EnglishInternational Phonetic Alphabet – SILInternational Phonetic Alphabet – X-SAMPASystem input methodCTRL+MOther languagesAbronAcoliадыгэбзэAfrikaansअहिराणीajagbeBatak AngkolaአማርኛOboloالعربيةঅসমীয়াаварتۆرکجهᬩᬮᬶɓasaáBatak Tobawawleбеларускаябеларуская (тарашкевіца)Bariروچ کپتین بلوچیभोजपुरीभोजपुरीẸdoItaŋikomBamanankanবাংলাབོད་ཡིག།bòo pìkkàbèromबोड़ोBatak DairiBatak MandailingSahap Simalunguncakap KaroBatak Alas-KluetbuluburaብሊንMə̀dʉ̂mbɑ̀нохчийнchinook wawaᏣᎳᎩکوردیAnufɔЧăвашлаDanskDagbaniдарганdendiDeutschDagaareThuɔŋjäŋKirdkîडोगरीDuáláÈʋegbeefịkẹkpeyeΕλληνικάEnglishEsperantoفارسیmfantseFulfuldeSuomiFøroysktFonpoor’íŋ belé’ŋInternational Phonetic AlphabetGaगोंयची कोंकणी / Gõychi Konknni𐌲𐌿𐍄𐌹𐍃𐌺𐌰 𐍂𐌰𐌶𐌳𐌰ગુજરાતીfarefareHausaעבריתहिन्दीछत्तीसगढ़ी𑢹𑣉𑣉HoHrvatskiհայերենibibioBahasa IndonesiaIgboIgalaгӀалгӀайÍslenskaawainAbꞌxubꞌal PoptiꞌJawaꦗꦮქართული ენაTaqbaylit / ⵜⴰⵇⴱⴰⵢⵍⵉⵜJjuадыгэбзэ (къэбэрдеибзэ)KabɩyɛTyapkɛ́nyáŋGĩkũyũҚазақшаភាសាខ្មែរಕನ್ನಡ한국어kanuriKrioकॉशुर / کٲشُرКыргызKurdîKʋsaalLëblaŋoлаккулезгиLugandaLingálaລາວلۊری شومالیlüüdidxʷləšucidmadhurâमैथिलीŊmampulliMalagasyKajin M̧ajeļമലയാളംМонголᠮᠠᠨᠵᡠManipuriма̄ньсиဘာသာမန်mooreमराठीမြန်မာ閩南語 / Bân-lâm-gú閩南語(漢字)閩南語(傳統漢字)Bân-lâm-gú (Pe̍h-ōe-jī)Bân-lâm-gú (Tâi-lô)KhoekhoegowabNorsk (bokmål)नेपालीनेपाल भाषाli nihanawdmNorsk (nynorsk)ngiembɔɔnߒߞߏSesotho sa LeboaThok NaathChichewaNzemaଓଡ଼ିଆਪੰਜਾਬੀPiemontèisΠοντιακάⵜⴰⵔⵉⴼⵉⵜTarandineрусскийसंस्कृतсаха тылаᱥᱟᱱᱛᱟᱞᱤ (संताली)सिंधीکوردی خوارگDavvisámegiellaKoyraboro SenniSängöⵜⴰⵛⵍⵃⵉⵜတႆးසිංහලᠰᡞᠪᡝSlovenčinaСрпски / srpskiSesothoSENĆOŦENSundaSvenskaŚlůnskiதமிழ்ತುಳುతెలుగుไทยትግርኛትግሬцӀаӀхна мизSetswanaChiTumbukaTwiⵜⴰⵎⴰⵣⵉⵖⵜудмуртУкраїнськаاردوOʻzbekchaꕙꔤTshiVenḓaVènetoWaaleWolofLikpakpaanlYorùbá中文中文(中国大陆)中文(简体)中文(繁體)中文(香港)中文(澳門)中文(马来西亚)中文(新加坡)中文(臺灣)Help इस समाचार को सुनने के लिए यहाँ क्लिक करें डॉ. नवीन जोशी, नैनीताल, 12 अक्टूबर 2022। पिछले चार दिनों हुई लगातार बारिश के बाद पहाड़ धूप आने के बाद चटकने लगे हैं। बुधवार सुबह करीब 9:15 बजे नैनीताल-हल्द्वानी राष्ट्रीय राजमार्ग 109 पर दोगांव से पहले भेड़िया पखांड़ के पास अक्सर भूस्खलन की जद में आने वाली चट्टान का बड़ा हिस्सा सड़क पर गिर गया। एक कार संख्याUK04AH-0806 इसकी चपेट में आने से बाल-बाल बची, जबकि एक स्कूटी संख्या UK04Y-7102 इसकी चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गई। स्कूटी सवार नैनीताल में मॉल रोड स्थित पर्यटन कार्यालय में कार्यरत पीआरडी जवान हरबोला को इस दौरान कमर व पैर आदि में चोटेंआयीं। सुबह का समय होने के कारण हल्द्वानी-नैनीताल तथा पहाड़ों की ओर आने-जाने वाले कर्मचारी व पुलिस के जवान आदि इस दौरान मौके पर काफी देर फंस गए। बाद में हिम्मत दिखाकर कुछ लोगों ने खुद ही पत्थर उठाकर दोपहिया वाहनों के लिए मार्ग खोला। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने जानकारी लेकर जेसीबी को मौके पर भिजवाया। समाचार लिखे जाने तक जेसीबी से मार्ग को खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं। दोनों ओर वाहनों की कतारें लगी हुई हैँ। रानीबाग एवं भवाली से वाहनों को भीमताल के रास्ते डायवर्ट किया गया है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।यहाँ क्लिक कर सीधे संबंधित को पढ़ें Toggleयह भी पढ़ें : रामगढ़-आलूखेत के लोगों को 9-10 अक्टूबर को फिर याद आया पिछले वर्ष का 18 अक्टूबरआलूखेत में हुआ भूस्खलन, चार दर्जन लोगों पर छत खोने का खतरायह भी पढ़ें : UPDATE : नैनीताल जनपद में पिछले 67 घंटों से लगातार जारी है वर्षा, एक राष्ट्रीय राजमार्ग सहित 42 मार्ग हैं बंद, जानें कौन से, और नदियों में कितना बढ़ा है पानी…?यह भी पढ़ें : बारिश तो थमी पर 25 सड़कों को बंद कर गई, अल्मोड़ा रोड सुबह बंद होने के बाद खुली, जानें सड़कों की अपडेटयह भी पढ़ें : इधर 24 घंटों में आधा फिट बढ़ा झील का जल स्तर, उधर बही कार… कई सड़कें भी बंद…यह भी पढ़ें : बारिश के कारण हुए भूस्खलन से एक महिला जिंदा दफ्न, कई सड़कें बंद..