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पर्यटन सचिव ने बताया-रानीबाग से 30 मिनट में नैनीताल पहुंचने का हो रहा है इंतजाम, 600 करोड़ होंगे खर्च..

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-पर्यटन सचिव दिलीप जावलेकर ने मुख्यालय में रोप-वे निर्माण को लेकर हुई बैठक में दी जानकारी

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केएमवीएन से संचालित केबल कार।

नवीन समाचार, नैनीताल, 12 जुलाई 2019। सरोवर नगरी को वाहनों के प्रदूषण एवं दबाव से बचाने के साथ ही संतुलनीय पर्यावरण बनाए रखने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार रानीबाग से हनुमानगढ़ी एवं देहरादून से मसूरी के बीच रोपवे बनाने की कवायद में जुटी है। इन दोनों रोपवे प्रोजेक्टों का नेतृत्व कर रहे सचिव पर्यटन दिलीप जावलकर ने बताया कि कहा कि इन रोपवे के निर्माण से पर्यटकों को खासी सुविधा होगी, सैलानी केवल 30 मिनट में नैनीताल की यात्रा कर पाएंगे तथा वाहनों का दबाव भी नैनीताल व मसूरी में कम होगा, तथा पार्किंग की समस्या का समाधान भी होगा। बताया कि इस रोपवे के निर्माण पर लगभग 600 करोड़ की धनराशि व्यय होगी। रोपवे प्रोजेक्ट का कार्य देश-विदेशों में कई रोपवे बना चुकी पोमा प्राईवेट लिमिटेड को सौंपा गया है।
रानीबाग से हनुमानगढ़ी तक आने वाले रोपवे में एचएमटी रानीबाग, डोलमार, ज्योलीकोट तथा हनुमानगढ़ी मंदिर के समीप स्थित पार्क की भूमि की आवश्यकता होगी। भूमि के चयन एवं परीक्षण तथा स्थानान्तरण एवं सर्वे का कार्य इन दिनों किया जा रहा है। कहा कि प्रस्तावित रोपवे पारिस्थितिकी दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है, इससे पर्यावरण भी दूषित होने से बचेगा। इस संबंध में उन्होंने शुक्रवार को कुमाऊं मंडल के आयुक्त राजीव रौतेला से एलडीए सभागार में महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में आयुक्त श्री रौतेला ने रोपवे निर्माण के लिए भूमि से सम्बन्धित कार्यों में तेजी लाने के लिए नैनीताल के एडीएम वित्त एवं राजस्व एसएस जंगपांगी को नोडल अधिकारी तथा एसडीएम नैनीताल को प्रभारी अधिकारी नामित किया, और उनसे चिन्हित भूमि-क्षेत्र का नजरिया नक्शा तैयार कराने तथा सभी राजस्व नक्शों को मिलाकर एक नक्शा बनवाने तथा भूमि की मालिकाना स्थिति का भी विस्तृत ब्यौरा तैयार करने, ज्योलीकोट में स्थित उत्तर प्रदेश उद्यान विभाग की भूमि के हस्तान्तरण के लिए शीघ्र पत्राचार करने तथा प्रस्तावित रोपवे मार्ग में यदि कोई कार्य स्वीकृत है तो उसके लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त कराने के भी निर्देश दिए। पोमा तथा सीबीआरई साउथ एशिया संस्था के प्रतिनिधियों शारिक खान, आरोहन मेंहदीरत्ता ने बताया कि रोपवे निर्माण के लिए चिन्हित क्षेत्र का कम्पनी द्वारा टोपोग्राफिकल सर्वे किया जा चुका है। पर्यावरणीय प्रभावों का अध्ययन किया जा रहा है तथा विस्तृत कार्य योजना तैयार की जा रही है जो जल्द ही शासन को सौंपी जाएगी। बैठक में डीएम सविन बंसल, केएमवीएन के एमडी रोहित मीणा, डीएफओ टीआर बीजुलाल, एडीएम एसएस जंगपांगी, प्राधिकरण सचिव हरबीर सिंह, एसडीएम विनोद कुमार, जिला पर्यटन विका अधिकारी अरविंद गौड़ सहित सैयद उसमान व डीएस बसनाल आदि अधिकारी भी मौजूद रहे।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 5 जुलाई 2019। उत्तराखंड आने वाले सभी सैलानियों को ग्रीन टैक्‍स अदा करना होगा। यह टैक्‍स कितना होगा इसे स्‍थानीय नगर निकाय तय करेंगे। इससे मिलने वाला राजस्‍व उस क्षेत्र के विकास और पर्यावरण की स्‍वच्‍छता बनाए रखने के लिए होगा।
उत्तराखंड पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने हाल ही में औली में हुई गुप्‍ता बंधुओं की शादी के बाद समारोहस्‍थल पर टनों कूड़ा पड़ा रहने के बाद वन एवं पर्यावरण मंत्री हरक सिंह रावत के साथ एक बैठक में पर्यटकों के कारण बढ़ते प्रदूषण का मामला उठाया था। सैलानियों की वजह से होने वाली प्‍लास्टिक के कचरे की समस्‍या से निबटने के लिए कुछ दिनों पहले ही हरक सिंह रावत ने राज्‍य में ‘प्‍लास्टिक टैक्‍स’ लगाने की बात कही थी। लेकिन अब उन्‍होंने कहा, ‘उत्‍तराखंड में पर्यावरण टैक्‍स लगाने की सख्‍त जरूरत है।’  उन्‍होंने बताया कि एक ऐसी योजना बनाई जा रही है स्‍थानीय नगर निकाय तय कर सकेंगे कि उनके क्षेत्र में आने वाले लोगों पर कितना टैक्‍स लगाया जाए। ऐसा सॉलिड वेस्‍ट मैनेजमेंट रूल्‍स 2016 के प्रावधानों के तहत होगा। रावत का कहना था, ‘ हमें इस बात का अहसास हुआ है कि जब तक इस तरह का ईको टैक्स नहीं लगाया जाता है, तब तक हम पर्यावरण का संरक्षण करने के लिए जरूरी वित्‍तीय क्षमता नहीं जुटा पाएंगे।’ उन्होंने कहा, ‘वसूल की जाने वाली राशि मैदानी इलाकों में कम और पहाड़ियों में अधिक होगी। मैदानी इलाकों में, हम 1 किलो ठोस कचरे के निपटान के लिए मुश्किल से 20 रुपये खर्च करते हैं जबकि पहाड़ियों में हम 40 से 50 रुपये खर्च करने पड़ते हैं।’

