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वन्य प्राणी सप्ताह : वन्य प्राणी सप्ताह के दौरान आयोजित हुई प्रतियोगिताओं के विजेता हुए पुरस्कृत

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डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 7 अक्टूबर 2021। नैनीताल प्राणी उद्यान में चल रहे वन्य प्राणी सप्ताह के समापन अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को मुख्य अतिथि वन संरक्षक दक्षिणी कुमाऊँ वृत्त कुबेर सिंह बिष्ट, चिड़ियाघर के निदेशक टीआर बीजूलाल एवं सेंट मैरी कॉंवेन्ट कॉलेज की प्रधानाचार्य सिस्टर मन्जुषा के हाथों पुरस्कृत किया गया।

इस दौरान मैराथन दौड़ के लिए स्नेहल बिष्ट, ललित व नितिन कुमार तथा ज्योति फर्त्याल, बीना बसेड़ा व गरिमा शर्मा, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता के लिए मोहन लाल साह बाल विद्या मंदिर, बिशप शॉ इंटर कॉलेज व सेंट मेरी कॉन्वेंट स्कूल, चित्रकला प्रतियोगिता के लिए पहले समूह में प्रतिभा बिष्ट, हिमानी कार्की, हर्षित जोशी, अभिषेक आर्या व यशस्वी साह, दूसरे समूह में हर्षित कुमार, राहुल आर्या, विदूषी साह, पावनी शर्मा व ऋचा पांडे, वाद-विवाद प्रतियोगिता के लिए इषिता बिष्ट, हर्षिता चौधरी, निहारिका नेगी, गर्विता कांडपाल, मानस पछाई व पारस बोहरा, एकल अभिनय नाटक प्रतियोगिता के लिए मोहन लाल साह बाल विद्या मंदिर, सेंट मेरीज, सरस्वती बाल विद्या मंदिर व निशांत स्कूल तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए सेंट मेरीज, बाल विद्या मंदिर, सरस्वती बाल विद्या मंदिर व भारतीय शहीद सैनिक विद्यालय को पुरस्कृत किया गया।

नैनीताल वन प्रभाग एवं नैनीताल प्राणी उद्यान के उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों7कर्मचारियों को एवं किंग कोबरा के संरक्षण में सहयोग करने वाले ग्रामीणों को भी पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर वन क्षेत्राधिकारी अजय रावत, दीपक कुमार तिवारी, धरम सिंह बोनाल, अंर्तराष्ट्रीय धावक हरीश तिवारी, जिज्ञासु डोलिया, चंदन नयाल, ममता चन्द, अरविंद कुमार व आनंद सिंह आदि कर्मचारी उपस्थित रहे। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : नाटक प्रतियोगिता में बाल विद्या मंदिर रहा प्रथम

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 5 अक्टूबर 2021। वन्य प्राणी सप्ताह-2021 के तहत मंगलवार को पांचवे दिन प्राणी उद्यान यानी नैनीताल चिड़ियाघर के के सभागार में वन्यजीव संरक्षण से संबंधित नाटक मंचन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में 6 विद्यालयों के 36 छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया।

नाटक प्रतियोगिता में वन्य जीवों की भूमिका में बच्चे।

वन्य जीव संरक्षण से संबंधित नाटक मंचन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान नगर मोहन लाल साह बाल विद्या मंदिर, नैनीताल, द्वितीय स्थान सैंट मैरी कॉंवेट, तृतीय स्थान सरस्वती बाल विद्या मंदिर को मिला, जबकि राष्ट्रीय शहीद सैनिक स्मारक विद्यापीठ-निशांत स्कूल को सांत्वना पुरस्कार हेतु चुना गया। कार्यक्रम के निर्णायक प्रसिद्ध रंगकर्मी व कलाकार अनिल घिल्डियाल रहे। संचालन डॉ. रजनी रावत ने किया। दूसरी ओर वन्य प्राणी सप्ताह के तहत मंगलार को 363 बच्चों को चिड़ियाघर में निःशुल्क प्रवेश दिया गया।

