करने तथा यहां तक कि कुछ कर्मियों पर भुगतान कराने के लिए मोटी धनराशि की मांग करने के आरोप भी लगाए हैं। यह भी कहा है कि कंपनी अपनी शर्र्ते मनवाने के लिए होटल वालों पर दबाब बनाने के लिए होटल वालों पर अपना बकाया बता रही है, और शर्त मानने पर उसे माफ करने की बात कह रही है। यह भी आरोप लगाया गया है कि ओयो कंपनी के द्वारा नगर के अनगिनत घरों, फ्लैटों व अपार्टमेंटों आदि का बिना पर्यटन विभाग में पंजीकरण किये होटल के रूप में संचालन किया जा रहा है। तहरीर में मुजर्रफ शाह, हारून खान, हितेश साह, प्रदीप कुमार जेठी, अनूप जेठी व मुस्तफा शाह के हस्ताक्षर हैं। वहीं नगर कोतवाल अशोक कुमार सिंह ने कहा कि मामला सिविल वाद प्रकार का है।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 22 अगस्त 2019। जनपद के जिलाधिकारी सविन बंसल ने ज्ञात इतिहास में पहली बार पर्यटन सीजन के बाद समीक्षा बैठक आयोजित की, और सीजन में आई समस्याओं को दूर करने के लिए बड़े स्तर पर कार्य किये जाने का भरोसा जताया। इस पर श्री बंसल की तारीफ भी हुई। किंतु इसी बात को लेकर डीएम को मुंह के सामने ही बेहद कड़वी बात सुनने को मिली है। बैठक के एक दिन बाद ही नगर के टैक्सी-ट्रेवल्स एसोसिएशन के अध्यक्ष नीरज जोशी ने कुछ लोगों के साथ डीएम को उनके आवास पर एक ज्ञापन सोंपा। ज्ञापन में बेहद कड़वे शब्दों में डीएम द्वारा आयोजित की गई बैठक का ‘विरोध एवं निंदा’ की गयी है। डीएम को पुष्प गुच्छ के साथ दिये गये इस ज्ञापन में इस बात को लेकर आपत्ति जताई गई है कि समीक्षा बैठक में केवल होटल एसोसिएशन को बुलाया गया है, और अन्य पर्यटन व्यवसायियों को नजर अंदाज किया गया है।
पत्र में कहा गया है, ‘ऐसा महसूस होता है कि नैनीताल का ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन सिर्फ और सिर्फ होटल व्यवसायियों के लिए होता है। अन्य पर्यटन व्यवसायी आपके लिए और जिला प्रशासन-पुलिस प्रशासन के लिए कोई मायने नहीं रखते हैं।’ पत्र में आगे कहा गया है, ‘एक समीक्षा बैठक और बुलाई जाए, जिसमें नगर के दोनों व्यापार मंडल, टैक्सी एसोसिएशन, टैक्सी यूनियन, घोड़ा चालन यूनियन, नाव चालक व रिक्शाा चालक यूनियन, यहां तक कि सुलभ शौचालय के संचालक या संगठन को भी विशेष रूप से आमंत्रित किया जाए, क्योंकि पर्यटन की जमीनी हकीकत से यही लोग वाकिफ हैं।’ पत्र में यह भी कहा गया है कि, ‘टैक्सी-ट्रेवल्स के पदाधिकारीगण किसी भी गलत कार्य को आपके समक्ष अथवा सभी अधिकारियों के समक्ष रखने में डरते नहीं हैं, जिस कारण लगता है कि खौफ में आपके अधीनस्थों द्वारा हमें समीक्षा बैठक एवं अन्य किसी प्रकार की बैठक में बुलाया नहीं जा रहा है।’ साथ ही आगे धमकी दी गयी है, ‘यदि समीक्षा बैठक दोबारा नहीं होती है तो टैक्सी-ट्रेवल्स एसोसिएशन एवं अन्य पर्यटन संगठन मिलकर इसके बारे में आगे आंदोलन की ओर अग्रसर होंगे, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।’ ज्ञापन की प्रतियां मुख्यमंत्री के सचिव एवं कुमाऊं आयुक्त तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को भी भेजी गयी है।

नगर में रात्रि में सैलानियों को गुमराह करने वाला गिरोह सक्रिय

नैनीताल। नगर में सैलानियों को गुमराह करने वाले गिरोह के सक्रिय होने की बात प्रकाश में आ रही है। बताया गया है कि बिना किसी वर्दी या परिचय पत्र के यह लोग सैलानियों को नगर में होटल दिलाने के नाम पर नगर के होटलों को काफी महंगा बताकर, नगर के ऊपरी दूरदराज के साथ ही गेठिया, ज्योलीकोट तक के अवैध होटलों, गेस्ट हाउसों व होम स्टे में सस्ती दरों के नाम पर ले जाते हैं। इनके द्वारा कई बार सैलानियों के साथ दूर ले जाने पर झड़प, मारपीट एवं लूट किये जाने की भी दबी जुबान सूचनाएं आ रही हैं। यह लोग नगर में तल्लीताल से लेकर माल रोड और मल्लीताल तक रहते हैं। इनकी संख्या भी काफी अधिक बतायी जा रही है। सादी वर्दी में जांच में इनके मंसूबों के बारे में अधिक जानकारी ली जा सकती है।

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-सर्व सुविधाओ से युक्त होगी रूसी बाइपास पार्किंग
-पहली बार ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन से इतर पर्यटन को लेकर डीएम की अध्यक्षता में आयोजित हुई बैठक
-डीएम ने गैर पंजीकृत होटलों को पंजीकरण करा लेने को कहा, अन्यथा होगी कार्रवाई

