EnglishInternational Phonetic Alphabet – SILInternational Phonetic Alphabet – X-SAMPASystem input methodCTRL+MOther languagesAbronAcoliадыгэбзэAfrikaansअहिराणीajagbeBatak AngkolaአማርኛOboloالعربيةঅসমীয়াаварتۆرکجهᬩᬮᬶɓasaáBatak Tobawawleбеларускаябеларуская (тарашкевіца)Bariروچ کپتین بلوچیभोजपुरीभोजपुरीẸdoItaŋikomBamanankanবাংলাབོད་ཡིག།bòo pìkkàbèromबोड़ोBatak DairiBatak MandailingSahap Simalunguncakap KaroBatak Alas-KluetbuluburaብሊንMə̀dʉ̂mbɑ̀нохчийнchinook wawaᏣᎳᎩکوردیAnufɔЧăвашлаDanskDagbaniдарганdendiDeutschDagaareThuɔŋjäŋKirdkîडोगरीDuáláÈʋegbeefịkẹkpeyeΕλληνικάEnglishEsperantoفارسیmfantseFulfuldeSuomiFøroysktFonpoor’íŋ belé’ŋInternational Phonetic AlphabetGaगोंयची कोंकणी / Gõychi Konknni𐌲𐌿𐍄𐌹𐍃𐌺𐌰 𐍂𐌰𐌶𐌳𐌰ગુજરાતીfarefareHausaעבריתहिन्दीछत्तीसगढ़ी𑢹𑣉𑣉HoHrvatskiհայերենibibioBahasa IndonesiaIgboIgalaгӀалгӀайÍslenskaawainAbꞌxubꞌal PoptiꞌJawaꦗꦮქართული ენაTaqbaylit / ⵜⴰⵇⴱⴰⵢⵍⵉⵜJjuадыгэбзэ (къэбэрдеибзэ)KabɩyɛTyapkɛ́nyáŋGĩkũyũҚазақшаភាសាខ្មែរಕನ್ನಡ한국어kanuriKrioकॉशुर / کٲشُرКыргызKurdîKʋsaalLëblaŋoлаккулезгиLugandaLingálaລາວلۊری شومالیlüüdidxʷləšucidmadhurâमैथिलीŊmampulliMalagasyKajin M̧ajeļമലയാളംМонголᠮᠠᠨᠵᡠManipuriма̄ньсиဘာသာမန်mooreमराठीမြန်မာ閩南語 / Bân-lâm-gú閩南語(漢字)閩南語(傳統漢字)Bân-lâm-gú (Pe̍h-ōe-jī)Bân-lâm-gú (Tâi-lô)KhoekhoegowabNorsk (bokmål)नेपालीनेपाल भाषाli nihanawdmNorsk (nynorsk)ngiembɔɔnߒߞߏSesotho sa LeboaThok NaathChichewaNzemaଓଡ଼ିଆਪੰਜਾਬੀPiemontèisΠοντιακάⵜⴰⵔⵉⴼⵉⵜTarandineрусскийसंस्कृतсаха тылаᱥᱟᱱᱛᱟᱞᱤ (संताली)सिंधीکوردی خوارگDavvisámegiellaKoyraboro SenniSängöⵜⴰⵛⵍⵃⵉⵜတႆးසිංහලᠰᡞᠪᡝSlovenčinaСрпски / srpskiSesothoSENĆOŦENSundaSvenskaŚlůnskiதமிழ்ತುಳುతెలుగుไทยትግርኛትግሬцӀаӀхна мизSetswanaChiTumbukaTwiⵜⴰⵎⴰⵣⵉⵖⵜудмуртУкраїнськаاردوOʻzbekchaꕙꔤTshiVenḓaVènetoWaaleWolofLikpakpaanlYorùbá中文中文(中国大陆)中文(简体)中文(繁體)中文(香港)中文(澳門)中文(马来西亚)中文(新加坡)中文(臺灣)Help इस समाचार को सुनने के लिए यहाँ क्लिक करें नवीन समाचार, अल्मोड़ा, 21 दिसंबर 2025 (Air Potato-Gethi-Grows in the Air)। अल्मोड़ा जनपद के एक छोटे से गांव से निकली यह कहानी केवल व्यक्तिगत सफलता की नहीं, बल्कि पहाड़ों में रोजगार, आत्मनिर्भरता और टिकाऊ खेती की नई राह दिखाने वाली मिसाल बन चुकी है। कभी नोएडा में एक निजी बैंक में प्रबंधक रहे महेंद्र मनराल ने नौकरी छोड़कर अपने गांव लौटने का जो निर्णय लिया, वह आज सैकड़ों परिवारों के जीवन को दिशा दे रहा है। कोविड काल में गांव लौटने के बाद उन्होंने पारंपरिक लेकिन लगभग भुला दी गई फसल ‘गेठी’ यानी ‘एयर पोटैटो’ (Dioscorea Bulbifera) की खेती को आधुनिक स्वरूप देकर पहाड़ों के लिए नई उम्मीद खड़ी की है।