डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 28 दिसंबर 2025 (Demanded Orders in Hindi in HC)। उत्तराखंड के नैनीताल स्थित उत्तराखंड उच्च न्यायालय में न्यायिक आदेशों और निर्णयों को आम नागरिकों के लिए अधिक सुगम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। उच्च न्यायालय में प्रैक्टिस कर रहे अधिवक्ता जगदीश चंद्र जोशी ने न्यायालय में एक औपचारिक प्रतिनिधित्व प्रस्तुत कर हिंदी एवं अंग्रेजी में द्विभाषी आदेश और निर्णय जारी करने तथा इसके लिए पृथक अनुवाद इकाई के गठन की मांग की है। यह पहल राज्य के बहुसंख्यक हिंदीभाषी नागरिकों के लिए न्याय तक वास्तविक पहुंच सुनिश्चित करने से जुड़ी मानी जा रही है।
न्याय तक पहुंच और भाषा का प्रश्न
प्रतिनिधित्व में कहा गया है कि उत्तराखंड जैसे राज्य में, जहां अधिकांश नागरिक हिंदी या उससे जुड़ी भाषाओं जैसे कुमाउनी, गढ़वाली और जौनसारी में सहज हैं, वहां केवल अंग्रेजी में न्यायालयी आदेश जारी होना आम लोगों के लिए व्यावहारिक कठिनाई पैदा करता है। आदेशों और निर्णयों को समझना केवल पढ़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि उससे जुड़े अधिकारों, दायित्वों और न्यायिक निर्देशों की सही समझ भी आवश्यक है। हिंदी में अनुवाद उपलब्ध होने से यह समझ अधिक स्पष्ट और प्रभावी हो सकती है।
संवैधानिक दृष्टिकोण और सर्वोच्च न्यायालय का उदाहरण भी दिया
प्रतिनिधित्व में यह भी उल्लेख किया गया है कि संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 के तहत न्याय तक समान और प्रभावी पहुंच एक मौलिक अधिकार है। इस संदर्भ में भारत का सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पूर्व में दिए गए निर्णयों और पहलों का हवाला दिया गया है, जिनमें न्याय तक पहुंच को केवल अदालत तक पहुंच नहीं, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया और निर्णयों की समझ से भी जोड़ा गया है। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा SUVAS जैसे तकनीकी अनुवाद मंच और ई-एससीआर पर हिंदी अनुवाद उपलब्ध कराना इस दिशा में एक उदाहरण बताया गया है।
अन्य उच्च न्यायालयों की कार्यप्रणाली का संदर्भ
प्रतिनिधित्व में यह भी रेखांकित किया गया है कि मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और बिहार जैसे राज्यों के उच्च न्यायालयों में हिंदी में निर्णय और आदेश जारी करने की व्यवस्था पहले से मौजूद है। वहां अनुवाद इकाइयों के माध्यम से यह व्यवस्था संविधान के अनुच्छेद 348(2) के अनुरूप लागू की गई है। इन राज्यों के अनुभवों से यह स्पष्ट हुआ है कि हिंदी में आदेश उपलब्ध होने से वादकारियों की समझ बढ़ी है, अनुपालन में सुधार हुआ है और अनावश्यक याचिकाओं में कमी आई है।
प्रस्तावित अनुवाद इकाई और तकनीकी सहयोग
अधिवक्ता द्वारा प्रस्तुत सुझाव में यह प्रस्ताव रखा गया है कि उत्तराखंड उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार कार्यालय में एक समर्पित अनुवाद अनुभाग या इकाई बनाई जाए। इस इकाई में प्रशिक्षित विधिक अनुवादक और भाषा विशेषज्ञ नियुक्त किए जाएं, जो आदेशों, निर्णयों और नोटिस का आधिकारिक हिंदी अनुवाद उपलब्ध कराएं। साथ ही, ई-कोर्ट्स प्रणाली के साथ इसे जोड़ते हुए कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित अनुवाद तकनीक का सहारा लेने की भी बात कही गई है, ताकि गति, सटीकता और पारदर्शिता बनी रहे।
आम नागरिकों और न्याय व्यवस्था पर संभावित असर
यदि यह पहल लागू होती है, तो इससे ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के वादकारियों को अपने मामलों की स्थिति और न्यायालय के निर्देशों को समझने में बड़ी सुविधा मिलेगी। साथ ही, अनुपालन में सुधार, न्यायिक समय की बचत और न्याय प्रणाली में जनविश्वास बढ़ने की उम्मीद भी जताई जा रही है। यह मांग अंग्रेजी को हटाने के बजाय हिंदी अनुवाद के माध्यम से उसे पूरक बनाने पर केंद्रित है।
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।














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