EnglishInternational Phonetic Alphabet – SILInternational Phonetic Alphabet – X-SAMPASystem input methodCTRL+MOther languagesAbronAcoliадыгэбзэAfrikaansअहिराणीajagbeBatak AngkolaአማርኛOboloالعربيةঅসমীয়াаварتۆرکجهᬩᬮᬶɓasaáBatak Tobawawleбеларускаябеларуская (тарашкевіца)Bariروچ کپتین بلوچیभोजपुरीभोजपुरीẸdoItaŋikomBamanankanবাংলাབོད་ཡིག།bòo pìkkàbèromबोड़ोBatak DairiBatak MandailingSahap Simalunguncakap KaroBatak Alas-KluetbuluburaብሊንMə̀dʉ̂mbɑ̀нохчийнchinook wawaᏣᎳᎩکوردیAnufɔЧăвашлаDanskDagbaniдарганdendiDeutschDagaareThuɔŋjäŋKirdkîडोगरीDuáláÈʋegbeefịkẹkpeyeΕλληνικάEnglishEsperantoفارسیmfantseFulfuldeSuomiFøroysktFonpoor’íŋ belé’ŋInternational Phonetic AlphabetGaगोंयची कोंकणी / Gõychi Konknni𐌲𐌿𐍄𐌹𐍃𐌺𐌰 𐍂𐌰𐌶𐌳𐌰ગુજરાતીfarefareHausaעבריתहिन्दीछत्तीसगढ़ी𑢹𑣉𑣉HoHrvatskiհայերենibibioBahasa IndonesiaIgboIgalaгӀалгӀайÍslenskaawainAbꞌxubꞌal PoptiꞌJawaꦗꦮქართული ენაTaqbaylit / ⵜⴰⵇⴱⴰⵢⵍⵉⵜJjuадыгэбзэ (къэбэрдеибзэ)KabɩyɛTyapkɛ́nyáŋGĩkũyũҚазақшаភាសាខ្មែរಕನ್ನಡ한국어kanuriKrioकॉशुर / کٲشُرКыргызKurdîKʋsaalLëblaŋoлаккулезгиLugandaLingálaລາວلۊری شومالیlüüdidxʷləšucidmadhurâमैथिलीŊmampulliMalagasyKajin M̧ajeļമലയാളംМонголᠮᠠᠨᠵᡠManipuriма̄ньсиဘာသာမန်mooreमराठीမြန်မာ閩南語 / Bân-lâm-gú閩南語(漢字)閩南語(傳統漢字)Bân-lâm-gú (Pe̍h-ōe-jī)Bân-lâm-gú (Tâi-lô)KhoekhoegowabNorsk (bokmål)नेपालीनेपाल भाषाli nihanawdmNorsk (nynorsk)ngiembɔɔnߒߞߏSesotho sa LeboaThok NaathChichewaNzemaଓଡ଼ିଆਪੰਜਾਬੀPiemontèisΠοντιακάⵜⴰⵔⵉⴼⵉⵜTarandineрусскийसंस्कृतсаха тылаᱥᱟᱱᱛᱟᱞᱤ (संताली)सिंधीکوردی خوارگDavvisámegiellaKoyraboro SenniSängöⵜⴰⵛⵍⵃⵉⵜတႆးසිංහලᠰᡞᠪᡝSlovenčinaСрпски / srpskiSesothoSENĆOŦENSundaSvenskaŚlůnskiதமிழ்ತುಳುతెలుగుไทยትግርኛትግሬцӀаӀхна мизSetswanaChiTumbukaTwiⵜⴰⵎⴰⵣⵉⵖⵜудмуртУкраїнськаاردوOʻzbekchaꕙꔤTshiVenḓaVènetoWaaleWolofLikpakpaanlYorùbá中文中文(中国大陆)中文(简体)中文(繁體)中文(香港)中文(澳門)中文(马来西亚)中文(新加坡)中文(臺灣)Help इस समाचार को सुनने के लिए यहाँ क्लिक करें -एस्ट्रोवर्स एक्सपीरियंस प्राइवेट लिमिटेड नाम के नए स्टार्ट-अप के द्वारा नगर के सेंट जोसफ कॉलेज में अपराह्न एक बजे से होगा विशेष आयोजन डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 12 अगस्त 2022। स्वतंत्रता के 75वें वर्ष पर देश भर में मनाए जा रहे अमृत महोत्सव को यादगार बनाने के लिए एस्ट्रोवर्स एक्सपीरियंस प्राइवेट लिमिटेड नाम के नए स्टार्ट-अप ने अनूठी पहल की है। इस अवसर पर नैनीताल के प्रसिद्ध सेंट जोसेफ कालेज के मैदान में छात्रों के लिए हाइड्रो रॉकेटरी प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। बताया गया है कि इस मौके परं बच्चे भारतीय ध्वज के साथ 100 से अधिक हाइड्रो-रॉकेट आसमान में उड़ाएंगे और इससे देश के साथ-साथ छात्रों के तकनीकी विकास को भी एक नयी उड़ान मिलेगी। इससे बच्चों में अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति रुचि पैदा और विकसित होगी।आयोजकों का कहना है कि प्रदेश ही नहीं देश में यह अपनी तरह का पहला आयोजन होगा। 15 अगस्त को अपराह्न एक बजे से प्रस्तावित इस कार्यक्रम में सेंट जोसफ कॉलेज के साथ लॉन्ग व्यू पब्लिक स्कूल के छात्र-छात्राओं के द्वारा प्रतिभाग किया जाएगा। विजेताओं का फैसला उनके रॉकेट द्वारा तय की गई अधिकतम दूरी और उसकी कुशलता पूर्वक बनावट के आधार पर किया जाएगा।इस पहल को अमली जामा पहनाने के लिए जी जान से जुटे अजय, शुभम और राहुल ने बताया कि ऐस्ट्रो पाठशाला का उद्देश्य छात्रों को व्यावहारिक अनुभव, वैज्ञानिक अवलोकन और प्रयोंगों के द्वारा अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में रूचि पैदा करना है। इस कार्यक्रम के तहत छात्रों को सौर मंडल, ग्रहो, तारों, आकाशगंगाओं और रॉकेटों आदि अन्तरिक्ष एवं खगोल विज्ञान के विभिन्न विषयों के बारे में विस्तृत अध्ययन कराया जाता है।नगर पालिका ने हर वार्ड में बांटे 250-250 तिरंगे नैनीताल। नैनीताल नगर पालिका के द्वारा बीते तीन दिनों से नगर के सभी 13 वार्डों में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे देशव्यापी ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत वितरित किए जा रहे हैं। इस कड़ी में शुक्रवार को भोटिया मार्केट, तिब्बती मार्केट, न्यू पालिका मार्केट, चाट पार्क, फुटपाथ व बड़ा बाजार क्षेत्र में एवं कार्यालय में आने वाले तथा चलते-फिरते व तिरंगा चाह रहे लोगों को तिरंगे वितरित किए गए। बताया गया है कि इस अभियान के तहत हर वार्ड में 250-250 तिरंगे वितरित किए गए हैं।आगे इसी कड़ी में शनिवार सुबह 9 बजे से नगर पालिका के तत्वावधान में नगर के मल्लीताल स्थित बैंड स्टेंड से तल्लीताल गांधी मूर्ति तक नगर की महिलाओं एवं अन्य लोगों के साथ तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी। इस दौरान बैंड हाउस में ध्वजारोहण भी किया जाएगा। आज के अभियान में नगर पालिका अध्यक्ष सचिन नेगी, अधिशासी अधिकारी अशोक कुमार वर्मा, कार्यालय अधीक्षक शिवराज नेगी, सभासद सुरेश चंद्र, गजाला कमाल, कैलाश रौतेला, मनोज साह जगाती, निर्मला चंद्रा, राजू टांक व सागर आर्या आदि लोग शामिल रहे। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।यहाँ क्लिक कर सीधे संबंधित को पढ़ें Toggleयह भी पढ़ें : ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के बीच ऊधमसिंह नगर में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे का अपमान, मुकदमा दर्जयह भी पढ़ें : केंद्रीय कानून राज्य मंत्री ने किया आईपीसी, सीआरपीसी और आईएए में परिवर्तन पर मोदी सरकार की मंशा का खुलासा…यह भी पढ़ें : हल्द्वानी में राष्ट्रीय ध्वज का अपमान, वीडियो वायरल होने के बाद आरोपित गिरफ्तार…यह भी पढ़ें : मध्य प्रदेश : कमलनाथ सरकार की बुझी ‘ज्योति’, फिर ‘कमल’ सरकार…!ज्योतिरादित्य सहित 20 कांग्रेस विधायकों ने कांग्रेस छोड़ी, होंगे भाजपा में शामिलयह भी पढ़ें : देश के लिये बड़ा समाचार : ब्रिटेन तथा फ्रांस को पीछे छोड़ दुनिया की 5वीं अर्थव्यवस्था बना भारत..यह भी पढ़ें : कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति ने की राजमाता को ‘राष्ट्रीय रत्न’ देने की मांगयह भी पढ़ें : शादी के कार्ड पर लिखा-हम CAA-NRC का समर्थन करते हैं..यह भी पढ़ें : दो बार के कांग्रेसी सांसद भाजपाई अभियान में सीएए के पक्ष में आये…!यह भी पढ़ें : भाजपा ने सीएए के समर्थन में जुलूस निकालकर यह भी किया…यह भी पढ़ें : जेएनयू हिंसा पर नैनीताल में बोले देश के पूर्व कानून मंत्री कपिल सिब्बल, कहा-बर्खास्त हों कुलपति व पुलिस कमिश्नरयह भी पढ़ें : नागरिकता संशोधन बिल लोकसभा से पास, पक्ष में 311 जबकि विपक्ष में 80 वोट पड़ेराज्य के सभी प्रमुख समाचार पोर्टलों में प्रकाशित आज-अभी तक के समाचार पढ़ने के लिए क्लिक करें इस लाइन को…नियमित रूप से नैनीताल, कुमाऊं, उत्तराखंड के समाचार अपने फोन पर प्राप्त करना चाहते हैं तो हमारे टेलीग्राम ग्रुप में इस लिंक https://t.me/joinchat/NgtSoxbnPOLCH8bVufyiGQ से एवं ह्वाट्सएप ग्रुप से इस लिंक https://chat.whatsapp.com/ECouFBsgQEl5z5oH7FVYCO पर क्लिक करके जुड़ें।Like this:Relatedयह भी पढ़ें : ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के बीच ऊधमसिंह नगर में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे का अपमान, मुकदमा दर्जनवीन समाचार, सितारगंज, 11 अगस्त 2022। ऊधमसिंहनगर जिले के सितारगंज में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे को पैर से मसलने-अपमान करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस मामले में शहर के एक जिम संचालक पर राष्ट्रीय ध्वज के अपमान के मामले में मिली शिकायत के बाद राष्ट्र गौरव अपमान निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।शहर के भूमिया कॉलोनी निवासी सोनू शर्मा पुत्र ओमप्रकाश शर्मा ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री के ‘हर-घर तिरंगा’ कार्यक्रम के तहत वह मार्केट में लोगों के घरों और दुकानों में तिरंगा झंडा लगा रहे थे। इसी दौरान किच्छा रोड के चौधरी मार्केट के पास रॉक जिम का मालिक इस्तेखार हुसैन उनके पास आया। आरोप है कि इस्तेखार उनसे उल्टी सीधी बातें करने लगा और उसने उनके हाथ से भारतीय तिरंगा झंडा छीन लिया और सड़क पर फेंककर पैरों से मसलने लगा।इस प्रकार आरोपित ने राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे का उनके सामने अपमान किया। उनके मना करने पर आरोपित ने गाली-गलौज कर धमकी दी। पुलिस ने सोनू शर्मा की तहरीर पर रॉक जिम संचालक इस्तेखार हुसैन के खिलाफ राष्ट्र गौरव अपमान निवारण अधिनियम 1971 की धारा 2 व धारा 504 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।यह भी पढ़ें : केंद्रीय कानून राज्य मंत्री ने किया आईपीसी, सीआरपीसी और आईएए में परिवर्तन पर मोदी सरकार की मंशा का खुलासा…डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 20 जून 2022। मंगलवार को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए नैनीताल पहुंचे केंद्रीय कानून राज्य मंत्री व पूर्व नौकरशाह प्रो. एसपीएस बघेल ने आज सोमवार को उत्तराखंड उच्च न्यायालय के बार सभागार में उन्होंने अधिवक्ताओं से मुलाकात की। इस दौरान अधिवक्ताओं ने उनका गर्मजोशी से अभिनंदन भी किया।इस दौरान अग्निपथ योजना पर पत्रकारों के पूछे जाने पर प्रो. बघेल ने कहा, युवा नहीं बल्कि कांग्रेस अग्निपथ योजना का विरोध कर रही है। यह भी कहा कि युवा अब कांग्रेस के बहकावे में आने वाले नहीं हैं। पिछले 48 घंटे में युवाओं ने योजना का विरोध बंद कर दिया है। अब केवल कांग्रेसी ही योजना के विरोध में सड़क पर रह गए हैं। उन्होंने कहा कि अग्निपथ योजना देश के युवाओं को सेना की परंपरा, अनुशासन से जोड़ेगी और जीवन में आगे बढ़ने का जज्बा देगी।