यह भी पढ़ें : सैलानियों के लिए मनोरंजन का बड़ा साधन एवं गायकों के लिए प्रतिभा प्रदर्शन का माध्यम रहा प्रशासन का ग्रीष्म गीत-संगीत का मंच

-प्रतिभाओं को मंच एवं सैलानियों को शाम ढलने के बाद मनोरंजन उपलब्ध हो रहा था, रविवार शाम हुआ समापन

प्रशासन द्वारा सैलानियों के लिए आयोजित कार्यक्रम में गीत प्रस्तुत करते लोक गायक हेमंत दिगारी एवं पुलिस के एचसीपी सत्येंद्र गंगोला।

नवीन समाचार, नैनीताल, 30 जून 2019। लगातार दूसरे वर्ष ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन में कुमाऊं मंडलायुक्त राजीव रौतेला की पहल पर जिला प्रशासन द्वारा आयोजित हो रहा गीत-संगीत का मंच गायन की प्रतिभाओं के लिए प्रतिभा प्रदर्शन का मंच साबित रहा। सैलानियों को इसके जरिये पर्यटननगरी में शाम ढलने के बाद देर रात्रि तक मनोरंजन का मंच भी साबित हुआ है। नगर में अब सैलानियों की दो वर्ष पुरानी वह शिकायत नहीं रही कि नगर में शाम ढलने के बाद मनोरंजन के लिए कोई व्यवस्था नहीं है।
इसी कड़ी में इस मंच पर स्थापित गायक गोविंद दिगारी ने छलकाये जाम, संदेशे आते हैं, हम तेरे बिन अब रह नहीं सकते, क्या हुआ तेरा वादा, ये शाम मस्तानी, ओ साथी रे तेरे बिना भी क्या जीना, खोया खोया चांद, व मेरे रश्के कमर के साथ ही अपनी गत 25 जून को ही यूट्यूब पर रिलीज हुए कुमाउनी गीत लटी पटी मैं थामूंलो तु रित्तै हिटली की दिलकश प्रस्तुतियां देकर दर्शकों व खासकर सैलानियों का भरपूर मनोरंजन किया। उन्होंने मल्लीताल कोतवाली में तैनात एचसीपी सत्येंद्र गंगोला के साथ प्रसिद्ध गढ़वाली लोक गीत चैत की चैत्वाला भी गाया, साथ ही कुरुक्षेत्र हरियाणा के सैलानी स्वरदीप सैनी ने भी आ सजना मोरे शास्त्रीय गीत की प्रस्तुति देकर मंच पर गायकी के अलग रंग भरे। संचालन नवीन पांडे व मीनाक्षी कीर्ति ने किया।

यह भी पढ़ें : सैलानी युवा गायक के लेने लगे ऑटोग्राफ और जला दीं मोबाइल की फ्लैश लाइटें

ग्रीष्मकालीन गीत-संगीत की महफिल में सैलानियों के लिए गीत प्रस्तुत करते नवोदित गायक अमन सक्सेना एवं उनके देशभक्ति गीतों पर अपने मोबाइल फोनो की फ्लैश लाइटें खोलकर अनूठा दृश्य उत्पन्न करते मंडलायुक्त राजीव रौतेला एवं अन्य।

