EnglishInternational Phonetic Alphabet – SILInternational Phonetic Alphabet – X-SAMPASystem input methodCTRL+MOther languagesAbronAcoliадыгэбзэAfrikaansअहिराणीajagbeBatak AngkolaአማርኛOboloالعربيةঅসমীয়াаварتۆرکجهᬩᬮᬶɓasaáBatak Tobawawleбеларускаябеларуская (тарашкевіца)Bariروچ کپتین بلوچیभोजपुरीभोजपुरीẸdoItaŋikomBamanankanবাংলাབོད་ཡིག།bòo pìkkàbèromबोड़ोBatak DairiBatak MandailingSahap Simalunguncakap KaroBatak Alas-KluetbuluburaብሊንMə̀dʉ̂mbɑ̀нохчийнchinook wawaᏣᎳᎩکوردیAnufɔЧăвашлаDanskDagbaniдарганdendiDeutschDagaareThuɔŋjäŋKirdkîडोगरीDuáláÈʋegbeefịkẹkpeyeΕλληνικάEnglishEsperantoفارسیmfantseFulfuldeSuomiFøroysktFonpoor’íŋ belé’ŋInternational Phonetic AlphabetGaगोंयची कोंकणी / Gõychi Konknni𐌲𐌿𐍄𐌹𐍃𐌺𐌰 𐍂𐌰𐌶𐌳𐌰ગુજરાતીfarefareHausaעבריתहिन्दीछत्तीसगढ़ी𑢹𑣉𑣉HoHrvatskiհայերենibibioBahasa IndonesiaIgboIgalaгӀалгӀайÍslenskaawainAbꞌxubꞌal PoptiꞌJawaꦗꦮქართული ენაTaqbaylit / ⵜⴰⵇⴱⴰⵢⵍⵉⵜJjuадыгэбзэ (къэбэрдеибзэ)KabɩyɛTyapkɛ́nyáŋGĩkũyũҚазақшаភាសាខ្មែរಕನ್ನಡ한국어kanuriKrioकॉशुर / کٲشُرКыргызKurdîKʋsaalLëblaŋoлаккулезгиLugandaLingálaລາວلۊری شومالیlüüdidxʷləšucidmadhurâमैथिलीŊmampulliMalagasyKajin M̧ajeļമലയാളംМонголᠮᠠᠨᠵᡠManipuriма̄ньсиဘာသာမန်mooreमराठीမြန်မာ閩南語 / Bân-lâm-gú閩南語(漢字)閩南語(傳統漢字)Bân-lâm-gú (Pe̍h-ōe-jī)Bân-lâm-gú (Tâi-lô)KhoekhoegowabNorsk (bokmål)नेपालीनेपाल भाषाli nihanawdmNorsk (nynorsk)ngiembɔɔnߒߞߏSesotho sa LeboaThok NaathChichewaNzemaଓଡ଼ିଆਪੰਜਾਬੀPiemontèisΠοντιακάⵜⴰⵔⵉⴼⵉⵜTarandineрусскийसंस्कृतсаха тылаᱥᱟᱱᱛᱟᱞᱤ (संताली)सिंधीکوردی خوارگDavvisámegiellaKoyraboro SenniSängöⵜⴰⵛⵍⵃⵉⵜတႆးසිංහලᠰᡞᠪᡝSlovenčinaСрпски / srpskiSesothoSENĆOŦENSundaSvenskaŚlůnskiதமிழ்ತುಳುతెలుగుไทยትግርኛትግሬцӀаӀхна мизSetswanaChiTumbukaTwiⵜⴰⵎⴰⵣⵉⵖⵜудмуртУкраїнськаاردوOʻzbekchaꕙꔤTshiVenḓaVènetoWaaleWolofLikpakpaanlYorùbá中文中文(中国大陆)中文(简体)中文(繁體)中文(香港)中文(澳門)中文(马来西亚)中文(新加坡)中文(臺灣)Help इस समाचार को सुनने के लिए यहाँ क्लिक करें नवीन समाचार, नैनीताल, 18 फरवरी 2023। सरोवरनगरी सहित सभी निकटवर्ती क्षेत्रों में महाशिवरात्रि पर श्रद्धालुओं में जबर्दस्त धार्मिक उत्साह देखा गया। मुख्यालय के हनुमानगढ़ी मंदिर में बिना मेले के भी श्रद्धालुओं के मेले जैसा माहौल रहा। इसके अलावा नगर के नयना देवी मंदिर व पाषाण देवी मंदिर स्थित शिवालयों के साथ ही भगवान शिव को ही समर्पित गुफा महादेव मंदिर एवं मॉल रोड पर क्वालिटी बोट स्टेंड एवं चीना बाबा मंदिर के शिवालयों में भी महाशिवरात्रि पर पूरे दिन श्रद्धालुओं को उमड़ना जारी रहा। यह भी पढ़ें : महाशिवरात्रि पर विशेष : यहाँ भी है एक कैलास, यहाँ भी कैलास की तरह खुले में पार्थिव लिंग स्वरूप में विराजते हैं महादेव उधर जनपद के पर्वतीय क्षेत्रों में अन्य शिवालयों की बात करें तो जनपद के भीमताल विकासखंड में पिनरौ-भटेलिया के पास भगवान शिव के धाम कैलाश पर्वत की ही प्रतिकृति नजर आने वाले छोटा कैलास पर्वत पर श्रद्धालुओं का विशाल मेला लगा। ब्लॉक प्रमुख डॉ. हरीश बिष्ट यहां स्वयं करीब पूरे दिन व्यवस्थाओं को देखने एवं दर्शनों के लिए उपस्थित रहे। यहां हर वर्ष की तरह करीब 50 हजार श्रद्धालुओं ने भारी भीड़ के साथ लाइन में सरक-सरककर करीब तीन किलोमीटर की पैदल चढ़ाई चढ़कर खुले में स्थित शिवालय पहुंचकर भारी भीड़ के बीच शिवलिंग के दर्शन किए। उल्लेखनीय है केंद्रीय मंत्री एवं क्षेत्रीय सांसद अजय भट्ट ने शुक्रवार को यहां लगने वाले तीन दिवसीय मेले का शुभारंभ किया था। यह भी पढ़ें : पॉलीथीन में नवजात का शव मिलने से सनसनी…इसके अलावा स्वामी विवेकानंद को ज्ञान प्राप्त होने के स्थान जनपद के काकड़ीघाट स्थित कर्कटेश्वर महादेव शिवालय एवं मौना-प्यूड़ा के पास स्थित कपिलेश्वर महादेव, मुक्तेश्वर के मुक्तेश्वर महादेव, भीमताल के भीमेश्वर महादेव, गौलापार के कालीचौड़ मंदिर, रानीबाग मंदिर एवं गागर स्थित गर्गेश्वर शिवालयों में भी पूरे दिन श्रद्धालुओं के उमड़ने का सिलसिला जारी रहा। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।