EnglishInternational Phonetic Alphabet – SILInternational Phonetic Alphabet – X-SAMPASystem input methodCTRL+MOther languagesAbronAcoliадыгэбзэAfrikaansअहिराणीajagbeBatak AngkolaአማርኛOboloالعربيةঅসমীয়াаварتۆرکجهᬩᬮᬶɓasaáBatak Tobawawleбеларускаябеларуская (тарашкевіца)Bariروچ کپتین بلوچیभोजपुरीभोजपुरीẸdoItaŋikomBamanankanবাংলাབོད་ཡིག།bòo pìkkàbèromबोड़ोBatak DairiBatak MandailingSahap Simalunguncakap KaroBatak Alas-KluetbuluburaብሊንMə̀dʉ̂mbɑ̀нохчийнchinook wawaᏣᎳᎩکوردیAnufɔЧăвашлаDanskDagbaniдарганdendiDeutschDagaareThuɔŋjäŋKirdkîडोगरीDuáláÈʋegbeefịkẹkpeyeΕλληνικάEnglishEsperantoفارسیmfantseFulfuldeSuomiFøroysktFonpoor’íŋ belé’ŋInternational Phonetic AlphabetGaगोंयची कोंकणी / Gõychi Konknni𐌲𐌿𐍄𐌹𐍃𐌺𐌰 𐍂𐌰𐌶𐌳𐌰ગુજરાતીfarefareHausaעבריתहिन्दीछत्तीसगढ़ी𑢹𑣉𑣉HoHrvatskiհայերենibibioBahasa IndonesiaIgboIgalaгӀалгӀайÍslenskaawainAbꞌxubꞌal PoptiꞌJawaꦗꦮქართული ენაTaqbaylit / ⵜⴰⵇⴱⴰⵢⵍⵉⵜJjuадыгэбзэ (къэбэрдеибзэ)KabɩyɛTyapkɛ́nyáŋGĩkũyũҚазақшаភាសាខ្មែរಕನ್ನಡ한국어kanuriKrioकॉशुर / کٲشُرКыргызKurdîKʋsaalLëblaŋoлаккулезгиLugandaLingálaລາວلۊری شومالیlüüdidxʷləšucidmadhurâमैथिलीŊmampulliMalagasyKajin M̧ajeļമലയാളംМонголᠮᠠᠨᠵᡠManipuriма̄ньсиဘာသာမန်mooreमराठीမြန်မာ閩南語 / Bân-lâm-gú閩南語(漢字)閩南語(傳統漢字)Bân-lâm-gú (Pe̍h-ōe-jī)Bân-lâm-gú (Tâi-lô)KhoekhoegowabNorsk (bokmål)नेपालीनेपाल भाषाli nihanawdmNorsk (nynorsk)ngiembɔɔnߒߞߏSesotho sa LeboaThok NaathChichewaNzemaଓଡ଼ିଆਪੰਜਾਬੀPiemontèisΠοντιακάⵜⴰⵔⵉⴼⵉⵜTarandineрусскийसंस्कृतсаха тылаᱥᱟᱱᱛᱟᱞᱤ (संताली)सिंधीکوردی خوارگDavvisámegiellaKoyraboro SenniSängöⵜⴰⵛⵍⵃⵉⵜတႆးසිංහලᠰᡞᠪᡝSlovenčinaСрпски / srpskiSesothoSENĆOŦENSundaSvenskaŚlůnskiதமிழ்ತುಳುతెలుగుไทยትግርኛትግሬцӀаӀхна мизSetswanaChiTumbukaTwiⵜⴰⵎⴰⵣⵉⵖⵜудмуртУкраїнськаاردوOʻzbekchaꕙꔤTshiVenḓaVènetoWaaleWolofLikpakpaanlYorùbá中文中文(中国大陆)中文(简体)中文(繁體)中文(香港)中文(澳門)中文(马来西亚)中文(新加坡)中文(臺灣)Help इस समाचार को सुनने के लिए यहाँ क्लिक करें डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 11 अगस्त 2022। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने हल्द्वानी के वी मार्ट के प्रबंधक तथा कंपनी के नई दिल्ली के निदेशकों पर शिकायतकर्ता अतुल पंत को 45 दिन के भीतर मानसिक वेदना व आर्थिक क्षतिपूर्ति के ऐवज में 25 हजार व वाद व्यय के लिए 5 हजार यानी कुल 30 हजार रुपए देने को कहा है। साथ ही अपने ग्राहकों से किए जा रहे अनुचित व्यापारिक व्यवहार के लिए एक लाख रुपए का अर्थदंड लगाया है, और यह धनराशि जिला आयोग के कार्यालय कोष में जमा करने को कहा है। आदेश का पालन न करने पर यह धनराशि राजस्व वसूली के माध्यम से वसूल की जाएगी। साथ ही वी मार्ट को अपने प्रतिष्ठान के मुख्य द्वार पर कैरी बैग के बारे में सूचना लिखवानी होगी और उसकी फोटो आयोग के कार्यालय में देनी होगी। ऐसा न करने पर भी उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।