नवीन समाचार, नैनीताल, 17 जून 2019। कुमाऊं मंडलायुक्त राजीव रौतेला की पहल पर जिला प्रशासन द्वारा जिला विकास प्राधिकरण के सचिव हरबीर सिंह के संयोजकत्व में गत वर्ष से शुरू ग्रीष्मकालीन गीत-संगीत की महफिल में सैलानियों को नये-पुराने गीतों का भरपूर मनोरंजन मिल रहा है। वहीं स्थापित कलाकारों के साथ नई प्रतिभाएं भी उभर रही हैं। इसी कड़ी में बीती शाम तथा पिछले कुछ दिनों से अपने पंजाबी व देशभक्ति गीतों से नगर के डीएसबी परिसर से ही संगीत की शिक्षा लेने वाले नवोदित गायक अमित सक्सेना उर्फ सांवरिया नाम के नये गायक युवा दिलों की धड़कन बन गये हैं। बीती शाम अमित के गीतों पर सुदूर पंजाब से आये सैलानी खूब नांचे और कार्यक्रम के बाद कई ने तो अपने हाथ पर भी उनके ऑटोग्राफ लिये। इस दौरान अमन सक्सेना ने हल्द्वानी के हारमनी बैंड कई पंजाबी गीतों पर जहां सैलानियों का नचाया वहीं केसरी फिल्म के ‘तलवारों पे सर वार दिये’ व ‘वंदेमातरम’ गीतों पर दर्शकों में देश भक्ति का जोश भर दिया। इस दौरान उनके आह्वान पर कार्यक्रम में मौजूद मंडलायुक्त राजीव रौतेला सहित तमाम दर्शकों ने अपने मोबाइल फोनों की फ्लैश लाइटें खोलकर अनूठा दृश्य उत्पन्न कर दिया। वहीं स्थापित गायक दंपत्ति हरीश भट्ट व हेमलता भट्ट ा तेरे चेहरे से नजर नहीं हटती, इशारों-इशारों में दिल लेने वाले, लैला मैं लैला, चला जाता हूं किसी की धुन में, गुलाबी आंखें जो तेरी देखीं सहित अनेक पुराने गीत सुनाकर दर्शकों को देर रात्रि तक बांधे रखा। प्राधिकरण सचिव हरबीर सिंह ने भी गजल सुनाई। संचालन नवीन पांडे व मीनाक्षी कीर्ति ने किया।

यह भी पढ़ें : पीएसी का बैंड, प्रशासन का गीत-संगीत व ग्रीष्म नाट्योत्सव कर रहा सैलानियों की शामें मस्तानी

ग्रीष्मकालीन गीत-संगीत की महफिल में सैलानियों के लिए गीत प्रस्तुत करते गायक अमन सक्सेना।

नवीन समाचार, नैनीताल, 14 जून 2019। सरोवर नगरी में पूर्व के वर्षों में सैलानियों की शिकायत होती थी कि यहां शाम घिरने के बाद मनोरंजन का कोई साधन नहीं है। तब यहां कोई फिल्म थियेटर भी नहीं था। किंतु बीते वर्षों में नगर में आजादी से पूर्व से बना कॅपिटॉल सिनेमा नये कलेवर में फिल्म प्रेमियों के लिए उपलब्ध हो गया है, वहीं आजादी के बाद आजाद हिंद फौज के सेनानी कैप्टन राम सिंह द्वारा बैंड स्टेंड पर गर्मियों के मौसम में बैंड वादन करने की परंपरा एसएसपी की पहल पर फिर से शुरू हो गयी है। यहां हर शाम पीएसी की 46वीं बटालियन के जवान बैंड वादन कर रहे हैं, जिसमें सैलानियों को नाचते हुए देख जा सकता है। इसके अलावा नगर के एनएसडी स्नातक रंगकर्मी इदरीश मलिक की पहल पर बीएम शाह ओपन थियेटर में अनेक असुविधाओं के बावजूद ग्रीष्म नाट्योत्सव एवं पुराने गीतों की रंगोली का कार्यक्रम भी सैलानियों के लिए आकर्षण बना हुआ है। वहीं कुमाऊं मंडलायुक्त राजीव रौतेला की पहल पर जिला प्रशासन द्वारा जिला विकास प्राधिकरण के संयोजकत्व में गत वर्ष से शुरू ग्रीष्मकालीन गीत-संगीत की महफिल में सैलानियों को नये-पुराने गीतों का भरपूर मनोरंजन मिल रहा है। बीती शाम यहां हर शाम कार्यक्रम प्रस्तुत कर रहे गायक दंपत्ति हरीश भट्ट व हेमलता भट्ट के साथ ही नवोदित गायक अमन सक्सेना ने केसरी फिल्म के ‘तलवारों पे सर वार दिये’ व ‘वंदेमातरम’ तथा स्वरित जोशी के नये मैडली गीतों के साथ ही गत दिवस मल्लीताल कोतवाली के एचसीपी सत्येंद्र गंगोला ने भी सैलानियों की पसंद के गीत सुनाकर उनका खूब मनोरंजन किया। इस दौरान हरीश भट्ट ने हेमा भट्ट के साथ तेरे चेहरे से नजर नहीं हटती, इशारों-इशारों में दिल लेने वाले, लैला मैं लैला, चला जाता हूं किसी की धुन में, गुलाबी आंखें जो तेरी देखीं सहित अनेक पुराने गीत सुनाकर दर्शकों को देर रात्रि तक बांधे रखा। संचालन नवीन पांडे व मीनाक्षी कीर्ति ने किया।

यह भी पढ़ें : सरोवरनगरी में अब सब कुछ ‘ओके’, न जाम, न लूट, झील भी भरी और मौसम भी सुहावना…

