डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 13 जनवरी 2026 (IAS Anshul Bhatt Action)। उत्तराखंड के नैनीताल जनपद अंतर्गत मुक्तेश्वर (Mukteshwar) क्षेत्र में बिना पर्यटन विभाग (Tourism Department) पंजीकरण (Registration) के होटल संचालन का मामला सामने आते ही प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। धारी के 25 वर्षीय युवा उपजिलाधिकारी (Sub Divisional Magistrate—SDM) आईएएस अंशुल भट्ट (IAS Anshul Bhatt) सोमवार को पर्यटक बनकर भटेलिया (Bhatelia) स्थित एक होटल पहुंचे, जहां बिना पंजीकरण के ग्राहकों को कमरे दिए जा रहे थे।
कर्मचारियों ने एसडीएम के कहने पर कमरा दिखाया और बुकिंग भी कर दी। इसके तुरंत बाद एसडीएम ने नियम उल्लंघन के आधार पर होटल को सील कर दिया। यह घटना इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह पर्यटन नगरी नैनीताल में अवैध रूप से चल रहे होटलों-गेस्ट हाउसों और होम-स्टे (Home Stay) पर निगरानी, पर्यटक सुरक्षा, राजस्व (Revenue) और पर्यटन व्यवस्था की पारदर्शिता से सीधे जुड़ी हुई है।
एसडीएम ने पर्यटक बनकर की जांच, बुकिंग होते ही सामने आया सच
प्रशासन को शिकायत मिली थी कि भटेलिया क्षेत्र में एक होटल बिना पंजीकरण के संचालित हो रहा है, फिर भी खुलेआम बुकिंग लेकर पर्यटकों को कमरे दिये जा रहे हैं। शिकायत की सत्यता परखने के लिए एसडीएम धारी अंशुल भट्ट पर्यटक के रूप में होटल पहुंचे।
जानकारी के अनुसार होटल कर्मियों ने बिना किसी वैध पंजीकरण प्रमाण के एसडीएम को कमरा दिखाया, सुविधाओं की जानकारी दी और कमरा बुक करने की प्रक्रिया भी पूरी कर दी। जैसे ही यह स्पष्ट हुआ कि होटल पर्यटन विभाग में पंजीकृत नहीं है, एसडीएम ने मौके पर ही होटल को सील करा दिया।
इस कार्रवाई से यह संदेश गया कि कागजों में कार्रवाई और जमीन पर कार्रवाई में फर्क नहीं रहेगा। क्या अन्य अवैध होटल भी इसी तरह चल रहे हैं—यह सवाल अब और तेज हो गया है।
पहले भी हुआ चालान, फिर भी चलता रहा होटल

एसडीएम के अनुसार होटल संचालक के विरुद्ध पहले भी पर्यटन विभाग द्वारा दो बार चालान (Challan) काटा जा चुका था, इसके बावजूद होटल संचालन जारी रहा। यही वजह रही कि इस बार सीधी और निर्णायक कार्रवाई करते हुए होटल को सील कर दिया गया।
प्रशासन ने होटल संचालक को कड़ी फटकार लगाते हुए चेतावनी दी कि दोबारा होटल खोलने या संचालन करने की कोशिश हुई तो कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
आगे अन्य होटलों और होम-स्टे पर छापेमारी के संकेत
एसडीएम ने यह भी स्पष्ट किया कि क्षेत्र में अन्य होटल और होम-स्टे में भी छापा (Raid) मारा जाएगा। बिना पंजीकरण होटल संचालन पर अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।
पर्यटन सीजन और शीतकालीन पर्यटन (Winter Tourism) के दौरान इस तरह की कार्रवाई का प्रभाव दूर तक जाता है, क्योंकि अवैध ढांचों में सुरक्षा मानक, अग्नि सुरक्षा, आपदा निकासी व्यवस्था और स्वच्छता जैसी मूलभूत शर्तें कई बार पूरी नहीं होतीं। ऐसे में पर्यटकों की सुरक्षा भी जोखिम में पड़ सकती है।
नैनीताल में 400 वैध और 400 अवैध होटल-गेस्ट हाउस होने का दावा, मुद्दा फिर उभरा
यह कार्रवाई ऐसे समय पर हुई है जब हाल ही में नैनीताल होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन (Nainital Hotel & Restaurant Association) ने पत्रकार वार्ता कर बड़ा दावा किया था कि नैनीताल में लगभग 400 पंजीकृत/वैध होटल-गेस्ट हाउस-होम-स्टे हैं, जबकि लगभग इतने ही गैर पंजीकृत/अवैध रूप से संचालित हैं। एसोसिएशन का कहना है कि अवैध होटल और गेस्ट हाउस न केवल व्यवसायिक असमानता पैदा करते हैं, बल्कि—
राजस्व चोरी (Tax / Revenue Leakage) बढ़ाते हैं।
