नवीन समाचार, टिहरी, 19 जनवरी 2026 (Engage in Relationship)। उत्तराखंड के टिहरी जनपद से सामने आए इस प्रकरण ने सरकारी विद्यालयों में कार्यरत शिक्षिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और प्रशासनिक जवाबदेही पर बड़ा प्रश्न खड़ा किया है। एक शिक्षिका ने आरोप लगाया है कि चार माह से रुके वेतन को दिलाने में मदद के नाम पर प्राथमिक शिक्षक संघ के एक पदाधिकारी ने उन पर अनुचित संबंध बनाने का दबाव बनाया और मानसिक रूप से परेशान किया। शिक्षिका की शिकायत के आधार पर पुलिस ने अभियोग दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मामला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह केवल एक शिक्षिका की परेशानी नहीं, बल्कि वेतन प्रक्रिया, कार्यालयीन व्यवस्था और कार्यस्थल पर महिला सुरक्षा से जुड़े गंभीर पक्षों को उजागर करता है।
मामला क्या है और अब तक क्या हुआ
यह घटना उत्तराखंड के नई टिहरी जनपद के जाखणीधार विकासखंड (Jakhnidhar Block) से जुड़ी बतायी जा रही है, जहां ब्लॉक के एक प्राथमिक विद्यालय (Primary School) में कार्यरत शिक्षिका ने प्राथमिक शिक्षक संघ (Primary Teachers Association) के ब्लॉक अध्यक्ष रोशन लाल (Roshan Lal) पर शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया है। शिक्षिका के अनुसार, चार महीनों से वेतन न मिलने के कारण वह आर्थिक संकट में थीं। वेतन संबंधी समाधान के लिए वह कई बार खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय (BEO Office) भी गयीं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।
वेतन न मिलने का संकट और समायोजन का विवाद
शिक्षिका का कहना है कि वेतन अटकने के बाद वह लगातार कार्यालयों के चक्कर काटती रहीं, फिर भी भुगतान नहीं हो सका। आरोप है कि इसी बीच समायोजन (Adjustment) के नाम पर उन्हें एक दूरस्थ विद्यालय भेज दिया गया, जहां केवल दो विद्यार्थी थे। शिक्षिका के अनुसार, इससे उनकी परेशानी और बढ़ गयी। बाद में किसी तरह उन्हें वापस पुराने विद्यालय में तैनाती (Posting) मिल सकी, लेकिन वेतन का मुद्दा बना रहा।
मदद के नाम पर दबाव और आपत्तिजनक सामग्री भेजने का आरोप
शिक्षिका ने आरोप लगाया कि वेतन के संबंध में उन्होंने रोशन लाल (Roshan Lal) से सहायता मांगी तो उनसे अनुचित संबंध बनाने की मांग की गयी। इसके साथ ही, उनके मोबाइल पर अश्लील वीडियो और फोटो भेजे जाने की बात भी शिकायत में कही गयी है। शिक्षिका के अनुसार, यह सब उनके लिए मानसिक रूप से अत्यंत परेशान करने वाला रहा।
प्रश्न यह है कि जब कोई कर्मचारी वेतन जैसी मूलभूत जरूरत के लिए सहायता मांगता है, तो यदि उस स्थिति का गलत लाभ उठाने का प्रयास हो, तो यह केवल व्यक्तिगत घटना नहीं रह जाती—यह शासन-प्रशासन की प्रक्रिया पर भी चोट बन जाती है।
परिजनों का विरोध और सामाजिक माध्यम पर वीडियो
शिक्षिका ने बताया कि मामले की जानकारी लगने पर शनिवार शाम उनके परिजनों ने नगर क्षेत्र में विरोध-प्रदर्शन किया। इसी दौरान घटना से जुड़ा एक वीडियो सामाजिक माध्यम (Social Media) पर भी डाला गया, जिसकी चर्चा क्षेत्र में फैल गयी। इससे मामला और संवेदनशील बन गया तथा प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई की मांग तेज हुई।
आरोपित पक्ष का दावा: धनराशि को लेकर विवाद
उधर, रोशन लाल (Roshan Lal) ने आरोपों को निराधार बताते हुए अलग पक्ष रखा है। उन्होंने कहा कि उन्होंने शिक्षिका को मकान बनवाने के लिए 80 हजार रुपये दिए थे और जब उन्होंने धनराशि वापस मांगी, तो उन पर गलत आरोप लगाए जा रहे हैं। उनका यह भी कहना है कि उन्होंने वेतन संबंधी मामले में खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में बात की थी।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की प्रक्रिया
कोतवाली प्रभारी एश्वर्य पाल (Aishwarya Pal) के अनुसार, शिक्षिका की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी है और जांच शुरू कर दी गयी है। अब पुलिस के सामने यह जिम्मेदारी होगी कि मोबाइल संदेशों, कथित आपत्तिजनक सामग्री, लेन-देन के दावे और तैनाती से जुड़े दस्तावेजों सहित सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच करे।
इसके साथ ही यह भी अपेक्षित है कि शिक्षा विभाग स्तर पर वेतन अटकने के कारणों, कार्यालयीन स्तर पर लंबित प्रक्रिया और समायोजन/तैनाती से जुड़े निर्णयों की भी समीक्षा हो।
कार्यस्थल पर महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के साथ-साथ समय से वेतन भुगतान सरकारी व्यवस्था का मूल दायित्व है। ऐसे मामलों में त्वरित जांच और पारदर्शी कार्रवाई ही भरोसा कायम कर सकती है।
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।















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