पर्यटन की तैयारी बैठक में मौजूद डीएम एवं होटल एसोसिएशन के सदस्य।

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p style=”text-align: justify;”>नवीन समाचार, नैनीताल, 21 अगस्त 2019। हर वर्ष ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन से ठीक पहले महज खानापूरी करती हुए तैयारी बैठक होती आई है, (यह अलग बात है कि इस वर्ष यह बैठक भी नहीं हुई) लेकिन यह सच्चाई है कि इस बैठक में कमोबेश पिछले दो दशकों से एक सी ही बातों की पुनरावृत्ति होती आई है। सीजन बीतने के बाद आज तक किसी जिलाधिकारी ने समीक्षाा करने की भी जहमत नहीं उठाई और सीजन से पहले के अलावा कभी पर्यटन से संबंधित बैठक हुई ही नहीं। लेकिनपर्यटक नगरी में पहली बार ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन से इतर पर्यटन को लेकर बैठक आयोजित हुई। डीएम सविन बंसल की अध्यक्षता एवं केएमवीएन के एमडी रोहित मीणा व एसएसपी सुनील कुमार मीणा की उपस्थिति में आयोजित हुई बैठक में आगे शीतकालीन एवं फिर अगले वर्ष ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन को बेहतर बनाये जाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर अभी से कवायद शुरू करने की बात कही गई।
बैठक में डीएम श्री बंसल ने कहा कि नगर में ग्रीष्मकाल के अलावा शरदकाल में भी सैलानी अच्छी संख्या में आने लगे हैं। जरूरी है कि यहां आने वाले पर्यटक सुखद एहसास के साथ वापस लौटें। बताया कि शहर में पार्किग स्थलोें की कमी के दृष्टिगत पर्यटन सीजन मे रूसी बाईपास पर अस्थायी एवं सुविधाजनक पार्किंग व्यवस्था बनाई जायेगी। रूसी बाईपास पर चार शुलभ शौचालयों का निर्माण तथा जलपान एवं भोजन की व्यवस्था के लिए इंदिरा अम्मा भोजनालय महिला स्वयं सहायता समूह एवं मोबाइल वैन के माध्यम से चलाया जाएगा। पार्किग स्थल पर पुलिस विभाग विशेष सुरक्षा के इंतजाम तथा संबंधित विभागों के द्वारा पेयजल, स्वास्थ व सफाई आदि की व्यवस्थाएं भी कराई जाएंगी। पार्किग स्थल से होटलों तक पर्यटकों को ले जाने के लिए होटल स्वामियों द्वारा अपने स्तर से टैक्सी चालकांे से समन्वय करते हुये वाहन की व्यवस्था कराई जाय की जायेगी। डीएम ने होटल व्यवसायियों से अपने आसपास खाली स्थानों पर पार्किग की सम्भावनायें तलाशने को भी कहा। साथ ही उन्होने स्पष्ट किया कि शहर मे जो अनाधिकृत होटल या लॉज संचालित किये जा रहे हैं वह तत्काल अपना पंजीकरण पर्यटन विभाग से करा लें। जल्द ही चेकिंग कर गैर पंजीकृत होटल स्वामियों के खिलाफ नियमानुसार दंडात्मक कार्यवाही की जायेगी। सभी होटलों को अनिवार्य रूप से अपनी दरों का प्रदर्शन नोटिस बोर्ड एवं सोशल मीडिया पर करना होगा। होटल एवं टूर ट्रेवल्स आपरेटर अनिवार्य रूप से अपने पास परिचय पत्र रखें तथा टैक्सी दरों का भी सार्वजनिक प्रदर्शन करें। बताया कि पर्यटकों की शिकायत दर्ज करने के लिए जल्द ही कन्ट्रोल रूम स्थापित करने के लिए हैल्पलाइन सेवा प्रभावी की जायेगी। पर्यटको ंसे प्राप्त होने वाली शिकायतों का निस्तारण निर्धारित उपसमिति द्वारा किया जायेगा। होटलों की अनियमितताओं एवं अव्यवस्थाओं को रोकने के लिए समय-समय पर प्रशासनिक अधिकारियों की टीमोें द्वारा औचक निरीक्षण भी किये जायेंगे। बैठक में एसएसपी मीणा ने काठगोदाम हल्द्वानी तथा कालाढूगी मे प्रीपेड टैक्सी बूथ संचालित किये जाने का सुझाव रखा। बैठक मे नगर पालिका अध्यक्ष सचिन नेगी, होटल एसोशिएसन के अध्यक्ष दिनेश साह, एडीएम कैलाश टोलिया, एसएस जंगपांगी, एसडीएम विनोद कुमार, जिला पर्यटन अधिकारी अरविंद कुमार गौड, केएमवीएन के जीएम अशोक जोशी सहित होटल व्यवसायी वेद साह, दिग्विजय सिह, आलोक साह आदि मौजूद रहे।

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-पर्यटन सचिव दिलीप जावलेकर ने मुख्यालय में रोप-वे निर्माण को लेकर हुई बैठक में दी जानकारी

