नवीन समाचार, पौड़ी गढ़वाल, 26 दिसंबर 2025 (Women Cricket in Bironkhal-Pauri)। उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जनपद के बीरोंखाल क्षेत्र में इन दिनों कड़ाके की ठंड के बीच महिला क्रिकेट प्रतियोगिता ने सामाजिक तापमान बढ़ा दिया है। वर्षों से खेती, जंगल और घरेलू जिम्मेदारियों में लगी पहाड़ की महिलाएं अब क्रिकेट के मैदान में बल्ला थामकर चौके-छक्के जड़ रही हैं। यह आयोजन केवल खेल नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण, सामाजिक बदलाव और ग्रामीण आत्मविश्वास की मजबूत मिसाल बनकर उभरा है।
बीरोंखाल की महिला क्रिकेट प्रतियोगिता और बदलता सामाजिक परिदृश्य
बीरोंखाल विकासखंड के पंचराड़ स्थित शिवशक्ति मैदान में 21 दिसंबर से शुरू हुई इस महिला क्रिकेट प्रतियोगिता में 14 टीमें भाग ले रही हैं। इनमें लगभग 40 गांवों की महिलाएं शामिल हैं, जो सामान्य दैनिक वेशभूषा में ही पूरे आत्मविश्वास के साथ खेल रही हैं। जिन हाथों में अब तक दरांती और कुदाल दिखती थी, वही हाथ आज बल्ला और गेंद संभाल रहे हैं। यह दृश्य पहाड़ी जीवन की परंपरागत छवि को नई दिशा देता नजर आ रहा है। क्या यह बदलाव आने वाली पीढ़ियों के लिए नए रास्ते खोलेगा। स्थानीय लोग इसे सकारात्मक संकेत मान रहे हैं।
परिवार और समाज की भागीदारी
इस प्रतियोगिता की सबसे खास तस्वीरें तब सामने आईं, जब मैदान पर मां और बेटी एक ही टीम के लिए रन बनाती दिखीं। कई स्थानों पर बहनें एक साथ खेलती नजर आईं। इतना ही नहीं, पहाड़ की रूढ़िवादी सोच को पीछे छोड़ते हुए कई सास-ससुर अपनी बहुओं का उत्साह बढ़ाने मैदान तक पहुंचे। खिलाड़ियों का कहना है कि दिनभर के परिश्रम भरे जीवन में यह प्रतियोगिता उनके लिए आत्मसम्मान, पहचान और आनंद का अवसर बन गई है। इससे महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ा है और सामाजिक स्वीकार्यता भी मजबूत हुई है।
इनाम, नियम और खेल का उत्साह
प्रतियोगिता का आयोजन कुंजवनेश्वर क्रीड़ा समिति द्वारा किया जा रहा है। यह टूर्नामेंट निर्धारित नियमों के साथ कॉस्को गेंद से खेला जा रहा है। विजेता टीम को 12 हजार रुपये नकद और ट्रॉफी, जबकि उपविजेता टीम को 6 हजार रुपये नकद और ट्रॉफी दी जाएगी। प्रत्येक मैच में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली खिलाड़ी को 500 से 1000 रुपये तक का पुरस्कार दिया जा रहा है। दर्शक भी चौकों और छक्कों पर खिलाड़ियों को नकद इनाम देकर उनका मनोबल बढ़ा रहे हैं। इससे खेल के प्रति उत्साह और प्रतिस्पर्धा दोनों बढ़ी हैं।
‘लेडी क्रिस गेल’ और ‘क्रूर सिंह’ बनीं पहचान
लाच्छी गांव की शांति देवी अपने लंबे छक्कों के कारण ‘लेडी क्रिस गेल’ के नाम से जानी जा रही हैं। वहीं यापला गांव की कोमल आक्रामक बल्लेबाजी के चलते ‘क्रूर सिंह’ के नाम से प्रसिद्ध हो गई हैं। इन उपनामों ने न केवल खिलाड़ियों को पहचान दी है, बल्कि यह भी दिखाया है कि प्रतिभा किसी प्रशिक्षण केंद्र या संसाधन की मोहताज नहीं होती। स्थानीय युवाओं और बच्चों के लिए ये महिलाएं प्रेरणा बन रही हैं।
महिला सशक्तिकरण और आगे की संभावनाएं
स्थानीय लोगों का मानना है कि इस तरह के आयोजनों से न केवल महिलाओं का शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में खेल संस्कृति भी विकसित होगी। यह पहल रोजगार, पर्यटन और सामाजिक बदलाव से भी जुड़ सकती है। यदि प्रशासन और खेल विभाग का सहयोग मिला, तो भविष्य में यह आयोजन राज्य स्तर की पहचान भी बना सकता है।
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।















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