नवीन जोशी @ नवीन समाचार नैनीताल, 12 जून 2019। बीते रविवार को लंबे सप्ताहांत पर नगर में उमड़ी भीड़ को पुलिस प्रशासन द्वारा ठीक से संभाल न पाने और वाहनों को नगर से बाहर रोके जाने, सैलानियों के साथ टैक्सी व अवैध होटल संचालकों के द्वारा की गयी लूट की खबरें अब पीछे छूट गयी हैं। नगर में अब सभी स्थितियां ठीक हो गयी हैं। नगर में अब सैलानियों की नगर की क्षमताओं के अनुरूप ही काफी संख्या में सैलानी पहुंच रहे हैं। इससे पुलिस को सैलानियों को शहर से बाहर कहीं भी रोकने की जरूरत नहीं पड़ रही है, और सैलानी निजी एवं सार्वजनिक वाहनों से बेरोकटोक शहर में पहुंच रहे हैं। नगर में भी टैक्सी-होटल वालों की ओर से भी सोमवार के बाद पिछले तीन दिनों में किसी तरह की लूट की कोई सूचना नहीं है। इसके साथ ही नगर में मौसम भी बेहद सुहावना हो गया है। नगर में सैलानियों के मनोरंजन के भी भरपूर प्रबंध किये गये हैं, जिसमें नगर की व्यवस्थाएं सुचारू होने के बाद सैलानी ही नहीं, अब तक व्यवस्थाएं बनाने में उलझे पुलिस के अधिकारियों के साथ ही कर्मचारी भी आनंद ले रहे हैं।

सुबह तड़के अच्छी बारिश से मौसम सुहावना

नैनीताल। सरोवरनगरी सहित पर्वतीय क्षेत्रों में बुधवार सुबह करीब साढ़े चार बजे से अच्छी बारिश हुई, और दिन में अच्छी गुनगुनी धूप खिली। इससे नगर में तपते जून के मौसम में सुबह के समय हल्की ठंड भी महसूस की गयी, और दिन में मौसम सुहावना रहा। मौसम विभाग के अनुसार इस दौरान 14.3 मिमी बारिश और तापमान अधिकतम 26 एवं न्यूनतम 13 डिग्री सेल्सियस के बीच रिकॉर्ड किया गया। आर्द्रता भी 45 फीसद के स्तर पर रही। जो कि हर ओर से बेहद सुहावने मौसम के लक्षण हैं।

नैनी झील का जल स्तर उत्तराखंड बनने के बाद की श्रेष्ठ स्थिति में

नैनीताल। सरोवरनगरी में बीते वर्षों में फरवरी-मार्च माह से ही नगर की प्राणदायिनी एवं सबसे बड़ी आकर्षण नैनी झील का जल स्तर तेजी से गिरने, झील में पहले बड़े डेल्टा और ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन आने तक सैलानियों को झील के तल्लीताल सिरे पर चौपाटी की तरह मैदान बन जाने जैसी दुःखद स्थितियों की खबरें आम थीं। झील का जल स्तर तय पैमाने पर शून्य से साढ़े छह फिट तक नीचे गिर जाता था। केवल 2008 व 2015 के वर्ष ही थे जब झील का जल स्तर शून्य से नीचे नहीं गया था। जबकि 2009 से 2014 और इसके बाद 2016, 17 व 18 में भी झील का जल स्तर शून्य से नीचे चला गया था। 2016 व 2017 में जल स्तर माइनस 7.1 फिट एवं 2018 में माइनस 2.5 फिट तक चला गया था। किंतु इस वर्ष जून माह का पहला पखवाड़ा गुजरने तक झील का जल स्तर एक फिट के स्तर पर बना हुआ है। यानी पूर्व के मुकाबले झील का जल स्तर आठ फिट अधिक है। यह उत्तराखंड बनने के बाद सबसे बेहतर स्थिति बताई गयी है। आज की बारिश से भी झील के जल स्तर में एक इंच की बढ़ोत्तरी हुई।

पीएसी का बैंड एवं प्रशासन की गीत-संगीत की महफिल सैलानियों के लिए आकर्षण

नैनीताल। सरोवर नगरी में पूर्व के वर्षों में सैलानियों की शिकायत होती थी कि यहां शाम घिरने के बाद मनोरंजन का कोई साधन नहीं है। तब यहां कोई फिल्म थियेटर भी नहीं था। किंतु बीते वर्षों में नगर में आजादी से पूर्व से बना कॅपिटॉल सिनेमा नये कलेवर में फिल्म प्रेमियों के लिए उपलब्ध हो गया है, वहीं आजादी के बाद आजाद हिंद फौज के सेनानी कैप्टन राम सिंह द्वारा बैंड स्टेंड पर गर्मियों के मौसम में बैंड वादन करने की परंपरा एसएसपी की पहल पर फिर से शुरू हो गयी है। यहां हर शाम पीएसी की 46वीं बटालियन के जवान बैंड वादन कर रहे हैं, जिसमें सैलानियों को नाचते हुए देख जा सकता है। वहीं कुमाऊं मंडलायुक्त राजीव रौतेला की पहल पर जिला प्रशासन द्वारा जिला विकास प्राधिकरण के संयोजकत्व में गत वर्ष से शुरू ग्रीष्मकालीन गीत-संगीत की महफिल में सैलानियों को नये-पुराने गीतों का भरपूर मनोरंजन मिल रहा है। बीती शाम यहां हर शाम कार्यक्रम प्रस्तुत कर रहे गायक दंपत्ति हरीश भट्ट व हेमलता भट्ट के साथ ही नवोदित गायक अमन सक्सेना ने केसरी फिल्म के ‘तलवारों पे सर वार दिये’ व ‘वंदेमातरम’ तथा स्वरित जोशी के नये मैडली गीतों के साथ ही गत दिवस मल्लीताल कोतवाली के एचसीपी सत्येंद्र गंगोला ने भी सैलानियों की पसंद के गीत सुनाकर उनका खूब मनोरंजन किया।