यह भी पढ़ें : पति प्रताड़ित करता था तो कैसे साथ गुजार दिए 11 साल ? न्यायालय ने आरोपित फौजी पति को किया दहेज उत्पीड़न के आरोपों से दोषमुक्त.... यहाँ क्लिक कर सीधे संबंधित को पढ़ें Toggleनौकरी से गांव वापसी तक की यात्रा-कोविड ने बदली सोच, खेती बनी विकल्प‘एयर पोटैटो’ क्यों है खास-जमीन में नहीं, हवा में उगने वाली फसलऔषधीय गुण और बढ़ती मांग-स्वास्थ्य और बाजार, दोनों में उपयोगीखेती से सामूहिक समृद्धि-हजार से अधिक लोग जुड़े, लाखों की आयआनलाइन माध्यम से गांव से वैश्विक बाजार तक पहुँच Tags (Air Potato-Gethi-Grows in the Air):Like this:Relatedनौकरी से गांव वापसी तक की यात्रा-कोविड ने बदली सोच, खेती बनी विकल्पअल्मोड़ा जनपद के सोनगांव निवासी महेंद्र मनराल कभी नोएडा स्थित एक निजी बैंक की ऋण शाखा में प्रबंधक थे। बचपन से खेत-खलिहानों से जुड़ाव होने के बावजूद रोज़गार के लिए उन्हें मैदानों का रुख करना पड़ा। लेकिन कोविड काल में जब वे गांव लौटे, तो उन्होंने देखा कि आसपास के लोग आर्थिक तंगी, बेरोज़गारी और पलायन की मजबूरी से जूझ रहे हैं। यहीं से उनके भीतर यह सवाल उठा कि क्या पहाड़ों में रहकर ही स्थायी रोज़गार संभव है। इसी सोच ने उनकी दिशा बदल दी।‘एयर पोटैटो’ क्यों है खास-जमीन में नहीं, हवा में उगने वाली फसलमहेंद्र ने अपनी पत्नी दीपा मनराल और बहन शोभा रौतेला के साथ मिलकर करीब छह लाख रुपये का ऋण लेकर खेती की शुरुआत की। उन्होंने जिस फसल को चुना, वह थी पारंपरिक पहाड़ी कंद ‘गेठी’, जिसे अंग्रेजी में ‘एयर पोटैटो’ कहा जाता है। यह आलू की तरह दिखता जरूर है, लेकिन जमीन में नहीं बल्कि बेलों पर हवा में उगता है। यह रतालू परिवार का पौधा है, जो करीब दो हजार मीटर की ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अच्छी पैदावार देता है। इसकी पहचान इसके औषधीय गुणों के कारण भी है, हालांकि यह तेजी से फैलने वाला पौधा माना जाता है, इसलिए इसकी नियंत्रित खेती आवश्यक होती है। औषधीय गुण और बढ़ती मांग-स्वास्थ्य और बाजार, दोनों में उपयोगीगेठी की तासीर गर्म मानी जाती है और यह पाचन, खांसी, रक्तचाप, जोड़ों के दर्द और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक मानी जाती है। इसमें रेशा, लौह तत्व, पोटैशियम और एंटीआक्सीडेंट प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। इसका उपयोग सब्जी के रूप में, उबालकर, भूनकर और औषधीय उत्पादों में किया जाता है। पहाड़ों पर सर्दियों के मौसम में परंपरागत तौर पर खूब खाया जाता है। वर्तमान दौर में स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता के कारण इसकी मांग लगातार बढ़ रही है, जिसका लाभ पहाड़ी किसानों को मिल रहा है।