यह भी पढ़ें : नैनीताल जनपद में बारिश का सिलसिला जारी, 19 मार्ग बंद, एक की मौत भी…यह भी पढ़ें : नैनीताल के लिए एक सड़क मार्ग हुआ बंद…यह भी पढ़ें : गौला नदी में जलती चिता से बहे तीन में से दो शव मिले, दुबारा किया गया अंतिम संस्कारयह भी पढ़ें : मुनस्यारी के लिये NDRF अलर्ट पर, सीएम ने ट्वीट किया, कैलाश यात्री तीसरे दिन भी फंसे1500 भारतीय कैलाश मानसरोवर तीर्थयात्री भारी बारिश से नेपाल में भी फंसेयह भी पढ़ें : भारी पड़ी पहली मानसूनी बारिश, पिथौरागढ़ में 3 को छुट्टी घोषित, एक महिला की मौत की मलबे में दबकर मौतमुनस्यारी में बादल फटने के दौरान का नजारापूर्व समाचार : उत्तराखंड में कैलास मानसरोवर मार्ग पर फिर मालपा हादसा, 17 की मौत, 30 लापता ! रोकनी पड़ी कैलास यात्राआपदा का मंजर :1998 का मालपा हादसाः तब प्रख्यात नृत्यांगना प्रोतिमा बेदी सहित 200 लोगों ने गंवाई थी जानघटनास्थल नहीं पहुंच पाये सीएम, दिये निर्देशLike this:Relatedयह भी पढ़ें : रामगढ़-आलूखेत के लोगों को 9-10 अक्टूबर को फिर याद आया पिछले वर्ष का 18 अक्टूबर -बारिश से कई परिवार भूस्खलन होने से घर छोड़ने को हुए मजबूर डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 11 अक्तूबर 2022। पिछले चार दिनों में लगातार हुई तेज वर्षा से हुए नुकसान की खबरें दूरस्थ क्षेत्रों से देर से आ रही हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार पिछले वर्ष दैवीय आपदा की बुरी मार झेल चुके जनपद के रामगढ़ विकास खंड क्षेत्र में पुनः इस दौरान भारी तबाही हुई है। क्षेत्र के आस्था के केंद्र नवग्रह शनि मंदिर के पास के नाले में भारी मात्रा में मलबा आने से रामगढ़-कैंची मोटरमार्ग में बड़ा गड्ढा हो गया एवं मार्ग अवरुद्ध हो गया। बताया गया है कि पिछले वर्ष भी 18 अक्टूबर को इसी स्थान पर कई घर बरबाद हो गए थे। इस बार भी किशोर टैंट हाउस के स्वामी का घर भूस्खलन की जद में आ गया और उन्हें घर छोड़ने को मजबूर होना पड़ा।इनके अलावा ग्राम सभा झूतिया में ललित मोहन आर्य के मकान के आगे की दीवार टूट जाने से उन्हें भी घर छोड़ना पड़ा है। बताया गया है कि करीब 6 माह पूर्व भी सरकारी विभाग ने एक ठेकेदार के जरिए लाखों रुपए खर्च कर इस दीवार का निर्माण किया था। बारिश की वजह से गांव में सब्जी, दालों, पशु चारे की फसलें भी बरबाद हो गई हैं। ग्राम प्रधान सुरेश मेर व सदस्य कृष्णानंद शास्त्री ने मंगलवार को आपदा प्रभावितों का हालचाल जाना और प्रशासन से जांच कर आपदा प्रभावितों को मुआवजा देने की मांग की है।आलूखेत में हुआ भूस्खलन, चार दर्जन लोगों पर छत खोने का खतरा नैनीताल। नैनीताल नगर के आधार बलियानाला के दूसरी ओर स्थित आलूखेत क्षेत्र में बीते चार दिनों से हुई तेज बारिश के कारण भूस्खलन हुआ है। इससे कुछ घरों को भी खतरा उत्पन्न हो गया और इनमें रहने वाले चार परिवारों के लगभग 4 दर्जन लोगों पर छत खोने का खतरा उत्पन्न हो गया है। इससे इसके बाद प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि से भूस्खलन के कारण असुरक्षित हुए घरों में रहने वाले लोगों को उनके घरों से हटाकर अस्थायी तौर पर अन्यत्र पुर्नवासित कर दिया है। इधर मंगलवार को विधायक सरिता आर्य ने भी क्षेत्र का भ्रमण किया एवं डीएम, मंडलायुक्त तथा मुख्यमंत्री आदि से बात कर ग्रामीणों की समस्या के स्थायी समाधान करने की प्रार्थना की।बताया गया है कि नगर से लगभग तीन किलोमीटर दूर स्थित आलूखेत क्षेत्र में रविवार रात बड़ा भूस्खलन हुआ। गौरतलब है कि आलूखेत चूंकि बलियानाला के दूसरी ओर है इसलिए यहां होने वाले भूस्खलन बलियानाला के इस ओर स्थित नैनीताल नगर के लिए भी खतरे की घंटी बजाने वाले माने जाते हैं। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।यह भी पढ़ें : UPDATE : नैनीताल जनपद में पिछले 67 घंटों से लगातार जारी है वर्षा, एक राष्ट्रीय राजमार्ग सहित 42 मार्ग हैं बंद, जानें कौन से, और नदियों में कितना बढ़ा है पानी…?डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 9 अक्तूबर 2022। बीते 67 घंटों से लगातार जारी वर्षा के दौरान नैनीताल में 103, हल्द्वानी मे 95, कोश्या कुटौली में 122, धारी में 75, बेतालघाट में 84, रामनगर में 19 व कालाढुंगी में 69 तथा मुक्तेश्वर में 103 मिमी और पूरे जनपद में औसत तौर पर 81 मिमी बारिश हुई है। इससे मुख्यालय सहित कई इलाकों में विद्युत व पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। साथ ही नैनीताल जनपद में एक राष्ट्रीय राजमार्ग, 5 राज्य मार्ग, 3 मुख्य जिला मार्ग तथा 33 ग्रामीण मार्गों सहित कुल 42 मार्ग बंद हो गए हैं। यह भी पढ़ें : उत्तराखंड के बागेश्वर में सुबह 7:25 बजे 3.5 तीव्रता का भूकंप, झटके हरिद्वार-ऋषिकेश तक महसूस, नुकसान की सूचना नहीं‘नवीन समाचार’ की ओर से पाठकों से विशेष अपील:3 जून 2009 से संचालित उत्तराखंड का सबसे पुराना डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘नवीन समाचार’ अपने आरंभ से ही उत्तराखंड और देश-दुनिया की सटीक, निष्पक्ष और जनहित से जुड़ी खबरें आप तक पहुँचाने का प्रयास करता आ रहा है। हिंदी में विशिष्ट लेखन शैली हमारी पहचान है। हमारा उद्देश्य केवल समाचार देना नहीं, बल्कि समाज की वास्तविक आवाज को मजबूती से सामने लाना, स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता देना और हिंदी पत्रकारिता को जीवित रखना है। हमारे प्रत्येक समाचार एक लाख से अधिक लोगों तक और हर दिन लगभग 10 लाख बार पहुंचते हैं। आज के समय में स्वतंत्र और निर्भीक पत्रकारिता को बनाए रखना आसान नहीं है। डिजिटल मंच पर समाचारों के संग्रह, लेखन, संपादन, तकनीकी संचालन और फील्ड रिपोर्टिंग में निरंतर आर्थिक संसाधनों की आवश्यकता होती है। ‘नवीन समाचार’ किसी बड़े कॉर्पोरेट या राजनीतिक दबाव से मुक्त रहकर कार्य करता है, इसलिए इसकी मजबूती सीधे-सीधे पाठकों के सहयोग से जुड़ी है। ‘नवीन समाचार’ अपने सम्मानित पाठकों, व्यापारियों, संस्थानों, सामाजिक संगठनों और उद्यमियों से विनम्र अपील करता है कि वे विज्ञापन के माध्यम से हमें आर्थिक सहयोग प्रदान करें। आपका दिया गया विज्ञापन न केवल आपके व्यवसाय या संस्थान को व्यापक पाठक वर्ग तक पहुँचाएगा, बल्कि स्वतंत्र पत्रकारिता को भी सशक्त बनाएगा। अग्रिम धन्यवाद। बंद मार्गों में ज्योलीकोट-खैरना-क्वारब राष्ट्रीय राजमार्ग सहित रामनगर-तल्ली सेठी, धानाचूली-ओखलकांडा-खनस्यू, कसियालेख-धारी, गर्जिया-बेतालघाट, काठगोदाम-सिमलियाबैंड, अमृतपुर-बानना-बबियाड़, सैनिटोरियम-सिरोड़, लक्ष्मीखान-प्यूड़ा-क्वारब, कुकरागाड़-डालकन्या, अमृतपुर-जमरानी, रामनगर-भंडारपानी-बेतालघाट, रामनगर-भंडारपानी-रीची, गर्जिया-बेतालघाट-ओड़ाखान, भुजान-बेतालघाट, च्यूड़ी-धूरा-स्यालकोट, चड़िया-च्यूड़ी, तल्ला रामगढ़-हली हरतपा, बिचखाली-पातली, खूपा-जमरानी, झूतिया-टांडा, बतोला-जोशीखोला, तल्ली पाली-मल्ली पाली, नोना ब्यासी, गढ़खेत-पानकटारा, जिनौली-तंडी-सकदीना, बसगांव-तवाखेत, कसियालेख-सूपी, बेतालघाट-घंगरेटी, देवीपुरा-सौड़, शहीद बलवंत भुजान बेतालघाट, बेतालघाट-ओखलढुंगा, धनियाकोट-भुजान, लोहाली, बानना, कौन्ता-हरीशताल, छीड़ाखान-मिडार मार्ग, लोहाली, नलेना-चोपड़ा, बजून-अस्कू, हरतपा-हली, भुजियाघाट-सूर्यागांव, तल्लाकोट-सीम, तुषराड़, डालकन्या-गौन्यारो, खुजेटी-पतलिया, वलना, जोस्यूड़ा मोटर मार्ग शामिल हैं।इसके अलावा थाना भवाली क्षेत्र अंतर्गत भवाली-अल्मोड़ा मार्ग भी क्वारब चौकी के पास पत्थर आने के कारण बंद हो गया था जिसे जेसीबी के माध्यम से खुलवा दिया गया, लेकिन इस मार्ग पर खैरना से 100 मीटर आगे भौर्या बैंड के पास चट्टान से पत्थर, बोल्डर गिरते रहे। उधर, बारिश से जनपद की नदियों का जल स्तर भी बढ़ गया है। गौला नदी का जल स्तर 17064, कोसी का 12983 व नंधौर का 4635 क्यूसेक हो गया है। अलबत्ता, अब तक जान-माल के किसी नुकसान का समाचार नहीं है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।यह भी पढ़ें : बारिश तो थमी पर 25 सड़कों को बंद कर गई, अल्मोड़ा रोड सुबह बंद होने के बाद खुली, जानें सड़कों की अपडेटडॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 26 सितंबर 2022। शनिवार रात्रि से हुई बारिश मानसून की विदाई का इशारा करने के साथ थम गई है, अलबत्ता नैनीताल जनपद की 25 सड़कों को बंद कर गई है। भवाली से अल्मोड़ा को जोड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी सोमवार सुबह खैरना से आगे भौर्या बैंड के पास पहाड़ से बोल्डर गिरने की वजह से बंद हो गया था, जिसे अब खोल दिया गया है। इसके बाद यहां वाहन धीरे-धीरे गुजर रहे हैं।इसके अलावा जनपद में रामनगर-तल्ली सेठी-बेतालघाट, फतेहपुर-पीपलछड़ा-अड़िया, मोरनौला-भीड़ापानी-पतलोट, रामनगर-भंडारपानी, बिचखाली-पातली, अमृतपुर-जमरानी, कौन्ता-ककोड़-हरीश ताल, चमोली-बड़ौन, सुनकोट-महतोली, वलना-बलना, खुजेठी-पतलिया-जोस्यूड़ा, खुजेठी-पतलिया, काठगोदाम-सिमलिया-हैड़ाखान, न्योना विनायक-रिखोली, सूखा, हल्ली-हरतपा, नौना-ब्यासी, बानना, बजून-अधौड़ा, भौर्सा-पिनरौ, बेलबसानी, कोटाबाग-देवीपुरा व देवीपुरा-सौड़ मोटरमार्ग बंद हैं।https://fb.watch/fMZ4M0XdEb/इधर जिला मुख्यालय में सुबह कई दिनों के बाद धूप खिलने के बाद आसमान में बादल भी आ-जाकर धूप-छांव का खेल खेल रहे हैं। बीते 24 घंटों में यहां 14.5, जबकि हल्द्वानी में 37, कोश्या-कुटौली में 24, रामनगर में 15 व मुक्तेश्वर में 11.6 मिमी वर्षा हुई है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।