EnglishInternational Phonetic Alphabet – SILInternational Phonetic Alphabet – X-SAMPASystem input methodCTRL+MOther languagesAbronAcoliадыгэбзэAfrikaansअहिराणीajagbeBatak AngkolaአማርኛOboloالعربيةঅসমীয়াаварتۆرکجهᬩᬮᬶɓasaáBatak Tobawawleбеларускаябеларуская (тарашкевіца)Bariروچ کپتین بلوچیभोजपुरीभोजपुरीẸdoItaŋikomBamanankanবাংলাབོད་ཡིག།bòo pìkkàbèromबोड़ोBatak DairiBatak MandailingSahap Simalunguncakap KaroBatak Alas-KluetbuluburaብሊንMə̀dʉ̂mbɑ̀нохчийнchinook wawaᏣᎳᎩکوردیAnufɔЧăвашлаDanskDagbaniдарганdendiDeutschDagaareThuɔŋjäŋKirdkîडोगरीDuáláÈʋegbeefịkẹkpeyeΕλληνικάEnglishEsperantoفارسیmfantseFulfuldeSuomiFøroysktFonpoor’íŋ belé’ŋInternational Phonetic AlphabetGaगोंयची कोंकणी / Gõychi Konknni𐌲𐌿𐍄𐌹𐍃𐌺𐌰 𐍂𐌰𐌶𐌳𐌰ગુજરાતીfarefareHausaעבריתहिन्दीछत्तीसगढ़ी𑢹𑣉𑣉HoHrvatskiհայերենibibioBahasa IndonesiaIgboIgalaгӀалгӀайÍslenskaawainAbꞌxubꞌal PoptiꞌJawaꦗꦮქართული ენაTaqbaylit / ⵜⴰⵇⴱⴰⵢⵍⵉⵜJjuадыгэбзэ (къэбэрдеибзэ)KabɩyɛTyapkɛ́nyáŋGĩkũyũҚазақшаភាសាខ្មែរಕನ್ನಡ한국어kanuriKrioकॉशुर / 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लेकर एक बड़ा और निर्णायक घटनाक्रम सामने आया है। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (CM Pushkar Singh Dhami) ने घोषणा की है कि राज्य सरकार इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (Central Bureau of Investigation – CBI) को सौंपने की सिफारिश कर रही है। यह निर्णय अंकिता भंडारी के माता–पिता से सीधे संवाद के बाद लिया गया है, जिससे यह मामला एक बार फिर सामाजिक संवेदना, न्याय और विश्वास के केंद्र में आ गया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अंकिता के माता–पिता ने उनसे बातचीत के दौरान जांच सीबीआई (CBI Enquiry) से कराए जाने की इच्छा जताई थी। उनकी बात का सम्मान करते हुए राज्य सरकार ने केंद्र सरकार को सीबीआई जांच की संस्तुति भेजने का निर्णय लिया है। अब इस पर अंतिम निर्णय केंद्र सरकार द्वारा लिया जाएगा। यह फैसला इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि तीन वर्ष पुराने इस मामले में हाल के दिनों में नए आरोपों और कथित ऑडियो क्लिप के सामने आने के बाद प्रदेशभर में आंदोलन और असंतोष की स्थिति बन गई थी।यहाँ क्लिक कर सीधे संबंधित को पढ़ें Toggleसरकार की कार्रवाई, जांच की पृष्ठभूमि और मुख्यमंत्री का पक्षसोशल मीडिया, ऑडियो क्लिप और दोबारा उठा विवादतीन वर्ष बाद फिर क्यों चर्चा में आया मामलाहत्याकांड का पूरा घटनाक्रम और न्यायिक स्थितिTags (CBI Enquiry in Ankita Case) :Like this:Relatedसरकार की कार्रवाई, जांच की पृष्ठभूमि और मुख्यमंत्री का पक्षमुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस फैसले को लेकर एक वीडियो संदेश भी जारी किया। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय अंकिता भंडारी के साथ हुई घटना की जानकारी मिलते ही राज्य सरकार ने बिना किसी भेदभाव के, पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ कार्रवाई शुरू की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एक महिला आईपीएस अधिकारी (Indian Police Service – IPS) के नेतृत्व में विशेष जांच दल (Special Investigation Team – SIT) का गठन किया गया। प्रकरण से जुड़े सभी आरोपितों को शीघ्र गिरफ्तार किया गया और राज्य सरकार की ओर से न्यायालय में प्रभावी पैरवी की गई।