पर्यटक सुरक्षा व्यवस्था कमजोर करते हैं।
यातायात, पार्किंग और नगर सुविधाओं पर दबाव बढ़ाते हैं।
वैध व्यवसायियों की प्रतिस्पर्धा को अनुचित तरीके से नुकसान पहुंचाते हैं।
मुक्तेश्वर की यह ताजा कार्रवाई इसी पृष्ठभूमि में ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि इससे यह उम्मीद बनती है कि अवैध होटल संचालन पर प्रशासनिक रवैया सख्त होगा और नियमों का पालन सुनिश्चित कराया जाएगा।
क्यों जरूरी है पंजीकरण, नियम-कानून और पर्यटक सुरक्षा का सवाल
पर्यटन विभाग में पंजीकरण केवल औपचारिकता नहीं है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि होटल/होम-स्टे—
न्यूनतम सुरक्षा मानकों पर खरा उतरता है।
आग से बचाव, निकासी, स्वच्छता व्यवस्था रखता है।
पर्यटकों का अभिलेख (Guest Record) सही तरह बनाए रखता है।
आपदा/घटना में प्रशासन को त्वरित जानकारी उपलब्ध कराता है।
यदि बिना पंजीकरण होटल चल रहे हों, तो किसी घटना की स्थिति में जवाबदेही तय करना कठिन हो जाता है। क्या प्रशासन जनपद मुख्यालय और पर्यटन नगरी नैनीताल में भी इसी तरह सतत अभियान चलाएगा—अब लोगों की निगाहें इसी पर हैं।
जानें कौन हैं 23 साल में आईएएस बने अंशुल भट्ट
Anshul Bhatt उत्तराखंड कैडर के 2023 बैच के आईएएस अधिकारी हैं, जिन्होंने संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा में अखिल भारतीय रैंक 22 हासिल कर देशभर में पहचान बनाई। महज 23 वर्ष की उम्र में यह सफलता पाकर उन्होंने वह लक्ष्य हासिल किया, जिसे अधिकांश लोग जीवन भर का सपना मानते हैं। वर्तमान में वे नैनीताल जनपद की धारी तहसील के उपजिलाधिकारी के रूप में प्रशासनिक जिम्मेदारियां निभा रहे हैं।
संक्षिप्त परिचय
नाम: Anshul Bhatt
जन्म तिथि: 15 मई 2000
निवास स्थान: आढ़त बाजार, देहरादून, उत्तराखंड
आयु : 25 वर्ष
शैक्षिक योग्यता: बीए, St. Stephen’s College, दिल्ली
बैच: 2023
कैडर: उत्तराखंड
यूपीएससी रैंक: 22
यूपीएससी उत्तीर्ण आयु: 23 वर्ष
वर्तमान पदस्थापना: उपजिलाधिकारी, धारी तहसील, नैनीताल
कुल अंक: 1025 (मुख्य परीक्षा 815, साक्षात्कार 210)
प्रयास: तीसरा
वैवाहिक स्थिति: अविवाहित
प्रारंभिक जीवन और शिक्षा
15 मई 2000 को देहरादून के ऐतिहासिक आरहट बाजार क्षेत्र में जन्मे अंशुल भट्ट का पालन-पोषण एक शिक्षित और प्रशासनिक पृष्ठभूमि वाले परिवार में हुआ। उनके पिता अरविंद कुमार भट्ट उत्तराखंड सरकार में अपर सचिव विधायी के पद पर कार्यरत हैं। घर के माहौल में ही सेवा, अनुशासन और प्रशासनिक मूल्यों की मजबूत नींव पड़ी, जिसने अंशुल को सिविल सेवा की ओर प्रेरित किया।
अंशुल ने दिल्ली के प्रतिष्ठित सेंट स्टीफेंस कॉलेज से कला स्नातक की पढ़ाई पूरी की। कॉलेज जीवन के दौरान उनकी विश्लेषणात्मक क्षमता, शैक्षणिक उत्कृष्टता और संतुलित व्यक्तित्व ने उन्हें यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा के लिए तैयार किया।
यूपीएससी यात्रा और वर्तमान भूमिका
अंशुल भट्ट की यूपीएससी की यात्रा आसान नहीं रही। तीसरे प्रयास में सफलता हासिल करते हुए उन्होंने देश के सबसे युवा शीर्ष 25 रैंकधारकों में स्थान बनाया। 1025 अंकों के साथ मिली यह सफलता उनकी निरंतरता, रणनीतिक तैयारी और मानसिक दृढ़ता का परिणाम रही।
वर्तमान में अंशुल भट्ट उपजिलाधिकारी के रूप में जनसेवा, कानून-व्यवस्था और विकास से जुड़े दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। कम उम्र में मिली यह जिम्मेदारी उन्हें उत्तराखंड प्रशासन का एक उभरता और भविष्य का भरोसेमंद चेहरा बनाती है।
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।















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