यह भी पढ़ें : इधर 24 घंटों में आधा फिट बढ़ा झील का जल स्तर, उधर बही कार… कई सड़कें भी बंद…डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 25 सितंबर 2022। पहाड़ों पर बीती रात से हो रही वर्षा से जनजीवन प्रभावित हो गया है। पूरी रात लगातार हुई बारिश से नैनी झील के जल स्तर में बीते 24 घंटों में 6 इंच यानी आधे फिट की बढ़ोत्तरी हुई है, अलबत्ता झील का जल स्तर सितंबर माह के लिए अनुमन्य सीमा से अभी भी 2 फिट 2 इंच कम है। इधर बारिश से जनपद के आधा दर्जन मार्ग, रामनगर-भंडारपानी, बिचखाली-पातली, अमृतपुर-जमरानी, कौंता-कंकोड-हरीश ताल, चमोली-बड़ोन, काठगोदाम-सिमलिया व मलबा आ जाने से यातायात हेतु अवरुद्ध हो गए है। इधर, मुख्यालय के निकट नैनीताल-हल्द्वानी मार्ग पर हनुमानगढ़ी के पास भी सड़क पर मलबा आने से वाहनों का आवागमन प्रभावित हो गया। देखें नैनीताल में रविवार सुबह हो रही बारिश का नजारा:मौसम विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार बीते 24 घंटों में नैनीताल के स्नोव्यू में 53 मिमी बारिश हुई है। झील नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार बारिश के बार नैनी झील का जल स्तर अंग्रेजी दौर से चल रही व्यवस्था व तय पैमाने पर कल इसी समय के 9 फिट साढे़ चार इंच से बढ़कर 9 फिट 10 इंच हो गया है। अलबत्ता, जिस तरह नालों से लगातार पानी झील में जा रहा है, इससे शाम तक झील का जल स्तर 10 फिट के स्तर को पार करने की पूरी उम्मीद है। नगर में इस वर्ष अब तक 1364 मिमी वर्षा ही हुई है, जो नगर की औसत 2500 मिमी के आधी से कुछ ही अधिक है।उधर रामनगर के क्यारी गांव स्थित आइरिश रिसॉर्ट में रुके दिल्ली के चार पर्यटकों की कार संख्या DL9CAX0532 रविवार सुबह चम्बल नाले में बह गई। बताया गया है कि इनमें से दो पर्यटक कार से रामनगर आ रहे थे। इस दौरान उन्होंने अपनी कार जोखिम लेते हुए चम्बल नाले में उतार दी। इस दौरान उनकी कार नाले के पानी में बहने लगी। गनीमत रही कि दोनों ने कार से कूदकर अपनी जान बचा ली, जबकि कार नाले में बहती चली गई। लोग किंकर्तव्यविमूढ़ से बहती हुई कार को देखते रह गए। अलबत्ता काफी देर बाद ग्रामीणों ने तीन ट्रैक्टरों की मदद से कार को नाले से बाहर निकाल दिया, इसके बाद पर्यटक वापस लौट गए। देखें विडियो :आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।यह भी पढ़ें : बारिश के कारण हुए भूस्खलन से एक महिला जिंदा दफ्न, कई सड़कें बंद..नवीन समाचार, देहरादून, 22 सितंबर 2022। प्रदेश में मानसून की विदाई का संकेत देने के साथ मौसम विभाग की ओर से भारी बारिश की संभावना के साथ येलो अलर्ट जारी किया गया है। इस बीच बुधवार रात हुई बारिश से उत्तरकाशी के चिन्यालीसौड में ग्राम कुमराडा के मुंडरा थोला तोक में एक आवासीय भवन क्षतिग्रस्त होने से 75 वर्षीय वृद्धा भडडू देवी पत्नी जुरूलाल की मलबे में दबने से मौत हो गई।मौसम विज्ञानियों के अनुसार कुछ इलाकों में तेज गर्जना के साथ बौछारें पड़ने और बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई थी। देर शाम गंगोत्री हाईवे हेल्गूगाड़ के पास और यमुनोत्री हाईवे भी रानाचट्टी में और रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग फाटा के समीप तरसाली में भारी मलबा आने से बाधित हो गया है। प्रशासन और पुलिस द्वारा केदारनाथ यात्रा के यात्रियों को नजदीकी स्थानों पर रूकने के लिए कहा जा रहा है।इधर नैनीताल जनपद में भी नथुवाखान-हरतोला-जौरासी, चोपड़ा-चमगांव पुल, अमृतपुर-जमरानी, कौन्ता-ककोड़-हरीशताल तथा कांडा-डोनपरेवा-अमगड़ी मार्ग बंद हो गए हैं। उधर, मौसम विभाग ने शुक्रवार को कुमाऊं मंडल के नैनीताल और चम्पावत जिले में झमाझम बारिश का अलर्ट जारी किया है। बागेश्वर और पिथौरागढ़ में भी गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने और तीव्र बौछारें होने की संभावना है। जबकि मैदानी जिलों में मौसम सामान्य रहेगा। 24 सितंबर के बाद प्रदेश में बारिश में कमी आएगी। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।