उन्होंने कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री बने मोदी ने 2016 में विज्ञान भवन में आयोजित हुई बैठक में ब्रिटिश काल के कानूनों को समाप्त करने की इच्छा जताई थी, और अब तक मोदी करीब 1450 कानूनों को समाप्त कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी व गृह मंत्री अमित शाह 1860 की आईपीसी यानी भारतीय दंड संहिता और सीआरपीसी यानी भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता तथा 1872 के भारतीय साक्ष्य अधिनियम में भी देश, काल व परिस्थितियों के अनुसार देश व जनहित में बड़े स्तर पर परिवर्तन चाहते हैं। इस बारे में पत्रकारों, कानून के छात्रों, अधिवक्ताओं, न्याय पालिका, न्यायविदों, न्यायाधीशों, न्यायमूर्तियों, संविधान विशेषज्ञों व पुलिस अधिकारियों से इस बारे में सलाह ली जा रही है। देखें विडियो :यह भी पढ़ें : खुशखबरी ! अब घर बैठे मिलेगी सत्यापित खतौनी, छह राजस्व पोर्टल शुरूइस दौरान श्री बघेल ने यूपी पुलिस में अपने कार्यकाल के दौरान 1987 से 1990 पंडित नारायण दत्त तिवारी के सुरक्षा अधिकारी रहने के दौरान उत्तराखंड के खासकर संयुक्त नैनीताल जनपद के भ्रमण एवं बाद में समाजवादी पार्टी के नेता के रूप में बागेश्वर व ऊधमसिंह नगर जनपदों के गठन में योगदान देने की बात भी कही, तथा उत्तराखंड आंदोलन के दौरान समाजवादी पार्टी के शासनकाल में उत्तराखंडवासियों पर हुई ज्यादतियों का मलाल होने की बात भी कही। साथ ही कहा कि वह इसके लिए तत्कालीन डीआईजी बुआ सिंह को अब भी दोषी मानते हैं। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।यह भी पढ़ें : हल्द्वानी में राष्ट्रीय ध्वज का अपमान, वीडियो वायरल होने के बाद आरोपित गिरफ्तार…नवीन समाचार, हल्द्वानी, 8 अप्रैल 2022। हल्द्वानी में राष्ट्रीय ध्वज के अपमान का मामला सामने आया है। यहां एक साइकिल विक्रेता तिरंगे राष्ट्रीय ध्वज से साइकिल को साफ करते हुए कैमरे में कैद हुआ। उसका वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की, और आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपित के खिलाफ राष्ट्रीय गौरव निवारण अधिनियम की धारा 2 के तहत भी अभियोग दर्ज किया गया है।प्राप्त जानकारी के अनुसार वीडियो वायरल होने के बाद विष्णुपुरी गली नंबर-10 रामपुर रोड हल्द्वानी निवासी भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष कनिष्क ढींगरा अपने साथियों के साथ कोतवाली पहुंचे और पुलिस को राष्ट्रीय ध्वज की अपमान की तहरीर दी। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की पड़ताल से पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपित बनभूलपुरा के लाइन नंबर 16 निवासी शरीफ अहमद है। उसकी मंगलपड़ाव स्थित बाजार में साइकिल की दुकान है।बताया जा रहा है कि बृहस्पतिवार को दुकान खोलने के बाद आरोपित ने साइकिल को साफ करने के लिए तिरंगे का इस्तेमाल किया। यह देखकर किसी ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया में वायरल कर दिया। शरीफ का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वायरल वीडियो में शरीफ तिरंगे से साइकिल साफ करते हुए दिखाई दे रहा था। कुछ ही देर में वीडियो शहर भर में फैल गया। कोतवाल हरेंद्र चौधरी ने बताया कि तहरीर मिलने के बाद वीडियो के आधार पर आरोपित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है, आगे की कार्रवाई की जा रही है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।यह भी पढ़ें : मध्य प्रदेश : कमलनाथ सरकार की बुझी ‘ज्योति’, फिर ‘कमल’ सरकार…!नियमित रूप से नैनीताल, कुमाऊं, उत्तराखंड के समाचार अपने फोन पर प्राप्त करना चाहते हैं तो हमारे टेलीग्राम ग्रुप में इस लिंक https://t.me/joinchat/NgtSoxbnPOLCH8bVufyiGQ से एवं ह्वाट्सएप ग्रुप https://chat.whatsapp.com/BXdT59sVppXJRoqYQQLlAp से इस लिंक पर क्लिक करके जुड़ें।ज्योतिरादित्य सहित 20 कांग्रेस विधायकों ने कांग्रेस छोड़ी, होंगे भाजपा में शामिलनवीन समाचार, नई दिल्ली, 10 मार्च 2020। मध्य प्रदेश में सियासी उठापटक अपने चरम पर पहुंचती नजर आ रही है। अपने पिता के जमाने से, पिछले 18 वर्षों से कांग्रेस पार्टी के नेता, मध्य प्रदेश में कांग्रेस का चेहरा रहे ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कल यानी 9 मार्च को ही अपना इस्तीफा कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को भेज दिया था। सोमवार को उन्होंने अपने ट्विटर के जरिए इसकी औपचारिक तौर पर घोषणा भी कर दी है। सिंधिया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मिलने जा रहे हैं। इसके बाद सिंधिया के भाजपा में आज शाम को ही शामिल होने की चर्चाएं गर्म हैं। चर्चा है शाम को होने वाली बीजेपी सीईसी की बैठक से पहले ज्योतिरादित्य सिंधिया बीजेपी में शामिल हो जाएंगे। उल्लेखनीय है कि ज्योतिरादित्य के पिता माधव राव सिंधिया अपनी माता राजमाता विजयराजे सिंधिया की नाराजगी के बावजूद कांग्रेस में थे, जबकि राजमाता पूरी जिंदगी कांग्रेस के उलट जनसंघ व भाजपा में रहीं। देखें ज्योतिरादित्य सिंधिया का इस्तीफे