इस अवसर पर चिड़ियाघर के निदेशक टीआर बीजूलाल, वन क्षेत्राधिकारी अजय रावत, उप वन क्षेत्राधिकारी दीपक तिवारी, पूर्व वन क्षेत्राधिकारी मनोज साह, धरम सिंह बोनाल, पुष्कर मेहरा, महेश बोरा, खजान मिश्रा, राजेंद्र जोशी व आनंद सिंह सहित चिड़ियाघर के समस्त उपस्थित रहे। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : स्वतंत्रता दिवस पर नैनीताल चिड़ियाघर में आयोजित हुई प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता, विजेताओं की हुई घोषणा

प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता के विजेता को पुरस्कृत करते वनाधिकारी।

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 14 अगस्त 2021। 75वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर नैनीताल प्राणी उद्यान के सभागार में प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में प्रथम विजेता दिनेश बिष्ट, द्वितीय विजेता उत्कर्ष सती व तृतीय विजेता दीवान सिंह रहे। साथ ही दक्षिता जोशी को विशेष पुरस्कार प्रदान किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वन संरक्षक दक्षिणी कुमाऊँ नैनीताल कुबरे सिंह बिष्ट ने सभी को 75वें स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी तथा कार्यक्रम में प्रतिभाग करने वाले समस्त प्रतिभागियों के प्रयासों की सराहना की। ओपन वर्ग में आयोजित प्रतियोगिता में कुल 93 प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया। प्रतियोगिता में भारतीय इतिहास, राजनीति, साहित्य, खेल, संस्कृति आदि से संबंधित प्रश्न पूछे गए। कार्यक्रम का संचालन बोटनिस्ट डॉ. रंजनी रावत व देवेन्द्र बिष्ट ने किया।

इस अवसर पर प्रभागीय वनाधिकारी व प्राणी उद्यान के निदेशक टीआर बीजूलाल, वन क्षेत्राधिकारी अजय रावत, दीपक तिवारी, धरम सिंह बोनाल, महेश बोरा, पुष्कर मेहरा, खजान मिश्रा, राजेंद्र जोशी, अनुज कांडपाल व आनंद सिंह सहित प्राणी उद्यान के समस्त कर्मचारी उपस्थित रहे।

यह भी पढ़ें : स्वतंत्रता दिवस पर चिड़ियाघर में होगी क्विज प्रतियोगिता

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 6 अगस्त 2021। आगामी 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यालय स्थित नैनीताल प्राणी उद्यान यानी चिड़ियाघर के सभागार में क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया जायेगा। प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने के इच्छुक प्रतिभागी पांच से 13 अगस्त की शाम पांच बजे तक नैनीताल प्राणी उद्यान की बेबसाईट www.nainitalzoo.org.in/registration.php पर पंजीकरण कर सकते है।

चिड़ियाघर के निदेशक बीजूलाल टीआर ने कहा कि प्रतियोगिता में कोई भी प्रतिभागी प्रतिभाग कर सकता है। सभी के लिए एक ही वर्ग में प्रतियोगिता होगी। परंतु पंजीकरण के उपरांत ही प्रतियोगिता में प्रवेश दिया जाएगा। बिना रजिस्ट्रेशन किसी को प्रतिभागी को प्रतियोगिता में प्रतिभाग नहीं करने दिया जायेगा। यह प्रतियोगिता ओपन टू ऑल वर्ग में होगी। प्रतियोगिता की अधिक जानकारी हेतु नैनीताल प्राणी उद्यान के कार्यालय से मोबाइल नंबर 9410777687, 9761111567 से ली जा सकती है। अन्य ताज़ा नवीन समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : अंर्तराष्ट्रीय बाघ दिवस पर आयोजित हुई चित्रकला व प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 29 जुलाई 2021। अंर्तराष्ट्रीय बाघ दिवस के अवसर पर नैनीताल चिड़ियाघर में वन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों तथा उनके परिजनों के मध्य जूनियर तथा ओपन दो वर्गों में चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।