यहाँ क्लिक कर सीधे संबंधित को पढ़ें Toggleयह भी पढ़ें : क्रिसमस-बड़े दिन पर हुई विशेष प्रार्थना सभाएं, रूस-युक्रेन रोकने के लिए भी मांगी दुवायह भी पढ़ें : सरोवरनगरी में कलश यात्रा के साथ शुरू हुआ 66वां दुर्गा पूजा महोत्सवयह भी पढ़ें : गुरु अर्जुन देव के शहीदी दिवस में पाकिस्तान के करतारपुर साहिब की व हिलती-डुलती झांकियां रहीं आकर्षणयह भी पढ़ें : सर्वधर्म की नगरी में अक्षय तृतीया, परशुराम जयंती ओर ईद पर पर मंगलवार को रहा ऐसा धार्मिक हर्षोल्लास…यह भी पढ़ें : हनुमान जयंती पर मंदिरों में उमड़ा श्रद्धा का सैलाबयह भी पढ़ें : मंगलवार को महाशिवरात्रि पर बिन मेले भी लगा श्रद्धालुओं का मेलायह भी पढ़ें : बसंत पंचमी पर हुए उपनयन संस्कार, कुमाउनी होली में घुले श्रृंगार के रंगयह भी पढ़ें : क्रिसमस पर कोरोना से मुक्ति के लिए भी की गई प्रार्थनायह भी पढ़ें : शहरों में भैया दूज तो ग्रामीण क्षेत्र में ‘दुतिया त्यार’ मनाया गयायह भी पढ़ें : दीपावली पर होली से रंग-बिरंगे रंगों में रंगी नजर आई नगरी..यह भी पढ़ें : रक्षाबंधन: भाई-बहन के प्रेम पर पड़ा कोरोना का पहरा, क्वारन्टाइन में बहनों के इंतजार में रह गए भाई..श्रावण मास के अंतिम सोमवार को मंदिरों में पूरे दिन हुआ जल व दुग्ध से रुद्राभिषेकLike this:Relatedयह भी पढ़ें : क्रिसमस-बड़े दिन पर हुई विशेष प्रार्थना सभाएं, रूस-युक्रेन रोकने के लिए भी मांगी दुवानवीन समाचार, नैनीताल, 25 दिसंबर 2022। क्रिसमस-बड़ा दिन के अवसर पर सरोवरनगरी में धार्मिक हर्षोल्लास का माहौल रहा। इस मौके पर रविवार को नगर के सूखाताल स्थित नगर के सबसे पुराने सेंट जोंस इन द बिल्डरनैस प्रोटेस्टेट चर्च, मल्लीताल मालरोड स्थित अमेरिकी मिशनरियों द्वारा स्थापित एशिया के सबसे पुराने मैथोडिस्ट चर्च, तल्लीताल मॉल रोड स्थित लेक व्यू कैथोलिक चर्च, राजभवन स्थित सेंट निकोलस चर्च सहित विशप शॉ आदि में रात्रि से ही ईसाई समुदाय के लोगों के धार्मिक कार्यक्रम शुरू हो गए थे। जबकि सुबह से भी खासतौर पर सजाये गये चर्चों में विशेष प्रार्थना सभाओं की धूम रही। प्रार्थना सभाओं में प्रभु यीशु के गुणमान के साथ उनके जन्म की झांकी प्रस्तुत की गई तथ कैरल का गायन के साथ ही बच्चों को केक बांटे गये। यह भी पढ़ें : हल्द्वानी की युवती के ह्वाट्सएप पर आया उसका ही नग्न वीडियो, धमकी देकर मांगा गया एक और नग्न वीडियो… मालरोड स्थित कैथोलिक चर्च में पादरी नवीन डिसूजा ने प्रार्थना करवाई। यहां विशेष रूप से बनाई गयी चरनी चर्च में आने वाले समस्त ईसाई धर्म के लोगों व सैलानियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी रही। इस अवसर पर सेंट मैरी कालेज की प्रधानाचार्या सिस्टर मंजूषा, सिस्टर अंजलिका, सिस्टर एनिमा आदि भी मौजूद रहे। मल्लीताल स्थित मेथोडिस्ट चर्च में पादरी अजय हैरीसन ने विशेष प्रार्थना कराई और प्रवचन दिए। कहा कि परमेश्वर के हमें जीवन देने के लिए आभारी हैं। इस अवसर पर सुशील डेविड, ऐरिल मैसी, आरके लाल, मुकेश दास, संध्या ग्रीनवर्ल्ड, जैनाथस, सहायक पास्टर चंद्र पौल, बिशप शॉ इंटर कालेज की प्रबंधक नीलम दानी, प्रधानाचार्य वीना मैसी, जे विल्सन, सोनू विल्सन सहित अनेक लोग मौजूद रहे। यह भी पढ़ें : युवक ने शादी का झांसा देकर किया युवती से दुष्कर्म, सौतेली मां ने बना बनाया रिश्ता तुड़वा दिया…इस दौरान रूस व यूक्रेन युद्ध की समाप्ति व विश्व शांति के लिए भी प्रार्थना की गई। नैनीताल शहर के सुदूरवर्ती देवीधूरा के समीप मौना बाना ग्राम सभा में भी अंग्रेजी शासनकाल में बने बाना चर्च में भी गांव के 18 इसाई परिवारों के लोग क्रिसमस की प्रार्थना सभा में शामिल हुए। यहां ज्योलीकोट से पादरी ने पैदल गांव पहुंच कर प्रार्थना सभा करवाई। इसके अलावा भवाली, सातताल में भी क्रिसमस पर्व धूमधाम से मनाये जाने के समाचार है। यह भी पढ़ें : महिला को भारी पड़ा छेड़छाड़ की शिकायत पर पलटना, कोर्ट ने कहा-महिला होने का गलत फायदा उठाना ठीक नहीं….इससे पूर्व नगर के होटल मनु महारानी सहित कुछ अन्य होटलों के कर्मचारियों ने क्रिसमस के अवसर पर सेंटा क्लॉज के साथ क्रिसमस कैरल ‘जिंगल बेल-जिंगल बेल’ गाते हुए शोभायात्रा निकाली। इस दौरान सेंटा क्लाज पर्यटकों को उपहार के रूप में टॉफी-चॉकलेट बांटते देखे गए। सैलानियों व खासकर किशोरियों व युवतियों में सेंटा क्लॉज के साथ फोटो खिंचवाने का काफी उत्साह दिखा। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।यह भी पढ़ें : दो बच्चों की मां का भतीजे ने चुराया दिल, प्रेम विवाह कर दोनों घर चलाने बन गए 'बंटी-बबली' जैसे चोर और….‘नवीन समाचार’ की ओर से पाठकों से विशेष अपील:3 जून 2009 से संचालित उत्तराखंड का सबसे पुराना डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘नवीन समाचार’ अपने आरंभ से ही उत्तराखंड और देश-दुनिया की सटीक, निष्पक्ष और जनहित से जुड़ी खबरें आप तक पहुँचाने का प्रयास करता आ रहा है। हिंदी में विशिष्ट लेखन शैली हमारी पहचान है। हमारा उद्देश्य केवल समाचार देना नहीं, बल्कि समाज की वास्तविक आवाज को मजबूती से सामने लाना, स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता देना और हिंदी पत्रकारिता को जीवित रखना है। हमारे प्रत्येक समाचार एक लाख से अधिक लोगों तक और हर दिन लगभग 10 लाख बार पहुंचते हैं। आज के समय में स्वतंत्र और निर्भीक पत्रकारिता को बनाए रखना आसान नहीं है। डिजिटल मंच पर समाचारों के संग्रह, लेखन, संपादन, तकनीकी संचालन और फील्ड रिपोर्टिंग में निरंतर आर्थिक संसाधनों की आवश्यकता होती है। ‘नवीन समाचार’ किसी बड़े कॉर्पोरेट या राजनीतिक दबाव से मुक्त रहकर कार्य करता है, इसलिए इसकी मजबूती सीधे-सीधे पाठकों के सहयोग से जुड़ी है। ‘नवीन समाचार’ अपने सम्मानित पाठकों, व्यापारियों, संस्थानों, सामाजिक संगठनों और उद्यमियों से विनम्र अपील करता है कि वे विज्ञापन के माध्यम से हमें आर्थिक सहयोग प्रदान करें। आपका दिया गया विज्ञापन न केवल आपके व्यवसाय या संस्थान को व्यापक पाठक वर्ग तक पहुँचाएगा, बल्कि स्वतंत्र पत्रकारिता को भी सशक्त बनाएगा। अग्रिम धन्यवाद। यह भी पढ़ें : सरोवरनगरी में कलश यात्रा के साथ शुरू हुआ 66वां दुर्गा पूजा महोत्सवडॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 1 अक्तूबर 2022। सरोवरनगरी में शनिवार से पांच दिवसीय दुर्गा पूजा महोत्सव की शुरुआत हो गई। नगर में 1956 से आयाोजित हो रहे इस महोत्सव का यह 66वां वर्ष है। कोरोना के दो वर्षों के व्यवधान के बाद इस वर्ष महोत्सव को भव्यता से किए जाने के दावों के बीच कलश यात्रा के साथ महोत्सव की शुरुआत हुई। सर्बजनिन दुर्गा पूजा समिति के तत्वावधान में आयोजित महोत्सव में नंदा देवी महोत्सव की तर्ज पर सबसे आगे कुमाउनी संस्कृति का प्रतीक लाल एवं सबसे पीछे सफेद ध्वज के साथ कलश यात्रा नयना देवी मंदिर से प्रारंभ हुई और मल्लीताल बाजार क्षेत्र से होती हुई वापस मंदिर में इसका समापन हुआ। देखें कलश यात्रा (वीडियो) :कलश यात्रा के साथ माता दुर्गा एवं काली के साथ बंगाली परिधानों में महिलाएं तथा बंगाली ढोल एवं अन्य वाद्य यंत्र भी शामिल हुए। अलबत्ता पिछले वर्षों की तरह छोलिया नर्तकों की कमी इस अर्थ में खली कि इस महोत्सव में कुमाउनी एवं सुदूर बंगाल की लोक संस्कृतियां समाहित होती नजर आती हैं। उधर शाम को नंदा मंदिर परिसर के पास डीएसए मैदान में बनाए गए विशेष पंडाल में तीन दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत हो गई। इस दौरान हीरा समदणी, बेडू़ पाको बारो मासा, नंदा-सुनंदा तू दैंणी है जाये जैसे कुमाउनी लोकगीतों की प्रस्तुतियां भी दी गईं। देखें दुर्गा पूजा महोत्सव के तहत सजा नयना देवी मंदिर और माता दुर्गा की झांकी (वीडियो) :बताया जाता है कि नगर के टेलीफोन एक्सचेंज में कार्यरत बंगाली मूल के एक अधिकारी देव नाथ ने 1956 में इस महोत्सव की शुरुआत की थी। बाद में नगर में निवासरत बंगाल मूल के लोगों ने इस महोत्सव को आगे बढ़ाया। कोरोना काल से पूर्व के वर्षों में यह महोत्सव कुमाउनी एवं बंगाली संस्कृति को एकाकार करता हुआ एक अलग रूप में प्रतिष्ठित हुआ था।आयोजन में पूजा समिति के अध्यक्ष चंदन कुमार दास, महासचिव नरदेव शर्मा, उपाध्यक्ष व सांस्कृतिक संयोजक त्रिभुवन फर्त्याल, शिवराज नेगी, भाष्कर बिष्ट, तृप्ति गुहा मजूमदार, दिनेश भट्ट, शंकर गुहा मजूमदार, उमेश मिश्रा, सुमन साह, मुन्नी भट्ट, हेमा नेगी, मंजू रौतेला सहित अन्य पदाधिकारी सहयोग कर रहे हैं। बारिश से प्रभावित सांस्कृतिक कार्यक्रमों का शुभारंभ स्थानीय विधायक सरिता आर्य के हाथों हुआ। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।यह भी पढ़ें : गुरु अर्जुन देव के शहीदी दिवस में पाकिस्तान के करतारपुर साहिब की व हिलती-डुलती झांकियां रहीं आकर्षण गुरु अर्जुन देव के शहीदी दिवस पर निकली शोभायात्रा में शामिल होते पवित्र गुरुग्रंथ साहब।डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 4 जून 2022। सरोवरनगरी में शनिवार को सिखों के पांचवें एवं दूसरे शहीद हुए गुरु अर्जुन देव का 416वां शहीदी दिवस नगर कीर्तन के साथ भव्य तरीके से मनाया गया। नगर कीर्तन में पाकिस्तान स्थित करतारपुर साहिब एवं केंद्र सरकार द्वारा पिछले दिनों खोले गए कॉरीडोर की एवं सिखों के 500 वर्ष के इतिहास से संबंधित गुरु अर्जुन देव एवं उनके साथियों की हृदयविदारक तरीके से हुई शहादत तथा गुरु नानक देव व बाबा बंदा सिंह बहादुर आदि की हिलती-डुलती यांत्रिक झांकियां भाव विह्वल करने वाली व आकर्षण का केंद्र रहीं। देखें विडियो :इस अवसर पर सुबह शबद-कीर्तन के उपरांत दोपहर 12 बजे मल्लीताल स्थित गुरुद्वारा गुरुसिंह सभा से पवित्र गुरुग्रंथ साहब के साथ निकली भव्य शोभायात्रा में लगातार मशीन से पुष्प वर्षा एवं आतिषबाजी की जाती रही। गुरुग्रंथ साहब के आगे एवं सबसे पीछे स्थानीय महिलाओं एवं हल्द्वानी से आया झाडू़ सेवक जत्था सफाई करते हुए चल रहा था। शोभायात्रा में करतारपुर साहब के साथ ही हेमकुंड साहब व दरबार साहब अमृतसर की झाकियां भी शामिल रहीं।इसके अलावा शोभायात्रा में नानकमत्ता साहब से बच्चों का बैंड एवं तरनतारन साहब अमृतसर पंजाब व हल्द्वानी, बरेली व बाजपुर आदि से आई संगतों के जत्थे भी शोभायात्रा में शामिल हुए। शोभायात्रा में गुरुद्वारा प्रबंधन समिति के अध्यक्ष जोगेंद्र सिंह आनंद, मनप्रीत सिंह, जसकरन सिंह, अमनप्रीत सिंह, गगनदीप सिंह, जसपाल सिंह, जगजीत सिंह, सतनाम सिंह, अमनदीप सिंह, ललिता मैद, सुरेंदर कौर, जसबीर कौर, हरलीन कौर, प्रद्युम्न कौर व संतोष कौर आदि ने प्रमुख रूप से योगदान दिया।हजरत कालू सैयद बाबा का उर्स शुरू नैनीताल। सर्वधर्म की नगरी सरोवरनगरी में सूखाताल में स्थित मजार पर हजरत कालू सैयद बाबा का उर्स शुरू हो गया है। तीन दिवसीय इस आयोजन के तहत शुक्रवार को नमाज के बाद जौहर कुरान ख्वानी व मगरिब की नमाज के बाद शाहिद अली वारसी, परवेज व काशिम के द्वारा महफिल मिलाद पाक तथा शनिवार को मगरिब की नमाज के बाद महफिले हल्का-ए-जिक्र एवं इशा की नमाज के बाद महफिल-ए-शमा का आयोजन किया गया, जबकि आगे रविवार को इसी कड़ी में जौहर की नमाज के बाद लंगर तथा असर की नमाज के बाद चादर शरीफ व महफिल-ए-शमां कव्वाली का आयोजन किया जाएगा। आयोजन में नजर खान, रईश बक्श, मुजीब, संजय कुमार, इकबाल खान, उमा ठाकुर के साथ ही प्रभा चौहान, प्रमोद सुयाल, वाहिद, अरोड़ा, जगदीश, मंटू जोशी, सुमन कुमार आदि ने सहयोग दिया। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।यह भी पढ़ें : सर्वधर्म की नगरी में अक्षय तृतीया, परशुराम जयंती ओर ईद पर पर मंगलवार को रहा ऐसा धार्मिक हर्षोल्लास…डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 3 मई 2022। सर्वधर्म की नगरी सरोवरनगरी में मंगलवार यानी हनुमान जी के दिनएक ओर ईद और दूसरी ओर अक्षय तृतीया व परशुराम जयंती के अनूठे संगम पर शांति, सौहार्द व हर्षोल्लास का माहौल रहा। दो वर्ष रही कोविड की पाबंदियों के बाद सुबह नगर के ऐतिहासिक फ्लैट्स मैदान में जामा मस्जिद मल्लीताल के आगे उत्साहपूर्वक ईद-उल-फितर की नमाज अदा की गई।पेश इमाम मुफ्ती अब्दुल खालिक ने नमाज अता करवाई। इस दौरान सभी नमाजियों के हाथ उठा मुल्क में अमन, खुशहाली व तरक्की और कोरोना के खात्मे तथा आपसी भाईचारे के लिए दुआ मांगी। लोगों ने एक-दूसरे को गले लगकर ईद की बधाई दी। हिंदू भाइयों ने भी उन्हें ईद की मुबारकबाद दी। इसके बाद लोग कब्रिस्तानों में अपने मरहूमों को याद करने के लिए भी पहुंचे और उनके लिए दुआ दी। पुलिस-प्रशासन भी सतर्क रहा। ईद के दौरान मस्जिद तिराहे से नगर पालिका तक के मार्ग पर वाहनों को नहीं जाने दिया गया। मल्लीताल से सूखा ताल की ओर जाने वाले वाहन रिक्शा स्टैंड से फ्लैट्स मैदान की पार्किग से होते हुए भेजे गए। इस दौरान छोटे-छोटे बच्चे भी सज-धज कर ईद की नमाज अता करने पहुंचे थे, जो आकर्षण का केंद्र बने रहे। बच्चों ने रंगबिरंगे गुब्बारे व खिलौने खरीद कर भी ईद को यादगार बनाया।