वाला ट्वीट :pic.twitter.com/DWSKdYO0jG— Jyotiraditya M. Scindia (मोदी का परिवार) (@JM_Scindia) March 10, 2020उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश की कमल नाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के 20 सिंधिया समर्थक बताए जा रहे मंत्रियों-विधायकों के भी नौ मार्च को ही इस्तीफा देने की खबरें हैं। जबकि एक विधायक पहले ही विधान सभा से इस्तीफा दे चुके हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री कमलनाथ की कुुर्सी जाने और मध्य प्रदेश में एक बार फिर कमल खिलने की बातें सियासी हलकों में तैरने लगी हैं। सोनिया गांधी को भेजे गए इस्तीफे में सिंधिया ने अपना दुख बयां किया है। उन्होंने लिखा है कि उनके अंदर जो कुछ भी चल रहा था, वह विधानसभा चुनाव के वक्त से ही चल रहा था।यह भी पढ़ें : देश के लिये बड़ा समाचार : ब्रिटेन तथा फ्रांस को पीछे छोड़ दुनिया की 5वीं अर्थव्यवस्था बना भारत.. नवीन समाचार, नई दिल्ली, 18 फरवरी 2020। कई नकारात्मक खबरों के बीच मोदी सरकार के लिए आखिर एक बड़ी अच्छी खबर आई है। भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश बन गया है। 2.94 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के साथ भारत ने साल 2019 में ब्रिटेन और फ्रांस को पीछे छोड़ दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगले पांच साल के भीतर भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा है। अमेरिका के शोध संस्थान वर्ल्ड पॉपुलेशन रीव्यू ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि आत्मनिर्भर बनने की पूर्व की नीति से भारत अब आगे बढ़ते हुए एक खुली बाजार वाली अर्थव्यवस्था के रूप में विकसित हो रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है, ‘सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के मामले में भारत 2.94 लाख करोड़ (ट्रिलियन) डॉलर के साथ दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश बन गया है। इस मामले में उसने 2019 में ब्रिटेन तथा फ्रांस को पीछे छोड़ दिया।’ न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था का आकार 2.83 ट्रिलियन डॉलर है, जबकि फ्रांस का 2.7 ट्रिलियन डॉलर है। क्रय शक्ति समानता (पीपीपी) के आधार पर भारत का जीडीपी 10.51 ट्रिलियन डॉलर है और यह जापान तथा जर्मनी से आगे है। हालांकि, भारत में अधिक आबादी के कारण प्रति व्यक्ति जीडीपी महज 2170 डॉलर है। अमेरिका में प्रति व्यक्ति जीडीपी 62,794 डॉलर है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि भारत की रियल जीडीपी वृद्धि दर लगातार तीसरी तिमाही में कमजोर रह सकती है और 5 फीसदी के आसपास रह सकती है।यह भी पढ़ें : कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति ने की राजमाता को ‘राष्ट्रीय रत्न’ देने की मांगनवीन समाचार, नैनीताल, 27 जनवरी 2020। कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. केएस राणा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर राजमाता विजयराजे सिंधिया को ‘राष्ट्रीय रत्न’ देने की मांग उठाई है। प्रो. राणा ने अपने पत्र को अपनी फेसबुक प्रोफाइल पर भी साझा किया है। हम यहां प्रो. राणा के पत्र को ज्यों का त्यों प्रकाशित कर रहे हैं। पढ़िए प्रो. राणा का प्रधानमंत्री को लिखा पत्र :माननीय मोदी जी प्रधान मंत्री , भारत सरकार , दिल्लीराजमाता विजयाराजे सिंधिया क्या राष्ट्रीय रत्न की हक़दार नहीं ..?सरलता, सहजता और संवेदनशीलता की त्रिवेणी ;भारतीय राजनीति में उन्होंने मध्य प्रदेश की तत्कालीन मुख्यमंत्री डी.पी. मिश्रा की सरकार को जब गिराया और जनसंघ के विधायकों के समर्थन से स्व. गोविंद नारायण सिंह को मध्य प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाया था, तभी से लोग राजनैतिक तौर पर राजमाता की ताकत का एहसास करने लगे थे। उन्हें राजमाता के नाम पर अवश्य जानते थे, पर जिस दिन उन्होंने तत्कालीन कांग्रेस की सरकार पलटी थी और गठबंधन की सरकार बनाई थी, उसी समय लोगों ने कहना शुरू कर दिया था कि अब राजमाता विजयाराजे सिंधिया जनसंघ की सदस्यता ग्रहण कर लेंगी।हुआ भी यही, और राजमाता ने जनसंघ की सदस्यता ग्रहण की। अटलजी और आडवाणीजी से चर्चा कर भारतीय जनसंघ की राजमाता से लोकमाता की ओर अग्रसर होने लगीं। उनका कुशाभाऊ ठाकरे से बहुत लगाव था। वे उन्हें पुत्रवत मानती थीं। उन्होंने बिना कुशाभाऊ ठाकरे से पूछे कभी कोई राजनैतिक निर्णय नहीं लिया। राजमाता के पुत्र स्व. माधवराव सिंधिया और राजमाता के तत्कालीन सहयोगी स्व. महेन्द्र सिंह कालूखेडा, दोनों ही जनसंघ से चुनाव लड़े। राजमाता ने स्व. माधवराव सिंधिया को पहली बार सांसद का चुनाव भारतीय जनसंघ से लड़ाया और वे भारतीय जनसंघ के सांसद बने। इसी तरह महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा भी जनसंघ से ही निर्वाचित हुए, स्व. माधवराव सिंधिया सदैव अपनी माता जी के साथ रहे।