प्रतियोगिता के जूनियर वर्ग में प्रथम स्थान पर लक्षिता पडियार, द्वितीय स्थान पर दक्षिता व तृतीय स्थान पर यामिनी पडियार रहे। वहीं शगुन आर्या को सान्त्वना पुरस्कार दिया गया। वहीं ओपन वर्ग में आनंद सिंह प्रथम, नितिन रावत द्वितीय व मयंक अधिकारी तृतीय स्थान पर रहे। इसके अलावा प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में नरेन्द्र सिंह ने प्रथम, रोहित ने द्वितीय तथा रणजीत सिंह थापा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। आयोजन में नैनीताल चिड़ियाघर के वन क्षेत्राधिकारी अजय रावत, डॉ. रजनी रावत, दीपक तिवारी, डीएस बोनाल, देवेंद्र बिष्ट, महेश बोरा, खजान मिश्रा, राजेंद्र जोशी, अनुज कांडपाल आदि ने भी योगदान दिया। अन्य ताज़ा नवीन समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : दो माह बाद आम लोगों के लिए खुला नैनीताल चिड़ियाघर, झील में तैरता मिला गुलदार का शव

दो माह बाद नैनीताल चिड़ियाघर के खुलने पर वन्य जीवों का दीदार करते सैलानी।

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 29 जून 2021। मुख्यालय स्थित प्राणी उद्यान यानी चिड़ियाघर, नारायण नगर स्थित हिमालयन बॉटनिकल गार्डन व सड़ियाताल स्थित वुडलैंड वाटरफॉल बुधवार से सैलानियों के लिए खोल दिए गए हैं। वन क्षेत्राधिकारी अजय रावत ने बताया कि प्रमुख वन संरक्षक-वन्य जीव व मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक उत्तराखंड के आदेशों पर सैलानियों के लिए यह स्थल कोरोना काल के बाद खोले जा रहे हैं। चिड़ियाघर में केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों का पालन किया जाएगा। इधर पहले दिन चिड़ियाघर में सैलानियों ने वन्य जीवों के दीदार किए। लंबे समय बाद सैलानियों को अपने बाड़ों के पास देखकर वन्य जीव भी उत्साहित से नजर आए। उल्लेखनीय है कि यह संस्थान गत 1 मई से कोरोना की महामारी बढ़ने के कारण बंद किए गए थे।

झील में तैरता मिला गुलदार का शव
नैनीताल। बुधवार सुबह भीमताल झील में एक गुलदार का फूला हुआ शव झील की ततह पर नजर आया। इससे हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर पहुंचे वन विभाग के कर्मचारियों से उसे कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृत गुलदार के शरीर में वाहन से टकराने जैसे चोट के निशान भी बताए गए हैं। वन क्षेत्राधिकारी मुकुल शर्मा ने बताया कि सूचना मिलने के बाद मौके पर कर्मचारियों को भेजकर शव को रेस्क्यू किया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही काराणों का पता चल सकेगा। माना जा रहा है कि बीती रात्रि अज्ञात वाहन की टक्कर से गुलदार छिटककर भीमताल झील में जा गिरा होगा। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : बर्ड फ्लू के दृष्टिगत नैनीताल चिड़ियाघर का किया गया निरीक्षण, दिए गए नए निर्देश