मामले के अनुसार देवलचौड़ हल्द्वानी निवासी अतुल पंत ने आयोग में वी मार्ट द्वारा 23 जून 2019 को 300 रुपए का सामान लेने पर कैरी बैग का 6 रुपए अतिरिक्त शुल्क लिए जाने पर 15 हजार रुपए की क्षतिपूर्ति व आर्थिक व मानसिक वेदना के लिए दो हजार रुपए परिवाद शुल्क दिलाने की मांग की थी। पंत का कहना था कि वी मार्ट के द्वारा अपने प्रतिष्ठान में कहीं भी नहीं लिखा है कि उपभोक्ता अपना कैरी बैग स्वयं साथ लाएं।विशाल मेगा मार्ट के द्वारा अब भी वसूला जा रहा कैरी बैग का अतिरिक्त शुल्क नैनीताल। गौरतलब है कि हल्द्वानी के विशाल मेगा मार्ट पर भी उपभोक्ता आयोग पूर्व में कैरी बैग का अतिरिक्त शुल्क वसूले जाने पर इसी तरह जुर्माना लगा चुका है। इसके बावजूद उनके द्वारा अब भी कैरी बैग के नाम पर अतिरिक्त शुल्क वसूला जा रहा है। इस बारे में जब संस्थान के कैशियर को आयोग का आदेश याद दिलाया गया तो उनका कहना था, ऐसी छोटी-मोटी बातें होती रहती हैं। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।यहाँ क्लिक कर सीधे संबंधित को पढ़ें Toggleयह भी पढ़ें : स्टार हेल्थ एंड एलाइड इंश्योरेंस कंपनी पर व मिन्त्रा पर लगा 50-50 हजार का जुर्मानायह भी पढ़ें : भारी पड़ा खराबी सही न करना, कंपनी को नया एयरकंडिशनर व 7 हजार रुपए जुर्माना चुकाने के आदेशयह भी पढ़ें : ऑपरेशन के बाद आंखों की ज्योति गंवाने पर नेत्र संस्थान को म प्रभावितों को 3-3 लाख का मुआवजा देने के आदेशयह भी पढ़ें : ट्रक दुर्घटना में अनाधिकृत सवार यात्री की मौत पर भी इंश्योरेंस कंपनी पर करीब एक करोड़ रुपए जुर्मानायह भी पढ़ें : सामान घर तक न पहुंचाने पर दुकानदार व ट्रांसपोर्ट कंपनी पर 25-25 हजार का जुर्मानायह भी पढ़ें : सामान के साथ थैला निःशुल्क न देने पर विशाल मेगा मार्ट को 50 हजार रुपए का जुर्मानायह भी पढ़ें : 20 रुपए की चॉकलेट के पैकेट खाली निकले, नामी चॉकलेट कंपनी पर पांच लाख का जुर्मानायह भी पढ़ें : उपभोक्ता फोरम ने ऑनलाइन कंपनी पर लगाया उत्पाद की कीमत से अधिक का जुर्माना…यह भी पढ़ें : महिला के नसबंदी के बावजूद गर्भधारण होने पर जनपद के सीएमओ व चिकित्सा अधिकारी को साढ़े चार लाख से अधिक का जुर्मानाLike this:Relatedयह भी पढ़ें : स्टार हेल्थ एंड एलाइड इंश्योरेंस कंपनी पर व मिन्त्रा पर लगा 50-50 हजार का जुर्माना -छेद वाली जैकेट भेजने पर ऑनलाइन कंपनी मिंत्रा पर भी 50 हजार रुपए का जुर्माना डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 20 मई 2022। जिला उपभोक्ता आयोग नैनीताल ने स्टार हेल्थ एंड एलाइड इंश्योरेंस कंपनी पर अपने बीमा धारक के बीमा दावे केा अकारण निरस्त करने पर 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। इंश्योरेंस कंपनी पर यह जुर्माना उसके द्वारा केवल कोरोनरी एंजियोग्राफी रिपोर्ट में गलत तिथि अंकित होने के कारण बीमा दावा निरस्त किए जाने के कारण की गई है। कंपनी को परिवादी को 1.85 लाख को बीमा दावे की धनराशि की ब्याज सहित डेढ़ माह के भीतर भुगतान करने को कहा गया है।यह भी पढ़ें : छुट्टी नहीं मिली तो कर्मचारियों ने यमकेश्वर के माला गांव में एआई से दिखा दिया बब्बर शेर, वन विभाग की जांच में खुली पोल....