केएमवीएन से संचालित केबल कार।

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p style=”text-align: justify;”>नवीन समाचार, नैनीताल, 12 जुलाई 2019। सरोवर नगरी को वाहनों के प्रदूषण एवं दबाव से बचाने के साथ ही संतुलनीय पर्यावरण बनाए रखने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार रानीबाग से हनुमानगढ़ी एवं देहरादून से मसूरी के बीच रोपवे बनाने की कवायद में जुटी है। इन दोनों रोपवे प्रोजेक्टों का नेतृत्व कर रहे सचिव पर्यटन दिलीप जावलकर ने बताया कि कहा कि इन रोपवे के निर्माण से पर्यटकों को खासी सुविधा होगी, सैलानी केवल 30 मिनट में नैनीताल की यात्रा कर पाएंगे तथा वाहनों का दबाव भी नैनीताल व मसूरी में कम होगा, तथा पार्किंग की समस्या का समाधान भी होगा। बताया कि इस रोपवे के निर्माण पर लगभग 600 करोड़ की धनराशि व्यय होगी। रोपवे प्रोजेक्ट का कार्य देश-विदेशों में कई रोपवे बना चुकी पोमा प्राईवेट लिमिटेड को सौंपा गया है।
रानीबाग से हनुमानगढ़ी तक आने वाले रोपवे में एचएमटी रानीबाग, डोलमार, ज्योलीकोट तथा हनुमानगढ़ी मंदिर के समीप स्थित पार्क की भूमि की आवश्यकता होगी। भूमि के चयन एवं परीक्षण तथा स्थानान्तरण एवं सर्वे का कार्य इन दिनों किया जा रहा है। कहा कि प्रस्तावित रोपवे पारिस्थितिकी दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है, इससे पर्यावरण भी दूषित होने से बचेगा। इस संबंध में उन्होंने शुक्रवार को कुमाऊं मंडल के आयुक्त राजीव रौतेला से एलडीए सभागार में महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में आयुक्त श्री रौतेला ने रोपवे निर्माण के लिए भूमि से सम्बन्धित कार्यों में तेजी लाने के लिए नैनीताल के एडीएम वित्त एवं राजस्व एसएस जंगपांगी को नोडल अधिकारी तथा एसडीएम नैनीताल को प्रभारी अधिकारी नामित किया, और उनसे चिन्हित भूमि-क्षेत्र का नजरिया नक्शा तैयार कराने तथा सभी राजस्व नक्शों को मिलाकर एक नक्शा बनवाने तथा भूमि की मालिकाना स्थिति का भी विस्तृत ब्यौरा तैयार करने, ज्योलीकोट में स्थित उत्तर प्रदेश उद्यान विभाग की भूमि के हस्तान्तरण के लिए शीघ्र पत्राचार करने तथा प्रस्तावित रोपवे मार्ग में यदि कोई कार्य स्वीकृत है तो उसके लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त कराने के भी निर्देश दिए। पोमा तथा सीबीआरई साउथ एशिया संस्था के प्रतिनिधियों शारिक खान, आरोहन मेंहदीरत्ता ने बताया कि रोपवे निर्माण के लिए चिन्हित क्षेत्र का कम्पनी द्वारा टोपोग्राफिकल सर्वे किया जा चुका है। पर्यावरणीय प्रभावों का अध्ययन किया जा रहा है तथा विस्तृत कार्य योजना तैयार की जा रही है जो जल्द ही शासन को सौंपी जाएगी। बैठक में डीएम सविन बंसल, केएमवीएन के एमडी रोहित मीणा, डीएफओ टीआर बीजुलाल, एडीएम एसएस जंगपांगी, प्राधिकरण सचिव हरबीर सिंह, एसडीएम विनोद कुमार, जिला पर्यटन विका अधिकारी अरविंद गौड़ सहित सैयद उसमान व डीएस बसनाल आदि अधिकारी भी मौजूद रहे।

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p style=”text-align: justify;”>नवीन समाचार, नैनीताल, 5 जुलाई 2019। उत्तराखंड आने वाले सभी सैलानियों को ग्रीन टैक्‍स अदा करना होगा। यह टैक्‍स कितना होगा इसे स्‍थानीय नगर निकाय तय करेंगे। इससे मिलने वाला राजस्‍व उस क्षेत्र के विकास और पर्यावरण की स्‍वच्‍छता बनाए रखने के लिए होगा।
उत्तराखंड पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने हाल ही में औली में हुई गुप्‍ता बंधुओं की शादी के बाद समारोहस्‍थल पर टनों कूड़ा पड़ा रहने के बाद वन एवं पर्यावरण मंत्री हरक सिंह रावत के साथ एक बैठक में पर्यटकों के कारण बढ़ते प्रदूषण का मामला उठाया था। सैलानियों की वजह से होने वाली प्‍लास्टिक के कचरे की समस्‍या से निबटने के लिए कुछ दिनों पहले ही हरक सिंह रावत ने राज्‍य में ‘प्‍लास्टिक टैक्‍स’ लगाने की बात कही थी। लेकिन अब उन्‍होंने कहा, ‘उत्‍तराखंड में पर्यावरण टैक्‍स लगाने की सख्‍त जरूरत है।’  उन्‍होंने बताया कि एक ऐसी योजना बनाई जा रही है स्‍थानीय नगर निकाय तय कर सकेंगे कि उनके क्षेत्र में आने वाले लोगों पर कितना टैक्‍स लगाया जाए। ऐसा सॉलिड वेस्‍ट मैनेजमेंट रूल्‍स 2016 के प्रावधानों के तहत होगा। रावत का कहना था, ‘ हमें इस बात का अहसास हुआ है कि जब तक इस तरह का ईको टैक्स नहीं लगाया जाता है, तब तक हम पर्यावरण का संरक्षण करने के लिए जरूरी वित्‍तीय क्षमता नहीं जुटा पाएंगे।’ उन्होंने कहा, ‘वसूल की जाने वाली राशि मैदानी इलाकों में कम और पहाड़ियों में अधिक होगी। मैदानी इलाकों में, हम 1 किलो ठोस कचरे के निपटान के लिए मुश्किल से 20 रुपये खर्च करते हैं जबकि पहाड़ियों में हम 40 से 50 रुपये खर्च करने पड़ते हैं।’

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-प्रतिभाओं को मंच एवं सैलानियों को शाम ढलने के बाद मनोरंजन उपलब्ध हो रहा था, रविवार शाम हुआ समापन

प्रशासन द्वारा सैलानियों के लिए आयोजित कार्यक्रम में गीत प्रस्तुत करते लोक गायक हेमंत दिगारी एवं पुलिस के एचसीपी सत्येंद्र गंगोला।