यह भी पढ़ें : नैनीताल जनपद में बारिश का सिलसिला जारी, 19 मार्ग बंद, एक की मौत भी…डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 16 सितंबर 2022। नैनीताल जनपद में मानसून बरसात के माह माने जाने वाले श्रावण माह के सूखे जाने के बाद भाद्रपद माह में जमकर बरस रहा है। यहां तक कि मौसम विभाग की चेतावनी के निपटने के बाद भी जनपद में बारिश का सिलसिला जारी है। रविवार शाम 4 बजे तक के प्राप्त आंकड़ों के अनुसार बीते 24 घंटों में जनपद के मुख्यालय नैनीताल में 28, हल्द्वानी में 60, कालाढुंगी में सर्वाधिक 65, कोश्यां कुटौली में 12, धारी में 3, बेतालघाट में 10, रामनगर में 15 व मुक्तेश्वर में 12.1 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। देखें सम्बंधित वीडियो :यह भी पढ़ें : एम्स ऋषिकेश में चमोली के दंपति ने नौ दिन के मृत नवजात का देहदान किया, चिकित्सा शोध को मिला मानवता का बड़ा योगदानइस बारिश की वजह से जगह-जगह भूस्खलन होने से जनपद के 19 मार्ग, अमजड़-मिडार, कांडा डोमास-फफरिया, मल्ला सूपी, जीलोली तड़ी-सकदीना, गड़खेत-पानकटारा, अमृतपुर-जमरानी, कौन्ता ककोड़-हरीश ताल, छीड़खान-अमजड़, सुनकोट, बलना-वलना, खुजेटी-जोस्यूरा, खुजेटी-पतलिया, भौर्सा-पिनरो, बेल-बसानी व फतेहपुर-बेल मोटर मार्ग बद हो गए हैं। बारिश की वजह से जनपद में आज जनपद के बेल-बसानी मार्ग पर बसानी नाले में बहने से एक व्यक्ति की मौत हुई है। वहीं 2 घर अत्यधिक एवं 3 आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।यह भी पढ़ें : नैनीताल के लिए एक सड़क मार्ग हुआ बंद…नवीन समाचार, नैनीताल, 17 सितम्बर 2022। नैनीताल जिले में मौसम विभाग की रेड अलर्ट चेतावनी के निरस्त होने के बाद बीती रात से लगातार बरसात जारी है। लगातार हो रही बारिश की वजह से कालाढूंगी से घटगड़ के बीच मलबा आने से नैनीताल-कालाढूंगी मार्ग अवरूद्ध हो गया है। इसके अलावा मंगोली से कालाढूंगी के बीच भी मार्ग में भी भारी वर्षा होने से मलबा आ गया है। देखें सम्बंधित वीडियो :इस कारण कालाढूंगी-नैनीताल मोटर मार्ग को वाहनों के आवागमन की लिए बंद कर दिया गया है। नैनीताल पुलिस की ओर से जनता से अनुरोध किया गया है कि सावधानी बरतें तथा अनावश्यक यात्रा करने से बचें। किसी भी आपातकालीन सूचना हेतु नैनीताल पुलिस के जिला नियंत्रण केंद्र के नंबर 9411112979 या 112 पर संपर्क कर सकते हैँ।उल्लेखनीय है कि आज भवाली-अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग पर कैंची धाम से आगे पाडली नाम के स्थान पर एक अन्य गाड़ी पर भी बोल्डर गिरने का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। हालांकि खैरना चौकी प्रभारी दिलीप कुमार ने स्पष्ट किया कि यह वीडियो यहाँ का नहीं वरन चम्पावत के पास चलथी का है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।यह भी पढ़ें : गौला नदी में जलती चिता से बहे तीन में से दो शव मिले, दुबारा किया गया अंतिम संस्कारनवीन समाचार, हल्द्वानी, 30 अगस्त 2022। गत 28 अगस्त की शाम चित्रशिला घाट रानीबाग में अंतिम संस्कार के दौरान गौला नदी अचानक पानी बढ़ जाने से अंतिम संस्कार किए जा रहे तीन अधजले शव चिता सहित गौला नदी में बह गए थे। इस बेहद दुःखद स्थिति के बाद पुलिस ने तीन में से दो शव बरामद कर लिए हैं। जबकि तीसरे शव की तलाश जारी है। बरामद किए गए दोनों शवों के दुबारा अंतिम संस्कार भी कर दिए गए हैं।देखें विडियो :बताया गया है कि तीन शवों में एक शव तल्ला गेठिया निवासी प्रताप राम का, दूसरा शव विजयपुर गौलापार निवासी लीलाधर और तीसरा शव रावड़ी आनसिंह कठघरिया निवासी गोविंद सिंह रौतेला का था। इधर गौला नदी में पानी घटने के बाद कुछ लोगों ने हल्द्वानी के राजपुरा के पास नदी में तैरती लाशें देखीं तो पुलिस को सूचना दी। इस पर आरक्षी ललित कुमार और सुरेश देवड़ी तथा पुलिस के तैराक मनोज ने मौके पर पहुंच कर प्रताप राम और लीलाधर के शव बाहर निकाल लिए।पुलिस ने बताया कि प्रताप राम का शव करीब पांच प्रतिशत और लीलाधर का शव करीब बीस प्रतिशत जला हुआ था। जबकि करीब 80 फीसदी जल चुके गोविंद सिंह रौतेला के शव की तलाश की जा रही है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।यह भी पढ़ें : नैनीताल जनपद में भारी बारिश से रानीबाग में अंतिम संस्कार के लिए लाये गए 3 शव बहे, 3 सड़कें भी हुईं बंदनवीन समाचार, हल्द्वानी, 28 अगस्त 2022। नैनीताल जनपद के पर्वतीय क्षेत्रों में रविवार को दोपहर से भारी बारिश हुई। इससे नदियों का जल स्तर बढ़ गया। जिला मुख्यालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी भारी बारिश की वजह से तय समय से तीन घंटे बाद पहुंच पाए। वहीं खबरों के अनुसार गौला नदी का जल स्तर बढ़ने से रानीबाग स्थित चित्रशिला घाट पर गेठिया, गौलापार और कठघरिया क्षेत्र से अंतिम संस्कार के लिए लाये गए तीन शव बह गए।गौला नदी का जल स्तर बढ़ने से काठगोदाम स्थित गौला बैराज से 14000 क्यूसेक से अधिक पानी नदी में छोड़ना पड़ा। भारी बारिश की वजह से जगह-जगह भूस्खलन भी हुए। इस कारण जनपद में तीन सड़कें-अमृतपुर जमरानी, कौंता-ककोड़ व तल्ली पाली-मल्ली पाली सूखा मलबा आने से बंद हो गये। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।