यह भी पढ़ें : गायन प्रतिभाओं के लिए प्रतिभा-प्रदर्शन और सैलानियों के लिए मनोरंजन का मंच साबित हो रहा ग्रीष्म गीत-संगीत का मंच

नवीन समाचार, नैनीताल, 10 जून 2019। लगातार दूसरे वर्ष ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन में कुमाऊं मंडलायुक्त राजीव रौतेला की पहल पर जिला प्रशासन द्वारा आयोजित हो रहा गीत-संगीत का मंच गायन की प्रतिभाओं के लिए प्रतिभा प्रदर्शन का मंच साबित हो रहा है। वहीं सैलानियों को इसके जरिये पर्यटननगरी में शाम ढलने के बाद देर रात्रि तक मनोरंजन का मंच भी साबित हो रहा है। नगर में अब सैलानियों की दो वर्ष पुरानी वह शिकायत नहीं रही कि नगर में रात्रि में मनोरंजन के लिए कोई व्यवस्था नहीं है।
इसी कड़ी में सोमवार को इस मंच पर स्थापित गायक युगल हरीश भट्ट व हेमलता भट्ट तो पूरे समय कभी एकल और कभी युगल गीतों से तो सैलानियों व उपस्थित दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया ही, और उनकी पसंद के गीत भी सुनाये। वहीं मल्लीताल कोतवाली के एचसीपी सत्येंद्र गंगोला के साथ ही नवोदित गायक अभिषेक ने भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। गंगोला ने हेमलता भट्ट के साथ कोरा कागज था ये मन मेरा गीत सुनाकर उपस्थित रहे नगर कोतवाल व एसएसआई भुवन चंद्र मासीवाल सहित दर्शकों की तालियां बटोरीं। बताया गया कि गंगोला कुमाउनी गीत गाते रहे हैं। वहीं अभिषेक ने रामलीला फिल्म का शास्त्रीय रागों पर आधारित गीत ‘तुझ संग बैर लगाया ऐसा, रहा न मैं अपने जैसा’ गीत सुनाकर प्रभावित किया। वहीं हरीश एवं हेमा भट्ट ने खिलते हैं गुल यहां, दिल जो न कह सका, आने वाला कल जाने वाला है, चला जाता हूं किसी की धुन में, नीले नीले अंबर पे चांद जब आए, तुझ संग प्रीत लर्गा सजना तथा लैला मैं लैला आदि गीत सुनाए। संचालन नवीन पांडे व मीनाक्षी कीर्ति ने किया।

यह भी पढ़ें : गाता रहे मेरा दिल…कभी बीते ना ये रैना, कभी बीते ना ये दिन

नवीन समाचार, नैनीताल, 4 जून 2019। विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी सरोवरनगरी में ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन में कुमाऊं मंडल के आयुक्त राजीव रौतेला की पहल पर लगातार दूसरे वर्ष आयोजित हो रही गीत-संगीत की महफिल मंगलवार को दूसरे दिन भी सैलानियों का आकर्षण बनी रही। इस दौरान हरीश भट्ट एवं उनकी धर्मपत्नी हेमलता भट्ट ने कई एकल एवं युगल प्रस्तुतियां देकर दर्शकों को मंच के सामने नाचने पर मजबूर कर दिया। इस दौरान उन्होंने गोरी तेरा गांव बड़ा प्यारा मैं तो गया मारा, तेरे चेहरे से नजर नहीं हटती नजारे हम क्या देखें, गाता रहे मेरा दिल-तू ही मेरी मंजिल, कभी बीते ना ये रैना कभी बीते ना ये दिन, सुंदरिया शुक्रिया मेहरबानी तू कहे तो नाम तेरे कर दूं सारी जवानी आदि गीतों के साथ देर रात्रि तक महफिल जमाए रखी। स्वरित जोशी ने भी कुछ नये तड़कते-भड़कते गीतों से युवा सैलानियों का खूब मनोरंजन किया। संचालन नवीन पांडे, हेमंत बिष्ट एवं मीनाक्षी कीर्ति ने किया।

यह भी पढ़ें : नैनीताल के पर्यटन के लिए सुखद समाचार: लगातार दूसरे वर्ष पूरे ग्रीष्मकालीन सीजन के लिए शुरू हुई गीत-संगीत की महफिल