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p style=”text-align: justify;”>नवीन समाचार, नैनीताल, 30 जून 2019। लगातार दूसरे वर्ष ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन में कुमाऊं मंडलायुक्त राजीव रौतेला की पहल पर जिला प्रशासन द्वारा आयोजित हो रहा गीत-संगीत का मंच गायन की प्रतिभाओं के लिए प्रतिभा प्रदर्शन का मंच साबित रहा। सैलानियों को इसके जरिये पर्यटननगरी में शाम ढलने के बाद देर रात्रि तक मनोरंजन का मंच भी साबित हुआ है। नगर में अब सैलानियों की दो वर्ष पुरानी वह शिकायत नहीं रही कि नगर में शाम ढलने के बाद मनोरंजन के लिए कोई व्यवस्था नहीं है।
इसी कड़ी में इस मंच पर स्थापित गायक गोविंद दिगारी ने छलकाये जाम, संदेशे आते हैं, हम तेरे बिन अब रह नहीं सकते, क्या हुआ तेरा वादा, ये शाम मस्तानी, ओ साथी रे तेरे बिना भी क्या जीना, खोया खोया चांद, व मेरे रश्के कमर के साथ ही अपनी गत 25 जून को ही यूट्यूब पर रिलीज हुए कुमाउनी गीत लटी पटी मैं थामूंलो तु रित्तै हिटली की दिलकश प्रस्तुतियां देकर दर्शकों व खासकर सैलानियों का भरपूर मनोरंजन किया। उन्होंने मल्लीताल कोतवाली में तैनात एचसीपी सत्येंद्र गंगोला के साथ प्रसिद्ध गढ़वाली लोक गीत चैत की चैत्वाला भी गाया, साथ ही कुरुक्षेत्र हरियाणा के सैलानी स्वरदीप सैनी ने भी आ सजना मोरे शास्त्रीय गीत की प्रस्तुति देकर मंच पर गायकी के अलग रंग भरे। संचालन नवीन पांडे व मीनाक्षी कीर्ति ने किया।

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ग्रीष्मकालीन गीत-संगीत की महफिल में सैलानियों के लिए गीत प्रस्तुत करते नवोदित गायक अमन सक्सेना एवं उनके देशभक्ति गीतों पर अपने मोबाइल फोनो की फ्लैश लाइटें खोलकर अनूठा दृश्य उत्पन्न करते मंडलायुक्त राजीव रौतेला एवं अन्य।

नवीन समाचार, नैनीताल, 17 जून 2019। कुमाऊं मंडलायुक्त राजीव रौतेला की पहल पर जिला प्रशासन द्वारा जिला विकास प्राधिकरण के सचिव हरबीर सिंह के संयोजकत्व में गत वर्ष से शुरू ग्रीष्मकालीन गीत-संगीत की महफिल में सैलानियों को नये-पुराने गीतों का भरपूर मनोरंजन मिल रहा है। वहीं स्थापित कलाकारों के साथ नई प्रतिभाएं भी उभर रही हैं। इसी कड़ी में बीती शाम तथा पिछले कुछ दिनों से अपने पंजाबी व देशभक्ति गीतों से नगर के डीएसबी परिसर से ही संगीत की शिक्षा लेने वाले नवोदित गायक अमित सक्सेना उर्फ सांवरिया नाम के नये गायक युवा दिलों की धड़कन बन गये हैं। बीती शाम अमित के गीतों पर सुदूर पंजाब से आये सैलानी खूब नांचे और कार्यक्रम के बाद कई ने तो अपने हाथ पर भी उनके ऑटोग्राफ लिये। इस दौरान अमन सक्सेना ने हल्द्वानी के हारमनी बैंड कई पंजाबी गीतों पर जहां सैलानियों का नचाया वहीं केसरी फिल्म के ‘तलवारों पे सर वार दिये’ व ‘वंदेमातरम’ गीतों पर दर्शकों में देश भक्ति का जोश भर दिया। इस दौरान उनके आह्वान पर कार्यक्रम में मौजूद मंडलायुक्त राजीव रौतेला सहित तमाम दर्शकों ने अपने मोबाइल फोनों की फ्लैश लाइटें खोलकर अनूठा दृश्य उत्पन्न कर दिया। वहीं स्थापित गायक दंपत्ति हरीश भट्ट व हेमलता भट्ट ा तेरे चेहरे से नजर नहीं हटती, इशारों-इशारों में दिल लेने वाले, लैला मैं लैला, चला जाता हूं किसी की धुन में, गुलाबी आंखें जो तेरी देखीं सहित अनेक पुराने गीत सुनाकर दर्शकों को देर रात्रि तक बांधे रखा। प्राधिकरण सचिव हरबीर सिंह ने भी गजल सुनाई। संचालन नवीन पांडे व मीनाक्षी कीर्ति ने किया।

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ग्रीष्मकालीन गीत-संगीत की महफिल में सैलानियों के लिए गीत प्रस्तुत करते गायक अमन सक्सेना।

नवीन समाचार, नैनीताल, 14 जून 2019। सरोवर नगरी में पूर्व के वर्षों में सैलानियों की शिकायत होती थी कि यहां शाम घिरने के बाद मनोरंजन का कोई साधन नहीं है। तब यहां कोई फिल्म थियेटर भी नहीं था। किंतु बीते वर्षों में नगर में आजादी से पूर्व से बना कॅपिटॉल सिनेमा नये कलेवर में फिल्म प्रेमियों के लिए उपलब्ध हो गया है, वहीं आजादी के बाद आजाद हिंद फौज के सेनानी कैप्टन राम सिंह द्वारा बैंड स्टेंड पर गर्मियों के मौसम में बैंड वादन करने की परंपरा एसएसपी की पहल पर फिर से शुरू हो गयी है। यहां हर शाम पीएसी की 46वीं बटालियन के जवान बैंड वादन कर रहे हैं, जिसमें सैलानियों को नाचते हुए देख जा सकता है। इसके अलावा नगर के एनएसडी स्नातक रंगकर्मी इदरीश मलिक की पहल पर बीएम शाह ओपन थियेटर में अनेक असुविधाओं के बावजूद ग्रीष्म नाट्योत्सव एवं पुराने गीतों की रंगोली का कार्यक्रम भी सैलानियों के लिए आकर्षण बना हुआ है। वहीं कुमाऊं मंडलायुक्त राजीव रौतेला की पहल पर जिला प्रशासन द्वारा जिला विकास प्राधिकरण के संयोजकत्व में गत वर्ष से शुरू ग्रीष्मकालीन गीत-संगीत की महफिल में सैलानियों को नये-पुराने गीतों का भरपूर मनोरंजन मिल रहा है। बीती शाम यहां हर शाम कार्यक्रम प्रस्तुत कर रहे गायक दंपत्ति हरीश भट्ट व हेमलता भट्ट के साथ ही नवोदित गायक अमन सक्सेना ने केसरी फिल्म के ‘तलवारों पे सर वार दिये’ व ‘वंदेमातरम’ तथा स्वरित जोशी के नये मैडली गीतों के साथ ही गत दिवस मल्लीताल कोतवाली के एचसीपी सत्येंद्र गंगोला ने भी सैलानियों की पसंद के गीत सुनाकर उनका खूब मनोरंजन किया। इस दौरान हरीश भट्ट ने हेमा भट्ट के साथ तेरे चेहरे से नजर नहीं हटती, इशारों-इशारों में दिल लेने वाले, लैला मैं लैला, चला जाता हूं किसी की धुन में, गुलाबी आंखें जो तेरी देखीं सहित अनेक पुराने गीत सुनाकर दर्शकों को देर रात्रि तक बांधे रखा। संचालन नवीन पांडे व मीनाक्षी कीर्ति ने किया।

