नवीन समाचार, नैनीताल, 30 दिसंबर 2025 (Nainital-Leopard Killed Women)। उत्तराखंड के नैनीताल जनपद के ओखलकांडा क्षेत्र में मंगलवार को एक हृदयविदारक घटना सामने आई, जहां जंगल में घास काटने गई महिला पर गुलदार ने हमला कर दिया। हमले में महिला की मौके पर ही मृत्यु हो गई। यह घटना केवल एक परिवार के उजड़ने की नहीं, बल्कि पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार बढ़ रहे मानव–वन्यजीव संघर्ष की गंभीर चेतावनी है। बीते कुछ वर्षों में नैनीताल जनपद सहित कुमाऊं और गढ़वाल मंडलों में इस तरह की घटनाओं में लगातार वृद्धि हुई है, जिससे ग्रामीणों में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया है।
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ओखलकांडा ब्लॉक के चमोली गांव में हुआ दर्दनाक हादसा-जंगल में घात लगाए बैठे गुलदार ने किया हमला
पुलिस व संबंधितों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, ओखलकांडा ब्लॉक के चमोली गांव के कीटोड़ा तोक निवासी रेखा देवी पत्नी पान सिंह अन्य महिलाओं के साथ जंगल में घास काटने गई थीं। इसी दौरान पहले से घात लगाए बैठे गुलदार ने अचानक रेखा देवी पर हमला कर दिया। महिलाओं ने शोर मचाया और रेखा देवी ने मदद के लिए चीख-पुकार की, लेकिन गुलदार ने उन्हें नहीं छोड़ा और करीब दो किलोमीटर तक जंगल के भीतर घसीटते हुए ले गया।
मौके पर ही मृत्यु, गांव में शोक का माहौल
हमले में रेखा देवी की मौके पर ही मृत्यु हो गई। जब ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे तो दृश्य अत्यंत पीड़ादायक था। महिला के परिजन, विशेषकर उसके बच्चों की स्थिति देखकर पूरे गांव की आंखें नम हो गईं। एक मां का यूं असमय चले जाना परिवार के साथ-साथ पूरे गांव के लिए गहरा आघात बन गया है।
बढ़ते हमलों से ग्रामीणों में आक्रोश-ठोस कदम न उठने पर जताई चिंता
ग्रामीणों का कहना है कि पर्वतीय क्षेत्रों में गुलदार और बाघ के हमले अब आम होते जा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद वन विभाग और प्रशासन की ओर से स्थायी और प्रभावी समाधान नहीं दिख रहा। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में और भी बड़े हादसे हो सकते हैं।
बीते वर्षों में कई महिलाओं की गई जान
नैनीताल जनपद में पिछले दो वर्षों में ही वन्यजीवों के हमलों में कई महिलाओं की मृत्यु हो चुकी है। वर्ष 2023 में भीमताल ब्लॉक के मलुवाताल कसाइल में इंद्रा देवी, अलचौना के ताड़ा गांव में निकिता शर्मा और पिनरों के डोब गांव में पुष्पा देवी की मृत्यु बाघ के हमलों में हुई। वर्ष 2024 में नौकुचियाताल के सिलौटी में लीला देवी और वर्ष 2025 में बेतालघाट के ओखलढुंगा में शांति देवी की जान गई। इसी वर्ष पहाड़पानी क्षेत्र में हेमा देवी की मृत्यु भी गुलदार के हमले में हुई। ये आंकड़े बताते हैं कि समस्या कितनी गंभीर होती जा रही है।
गढ़वाल में भी वन्यजीव हमलों की घटनाएं-टिहरी के घनसाली में भालू का हमला
इसी क्रम में गढ़वाल मंडल के टिहरी जनपद के घनसाली क्षेत्र में भी वन्यजीव हमले की घटना सामने आई है। सरूणा गांव में मंगलवार सुबह भालू ने टीकाराम जोशी नामक व्यक्ति पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया। घायल व्यक्ति को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया है। वन विभाग के अनुसार उनकी स्थिति सामान्य है, लेकिन इस घटना से क्षेत्र में भय का माहौल है।
प्रशासन और वन विभाग के सामने चुनौती-मुआवजा और सुरक्षा की मांग
नैनीताल के ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार को शीघ्र मुआवजा देने, प्रभावित क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने, पिंजरे लगाने और हमलावर गुलदार की पहचान कर उसे पकड़ने की मांग की है। साथ ही जंगल किनारे बसे गांवों में प्रकाश, अलर्ट प्रणाली और सामूहिक सुरक्षा उपायों की आवश्यकता पर भी जोर दिया जा रहा है।
यह घटनाएं स्पष्ट संकेत हैं कि मानव–वन्यजीव संघर्ष अब केवल वन विभाग का विषय नहीं, बल्कि समग्र नीति, संसाधन और स्थानीय सहभागिता के साथ समाधान की मांग कर रहा है। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसी त्रासद घटनाएं दोहराई जाती रहेंगी।
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।















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