इसके अलावा आयोग के अध्यक्ष रमेश कुमार जायसवाल तथा सदस्य लक्ष्मण सिंह रावत व विजयलक्ष्मी थापा ने अन्य मामलों में दो अन्य परिवादों में जमा की गई धनराशि 8 प्रतिशत ब्याज के साथ अदा करने तथा ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी मिंत्रा पर छेद युक्त जैकेट भेजने व न बदलने पर भी 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है। साथ ही भुगतान की दोगुनी धनराशि मानसिक वेदना की क्षतिपूर्ति हेत 10 हजार तथा वाद व्यय के रूप में दो हजार रुपए भी चुकाने के निर्देश दिए गए हैं। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।यह भी पढ़ें : भारी पड़ा खराबी सही न करना, कंपनी को नया एयरकंडिशनर व 7 हजार रुपए जुर्माना चुकाने के आदेशडॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 7 मई 2022। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने एयरकंडिशनर खरीदने वाले उपभोक्ता को तय सेवा न देने पर एयर कंडिशनर की कंपनी को आदेश दिए हैं कि वह उपभोक्ता को 45 दिन के भीतर नया एयर कंडीशनर उपलब्ध कराए। साथ ही कंपनी पर मानसिक वेदना के लिए उपभोक्ता को पांच हजार रुपए परिवाद व्यय एवं दो हजार रुपए परिवाद व्यय के रूप में यानी कुल 7 हजार रुपये का भुगतान करने के आदेश भी दिए हैं।‘नवीन समाचार’ की ओर से पाठकों से विशेष अपील:3 जून 2009 से संचालित उत्तराखंड का सबसे पुराना डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘नवीन समाचार’ अपने आरंभ से ही उत्तराखंड और देश-दुनिया की सटीक, निष्पक्ष और जनहित से जुड़ी खबरें आप तक पहुँचाने का प्रयास करता आ रहा है। हिंदी में विशिष्ट लेखन शैली हमारी पहचान है। हमारा उद्देश्य केवल समाचार देना नहीं, बल्कि समाज की वास्तविक आवाज को मजबूती से सामने लाना, स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता देना और हिंदी पत्रकारिता को जीवित रखना है। हमारे प्रत्येक समाचार एक लाख से अधिक लोगों तक और हर दिन लगभग 10 लाख बार पहुंचते हैं। आज के समय में स्वतंत्र और निर्भीक पत्रकारिता को बनाए रखना आसान नहीं है। डिजिटल मंच पर समाचारों के संग्रह, लेखन, संपादन, तकनीकी संचालन और फील्ड रिपोर्टिंग में निरंतर आर्थिक संसाधनों की आवश्यकता होती है। ‘नवीन समाचार’ किसी बड़े कॉर्पोरेट या राजनीतिक दबाव से मुक्त रहकर कार्य करता है, इसलिए इसकी मजबूती सीधे-सीधे पाठकों के सहयोग से जुड़ी है। ‘नवीन समाचार’ अपने सम्मानित पाठकों, व्यापारियों, संस्थानों, सामाजिक संगठनों और उद्यमियों से विनम्र अपील करता है कि वे विज्ञापन के माध्यम से हमें आर्थिक सहयोग प्रदान करें। आपका दिया गया विज्ञापन न केवल आपके व्यवसाय या संस्थान को व्यापक पाठक वर्ग तक पहुँचाएगा, बल्कि स्वतंत्र पत्रकारिता को भी सशक्त बनाएगा। अग्रिम धन्यवाद। मामले के अनुसार बिठौरिया हल्द्वानी निवासी सुभाष सिंह ने मंजीत इलेट्रॉनिक्स हल्द्वानी से डेफिन कंपनी का एयर कंडिशनर खरीदा था। इसमें 5 वर्ष के लिए कंप्रेशर व एक वर्ष के लिए बाहरी व आंतरिक पुर्जों पर वारंटी थी। डिलीवरी के दौरान ही एयर कंडिशरन का अग्रभाग टूट गया, बाद में ठंडक मिलने में भी खराबी आ गई। लेकिन, वारंटी के अनुसार न उसे बदला गया न अन्य खराबी ठीक की गई। इस पर सुभाष सिंह ने आयोग में वाद दर्ज कराया।