-कुमाऊं आयुक्त राजीव रौतेला ने किया औपचारिक शुभारंभ, पिछले वर्ष की अपार सफलता के बाद कुमाऊं मंडल के आयुक्त राजीव रौतेला की पहल पर लगातार दूसरे वर्ष हो रहा है आयोजन
-सैलानियों को शाम को मनोरंजन एवं क्षेत्रीय लोक संस्कृति की जानकारी देने के साथ ही स्थानीय प्रतिभाओं को मंच देने का है मकसद
नवीन समाचार, नैनीताल, 2 जून 2019। विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी सरोवरनगरी में ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन में आने वाले सैलानियों के लिए लगातार दूसरे वर्ष हर शाम मल्लीताल फ्लैट्स मैदान स्थित बास्केटबॉल कोर्ट में गीत-संगीत की महफिल सजा करेगी। पिछले वर्ष की अपार सफलता के बाद कुमाऊं मंडल के आयुक्त राजीव रौतेला की पहल पर लगातार दूसरे वर्ष भी नगर में पूरे ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन में सैलानियों के मनोरंजन के लिए गीत-संगीत का आयोजन सोमवार से प्रारंभ हो गया। कुमाऊं मंडलाायुक्त राजीव रौतेला ने डीआईजी अजय जोशी एवं डीएम विनोद कुमार सुमन के साथ इसका औपचारिक शुभारंभ किया। उन्होंने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य नगर में देश-दुनिया से आने वाले सैलानियों को शाम को मनोरंजन एवं क्षेत्रीय लोक संस्कृति की जानकारी देने के साथ ही स्थानीय प्रतिभाओं को मंच देने का है। बताया कि इसके साथ ही शाम को पांच से सात बजे तक बैंड स्टेंड पर पीएसी के बैंड की मधुर स्वर लहरियां भी सैलानियों के लिए बिखरा करेंगी।
आयोजन की शुरुआत कुमाऊं सांस्कृतिक उत्थान समिमि खुर्पाताल के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत कुमाउनी देवी स्तुति-सुफल हया देवी भगवती मैया से हुई। आगे उन्होंने लाली हो पधानी लाली तीले धारो बोला, गोविन्दी तेरी गुलाबी साड़ी सहित अन्य प्रस्तुतियां दीं। वहीं हेमा भट्ट ने ‘आज फिर जीने की तमन्ना है’ गीत से शुरुआत की तथा आयोजन के संयोजन की जिम्मेदारी संभाल रहे जिला विकास प्राधिकरण के सचिव हरबीर सिंह के साथ ‘ये दिल तुम बिन कहीं लगता नहीं हम क्या करें’ गीत की शानदार प्रस्तुति दी। श्री सिंह ने ‘अकेले हैं चले आओ कहां हो’ गीत की भी एकल प्रस्तुति दी। हरीश भट्ट ने अकेले में ‘हाल क्या है दिलों का न पूछो सनम’ तथा हेमा के साथ -‘इशारों इशारों में दिल लेने वाले बता ये हुनर तूने सीखा कहां से’ एवं ‘मुहब्बत बड़े काम की चीज है’ की भी दिलकश प्रस्तुतियां दीं। वहीं स्वरित जोशी ने अपने बैंड के साथ ‘तेरी गलियॉ-गलियॉ तेरी व अब मुझे रात दिन तेरा ही ख्याल है, ले जाये जाने कहॉ आदि गीत सुनाए। इस दौरान बड़ी संख्या में सैलानी एवं स्थानीय लोग देर रात्रि आखिरी गीत की प्रस्तुति तक अपनी सीटों पर जमे रहे। संचालन नवीन पांडे, हेमंत बिष्ट एवं मीनाक्षी कीर्ति ने किया।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड में 7 माह से बंद इन साहसिक खेलों की गुरुवार को फिर से हुई शुरुवात

नवीन समाचार, नैनीताल, 24 जनवरी 2019 नैनीताल के भीमताल में विगत 7 माह से बंद पैराग्लाइडिंग की शुरुआत हो गई है नैनीताल हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका डालकर उत्तराखंड के पर्यटन नीति बनाने की बात कही गई थी, जिसको लेकर राज्य सरकार ने अपना पक्ष नैनीताल हाईकोर्ट में रखा था। तब से अभी तक पैराग्लाइडिंग पूरी तरीके से बंद थी, लेकिन आज राज्य सरकार की पहल पर पर्यटन को बढ़ावा देने के मकसद से भीमताल में फिर से पैराग्लाइडिंग की शुरुआत हो गई है पैराग्लाइडिंग बंद होने के कारण भीमताल नौकुचियाताल उसके आसपास के क्षेत्र के करीब 3000 युवक बेरोजगार हो गए थे, जो पैराग्लाइडिंग के साथ जुड़े हुए थे उनके सामने रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया था, जिसके बाद उन्होंने कई बार ज्ञापन के माध्यम से राज्य सरकार को चेताया राज्य सरकार द्वारा साहसिक पर्यटन नीति बनाने के बाद भीमताल में कुछ जगह से पैराग्लाइडिंग की उड़ान भरी गई लेकिन अभी भी कुछ पैराग्लाइडिंग कि साइट पर फ्लाइंग प्रतिबंधित है जब तक राज्य सरकार उन्हें पूर्ण रूप से लाइसेंस नहीं देती है तब तक वे कमर्शियल  पैराग्लाइडिंग नहीं कर सकते। अलबत्ता आज 7 माह से बंद पैराग्लाइडिंग की शुरुआत होने से यहां के स्थानीय लोगों में खुशी है, ताकि आने वाले समय में साहसिक पर्यटन इस क्षेत्र में बढ़ सके वह अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार मिल सके।

यह भी पढ़ें : उद्योगों की तर्ज पर पर्यटन प्रदेश की अवधारणा को साकार करने में मदद करे सरकार

