MNREGA Workers will get Benefits of Schemes of
इस समाचार को सुनने के लिए यहाँ क्लिक करें

नवीन समाचार, देहरादून, 10 जनवरी 2026 (Dhami-s 10 Major Decisions)। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से सामने आए एक बड़े घटनाक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) ने बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड (Ankita Bhandari Murder Case) की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (Central Bureau of Investigation – CBI) से कराने की संस्तुति कर दी है। यह निर्णय ऐसे समय आया है, जब प्रदेश में सीबीआई जांच (CBI Investigation) की मांग को लेकर प्रदर्शन तेज थे और विपक्ष सहित कई संगठन लगातार दबाव बना रहे थे।

मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने अंकिता के माता-पिता से बातचीत की, उनके आग्रह का सम्मान किया और इसी के आधार पर सीबीआई जांच की संस्तुति की गई। इस कदम को लोग न्याय प्रक्रिया में भरोसा बढ़ाने और संवेदनशील मामलों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण मान रहे हैं।

यहाँ क्लिक कर सीधे संबंधित को पढ़ें

सीबीआई संस्तुति का निर्णय कैसे और क्यों महत्वपूर्ण

(Dhami-s 10 Major Decisions) (Nainital Political News-CM Dhami visit Nainital)अंकिता भंडारी प्रकरण पहले ही उत्तराखंड की न्याय व्यवस्था, प्रशासनिक जवाबदेही और जनभावनाओं से जुड़ा मामला रहा है। हाल के दिनों में कुछ ऑडियो क्लिप (Audio Clip) और दावों के बाद एक बार फिर यह मुद्दा चर्चा में आ गया था। इसके चलते राज्य में धरना-प्रदर्शन (Protest) शुरू हुए और सीबीआई जांच की मांग ने जोर पकड़ लिया। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य शुरू से निष्पक्ष, पारदर्शी और संवेदनशील तरीके से न्याय सुनिश्चित करना रहा है।

उन्होंने यह भी बताया कि प्रारंभ में विशेष जांच दल (Special Investigation Team – SIT) का गठन किया गया था और जांच प्रक्रिया आगे बढ़ी, लेकिन अब परिजनों की मांग और जनभावनाओं को देखते हुए सीबीआई संस्तुति का निर्णय लिया गया। अब अंतिम निर्णय केंद्र सरकार (Central Government) के स्तर पर होगा।

पेपरलीक प्रकरण के बाद फिर एक बड़ा निर्णय

राज्य में इससे पहले भी उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (Uttarakhand Subordinate Service Selection Commission – UKSSSC) के पेपरलीक (Paper Leak) प्रकरण में युवाओं के बीच स्वयं अचानक जाकर सीबीआई जांच की संस्तुति को लेकर सरकार के कदम चर्चा में रहे थे। ऐसे में अब अंकिता भंडारी प्रकरण में भी अंकिता के माता-पिता को बुलाकर और उनसे उनकी इच्छा जानकार सीबीआई संस्तुति से यह संदेश भी जा रहा है कि सरकार संवेदनशील और जनहित से जुड़े मामलों में बाहरी केंद्रीय जांच एजेंसी (Central Investigating Agency) को जोड़कर प्रक्रिया की विश्वसनीयता बढ़ाने का प्रयास कर रही है।

क्या इससे जनता का भरोसा मजबूत होगा और ‘वीआईपी’ कोण (VIP Angle) जैसे सवालों पर स्पष्टता आएगी—यह प्रश्न भी स्वाभाविक रूप से उठ रहा है।

सीएम धामी के प्रमुख निर्णयों की सूची फिर चर्चा में

सीबीआई जांच संस्तुति के बाद मुख्यमंत्री धामी के कार्यकाल के कुछ बड़े निर्णयों की चर्चा भी फिर तेज हो गई है, जिनका सीधा संबंध कानून-व्यवस्था, शिक्षा, रोजगार और प्रशासनिक सुधार से रहा है। इनमें से कई निर्णय नीति (Policy) और कानून (Law) के स्तर पर असर डालने वाले रहे हैं।

1) अंकिता भंडारी प्रकरण की सीबीआई जांच की संस्तुति (CBI Probe Recommendation)