नवीन समाचार, नैनीताल, 16 जनवरी 2021। नैनीताल चिड़ियाघर यानी नैनीताल प्राणी उद्यान में शनिवार को मुख्य वन संरक्षक, कुमाऊं-डॉ. तेजस्विनी अरविन्द पाटील ने एवियन इन्फ्लुएंजा यानी बर्ड फ्लू के संबंध में किये जा रहे उपाय व रोकथाम आदि की व्यवस्था का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने इस संबंध में किए जा रहे कार्यो पर संतोष व्यक्त किया तथा पर्यटकों की सुरक्षा की दृष्टि से प्राणी उद्यान में प्रवेश करने पर सैनेटाईजर व मास्क आदि का अनिवार्य रूप से प्रयोग करने के निर्देश दिये। इसके साथ ही उन्होंने प्राणी उद्यान के कीपरों को किसी भी पर्यटक को वन्य प्राणियों के बाडे़ व रेलिंग को छूने से रोकने को कहा।
इसके अलावा उन्होंने नैनीताल प्राणी उद्यान एवं नैनीताल वन प्रभाग के अंर्तगत सभी वन क्षेत्रों में बर्ड फ्लू की रोकथाम व जागरूकता हेतु समय-समय पर कार्यशाला का आयोजन करने के निर्देश भी दिए। निरीक्षण के दौरान वन संरक्षक दक्षिणी कुमाऊँ वृत्त कुबेर सिंह बिष्ट,, वरिष्ठ पशुचिकित्साधिकारी डॉ. हिमांशु पांगती, वन क्षेत्राधिकारी अजय रावत, उप वन क्षेत्राधिकारी दीपक कुमार तिवारी, धरम सिंह बोनाल, खजान चन्द्र मिश्रा, पुष्कर मेहरा, राजेंद्र जोशी व अतुल कुमार सहित प्राणी उद्यान के सभी अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।

यह भी पढ़ें : नैनीताल जू में बर्ड फ्लू के दृष्टिगत हाई अलर्ट, चिकन-अंडों पर रोक, शहर में चिकन-अंडों के दाम अब तक के टॉप पर

नवीन समाचार, नैनीताल, 06 जनवरी 2020। देश में चल रहे बर्ड फ्लू के प्रकोप को देखते हुए मुख्यालय स्थित गोविंद बल्लभ पंत उच्च स्थलीय प्राणि उद्यान यानी नैनीताल चिड़ियाघर में सेंट्रल जू अथॉरिटी से प्राप्त निर्देशों के तहत हाई अलर्ट लागू कर दिया गया है। इसके तहत यहां रहने वाले पशु-पक्षियों के प्रति विशेष ऐहतियात बरती जा रही हैं। चिड़ियाघर में रहने वाले मांशाहारी वन्य जीवों के भोजन से चिकन व अंडे हटा दिये गए हैं। यह भी अच्छा है कि चिड़ियाघर में पहले से कोरोना के दृष्टिगत बरती जा रही सावधानियां, सैनिटाइजेशन, पशु-पक्षियों व उनके बाड़ों को छूने से रोकने के प्रबंध आदि ही काम आ रहे हैं।
नैनीताल चिड़ियाघर के वन क्षेत्राधिकारी अजय रावत ने बताया कि चिड़ियाघर में सेंट्रल जू अथॉरिटी की एडवाइजरी लागू कर दी गई है। नैनीताल चिड़ियाघर में बंगाल टाइगर सहित सभी हिंसक वन्य जीवों को भोजन में दिया जाने वाला चिकन और अंडों को प्रतिबंधित कर दिया गया है। साथ ही पहले से कोरोन के दृष्टिगत बरती जा रही सावधानियों को अधिक गंभीरता से लागू किया जा रहा है।
इधर देश भर में बर्ड फ्लू के भय के बावजूद जिला मुख्यालय में चिकन और अंडों की कीमतें अपने अब तक के सर्वाधिक स्तर पर पहुंच गई हैं। चिकन 260 रुपए प्रति किलोग्राम जबकि 30 अंडों की क्रेट 200 रुपए की दर पर मिल रही है। यह दोनों ही दरें अब तक की सर्वाधिक हैं। इसका कारण कोरोना काल में छोटे उत्पादकों का तबाह हो जाने के कारण बड़े उत्पादकों पर बनी निर्भरता बताई जा रही है।

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यह भी पढ़ें : वन मंत्री ने दिया वन्य जीवों से होने वाले नुकसान पर बड़ा समाचार, नैनीताल जू में किया इंटरप्रिटेशन सेंटर का शुभारंभ, कई वनाधिकारी-कर्मी भी किए सम्मानित