यह भी पढ़ें : भीमताल–हल्द्वानी मार्ग पर टेंपो ट्रैवलर खाई में गिरा, दिल्ली से आए छात्रों सहित 24–25 लोग थे सवार, कई घायलखेती से सामूहिक समृद्धि-हजार से अधिक लोग जुड़े, लाखों की आय आज महेंद्र केवल एयर पोटैटो तक सीमित नहीं हैं। वे जमीन के नीचे उगने वाले मूल-तरुड़, आलू और जैविक दालों की खेती भी कर रहे हैं। उनके मॉडल से एक हजार से अधिक किसान और महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से जुड़ चुके हैं। इस व्यवस्था से जुड़े लोगों की मासिक आय 25 से 35 हजार रुपये तक पहुंच रही है, जबकि महेंद्र की वार्षिक आय करीब 25 लाख रुपये बताई जा रही है। यह मॉडल पहाड़ों में लघु उद्योग, कृषि आधारित उद्यम और पलायन रोकने की दिशा में प्रभावी उदाहरण बन रहा है।आनलाइन माध्यम से गांव से वैश्विक बाजार तक पहुँच महेंद्र के उत्पाद आनलाइन मंचों के जरिए देश के विभिन्न हिस्सों के साथ-साथ विदेशों तक पहुंच रहे हैं। अमेरिका जैसे देशों में भी उनके उत्पादों की मांग है। उनका कहना है कि सही दिशा, तकनीक और भरोसा मिले तो खेती कभी घाटे का सौदा नहीं होती। आज हवा में उगने वाला यह आलू पहाड़ों के लिए केवल एक फसल नहीं, बल्कि आत्मसम्मान, रोज़गार और भविष्य की नई बेल बन चुका है।इस समाचार को लेकर आपके क्या विचार हैं। अपनी राय नीचे कमेन्ट बॉक्स में अवश्य साझा करें।‘नवीन समाचार’ की ओर से पाठकों से विशेष अपील:3 जून 2009 से संचालित उत्तराखंड का सबसे पुराना डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘नवीन समाचार’ अपने आरंभ से ही उत्तराखंड और देश-दुनिया की सटीक, निष्पक्ष और जनहित से जुड़ी खबरें आप तक पहुँचाने का प्रयास करता आ रहा है। हिंदी में विशिष्ट लेखन शैली हमारी पहचान है। हमारा उद्देश्य केवल समाचार देना नहीं, बल्कि समाज की वास्तविक आवाज को मजबूती से सामने लाना, स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता देना और हिंदी पत्रकारिता को जीवित रखना है। हमारे प्रत्येक समाचार एक लाख से अधिक लोगों तक और हर दिन लगभग 10 लाख बार पहुंचते हैं। आज के समय में स्वतंत्र और निर्भीक पत्रकारिता को बनाए रखना आसान नहीं है। डिजिटल मंच पर समाचारों के संग्रह, लेखन, संपादन, तकनीकी संचालन और फील्ड रिपोर्टिंग में निरंतर आर्थिक संसाधनों की आवश्यकता होती है। ‘नवीन समाचार’ किसी बड़े कॉर्पोरेट या राजनीतिक दबाव से मुक्त रहकर कार्य करता है, इसलिए इसकी मजबूती सीधे-सीधे पाठकों के सहयोग से जुड़ी है। ‘नवीन समाचार’ अपने सम्मानित पाठकों, व्यापारियों, संस्थानों, सामाजिक संगठनों और उद्यमियों से विनम्र अपील करता है कि वे विज्ञापन के माध्यम से हमें आर्थिक सहयोग प्रदान करें। आपका दिया गया विज्ञापन न केवल आपके व्यवसाय