-शांतिपुरी में पंचायत चुनाव से जुड़ी आत्महत्या का मामला नया मोड़ लेने के बाद परिजनों ने कोतवाली का किया घेराव, वायरल वीडियो से मचा हड़कंप, मृतक समर्थक ललित आर्या के आरोपों के बाद परिजन उग्र, पहले मृत्यु का दूसरा ही कारण बताया गया था
नवीन समाचार, पंतनगर,2 अगस्त 2025 (Lalit Arya Suicide in Shantipuri after Panchayat)। उत्तराखंड में पंचायत चुनाव की अंदरूनी असलियत बताने वाला एक दु:खद समाचार है। ऊधमसिंह नगर जनपद के शांतिपुरी क्षेत्र में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में हार-जीत को लेकर ग्राम प्रधान पद के एक समर्थक द्वारा आत्महत्या की घटना ने न केवल गांव बल्कि जिले भर में सनसनी फैला दी है। आत्महत्या करने वाले ग्राम प्रधान समर्थक 32 वर्षीय ललित आर्या के मोबाइल से एक वीडियो मिलने के बाद यह मामला और भी गंभीर हो गया है।
पुलिस व संबंधितों से प्राप्त जानकारी के अनुसार वीडियो में मृतक ललित आर्या ने शांतिपुरी नंबर तीन-चार की नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान बचुली देवी के पुत्र ललित बिष्ट पर चुनाव के दौरान किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) से व ट्रैक्टर बेचकर लाखों रुपये खर्च करवाने और चुनाव जीतने के बाद पैसे लौटाने से इनकार करने का आरोप लगाया है। वीडियो में मृतक ने बताया है कि रुपये वापस न मिलने की मानसिक पीड़ा के कारण ही उसे आत्मघाती कदम उठाना पड़ा।
तीन साल पूर्व उसका विवाह हुआ था और छह महीने पहले ही पत्नी गर्भवती हुई थी। परिवार में आने वाले नन्हे मेहमान की तैयारी चल रही थी, लेकिन नियति ने एक और दर्दनाक मोड़ ले लिया। ललित अपने होने वाले बच्चे की एक झलक भी नहीं देख सका।
परिजनों ने शव के साथ किया पंतनगर कोतवाली का घेराव
घटना से क्षुब्ध मृतक के परिजन शुक्रवार को रुद्रपुर चिकित्सालय से शव लेने के बाद सीधे पंतनगर कोतवाली पहुंचे और वहां प्रदर्शन करते हुए घेराव किया। परिजनों ने कोतवाली में दी गई तहरीर में शांतिपुरी नंबर चार की ग्राम प्रधान बचुली देवी के पुत्र ललित बिष्ट को इस आत्महत्या का उत्तरदायी ठहराते हुए उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की। इसके बाद शुक्रवार देर शाम मृतक का अंतिम संस्कार गौला नदी के किनारे किया गया।
विरोधियों की ओर से आरोपों का खंडन
वहीं दूसरी ओर आरोपित प्रधान पुत्र ललित बिष्ट ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि ललित आर्या से उनका कोई व्यक्तिगत या चुनावी संबंध कभी नहीं रहा। उन्होंने इसे एक षड्यंत्र बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
वीडियो अब तक पुलिस को नहीं मिला
कोतवाल सुन्दरम शर्मा ने बताया कि मृतक के परिजनों की तहरीर प्राप्त कर ली गई है। वायरल वीडियो अभी तक पुलिस के पास नहीं पहुंचा है। चूंकि घटनास्थल नैनीताल जिले के इमलीघाट क्षेत्र में आता है, अतः यह मामला दो जनपदों की सीमा में होने के कारण दोनों थानों की पुलिस संयुक्त रूप से इसकी जांच करेगी।
पूर्व में मृत्यु का दूसरा ही कारण बताया गया था (Lalit Arya Suicide in Shantipuri after Panchayat)
पहले बताया गया था कि ललित प्रधान पद की प्रत्याशी बबीता रौतेला और बीडीसी उम्मीदवार दीप्ति पांडा के लिए लंबे समय से प्रचार कर रहा था। गुरुवार को आए नतीजों में दोनों उम्मीदवारों को हार का सामना करना पड़ा, जिससे ललित काफी टूट गया। चुनावी नतीजों के बाद कुछ लोगों ने ललित का मजाक उड़ाया और ताने कसे, जिससे उसका मन और अधिक व्यथित हो गया।
दोपहर करीब 2:48 बजे उसने अपने करीबी मित्र अनिल कुमार को गौला नदी के तट पर बुलाया। जब अनिल वहां पहुंचा, तो ललित ज़मीन पर पड़ा उल्टियां कर रहा था और उसकी हालत बिगड़ती जा रही थी।
, उसकी जेब से जहरीले पदार्थ का पैकेट मिलने के बाद यह स्पष्ट हुआ कि ललित ने आत्मघाती कदम उठाया है। उसने अपने दोस्त को बताया कि चुनाव परिणाम और लोगों की टिप्पणियों से परेशान होकर उसने जहर खा लिया है। अनिल ने तुरंत परिजनों को सूचित किया और अन्य मित्रों की सहायता से उसे रुद्रपुर ले जाया गया। हालांकि कई अस्पतालों में दिखाने के बाद आखिरकार बाठला अस्पताल में चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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