धीरे-धीरे राजमाता जनसंघ की नेता के नाते पूरे देश में उनका अखंड दौरा प्रारम्भ हुआ। भारतीय जनसंघ को एक सशक्त महिला नेत्री मिली। राजमाता पूरी तरह अपने चुनाव चिह्न “दीए“ को लेकर गांव-गांव पहुंचने लगीं। भारतीय जनसंघ की वैचारिक पृष्ठभूमि तेजी से तैयार होने लगी। इस बीच देश में स्व. इंदिराजी ने आपातकाल लगा दिया। इस दौरान “राजमाता’ को इंदिराजी ने बुलाया और कहा कि आप बीस सूत्रीय का समर्थन करें। इंदिराजी की इस बात पर राजमाता उनके सामने खड़ी हो गईं, उन्होंने इंदिरा जी से साफ तौर कहा कि “मैं” जीवन में कांग्रेस के बीस सूत्रीय का समर्थन नहीं करूंगी। मैं जनसंघ की विचारधारा को नहीं छोडूंगी।” राजमाता ने आगे कहा कि मैं जेल जाना पंसद करूंगी-लेकिन आपातकाल जैसे काले कानून का कभी समर्थन नहीं करूंगी। विचारधारा के प्रति ऐसी प्रतिबद्धता और समर्पण ही देश में और दल में उन्हें रातों रात ऊंचाई पर ले गयी। धीरे-धीरे उनका संपर्क अनेक वरिष्ठ लोगों से होने लगा।राजमाता जेल गईं, पर इंदिरा जी के सामने झुकी नहीं। किंतु .. आपातकाल के भय से माधवराव सिंधिया भारत छोड़कर चले गए, उन्होंनें “माँ” की तरह हिम्मत नहीं दिखाई। लोगों का मानना है कि “वे” घबड़ा गए, यहीं पर राजमाता ने कहा कि मुझे ऐसा लगा रहा था ‘भैया’ माधवराव भी इंदिराजी के आगे नहीं झुकेंगे पर ऐसा नहीं हुआ। पता नहीं स्माधवराव सिंधिया कहां चले गए, सन् 1977 में चुनाव हुए तो स्माधवरावजी जनसंघ के बजाए गुना से लोकसभा चुनाव निर्दलीय लड़े। वहीं जब जनता पार्टी चली गई तो स्माधवराव सिंधियाजी कांग्रेस में चले गए, राजमाता को अच्छा नहीं लगा। उनका कहना था कि जिस इंदिराजी ने उन्हें 19 महिने जेल की कालकोठरी में बिना वजह डाल दिया था, और मुझे यातनाएं दी थीं, ऐसी इंदिराजी की पार्टी में “भैया” को नहीं जाना था। सन् 1980 में राजमाता को जनता पार्टी के तत्कालीन अध्यक्ष चन्द्रशेखर ने आग्रह किया कि “वे” इंदिरा गांधी के विरुद्ध जनता पार्टी की ओर से रायबरेली से लोकसभा चुनाव लड़ें। राजमाता ने कहा कि जो पार्टी तय करे। राजमाता रायबरेली गईं और इंदिरा गांधी के खिलाफ चुनाव लड़ीं। वे पीछे नहीं हटीं। वे चुनाव हार गईं। लेकिन उन्होंने संगठन के निर्णय को बिना किसी विरोध के शिरोधार्य किया। संगठन निष्ठ होने को यह अनुपम उदाहरण है। जनता पार्टी की सरकार केन्द्र में बनी। उस समय तत्कालीन नेताओं को अनेक सरकारी पद दिये गये। पर राजमाता ने उसे स्वीकार नहीं किया। उन्होंने सदैव संगठन को ही महत्व दिया।एक ऐसा क्षण आया कि राजमाता को बैंक बैलेंस से अपना पैसा निकालने पर तत्कालीन कांग्रेस की केन्द्र सरकार ने आपातकाल में रोक लगा दी थी। राजमाता ने विश्व हिन्दू परिषद के तत्कालीन महासचिव अशोक सिंघल को विहिप के लिए एक लाख रूपये दान देने की घोषणा कर दी। वे जेल चली गईं। आपातकाल हटा और राजमाता जेल से बाहर आयीं तो उन्होंने अशोक सिंघल से कहा कि मुझे आपको अशोक जी एक लाख रूपये देने हैं। लेकिन मेरे खाते पर रोक लगी है। मैं खाता ऑपरेट नहीं कर सकती। अतः आप एक काम करें कि यह मेरी हीरे की अंगूठी है, इसे कहीं देकर एक लाख रूपये ले लें। यह बात मैं इसलिए कह रही हूं कि मैंने आपको वचन दिया था। श्री अशोक सिंघल ने कहा कि राजमाताजी आपका इतना कहना ही हमें प्रेरणा देता है। इसी बीच श्रीमती यशोधरा राजे ने अम्मा महाराज से कहा कि “अम्मा” आप ये क्या कर रही हैं। यह तो आपकी अंगुली में महाराज साहब की निशानी है। आप चिंता नहीं करें हम विहिप को यह राशि दे देंगे। इस पर राजमाता ने यशोधरा राजेजी से कहा की वचन की प्रतिबद्धता मेरे लिए पहले है, इसलिए मैं यह आग्रह कर रही हूँ। राजमाता की इस घटना को जब याद करते हैं तो मन भाव विभोर हो जाता है। साथ ही लगता है कि उनकी अपने वचन के प्रति कितनी बड़ी प्रतिबद्धता थी। वचन की प्रतिबद्धता से व्यक्ति के चरित्र को समाज स्वीकरता है।राजमाता सात्विक और आध्यात्मिक थीं। राजमाता की सैद्धान्तिक प्रतिबद्धता का अनुपम उदाहरण उस समय आया, जब माधवराव सिंधिया जनसंघ छोड़कर कांग्रेस में चले गए। उन्हें बहुत दुख हुआ ऐसे अवसर पर उन्होंने कहा कि मेरा एक बेटा मुझे छोड़कर चला गया। लेकिन आज भाजपा के लाखों बेटे मेरे साथ हैं। उनके जीवन के एक नहीं अनेक उदाहरण ऐसे हैं, जो हमें सदैव प्रेरणा देते रहेंगे।एक बार प्रख्यात वकील श्री राम जेठमलानी के मुकदमे में ग्वालियर हाईकोर्ट आए। उनके आगमन पर कांग्रेस के लोगों ने उन पर पथराव किया। जेठमलानी के सिर में चोट आयी। उस समय राम जेठमलानी भाजपा में थे। राजमाता को जब ज्ञात हुआ तो वे भाजपा का झंडा लेकर स्वयं ग्वालियर के इंदरगंज थाने में हजारों कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचीं और रिपोर्ट दर्ज करायी। उन्होंने अपने ऊपर कभी भी राजघराने या राजशाही को हावी नहीं होने दिया। वे राजमाता होते हुए सदैव लोकमाता के मार्ग पर चलीं। यही कारण है कि देश ने उन्हें लोकमाता के रूप में स्वीकार किया।