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p style=”text-align: justify;”>-उत्तराखंड होटल्स एंड रेस्टारेंट एसोसिएशन की अधिशासी समिति की बैठक में सरकार को मांगपत्र सोंपने का निर्णय
-निजी भूमि पर पार्किंग व होटल निर्माण को प्रोत्साहन तथा ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन के साथ ही चार अन्य सीजनों का भी सदुपयोग करने सहित अन्य मांगें उठाएंगे

उद्योगों की तर्ज पर पर्यटन प्रदेश की अवधारणा को साकार करने में मदद करे सरकार

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p style=”text-align: justify;”>नैनीताल। उत्तराखंड होटल्स एंड रेस्टारेंट एसोसिएशन ने प्रदेश सरकार से पर्यटन प्रदेश की अवधारणा को साकार करने में मदद करने का अनुरोध किया है। इस हेतु शीघ्र की एसोसिएशन के पदाधिकारी प्रदेश के पर्यटन मंत्री एवं पर्यटन सचिव से मिलेंगे, तथा उन्हें इस हेतु अपना मांग व सुझाव पत्र सौपेंगे। इस पत्र में खास तौर पर प्रदेश के सभी पर्यटन स्थलों की बड़ी पार्किंग की समस्या के समाधान के लिए सरकार के स्तर के साथ ही निजी भूमि पर पार्किंग निर्माण को बढ़ावा देने तथा नये होटलों के निर्माण के लिए सरकार की ओर से नक्शे पास करने सहित अन्य मदद तथा पुराने होटलों में सुविधा विस्तार के लिए मदद करने के अलावा राज्य में ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन के साथ ही चार अन्य सीजनों में पर्यटन की अपार संभावनाओं का जिक्र करते हुए इन मौसमों में भी सैलानियों को आकर्षित करने के लिए सरकार को सुझाव देंगे व मांग करेंगे। साथ ही सरकार से शहरों के सुनियोजित विकास के लिए मास्टर प्लान लागू करने की मांग भी की जाएगी।
मुख्यालय में आयोजित हुई अधिशासी समिति की बैठक के बाद बृहस्पतिवार को एसोसिएशन के अध्यक्ष संदीप साहनी, सईद मुस्तफा शेरवानी सहित अन्य पदाधिकारी प्रेस से मुखातिब हुए। एक ओर जहां सरकार उद्योगों को प्रोत्साहन देती है, और वे यहां केवल पैकेजिंग तक सीमित रहते हैं, और अनुदान का लाभ उठाकर लौट जाते हैं, वहीं उत्तराखंड की लगभग आधी आबादी पर्यटन से परोक्ष व अपरोक्ष तौर पर जुड़ी है, और यह क्षेत्र राज्य की जीडीपी यानी सकल घरेलू उत्पाद में 28 फीसद की भागेदारी करता है। इस उद्योग से जुड़े 90 फीसद लोग उत्तराखंड से हैं, तथा यह 90 फीसद रोजगार भी उत्तराखंड वासियों को उपलब्ध कराकर राज्य के युवाओं को पलायन करने से भी रोकता है। राज्य में पांच मौसमों में सैलानियों को आकर्षित करने की अपार क्षमता है, बावजूद यह क्षेत्र केवल ग्रीष्मकाल या चारधाम यात्रा पर ही सीमित है, और इस प्रकार राज्य के होटल वर्ष भर में अपनी क्षमता के केवल 30 फीसद ही भरते हैं। लिहाजा सरकार उद्योगों की तर्ज पर पर्यटन क्षेत्र को मदद व प्रोत्साहित करे। बैठक में लिये गये निर्णय के बाद वे स्वयं भी इस हेतु निजी भूमि स्वामियों को पार्किंग बनाने हेतु प्रेरित करेंगे। ठीक सीजन से पहले, जबकि इस वर्ष के पर्यटन में सुधार के लिए समय भी नहीं बचा है, तब बैठक करने सरकार को सुझाव देने से लाभ मिलने की संभावनाओं एवं पर्यटन क्षेत्र में स्वयं सुधार के प्रति गंभीर न होने के सवालों पर पर पूछे गए प्रश्न पर पदाधिकारी समुचित जवाब नहीं दे पाये। बैठक में नैनीताल होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश साह, मसूरी एसोसिएशन के अध्यक्ष आरएन माथुर, कॉर्बेट एसोसिएशन के अध्यक्ष हरी सिंह मान सहित बृज साह, वेद साह, आलोक साह सहित अनेक कार्यकारिणी सदस्य मौजूद रहे।

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p style=”text-align: justify;”>ऑनलाइन बुकिंग से जुड़ें, अन्यथा बंद हो जाएंगे होटल
नैनीताल। एसोसिएशन के अध्यक्ष संदीप साहनी ने कहा कि आज और भविष्य का दौर होटलों में ऑनलाइन बुकिंग का है। जो होटल यह सुविधा नहीं देंगे, वे भविष्य में टिक नहीं पाएंगे और बंद हो जाएंगे। दावा किया कि एसोसिएशन से राज्य भर में जुड़े 200 से अधिक होटलों में ऑनलाइन बुकिंग की जाती है। वहीं जिम कॉर्बेट होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष हरी मान ने कहा कि पिछले दो-तीन महीनों से वन विभाग द्वारा जिम कॉर्बेट पार्क की ऑनलाइन बुकिंग न हो पाने से क्षेत्र का पर्यटन उद्योग बुरी तरह से प्रभावित हो गया है।