नवीन समाचार, नैनीताल, 26 जनवरी 2020। उत्तराखंड के वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने रविवार को मुख्यालय में उच्च स्तरीय प्राणी उद्यान यानी नैनीताल चिड़ियाघर में नए बने इटरप्रिटेशन सेंटर का उद्घाटन किया। इस सेंटर में मानव की अनादि काल से अब तक के विकास की पूरी कहानी 12 विषयों पर मिट्टी की कलाकृतियों से दर्शायी गयी है। इस अवसर पर डॉ. रावत ने कहा कि नैनीताल देश और दुनिया में अपना अलग विशेष महत्व रखता है। देश-दुनिया के सैलानी सरोवर नगरी में घूमने आते हैं और यहां नैनीताल का प्राणी उद्यान उन्हें बरबस अपनी ओर आकर्षित करता है। यहां पर्यटकों को उच्च स्थलीय प्राणियों के रहन-सहन व खान-पान से संबंधित जानकारी की इच्छा जागृत होती है, इसे देखते हुए वन विभाग द्वारा एक सकारात्मक पहल करते हुए इस नेचर इंटरप्रिटेशन सेंटर खोला गया है। इसके माध्यम से पर्यटकों को उच्च स्थलीय जीव-जंतुओं के क्रियाकलापों से भी रूबरू कराया जाएगा, साथ ही वन्य जीव-जंतुओं के संरक्षण के लिए शपथ भी दिलाई गई। उन्होंने चिड़ियाघर की सूचना डायरी का भी शुभारंभ किया और उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों-चिड़ियाघर की वन क्षेत्राधिकारी ममता चंद, तनूजा परिहार, मुकुल शर्मा, दीपक तिवारी, आनंद, रेखा, निमिष दानू व चंडीगढ़ की पूजा चोपड़ा को इंटरप्रिटेशन सेंटर की स्थापना में सहयोग के लिए सम्मानित किया। बताया गया कि सोमवार से इंटरप्रिटेशन सेंटर चिड़ियाघर आने वाले सैलानियों के लिए खोल दिया जाएगा। इस मौके पर नैनीताल विधायक संजीव आर्य, नैनीताल चिड़ियाघर के निदेशक डीएफओ बीजू लाल टीआर, मुख्य वन संरक्षक डा. पराग मधुकर धकाते व विवेक पांडे, चिड़ियाघर की वन क्षेत्राधिकारी ममता चंद, भाजपा नगर अध्यक्ष आनंद बिष्ट सहित भाजपा के कई अन्य कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।

अब आपदा मद से मिलेगा वन्य जीवों से मानव व फसलों को पहुंचने वाले नुकसान का मुआवजा
नैनीताल। वन मंत्री डा. हरक सिंह रावत ने कहा कि वन्य जीव जंतुओं द्वारा की जाने वाली जनहानि व खेती में हुए नुकसान को आपदा के मद से जोड़ दिया गया है। अब ऐसे नुकसान की भरपाई आपदा के नियमों के तहत मुआवजा देकर की जाएगी। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के ट्वीट, जिसमें कहा गया था कि कांग्रेस के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं, इस सवाल पर डॉ. बोले कि तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत के साथ बहुत सारे वैचारिक मतभेद के चलते उन्हें कांग्रेस पार्टी का दामन छोड़ना पड़ा था।

यह भी पढ़ें : नैनीताल चिड़ियाघर में लाये गये दो राज्य पक्षी मोनाल, आगे प्रजनन की योजना…

-नेहरू फीजेन्ट्री मनाली से इन्हें लाया गया है

नर मोनाल

नवीन समाचार, नैनीताल, 14 नवंबर 2019। मुख्यालय स्थित भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत उच्च स्थलीय प्राणी उद्यान यानी नैनीताल चिड़ियाघर में अब उत्तराखण्ड राज्य के राष्ट्रीय पक्षी मोनाल के दो नर पक्षी भी देखे जा सकेंगे। बृहस्पतिवार को यहां नेहरू फीजेन्ट्री मनाली से इन्हें लाया गया। उल्लेखनीय है कि नैनीताल चिड़ियाघर में पहले से एक मादा मोनाल पक्षी उपलब्ध है। आगे चिड़ियाघर प्रबंधन की योजना यहां मोनाल के नर व मादा पक्षियों के बीच प्रजनन कराने की है।