राजमाताजी वात्सल्य की धनी थीं। वे ममतामयी थीं। उन्हें एक बार जनसंघ का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने की दृष्टि से सन् 1972 में स्वयं अटलजी और आडवाणीजी उनके पास आए, राजमाता से दोनों नेताओं ने चर्चा की। राजमाता ने कहा कि मुझे एक दिन का समय चाहिए। राजमाता आध्यात्मिक भी थीं। वे दतिया पीताम्बरा पीठ गईं, अपने गुरु जी से चर्चा की और लौटीं तो उन्होंने अटलजी और आडवाणीजी से कहा कि वे भारतीय जनसंघ की सेवा एक कार्यकर्ता के रूप में सदैव करती रहेंगी। उन्हें पदों के प्रति कभी आकर्षण नहीं रहा।राजमाता विजयाराजे सिंधिया ने भारतीय राजनीति में महिला के नाते देश में एक आदर्श कायम किया। जनसंघ से भाजपा तक उनकी यात्रा में उनेक उतार-चढ़ाव आए, पर उन्होंने अपने सिद्धांत और विचारधारा के प्रति जो समर्पण रहा उसे कभी नहीं छोड़ा। भारतीय राजनीति में उनकी आदर्श भूमिका के कारण ही केन्द्र सरकार और मध्य प्रदेश की सरकार ने साथ ही भाजपा संगठन ने राजमाता विजयाराजे सिंधिया की जन्म शताब्दी मनाने का निर्णय किया। राजमाता के प्रति सरकार और संगठन का यह निर्णय स्वयं जाहिर करता है कि राजमाता का क्रतित्वत्कितना महान था ..! सवाल है क्या वो राष्ट्रीय रत्न की हक़दार नहीं ..? कृपया गम्भीरता से विचार करें !यह भी पढ़ें : शादी के कार्ड पर लिखा-हम CAA-NRC का समर्थन करते हैं..नवीन समाचार, देहरादून, 20 जनवरी 2020। देश के कई शहरों, खासकर दिल्ली के शाहीन बाग में चल रहे संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शन के बीच देहरादून के एक युवक ने शादी के कार्ड के जरिए से सीएए और एनआरसी पर अलग तरीके से अपना समर्थन जताया है। 26 वर्षीय मोहित मिश्रा ने कार्ड पर छपवाया है, ‘हम सीएए और एनआरसी का समर्थन करते हैं।’ देखें CAA-NRC पर नैनीताल में बनी व खूब लोकप्रिय हुई देश की पहली लघु फ़िल्म :यह भी पढ़ें : एम्स ऋषिकेश में चमोली के दंपति ने नौ दिन के मृत नवजात का देहदान किया, चिकित्सा शोध को मिला मानवता का बड़ा योगदानमूलतः यूपी के संभल के रहने वाले व इधर पिछले सात सालों से रह रहे, एक प्राइवेट कॉस्मेटिक कंपनी में बतौर मार्केटिंग मैनेजर काम करने वाले मोहित की आगामी तीन फरवरी को शादी है। मिश्रा का कहना है कि देश का जिम्मेदार नागरिक होने के नाते उन्हें लगता है कि सीएए और एनआरसी दोनों ही देश के हित के लिए हैं। उन्होंने दावा किया कि शादी में आने वाले सभी मेहमानों और उनके माता-पिता को यह आईडिया काफी बढि़या लगा है। मोहित ने कहा, ‘मेरे पिता ने संभल में यूपीएसआरटीसी का कर्मचारी होने के नाते इसका पूरा समर्थन किया है। उन्होंने देखा कि जिले में सीएए के प्रदर्शनकारियों ने बसों को कैसे नुकसान पहुंचाया। मेरी होने वाली पत्नी ने भी इस कदम की सराहना की है।’ हालांकि, मोहित ने अपने फैसले के पीछे किसी भी राजनीतिक दल के प्रति निष्ठा से इनकार भी किया है। उन्होंने कहा कि मैं किसी पार्टी का समर्थक नहीं हूं, मैंने देश के लिए ऐसा किया है। मोहित के चाचा ने भी उनके इस कदम की सराहना करते हुए की अगर वह सीएए और एनआरसी के समर्थन के लिए जीवन के इस अवसर को चुन रहा है। हम सब उसके साथ हैं।‘नवीन समाचार’ की ओर से पाठकों से विशेष अपील:3 जून 2009 से संचालित उत्तराखंड का सबसे पुराना डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘नवीन समाचार’ अपने आरंभ से ही उत्तराखंड और देश-दुनिया की सटीक, निष्पक्ष और जनहित से जुड़ी खबरें आप तक पहुँचाने का प्रयास करता आ रहा है। हिंदी में विशिष्ट लेखन शैली हमारी पहचान है। हमारा उद्देश्य केवल समाचार देना नहीं, बल्कि समाज की वास्तविक आवाज को मजबूती से सामने लाना, स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता देना और हिंदी पत्रकारिता को जीवित रखना है। हमारे प्रत्येक समाचार एक लाख से अधिक लोगों तक और हर दिन लगभग 10 लाख बार पहुंचते हैं। आज के समय में स्वतंत्र और निर्भीक पत्रकारिता को बनाए रखना आसान नहीं है। डिजिटल मंच पर समाचारों के संग्रह, लेखन, संपादन, तकनीकी संचालन और फील्ड रिपोर्टिंग में निरंतर आर्थिक संसाधनों की आवश्यकता होती है। ‘नवीन समाचार’ किसी बड़े कॉर्पोरेट या राजनीतिक दबाव से मुक्त रहकर कार्य करता है, इसलिए इसकी मजबूती सीधे-सीधे पाठकों के सहयोग से जुड़ी है। ‘नवीन समाचार’ अपने सम्मानित पाठकों, व्यापारियों, संस्थानों, सामाजिक संगठनों और उद्यमियों से विनम्र अपील करता है कि वे विज्ञापन के माध्यम से हमें आर्थिक सहयोग प्रदान करें। आपका दिया गया विज्ञापन न केवल आपके व्यवसाय या संस्थान को व्यापक पाठक वर्ग तक पहुँचाएगा, बल्कि स्वतंत्र पत्रकारिता को भी सशक्त बनाएगा। अग्रिम धन्यवाद। यह भी पढ़ें : दो बार के कांग्रेसी सांसद भाजपाई अभियान में सीएए के पक्ष में आये…!-दो बार के कांग्रेसी सांसद ने भाजपाई अभियान में सीएए के पक्ष में हस्ताक्षर किए यह भी पढ़ें : उत्तराखंड के बागेश्वर में सुबह 7:25 बजे 3.5 तीव्रता का भूकंप, झटके हरिद्वार-ऋषिकेश तक महसूस, नुकसान की सूचना नहींनवीन समाचार, काशीपुर, 15 जनवरी 2020। 