शनिवार को आयोग के अध्यक्ष रमेश कुमार जायसवाल व सदस्य लक्ष्मण रावत, विजय लक्ष्मी थापा ने एयरकंडिशनर की कंपनी डाइकिन एयर कंडीशनिंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को सेवा में कमी का दोषी पाते हुए उपभोक्ता को नया एयर कंडिशनर उपलब्ध कराने तथा जुर्माना चुकाने का आदेश दिया, अलबत्ता एयरकंडिशनर के विक्रेता मंजीत इलेट्रॉनिक्स व इसकी वारंटी न देने वाली एसडीबी सर्विसेज हल्द्वानी को दोषी नहीं पाया। (डॉ. नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।यह भी पढ़ें : हल्द्वानी : गौलापार के होटल में काशीपुर के किसान सुखवंत सिंह संदिग्ध परिस्थितियों में मृत मिले, फेसबुक लाइव वीडियो में 4 करोड़ रुपये के भूमि विवाद और उत्पीड़न के आरोपयह भी पढ़ें : ऑपरेशन के बाद आंखों की ज्योति गंवाने पर नेत्र संस्थान को म प्रभावितों को 3-3 लाख का मुआवजा देने के आदेशडॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 2 मई 2022। जिला उपभोक्ता आयोग ने सोमवार को मोतियाबिंद के ऑपरेशन के बाद आंखों की रोशनी गंवाने वाले तीन पीड़ितों को तीन-तीन लाख रुपए का मुआवजा देने का आदेश दिया है।मामले के अनुसार सेवानिवृत्त सैनिक स्वर्गीय रमेश जोशी, पूरन सिंह व शाहिदा खातून ने 13 अक्टूबर 2017 को वेणू नेत्र संस्थान रामनगर से अपनी आंखों के मोतियाबिंद का ऑपरेशन करवाया था। इसके दो दिनों में ही पीड़ितों की आंखों में सूजन आ गई तथा उनमें पस बनना शुरू हो गया और आगे उपचार करने पर भी आंखों की ज्योति खत्म होने से नहीं बचाई जा सकी।इस पर मामला उपभोक्ता फोरम में आया। यहां पाया गया कि यदि ऑपरेशनों में चिकित्सकों की कोई त्रुटि न भी मानी जाए तो भी कहीं न कहीं ऑपरेशन थियेटर में प्रयोग लाये जाने वाले तौलिए, कपड़े आदि की सफाई आदि में कोई न कोई चूक रही, इसलिए आंखों की ज्योति जाने में संस्थान की जिम्मेदारी बनती है। इस आधार पर आयोग के अध्यक्ष रमेश कुमार जायसवाल व सदस्य विजयलक्ष्मी थापा व लक्ष्मण सिंह रावत ने संस्थान को पीड़ितों को डेढ़ माह के भीतर मुआवजा देने के आदेश दिए हैं। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।यह भी पढ़ें : ट्रक दुर्घटना में अनाधिकृत सवार यात्री की मौत पर भी इंश्योरेंस कंपनी पर करीब एक करोड़ रुपए जुर्माना-अदालत ने स्वीकार नहीं किया इंश्योरेंस कंपनी का मृतक का ट्रक में अनाधिकृत तौर पर सवार होने का दावा डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 30 अप्रैल 2022। जिला न्यायाधीश राजेंद्र जोशी की अदालत ने एक दुर्घटना के मामले में यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी पर 66 लाख 44 हजार 128 रुपए प्रतिकर देने के आदेश दिए हैं। यह धनराशि याचिका दर्ज होने की तिथि 5 नवंबर 2011 की तिथि से 6 फीसद के ब्याज के साथ देनी होगी। इस प्रकार कुल धनराशि करीब 1 करोड़ रुपए दो माह के भीतर देनी होगी।