नवीन समाचार, हरिद्वार, 1 फरवरी 2026 (Firing-Sant Ravidas Jayanti)। उत्तराखंड (Uttarakhand) के जनपद हरिद्वार (Haridwar District) के रुड़की (Roorkee) क्षेत्र अंतर्गत भगवानपुर (Bhagwanpur) थाना क्षेत्र के बिनारसी गांव (Binarasi Village) में संत रविदास जयंती (Sant Ravidas Jayanti) के अवसर पर निकली शोभायात्रा और भंडारे के बाद उत्पन्न विवाद ने गंभीर कानून-व्यवस्था की स्थिति पैदा कर दी। दो पक्षों के बीच हुई कहासुनी देखते ही देखते हिंसक संघर्ष में बदल गई, जिसमें अवैध हथियारों से फायरिंग और पथराव हुआ। इस घटना में एक युवक की गोली लगने से मृत्यु हो गई, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद गांव में तनाव व्याप्त है और एहतियातन भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
घटना का पूरा क्रम और पृष्ठभूमि
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार को बिनारसी गांव में संत रविदास जयंती के उपलक्ष्य में शोभायात्रा निकाली गई थी, जिसके बाद भंडारे का आयोजन हुआ। भंडारा समाप्त होने के बाद गांव निवासी आनंद (Anand) (उम्र लगभग 27–28 वर्ष) उसका भाई विशाल (Vishal) (उम्र 25 वर्ष), योगेंद्र घाघा (Yogendra Ghagha) (उम्र 23–27 वर्ष), गगनदीप (Gagandeep) और जोनी (Joni) शौच के लिए जंगल की ओर जा रहे थे। इसी दौरान गांव के दूसरे पक्ष के लोगों से किसी बात को लेकर नोकझोंक हो गई।
बताया गया है कि दोनों पक्षों के बीच वर्ष 2022 में हुए पंचायत चुनाव में प्रधान पद को लेकर पुरानी रंजिश चली आ रही है। विवाद बढ़ने पर दूसरे पक्ष की ओर से लगभग 30 से 35 लोग अवैध हथियारों के साथ मौके पर पहुंचे और ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। फायरिंग में आनंद को पेट के पास गोली लगी, जिससे उसकी घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई।
वहीं, विशाल को गोली लगी, योगेंद्र के चेहरे के पास छर्रे लगे और गगनदीप के पैर में गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके अतिरिक्त जोनी के सिर पर तमंचे की बट से प्रहार किया गया, जिससे वह भी घायल हुआ। सभी घायलों को उपचार के लिए चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है, जिनमें से एक घायल को उच्च चिकित्सालय के लिए संदर्भित किया गया है।
आक्रोश, आगजनी और प्रशासन की चुनौती
घटना के बाद गांव में भारी आक्रोश फैल गया। गुस्साई भीड़ ने मुख्य आरोपित के मकान में आग लगा दी, जिसमें दो मोटरसाइकिल सहित घर का सामान जलकर नष्ट हो गया। इसके अलावा सात से दस घरों में तोड़फोड़ की गई। भय के कारण कई परिवारों को अपने घर छोड़ने पड़े। आक्रोशित भीड़ ने कई घंटों तक शव को उठाने नहीं दिया, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई।
सूचना मिलने पर भगवानपुर थाना प्रभारी निरीक्षक सूर्यभूषण नेगी (Suryabhushan Negi) पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। स्थिति नियंत्रण से बाहर होती देख पीएसी (PAC) तथा आसपास के थानों से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। पुलिस ने आरोपितों को भीड़ से बचाने के लिए एक स्थान पर सुरक्षित रखा। जब पुलिस आरोपितों को हिरासत में लेकर जाने लगी, तो भीड़ ने पुलिस टीम पर हमला करने का प्रयास भी किया।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की प्रक्रिया
एसपी देहात शेखर सुयाल (SP Rural Shekhar Suyal) भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने अब तक पांच आरोपितों को हिरासत में लिया है और मामले में अभियोग पंजीकृत कर जांच प्रारंभ कर दी गई है। एसपी देहात के अनुसार, एक युवक की मृत्यु हुई है और कई लोग घायल हैं। फिलहाल पुलिस का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखना है और किसी भी व्यक्ति को माहौल बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
सामाजिक प्रभाव और व्यापक संदर्भ
यह घटना यह प्रश्न खड़ा करती है कि धार्मिक और सामाजिक आयोजनों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कितनी प्रभावी है और पुरानी रंजिशें किस प्रकार अचानक हिंसा का रूप ले सकती हैं। यह मामला कानून-व्यवस्था, पंचायत चुनावों के बाद सामाजिक तनाव, अवैध हथियारों की उपलब्धता और ग्रामीण क्षेत्रों में शांति बनाए रखने की प्रशासनिक जिम्मेदारी जैसे महत्वपूर्ण विषयों से जुड़ा है। आने वाले समय में ऐसे आयोजनों के लिए पूर्व सुरक्षा योजना और संवाद की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।















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