यह भी पढ़ें : मुनस्यारी के लिये NDRF अलर्ट पर, सीएम ने ट्वीट किया, कैलाश यात्री तीसरे दिन भी फंसेपिथौरागढ़-मुनस्यारी क्षेत्र में रविवार रात्रि व सोमवार सुबह बादल फटने जैसी घटना के बाद एसडीआरएफ जहां मौके पर बचाव व राहत कार्यों में जुटी है, वहीं एनडीआरएफ को भी अलर्ट पर रखा गया है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने ट्वीट करके यह जानकारी दी है। वहीं कैलाश मानसरोवर यात्रा के पांचवे दल के 31सदस्य तीसरे दिन भी पिथौरागढ़ में फंसे हुए है, जबकि 29 सदस्य 2 दिन पहले ही सेना के हेलीकॉप्टर से गुंजी पहुँच गए हैं।पिथौरागढ़ के मुनस्यारी, बंगापानी व धारचुला में अचानक हुई अतिवृष्टि से जनजीवन प्रभावित हुआ है। कुछ मवेशियों के बहने की खबर है। जिला प्रशासन को त्वरित राहत पहुंचाने व क्षेत्र में कनेक्टिविटी बहाल करने के निर्देश दिए हैं। SDRF की टीम मौके पर है, NDRF को अलर्ट पर रखा गया है।— Trivendra Singh Rawat ( मोदी का परिवार) (@tsrawatbjp) July 2, 20181500 भारतीय कैलाश मानसरोवर तीर्थयात्री भारी बारिश से नेपाल में भी फंसेनेपाल में भारी बारिश की वजह से कैलाश मानसरोवर जा रहे 1575 भारतीय तीर्थयात्री फंसे हुए हैं। इनमें से 525 तीर्थयात्री नेपाल के सिमीकोट, 550 लोग हिलसा और 500 लोग तिब्बत की तरफ रुके हुए हैं। नेपाल स्थित भारतीय दूतावास ने फंसे तीर्थयात्रियों कोमेडिकल सुविधाएं मुहैया कराने के लिए कहा है। भारतीय अफसरों ने सभी टूर ऑपरेटरों से कहा कि तिब्बत की तरफ फंसे हुए लोगों तक भी जरूरी सेवाएं पहुंचाई जाएं। विदेश मंत्रालय ने हॉटलाइन नंबर भी जारी किए: +977-9851107006, +977-9851155007, +977-9851107021, +977-9818832398। कन्नड़भाषियों के लिए +977-9823672371, तेलुगु के लिए +977-9808082292, तमिल के लिए +977-9808500642 और मलयालम के लिए +977-9808500644।इस वर्ष सामान्य से अधिक हो सकती है मानसूनी वर्षाजी हां, इस वर्ष उत्तराखंड में मानसूनी वर्षा सामान्य से अधिक हो सकती है। मौसम विभाग केंद्र देहरादून ने ऐसी संभावना जताई है। यह खबर कृषि, बागवानी, मौसम, पर्यावरण, जैव विविधता व जल विद्युत परियोजनाओं सहित अनेकानेक आयामों के लिये तो अच्छी है, पर प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रवासियों को जान-माल के नुकसान के साथ इसकी कीमत चुकानी पड़ सकती है। इसलिए खासकर जान बचाने के मामले में सतर्क रहने की जरूरत है।यह भी पढ़ें : भारी पड़ी पहली मानसूनी बारिश, पिथौरागढ़ में 3 को छुट्टी घोषित, एक महिला की मौत की मलबे में दबकर मौतमुनस्यारी में बादल फटा, संपर्क कटा, नैनीताल बाईपास सहित 15 सड़कें बंदनैनीताल। उत्तराखंड में मानसूनी बारिश कड़े झटके के साथ आई है। यहां पहली मानसूनी बारिश ही पिथौरागढ़ जिले के मुनस्यारी, बंगापानी और धारचूला तहसीलों में बादल फटने की घटना के साथ नमूदार हुई है। भारी बारिश की वजह से मुन्स्यारी में सोमवार को कुमाऊं विवि की परीक्षाएं कम परीक्षार्थियों के पहुंच पाने के बाद रद्द करनी पड़ी, वहीं डीएम सी रविशंकर ने मौसम विभाग की अगले 24 घंटों में तेज बारिश की चेतावनी पर इन तीन तहसीलों में स्कूल बंद करने के आदेश दिए है। भारी बारिश से मुन्स्यारी के गैला में एक महिला की भी मौत हो गई है। मुनस्यारी बाजार एसडीएम कार्यालय सहित पूरी तरह से पत्थरों से पट गया है, तथा मुन्स्यारी के दानी बगड़-सेराघाट में हिमालया हाइड्रो का बांध भी टूट गया है। बारिश की वजह से कैलाश मानसरोवर यात्रा के पांचवे दल के सदस्य भी अलग हो गए हैं। 59 में से 28 यात्री हेलीकाप्टर से गुंजी पहुँच गए हैं, जबकि शेष 31 पिथौरागढ़ में ही अटक गए हैं। अब वे मौसम साफ़ होने के बाद ही आगे जा सकते हैं। बारिश कुमाऊँ मंडल के मुख्यालय सहित सभी क्षेत्रों में लगातार जारी है। थल-मुनस्यारी रोड पर नाचनी से आगे 30 मीटर सड़क रामगंगा नदी में समा गई है।यह भी पढ़ें : 25 वर्षीय आईएएस अंशुल भट्ट ने ग्राहक बनकर पकड़ा बिना पंजीकरण के चल रहा होटल और किया सील, प्रश्न-जनपद मुख्यालय में प्रशासन ऐसी ही स्थितियों में मौन क्यों...?