यह भी पढ़ें : 'टीम इंडिया' में उत्तराखंड मूल के एक और युवा खिलाड़ी ‘बेबी एबी’-आयुष बड़ोनी की एंट्री, मौका मिलने-खेलने और गंभीर के पूर्व बयान पर चर्चा तेजमुख्यमंत्री के अनुसार इसी सशक्त पैरवी का परिणाम रहा कि विचारण के दौरान किसी भी आरोपित को जमानत नहीं मिली और अंततः न्यायालय ने सभी दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। उन्होंने कहा कि यह इस बात का प्रमाण है कि सरकार ने शुरू से अंत तक दृढ़ता और पारदर्शिता के साथ न्याय सुनिश्चित करने का प्रयास किया।सोशल मीडिया, ऑडियो क्लिप और दोबारा उठा विवाद हाल के दिनों में सोशल मीडिया (Social Media) पर प्रसारित हुई कुछ ऑडियो क्लिप और बयानों के बाद यह मामला फिर से चर्चा में आया। मुख्यमंत्री ने बताया कि इन ऑडियो क्लिप (Audio Clip) के संबंध में अलग–अलग प्राथमिकी (First Information Report – FIR) दर्ज की गई हैं और उनकी जांच जारी है। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोगों ने अपने राजनीतिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए भ्रामक स्थितियां उत्पन्न करने का प्रयास किया, जिससे प्रदेश में भ्रम की स्थिति बनी।मुख्यमंत्री के अनुसार सरकार का दायित्व है कि देवतुल्य जनता को भ्रम से बाहर निकाला जाए और उनकी भावनाओं का सम्मान किया जाए। इसी क्रम में उन्होंने यह आवश्यक समझा कि सबसे अधिक पीड़ित पक्ष, अर्थात अंकिता के माता–पिता की बात सुनी जाए। जब माता–पिता ने सीबीआई जांच की मांग की, तो सरकार ने उसी का सम्मान करते हुए यह संस्तुति की है।तीन वर्ष बाद फिर क्यों चर्चा में आया मामलायह प्रकरण तीन वर्ष बाद फिर उस समय सुर्खियों में आया, जब भाजपा से निष्कासित पूर्व विधायक सुरेश राठौर की कथित पत्नी उर्मिला सनावर ने फेसबुक लाइव (Facebook Live) के माध्यम से एक वीडियो जारी किया। इस वीडियो में उन्होंने अंकिता भंडारी हत्याकांड में किसी ‘वीआईपी’ (VIP in Ankita Bhandari Case) की भूमिका का उल्लेख किया और एक कथित ऑडियो का भी हवाला दिया। इसके बाद यह मामला तेजी से तूल पकड़ने लगा। कांग्रेस सहित कई राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने धरना–प्रदर्शन शुरू कर दिए और सीबीआई जांच की मांग तेज हो गई। 11 जनवरी को उत्तराखंड बंद का आह्वान भी किया गया है।यह भी पढ़ें : 25 वर्षीय आईएएस अंशुल भट्ट ने ग्राहक बनकर पकड़ा बिना पंजीकरण के चल रहा होटल और किया सील, प्रश्न-जनपद मुख्यालय में प्रशासन ऐसी ही स्थितियों में मौन क्यों...?‘नवीन समाचार’ की ओर से पाठकों से विशेष अपील:3 जून 2009 से संचालित उत्तराखंड का सबसे पुराना डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘नवीन समाचार’ अपने आरंभ से ही उत्तराखंड और देश-दुनिया की सटीक, निष्पक्ष और जनहित से जुड़ी खबरें आप तक पहुँचाने का प्रयास करता आ रहा है। हिंदी में विशिष्ट लेखन शैली हमारी पहचान है। हमारा उद्देश्य केवल समाचार देना नहीं, बल्कि समाज की वास्तविक आवाज को मजबूती से सामने लाना, स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता देना और हिंदी पत्रकारिता को जीवित रखना है। हमारे प्रत्येक समाचार एक लाख से अधिक लोगों तक और हर दिन लगभग 10 लाख बार पहुंचते हैं। आज के समय