नवीन समाचार, नैनीताल, 11 फरवरी 2026 (Nayna Devi Temple-Arop)। उत्तराखंड (Uttarakhand) के नैनीताल (Nainital) जनपद मुख्यालय से धार्मिक आस्था, सामाजिक सौहार्द और कानून-व्यवस्था से जुड़ा एक महत्वपूर्ण समाचार सामने आया है। करोड़ों सनातनी श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र श्री माँ नयना देवी मंदिर (Shri Maa Nayna Devi Temple) की छवि को नुकसान पहुंचाने के आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया कंटेंट को लेकर मंदिर ट्रस्ट ने मल्लीताल कोतवाली (Mallital Kotwali) में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है।
ट्रस्ट का आरोप है कि सुनियोजित तरीके से सोशल मीडिया के माध्यम से मंदिर और श्रद्धालुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे भक्तों में असंतोष बढ़ रहा है।
पूर्व घटना और कार्रवाई न होने का आरोप
शिकायत में उल्लेख किया गया है, “कुछ समय पूर्व गलतफहमी में जूते पहन कर मन्दिर के मुख्य द्वार से भीतर प्रवेश करने वाले मुसलमान दंपत्ति को लेकर शरारती तत्वों द्वारा सोशल मीडिया पर जिहाद छेड़ दिया गया था।” ट्रस्ट की ओर से इस विषय में तत्काल कोतवाली को लिखित शिकायत दी गई थी।
हालांकि, ट्रस्ट का कहना है कि दो सप्ताह बीत जाने के बाद भी यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि उक्त शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की गई या नहीं, कितने लोगों से पूछताछ की गई अथवा किसी व्यक्ति को अभिरक्षा में लिया गया या नहीं। इस विलंब के कारण श्रद्धालुओं में असंतोष पनप रहा है और मंदिर की प्रतिष्ठा को लेकर चिंता बढ़ रही है।
वायरल वीडियो को लेकर नई आपत्ति
ट्रस्ट ने अपनी शिकायत में एक अन्य प्रकरण का भी उल्लेख किया है, जो हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक ‘मोहतरमा’ दर्शकों से यह कहते हुए दिखाई दे रही है कि श्री माँ नयना देवी मंदिर का प्रसाद घर नहीं ले जाना चाहिए। ट्रस्ट का कहना है कि यह कथन न केवल मंदिर की परंपराओं के विरुद्ध है, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था पर भी आघात करता है।
ट्रस्ट के अनुसार, प्रतिवर्ष देश और विदेश से लाखों श्रद्धालु मंदिर में दर्शन कर श्रद्धापूर्वक माँ का प्रसाद अपने घर ले जाते हैं। ऐसे में सार्वजनिक मंच पर इस प्रकार के बयान मंदिर की धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं का अपमान माने जा सकते हैं। उक्त वीडियो को साक्ष्य के रूप में पेन ड्राइव में पुलिस को सौंपा गया है।
वीडियो में क्या किया गया है दावा
वीडियो में नैनीताल के नयना देवी मंदिर के चित्र के साथ दावा किया गया है कि नैना देवी मंदिर, कामाख्या देवी मंदिर आसाम, काल भैरव मंदिर और मेंहदीपुर बालाजी मंदिर का प्रसाद मंदिर में ही खा लेना चाहिए, घर नहीं ले जाना चाहिए, क्योंकि यहां सभी ऊपरी तंत्र-मंत्र और बुरी शक्तियां हटायी जाती हैं और दोष काटा जाता है।
ट्रस्ट की मांग और कानूनी पहलू
शिकायत में ट्रस्ट ने मांग की है कि दोनों घटनाओं से जुड़े दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita) की समुचित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जाए और कठोर दंड सुनिश्चित किया जाए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति या समूह मंदिर की गरिमा और श्रद्धालुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का दुस्साहस न कर सके।
शिकायत पत्र पर श्री माँ नयना देवी मंदिर अमर उदय ट्रस्ट (Shri Maa Naina Devi Mandir Amar Uday Trust) के अध्यक्ष एवं ट्रस्टी राजीव लोचन साह (Rajeev Lochan Sah) के हस्ताक्षर हैं। ट्रस्ट ने यह भी आग्रह किया है कि इस प्रकरण में की गई कार्रवाई की जानकारी लिखित रूप से ट्रस्ट को उपलब्ध कराई जाए।
सामाजिक और प्रशासनिक संदर्भ
यह मामला केवल एक मंदिर या ट्रस्ट तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सोशल मीडिया पर धार्मिक विषयों से जुड़ी सामग्री, अभिव्यक्ति की जिम्मेदारी और कानून-व्यवस्था से भी जुड़ा हुआ है। प्रशासन के लिए यह चुनौती है कि वह आस्था और सामाजिक सौहार्द से जुड़े मामलों में समयबद्ध, निष्पक्ष और पारदर्शी कार्रवाई करे, ताकि किसी भी प्रकार की गलतफहमी या तनाव को रोका जा सके।
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।













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