News

देखें पहली डिजिटल कुमाउनी रामलीला…

यहाँ से दोस्तों को भी शेयर करके पढ़ाइये
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

यहाँ से दोस्तों को भी शेयर करके पढ़ाइये     देखें 7वें दिन की पहली डिजिटल कुमाउनी रामलीला : देखें छठे दिन की पहली डिजिटल कुमाउनी रामलीला : देखें पांचवे दिन की पहली डिजिटल कुमाउनी रामलीला :  देखें चौथे दिन की पहली डिजिटल कुमाउनी रामलीला : देखें तीसरे दिन की पहली डिजिटल कुमाउनी रामलीला :  देखें दूसरे दिन की पहली […]

News

नैनीताल के हरदा बाबा-अमेरिका के बाबा हरिदास

यहाँ से दोस्तों को भी शेयर करके पढ़ाइये
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

यहाँ से दोस्तों को भी शेयर करके पढ़ाइये      सरोवरनगरी नैनीताल का साधु-संतों से सदियों से, वस्तुतः अपनी स्थापना से ही अटूट रिस्ता रहा है। इस नगर का पौराणिक नाम ‘त्रिऋषि सरोवर’ ही इसलिये है, क्योंकि इसकी स्थापना सप्तऋषियों में गिने जाने वाले तीन ऋषियों (लंकापति रावण के पितामह महर्षि पुलस्त्य के साथ ब्रह्मा पुत्र अत्रि […]

रानीबाग में हुआ इतिहास, वर्तमान और आस्था का समागम, कत्यूरी वंशजों ने लगाये जागर, हुआ अभिनंदन

यहाँ से दोस्तों को भी शेयर करके पढ़ाइये
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

यहाँ से दोस्तों को भी शेयर करके पढ़ाइये     पहली बार देखें रानीबाग में उत्तरायणी पर कत्यूरी वंशजों द्वारा किया जाने वाला जियारानी का जागर : नवीन समाचार, नैनीताल, 15 जनवरी 2019। ‘जय जिया जय जिया’ के उदघोषों सोमवार यानी मकर संक्रांति की पहली रात रानीबाग स्थितबचित्रेश्वर घाट में गुंजायमान रही। इस दौरान रानीबाग में कत्यूरी राजाओं के वंशजों […]

प्रसिद्ध वैष्णो देवी शक्तिपीठ सदृश रामायण-महाभारतकालीन द्रोणगिरि वैष्णवी शक्तिपीठ दूनागिरि

यहाँ से दोस्तों को भी शेयर करके पढ़ाइये
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

यहाँ से दोस्तों को भी शेयर करके पढ़ाइये     हिमालय की गोद में बसे आध्यात्मिक महिमा से मंडित और नैसर्गिक प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर दूनागिरि शक्तिपीठ का अपार महात्म्य है। जम्मू के प्रसिद्ध वैष्णो देवी शक्तिपीठ की तरह ही यहां भी वैष्णवी माता की स्वयंभू सिद्ध पिंडि विग्रह मौजूद हैं। कहते हैं कि इन दोनों स्थानों पर […]

भगवान राम की नगरी के समीप माता सीता का वन ‘सीतावनी’

यहाँ से दोस्तों को भी शेयर करके पढ़ाइये
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

यहाँ से दोस्तों को भी शेयर करके पढ़ाइये      देवभूमि कुमाऊं-उत्तराखंड में रामायण में सतयुग, द्वापर से लेकर त्रेता युग से जुड़े अनेकों स्थान मिलते हैं। इन्हीं में से एक है त्रेता युग में भगवान राम की धर्मपत्नी माता सीता के निर्वासन काल का आश्रय स्थल रहा वन क्षेत्र-सीतावनी, जो अपनी शांति, प्रकृति एवं पर्यावरण के साथ मनुष्य […]

loading...