यह भी पढ़ें : खुशखबरी ! अब घर बैठे मिलेगी सत्यापित खतौनी, छह राजस्व पोर्टल शुरूइस मौके पर तल्लीताल मस्जिद के पेश इमाम मोहम्मद नईम, अंजुमन इस्लामिया कमेटी के सद शोएब अहमद, सचिव जमाल सिद्दीकी, मोहम्मद हाशम, हारून खान पम्मी, युसूफ खान, सुहेल सिद्दीकी, पूर्व सदर मोहम्मद फारुख, अफजल हुसैन फौजी, अंजुमन इस्लामिया तल्लीताल के सदर अकरम शाह, सचिव मोहम्मद तय्यब, कमेटी के सदस्य मोहम्मद इकबाल, जैकी कुरैशी, मकमत खान, फैसल खान, फैसल कुरैशी, अजमल हुसैन, मोहम्मद शान, मोहम्मद, फैजान, मोहम्मद अजीज, मोहम्मद अजीज, नायब इमाम मोहम्मद साबिर, कमर खान, वशी कुरैशी, समीर कुरैशी व शमशाद हुसैन सहित सैकड़ों की संख्या में मुस्लिम समाज के लोगों ने नमाज अदा की।दूसरी ओर अक्षय तृतीया, परशुराम जयंती व मंगलवार के अद्भुत संयोग पर हिंदू धर्म के लोगों में भी काफी उत्साह देखा गया। नगर के नयना देवी मंदिर के साथ ही हनुमानगढ़ी मंदिर में श्रद्धालुओं की काफी भीड़-भाड़ रही। कई स्कूलों के बच्चे भी यहां दर्शनों के लिए पहुचे और प्रसाद ग्रहण किया। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।यह भी पढ़ें : हनुमान जयंती पर मंदिरों में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब-हनुमानगढ़ी, नयना देवी, सूखाताल व नैना गांव के मंदिरों में सुंदरकांड एवं भंडारे का हुआ आयोजन डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 16 अप्रैल 2022। हनुमान जयंती के अवसर पर नगर एवं आसपास के क्षेत्रों में धार्मिक श्रद्धा का माहौल रहा। इस मौके पर मंदिरों में सुंदरकांड पाठ, हनुमान चालीसा पाठ व भंडारा का आयोजन किया गया। नगर के हनुमानगढ़ मंदिर में विशेष भजन-कीर्तन, आरती एवं भंडारे का आयोजन हुआ।मंदिर प्रबंधन के अनुसार यहां 10 हजार से अधिक श्रद्धालु पहुंचे। आयोजन में एमपी सिंह, उमेश साह, शैलेंद्र साह, भुवन बिष्ट, रोहित साह व अखिल जोशी आदि प्रमुखता से जुटे रहे। इधर नगर की आराध्य देवी नयना देवी के मंदिर में मुख्य पुजारी बसंत बल्लभ जोशी ने अनुष्ठान कराए। यहां भी सुंदरकांड पाठ के बाद भंडारा हुआ। आयोजन में राजीव लोचन साह, प्रदीप साह, हेमंत साह, सुरेश मेलकानी, सुमन साह, अमिता साह, बसंत जोशी, सीएस तिवारी, भुवन चनियाल आदि जुटे रहे।उधर सूखाताल में प्रकाश जोशी ने पूजन कराया। यहां भजन कीर्तन व भंडारा भी हुआ। क्षेत्रीय विधायक सरिता आर्य भी दर्शन को पहुंची। माणिक शमा सरकार व विश्वकेतु यजमान की भूमिका में रहे। आयोजन में विजय सिंह, अजय कुमार, अजित, विनोद वैद्य, हिमांशु, अजय उपाध्याय, विवेक, समीर, विभोर, आकाश, लकी, आशा, विजयलक्ष्मी थापा, प्रभा, पार्वती, रमा, मु्न्नी, किशन, भव्या, दिव्या आदि रहे। नगर के करीब हल्द्वानी रोड पर नैना गांव स्थित हनुमान मंदिर में भी सुंदरकांड के पाठ के साथ नैना गांव, नैनीताल व ज्योलीकोट आदि के श्रद्धालुओं के सहयोग से भंडारा आयोजित किया गया। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।यह भी पढ़ें : मंगलवार को महाशिवरात्रि पर बिन मेले भी लगा श्रद्धालुओं का मेला-तीन किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई चढ़कर छोटा कैलास पहुंचे कुमाऊं मंडलायुक्त व ब्लॉक प्रमुख, लगा बड़ा मेला व श्रद्धालुओं का जमावड़ाडॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 1 मार्च 2022। सरोवरनगरी सहित सभी निकटवर्ती क्षेत्रों में महाशिवरात्रि पर श्रद्धालुओं में जबर्दस्त धार्मिक उत्साह देखा गया। इसलिए भी कि इस वर्ष महाशिवरात्रि देवाधिदेव महादेव यानी रुद्र के 11वें अवतार कहे जाने वाले महाबली हनुमान के माने जाने वाले मंगलवार के दिन पड़ी। इस कारण मुख्यालय के खासकर हनुमानगढ़ी मंदिर में बिना मेले के भी श्रद्धालुओं के मेले जैसा माहौल रहा।यहां श्रद्धालुओं को हनुमान जी की विशाल मूर्ति के दर्शनों तथा शिव मंदिर में जलाभिषेक के लिए लाइन में लगना पड़ा। ऐसा यहां कम ही मौकों पर होता है। श्रद्धालुओं को फलों के साथ साबूदाने की खीर का प्रसाद भी उपलब्ध कराया गया। मंदिर में हर मंगलवार की तरह गोस्वामी तुलसीदास रचित श्रीराम चरित मानस के संुंदरकांड का पाठ भी चलता रहा।