मुनस्यारी में बादल फटने के दौरान का नजारा#WATCH: Cloudburst hit Munsiari's Balati in Pithoragarh this morning, dam of Seraghat Hydro Power Project was also damaged. No casualties have been reported. #Uttarakhand pic.twitter.com/YLyQWS2BRF— ANI (@ANI) July 2, 2018भारी बारिश से कई सड़कों के पूरी तरह से क्षतिग्रस्त होने के साथ ही भारी तबाही हुई है। दानी बगड़ में हिमालया हाइड्रो का बांध टूटने से सड़क सहित तीन से चार वाहन बह गए हैं। मुन्स्यारी मेू दो मकानों की दीवार भी ढह गई है। कई लोगों ने रविवार की पूरी रात जागकर काटी। वही बंगापानी तहसील क्षेत्र में हुई तेज बारिश से गोरी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। इससे आस-पास के इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। क्षेत्र की मंदाकिनी, सेरा और गोरी आदि नदियों का जलस्तर भी खतरे के निशाने के करीब आ गया है। बारिश के चलते यमुनोत्री हाईवे डाबरकोट के बाद भूस्खलन से अवरुद्ध है। वहीं, बद्रीनाथ हाईवे भी लामबगड़ के पास अवरुद्ध हो गया। इधर नैनीताल जिले में मानसून के आगमन साथ रविवार रात्रि मुख्यालय सहित आसपास के पहाड़ों पर अच्छी बारिश हुई, जिसे जिले की 15 सड़कें नहीं झेल पायीं, और बंद हो गयीं। खासकर मुख्यालय का अभी हाल ही में बना रूसी बाइपास भी बंद हो गया, तथा बेतालघाट के भुजान से एक मार्ग को छोड़कर दोनों ओर के चार में से तीन मार्ग बंद हो गये। जिला आपदा कक्ष के अनुसार सोमवार सुबह 9 बजे तक जनपद में सर्वाधिक 114 मिमी वर्षा मुख्यालय में स्नोव्यू स्थित केंद्र पर रिकार्ड की गयी। जबकि हल्द्वानी-काठगोदाम में 112 मिमी, कोश्यां कुटौली में 30, धारी में 27.5, बेतालघाट में 40, रामनगर में 40.6, कालाढुंगी में 97 व मुक्तेश्वर में 16.4 मिमी बारिश रिकार्ड की गयी। बारिश की वजह से जनपद के प्रमुख जिला मार्ग भुजान बेतालघाट व गर्जिया-बेतालघाट के साथ ही बेतालघाट को जोड़ने वाले शहीद बलवंत सिंह मार्ग, रिखौली मोटर मार्ग, ओखलढूंगा तल्ली सेठी, छड़ा अमिया, रूसी बाईपास, सिमलिया बैंड साननी, हैड़ाखान पहुंच मार्ग, भौर्सा पिनरौ, देवीपुरा सौड़, बानना, अमेल खाला, नौकुचियाताल जंगलियागाव तथा हरिनगर चंदादेवी ग्रामीण मार्ग भी बंद हो गये। मुख्यालय के ओक लॉज में भगवती निवास के समीप पैदल मार्ग के नीचे की दीवार बारिश के दौरान ढह गयी। इससे मार्ग के गिरने का खतरा पैदा हो गया। साथ ही एडीबी द्वारा बीते वर्ष डाली गयी पेयजल लाइन भी खतरे में आ गयी।पूर्व समाचार : उत्तराखंड में कैलास मानसरोवर मार्ग पर फिर मालपा हादसा, 17 की मौत, 30 लापता ! रोकनी पड़ी कैलास यात्रानैनीताल, 14 अगस्त 2017। उत्तराखंड में एक बार फिर 1998 और 2006 के मालपा के दुःखद हादसों की यादें ताजा हो गयी हैं। फिर बने आपदा जैसे हालतों में पिथौरागढ़ जिले के कैलास मानसरोवर मार्ग पर तवाघाट के मांगती नाले और मालपा में सोमवार सुबह तड़के दो बजे के करीब बादल फटने की घटना हुई। अपुष्ट सूत्रों के अनुसार घटना में अब तक 17 लोगों के शव बरामद किये जा चुके हैं, जबकि पिथौरागढ़ के जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार मांगती नाले में एक की मृत्यु हुई है, जबकि पांच सैनिकों, एक जेसीओ व दो स्थानीय लोगों के लापता होने, तीन सैनिकों व एक जेसीओ के घायल होने, सेना के दो वाहनों व तीन सेना के टैंटों के क्षतिग्रस्त होने के साथ ही 24 खच्चरों व 16 बकरियों की मौत होने की पुष्टि की गयी है, जबकि मालपा में चार लोगों की मौत, दो के लापता व एक महिला के घायल होने के साथ चार होटल बताये जा रही दुकानों के क्षतिग्रस्त होने की पुष्टि की गयी है। हादसे में पूर्व में सेना के सात जवान लापता बताये गये थे जिसमे से चार को सकुशल बचाया गया है। वहीं एक महिला काली नदी में बहते हुए नेपाल की तरफ सुरक्षित पहुंची है। इनके अलावा भी मांगती में दो और सिमखोला में एक पुल क्षतिग्रस्त हुआ है, और ऐलगाड़ में मुख्य मार्ग अवरुद्ध है। इसके अलावा दर्जनों की संख्या में लोग घायल तथा लगभग 30 लोग अब भी लापता बताये जा रहे हैं। सेना के 3 ट्रक भी नाले में बह गए हैं। बताये जा रहे हैं। मौके पर आपदा प्रबंधन और पुलिस की टीमें मौजूद है। सेना भी मौके पर सहायता करने के लिए पहुची है। वहीं शासन के अगले आदेशों तक के लिये मानसरोवर यात्रा रोक दी गयी है। वहीं अपुष्ट सूत्रों के अनुसार अब तक कुछ 16 शव बरामद हुए है जिनकी शिनाख्त की जा रही है। शवों की खोज के लिये सर्च ऑपरेशन जारी है।आपदा का मंजर :इससे पूर्व सुबह सेना के सात जवान एक जेसीओ और तीन अन्य सहिज 11 लोगों के लापता होने की खबर आई थी। इनमें से बीती रात लापता हुए सेना के चार जवान व एक जेसीओ सुरक्षित मिल गए हैं। प्रशासन ने आपदा में मालपा में चार व मांगती में एक की मौत की पुष्टि की है। जबकि मालपा में जमींदोज 6 लोगों के शव निकाल लिए गए हैं। जिसमें गर्ब्यांग गांव के पांच पुरुष व बूंदी निवासीएक महिला बताई जा रही है। आफत की बारिश में मालपा में तीन मकान ध्वस्त हो गए हैं। वहीं मांगती नाले व सिमखोला में पैदल पुल भी बह गए हैं। मांगती नाले समीप 3 कुमांऊ का एक जवान अभी लापता चल रहा है। बादल फटने की घटना को देखते हुए शासन स्तर से रेस्क्यू के लिए हेलीकॉप्टर भेजे गए हैं। आपदा को देखते हुए यह हेलीकाप्टर धारचूला में ही तैनात रहेंगे। जहां से रेस्क्यू कर आपदा में फंसे लोगों को निकाला जाएगा। हादसे के बाद से ही आईटीबीपी, एसएसबी, सेना, एनडीआरएफ की टीम बचाव राहत कार्य में जुट गई है। मालपा हादसे में सेना के घायल चार जवानों को एसएसबी के जवान धारचूला ला रहे हैं। खराब मौसम के कारण हेलीकाप्टर उड़ान नहीं भर पा रहा है।