अंकिता भंडारी प्रकरण (Ankita Bhandari Case) उत्तराखंड के सबसे संवेदनशील घटनाक्रमों में रहा है। लंबे समय से यह मामला जनता की भावनाओं, न्याय की अपेक्षा और राज्य की व्यवस्था पर भरोसे से जुड़ा रहा। हाल में सीबीआई जांच की मांग तेज होने और कई संगठनों के आंदोलनों के बीच मुख्यमंत्री धामी ने अंकिता के माता-पिता से संवाद किया और उनकी मांग का सम्मान करते हुए केंद्रीय जांच ब्यूरो (Central Bureau of Investigation – CBI) से जांच की संस्तुति की।

यह भी पढ़ें :  'टीम इंडिया' में उत्तराखंड मूल के एक और युवा खिलाड़ी ‘बेबी एबी’-आयुष बड़ोनी की एंट्री, मौका मिलने-खेलने और गंभीर के पूर्व बयान पर चर्चा तेज

इस फैसले का बड़ा संदेश यह रहा कि सरकार ने यह समझा कि पीड़ित पक्ष की संतुष्टि और न्याय की विश्वसनीयता केवल न्यायालयी प्रक्रिया से नहीं, बल्कि जांच की निष्पक्षता पर भी निर्भर करती है। आगे यह निर्णय अब केंद्र सरकार के स्तर पर अंतिम स्वीकृति की प्रक्रिया से जुड़ेगा।

2) यूकेएसएसएससी पेपरलीक पर सीबीआई जांच (UKSSSC Paper Leak CBI)

उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (Uttarakhand Subordinate Service Selection Commission – UKSSSC) से जुड़े पेपरलीक (Paper Leak) ने राज्य के युवाओं को सबसे अधिक प्रभावित किया। भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर संकट आया और सड़क से लेकर शिक्षण संस्थानों तक विरोध बढ़ा। लेकिन इसी बीच सीएम धामी का आंदोलनरत युवाओं के बीच पहुंचकर सीबीआई जांच की संस्तुति करना युवाओं के लिए भरोसा बढ़ाने वाला कदम माना गया। इसका असर यह हुआ कि भर्ती माफिया, नकल नेटवर्क और अवैध चयन जैसे मुद्दों पर सरकार की सख्त नीति का संकेत गया।

3) समान नागरिक संहिता लागू (Uniform Civil Code – UCC)

समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code – UCC) उत्तराखंड में लागू होने के बाद राज्य देश में इस दिशा में सबसे आगे आया। यह निर्णय विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, भरण-पोषण, पंजीकरण जैसी व्यवस्थाओं में एकरूपता की दिशा में बड़ा कदम माना गया।

इसके सामाजिक असर को लेकर दो दृष्टिकोण रहे—समर्थकों के अनुसार यह कानूनी समानता की दिशा में ऐतिहासिक कदम है, जबकि आलोचकों का कहना रहा कि इससे कुछ समुदायों में असहजता और नए कानूनी प्रश्न भी उठ सकते हैं। बावजूद इसके, नीतिगत दृष्टि से यह धामी सरकार का सबसे बड़ा और सबसे अधिक चर्चा वाला निर्णय बन गया।

4) मदरसा व्यवस्था में परिवर्तन और मान्यता व्यवस्था को नया ढांचा (Madrasa Regulation Reform)

सरकार ने मदरसों (Madrasa) से जुड़ी व्यवस्था में परिवर्तन की दिशा में कदम बढ़ाए और मान्यता, पाठ्यक्रम और संबद्धता (Affiliation) को अधिक संस्थागत बनाने की कोशिश की। इसका असर अल्पसंख्यक शिक्षा (Minority Education), विद्यालयी मानक (School Standards) और पाठ्यक्रम की गुणवत्ता से जुड़ता है। समर्थक इसे शिक्षा सुधार मानते हैं, जबकि आलोचक इसे हस्तक्षेप की तरह देखते हैं। इस फैसले का भविष्य इस बात पर निर्भर करेगा कि इसे कानूनी ढांचे और समान शिक्षा अवसर के अनुरूप कैसे लागू किया जाता है।

5) धर्मांतरण विरोधी कानून को सख्त बनाना (Anti-Conversion Law Strengthened)