यही स्थिति नगर की आराध्य देवी माता नयना देवी के मंदिर में भी शिवार्चन के लिए रही। नगर के पाषाण देवी मंदिर, गुफा महादेव मंदिर, मॉल रोड पर क्वालिटी बोट स्टेंड के पास स्थित शिवालय एवं चीना बाबा मंदिर आदि में भी श्रद्धालुओं में गजब का धार्मिक उत्साह देखा गया। जबकि उधर भीमताल-जंगलियागांव से आगे भगवान शिव के घर कैलास पर्वत की ही प्रतिकृति सी नजर आने वाली पहाड़ी पर स्थित छोटा कैलास मंदिर में हर वर्ष की तरह इस मौके पर बड़ा मेला लगा। श्रद्धालु यहां करीब तीन किलोमीटर की पैदल चढ़ाई भारी भीड़ के साथ लाइन में सरक-सरककर चढ़कर खुले में स्थित शिवालय पहुंचे और भारी भीड़ के बीच शिवलिंग के दर्शन किए। यहां पहुंचने वाले श्रद्धालुओं में कुमाऊं मंडल के आयुक्त दीपक रावत एवं भीमताल के ब्लॉक प्रमुख डॉ. हरीश बिष्ट भी शामिल रहे। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।यह भी पढ़ें : बसंत पंचमी पर हुए उपनयन संस्कार, कुमाउनी होली में घुले श्रृंगार के रंगडॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 5 फरवरी 2022। वसंत पंचमी के अवसर पर मुख्यालय में नगर की सबसे पुरानी धार्मिक व सांस्कृतिक संस्था श्रीराम सेवक सभा के द्वारा सामूहिक उपनयन संस्कार का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर आचार्य भगवती प्रसाद जोशी तथा घनानंद जोशी ने गर्वित साह, युवराज साह, नकुल बिष्ट, गौरव डालाकोटी, विनोद डालाकोटी, शिवम साह, हिमांशु साह, तनुज शर्मा व राजेंद्र पांडे आदि बटुकों के उपनयन संस्कार करवाए।इस मौके पर सभा के अध्यक्ष मनोज साह, महासचिव जगदीश बवाड़ी, विमल चौधरी, विमल साह, राजेंद्र बजेठा, मुकेश जोशी ‘मंटू’, गिरीश जोशी, घनश्याम साह, उमेश जोशी, हिमांशु जोशी, रानी साह व रेखा जोशी तथा बटुकों के परिजन मौजूद रहे।इधर शाम को सभा भवन में कुमाउनी बैठकी होली का आयोजन भी किया गया। इस दौरान गिरीश भट्ट, सतीष पांडे, रक्षित साह, मिथिलेश पांडे व हिमांशु साह आदि मौजूद रहे। मालूम हो कि कुमाउनी बैठकी होली पौष माह के पहले रविवार से शुरू हो जाती है, और बसंत पंचमी से इसमें श्रृंगार के रंग जुड़ने-घुलने लगते हैं। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।यह भी पढ़ें : क्रिसमस पर कोरोना से मुक्ति के लिए भी की गई प्रार्थना मैथोडिस्ट चर्च में क्रिसमस पर आयोजित विशेष प्रार्थना सभा में शामिल लोग।डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 25 दिसंबर 2021। इसाई समुदाय के लोगों का पर्व क्रिसमस सर्वधर्म की नगरी सरोवरनगरी में धार्मिक हर्षोल्लास से मनाया गया। इस अवसर पर नगर के माल रोड स्थित सेंट फ्रांसिस चर्च व मल्लीताल स्थित एशिया के पहले मैथोडिस्ट इसाई मिशनरियों के द्वारा बनाए गए मैथोडिस्ट चर्च आदि में विशेष प्रार्थना सभाएं हुईं। इस दौराान प्रभु यीशु का प्रेम व क्षमा का संदेश दिया गया तथा यीशु से कोरोना से मानवमात्र को बचाने की प्रार्थना भी की गई।इस दौरान खूबसूरत तरीके से सजाए गए नगर के मल्लीताल स्थित मैथोडिस्ट चर्च में रात्रि से ही आयोजन प्रारंभ हो गए थे। इस दौरान यहां प्रभु यीशु के जन्म के समय घंटियां बजाई गईं एवं क्रिसमस कैरल गाए गए तथा केक वितरित किया गया। क्रिसमस की सुबह भी पादरी राजेंद्र लाल ने विशेष प्रार्थना की तथा प्रभु यीशु के जन्म लेने का संदेश दिया। साथ ही विश्व एवं खासकर भारत में कोरोना-ओमिक्रॉन से मुक्ति की प्रार्थना की गई। केक एवं कॉफी वितरित की गई। इस मौके पर सोनी अनीश ने ईश भक्ति गीत भी प्रस्तुत किए। इस मौके पर उक्रांद के पूर्व विधायक डॉ. नारायण सिंह जंतवाल, मुकेश दास अभिनव जोनाथन सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।