मादा मोनाल

उल्लेखनीय है कि नैनीताल चिड़ियाघर पशु-पक्षियों के प्रजनन के लिए प्रसिद्ध है। यहां कलीज व गोल्डन फीजेंट सहित अन्य पक्षियों ने अनेकों बार नयी संतति को जन्म दिया है, साथ ही यहां दार्जिलिंग से लाये गये रेड पांडा के जोड़ों का भी दो बार सफल प्रजनन हुआ है, साथ ही रॉयल बंगाल टाइगर सहित अन्य पशु-पक्षियों के बीच भी प्रजनन हुआ है। इस लिहाज से भी प्रबंधन की योजना आगे मोनाल के जोड़ों का प्रजनन कराने की भी है।
इधर चिड़ियाघर प्रबंधन ने बताया कि मोनाल वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत प्रथम श्रेणी में रखा गया है। यह उत्तराखण्ड राज्य के उच्च हिमालयी क्षेत्र में लगभग 2000 से 3500 मीटर की ऊॅचाई तक पाया जाता है, जबकि नैनीताल प्राणी उद्यान लगभग 2200 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। वर्तमान में यहां एक मादा मोनाल पक्षी मौजूद है। इसका जोड़ा बनाने एवं प्रजनन हेतु से आज 2 नर मोनाल पक्षी यहां लाये गये हैं। उल्लेखनीय है कि नर मोनाल पक्षी दिखने में मादा से अधिक आकर्षक व सुन्दर होता है। पूर्व में नैनीताल चिड़ियाार में एक नर व एक मादा मोनाल पक्षी को लाया गया था किंतु इनमें से नर की कुछ समय बाद मृत्यु हो गयी थी, जिस कारण इनका जोड़ा टूट गया था। इधर दो नर मोनाल को यहां लाने में वरिष्ठ पशु चिकित्साधिकारी डा. हिमांशु पांगती, उप वन क्षेत्राधिकारी दीपक कुमार तिवारी एवं फीजैन्ट कीपर योगेश कुमार की उल्लेखनीय भूमिका रही है।

यह भी पढ़ें : नैनीताल चिड़ियाघर का न्यूनतम शुल्क 50 रुपये और औसत आय महज 37.29 रुपये, आरटीआई से हुआ खुलासा…

-सूचना के अधिकार से प्राप्त सूचना से हुआ खुलासा
नवीन समाचार, नैनीताल, 5 मई 2019। मुख्यालय स्थित पंडित गोविंद बल्लभ पंत उच्च स्थलीय प्राणि उद्यान यानी नैनीताल चिड़ियाघर में आने वाले सैलानियों एवं यहां प्राप्त आय व होने वाले खर्च पर बड़ा खुलासा हुआ है। सूचना अधिकार कार्यकर्ता हेमंत गौनिया को नैनीताल प्राणि उद्यान के वन क्षेत्राधिकारी दिनकर तिवाड़ी द्वारा दी गयी जानकारी के अनुसार राज्य बनने के बाद से यहां मार्च 2019 तक 32 लाख 52 हजार 833 देशी-विदेशी पर्यटक पहुंचे हैं। इन सैलानियों से प्राणि उद्यान को कुल 12 करोड़, 13 लाख 14 हजार 300 रुपये की यानी औसतन प्रति सैलानी मात्र 37.29 रुपये की आय दिखाई गयी है। जबकि गौरतलब है कि वर्तमान में चिड़ियाघर के लिए बच्चों से 50 एवं बड़ों से 100 रुपये का टिकट लिया जाता है। वहीं इसके अलावा प्राणि उद्यान को सरकार से भी 5 करोड़ 83 लाख 64 हजार 200 रुपये की धनराशि विभिन्न कार्यों हेतु प्राप्त हुए हैं। यानी इस प्रकार प्राणि उद्यान पर एक तरह से इतनी धनराशि अतिरिक्त खर्च भी हुई है। बावजूद इस अवधि में प्राणि उद्यान में कुल 232 वन्य प्राणियों की मृत्यु हुई है। बच्चों से प्राप्त होने वाली धनराशि से भी कम औसत आय पर श्री तिवाड़ी ने पूछे जाने पर कहा कि दरेंएक वर्ष पूर्व मार्च 2018 से ही बढ़ी हैं। पूर्व में दरें बच्चों के लिए 20 व बड़ों के लिए 50 रुपये थीं। इसके अलावा खास दिनों पर बच्चों के समूहों को निःशुल्क चिड़ियाघर का भ्रमण कराया जाता है। ऐसे निःशुल्क घूमने वाले बच्चों की संख्या भी आगंतुक पर्यटकों में गिनी जाती है। इसलिए औसत कम आता है। साथ ही उन्होंने बताया कि चिड़ियाघर को वन्य जीवों को गोद लेने से भी आय की प्राप्ति होती है और चिड़ियाघर पर्यटकों व वन्य जीवों को गोद लेने से वन्य जीवों पर होने वाले खर्च व कर्मचारियों के वेतनों की प्रतिपूर्ति कर लेता है। नये निर्माणों के लिए सरकार से मदद मिलती है।