यह भी पढ़ें : एलआईसी ने सैलानियों की ‘जीवन के साथ भी सुरक्षा’ के लिए दीं लाइफ जैकेटें

मंगलवार को नाविकों को लाइफ जैकेटें समर्पित करते एलआईसी के डीजीएम पीएस नेगी व अन्य।

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p style=”text-align: justify;”>-2007 में नैनी झील में लाइफ जैकेटों की शुरुआत भी एलआईसी ने ही की थी
नैनीताल, 8 मई 2018। ‘जिंदगी के साथ भी-जिंदगी के बाद भी’ के अपने सूत्र वाक्य को सही साबित करते हुए एलआईसी यानी भारतीय जीवन बीमा निगम ने विश्व प्रसिद्ध नैनी सरोवर में नौकायन का आनंद उठाने वाले सैलानियों की सुरक्षा का प्रबंध किया है। मंगलवार को एलआईसी के हल्द्वानी मंडल के वरिष्ठ मंडलीय प्रबंधक पान सिंह नेगी ने बैंड स्टेंड पर आयोजित एक संक्षिप्त कार्यक्रम में नगर पालिका की कर अधीक्षक लता आर्या के साथ करीब साढ़े चार लाख मूल्य की 450 लाइफ जैकेटें नाविकों को समर्पित कीं, ताकि वे इन्हें सैलानियों को नौकायन के समक्ष पहना कर उनकी जीवन रक्षा कर सकें। बताया गया कि 2007 में नैनी झील में लाइफ जैकेटों की शुरुआत भी एलआईसी ने ही की थी, और इसके बाद भी कई बार लाइफ जैकेटें दी गयीं। इस अवसर पर शाखा प्रबंधक डीएस गुंज्याल, विपणन प्रबंधक टीएस ठाकुर, देशराज ठाकुर, ललित आर्या, हरीश तिवाड़ी, डीएस ह्यांकी, हरीश राणा, बालम मेहरा, प्रकाश, मोहित, जीएस ढैला, नगर पालिका के शिवराज नेगी व विनोद पंत सहित कई लोग मौजूद रहे।

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  • Hina Tour & Travels, The Mall, Nainital, Email: hinapackage@gmail.com

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मेरा जन्म 26 नवंबर 1972 को हुआ था। मैं नैनीताल, भारत में मूलतः एक पत्रकार हूँ। वर्तमान में मार्च 2010 से राष्ट्रीय हिन्दी दैनिक समाचार पत्र-राष्ट्रीय सहारा में ब्यूरो चीफ के रूप में कार्य कर रहा हूँ। इससे पहले मैं पांच साल के लिए दैनिक जागरण के लिए काम कर चुका हूँ। कुमाऊँ विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग से ‘नए मीडिया’ विषय पर शोधरत हूँ। फोटोग्राफ़ी मेरा शौक है। मैं NIKON COOLPIX P530 और अडोब फोटोशॉप 7.0 के साथ फोटोग्राफी कर रहा हूँ। फोटोग्राफी मेरे लिए दुनियां की खूबसूरती को अपनी ओर से चिरस्थाई बनाने का बहुत छोटा सा प्रयास है। एक फोटो पत्रकार के रूप में मेरी तस्वीरों को नैनीताल राजभवन सहित विभिन्न प्रदर्शनियों में प्रस्तुत किया गया, तथा उत्तराखंड की राज्यपाल श्रीमती मार्गरेट अलवा द्वारा सम्मानित किया गया है। कुछ चित्रों को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्राप्त हो चुके हैं। गूगल अर्थ पर चित्र उपलब्ध कराने वाली पैनोरामियो साइट पर मेरी प्रोफाइल को 18.85 Lacs से भी अधिक हिट्स प्राप्त हैं।पत्रकारिता और फोटोग्राफी के अलावा मुझे कवितायेँ लिखना पसंद है। काव्य क्षेत्र में मैंने नवीन जोशी “नवेन्दु” के रूप में अपनी पहचान बनाई है। मैंने बहुत सी कुमाउनी कवितायेँ लिखी हैं, कुमाउनी भाषा में मेरा काव्य संकलन उघड़ी आंखोंक स्वींड़ प्रकाशित हो चुका है, जो कि पुस्तक के के साथ ही डिजिटल (PDF) फार्मेट पर भी उपलब्ध होने वाली कुमाउनी की पहली पुस्तक है। मेरी यह पुस्तक गूगल एप्स पर भी उपलब्ध है। ’ यहां है एक पत्रकार, लेखक, कवि एवं छाया चित्रकार के रूप में मेरी रचनात्मकता, लेख, आलेख, छायाचित्र, कविताएं, हिंदी-कुमाउनी के ब्लॉग आदि कार्यों का पूरा समग्र। मेरी कोशिश है कि यहां नैनीताल, कुमाऊं, उत्तराखंड और वृहद संदर्भ में देश की विरासत, संस्कृति, इतिहास और वर्तमान को समग्र रूप में संग्रहीत करने की….। मेरे दिल में बसता है, मेरा नैनीताल, मेरा कुमाऊं और मेरा उत्तराखंड

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