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नवीन जोशी @ नवीन समाचार नैनीताल, 12 जून 2019। बीते रविवार को लंबे सप्ताहांत पर नगर में उमड़ी भीड़ को पुलिस प्रशासन द्वारा ठीक से संभाल न पाने और वाहनों को नगर से बाहर रोके जाने, सैलानियों के साथ टैक्सी व अवैध होटल संचालकों के द्वारा की गयी लूट की खबरें अब पीछे छूट गयी हैं। नगर में अब सभी स्थितियां ठीक हो गयी हैं। नगर में अब सैलानियों की नगर की क्षमताओं के अनुरूप ही काफी संख्या में सैलानी पहुंच रहे हैं। इससे पुलिस को सैलानियों को शहर से बाहर कहीं भी रोकने की जरूरत नहीं पड़ रही है, और सैलानी निजी एवं सार्वजनिक वाहनों से बेरोकटोक शहर में पहुंच रहे हैं। नगर में भी टैक्सी-होटल वालों की ओर से भी सोमवार के बाद पिछले तीन दिनों में किसी तरह की लूट की कोई सूचना नहीं है। इसके साथ ही नगर में मौसम भी बेहद सुहावना हो गया है। नगर में सैलानियों के मनोरंजन के भी भरपूर प्रबंध किये गये हैं, जिसमें नगर की व्यवस्थाएं सुचारू होने के बाद सैलानी ही नहीं, अब तक व्यवस्थाएं बनाने में उलझे पुलिस के अधिकारियों के साथ ही कर्मचारी भी आनंद ले रहे हैं।

सुबह तड़के अच्छी बारिश से मौसम सुहावना

नैनीताल। सरोवरनगरी सहित पर्वतीय क्षेत्रों में बुधवार सुबह करीब साढ़े चार बजे से अच्छी बारिश हुई, और दिन में अच्छी गुनगुनी धूप खिली। इससे नगर में तपते जून के मौसम में सुबह के समय हल्की ठंड भी महसूस की गयी, और दिन में मौसम सुहावना रहा। मौसम विभाग के अनुसार इस दौरान 14.3 मिमी बारिश और तापमान अधिकतम 26 एवं न्यूनतम 13 डिग्री सेल्सियस के बीच रिकॉर्ड किया गया। आर्द्रता भी 45 फीसद के स्तर पर रही। जो कि हर ओर से बेहद सुहावने मौसम के लक्षण हैं।

नैनी झील का जल स्तर उत्तराखंड बनने के बाद की श्रेष्ठ स्थिति में

नैनीताल। सरोवरनगरी में बीते वर्षों में फरवरी-मार्च माह से ही नगर की प्राणदायिनी एवं सबसे बड़ी आकर्षण नैनी झील का जल स्तर तेजी से गिरने, झील में पहले बड़े डेल्टा और ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन आने तक सैलानियों को झील के तल्लीताल सिरे पर चौपाटी की तरह मैदान बन जाने जैसी दुःखद स्थितियों की खबरें आम थीं। झील का जल स्तर तय पैमाने पर शून्य से साढ़े छह फिट तक नीचे गिर जाता था। केवल 2008 व 2015 के वर्ष ही थे जब झील का जल स्तर शून्य से नीचे नहीं गया था। जबकि 2009 से 2014 और इसके बाद 2016, 17 व 18 में भी झील का जल स्तर शून्य से नीचे चला गया था। 2016 व 2017 में जल स्तर माइनस 7.1 फिट एवं 2018 में माइनस 2.5 फिट तक चला गया था। किंतु इस वर्ष जून माह का पहला पखवाड़ा गुजरने तक झील का जल स्तर एक फिट के स्तर पर बना हुआ है। यानी पूर्व के मुकाबले झील का जल स्तर आठ फिट अधिक है। यह उत्तराखंड बनने के बाद सबसे बेहतर स्थिति बताई गयी है। आज की बारिश से भी झील के जल स्तर में एक इंच की बढ़ोत्तरी हुई।

पीएसी का बैंड एवं प्रशासन की गीत-संगीत की महफिल सैलानियों के लिए आकर्षण

नैनीताल। सरोवर नगरी में पूर्व के वर्षों में सैलानियों की शिकायत होती थी कि यहां शाम घिरने के बाद मनोरंजन का कोई साधन नहीं है। तब यहां कोई फिल्म थियेटर भी नहीं था। किंतु बीते वर्षों में नगर में आजादी से पूर्व से बना कॅपिटॉल सिनेमा नये कलेवर में फिल्म प्रेमियों के लिए उपलब्ध हो गया है, वहीं आजादी के बाद आजाद हिंद फौज के सेनानी कैप्टन राम सिंह द्वारा बैंड स्टेंड पर गर्मियों के मौसम में बैंड वादन करने की परंपरा एसएसपी की पहल पर फिर से शुरू हो गयी है। यहां हर शाम पीएसी की 46वीं बटालियन के जवान बैंड वादन कर रहे हैं, जिसमें सैलानियों को नाचते हुए देख जा सकता है। वहीं कुमाऊं मंडलायुक्त राजीव रौतेला की पहल पर जिला प्रशासन द्वारा जिला विकास प्राधिकरण के संयोजकत्व में गत वर्ष से शुरू ग्रीष्मकालीन गीत-संगीत की महफिल में सैलानियों को नये-पुराने गीतों का भरपूर मनोरंजन मिल रहा है। बीती शाम यहां हर शाम कार्यक्रम प्रस्तुत कर रहे गायक दंपत्ति हरीश भट्ट व हेमलता भट्ट के साथ ही नवोदित गायक अमन सक्सेना ने केसरी फिल्म के ‘तलवारों पे सर वार दिये’ व ‘वंदेमातरम’ तथा स्वरित जोशी के नये मैडली गीतों के साथ ही गत दिवस मल्लीताल कोतवाली के एचसीपी सत्येंद्र गंगोला ने भी सैलानियों की पसंद के गीत सुनाकर उनका खूब मनोरंजन किया।