1998 का मालपा हादसाः तब प्रख्यात नृत्यांगना प्रोतिमा बेदी सहित 200 लोगों ने गंवाई थी जाननवीन जोशी, नैनीताल। बेहद जोखिम भरी मानी जाने वाली कैलास मानसरोवर यात्रा के मालपा पड़ाव से पहले भी बेहद डरावनी दुःस्वप्न सरीखी यादें जुड़ी हुई हैं। लेकिन शिव भक्तों का यहां से आगे बढ़ने का सिलसिला नहीं रुका है। 1998 में यात्रा के मालपा पड़ाव में जबरदस्त भूस्खलन हुआ। इस हादसे में हादसे में 60 कैलास यात्रियों सहित 200 से अधिक लोग जिंदा दफ्न हो गये थे। इस हादसे के बाद मालपा में यात्री यात्री रात्रि में नहीं रुकते, और दिन का भोजन कर आगे निकल जाते हैं। वह 17 अगस्त 1998 का दिन था। आज से ठीक चार दिन बाद इस हादसे को 19 वर्ष पूरे होने थे। लेकिन इससे चार दिन पहले ही वह बुरी यादें एक बार फिर याद आने को मजबूर हो गयी हैं। उस रात कैलास मानसरोवर यात्रियों का 18वां यानी आखिरी दल यात्रा पर जाने के दौरान मालपा पड़ाव में रूका हुआ था। यात्री दल में बॉलीवुड स्टार कबीर बेदी की पत्नी और अभिनेत्री पूजा बेदी की मां प्रख्यात नृत्यांगना प्रोतिमा बेदी भी शामिल थीं। उन्होंने रात्रि में शिव नृत्य का प्रदर्शन किया। जिसे देखने के लिए 60 यात्रियों सहित बड़ी संख्या में खच्चर वाले व कुली यानी पोनी-पोटर्स, आइटीबीपी जवानों के साथ ही स्थानीय ग्रामीण भी मालपा पड़ाव में मौजूद थे। किंतु रात्रि में विशाल चट्टान टूटकर मालपा पड़ाव आ गिरी, जिससे पूरा पड़ाव नष्ट हो गया। मलबे में करीब 200 लोग जिंदा दफन हो गए। राहत एवं बचाव कार्य के लिए सेना और वायु सेना को बुलाया। लगभग दो महीने तक यहां आपदा कार्य चला। बावजूद कुछ शव ही निकाले जा सके। अधिकांश शव मलबे के ढेर में ही दफन हो गए। मानसरोवर यात्रा में यह आज तक का सबसे बड़ा हादसा था। कुछ ही लाशें मिल पाई। तब से मालपा पड़ाव में रात्रि विश्राम बंद कर दिया गया। निगम के महाप्रबंधक पर्यटन डीके शर्मा के मुताबिक अब मालपा में रात्रि पड़ाव नहीं डाला जाता है। यहां फिर नये सिरे से आबादी बस चुकी है। यहां यात्रियों को दिन का भोजन कराने के बाद आगे रवाना कर दिया जाता है।घटनास्थल नहीं पहुंच पाये सीएम, दिये निर्देशनैनीताल। प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने जनपद के धारचूला व बंगापानी में आपदा ग्रस्त क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण किया। मौसम खराब होने के कारण मांगती वाला व मालपा हेलीकॉप्टर नहीं पहुंच पाया। हवाई सर्वेक्षण के बाद मुख्यमंत्री पिथौरागढ़ की नैनीसैनी हवाई पट्टी पर हेलीकाप्टर से उतरे। इस दौरान उन्होंने जिलाधिकारी एमसी रविशंकर से आपदा प्रभावित क्षेत्र के बारे में जानकारी हासिल की, और अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने आपदा राहत कार्यों के संबंध में अधिकारियों से जानकारी ली, तथा उन्हें प्रभावी कार्रवाई के आदेश दिए। उन्होंने प्रभावितों को तत्काल सहायता देने व घायलों के बेहतर उपचार के लिए भी डीएम को भी निर्देश दिए। सीएम रावत ने कहा कि सरकार आपदा प्रभावित क्षेत्र को हर संभव सहायता मुहैया कराएगी। आपदा प्रभावितों की मदद के लिए सरकार की ओर से धारचूला में हेलीकाप्टर तैनात कर दिए गए हैं। इससे पूर्व सीएम 12.10 बजे हेलीकाप्टर से हल्द्वानी के गौलापार हैलीपैड पहुंचे। और यहां कार्यकर्ताओं से उन्होंने क्षेत्र में हो रही आपदा की घटनाओं के बारे में जानकारी हासिल की। इस मौके पर भाजपा नेता मनोज साह, प्रदीप बिष्ट, संजय रावत आदि मौजूद रहे। जिसके बाद वह वित्त मंत्री प्रकाश पंत के साथ पिथौरागढ़ के लिए रवाना हो गए।Share this: Click to share on Facebook (Opens in new window) Facebook Click to share on X (Opens in new window) X Click to share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading...Related Post navigationशेरवुड कॉलेज में खास अंदाज में मनाया गया सदी के महानायक का 80वां जन्म दिन नगर पालिका में हुई ईओ से अभद्रता की घटना पर नगर के रंगकर्मी भी आहत, जानें क्या बोले…
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