यह भी पढ़ें : उत्तराखंड के बागेश्वर में सुबह 7:25 बजे 3.5 तीव्रता का भूकंप, झटके हरिद्वार-ऋषिकेश तक महसूस, नुकसान की सूचना नहींज्योलीकोट में भी हर्षोल्लास से मनाया गया क्रिसमस नैनीताल। क्रिसमस पर मुख्यालय के निकटवर्ती ज्योलीकोट स्थित संत एंथोनी चर्च में देर रात्रि और शनिवार की प्रातः आयोजित विशेष प्रार्थना सभा में बिशप इजीडोर, फादर उदय डिसूजा, फादर मनोज ने ईसा मसीह के जन्म से जुड़े प्रसंगों पर प्रवचन देते हुए कहा कि मानवता, प्रेम, सहिष्णुता, शांति जीवन के लिए सबसे जरूरी है। मानव कल्याण के लिए सब को मिलजुल कर कार्य करना चाहिये। इस दौरान सिस्टर डेमियन, सिस्टर शिवा, सिस्टर प्रतिभा सहित बड़ी संख्या में समुदाय के लोग सम्मलित हुए। प्रार्थना के दौरान कैरल गाये गए घरों को भी आकर्षक रूप से सजावट के साथ चरनिया बना कर जन्मोत्सव प्रदर्शित किया गया। प्रार्थना सभा के बाद क्रिसमस मिलन समारोह में ब्लॉक प्रमुख डॉ. हरीश, बिष्ट, जिला पंचायत सदस्य गीता बिष्ट, ग्राम प्रधान रजनी रावत, हरगोविंद रावत, जीवन चंद्र, राम दत्त चनियाल, सहित अन्य लोगों ने शिरकत की। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।यह भी पढ़ें : शहरों में भैया दूज तो ग्रामीण क्षेत्र में ‘दुतिया त्यार’ मनाया गया-बहनों ने भाइयों को च्यूड़े चढ़ाते हुए दी आशीषनवीन समाचार, नैनीताल, 16 नवम्बर 2020। दीपावली के तीसरे दिन शहरी क्षेत्रों में जहां भैय्यादूज का त्योहार मनाया जाता है, वहीं कुमाऊं मंडल के ग्रामीण क्षेत्रों में अब भी परंपरागत तौर पर लोक परम्परा के तहत यम द्वितीया या ‘दुतिया त्यार’ मनाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन यमराज भी अपनी बहन यमुना से मिलने जाते हैं, जबकि रक्षाबंधन पर बहनें अपने भाई से मिलने जाती हैं। इस त्योहार को मनाने की तैयारी कहीं एकादशी के दिन, कहीं धनतेरस के दिन और कहीं दीपावली के दिन शाम को तौले (एक बर्तन) में धान पानी में भिगाने के साथ शुरू होती है। गोवर्धन पूजा के दिन यानी एक दिन पूर्व इस धान को पानी में से निकाल लिया जाता है, और उन्हें देर तक कपड़े में रखकर या बांध कर उसका सारा पानी निथार लिया जाता है। इसके बाद धान को कढ़ाई में भून कर उन्हें गर्म-गर्म ही ओखल में मूसल से कूटा जाता है। गर्म होने के कारण चावल का आकार चपटा हो जाता है और उसका भूसा भी निकल कर अलग हो जाता है। इन हल्के भूने हुए चपटे चावलों को ही “च्यूड़े” कहते हैं। इन्हें गोवर्धन पूजा पर गौशाला में पाले गए गाय, भैंस व बैल, बछिया आदि पशुओं को तथा दुतिया त्यार को घर की बड़ी महिलाओं के द्वारा देवताओं, घर के सभी सदस्यों एवं बहनों के द्वारा भाइयों को चढ़ाकर पूजा जाता है। इन च्यूड़ों को सर्दियों में अखरोट व भूने हुए भांग के साथ खाने की भी परंपरा है। इससे शरीर को गर्मी भी मिलती है। इस दौरान “जी रया जागि रया, य दिन य मास भ्यटनें रया। पातिक जै पौलि जया दुबकि जैसि जङ है जौ. हिमाल में ह्यू छन तक, गाड़क बलु छन तक, घ्वड़ाक सींग उँण तक जी रया। स्याव जस चतुर है जया, बाघ जस बलवान है जया, काव जस नजर है जौ, आकाश जस उच्च है जया, धरति जस तुमर नाम है जौ. जी राया, जागि राया, फुलि जया, फलि जया, दिन य बार भ्यटनै राया” की आशीष दी जाती हैं। च्यूड़े चढ़ाने के दौरान पहले व बाद में दूब घास के गुच्छों से सिर में तेल भी लगाया जाता है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।यह भी पढ़ें : दीपावली पर होली से रंग-बिरंगे रंगों में रंगी नजर आई नगरी..-दीपावली पर होली की तरह रंग-बिरंगी रोशनियों में सराबोर एवं अपनी छवि नैनी झील में निहारती नजर आई सरोवरनगरी -हर्षोल्लास से मनाया गया दीपावली व गोवर्धन पूजा का त्योहार नवीन समाचार, नैनीताल, 15 नवम्बर 2020। शनिवार को दीपावली व रविवार को गोवर्धन पूजा का त्योहार जिला-मंडल मुख्यालय एवं जनपद के पर्वतीय ग्रामीण क्षेत्रों में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। गांवों में परंपरागत तौर पर गन्ने एवं नीबू तथा शहरी क्षेत्रों में गन्ने एवं मुखौटों से माता लक्ष्मी की सौभाग्यशाली स्वरूप में मूर्ति का निर्माण किया गया एवं पूजा-अर्चना की गई। लोगों ने गांव व शहर के मंदिरों में जाकर भी ईश वंदना की एवं खील-खिलौने चढ़ाए तथा दिए जलाए। शाम के समय घरांे में पूजा-अर्चना व कीर्तनों के स्वर भी गूंजते रहे। दीपों के पर्व पर होली सी रंग-बिरंगी सजी सरोवरनगरी नैनीताल 31 दिसंबर की रात्रिलोगों ने शाम ढले घरों को बिजली तथा असली-नकली फूलों की मालाओं एवं दीपकों की रोशनी से जमकर सजाया तथा देर रात्रि करीब 10 बजे तक दीपावली के त्योहार का उत्साह प्रदर्शित करते हुए जमकर आतिशबाजी की। इस दौरान सरोवरनगरी होली की तरह