में स्वतंत्र और निर्भीक पत्रकारिता को बनाए रखना आसान नहीं है। डिजिटल मंच पर समाचारों के संग्रह, लेखन, संपादन, तकनीकी संचालन और फील्ड रिपोर्टिंग में निरंतर आर्थिक संसाधनों की आवश्यकता होती है। ‘नवीन समाचार’ किसी बड़े कॉर्पोरेट या राजनीतिक दबाव से मुक्त रहकर कार्य करता है, इसलिए इसकी मजबूती सीधे-सीधे पाठकों के सहयोग से जुड़ी है। ‘नवीन समाचार’ अपने सम्मानित पाठकों, व्यापारियों, संस्थानों, सामाजिक संगठनों और उद्यमियों से विनम्र अपील करता है कि वे विज्ञापन के माध्यम से हमें आर्थिक सहयोग प्रदान करें। आपका दिया गया विज्ञापन न केवल आपके व्यवसाय या संस्थान को व्यापक पाठक वर्ग तक पहुँचाएगा, बल्कि स्वतंत्र पत्रकारिता को भी सशक्त बनाएगा। अग्रिम धन्यवाद। हत्याकांड का पूरा घटनाक्रम और न्यायिक स्थितिअंकिता भंडारी पौड़ी जनपद स्थित वनंत्रा रिजॉर्ट (Vanantara Resort) में कार्यरत थीं। 18 सितंबर 2022 को उनकी हत्या कर शव चीला शक्ति नहर में फेंक दिया गया था। घटना के लगभग एक सप्ताह बाद नहर से शव बरामद हुआ। एसआईटी जांच के बाद रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य सहित तीन आरोपितों के विरुद्ध लगभग 500 पृष्ठों की आरोप पत्र (Charge Sheet) न्यायालय में प्रस्तुत की गई। अभियोजन पक्ष की ओर से 97 गवाह बनाए गए, जिनमें से 47 गवाहों का परीक्षण कराया गया।यह भी पढ़ें : खुशखबरी ! अब घर बैठे मिलेगी सत्यापित खतौनी, छह राजस्व पोर्टल शुरूमुख्य आरोपित पुलकित आर्य (Pulkit Arya) पर भारतीय दंड संहिता (Indian Penal Code – IPC) की धारा 302, 201, 354(क) सहित अनैतिक देह व्यापार अधिनियम (Immoral Traffic Prevention Act) के अंतर्गत आरोप सिद्ध हुए। अन्य दो आरोपितों को भी आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। इसके बावजूद उस ‘वीआईपी’ का नाम आज भी सार्वजनिक नहीं हो पाया है, जिसके आने की जानकारी अंकिता ने घटना के दिन अपने मित्र को दी थी। यही प्रश्न आज भी समाज के मन में बना हुआ है।सीबीआई जांच की संस्तुति के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि केंद्र सरकार क्या निर्णय लेती है और क्या इस जांच से उन सभी प्रश्नों के उत्तर मिल पाएंगे, जो वर्षों से जनता के मन में उठ रहे हैं।पाठकों से आग्रह है कि इस समाचार से संबंधित अपनी राय और विचार नीचे दिए गए कमेन्ट बॉक्स में अवश्य साझा करें।नैनीताल जनपद में हाल के दिनों में हुई अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं से जुड़ी पूरी रिपोर्ट यहाँ क्लिक करके पढ़ी जा सकती है। इसी तरह पिथौरागढ़ के समाचारों के लिए यहाँ👉, अल्मोड़ा के समाचारों के लिए यहाँ👉, बागेश्वर के समाचारों के लिए यहाँ👉, चंपावत के समाचारों के लिए यहाँ👉, ऊधमसिंह नगर के समाचारों के लिए यहाँ👉, देहरादून के समाचारों के लिए यहाँ👉, उत्तरकाशी के समाचारों के लिए यहाँ👉, पौड़ी के समाचारों के लिए यहाँ👉, टिहरी जनपद के समाचारों के लिए यहाँ👉, चमोली के समाचारों के लिए यहाँ👉, रुद्रप्रयाग के समाचारों के लिए यहाँ👉, हरिद्वार के समाचारों के लिए यहाँ👉और उत्तराखंडसे संबंधित अन्य समाचार पढ़ने के लिये यहां👉 क्लिक करें।आज के अन्य एवं अधिक पढ़े जा रहे उत्तराखंड के नवीनतम अपडेट्स-‘नवीन समाचार’ पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक 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