शनिवार को न्यायालय से हुए इस आदेश के अनुसार प्रतिकर की कुल धनराशि में से मृतक की दो नाबालिग पुत्रियों कनिष्का व उत्कर्षा के नाम पर 15-15 लाख रुपए राष्ट्रीयकृत बैंक में सावधि जमा योजना के तहत जमा किए जाएंगे और इसमें से दोनों को बालिग होने पर 8-8 लाख रुपए एवं 25 वर्ष की होने पर शेष 7-7 लाख रुपए ब्याज सहित मिलेंगे। इसके अलावा 10 लाख रुपए मृतक की मां लीला पांडे को भी मिलेंगे।मामले के अनुसार 18-19 अप्रैल 2017 की रात्रि करीब ढाई बजे टांडा बैरियर से सतबूंगा को मधुमक्खी के छत्ते लेकर जा रहा ट्रक संख्या यूके04सीए-4317 रात्रि करीब ढाई बजे दुत्कानेधार रामगढ़ के पास चालक की लापरवाही से दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। दुर्घटना में ट्रक संख्या मयंक पांडे व भुवन थापा की मृत्यु हो गई थी। मृतक मयंक पांडे की पत्नी मीनाक्षी पाडे ने इस पर जिला न्यायालय में मोटर दुर्घटना प्रतिकर वाद दायर किया था। न्यायालय में बीमा कंपनी की ओर से कहा गया कि मृतक ट्रक में अनाधिकृत यात्री के रूप में सवार थे। इसलिए उनकी मौत बीमा कंपनी की जिम्मेदारी नहीं है। लेकिन इस तर्क को न मानते हुए न्यायालय ने बीमा कंपनी को प्रतिकर चुकाने के आदेश दिए। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता संजय त्रिपाठी, स्वाति परिहार व नागेंद्र बर्गली ने पैरवी की। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।यह भी पढ़ें : सामान घर तक न पहुंचाने पर दुकानदार व ट्रांसपोर्ट कंपनी पर 25-25 हजार का जुर्मानाडॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 18 अप्रैल 2022। उपभोक्ता फोरम ने खरीदे गए सामान को घर तक पहुंचाने का आश्वासन देने के बाद घर न पहुंचाने पर दुकानदार और ट्रांसपोर्ट कंपनी पर अलग-अलग 25-25 हजार रुपए का जुर्माना तथा पीड़ित को उसके द्वारा चुकाई गई कीमत का सामान तथा मानसिक वेदना व क्षतिपूर्ति के लिए 10 हजार रुपए वाद व्यय देने के आदेश सुनाए हैं।यह भी पढ़ें : 'टीम इंडिया' में उत्तराखंड मूल के एक और युवा खिलाड़ी ‘बेबी एबी’-आयुष बड़ोनी की एंट्री, मौका मिलने-खेलने और गंभीर के पूर्व बयान पर चर्चा तेजमामले के अनुसार भराड़ी जिला बागेश्वर निवासी व्यक्ति ने हल्द्वानी स्थित एसवी फर्नीचर नाम की दुकान से जनवरी 2018 में 3 अल्मारियां खरीदी थीं। इन अल्मारियों को ट्रांसपोर्ट नगर स्थित दीप ट्रांसपोर्ट कंपनी के माध्यम से भराड़ी के लिए भिजवाया। लेकिन रास्ते में सामान ला रहा ट्रक दुर्घटनाग्रस्त हो गया। दुकानदार ने क्रेता को दिए बिल और ट्रांसपोर्ट कंपनी की बिल्टी में सामान गंतव्य तक पहुंचाने का खर्चा अलग से वर्णित नहीं किया था।सामान का बीमा न होने के कारण विक्रता ने क्रेता को खरीदा गया सामान देने से इंकार कर दिया। इसके बावजूद उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष रमेश कुमार जायसवाल व सदस्य विजय लक्ष्मी थापा ने कहा कि सामान को गंतव्य तक पहुंचाने का आश्वासन देने के बाद दुर्घटना के कारण भी सामान को नहीं पहुंचा पाने पर दुकानदार व ट्रांसपोर्ट कंपनी अपनी जिम्मेदारी से मुक्त नहीं होते हैं। इसलिए उन्हें जुर्माने की सजा सुनाई गई। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।