नवीन समाचार, पिथौरागढ़, 31 जनवरी 2026 (12-year Boy Found Hanging)। उत्तराखंड (Uttarakhand) के पिथौरागढ़ (Pithoragarh) जनपद से एक बेहद संवेदनशील घटना सामने आई है, जहां नगर की पवन विहार कॉलोनी (Pawan Vihar Colony) में छठी–सातवीं कक्षा में अध्ययनरत 12 वर्षीय छात्र संदिग्ध परिस्थितियों में अपने कमरे में पंखे के सहारे फंदे से लटका मिला। घटना से पूरे क्षेत्र में शोक और चिंता का माहौल है, जबकि पुलिस और फॉरेंसिक टीम मामले की गहन जांच में जुटी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक छात्र क्रिश/कृष मेहता (Krish/Krish Mehta) एक निजी शिक्षण संस्थान में अध्ययनरत था। उसके माता–पिता बड़ालू/बाराकू गांव (Badalu/Baraku Village) में रहते हैं, जबकि वह पढ़ाई के लिए अपनी बुआ के साथ पिथौरागढ़ नगर के बिण (Bin) क्षेत्र स्थित पवन विहार कॉलोनी में रह रहा था। शुक्रवार दोपहर तक वह छत पर खेलता हुआ देखा गया था। इसके बाद वह नीचे कमरे में चला गया।
घटना का विवरण और मौके की स्थिति
शाम के समय जब बुआ और उनकी बेटी घर लौटीं तो काफी देर तक बच्चे के बाहर न निकलने पर संदेह हुआ। कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। दरवाजा तोड़कर देखा गया तो छात्र चार–पांच दुपट्टों को आपस में जोड़कर बनाए गए फंदे के सहारे पंखे से लटका मिला। कमरे में पंखे तक पहुंचने के लिए रखी गई कुर्सी और टेबल गिरी हुई अवस्था में पाई गई।
पुलिस व प्रशासन की कार्रवाई
सूचना मिलते ही पुलिस क्षेत्राधिकारी कुंवर सिंह रावत और कोतवाल ललित मोहन जोशी के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची। फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया, जो साक्ष्य संकलन में जुटी रही। पुलिस के अनुसार, घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। यह भी सामने आया है कि बच्चा छत से मोबाइल लेकर कमरे के भीतर गया था। सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है।
परिजनों की स्थिति और आगे की प्रक्रिया
मृतक के पिता महेंद्र सिंह मेहता (Mahendra Singh Mehta) किसान हैं और उस समय दिल्ली में थे, जिन्हें घटना की सूचना दे दी गई है। गांव से छात्र की मां और दादा पिथौरागढ़ पहुंच चुके हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सामाजिक और मानवीय पहलू
यह घटना बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य, पारिवारिक संवाद और विद्यालयी–सामाजिक सहयोग की अहमियत की ओर ध्यान खींचती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में संवेदनशील जांच के साथ–साथ परिवारों और शैक्षणिक संस्थानों को बच्चों के व्यवहार में होने वाले बदलावों पर सतर्क रहना चाहिए।
पाठकों से आग्रह है कि इस समाचार से संबंधित अपनी राय और विचार नीचे दिए गए कमेन्ट बॉक्स में अवश्य साझा करें।
नैनीताल जनपद में हाल के दिनों में हुई अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं से जुड़ी पूरी रिपोर्ट यहाँ क्लिक करके पढ़ी जा सकती है। इसी तरह पिथौरागढ़ के समाचारों के लिए यहाँ👉, अल्मोड़ा के समाचारों के लिए यहाँ👉, बागेश्वर के समाचारों के लिए यहाँ👉, चंपावत के समाचारों के लिए यहाँ👉, ऊधमसिंह नगर के समाचारों के लिए यहाँ👉, देहरादून के समाचारों के लिए यहाँ👉, उत्तरकाशी के समाचारों के लिए यहाँ👉, पौड़ी के समाचारों के लिए यहाँ👉, टिहरी जनपद के समाचारों के लिए यहाँ👉, चमोली के समाचारों के लिए यहाँ👉, रुद्रप्रयाग के समाचारों के लिए यहाँ👉, हरिद्वार के समाचारों के लिए यहाँ👉और उत्तराखंड से संबंधित अन्य समाचार पढ़ने के लिये यहां👉 क्लिक करें।
आज के अन्य एवं अधिक पढ़े जा रहे उत्तराखंड के नवीनतम अपडेट्स-‘नवीन समाचार’ पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। यहां क्लिक कर हमारे व्हाट्सएप चैनल से, फेसबुक ग्रुप से, गूगल न्यूज से यहाँ, एक्स से, थ्रेड्स चैनल से, टेलीग्राम से, कुटुंब एप से और डेलीहंट से जुड़ें। अमेजॉन पर सर्वाधिक छूटों के साथ खरीददारी करने के लिए यहां क्लिक करें। यदि आपको लगता है कि ‘नवीन समाचार’ अच्छा कार्य कर रहा है तो हमें यहाँ क्लिक करके सहयोग करें..।
Tags (12-year Boy Found Hanging) :
12-year Boy Found Hanging, Pithoragarh News, Uttarakhand Child Death Case, Student Death Investigation, Uttarakhand Police Investigation, Child Safety In Uttarakhand, Mental Health Awareness India, School Student News Uttarakhand, Pithoragarh Latest News, Crime Investigation Uttarakhand, Social Concern News, #PithoragarhNews #UttarakhandNews #ChildSafety #StudentDeath #PoliceInvestigation #MentalHealthAwareness #SocialConcern #UttarakhandCrime #PeopleFirstNews













3 जून 2009 से संचालित उत्तराखंड का सबसे पुराना डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘नवीन समाचार’ अपने आरंभ से ही उत्तराखंड और देश-दुनिया की सटीक, निष्पक्ष और जनहित से जुड़ी खबरें आप तक पहुँचाने का प्रयास करता आ रहा है। हिंदी में विशिष्ट लेखन शैली हमारी पहचान है। हमारा उद्देश्य केवल समाचार देना नहीं, बल्कि समाज की वास्तविक आवाज को मजबूती से सामने लाना, स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता देना और हिंदी पत्रकारिता को जीवित रखना है। हमारे प्रत्येक समाचार एक लाख से अधिक लोगों तक और हर दिन लगभग 10 लाख बार पहुंचते हैं।