विभिन्न रंगों की रोशनियों से सराबोर एवं अपनी छवि नैनी झील में निहारती नजर आई। वहीं आतिशबाजी के दौरान पटाखों का काफी प्रदूषण आसमान की ओर ऊपर उठता दिखाई दिया। कुछ लोग पटाखों से घायल भी हुए। इस दौरान नगर में सैलानियों की भी काफी संख्या में उपस्थिति एवं बाजारों में रौनक दिखाई दी। अल्मोड़ा में कुछ ऐसा दिखा नज़ारा : दिवाली पर रोशनी में दमकता अल्मोड़ा शहर दीपावली पर रोशनी में दमकता अल्मोड़ा शहररविवार को मनाई गई गोवर्धन पूजा नैनीताल। रविवार को गोवर्धन पूजा का त्योहार मनाया गया। इस मौके पर नगर के सीमित गौ पालकों एवं पुराने, बड़ी-बुजुर्ग महिलाओं ने नगर के मल्लीताल स्थित गौशाला में जाकर गौमाता की पूजा आराधना की एवं अपने परिवार के सुख-सौभाग्य की कामना की। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में इस त्योहार का खासा आकर्षण देखा गया। लोगों ने पिछले नौ दिन से भिगोए गए नये धान भूनकर आज ऊखल यानी ओखली में कूटे व उनसे तैयार किये गए च्यूड़ों से घर के गौवंशीय, गाय-भेंस आदि पशुओं की पूजा की। आगे सोमवार को इन्हीं च्यूड़ों से भैयादूज त्योहार भी मनाया जाएगा, जिसमें बहनें अपने भाइयों को च्यूड़े चढ़ाकर उनकी लंबी उम्र एवं सुख-सौभाग्य की कामना करेंगी। इस मौके के लिए भाइयों का अपनी बहनों के पास जाने का नियम है, जबकि रक्षाबंधन पर बहनें अपने भाइयों के पास जाती हैं। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।यह भी पढ़ें : रक्षाबंधन: भाई-बहन के प्रेम पर पड़ा कोरोना का पहरा, क्वारन्टाइन में बहनों के इंतजार में रह गए भाई..नवीन समाचार, नैनीताल, 03 अगस्त 2020। कोरोना के संक्रमण की संभावना के दृष्टिगत सोमवार को भाई-बहन के प्रेम के पर्व रक्षाबंधन पर कोरोना का काफी प्रभाव दिखाई दिया। बहनें अपने भाइयों से मिलने कम निकल पाईं। राखी पहनाने के दौरान भी भाई-बहन चेहरे पर मास्क व शील्ड पहने नजर आए। बाजार की मिठाइयांे की बिक्री भी कम हुई। इसकी बजाय लोग घर की बनी तथा पैक्ड मिठाइयों एवं चॉकलेट आदि का अधिक आदान-प्रदान करते नजर आए। वहीं कई भाइयों ने अपनी बहनों को राखी पहनाने के बाद मास्क और सैनिटाइजर के तोहफे भी भेंट किये। फेस मास्क पहनकर फेस शील्ड पहने भाई को राखी बांधती एक बहन।इधर क्वारन्टाइन सेंटरों में रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जाता कम ही दिखाई दिया। मुख्यालय स्थित बीडी पांडे जिला चिकित्सालय में तो भाई-बहन के प्रेम की जगह प्रेमी-प्रेमिका वाले प्रेम के लिए युवती द्वारा हाथ की नस काटने की घटना भी हुई। वहीं प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि अनुमति लेकर बहनें अपने क्वारन्टाइन सेंटर में रह रहे अपने भाइयों को राखी बांध सकती थीं, लेकिन ऐसी कोई अनुमति नहीं ली गई। वहीं राज्य सरकार ने बहनों के लिए रोडवेज की बसों में निःशुल्क यात्रा की व्यवस्था की थी, किंतु कोरोना की वजह से कम बसों के चलने एवं चालकों के भी अपनी बहनों को राखी बांधने के लिए अवकाश लेने की वजह से और भी कम बसें चल पाईं, इस कारण बहनें निःशुल्क यात्रा का कम ही लाभ उठा पाईं।श्रावण मास के अंतिम सोमवार को मंदिरों में पूरे दिन हुआ जल व दुग्ध से रुद्राभिषेक नयना देवी मंदिर में शिव लिंग पर दुग्धाभिषेक करते श्रद्धालु।नैनीताल। श्रावण मास के अंतिम व चौथे सोमवार को नयना देवी मंदिर में शिवलिंग पर भक्तों द्वारा जल एवं दुग्धाभिषेक कर महादेव शिव की पूजा अर्चना की गयी। मंदिर में सुबह से ही नगर के श्रद्धालुओं के साथ ही काफी संख्या में सैलानी भी पूजा अर्चना के लिए मंदिर पहुंचे। श्रद्धालुओं के द्वारा शिवलिंग में जलाभिषेक व दुग्धाभिषेक तथा पूजा पाठ कर अपनी मनोकामना की प्रार्थना की गयी। इसके अलावा पाषाण देवी मंदिर, गुफा महादेव, क्वालिटी बोट स्टेंड, गोलू मंदिर, शनि मंदिर सहित वैष्णों देवी मंदिर में भी लोगों ने पूजा अर्चना की गयी। नगर के आसपास के क्षेत्रों में भी मंदिरों में लोगों नीे पूजा अर्चना कर पुण्य अर्जित किया। ईद के त्योहार का अवकाश होने के चलते निकटवर्ती घोड़ाखाल गोलज्यू मंदिर में भी काफी संख्या में भक्त पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे।Share this: 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