उत्तराखंड के चकराता क्षेत्र के 18 गांवों में 15 साल बाद हुई बर्फबारी, नैनीताल-मसूरी में पर्यटन बढ़ा, पर ठंड के साथ समस्याएं भी बढ़ीं…

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नवीन समाचार, देहरादून, 24 जनवरी 2026 (Snowfall after 15 Years)। उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में बसंत पंचमी के दिन मौसम ने अप्रत्याशित करवट ली। खासकर चकराता क्षेत्र में, जहां आसपास के करीब 18 गांवों में लगभग 15 वर्षों बाद बर्फबारी (Snow Fall After 15 Years) दर्ज की गई, जिससे शीत ऋतु के समापन और बसंत ऋतु के आगमन के दिन प्रकृति का दुर्लभ संयोग (Snow fall After Winters-On Basant Panchami) देखने को मिला। लंबे समय से हिमपात (Snow Fall) की प्रतीक्षा कर रहे ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई, वहीं बर्फबारी के कारण ठंड बढ़ने, मार्ग अवरुद्ध होने और जनजीवन प्रभावित होने की स्थिति भी सामने आई। देखें संबंधित वीडिओ-नैनीताल में बर्फबारी के बाद कैसे हैं हालात : 

 

15 वर्षों का इंतजार समाप्त, बर्फ से ढके गांवों में उत्साह और नई उम्मीद

चकराता क्षेत्र के साहिया परिक्षेत्र में ठाणा, टुंगरा, बिरमऊ, उपरोली, फटेऊ, ईच्छला, पानुवा डामटा, थैत्योऊ, झुसौ भाकरौऊ, बमराड़, कोठा तारली, हाजा दसऊ, कितरौली, डाडूवा और उभरेऊ सहित लगभग 18 गांवों में शुक्रवार सुबह बर्फबारी शुरू हुई। जिन गांवों में करीब डेढ़ दशक से सर्दियों में हिमपात नहीं हुआ था, वहां चारों ओर बर्फ की सफेद चादर बिछ गई। ग्रामीणों ने नाच-गाकर खुशियां मनाईं और कहा कि लंबे समय से ऐसा लग रहा था मानो प्रकृति उनसे रूठ गई हो।

ग्रामीणों के अनुसार, बीते वर्षों में उनके क्षेत्र में ग्लोबल वार्मिंग (Global Warming) का असर साफ दिख रहा था और सर्दियों में भी बर्फ नहीं गिर रही थी। ऐसे में अचानक हुई बर्फबारी ने न केवल भावनात्मक राहत दी, बल्कि भविष्य को लेकर उम्मीद भी जगाई है।

कृषि और बागवानी के लिए वरदान मानी जा रही बर्फबारी

ग्रामीणों का कहना है कि लंबे इंतजार के बाद हुई यह बर्फबारी कृषि के लिए लाभकारी सिद्ध होगी। बर्फ से भूमि में नमी बढ़ेगी, जिससे फसलों और बागवानी को संजीवनी मिलेगी। इससे पारंपरिक खेती के साथ-साथ सेब और अन्य फलोत्पादन को भी लाभ मिलने की संभावना जताई जा रही है।

धनोल्टी और बुरांशखंडा में छह इंच से अधिक बर्फ

धनोल्टी और बुरांशखंडा क्षेत्रों में छह इंच से अधिक बर्फ गिरने की सूचना है। कालसी तहसील के देऊ गांव में भी लगभग 15 वर्ष बाद बर्फबारी हुई, जहां पूरा इलाका सफेद चादर में ढका नजर आया।

पर्यटन को मिली नई रफ्तार, होटल व्यवसायियों को उम्मीद

होटल और पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों का कहना है कि लंबे समय से पर्यटकों का आवागमन कम था और सैलानी फोन कर यह पूछते रहते थे कि बर्फबारी कब होगी। होटल व्यवसाय से जुड़े रोहन राणा के अनुसार, अब उम्मीद है कि पर्यटक चकराता और आसपास के पर्यटन स्थलों की ओर रुख करेंगे, जिससे स्थानीय कारोबार को गति मिलेगी।

मसूरी और नैनीताल में भी बढ़ी पर्यटकों की आमद

हिमपात की सूचना मिलते ही शुक्रवार दोपहर बाद से मसूरी में पर्यटकों की संख्या तेजी से बढ़ी। माल रोड और बाजारों में पर्यटक बर्फ के गोले खेलते और यादगार पलों को कैमरों में कैद करते दिखे। भीड़ और यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड पर रहा। कोतवाल देवेंद्र चौहान ने बताया कि देहरादून से अतिरिक्त पुलिस बल मंगाया गया है।

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(Snowfall After 15 Years) बर्फ के नजारे देखने नैनीताल में उमड़ा पर्यटकों का हुजूम, होटल और गेस्ट हाउस  पूरी तरह पैक - tourists rush in nainital to see the snowfall
बर्फ के नजारे देखने नैनीताल में उमड़ा पर्यटकों का हुजूम,

नैनीताल में शुक्रवार को पूरे उत्तराखंड में बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के बाद शनिवार को ठंडी हवाओं के बीच धूप खिली। निचले क्षेत्रों की बर्फ बारिश के साथ पिघल गई, जबकि ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ जमी रही। बर्फबारी के बाद नैनीताल में सुबह से ही सैलानियों का उमड़ना शुरू हो गया। होटल, गेस्ट हाउस और होम स्टे भरने लगे हैं। किलबरी मार्ग पर हिमालय दर्शन और सत्यनारायण मंदिर के आगे के मोड़ तक पर्यटक बर्फ में खेलने पहुंच रहे हैं। नैना पीक क्षेत्र में सर्वाधिक बर्फबारी दर्ज की गई है, जहां छायाकार और प्रकृति प्रेमी भी पहुंचे।

ठंड बढ़ी, मार्ग अवरुद्ध और व्यवस्थाएं प्रभावित

बर्फबारी के कारण ठंड में भारी वृद्धि हुई है, जिससे लोगों का घर से निकलना कठिन हो गया। कई स्थानों पर मार्ग अवरुद्ध हो गये। भवाली-रामगढ़ मार्ग पर गागर क्षेत्र में रात के समय कई वाहन फंस गये, जिन्हें प्रशासन ने जेसीबी की सहायता से बर्फ हटाकर बाहर निकाला।

नैनीताल के मल्लीताल क्षेत्र में बारिश के बाद से विद्युत आपूर्ति बाधित है, जिसके कारण पेयजल आपूर्ति और इंटरनेट सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं। इससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों को भी असुविधा का सामना करना पड़ा।

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मौसम विभाग का पूर्वानुमान और आगे की स्थिति

भारत मौसम विभाग के अनुसार नैनीताल का अधिकतम तापमान 11 और न्यूनतम 4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। विभाग ने अगले तीन दिनों तक बादलों की मौजूदगी बने रहने और 27-28 जनवरी को पुनः बारिश की संभावना जताई है।

यह बर्फबारी जहां एक ओर पर्यटन और कृषि के लिए नई उम्मीद लेकर आई है, वहीं दूसरी ओर यह प्रशासन के लिए यातायात, विद्युत और पेयजल व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती भी बन गई है। ऐसे में यह प्रश्न भी उठता है कि बढ़ते पर्यटक दबाव के बीच आपदा प्रबंधन और बुनियादी सेवाओं को कितनी तेजी से सामान्य किया जा सकेगा।

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