EnglishInternational Phonetic Alphabet – SILInternational Phonetic Alphabet – X-SAMPASystem input methodCTRL+MOther languagesAbronAcoliадыгэбзэAfrikaansअहिराणीajagbeBatak AngkolaአማርኛOboloالعربيةঅসমীয়াаварتۆرکجهᬩᬮᬶɓasaáBatak Tobawawleбеларускаябеларуская (тарашкевіца)Bariروچ کپتین بلوچیभोजपुरीभोजपुरीẸdoItaŋikomBamanankanবাংলাབོད་ཡིག།bòo pìkkàbèromबोड़ोBatak DairiBatak MandailingSahap Simalunguncakap KaroBatak Alas-KluetbuluburaብሊንMə̀dʉ̂mbɑ̀нохчийнchinook wawaᏣᎳᎩکوردیAnufɔЧăвашлаDanskDagbaniдарганdendiDeutschDagaareThuɔŋjäŋKirdkîडोगरीDuáláÈʋegbeefịkẹkpeyeΕλληνικάEnglishEsperantoفارسیmfantseFulfuldeSuomiFøroysktFonpoor’íŋ belé’ŋInternational Phonetic AlphabetGaगोंयची कोंकणी / Gõychi Konknni𐌲𐌿𐍄𐌹𐍃𐌺𐌰 𐍂𐌰𐌶𐌳𐌰ગુજરાતીfarefareHausaעבריתहिन्दीछत्तीसगढ़ी𑢹𑣉𑣉HoHrvatskiհայերենibibioBahasa IndonesiaIgboIgalaгӀалгӀайÍslenskaawainAbꞌxubꞌal PoptiꞌJawaꦗꦮქართული ენაTaqbaylit / ⵜⴰⵇⴱⴰⵢⵍⵉⵜJjuадыгэбзэ (къэбэрдеибзэ)KabɩyɛTyapkɛ́nyáŋGĩkũyũҚазақшаភាសាខ្មែរಕನ್ನಡ한국어kanuriKrioकॉशुर / 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persuasion, the market of discussions is hot) लोकसभा चुनाव-2024 से पहले क्या उत्तराखंड की राजनीति में कोई बड़ा उलटफेर होगा। अपनी इस अलग तरह की कार्यशैली के लिए पहचानी जाने लगी भाजपा उत्तराखंड में कांग्रेस को पस्त करने के लिए कोई बड़ा दांव चलेगी। यह भी पढ़ें : मुलाकातों से नेतृत्व पर सवाल उठाने वाले कांग्रेस विधायक की भाजपा में घर वापसी की चर्चाएं हुईं तेज… क्या नैनीताल सीट पर भाजपा अपने सांसद प्रत्याशी के लिए मौजूदा केंद्रीय मंत्री अजय भट्ट के नाम पर कोई समझौता कर सकती है ? यह सवाल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, पूर्व काबीना मंत्री तिलक राज बेहड़ की पहले स्वयं अजय भट्ट और अब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात के बाद तेजी से उठ रहे हैं। यह भी पढ़ें : नैनीताल बड़ी दुर्घटना: बिजली की 11 हजार वोल्ट की हाईटेंसन लाइन पर करंट लगने से लाइनमैन की मौत…बताया जा रहा है कि एक दौर में कांग्रेस शासनकाल में स्वयं को उपमुख्यमंत्री बताने वाले पूर्व मंत्री व 5 बार के विधायक तथा पंजाबी समुदाय के नेता के रूप में पहचाने जाने वाले बेहड़ इन दिनों हताशा के दौर में हैं। वह रुद्रपुर के कांग्रेस नगर अध्यक्ष को हटाने और उनकी बात अनसुनी करने को लेकर पार्टी नेतृत्व से नाराज हैं। यह भी पढ़ें : चर्चित सामिया लेक सिटी के निदेशक गिरफ्तार, मालिक के खिलाफ लुक आउट नोटिस…चर्चा यह भी है कि काफी समय से स्वास्थ्य कारणों से परेशान चल रहे बेहड़ अपने बेटों को अपनी जगह राजनीति में प्रतिस्थापित करना चाहते हैं। जबकि स्वयं वह पिछले एक वर्ष में कुछ नहीं कर पाए हैं। पहले भी दलबदल कर चुके बेहड़ को अब कांग्रेस में कोई भविष्य नजर नहीं आ रहा है। यह भी पढ़ें : फैजल ने राहुल बनकर युवती के साथ दोस्ती का जाल फेंककर की उसकी फोटो वायरल, फिर लड़की ने जो किया….