नवीन समाचार, नैनीताल, 11 फरवरी 2026 (Banbhoolpura Violence Bail)। उत्तराखंड (Uttarakhand) की राजधानी देहरादून (Dehradun) से जुड़े राज्य स्तरीय महत्व के एक प्रकरण में नैनीताल (Nainital) स्थित उत्तराखंड उच्च न्यायालय (Uttarakhand High Court) ने हल्द्वानी (Haldwani) के बनभूलपुरा (Banbhoolpura) क्षेत्र में हुई हिंसा के मामले में तीन सह आरोपितों को जमानत प्रदान की है, जबकि मुख्य आरोपित अब्दुल मलिक (Abdul Malik) को फिलहाल कोई राहत नहीं दी गई है और उसकी जमानत प्रार्थनापत्र पर अगली सुनवाई के लिए 17 फरवरी 2026 की तिथि निर्धारित की गई है।
नैनीताल में वरिष्ठ न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी (Manoj Kumar Tiwari) और न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित (Pankaj Purohit) की खंडपीठ ने बुधवार को बनभूलपुरा हिंसा प्रकरण से संबंधित जमानत प्रार्थना पत्रों पर सुनवाई की। सुनवाई के उपरांत न्यायालय ने सह आरोपित मौकिन सैफी (Maukin Saifi), जीयूर्रर रहमान (Jiyurr Rahman) और रईस अहमद (Rais Ahmed) को जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए।
जमानत याचिकाओं पर पक्ष और तर्क
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता विकास गुगलानी (Vikas Guglani) और सीके शर्मा (CK Sharma) ने न्यायालय को अवगत कराया कि मौकिन सैफी सहित अन्य सह आरोपितों का नाम न तो प्रथम सूचना रिपोर्ट (First Information Report) में दर्ज है और न ही उनके विरुद्ध घटना स्थल पर मौजूद रहने के ठोस साक्ष्य हैं। अधिवक्ताओं का कहना था कि संदेह के आधार पर उन्हें अभिरक्षा में लिया गया, जबकि घटना के समय वे वहां उपस्थित नहीं थे। केवल पड़ोस में रहने के आधार पर उनके विरुद्ध अभियोग पंजीकृत किया गया, जो विधिसम्मत नहीं है।
न्यायालय ने प्रस्तुत तर्कों और अभिलेखों का अवलोकन करते हुए तीनों सह आरोपितों को जमानत देने को उचित माना। वहीं मुख्य आरोपित अब्दुल मलिक के मामले में न्यायालय ने गंभीर आरोपों और प्रकरण की प्रकृति को देखते हुए फिलहाल कोई आदेश पारित नहीं किया और अगली सुनवाई की तिथि नियत की।
बनभूलपुरा हिंसा की पृष्ठभूमि
उल्लेखनीय है कि 8 फरवरी 2024 को हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र में उस समय हिंसा भड़क गई थी, जब जिला प्रशासन (District Administration) नजूल भूमि (Nazul Land) से अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के लिए पहुंचा था। प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान अतिक्रमणकारियों द्वारा पथराव किया गया, जिसके बाद स्थिति गंभीर रूप ले गई। हिंसा के दौरान आगजनी, गोलीबारी और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया। इस घटना में पुलिसकर्मी सहित अनेक लोग घायल हुए थे और कई लोगों की मृत्यु भी हुई थी।
प्रशासन के अनुसार, अब्दुल मलिक पर कूटरचित और झूठे शपथपत्रों के माध्यम से सरकारी भूमि हड़पने, नजूल भूमि पर कब्जा कर प्लॉटिंग करने, अवैध निर्माण कर उसे बेचने जैसे गंभीर आरोप हैं। इसी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान हिंसा भड़की थी, जिसके संबंध में उसके विरुद्ध चार अलग-अलग अभियोग पंजीकृत किए गए थे।
आगे की प्रक्रिया और प्रभाव
इस निर्णय के बाद जहां तीन सह आरोपितों को अस्थायी राहत मिली है, वहीं मुख्य आरोपित की जमानत पर 17 फरवरी की सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं। यह मामला न केवल न्यायिक दृष्टि से, बल्कि प्रशासनिक कार्रवाई, भूमि प्रबंधन, सार्वजनिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के संदर्भ में भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आने वाली सुनवाई में न्यायालय का रुख यह तय करेगा कि इस प्रकरण की आगे की दिशा क्या होगी और इससे भविष्य में अतिक्रमण विरोधी अभियानों पर क्या प्रभाव पड़ सकता है। यह मामला कानून-व्यवस्था, सरकारी भूमि संरक्षण और न्यायिक प्रक्रिया से सीधे जुड़ा होने के कारण प्रदेशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।












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