नवीन समाचार, नैनीताल, 20 जनवरी 2026 (Land Sale Around Kainchi Dham)। उत्तराखंड के नैनीताल जनपद में कुमाऊं क्षेत्र का प्रसिद्ध धार्मिक स्थल कैंची धाम अब केवल श्रद्धा का केंद्र नहीं रह गया है। नीम करोली बाबा (Neem Karoli Baba) के दरबार में देश-विदेश से बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या ने इस पूरे क्षेत्र को धार्मिक पर्यटन के बड़े केंद्र में बदल दिया है, जिसका सीधा असर जमीन के दामों पर दिख रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, जहां सरकारी दरों में जमीन का सर्किल रेट हजारों रुपये प्रति वर्ग मीटर है, वहीं वास्तविक बाजार भाव 80 लाख से 1 करोड़ रुपये प्रति नाली तक पहुंच चुका है।
इस बदलाव ने एक तरफ होटल, होमस्टे, भोजनालय, पार्किंग जैसे रोजगार अवसर बढ़ाए हैं, तो दूसरी तरफ बाहरी निवेश, अनियंत्रित निर्माण, नदी किनारे जोखिम और भूस्खलन जैसी घटनाओं से जनसुरक्षा का प्रश्न भी गहराया है। देखें वीडिओ कैसे बाहरी लोग बेच रहे हैं पहाड़ की जमीनें…:
कैंची धाम में श्रद्धा, पर्यटन और जमीन के दामों की तेज दौड़
शांत तीर्थ से पर्यटन केंद्र बनने तक की कहानी
कैंची धाम लंबे समय तक शांत और सीमित भीड़ वाले तीर्थ के रूप में जाना जाता था, लेकिन बीते वर्षों में श्रद्धालुओं का आकर्षण तेजी से बढ़ा है। सामान्य दिनों में भी देश के अनेक राज्यों से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, जबकि त्योहारों, छुट्टियों और बाबा के स्थापना दिवस पर यह संख्या लाखों तक पहुंचने की बात कही जा रही है। बढ़ती भीड़ के कारण क्षेत्र में आवागमन, ठहराव, भोजन और पार्किंग सुविधाओं की मांग बढ़ी और इसी के साथ व्यवसायिक गतिविधियां भी तेज हो गईं।
जमीन खरीद-बिक्री में बाहरी लोगों का बढ़ता दबाव
स्थानीय स्तर पर यह चर्चा प्रमुख है कि कैंची धाम में जमीनें स्थानीय लोगों की तुलना में अधिक बाहरी लोगों के माध्यम से बेची जा रही हैं। बताया जा रहा है कि पहले बाहरी लोगों ने यहां की काफी जमीनें कम दामों में खरीद लीं, और अब वही जमीनें ऊंचे दामों में बेच रहे हैं। इसका असर यह हुआ कि जमीन की कीमत बढ़ने का लाभ स्थानीय लोगों की तुलना में बाहरी निवेशकों को अधिक मिल रहा है।
यह प्रश्न भी उठ रहा है कि धार्मिक पर्यटन से होने वाले लाभ का वास्तविक हिस्सा स्थानीय समुदाय तक क्यों नहीं पहुंच पा रहा।
शिप्रा नदी किनारे निर्माण और बरसात में खतरे की आशंका
कैंची धाम देश की गिनी-चुनी उत्तर वाहिनी नदियों में शामिल शिप्रा नदी (Shipra River) के किनारे स्थित है, जिससे क्षेत्र का धार्मिक महत्व और बढ़ जाता है। परंतु इसी के साथ खतरे भी सामने हैं। बरसात के मौसम में शिप्रा नदी उफन पड़ती है। शिप्रा नदी से सटी जमीनों की खरीद-बिक्री और उन पर बड़े निर्माण होने की बात कही गई है, जिससे भविष्य में नदी के उफनने पर जनहानि की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।
कमजोर भौगोलिक संरचना और भूस्खलन का पुराना इतिहास
कैंची धाम के आसपास का क्षेत्र पहले से नदी किनारे और पहाड़ की तलहटी में होने के कारण कमजोर भौगोलिक संरचना वाला माना जाता है। बरसात में यहां भूस्खलन की घटनाएं होने की बात कही गई है।