यह भी पढ़ें : सामान के साथ थैला निःशुल्क न देने पर विशाल मेगा मार्ट को 50 हजार रुपए का जुर्माना-अन्य उपभोक्ताओं पर भी लागू हो सकता है सामान के साथ थैला निःशुल्क देने का नियमडॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 12 अप्रैल 2022। हल्द्वानी स्थित विशाल मेगा मार्ट को सामान की खरीददारी के साथ उसे ले जाने के लिए निःशुल्क थैला न देना और थैले के लिए उपभोक्ताओं से अतिरिक्त धनराशि वसूलना भारी पड़ गया है। उपभोक्ता फोरम ने विशाल मेगा मार्ट पर 50 हजार रुपए का जुर्माना लगा दिया है। इसके अलावा उसे याचिकाकर्ता को इस कारण हुई मानसिक वेदना के लिए 10 हजार एवं वाद व्यय के लिए दो हजार रुपए भी देने होंगे।मामले के अनुसार नगर के बड़ा बाजार निवासी अधिवक्ता नितिन कार्की ने 17 सितंबर 2019 को विशाल मेगा मार्ट हल्द्वानी से कुछ सामान लिया। विशाल की ओर से सामान के साथ निःशुल्क थैला देने से इंकार करने पर नितिन को 8 रुपए का एक थैला भी लेना पड़ा। नितिन ने इस पर उपभोक्ता फोरम में वाद दायर कर कहा कि यह उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 की धारा 2(41) व 2(41)(आईआई) में वर्णित ‘अवरोधक व्यापारिक व्यवहार’ है तथा धारा 2(41)(एफ) में वर्णित अनुचित व्यापारिक व्यवहार की श्रेणी में आता है, क्योंकि उपभोक्ता को उसकी मांग, स्पष्ट इच्छा व व्यक्त आवश्यकता के विपरीत थैला बेचा गया। इस आधार पर न्यायालय ने आरोपित विशाल मेगा मार्ट के मुख्य प्रवर्तन अधिकारी तथा प्रबंधक को 45 दिन के भीतर जुर्माना अदा करने के आदेश दिए हैं।अधिवक्ता कार्की ने कहा कि यह आदेश इस तरह अनावश्यक थैला या खुले पैसों की जगह टॉफी आदि कोई और उत्पाद जबरन बेचने वाले संस्थानों पर भी लागू हो सकता है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।यह भी पढ़ें : 20 रुपए की चॉकलेट के पैकेट खाली निकले, नामी चॉकलेट कंपनी पर पांच लाख का जुर्मानानवीन समाचार, हरिद्वार, 11 अक्टूबर 2021। जिला उपभोक्ता आयोग ने कैडबरी चॉकलेट कम्पनी को उपभोक्ता सेवा में कमी करने का दोषी पाते हुए चॉकलेट के दस पीस की कीमत एक सौ रुपये छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज की के साथ एवं मानसिक प्रताड़ना की एवज में पांच लाख रुपये शिकायतकर्ता को अदा करने के आदेश दिए हैं।शिकायतकर्ता अरुण भदौरिया ने 5 स्टार कैडबरी मोंडलेज इंडिया फूड्स प्राइवेट लिमिटेड मुंबई के खिलाफ एक शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि उसने 15 मार्च 2020 में एक स्थानीय दुकानदार से कैडवरी चॉकलेट के दस पैकेट एक सौ रुपये में खरीदे थे। जब यह पैकेट खोले तो दो पैकेट खाली निकले। इसके बाद उसने स्थानीय दुकानदार से संपर्क किया था तो दुकानदार ने बताया कि उन्हें पैकिंग वाले पैकेट ही मिलते हैं। वैसे ही पैकेट ग्राहकों को बेच देते हैं। इस पर शिकायतकर्ता ने कम्पनी को एक लीगल नोटिस भेजा था। लेकिन उक्त नोटिस का कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला था। इसके बाद शिकायत कर्ता ने आयोग की शरण ली थी। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।