यह भी पढ़ें : नैनीताल जू में ग्वालियर से पहुंची 4 साल की शिखा और छा गयी….

नवीन समाचार, नैनीताल, 24 अप्रैल 2019। मुख्यालय स्थित पंडित गोविंद बल्लभ पंत उच्च स्थलीय प्राणि उद्यान में ग्वालियर स्थित गांधी जूलॉलिकल पार्क से चार वर्ष की युवा शिखा नाम की रॉयल बंगाल टाइगर प्रजाति की बाघिन को लाया गया है। शिखा को यहां लाया जाना इसलिये महत्वपूर्ण है कि चिड़ियाघर में पहले से मौजूद 13 साल की रानी और दो वर्ष पूर्व बेतालघाट में कंटीले तारों में फंसने के बाद बचाकर लाये गये 14.5 साल के बेताल नाम के बाघ उम्रदराज या कहें कि अपनी उम्र करीब पूरी कर चुके हैं। चिड़ियाघर की रेंज अधिकारी ममता चंद ने बताया कि ‘एनीमल एक्सचेंज प्रोग्राम’ के तहत इनके बदले ग्वालियर को दो तेंदुवे दिये गये हैं। इसके बाद यहां एक नर व दो मादा रॉयल बंगाल टाइगर तथा चार नर एवं दो मादा बंगाल टाइगर हो गये हैं। आगे युवा मादा बंगाल टाइगर शिखा का जोड़ा बनाने के लिए युवा नर बंगाल टाइगर लाने की भी कोशिश है। उन्होंने बताया कि 22 को शिखा यहां पहुंची और आज बुधवार से उसे यहां आने वाले सैलानियों के लिये खोल दिया, अलबत्ता आज वह नये स्थान पर आने के कारण अधिकांश समय शरमाते हुए झाड़ियों में ही दुबकी रही, और कम ही लोग उसके दीदार कर पाये।

यह भी पढ़ें : बीमार राष्ट्रीय पक्षी को बचाने के लिए बनाया नेबुलाइजर का ‘जुगाड़’

-शेड्यूल एक का प्राणी भारतीय मोर करीब चार दिन से हैं ठंड की वजह से बीमार
-नैनीताल चिड़ियाघर में चिकित्सक डा. भारद्वाज कर रहे मनुष्यों के नेबुलाइजर से इलाज
नवीन जोशी, नैनीताल। संशाधनों की कमी से ही खासकर ‘अपने हित के लिए जुगाड़’ तैयार होते हैं। शायद इसीलिए भारत को ‘जुगाड़ों का देश’ भी कहा जाता है। सरोवरनगरी स्थित गोविंद बल्लभ पंत उच्च स्थलीय प्राणि उद्यान यानी नैनीताल चिड़ियाघर के पशु चिकित्सक ने शेड्यूल-1 के मूक प्राणी ‘इंडियन पीफाउल’ यानी भारतीय मोर को बचाने के लिए नेबुलाइजर का जुगाड़ बनाकर मिसाल पेश की है। यह नैनीताल चिड़ियाघर के साथ ही उत्तराखंड राज्य का भी अपनी तरह का पहला मामला है।

