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2022। दिल्ली में 250 सीटों पर हुए एमसीडी यानी दिल्ली नगर निगम के चुनाव में आम आदमी पार्टी ने 134, भाजपा ने 104 व कांग्रेस ने 9 सीटों पर जीत दर्ज की है और इस तरह आम आदमी पार्टी दिल्ली की छोटी सरकार पर भी काबिज होने जा रही है। इस चुनाव परिणाम को उत्तराखंड के लिहाज से भी देखने की कोशिश हो ही है। क्योंकि दिल्ली में 30 लाख प्रवासी उत्तराखंडी रहते हैं, और वह दिल्ली नगर निगम के 90 से 110 वार्डों में निर्णायक स्थिति में बताए जाते हैं। यह भी पढ़ें : हल्द्वानी में विधवा महिला से शादी का झांसा देकर लगातार दुष्कर्म, अभियोग दर्ज यूं पूरी दिल्ली में ही उत्तराखंड के लोग रहते हैं, लेकिन विनोद नगर, पांडव नगर, लक्ष्मी नगर, गीता कॉलोनी, मयूर विहार फेज 2, मयूर विहार फेज 3, दिलशाद गार्डन, शाहदरा, सोनिया विहार, करावल नगर, संगम विहार, बदरपुर, आरके पुरम, पालम, महावीर इन्क्लेव, सागरपुर, उत्तम नगर, नजफगढ़, शकूरपुर, वसंतकुंज, पटेल नगर, बुराड़ी, संत नगर और विश्वास नगर जैसे इलाकों में उत्तराखंड मूल के मतदाता अच्छी स्थिति में बताए जाते हैं। यह भी पढ़ें : नैनीताल की दूरबीन ने रिकॉर्ड किया 1 अरब प्रकाश वर्ष दूर किलोनोवा उत्सर्जन, विश्व की सर्वोच्च शोध पत्रिका ‘नेचर’ में मिला स्थानदिल्ली में उत्तराखंडी मतदाताओं की अहमियत का अंदाजा पिछले विधानसभा चुनाव में तब देखने को मिला था कि जब दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया के सामने भाजपा ने उत्तराखंड के रविंद्र सिंह नेगी को और कांग्रेस ने उत्तराखंड मूल के लक्ष्मण रावत को टिकट दिया था। उस चुनाव में रविद्र नेगी और मनीष सिसोदिया के बीच मुकाबला बेहद कड़ा रहा।रविंद्र नेगी ने 15 में से 10 राउंड तक मनीष सिसोदिया पर बढ़त बनाई थी, और सिसोदिया मात्र करीब 3500 वोटों से ही जीत पाए। यह भी कहा गया कि यदि कांग्रेस से भी उत्तराखंडी प्रत्याशी न होते तो शायद मनीष उत्तराखंडी वोटों के भाजपा के पक्ष में ध्रुवीकरण होने से चुनाव हार भी सकते थे। यानी बहुसंख्यक उत्तराखंडी मतदाताओं की पसंद आम आदमी पार्टी नहीं, बल्कि भाजपा रही। यह भी पढ़ें : उच्च न्यायालय ने दी 13 वर्षीय नाबालिग के 25 सप्ताह के गर्भ के गर्भपात की अनुमति…यह भी पढ़ें : हल्द्वानी : गौलापार के होटल में काशीपुर के किसान सुखवंत सिंह संदिग्ध परिस्थितियों में मृत मिले, फेसबुक लाइव वीडियो में 4 करोड़ रुपये के भूमि विवाद और उत्पीड़न के आरोपउनकी इस पसंद को देखते हुए ही दिल्ली नगर निगम के चुनाव में भाजपा ने उत्तराखंड इकाई को 36 सीटों पर चुनाव प्रचार की जिम्मेदारी सोंपी थी और आम आदमी पार्टी ने भी उत्तराखंड के 45 नेता प्रचार के लिए मैदान में उतारे थे। इधर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने बताया कि उन्हें सोंपी 36 में से 20 सीटों पर और पर्वतीय मूल के 9 भाजपा उम्मीदवारों में 6 ने जीत प्राप्त की है। भट्ट ने कहा यह जीत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में मुख्यमंत्री धामी के निर्देशन में प्रदेश में किये कामों पर प्रवासियों से मिल रहे समर्थन और प्रदेश से चुनावी प्रवास पर गए सीएम समेत सभी कार्यकर्ताओं की मेहनत का परिणाम है। यह भी पढ़ें : बूढ़े ससुर से दरिंदगी करती कैमरे में कैद हुई महिला, हो रही तत्काल गिरफ्तारी की मांग उन्होंने बताया कि दिल्ली चुनाव को लेकर कुल 36 सीटों पर, मुख्यतया जहां उत्तराखंड के प्रवासी अधिक थे, वहां प्रचार की जिम्मेदारी दी गई है। इनमें से 20 सीटों पर पार्टी ने जीत दर्ज की है। उन्होंने इन क्षेत्रों में पार्टी के प्रदर्शन पर संतोष जताते हुए, 9 पर्वतीय मूल के पार्टी उम्मीदवारों में से 6 की जीत पर खुशी जताई। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।Share this: Click to share on Facebook (Opens in new window) Facebook Click to share on X (Opens in new window) X Click to share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading...Related Post navigationराष्ट्रीय लोक अदालत में 141.89 करोड़ रुपए की समझौता धनराशि के 20 हजार 574 वाद निस्तारित… नैनीताल के लिए भी गौरवपूर्ण रहा राष्ट्रपति मुर्मू का प्रथम उत्तराखंड आगमन पर स्वागत कार्यक्रम…