यह भी पढ़ें : उपभोक्ता फोरम ने ऑनलाइन कंपनी पर लगाया उत्पाद की कीमत से अधिक का जुर्माना…नवीन समाचार, नैनीताल, 30 अगस्त 2019। उपभोक्ता फोरम ने नई दिल्ली की ऑनलाइन कंपनी-‘मल्टीकेयर सर्जिकल प्रोडक्ट्स कॉर्पोरेशन’ पर ऑनलाइन बिक्री के एक मामले में सेवा में कमी के आरोपों को सही पाते हुए उत्पाद की कीमत से अधिक का जुर्माना लगा दिया है। मामले के अनुसार जनपद के हल्द्वानी पीलीकोठी निवासी नंद किशोर कांडपाल ने उपभोक्ता फोरम में गत 8 मई को फोरम में वाद दायर कर कहा था कि उन्होंने इस कंपनी से 4920 रुपए में एक उत्पाद खरीदा, लेकिन उन्हें दूसरा उत्पाद भेजा गया। इसकी सूचना देने पर कंपनी ने उसे कोरियर से वापस भेजने को कहा। उन्हें उत्पाद वापस भेजा किंतु इसके बाद से कंपनी कीे ओर से न ही उनका वास्तविक उत्पाद भेजा गया, और न ही धनराशि वापस की गयी। उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष यूएस नबियाल व वरिष्ठ सदस्य राजेंद्र परगाई की अदालत ने शुक्रवार को इसे कंपनी की ओर से सेवा में कमी मानते हुए उत्पाद की पूरी कीमत वाद दायर करने से वास्तविक भुगतान की तिथि तक 7 फीसद ब्याज के साथ एवं 5 हजार रुपए परिवाद व्यय के रूप में देने के आदेश दिये हैं।यह भी पढ़ें : महिला के नसबंदी के बावजूद गर्भधारण होने पर जनपद के सीएमओ व चिकित्सा अधिकारी को साढ़े चार लाख से अधिक का जुर्मानानवीन समाचार, हरिद्वार, 10 अप्रैल 2021। जिला उपभोक्ता आयोग ने नसबंदी के बाद भी महिला के गर्भधारण करने पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद बहादराबाद के चिकित्सा अधिकारी व हरिद्वार जनपद के मुख्य चिकित्सा अधिकारी को उपभोक्ता सेवा में कमी करने का दोषी पाया है, और उन्हें शिकायतकर्ता महिला को मुआवजे के रूप में साढ़े चार लाख रुपये, मानसिक क्षतिपूर्ति के रूप में 10 हजार रुपये और शिकायत खर्च व अधिवक्ता फीस के रूप में पांच हजार रुपये देने के आदेश दिए हैं।मामले के अनुसार प्रतिभा पत्नी अर्जेस निवासी ग्राम शिवदासपुर उर्फ तेलीवाला रुड़की ने चिकित्सा अधिकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बहादराबाद व मुख्य चिकित्सा अधिकारी जनपद हरिद्वार के खिलाफ एक शिकायत दायर की थी। शिकायत में बताया था कि उसने स्थानीय अस्पताल में नसबंदी का ऑपरेशन कराया था। चिकित्सक ने उसे नसबंदी ऑपरेशन के बाद कभी भी गर्भधारण नहीं होने का आश्वासन दिया था। लेकिन नसबंदी ऑपरेशन के बावजूद भी उसका गर्भ धारण हो गया था, जबकि शिकायतकर्ता महिला के पूर्व में छह बच्चे हैं। नसबंदी के बाद पैदा हुए बच्चे के भविष्य व शिक्षा पर आर्थिक बोझ बढ़ने की चिंता जाहिर की। इस पर शिकायतकर्ता ने दोनों अधिकारियों से मुआवजे की मांग की थी। शिकायत की सुनवाई करने के बाद आयोग अध्यक्ष कंवर सेन, सदस्य विपिन कुमार व अंजना चड्ढा ने दोनों स्वास्थ्य अधिकारियों को उपभोक्ता सेवा में कमी व लापरवाही बरतने का दोषी ठहराया है।Share this: Click to share on Facebook (Opens in new window) Facebook Click to share on X (Opens in new window) X Click to share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading...Related Post navigationअब नैनीताल से सीधे कीजिये पवित्र शालिग्राम वाले नेपाल के मुक्तिनाथ धाम के 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