मेरा हमेशा से काम करने में विश्वास रहा है, पहले जिस पार्टी में था वहां ईमानदारी से काम किया और 20 सालों से कांग्रेस का तराई में झंडा बुलन्द किया हुआ है, बावजूद कांग्रेस संगठन ने मुझे पिछले कुछ दिनों से अहमियत देना बन्द किया है लेकिन मैं कांग्रेस के टिकट से विधायक चुनकर आया हूँ, pic.twitter.com/dpMb7PcFpF— Tilak Raj Behar तिलक राज बेहड़ (@TilakRajBehar) April 10, 2023 बेहड़ का कहना है कि उन्हें बीमार बताकर पार्टी ने उन्हें जिम्मेदारियों से वंचित रखा, लेकिन उन्हें बीमारी में देखने भी कोई कांग्रेसी नहीं आया। यहां तक कि प्रदेश अध्यक्ष रुद्रपुर आने के बाद भी उनसे मिलने नहीं आए। जबकि भाजपा नेता लगातार उनका हालचाल लेते रहे। यह भी पढ़ें : बड़ा समाचार: उत्तराखंड उच्च न्यायालय के चार लोग बनेंगे न्यायाधीश…ऐसी आम चर्चाएं भी हैं कि इन स्थितियों में बेहड़़ खुद भाजपा में जाना चाहते हैं। सूत्र यह भी कह रहे हैं कि बेहड़ इस कारण अपने चहेतों से स्वयं भाजपा में जाने की खबरें उड़ा रहे हैं, ताकि भाजपा उन्हें ले ले, या कांग्रेस में उनकी पूछ हो। उन्होंने स्वयं केंद्रीय मंत्री अजय भट्ट व मुख्यमंत्री धामी से मुलाकातों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर डालीं। उधर, शहर में एक अन्य पूर्व विधायक के भी धुर विरोधी विचारधारा वाली दूसरी पार्टी में जाने की चर्चाएं हैं। यह भी पढ़ें : शोक समाचार: अनेकों पहचानों वाले केसी पंत नहीं रहे..यह भी प्रचारित किया जा रहा है कि वह भाजपा से खुद के लिए सांसद एवं बेटे के लिए विधायक का टिकट चाहते हैं, जबकि भाजपा द्वारा खासकर सांसद का टिकट उन्हें दिए जाने की संभावना शून्य के बराबर ही है। अलबत्ता, भाजपा भी तोल रही है कि उनसे पार्टी को कितना लाभ मिलेगा। यह भी पढ़ें : पत्रकारिता विभाग के तीन विद्यार्थियों सहित कई ने उत्तीर्ण की नेट परीक्षा, कांग्रेसियों ने दी बाबा साहेब को श्रद्धांजलि‘नवीन समाचार’ की ओर से पाठकों से विशेष अपील:3 जून 2009 से संचालित उत्तराखंड का सबसे पुराना डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘नवीन समाचार’ अपने आरंभ से ही उत्तराखंड और देश-दुनिया की सटीक, निष्पक्ष और जनहित से जुड़ी खबरें आप तक पहुँचाने का प्रयास करता आ रहा है। हिंदी में विशिष्ट लेखन शैली हमारी पहचान है। हमारा उद्देश्य केवल समाचार देना नहीं, बल्कि समाज की वास्तविक आवाज को मजबूती से सामने लाना, स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता देना और हिंदी पत्रकारिता को जीवित रखना है। हमारे प्रत्येक समाचार एक लाख से अधिक लोगों तक और हर दिन लगभग 10 लाख बार पहुंचते हैं। आज के समय में स्वतंत्र और निर्भीक पत्रकारिता को बनाए रखना आसान नहीं है। डिजिटल मंच पर समाचारों के संग्रह, लेखन, संपादन, तकनीकी संचालन और फील्ड रिपोर्टिंग में निरंतर आर्थिक संसाधनों की आवश्यकता होती है। ‘नवीन समाचार’ किसी बड़े कॉर्पोरेट या राजनीतिक दबाव से मुक्त रहकर कार्य करता है, इसलिए इसकी मजबूती सीधे-सीधे पाठकों के सहयोग से जुड़ी है। ‘नवीन समाचार’ अपने सम्मानित पाठकों, व्यापारियों, संस्थानों, सामाजिक संगठनों और उद्यमियों से विनम्र अपील करता है कि वे विज्ञापन के माध्यम से हमें आर्थिक सहयोग प्रदान करें। आपका दिया गया विज्ञापन न केवल आपके व्यवसाय या संस्थान को व्यापक पाठक वर्ग तक पहुँचाएगा, बल्कि स्वतंत्र पत्रकारिता को भी सशक्त बनाएगा। अग्रिम