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साफ-सफाई का सन्देश देता ‘खतडु़वा’ आया, सर्दियां लाया

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      -विज्ञान व आधुनिक बौद्धिकता की कसौटी पर भी खरा उतरता है यह लोक पर्व, साफ-सफाई, पशुओं व परिवेश को बरसात के जल जनित रोगों के संक्रमण से मुक्त करने का भी देता है संदेश डॉ. नवीन जोशी, नवीन समाचार, नैनीताल, 17 सितंबर 2021। उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों, खासकर कुमाऊं अंचल में चौमांस-चार्तुमास यानी बरसात के […]

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सीएम के नैनीताल कार्यक्रम की झलकियां: पंत जयंती कार्यक्रमों का शुभारंभ, पर्वतारोही दल को ध्वज, दो बार पत्रकार नाराज और खाली हो गई कुर्सियां

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      पं. पंत जयंती कार्यक्रम का किया औपचारिक शुभारंभ डॉ. नवीन जोशी, नवीन समाचार, नैनीताल, 8 सितंबर 2021। उत्तराखंड के मुख्यंमत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को नैनीताल में आगामी 10 सितंबर को आयोजित होने वाले पंडित पंत जयंती कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया। इस दौरान धामी ने सर्वप्रथम भारत रत्न पडित गोविन्द बल्लभ पंत की […]

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नैनीताल में 100 वर्ष से पुरानी ऐतिहासिक धरोहर का किया गया संरक्षण

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       डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 19 अगस्त 2021। डाक विभाग ने जिला व मंडल मुख्यालय में लगी लेटर बॉक्स यानी पत्र पेटियों के जीर्णोद्धार की पहल की गई है। नगर के मल्लीताल स्थित मुख्य पोस्ट ऑफिस के तत्वावधान में नगर में बचे 13 पत्र पेटिकाओं की लंबे समय बाद मरम्मत व रंग-रोगन […]

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🌱🌾लाग हरिया्व, लाग दसैं, लाग बग्वाल, जी रया, जागि रया….🌱🌾

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       इस लोक पर्व की ठेठ कुमाउनी आशीषों में त्रेता युग में देवर्षि विश्वामित्र द्वारा भगवान श्रीराम को दी गईं ‘आकाश की तरह ऊँचे होने और धरती की तरह चौड़े होने’ की आशीषों का भाव भी होता है  नवीन जोशी, नैनीताल। `लाग हरिया्व, लाग दसैं, लाग बग्वाल, जी रये, जागि रये, यो दिन यो मास भेटनैं रये, तिष्टिये, पनपिये, हिमाल […]

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परम्परागत तौर पर कैसे मनाई जाती थी दिवाली ? कैसे मनाएं दीपावली कि घर में वास्तव में लक्ष्मी आयें, क्यों भगवान राम की जगह लक्ष्मी-गणेश की होती है पूजा ?

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      बिन पटाखे, कुमाऊं में ‘च्यूड़ा बग्वाल’ के रूप में मनाई जाती थी परंपरागत दीपावली -कुछ ही दशक पूर्व से हो रहा है पटाखों का प्रयोग -प्राचीन लोक कला ऐपण से होता है माता लक्ष्मी का स्वागत और डिगारा शैली में बनती हैं महालक्ष्मी नवीन जोशी, नैनीताल। वक्त के साथ हमारे परंपरागत त्योहार अपना स्वरूप बदलते […]

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देखें पहली डिजिटल कुमाउनी रामलीला…

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      देखें 7वें दिन की पहली डिजिटल कुमाउनी रामलीला : देखें छठे दिन की पहली डिजिटल कुमाउनी रामलीला : देखें पांचवे दिन की पहली डिजिटल कुमाउनी रामलीला :  देखें चौथे दिन की पहली डिजिटल कुमाउनी रामलीला : देखें तीसरे दिन की पहली डिजिटल कुमाउनी रामलीला :  देखें दूसरे दिन की पहली डिजिटल कुमाउनी रामलीला : देखें पहले दिन की […]

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कुमाउनी भाषा का इतिहास

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      तारा चंद्र त्रिपाठी की पुस्तक ‘मध्य पहाड़ी भाषाओं का ऐतिहासिक स्वरूप’ पुस्तक में इतिहासकार मदन चंद्र भट्ट की पुस्तक ‘कुमाऊं की जागर कथायें’ के आधार पर कुमाउनी के शाके 911 यानी यान 989 और गढवाली के शाके 1377 यानी सन् 1455 तक के दान पत्र मिलने की बात कही गई है। सन् 989 के राजा […]

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‘नवीन समाचार’ के सभी समाचार एक जगह

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       काला साबित हुए शनिवार, तीन युवकों की मौत, 11 घायल…18 September 2021 नैनीताल: कार्य में लापरवाही पर एसएसपी ने दो पुलिस कर्मी किए निलंबित17 September 2021 उत्तराखंड उच्च न्यायालय को मिलेंगे नए न्यायाधीश17 September 2021 दहेज हत्या की आरोपित सास, पति व देवर को नहीं मिली जमानत, पति ने कहा था-मैंने नहीं मेरी मां […]