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p style=”text-align: justify;”>नवीन समाचार, नैनीताल, 10 जून 2019। लगातार दूसरे वर्ष ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन में कुमाऊं मंडलायुक्त राजीव रौतेला की पहल पर जिला प्रशासन द्वारा आयोजित हो रहा गीत-संगीत का मंच गायन की प्रतिभाओं के लिए प्रतिभा प्रदर्शन का मंच साबित हो रहा है। वहीं सैलानियों को इसके जरिये पर्यटननगरी में शाम ढलने के बाद देर रात्रि तक मनोरंजन का मंच भी साबित हो रहा है। नगर में अब सैलानियों की दो वर्ष पुरानी वह शिकायत नहीं रही कि नगर में रात्रि में मनोरंजन के लिए कोई व्यवस्था नहीं है।
इसी कड़ी में सोमवार को इस मंच पर स्थापित गायक युगल हरीश भट्ट व हेमलता भट्ट तो पूरे समय कभी एकल और कभी युगल गीतों से तो सैलानियों व उपस्थित दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया ही, और उनकी पसंद के गीत भी सुनाये। वहीं मल्लीताल कोतवाली के एचसीपी सत्येंद्र गंगोला के साथ ही नवोदित गायक अभिषेक ने भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। गंगोला ने हेमलता भट्ट के साथ कोरा कागज था ये मन मेरा गीत सुनाकर उपस्थित रहे नगर कोतवाल व एसएसआई भुवन चंद्र मासीवाल सहित दर्शकों की तालियां बटोरीं। बताया गया कि गंगोला कुमाउनी गीत गाते रहे हैं। वहीं अभिषेक ने रामलीला फिल्म का शास्त्रीय रागों पर आधारित गीत ‘तुझ संग बैर लगाया ऐसा, रहा न मैं अपने जैसा’ गीत सुनाकर प्रभावित किया। वहीं हरीश एवं हेमा भट्ट ने खिलते हैं गुल यहां, दिल जो न कह सका, आने वाला कल जाने वाला है, चला जाता हूं किसी की धुन में, नीले नीले अंबर पे चांद जब आए, तुझ संग प्रीत लर्गा सजना तथा लैला मैं लैला आदि गीत सुनाए। संचालन नवीन पांडे व मीनाक्षी कीर्ति ने किया।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 4 जून 2019। विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी सरोवरनगरी में ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन में कुमाऊं मंडल के आयुक्त राजीव रौतेला की पहल पर लगातार दूसरे वर्ष आयोजित हो रही गीत-संगीत की महफिल मंगलवार को दूसरे दिन भी सैलानियों का आकर्षण बनी रही। इस दौरान हरीश भट्ट एवं उनकी धर्मपत्नी हेमलता भट्ट ने कई एकल एवं युगल प्रस्तुतियां देकर दर्शकों को मंच के सामने नाचने पर मजबूर कर दिया। इस दौरान उन्होंने गोरी तेरा गांव बड़ा प्यारा मैं तो गया मारा, तेरे चेहरे से नजर नहीं हटती नजारे हम क्या देखें, गाता रहे मेरा दिल-तू ही मेरी मंजिल, कभी बीते ना ये रैना कभी बीते ना ये दिन, सुंदरिया शुक्रिया मेहरबानी तू कहे तो नाम तेरे कर दूं सारी जवानी आदि गीतों के साथ देर रात्रि तक महफिल जमाए रखी। स्वरित जोशी ने भी कुछ नये तड़कते-भड़कते गीतों से युवा सैलानियों का खूब मनोरंजन किया। संचालन नवीन पांडे, हेमंत बिष्ट एवं मीनाक्षी कीर्ति ने किया।

