डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 20 फरवरी 2026 (Grand Hindu Convention)। नैनीताल (Nainital) जनपद मुख्यालय में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (Rashtriya Swayamsevak Sangh-RSS) के 100 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर शुक्रवार को पहली बार विराट हिंदू सम्मेलन आयोजित किया गया। डीएसए -फ्लैट्स मैदान (DSA-Flats Ground) में हुए इस कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक मुद्दों के साथ उत्तराखंड में पलायन का विषय प्रमुख रूप से उठाया गया। आयोजन में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों की भागीदारी रही।
जुलूस और कलश यात्रा के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
सम्मेलन में मुख्य वक्ता के रूप में साध्वी डॉ. प्राची (Sadhvi Dr Prachi) पहुंचीं, जिनका नगर में वाहन जुलूस के साथ स्वागत किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और वंदेमातरम के गायन से हुआ। इससे पूर्व पारंपरिक वेशभूषा में स्थानीय महिलाओं ने नयना देवी मंदिर (Naina Devi Temple) से डीएसए मैदान तक कलश यात्रा निकाली।
साध्वी प्राची ने अपने संबोधन में उत्तराखंड की पलायन समस्या को नए संदर्भ में जोड़ते हुए राज्यवासियों से अपने मूल स्थान पर बने रहने और पलायन न करने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक संतुलन बनाए रखने के लिए स्थानीय लोगों की उपस्थिति महत्वपूर्ण है। कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है। इसकी रमणीकता पर विधर्मियों की नजर लगी हुई है। यहां के हिंदू अगर अपनी भूमि को छोड़ेंगे तो यह आ जाएंगे। उन्होंने कहा हिंदू जब-जब बंटा या घटा है, कट गया है।
डॉ. साध्वी ने कहा कि आरएसएस यानी राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर पूरे देश में ऐसे ही एक लाख विराट हिंदू सम्मेलनों का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आरएसएस न होता तो आज देश में राम मंदिर न बना होता, कश्मीर से धारा 370 न हटी होती और मुस्लिम बहनों को तीन तलाक से मुक्ति न मिली होती। उन्होंने कहा आरएसएस का किसी भी धर्म से विरोध नहीं है, लेकिन किसी भी धर्म के गद्दार स्वीकार नहीं हैं।
उन्होंने यूजीसी (UGC) के मुद्दे पर भी कहा कि हिंदुओं को इस मुद्दे पर बंटना नहीं है। कहा कि इसका समाधान शीघ्र होने की अपेक्षा है।
अन्य वक्ताओं ने भी रखे विचार
कार्यक्रम में वृंदावन (Vrindavan) के चित्रगुप्त पीठ (Chitragupt Peeth) के पीठाधीश्वर स्वामी सच्चिदानंद चित्रगुप्त (Swami Sachchidanand Chitragupt) ने भी संबोधित किया। उन्होंने समाज में बढ़ती नशा प्रवृत्ति और युवाओं से जुड़े सामाजिक विषयों पर सावधानी बरतने का आह्वान किया। कहा कि उत्तराखंड में लव, लैंड व थूक के साथ व्यवसाय जिहाद और नशा जिहाद भी चल रहे हैं। कहा कि हिंदू युवकों को साजिशन नशे और युवतियों को लव जिहाद में धकेला जा रहा है।
उन्होंने हिंदू युवक व युवतियों से इससे सावधान व दूर रहने का आह्वान किया। दोनों वक्ताओं ने राज्य की धामी सरकार की मजारों व मदरसों के विरुद्ध चलाए गये अभियानों की प्रशंसा की और इन प्रवृत्तियों के विरुद्ध भी कड़ी कार्रवाई करने की आवश्यकता जताई। वक्ताओं ने राज्य सरकार द्वारा मजारों और मदरसों के विरुद्ध चलाए गये अभियानों का उल्लेख करते हुए सामाजिक जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।
सम्मान समारोह और स्थानीय भागीदारी
कार्यक्रम के दौरान वाल्मीकि समाज (Valmiki Samaj) के बुजुर्गों को सम्मानित किया गया। स्थानीय विधायक मनोज कुमार (Manoj Kumar) तथा भारतीय वाल्मीकि धर्म समाज (Bhartiya Valmiki Dharm Samaj) के पदाधिकारियों की अगुवाई में मंचासीन अतिथियों को पगड़ी और अंगवस्त्र भेंट कर अभिनंदन किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. ललित तिवारी (Dr Lalit Tiwari) ने की। आयोजकों के अनुसार सम्मेलन राष्ट्रीय स्तर पर चल रहे शताब्दी कार्यक्रमों की श्रृंखला का हिस्सा है और देशभर में ऐसे अनेक आयोजन प्रस्तावित हैं।
22 फरवरी को भवाली पालिका मैदान में हिन्दू सम्मेलन
डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
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