उत्तराखंड धर्म स्वतंत्रता संशोधन (Freedom of Religion Amendment) के माध्यम से जबरन या प्रलोभन देकर धर्मांतरण (Forced Conversion) को रोकने के लिए दंड प्रावधान सख्त किये गये। सरकार का तर्क रहा कि इससे सामाजिक शांति और धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा होगी। वहीं आलोचकों का कहना रहा कि कानून के दुरुपयोग की आशंका भी बनी रह सकती है। इस निर्णय का सबसे बड़ा प्रभाव कानून-व्यवस्था, सामाजिक तनाव नियंत्रण और न्यायिक प्रक्रिया पर दिखता है।

6) नकल विरोधी कानून—देश में सबसे कड़े प्रावधान (Anti-Cheating Law)

उत्तराखंड प्रतियोगी परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) कानून/अध्यादेश (Anti Cheating Law) को राज्य सरकार ने कठोर प्रावधानों के साथ लागू किया। इसमें पेपरलीक, नकल कराने, प्रश्नपत्र व्यापार जैसी गतिविधियों पर भारी दंड का प्रावधान किया गया। इसका सीधा लाभ उन लाखों युवाओं को है, जो वर्षों तक तैयारी कर परीक्षा देते हैं। यह कदम रोजगार नीति, प्रतियोगी परीक्षा विश्वसनीयता, और भर्ती पारदर्शिता को लेकर निर्णायक माना गया।

7) महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण (30% Horizontal Reservation For Women)

सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण (30% Horizontal Reservation) को कानूनी रूप से लागू करना महिला सशक्तीकरण का बड़ा निर्णय रहा। इससे यह संदेश गया कि सरकार रोजगार में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए केवल प्रोत्साहन नहीं, बल्कि कानूनी अधिकार दे रही है। इसका असर परिवारों की आर्थिक स्थिति, महिलाओं की आत्मनिर्भरता और सामाजिक संतुलन पर दूरगामी हो सकता है।

यह भी पढ़ें :  दो बच्चों की मां का भतीजे ने चुराया दिल, प्रेम विवाह कर दोनों घर चलाने बन गए 'बंटी-बबली' जैसे चोर और….

8) राज्य आंदोलनकारियों को 10 प्रतिशत आरक्षण (10% Reservation For State Agitators)

राज्य आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों के लिए 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण (10% Horizontal Reservation) को कैबिनेट स्तर पर मंजूरी देना, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलन की भूमिका को संस्थागत सम्मान देने जैसा कदम माना गया। यह निर्णय भावनात्मक भी है और नीति आधारित भी। इस निर्णय से राज्य में आंदोलनकारियों के प्रति सम्मान का संदेश स्पष्ट रहा।

9) बैकडोर भर्ती पर कार्रवाई और नियुक्तियां रद्द (Backdoor Recruitment Action)

सरकार ने विधानसभा सहित कुछ संस्थानों में बैकडोर भर्ती (Backdoor Recruitment) पर जांच और नियुक्तियां रद्द करने जैसी कार्रवाई के संकेत दिए। जनता के लिए इसका अर्थ यह था कि योग्यता आधारित चयन (Merit Based Recruitment) की ओर वापसी होगी। यह कदम शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर महत्वपूर्ण रहा, क्योंकि इससे युवाओं में यह संदेश गया कि नियमों से हटकर चयन पर कार्रवाई संभव है।

10) अवैध अतिक्रमण पर अभियान और ऑपरेशन कालनेमी (Anti-Encroachment Drive + Operation Kalnemi)

धामी सरकार के कार्यकाल में अवैध अतिक्रमण (Illegal Encroachment) हटाने और ढोंगी बाबाओं के विरुद्ध अभियान ऑपरेशन कालनेमी (Operation Kalnemi) चर्चा में रहा। सरकार का कहना रहा कि इससे सार्वजनिक भूमि की रक्षा, नगर नियोजन, कानून-व्यवस्था और ठगी रोकने में मदद मिली। वहीं कुछ मामलों में प्रक्रिया और चयन को लेकर सवाल भी उठे। इस फैसले का मूल्यांकन इस आधार पर होगा कि कार्रवाई कितनी निष्पक्ष, विधिसम्मत और न्यायपूर्ण रही।