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p style=”text-align: justify;”>-कुमाऊं आयुक्त राजीव रौतेला ने किया औपचारिक शुभारंभ, पिछले वर्ष की अपार सफलता के बाद कुमाऊं मंडल के आयुक्त राजीव रौतेला की पहल पर लगातार दूसरे वर्ष हो रहा है आयोजन
-सैलानियों को शाम को मनोरंजन एवं क्षेत्रीय लोक संस्कृति की जानकारी देने के साथ ही स्थानीय प्रतिभाओं को मंच देने का है मकसद
नवीन समाचार, नैनीताल, 2 जून 2019। विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी सरोवरनगरी में ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन में आने वाले सैलानियों के लिए लगातार दूसरे वर्ष हर शाम मल्लीताल फ्लैट्स मैदान स्थित बास्केटबॉल कोर्ट में गीत-संगीत की महफिल सजा करेगी। पिछले वर्ष की अपार सफलता के बाद कुमाऊं मंडल के आयुक्त राजीव रौतेला की पहल पर लगातार दूसरे वर्ष भी नगर में पूरे ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन में सैलानियों के मनोरंजन के लिए गीत-संगीत का आयोजन सोमवार से प्रारंभ हो गया। कुमाऊं मंडलाायुक्त राजीव रौतेला ने डीआईजी अजय जोशी एवं डीएम विनोद कुमार सुमन के साथ इसका औपचारिक शुभारंभ किया। उन्होंने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य नगर में देश-दुनिया से आने वाले सैलानियों को शाम को मनोरंजन एवं क्षेत्रीय लोक संस्कृति की जानकारी देने के साथ ही स्थानीय प्रतिभाओं को मंच देने का है। बताया कि इसके साथ ही शाम को पांच से सात बजे तक बैंड स्टेंड पर पीएसी के बैंड की मधुर स्वर लहरियां भी सैलानियों के लिए बिखरा करेंगी।
आयोजन की शुरुआत कुमाऊं सांस्कृतिक उत्थान समिमि खुर्पाताल के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत कुमाउनी देवी स्तुति-सुफल हया देवी भगवती मैया से हुई। आगे उन्होंने लाली हो पधानी लाली तीले धारो बोला, गोविन्दी तेरी गुलाबी साड़ी सहित अन्य प्रस्तुतियां दीं। वहीं हेमा भट्ट ने ‘आज फिर जीने की तमन्ना है’ गीत से शुरुआत की तथा आयोजन के संयोजन की जिम्मेदारी संभाल रहे जिला विकास प्राधिकरण के सचिव हरबीर सिंह के साथ ‘ये दिल तुम बिन कहीं लगता नहीं हम क्या करें’ गीत की शानदार प्रस्तुति दी। श्री सिंह ने ‘अकेले हैं चले आओ कहां हो’ गीत की भी एकल प्रस्तुति दी। हरीश भट्ट ने अकेले में ‘हाल क्या है दिलों का न पूछो सनम’ तथा हेमा के साथ -‘इशारों इशारों में दिल लेने वाले बता ये हुनर तूने सीखा कहां से’ एवं ‘मुहब्बत बड़े काम की चीज है’ की भी दिलकश प्रस्तुतियां दीं। वहीं स्वरित जोशी ने अपने बैंड के साथ ‘तेरी गलियॉ-गलियॉ तेरी व अब मुझे रात दिन तेरा ही ख्याल है, ले जाये जाने कहॉ आदि गीत सुनाए। इस दौरान बड़ी संख्या में सैलानी एवं स्थानीय लोग देर रात्रि आखिरी गीत की प्रस्तुति तक अपनी सीटों पर जमे रहे। संचालन नवीन पांडे, हेमंत बिष्ट एवं मीनाक्षी कीर्ति ने किया।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 24 जनवरी 2019 नैनीताल के भीमताल में विगत 7 माह से बंद पैराग्लाइडिंग की शुरुआत हो गई है नैनीताल हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका डालकर उत्तराखंड के पर्यटन नीति बनाने की बात कही गई थी, जिसको लेकर राज्य सरकार ने अपना पक्ष नैनीताल हाईकोर्ट में रखा था। तब से अभी तक पैराग्लाइडिंग पूरी तरीके से बंद थी, लेकिन आज राज्य सरकार की पहल पर पर्यटन को बढ़ावा देने के मकसद से भीमताल में फिर से पैराग्लाइडिंग की शुरुआत हो गई है पैराग्लाइडिंग बंद होने के कारण भीमताल नौकुचियाताल उसके आसपास के क्षेत्र के करीब 3000 युवक बेरोजगार हो गए थे, जो पैराग्लाइडिंग के साथ जुड़े हुए थे उनके सामने रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया था, जिसके बाद उन्होंने कई बार ज्ञापन के माध्यम से राज्य सरकार को चेताया राज्य सरकार द्वारा साहसिक पर्यटन नीति बनाने के बाद भीमताल में कुछ जगह से पैराग्लाइडिंग की उड़ान भरी गई लेकिन अभी भी कुछ पैराग्लाइडिंग कि साइट पर फ्लाइंग प्रतिबंधित है जब तक राज्य सरकार उन्हें पूर्ण रूप से लाइसेंस नहीं देती है तब तक वे कमर्शियल  पैराग्लाइडिंग नहीं कर सकते। अलबत्ता आज 7 माह से बंद पैराग्लाइडिंग की शुरुआत होने से यहां के स्थानीय लोगों में खुशी है, ताकि आने वाले समय में साहसिक पर्यटन इस क्षेत्र में बढ़ सके वह अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार मिल सके।

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p style=”text-align: justify;”>p style=”text-align: justify;”>-उत्तराखंड होटल्स एंड रेस्टारेंट एसोसिएशन की अधिशासी समिति की बैठक में सरकार को मांगपत्र सोंपने का निर्णय
-निजी भूमि पर पार्किंग व होटल निर्माण को प्रोत्साहन तथा ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन के साथ ही चार अन्य सीजनों का भी सदुपयोग करने सहित अन्य मांगें उठाएंगे