18-19 अक्टूबर 2021 को नैनीताल सहित इस क्षेत्र में जलप्रलय जैसे हालात बने थे। उसी दौरान कैंची में एक युवती अपने घर में ही जिंदा दफन हो गई थी, जबकि थलाड़ी गांव में एक ही परिवार के 6 लोगों की मृत्यु होने की घटना सामने आई थी। उस समय भवाली-कैंची मार्ग (Bhowali-Kainchi Road) भी लंबे समय तक बंद रहा। स्थानीय लोगों की चिंता है कि यदि भविष्य में इसी तरह की स्थिति बनी तो बड़ी जनहानि से इंकार नहीं किया जा सकता। देखें वीडियो:
सरकारी सर्किल रेट और असल बाजार भाव में बड़ा अंतर
सरकारी दस्तावेजों के अनुसार, कैंची धाम के आसपास राष्ट्रीय राजमार्ग (National Highway) से जुड़ी जमीनों का सर्किल रेट लगभग 6,000 रुपये प्रति वर्ग मीटर बताया जा रहा है, जो नाली के हिसाब से करीब 12 लाख रुपये के आसपास बैठता है। वहीं सड़क से कुछ दूरी पर स्थित जमीन का सर्किल रेट 4,400 रुपये प्रति वर्ग मीटर बताया गया है।
परंतु स्थानीय लोगों का कहना है कि वास्तविक बाजार भाव सरकारी दरों से कहीं अधिक है और वर्तमान में यहां जमीन 80 लाख से 1 करोड़ रुपये प्रति नाली तक बिक रही है। व्यावसायिक क्षेत्रों में यह कीमत और अधिक बतायी जा रही है।
निवेश का कारण: भीड़, सुविधाएं और सड़क सुधार
श्रद्धालुओं की निरंतर बढ़ती संख्या के कारण होटल, होमस्टे, भोजनालय, पार्किंग स्थल और अन्य व्यवसायिक निर्माणों की मांग बढ़ी है। साथ ही सड़क चौड़ीकरण और बेहतर आवागमन ने निवेशकों के लिए इसे और आकर्षक बनाया है। यही वजह है कि स्थानीय के साथ-साथ बाहरी निवेशक भी इस क्षेत्र में जमीन खरीदने में रुचि ले रहे हैं।
लेकिन क्या यह विकास नियंत्रित और सुरक्षित ढंग से हो रहा है? यही चिंता अब स्थानीय समाज और प्रशासन के लिए सबसे महत्वपूर्ण बनती जा रही है।
जमीन खरीद में कानूनी सावधानी क्यों जरूरी
विशेषज्ञों और जानकारों का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में जमीन खरीदने से पहले कानूनी पहलुओं की पूरी जांच अनिवार्य है। भीड़ और मांग बढ़ने के साथ जमीन की कीमत बढ़ती है, लेकिन दस्तावेजों में थोड़ी सी चूक भविष्य में बड़ा विवाद पैदा कर सकती है।
दस्तावेज, पैमाइश और स्वामित्व की पुष्टि जरूरी
जमीन खरीदने से पहले तहसील कार्यालय (Tehsil Office) में दस्तावेजों की पुष्टि, जमीन की पैमाइश, भूमि उपयोग की स्थिति और स्वामित्व की जांच अत्यंत आवश्यक बतायी गई है। वास्तविक मालिक कौन है, भूमि किस श्रेणी में दर्ज है, उस पर निर्माण की अनुमति है या नहीं—इन सभी बिंदुओं को जांचे बिना निवेश करना जोखिम भरा साबित हो सकता है।
धार्मिक पर्यटन और रियल एस्टेट का नया संगम
कैंची धाम अब धार्मिक केंद्र के साथ-साथ आर्थिक और व्यावसायिक गतिविधियों का भी प्रमुख क्षेत्र बन गया है। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और पर्यटन अवसरों ने इस इलाके की भूमि को अत्यंत मूल्यवान बना दिया है। परंतु उसी के साथ यह भी आवश्यक हो गया है कि निर्माण कार्य सुरक्षित, कानूनी और पर्यावरण के अनुकूल हों, ताकि भविष्य में किसी दुर्घटना या प्राकृतिक आपदा के समय जनसुरक्षा पर भारी खतरा न खड़ा हो।