ऐपण : उत्तराखण्ड की लोक चित्रकला

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       प्रमोद प्रसाद, इतिहास विद्यार्थी, नैनीताल। ऐपण या अल्पना एक लोक चित्रकला है। जिसका कुमाऊँ के घरों में एक विशेष स्थान है। ये उत्तराखण्ड की एक परम्परागत लोक चित्रकला है। यह चित्रकला उत्तराखण्ड के कुमाऊँ क्षेत्र से सम्बन्धित है। ऐपण शब्द संस्कृत के शब्द अर्पण से व्युत्पादित है। ऐपण का वास्तविक अर्थ है लिखायी या […]

रानीबाग में हुआ इतिहास, वर्तमान और आस्था का समागम, कत्यूरी वंशजों ने लगाये जागर, हुआ अभिनंदन

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      पहली बार देखें रानीबाग में उत्तरायणी पर कत्यूरी वंशजों द्वारा किया जाने वाला जियारानी का जागर : नवीन समाचार, नैनीताल, 15 जनवरी 2019। ‘जय जिया जय जिया’ के उदघोषों सोमवार यानी मकर संक्रांति की पहली रात रानीबाग स्थितबचित्रेश्वर घाट में गुंजायमान रही। इस दौरान रानीबाग में कत्यूरी राजाओं के वंशजों के जत्थे उमड़ते रहे और कड़ाके की […]

दीवाली पर नैनीताल की बेटी दीक्षा ने दक्षिण अमेरिकी बच्चों को दिया यह ‘हिंदुस्तानी’ तोहफा

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      -कनाडा में दूसरी पुस्तक ‘वेद‘स लिटिल बुक ऑन डिवोसन’ हुई लॉंच -बिक्री के मामले में अमेजन पर बच्चों की हिंदू धर्म की पुस्तकों में सर्वाधिक बिकने वाली सूची में दो दिन में ही दूसरे स्थान पर आ गयी है  यह पुस्तक  नैनीताल, 5 सितंबर 2018। दिवाली के त्यौहार पर नैनीताल की एक बेटी दीक्षा पाल नारायणन […]

चंद राजाओं की विरासत है कुमाऊं का प्रसिद्ध छोलिया नृत्य

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      नवीन जोशी, नैनीताल। आधुनिक भौतिकवादी युग के मानव जीवन में सैकड़ों-हजारों वर्ष पुरानी कम ही सांस्कृतिक परंपराएं शेष रह पाई हैं। इन्हीं में एक आज कुमाऊं ही नहीं उत्तराखंड राज्य की सांस्कृतिक पहचान बन चुका प्रसिद्ध छल या छलिया और हिन्दी में छोलिया कहा जाने वाला लोकनृत्य है, जो कि मूलतः युद्ध का नृत्य बताया जाता है। […]

जागेश्वर मंदिर समूह बना कुमाऊं विवि का आधिकारिक प्रतीक

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      नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय ने सातवीं से 14वीं शताब्दी में बने देश के 12 ज्योर्तिलिंगों में से एक, 125 मंदिरों के जागेश्वर मंदिर समूह को अपना आधिकारिक प्रतीक चुन लिया है। विवि के कुलपति प्रो. डीके नौड़ियाल ने बताया कि काफी सोच-विचार के बाद कुमाऊं के सबसे बड़े मंदिर समूह व पहचान के रूप में जागेश्वर […]

प्रसिद्ध वैष्णो देवी शक्तिपीठ सदृश रामायण-महाभारतकालीन द्रोणगिरि वैष्णवी शक्तिपीठ दूनागिरि

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      हिमालय की गोद में बसे आध्यात्मिक महिमा से मंडित और नैसर्गिक प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर दूनागिरि शक्तिपीठ का अपार महात्म्य है। जम्मू के प्रसिद्ध वैष्णो देवी शक्तिपीठ की तरह ही यहां भी वैष्णवी माता की स्वयंभू सिद्ध पिंडि विग्रह मौजूद हैं। कहते हैं कि इन दोनों स्थानों पर अन्य शक्तिपीठों की तरह माता के कोई […]

सच्चा न्याय दिलाने वाली माता कोटगाड़ी: जहां कालिया नाग को भी मिला था अभयदान

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      नवीन जोशी, नैनीताल। कण-कण में देवत्व के लिए प्रसिद्ध देवभूमि उत्तराखंड में कोटगाड़ी (कोकिला देवी) नाम की एक ऐसी देवी हैं, जिनके दरबार में कोर्ट सहित हर दर से मायूस हो चुके लोग आकर अथवा बिना आए, कहीं से भी उनका नाम लेकर न्याय की गुहार लगाते (स्थानीय भाषा में विरोधी के खिलाफ ‘घात’ डालते) […]