नवीन समाचार, नैनीताल, 19 फरवरी 2026 (HIV-Positive Prisoner Died)। नैनीताल जिला कारागार (Nainital Jail) में बंद एक विचाराधीन बंदी की डॉ. सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय (Dr Sushila Tiwari Government Hospital-STH) हल्द्वानी में उपचार के दौरान मृत्यु हो गयी। बताया गया है बंदी लंबे समय से एचआईवी से ग्रस्त था और निरंतर कई रोगों से उपचाराधीन था। मामले को संवेदनशील मानते हुए प्रशासन ने मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिससे मृत्यु के कारणों की विधिवत पुष्टि हो सके।
बीमारी से जूझ रहा था बंदी, उपचार के दौरान मृत्यु
पुलिस के अनुसार बनभूलपुरा (Banbhoolpura) हल्द्वानी निवासी लगभग 30 वर्षीय युवक वर्ष 2025 के अप्रैल में एनडीपीएस अधिनियम के एक प्रकरण में गिरफ्तार होकर नैनीताल कारागार में निरुद्ध था। बताया गया कि युवक नशे के इंजेक्शन का आदी था और इसी कारण वह एचआईवी संक्रमित (HIV Positive) हो गया था। इसी कारण स्वास्थ्य लगातार कमजोर रहने के कारण वह समय-समय पर अस्वस्थ रहता था।
12 फरवरी को कारागार में उसका स्वास्थ्य बिगड़ने पर उसे पहले बीडी पांडे जिला चिकित्सालय (BD Pandey District Hospital) नैनीताल में भर्ती कराया गया। वहां चिकित्सकों ने स्थिति गंभीर देखते हुए उसे हल्द्वानी स्थित डॉ. सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय में संदर्भित कर दिया। जानकारी के अनुसार बंदी को पूर्व में काला पीलिया (Jaundice) भी हो चुका था, हालांकि बाद में उसमें सुधार बताया गया था।
देर रात उपचार के दौरान हुई मृत्यु
चिकित्सालय में लंबे समय से बुखार सहित अन्य जटिलताओं का उपचार चल रहा था। इसी दौरान बुधवार देर रात बंदी की मृत्यु हो गयी। नियमानुसार शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। गुरुवार को पोस्टमार्टम गृह में मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में वीडियोग्राफी (Videography) के साथ उसके अन्त्य परीक्षण (Postmortem) की प्रक्रिया की गई, ताकि किसी भी प्रकार की शंका की स्थिति में तथ्य स्पष्ट रह सकें।
क्यों महत्वपूर्ण है मामला
यह घटना कारागारों में बंद विचाराधीन बंदियों के स्वास्थ्य प्रबंधन, नशा मुक्ति उपचार व्यवस्था और गंभीर रोगियों की चिकित्सकीय निगरानी जैसे महत्वपूर्ण प्रश्नों को सामने लाती है। विशेषज्ञों के अनुसार एचआईवी जैसे दीर्घकालिक रोगों से ग्रस्त बंदियों के लिए नियमित जांच, समय पर संदर्भण और विशेष चिकित्सा प्रोटोकॉल अत्यंत आवश्यक होते हैं।
प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की विधिक प्रक्रिया तय की जाएगी। साथ ही कारागारों में स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी को भी आवश्यकतानुसार मजबूत किया जा सकता है।
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।















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