धन्यवाद। बेहड़ ने इधर दो दिन पूर्व बेहड़ ने दो दिन पूर्व यानी 13 अप्रैल को पंतनगर एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री धामी से मुलाकात की है। बेहड़ ने इस मुलाकात पर कहा, उन्होंने अपनी विधानसभा किच्छा की कई योजनाओं की स्वीकृति दिए जाने के दृष्टिगत पन्तनगर एयरपोर्ट पर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर धामी जी से भेंट की और उन्हें जनसरोकार से जुड़े कई बिन्दुओं पर पत्र भी सौंपा’। यह भी पढ़ें : बाबा नीब करौरी, जिन्होंने नैनीताल की फल पट्टी के सेब को चख कर बना दिया दुनिया का ‘एप्पल’, बाबा व उनके कैंची धाम के बारे में पूरी जानकारीइनके अलावा हालिया दिनों में बेहड़ से कांग्रेस नेता व पूर्व सीएम हरीश रावत व कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने भी मुलाकात की है। जबकि इससे पहले बेहड़ के अपनी पार्टी के प्रति सुरों में तल्खी देखी गई थी। यह भी पढ़ें : इस लंबे सप्ताहांत नैनीताल-कैंची आना हो तो जरूर देखें प्रशासन का नया ट्रैफिक प्लान…जबकि राजनीतिक हल्कों में एक बार फिर अटकलों का बाजार गर्म हो गया है। मुख्यमंत्री धामी के साथ बेहड़ की मुलाकात कई राजनीतिक मायने भी निकल कर सामने आ रहे हैं। चर्चा है कि खराब स्वास्थ्य से गुजर रहे बेहड़ भाजपा में घर वापसी कर सकते हैं। यह भी पढ़ें : युवती को दूसरे धर्म के युवक द्वारा भगाने के बाद गांव में तनाव का माहौल, भारी संख्या में पुलिस बल तैनात….उल्लेखनीय है कि बेहड़ कांग्रेस और भाजपा में संगठन और सत्ता के ऊंचे पदों पर रह चुके हैं। पूर्व में रुद्रपुर विधानसभा से वह वर्ष 1993 और 1996 में दो बार भाजपा के टिकट पर चुनाव जीते थे। हालांकि, 1991 के चुनाव में उन्हें इसी सीट पर कांग्रेस के दिग्गज नेता नारायण दत्त तिवारी के सामने हार का मुंह देखना पड़ा था। यह भी पढ़ें : कबाड़ी ने विधवा महिला के साथ ही उसके चार नाबालिग बच्चों का भी धर्मांतरण करा दिया…बाद में बेहड़ कांग्रेस में शामिल हो गए थे। इसके पश्चात वर्ष 2002 और 2007 का विधानसभा चुनाव उन्होंने रुद्रपुर सीट से कांग्रेस के टिकट पर लड़ा और दोनों में जीत भी हासिल की। वर्ष 2012 और 2017 में रुद्रपुर विधानसभा सीट पर बेहड़ हारे तो वर्ष 2022 में हुए विधानसभा चुनाव में वह कांग्रेस के ही टिकट पर किच्छा सीट से विजयी हुए। आगे देखने वाली बात यह होगी कि पूर्व से ही दल बदलने का इतिहास रखने वाले बेहड़ का राजनीतिक ऊंट आगामी लोक सभा चुनाव तक किस करवट बैठेगा। यह भी पढ़ें : धनी बनना चाहते हैं तो जानें बाबा नीब करौरी द्वारा बताए धनी बनने के तीन उपाय(डॉ. नवीन जोशी) आज के अन्य नवीन समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।Share this: Click to share on Facebook (Opens in new window) Facebook Click to share on X (Opens in new window) X Click to share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading...Related Post navigationपत्रकारिता विभाग के तीन विद्यार्थियों सहित कई ने उत्तीर्ण की नेट परीक्षा, कांग्रेसियों ने दी बाबा साहेब को श्रद्धांजलि शराब पर करम-स्कूलों पर रहम, होम स्टे योजना व हाईवे किनारे के निर्माणों पर नए नियम, धामी कैबिनेट में 21 प्रस्तावों पर मुहर…