14वीं एवं 15 मई लोकसभा में नैनीताल-ऊधमसिंह नगर लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस पार्टी के सांसद रहे, कुमाऊं के चंद राजवंश के राजकुमार केसी सिंह बाबा पार्टी की विचारधारा से हटकर सीएए यानी नागरिकता संशोधन कानून के पक्ष में उतर आए हैं। उन्होंने मंगलवार को शहर में भारतीय जनता युवा मोर्चा द्वारा सीएएए के पक्ष में आयोजित हस्ताक्षर अभियान में बड़े होल्डिंग में हस्ताक्षर किए और भारतीय जनता युवा मोर्चा कार्यकर्ताओं के साथ फोटो भी खिंचवाई। हालांकि बाद में उन्होंने पार्टी की ओर से कथित तौर पर दबाव बढ़ने पर कह दिया गलती-धोखे से हस्ताक्षर कर बैठे।उल्लेखनीय है कि श्री बाबा पूर्व में भी देश हित के मुद्दों पर पार्टी की विचारधारा से इतर खुलकर अपने विचार रखते रहे हैं,और पूर्व में भाजपा की कार्यसमिति की बैठक में भी जा चुके हैं।यह भी पढ़ें : भाजपा ने सीएए के समर्थन में जुलूस निकालकर यह भी किया… नैनीताल विधानसभा के भाजपा कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को निकटवर्ती भवाली नगर में नागरिकता संशोधन अधिनियम-सीएए के समर्थन में विशाल जन जागरण रैली निकाली। इस दौरान मुख्यालय के पार्टी कार्यकर्ता भी भवाली नगर में जुटे और राष्ट्रध्वज तिरंगा हाथों में लहराते हुए आम जन को नागरिक संशोधन अधिनियम के पक्ष में जागरूक किया। साथ ही जनता को विपक्ष की सीएए के विरोध पर भी आईना दिखाया। रैली की अगुवाई करते हुए विधायक संजीव आर्य ने कहा कि देश में नागरिक संशोधन अधिनियम के विरोध में विपक्षी दलों द्वारा देश में भ्रम और विरोध की स्थिति बनाई जा रही है और जनता को भड़काकर आगजनी, तोड़फोड़ और दंगे-फसाद करवाये जा रहे हैं, वह किसी भी दृष्टिकोण से उचित नहीं है। प्रदर्शन में भवाली के नगर पालिका अध्यक्ष संजय वर्मा, नैनीताल मंडल अध्यक्ष आनंद बिष्ट, पूर्व अध्यक्ष मनोज जोशी, भवाली मंडल अध्यक्ष पुष्कर जोशी, विवेक साह, दयाकिशन पोखरिया, कुंदन बिष्ट, भावना मेहरा व अरविंद पडियार आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे। रैली के जरिये भाजपा ने अपने संगठन में नया जोश भरने के साथ भवाली नगर में अपनी ताकत का अहसास भी कराया।यह भी पढ़ें : जेएनयू हिंसा पर नैनीताल में बोले देश के पूर्व कानून मंत्री कपिल सिब्बल, कहा-बर्खास्त हों कुलपति व पुलिस कमिश्नर नवीन समाचार, नैनीताल, 7 जनवरी 2020। केंद्रीय कानून मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने दिल्ली के जेएनयू यानी जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में गत दिवस हुई हिंसा के लिए जेएनयू के कुलपति एवं दिल्ली पुलिस के आयुक्त को बर्खास्त करने की मांग की। मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के सीबीआई से संबंधित मामले की पैरवी करने के लिए उत्तराखंड उच्च न्यायालय आए सिब्बल पत्रकारों के सवालों के जवाब दे रहे थे। जेएनयू की हिंसा पर देश के मानव संशाधन मंत्री डा. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ के शिक्षा के मंदिर में हिंसा की निंदा करने की बात पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सिब्बल ने कहा, जेएनयू में हिंसा कौन फैला रहा है। सबको पता है। कहा कि पुलिस की मौजूदगी में नकाबपोश जेएनयू के भीतर चले गए और कुलपति मूकदर्शक बने रहे। इसलिए मामले में कुलपति एवं पुलिस आयुक्त को कार्य में लापरवाही करने के लिए बर्खास्त किया जाना जाएगा। उन्होंने कहा कि हरीश रावत मामले में उच्च न्यायालय से आज ही सुनवाई करने का निवेदन किया। इसीलिए वे दिल्ली से यहां आए भी थे। लेकिन सीबीआई मामले को लटकाना चाहती है। न्यायालय ने आज मामले में अगली सुनवाई की तिथि दो मार्च तय करते हुए यह भी दोहराया कि बिना न्यायालय की इजाजत के सीबीआई कुछ नहीं कर सकती है। इस मौके पर कांग्रेस नेता डा. रमेश पांडे सहित अन्य स्थानीय कांग्रेस नेता भी उनके साथ रहे। यह भी पढ़ें : नागरिकता संशोधन बिल लोकसभा से पास, पक्ष में 311 जबकि विपक्ष में 80 वोट पड़े नवीन समाचार, नई दिल्ली, 9 दिसंबर 2019। रात्रि के ठीक 12 बजे जब देश की बड़ी आबादी सो रही होगी, देश की संसद ने जागते हुए नागरिक संशोधन बिल पास कर दिया है। बिल के समर्थन में 80 के सापेक्ष 311 सदस्यों ने मतदान किया। आगे राज्य सभा इस बिल के लिए बड़ी बाधा व चुनौती हो सकती है। नागरिता संशोधन विधेयक को लेकर चर्चा का जवाब देते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि यह बिल लाखों करोड़ों लोगों को यातना से मुक्ति देगा। उन्होंने कहा कि यह बिल किसी समुदाय विशेष के लिए नहीं है बल्कि अल्पसंख्यकों के लिए है। उन्होंने इस बिल से आर्टिकल 14 के समानता के अधिकार के उल्लंघन के आरोपों का भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि इस आर्टिकल में भेदभाव वाले किसी कानून को पारित करने पर रोक लगाई गई है, लेकिन यह बिल किसी धर्म नहीं बल्कि वर्ग के लिए लाई गई है, जो शरणार्थी हैं।