नवीन समाचार, देहरादून, 20 फरवरी 2026 (Action-Muslim Univ Land)। उत्तराखंड (Uttarakhand) की राजधानी देहरादून (Dehradun) में शेखुल एजुकेशन चेरिटेबल ट्रस्ट (Sheikhul Education Charitable Trust) द्वारा कथित तौर पर ‘मुस्लिम यूनिवर्सिटी’ (Muslim University) के लिए धौलास गाँव में ली गई भूमि से जुड़ी खरीद-फरोख्त के प्रकरण में जिला प्रशासन ने जांच शुरू कर बड़ी कार्रवाई की है। प्रशासन ने ट्रस्ट की पावर ऑफ अटॉर्नी (Power Of Attorney) के आधार पर बेची गई भूमि के मामले में 193 खरीदारों को नोटिस जारी कर उनका पक्ष मांगा है।
साथ ही तथ्यों को छुपाकर भूमि उपयोग परिवर्तन कराने वाले पांच व्यक्तियों की धारा 143 की अनुमति निरस्त कर दी गयी है। इस कार्रवाई को भूमि नियमों के अनुपालन और पारदर्शिता के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पढ़ें ‘नवीन समाचार’ में 10 फरवरी को प्रकाशित पूर्व संबंधित समाचार : आईएमए के समीप ‘मुस्लिम यूनीवर्सिटी’ की 20 एकड़ भूमि पर अवैध प्लाटिंग कर ‘डेमोग्राफी चेंज’ का प्रयास ! उच्च न्यायालय के आदेशों के उल्लंघन और सैन्य सुरक्षा पर उठे गंभीर प्रश्न
एसडीएम स्तर पर जांच तेज
प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रकरण की जांच विकास नगर (Vikasnagar) के उप जिलाधिकारी कार्यालय में आगे बढ़ रही है। प्रशासन यह भी जांच कर रहा है कि ट्रस्ट की ओर से दी गयी पावर ऑफ अटॉर्नी (Power Of Attorney) के माध्यम से भूमि बेचने वाले रईस अहमद (Rais Ahmad) ने कहीं खरीदारों के साथ धोखाधड़ी तो नहीं की। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि क्या खरीदारों से उच्च न्यायालय (High Court) के निर्देशों से संबंधित कोई तथ्य छुपाया गया था।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार 193 में से 188 खरीदारों द्वारा कथित रूप से गलत तथ्यों के आधार पर भूमि को गैर कृषि (Non Agricultural Land Use) में परिवर्तित कराया गया, जिसे तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है।
ट्रस्ट की नियमावली भी जांच के दायरे में
बताया जा रहा है कि शेखुल एजुकेशन चेरिटेबल ट्रस्ट के प्रमुख महमूद मदनी (Mahmood Madani) से संबद्ध यह ट्रस्ट मूल रूप से इस्लामिक शिक्षण संस्था स्थापित करने के उद्देश्य से बनाया गया था और सामान्यतः ऐसे चेरिटेबल ट्रस्ट (Charitable Trust) ‘नो प्रॉफिट नो लॉस’ (No Profit-No loss) के सिद्धांत पर संचालित होते हैं। यह भी ताज़ा जांच का एक विषय है।
इसके अतिरिक्त विधि विशेषज्ञों के अनुसार चेरिटेबल ट्रस्ट की भूमि बिक्री के लिए ट्रस्टियों की विधिवत बोर्ड बैठक में लिखित स्वीकृति आवश्यक होती है और इसे प्रत्येक विक्रय विलेख (Sale Deed) में संलग्न किया जाना चाहिए। प्रशासन यह भी जांच कर रहा है कि क्या इन प्रावधानों का पालन हुआ है, अथवा नहीं ?
किन बिंदुओं पर हो रही पड़ताल
जांच एजेंसियां मुख्य रूप से इन पहलुओं की समीक्षा कर रही हैं:
पावर ऑफ अटॉर्नी किन शर्तों पर जारी की गयी?
भूमि बिक्री से ट्रस्ट को कोई वित्तीय लाभ हुआ या नहीं?
भूमि उपयोग परिवर्तन की प्रक्रिया में तथ्यों का दुरुपयोग हुआ या नहीं?
आयकर (Income Tax) और अन्य नियामकीय पहलुओं का अनुपालन हुआ या नहीं?
क्यों महत्वपूर्ण है मामला?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि चेरिटेबल ट्रस्ट की भूमि से संबंधित नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो इससे न केवल संबंधित खरीदारों पर प्रभाव पड़ेगा बल्कि राज्य में ट्रस्ट आधारित भूमि लेनदेन की निगरानी भी सख्त हो सकती है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सभी पक्षों का उत्तर प्राप्त होने और जांच पूर्ण होने के बाद ही आगे की विधिक कार्रवाई तय की जाएगी। यह प्रकरण फिलहाल राजनीतिक और प्रशासनिक क्षेत्रों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।















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