या संस्थान को व्यापक पाठक वर्ग तक पहुँचाएगा, बल्कि स्वतंत्र पत्रकारिता को भी सशक्त बनाएगा। अग्रिम धन्यवाद। नैनीताल जनपद में हाल के दिनों में हुई अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं से जुड़ी पूरी रिपोर्ट यहाँ क्लिक करके पढ़ी जा सकती है। इसी तरह पिथौरागढ़ के समाचारों के लिए यहाँ👉, अल्मोड़ा के समाचारों के लिए यहाँ👉, बागेश्वर के समाचारों के लिए यहाँ👉, चंपावत के समाचारों के लिए यहाँ👉, ऊधमसिंह नगर के समाचारों के लिए यहाँ👉, देहरादून के समाचारों के लिए यहाँ👉, उत्तरकाशी के समाचारों के लिए यहाँ👉, पौड़ी के समाचारों के लिए यहाँ👉, टिहरी जनपद के समाचारों के लिए यहाँ👉, चमोली के समाचारों के लिए यहाँ👉, रुद्रप्रयाग के समाचारों के लिए यहाँ👉, हरिद्वार के समाचारों के लिए यहाँ👉और उत्तराखंड से संबंधित अन्य समाचार पढ़ने के लिये यहां👉 क्लिक करें।यह भी पढ़ें : एम्स ऋषिकेश में चमोली के दंपति ने नौ दिन के मृत नवजात का देहदान किया, चिकित्सा शोध को मिला मानवता का बड़ा योगदानआज के अन्य एवं अधिक पढ़े जा रहे उत्तराखंड के नवीनतम अपडेट्स-‘नवीन समाचार’ पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। यहां क्लिक कर हमारे व्हाट्सएप चैनल से, फेसबुक ग्रुप से, गूगल न्यूज से यहाँ, एक्स से, थ्रेड्स चैनल से, टेलीग्राम से, कुटुंब एप से और डेलीहंट से जुड़ें। अमेजॉन पर सर्वाधिक छूटों के साथ खरीददारी करने के लिए यहां क्लिक करें। यदि आपको लगता है कि ‘नवीन समाचार’ अच्छा कार्य कर रहा है तो हमें यहाँ क्लिक करके सहयोग करें..।Tags (Air Potato-Gethi-Grows in the Air):Air Potato-Gethi-Grows in the Air, Air Potato Farming Uttarakhand Success Story, Almora Farmer Entrepreneurship News, Hill Agriculture Employment Model, Organic Farming In Uttarakhand Hills, Reverse Migration Farming Example, Medicinal Crop Farming India, Rural Livelihood Uttarakhand, Farmer To Entrepreneur Story Hindi, Sustainable Hill Farming Model, Google Discover Uttarakhand News, #UttarakhandFarming #AirPotato #HillAgriculture #ReverseMigration #OrganicFarmingShare this: Click to share on Facebook (Opens in new window) Facebook Click to share on X (Opens in new window) X Click to share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading...Related Post navigationचमोली में स्कूल जाते समय बच्चों के सामने आ गया भालू, 13 वर्षीय छात्र ने साहस दिखाकर पत्थरों से बचाई दोस्त की जान, खुद हुआ घायल… नैनीताल : मंगोली-गहलना क्षेत्र में बाहरी लोगों की गतिविधियों से बढ़ी चिंता, ग्रामीणों ने सुरक्षा की मांग उठाते हुए की है धरना-प्रदर्शन की घोषणा…