राज्य के सभी प्रमुख समाचार पोर्टलों में प्रकाशित आज-अभी तक के समाचार पढ़ने के लिए क्लिक करें इस लाइन को…नियमित रूप से नैनीताल, कुमाऊं, उत्तराखंड के समाचार अपने फोन पर प्राप्त करना चाहते हैं तो हमारे टेलीग्राम ग्रुप में इस लिंक https://t.me/joinchat/NgtSoxbnPOLCH8bVufyiGQ से एवं ह्वाट्सएप ग्रुप से इस लिंक https://chat.whatsapp.com/ECouFBsgQEl5z5oH7FVYCO पर क्लिक करके जुड़ें।धर्म के आधार पर देश न बंटता तो न आता यह बिलगृह मंत्री ने विपक्ष को जवाब देते हुए कहा कि अच्छा तो यह होता कि इस देश का विभाजन धर्म के आधार पर न होता। ऐसा न होता तो फिर यह बिल लाने की जरूरत ही न पड़ती। धर्म के आधार पर विभाजन हुआ, जहां मुस्लिम भाई अधिक थे वह पाकिस्तान बना। फिर पाकिस्तान में भी विभाजन हुआ और एक हिस्सा बांग्लादेश में तब्दील हुआ। लेकिन इस बीच एक विभीषिका आई और लाखों लोगों को यातना झेलनी पड़ी।पाक, बांग्लादेश से कहां गायब हुए अल्पसंख्यक अमित शाह ने कहा कि 1947 में पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की आबादी 23 पर्सेंट थी, लेकिन 2011 में 3.7 पर्सेंट हो गई। बांग्लादेश में 47 में 22 प्रतिशत आबादी 22 प्रतिशत थी, लेकिन 2011 में यह 7.8 पर्सेंट हो गई। आखिर ये लोग कहां चले गए या तो मार दिए गए। भगा दिए गए या फिर धर्मांतरण हो गए। आखिर उनका क्या दोष था। हम चाहते हैं कि इन लोगों का सम्मान बना रहे। कहा जा रहा है कि भारत हिंदू राष्ट्र बनने जा रहा है।‘भारत में हिंदू कम हुए, मुस्लिमों की आबादी बढ़ी’ अमित शाह ने कहा कि भारत के अंदर 1951 में 84 पर्सेंट हिंदू था, लेकिन 2011 में 79 पर्सेंट हो गया। 1951 में मुस्लिम 9.8 पर्सेंट था, लेकिन आज 14.23 प्रतिशत है। हमने किसी के साथ धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं किया। मैं इस सदन को यकीन दिलाना चाहता हूं कि आगे भी ऐसा नहीं होगा। लेकिन पड़ोसी देशों में यदि अल्पसंख्यकों का उत्पीड़न होता है तो उन्हें बचाना होगा। भारत चुप नहीं रह सकता। शाह ने बताया, कैसे आर्टिकल 14 का उल्लंघन नहीं आर्टिकल 14 को लेकर शाह ने कहा कि यह कहा गया है कि जिसमें समानता का अधिकार न हो, वह कानून संसद नहीं बना सकती। आप समझिए कि इसमें किसी धर्म के लिए नहीं हुआ है बल्कि क्लास के लिए हुआ है। इसमें किसी एक धर्म के लिए नहीं है। इसलिए इस नियम का कोई उल्लंघन नहीं है। प्रताड़ित माइनॉरिटी के लिए कानून बनाने पर अनुच्छेद का कोई उल्लंघन नहीं होता है। यदि आर्टिकल 14 के तहत ऐसा नहीं होता सकता है फिर माइनॉरिटी संस्थान क्यों बने हैं।‘रोहिंग्याओं को कभी स्वीकार नहीं किया जाएगा’ रोहिंग्या को कभी स्वीकार नहीं किया जाएगा। म्यांमार सेक्युलर देश है और रोहिंग्या बांग्लादेश से होते हुए यहां आना चाहते हैं। मैं यह स्पष्ट कर दूं कि उन्हें कभी भी भारत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।‘कांग्रेस जैसी पार्टी नहीं, कहीं लीग, कहीं शिवसेना साथ’ अमित शाह ने कहा कि मैंने कांग्रेस जैसी गैर-सांप्रदायिक पार्टी अपनी जिंदगी में नहीं देखी। केरल में मुस्लिम लीग कांग्रेस के साथ है और महाराष्ट्र में शिवसेना कांग्रेस के साथ है।‘अब न लम्हों में खता होगी, न सदियां सजा पाएंगी’ होम मिनिस्टर अमित शाह ने मनीष तिवारी की ओर से पारसियों को शरण दिए जाने के उदाहरण पर बात करते हुए कहा वे भी धार्मिक उत्पीड़न के चलते ही आए थे और यहां भी ऐसा ही है। मनीष तिवारी के शेर का जवाब देते हुए अमित शाह ने कहा कि यह नरेंद्र मोदी की सरकार है और अब न लम्हों की खता होगी और न सदियों तक सजा मिलेगी। ‘पूर्वोत्तर के लोगों को चिंता की जरूरत नहीं’ पूर्वोत्तर भारत को लेकर अमित शाह ने कहा कि मिजोरम, नगालैंड और मणिपुर में इनर लाइन परमिट लागू होगा। इसके चलते किसी भी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है। असम, त्रिपुरा, मेघालय और अरुणाचल को भी किसी तरह की चिंता नहीं होनी चाहिए।कांग्रेस ने आखिर क्यों स्वीकार किया देश का बंटवारा? सावरकर की ओर से द्विराष्ट्र सिद्धांत दिए जाने के कांग्रेस के आरोपों को लेकर शाह ने कहा कि आखिर जब देश कि विभाजन हुआ तो कांग्रेस ने इसका विरोध क्यों नहीं किया। धर्म के आधार पर देश का विभाजन कांग्रेस ने ही स्वीकार किया था। TMC पर किया वार तो सदन में हंगामा टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के भाषण का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि उन्होंने टैगोर और बंकिम चंद्र चटर्जी का जिक्र किया। लेकिन क्या टैगोर का बंगाल ऐसा था, जिसमें किसी को दुर्गा प्रतिमा के विसर्जन की अनुमति के लिए कोर्ट जाना पड़ेगा।Share this: Click to share on Facebook (Opens in new window) Facebook Click to share on X (Opens in new window) X Click to share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading...Related Post navigationवी-मार्ट हल्द्वानी पर कैरी बैग का अतिरिक्त शुल्क वसूलने परर सवा लाख का जुर्माना स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का लोकपर्व घी-त्यार, घृत संक्रांति, 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