उद्योगों की तर्ज पर पर्यटन प्रदेश की अवधारणा को साकार करने में मदद करे सरकार

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p style=”text-align: justify;”>p style=”text-align: justify;”>नैनीताल। उत्तराखंड होटल्स एंड रेस्टारेंट एसोसिएशन ने प्रदेश सरकार से पर्यटन प्रदेश की अवधारणा को साकार करने में मदद करने का अनुरोध किया है। इस हेतु शीघ्र की एसोसिएशन के पदाधिकारी प्रदेश के पर्यटन मंत्री एवं पर्यटन सचिव से मिलेंगे, तथा उन्हें इस हेतु अपना मांग व सुझाव पत्र सौपेंगे। इस पत्र में खास तौर पर प्रदेश के सभी पर्यटन स्थलों की बड़ी पार्किंग की समस्या के समाधान के लिए सरकार के स्तर के साथ ही निजी भूमि पर पार्किंग निर्माण को बढ़ावा देने तथा नये होटलों के निर्माण के लिए सरकार की ओर से नक्शे पास करने सहित अन्य मदद तथा पुराने होटलों में सुविधा विस्तार के लिए मदद करने के अलावा राज्य में ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन के साथ ही चार अन्य सीजनों में पर्यटन की अपार संभावनाओं का जिक्र करते हुए इन मौसमों में भी सैलानियों को आकर्षित करने के लिए सरकार को सुझाव देंगे व मांग करेंगे। साथ ही सरकार से शहरों के सुनियोजित विकास के लिए मास्टर प्लान लागू करने की मांग भी की जाएगी।
मुख्यालय में आयोजित हुई अधिशासी समिति की बैठक के बाद बृहस्पतिवार को एसोसिएशन के अध्यक्ष संदीप साहनी, सईद मुस्तफा शेरवानी सहित अन्य पदाधिकारी प्रेस से मुखातिब हुए। एक ओर जहां सरकार उद्योगों को प्रोत्साहन देती है, और वे यहां केवल पैकेजिंग तक सीमित रहते हैं, और अनुदान का लाभ उठाकर लौट जाते हैं, वहीं उत्तराखंड की लगभग आधी आबादी पर्यटन से परोक्ष व अपरोक्ष तौर पर जुड़ी है, और यह क्षेत्र राज्य की जीडीपी यानी सकल घरेलू उत्पाद में 28 फीसद की भागेदारी करता है। इस उद्योग से जुड़े 90 फीसद लोग उत्तराखंड से हैं, तथा यह 90 फीसद रोजगार भी उत्तराखंड वासियों को उपलब्ध कराकर राज्य के युवाओं को पलायन करने से भी रोकता है। राज्य में पांच मौसमों में सैलानियों को आकर्षित करने की अपार क्षमता है, बावजूद यह क्षेत्र केवल ग्रीष्मकाल या चारधाम यात्रा पर ही सीमित है, और इस प्रकार राज्य के होटल वर्ष भर में अपनी क्षमता के केवल 30 फीसद ही भरते हैं। लिहाजा सरकार उद्योगों की तर्ज पर पर्यटन क्षेत्र को मदद व प्रोत्साहित करे। बैठक में लिये गये निर्णय के बाद वे स्वयं भी इस हेतु निजी भूमि स्वामियों को पार्किंग बनाने हेतु प्रेरित करेंगे। ठीक सीजन से पहले, जबकि इस वर्ष के पर्यटन में सुधार के लिए समय भी नहीं बचा है, तब बैठक करने सरकार को सुझाव देने से लाभ मिलने की संभावनाओं एवं पर्यटन क्षेत्र में स्वयं सुधार के प्रति गंभीर न होने के सवालों पर पर पूछे गए प्रश्न पर पदाधिकारी समुचित जवाब नहीं दे पाये। बैठक में नैनीताल होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश साह, मसूरी एसोसिएशन के अध्यक्ष आरएन माथुर, कॉर्बेट एसोसिएशन के अध्यक्ष हरी सिंह मान सहित बृज साह, वेद साह, आलोक साह सहित अनेक कार्यकारिणी सदस्य मौजूद रहे।

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p style=”text-align: justify;”>p style=”text-align: justify;”>ऑनलाइन बुकिंग से जुड़ें, अन्यथा बंद हो जाएंगे होटल
नैनीताल। एसोसिएशन के अध्यक्ष संदीप साहनी ने कहा कि आज और भविष्य का दौर होटलों में ऑनलाइन बुकिंग का है। जो होटल यह सुविधा नहीं देंगे, वे भविष्य में टिक नहीं पाएंगे और बंद हो जाएंगे। दावा किया कि एसोसिएशन से राज्य भर में जुड़े 200 से अधिक होटलों में ऑनलाइन बुकिंग की जाती है। वहीं जिम कॉर्बेट होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष हरी मान ने कहा कि पिछले दो-तीन महीनों से वन विभाग द्वारा जिम कॉर्बेट पार्क की ऑनलाइन बुकिंग न हो पाने से क्षेत्र का पर्यटन उद्योग बुरी तरह से प्रभावित हो गया है।

यह भी पढ़ें : एलआईसी ने सैलानियों की ‘जीवन के साथ भी सुरक्षा’ के लिए दीं लाइफ जैकेटें

मंगलवार को नाविकों को लाइफ जैकेटें समर्पित करते एलआईसी के डीजीएम पीएस नेगी व अन्य।

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p style=”text-align: justify;”>p style=”text-align: justify;”>-2007 में नैनी झील में लाइफ जैकेटों की शुरुआत भी एलआईसी ने ही की थी
नैनीताल, 8 मई 2018। ‘जिंदगी के साथ भी-जिंदगी के बाद भी’ के अपने सूत्र वाक्य को सही साबित करते हुए एलआईसी यानी भारतीय जीवन बीमा निगम ने विश्व प्रसिद्ध नैनी सरोवर में नौकायन का आनंद उठाने वाले सैलानियों की सुरक्षा का प्रबंध किया है। मंगलवार को एलआईसी के हल्द्वानी मंडल के वरिष्ठ मंडलीय प्रबंधक पान सिंह नेगी ने बैंड स्टेंड पर आयोजित एक संक्षिप्त कार्यक्रम में नगर पालिका की कर अधीक्षक लता आर्या के साथ करीब साढ़े चार लाख मूल्य की 450 लाइफ जैकेटें नाविकों को समर्पित कीं, ताकि वे इन्हें सैलानियों को नौकायन के समक्ष पहना कर उनकी जीवन रक्षा कर सकें। बताया गया कि 2007 में नैनी झील में लाइफ जैकेटों की शुरुआत भी एलआईसी ने ही की थी, और इसके बाद भी कई बार लाइफ जैकेटें दी गयीं। इस अवसर पर शाखा प्रबंधक डीएस गुंज्याल, विपणन प्रबंधक टीएस ठाकुर, देशराज ठाकुर, ललित आर्या, हरीश तिवाड़ी, डीएस ह्यांकी, हरीश राणा, बालम मेहरा, प्रकाश, मोहित, जीएस ढैला, नगर पालिका के शिवराज नेगी व विनोद पंत सहित कई लोग मौजूद रहे।

नैनीताल-कुमाऊं में पर्यटन सुविधाएं : नैनीताल में पर्यटन से सम्बंधित फोटो-चित्रों के लिए यहां क्लिक करें।

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Tour Operaters : 

  • YTDO Tours, The Mall, Nainital
  • Hina Tour & Travels, The Mall, Nainital, Email: hinapackage@gmail.com

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