पाठकों से आग्रह है कि इस समाचार से संबंधित अपनी राय और विचार नीचे दिए गए कमेन्ट बॉक्स में अवश्य साझा करें।
नैनीताल जनपद में हाल के दिनों में हुई अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं से जुड़ी पूरी रिपोर्ट यहाँ क्लिक करके पढ़ी जा सकती है। इसी तरह पिथौरागढ़ के समाचारों के लिए यहाँ👉, अल्मोड़ा के समाचारों के लिए यहाँ👉, बागेश्वर के समाचारों के लिए यहाँ👉, चंपावत के समाचारों के लिए यहाँ👉, ऊधमसिंह नगर के समाचारों के लिए यहाँ👉, देहरादून के समाचारों के लिए यहाँ👉, उत्तरकाशी के समाचारों के लिए यहाँ👉, पौड़ी के समाचारों के लिए यहाँ👉, टिहरी जनपद के समाचारों के लिए यहाँ👉, चमोली के समाचारों के लिए यहाँ👉, रुद्रप्रयाग के समाचारों के लिए यहाँ👉, हरिद्वार के समाचारों के लिए यहाँ👉और उत्तराखंडसे संबंधित अन्य समाचार पढ़ने के लिये यहां👉 क्लिक करें।
आज के अन्य एवं अधिक पढ़े जा रहे उत्तराखंड के नवीनतम अपडेट्स-‘नवीन समाचार’ पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। यहां क्लिक कर हमारे व्हाट्सएप चैनल से, फेसबुक ग्रुप से, गूगल न्यूज से यहाँ, एक्स से, थ्रेड्स चैनल से, टेलीग्राम से, कुटुंब एप से और डेलीहंट से जुड़ें। अमेजॉन पर सर्वाधिक छूटों के साथ खरीददारी करने के लिए यहां क्लिक करें। यदि आपको लगता है कि ‘नवीन समाचार’ अच्छा कार्य कर रहा है तो हमें यहाँ क्लिक करके सहयोग करें..।
Tags (Land Sale Around Kainchi Dham) :
Land Sale Around Kainchi Dham, Kainchi Dham Land Price Per Nali Nainital, Neem Karoli Baba Temple Tourism Real Estate Growth, Nainital Kainchi Dham Property Rates 2026, Kumaon Religious Tourism Investment Hotspot, Shipra River Bank Construction Risk Kainchi, Uttarakhand Hill Area Land Legal Verification Tips, Kainchi Dham Homestay Hotel Parking Business Demand, Nainital Circle Rate Vs Market Rate Kainchi Dham, October 2021 Disaster Impact Kainchi Thaladi Village, Safe Land Purchase Checklist Tehsil Verification Uttarakhand, #UttarakhandNews #NainitalNews #KainchiDham #NeemKaroliBaba #KumaonNews #ReligiousTourism #RealEstateBoom #LandRates #HillSafety #HindiNews
डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।















3 जून 2009 से संचालित उत्तराखंड का सबसे पुराना डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘नवीन समाचार’ अपने आरंभ से ही उत्तराखंड और देश-दुनिया की सटीक, निष्पक्ष और जनहित से जुड़ी खबरें आप तक पहुँचाने का प्रयास करता आ रहा है। हिंदी में विशिष्ट लेखन शैली हमारी पहचान है। हमारा उद्देश्य केवल समाचार देना नहीं, बल्कि समाज की वास्तविक आवाज को मजबूती से सामने लाना, स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता देना और हिंदी पत्रकारिता को जीवित रखना है। हमारे प्रत्येक समाचार एक लाख से अधिक लोगों तक और हर दिन लगभग 10 लाख बार पहुंचते हैं।