UK Govt Decision on Increment (High Court Instruct for Rules for Regularization) (High Court Rejects Review Petition on Regulariza (High Court dismissed review petition challenged
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देर से कार्यालय पहुंचने पर चेतावनी, छुट्टी कटौती और कार्रवाई का प्रावधान

नवीन समाचार, देहरादून, 15 मई 2025 (Strictness on Lateness in Government Offices for)उत्तराखंड के सभी सरकारी कार्यालयों में अधिकारियों और कर्मचारियों की समय पालन की अनदेखी नहीं चलेगी। राज्य सरकार ने बायोमीट्रिक उपस्थिति अनिवार्य करते हुए स्पष्ट किया है कि महीने में तीन दिन तक देर से आने पर क्रमशः मौखिक व लिखित चेतावनी और एक दिन का आकस्मिक अवकाश काटा जाएगा, जबकि चौथी बार देर होने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

एक मई से सभी सरकारी कार्यालयों में अधिकारियों व कर्मचारियों की बायोमीट्रिक हाजिरी अनिवार्य

बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली क्या है? | अक्रिविया एचसीएममुख्य सचिव आनंदबर्द्धन ने एक मई से सभी सरकारी कार्यालयों में अधिकारियों व कर्मचारियों की बायोमीट्रिक उपस्थिति को अनिवार्य कर दिया है। अब सचिवालय प्रशासन विभाग की ओर से इस पर सख्ती बरतने के निर्देश दिये गये हैं। सचिव विनोद कुमार सुमन की ओर से सभी प्रमुख सचिव, विशेष सचिव, सचिव, मंडलायुक्त, विभागाध्यक्ष और जिलाधिकारियों को इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है।

आदेश में कहा गया है कि सभी अधिकारी व कर्मचारी कार्यालय समय से पहले बायोमीट्रिक हाजिरी लगाएंगे। प्रतिदिन नामित अधिकारी प्रातः 10:15 बजे तक बायोमीट्रिक हाजिरी का विवरण संकलित कर देरी से पहुंचने वालों की सूची बनाकर उनके विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे। सचिवालय के अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए यह समय 9:45 बजे निर्धारित किया गया है।

अनुमन्य अवकाश यात्रा सुविधा में हुआ संशोधन

उत्तराखंड सरकार ने राज्य के कर्मचारियों के लिए अनुमन्य अवकाश यात्रा सुविधा की शर्तों में संशोधन किया है। अब 5400 ग्रेड वेतन तक के अधिकारी व कर्मचारी रेल यात्रा के साथ वायुयान से भी यात्रा कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त उपार्जित अवकाश की न्यूनतम सीमा 15 दिन से घटाकर 5 दिन कर दी गई है।

(Strictness on Lateness in Government Offices for)उत्तराखंड राज्य के चारधाम व क्षेत्रीय पर्यटक स्थलों की यात्रा के लिए अनिवार्य करने की मांग (Strictness on Lateness in Government Offices for)

हालांकि सचिवालय संघ का कहना है कि सरकार से जो मांगें रखी गई थीं, वे पूर्ण रूप से पूरी नहीं की गई हैं। संघ ने चार अनुमन्य अवकाश यात्रा सुविधाओं में से एक को उत्तराखंड राज्य के चारधाम व क्षेत्रीय पर्यटक स्थलों की यात्रा के लिए अनिवार्य करने की मांग की है। साथ ही भारत सरकार की “देखो अपना देश” योजना के तहत भी राज्य कर्मचारियों को जोड़े जाने की मांग की गई है।

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संघ के अनुसार, इससे कर्मचारियों में राज्य की संस्कृति व तीर्थ स्थलों के प्रति भावनात्मक जुड़ाव तो बढ़ेगा ही, साथ ही उत्तराखंड की आंतरिक पर्यटन व्यवस्था को भी बल मिलेगा। इस प्रस्ताव पर शासन स्तर पर विचार किया जा रहा है। (Strictness on Lateness in Government Offices for)

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By डॉ.नवीन जोशी

डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, 'कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन 'नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड' के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें। नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।

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