धामी सरकार के इन फैसलों का समग्र असर यह है कि उत्तराखंड में कानून, रोजगार, शिक्षा और प्रशासन के मुद्दों पर सरकार ने कई बार तेज और कड़े निर्णय लिए। कुछ फैसले जनसमर्थन से जुड़े, कुछ पर बहस हुई, लेकिन राज्य नीति की दिशा में ये निर्णय लगातार प्रदेश ही नहीं देश भर में चर्चा के केंद्र में बने रहे। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अगले चरण में इन फैसलों का स्थायी लाभ, कानूनी स्थिरता और जनविश्वास कितना मजबूत होता है।

पाठकों से आग्रह है कि इस समाचार से संबंधित अपनी राय और विचार नीचे दिए गए कमेन्ट बॉक्स में अवश्य साझा करें।

नैनीताल जनपद में हाल के दिनों में हुई अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं से जुड़ी पूरी रिपोर्ट यहाँ क्लिक करके पढ़ी जा सकती है। इसी तरह पिथौरागढ़ के समाचारों के लिए यहाँ👉, अल्मोड़ा के समाचारों के लिए यहाँ👉, बागेश्वर के समाचारों के लिए यहाँ👉, चंपावत के समाचारों के लिए यहाँ👉, ऊधमसिंह नगर  के समाचारों के लिए यहाँ👉, देहरादून के समाचारों के लिए यहाँ👉, उत्तरकाशी के समाचारों के लिए यहाँ👉, पौड़ी के समाचारों के लिए यहाँ👉, टिहरी जनपद के समाचारों के लिए यहाँ👉, चमोली के समाचारों के लिए यहाँ👉, रुद्रप्रयाग के समाचारों के लिए यहाँ👉, हरिद्वार के समाचारों के लिए यहाँ👉और उत्तराखंडसे संबंधित अन्य समाचार पढ़ने के लिये यहां👉 क्लिक करें।

आज के अन्य एवं अधिक पढ़े जा रहे उत्तराखंड के नवीनतम अपडेट्स-‘नवीन समाचार’ पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। यहां क्लिक कर हमारे व्हाट्सएप चैनल से, फेसबुक ग्रुप से, गूगल न्यूज से यहाँ, एक्स से, थ्रेड्स चैनल से, टेलीग्राम से, कुटुंब एप से और डेलीहंट से जुड़ें। अमेजॉन पर सर्वाधिक छूटों के साथ खरीददारी करने के लिए यहां क्लिक करें। यदि आपको लगता है कि ‘नवीन समाचार’ अच्छा कार्य कर रहा है तो हमें यहाँ क्लिक करके सहयोग करें..

Tags (Dhami-s 10 Major Decisions) :

Dhami-s 10 Major Decisions, CM Dhami Recommends CBI Probe Ankita Bhandari Case, Uttarakhand Ankita Bhandari Murder Case Latest Update 2026, Dehradun News CBI Recommendation Ankita Case, Pushkar Singh Dhami Statement On Ankita Case CBI, Uttarakhand Paper Leak Case CBI Recommendation UKSSSC, Dhami-s 10 Major Decisions, CM Dhami Recommends CBI Probe Ankita Bhandari Case, Uttarakhand Ankita Bhandari Murder Case Latest Update 2026, Dehradun News CBI Recommendation Ankita Case, Pushkar Singh Dhami Statement On Ankita Case CBI,

Uttarakhand Paper Leak Case CBI Recommendation UKSSSC, Dhami-s 10 Major Decisions, CM Dhami Recommends CBI Probe Ankita Bhandari Case, Uttarakhand Ankita Bhandari Murder Case Latest Update 2026, Dehradun News CBI Recommendation Ankita Case, Pushkar Singh Dhami Statement On Ankita Case CBI, Uttarakhand Paper Leak Case CBI Recommendation UKSSSC, Uttarakhand Government Major Decisions Dhami Tenure, Uniform Civil Code Implementation Uttarakhand Dhami Government, Uttarakhand Anti Cheating Law Competitive Exams Life Imprisonment, Women 30 Percent Horizontal Reservation Uttarakhand Government, Operation Kalnemi Fake Babas Action Uttarakhand, #UttarakhandNews #DehradunNews #AnkitaBhandariCase #CBIProbe #PushkarSinghDhami #PaperLeakCase #UKSSSC #PoliticalNews #JusticeNews #HindiNews

Avatar of डॉ.नवीन जोशी

By डॉ.नवीन जोशी

डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, 'कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन 'नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड' के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें। नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।

Leave a Reply

You missed