देश में यूं तो मानव के लिए ही स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव है, ऐसे में पशु-पक्षियों की स्वास्थ्य व चिकित्सा सुविधाओं की बात ही नहीं हो पाती है। उत्तराखंड में चिकित्सकों के बाद कभी-कभार ही मूक पशुओं के चिकित्सकों व संसाधनों की कमी पर चिंता हो पाती है, वन्य जीव-जंतुओं की चिकित्सा भगवान भरोसे ही है। राज्य में नैनीताल, रानीबाग, जिम कार्बेट पार्क व देहरादून चिड़ियाघर आदि में ही यह सुविधाएं कहने मात्र को उपलब्ध हैं। ऐसी स्थितियों के बीच नैनीताल चिड़ियाघर के पशु चिकित्सक डा. योगेश भारद्वाज ने तीन-चार दिन से ठंड से बीमार और श्वांस लेने में परेशानी महसूस कर रहे मोर पक्षी को बचाने के लिए कर्नाटक, तमिलनाडु आदि दक्षिण भारतीय राज्यों के पशु चिकित्सकों से संपर्क कर राय ली गयी। उन्होंने बताया कि वहां पशु-पक्षियों को ऐसी स्थितियों में खास तौर पर बने नेबुलाइजरों से सांस दी जाती हैं। इसकी अनुपलब्धता की स्थिति में डा. भारद्वाज ने बीमार मनुष्यों को कृत्रिम श्वांस चढ़ाने के लिए प्रयुक्त होने वाले ‘नेब्युलाइजर’ से जुगाड़ बनाया और इससे मोर का उपचार किया। डा.भारद्वाज ने बताया कि नेब्युलाइजर के जरिए मोर या किसी पक्षी को मनुश्यों की तरह मुंह-नांक से सांस नहीं दी जा सकती थी। इसलिए उन्होंने थर्मोकोल के एक बड़े बॉक्स को इससे जोड़ा और उसमें बीमार मोर को रखकर उससे कृत्रिम गर्म श्वांस देने का उपाय किया है। साथ ही इसे इंजेक्शन के माध्यम से अन्य दवाएं भी दी जा रही हैं। बताया कि मोर की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है, परंतु अपनी ओर से हरसंभव बेहतर उपाय किये जा रहे हैं। यह उपाय सफल रहा तो आगे अन्य वन्य जीवों को भी इस तरह की स्थितियों में वैकल्पिक उपचार देने की राह खुल सकती है।
वन्य जीवों को ठंड से बचाने के लिए किए हैं चिड़ियाघर में प्रबंध
नैनीताल। नैनीताल चिड़ियाघर वन्य जीवों, पशु-पक्षियों को शीतकाल में ठंड से बचाने के लिए उनके बाड़ों के आगे परदे लगाने तथा भोजन में उबले हुए अंडे और ‘एंटी स्ट्रेस बिटामिन’ और ‘मिनरल सप्लीमेंट’ भी दिए जाते हैं।

यह भी पढ़ें : ‘कार्बन न्यूट्रल’ होगा गौलापार हल्द्वानी में प्रस्तावित देश का पहला अंतरराष्ट्रीय चिड़ियाघर

-पांच सौ करोड़ की लागत से बनने वाले इस प्राणी उद्यान में आधुनिक अस्पताल भी होगा जहां जानवरों के इलाज के साथ-साथ पहली दफा सर्जरी की भी व्यवस्था होगी

-वन्य जीव सफारी, मांसाहारी व शाकाहारी जीवों को अलग-अलग खंड, जैव विविधता पार्क और जुरासिक पार्क भी बनेंगे 

-वन्य जीवों के वासस्थल सीमेंट और कंक्रीट की बजाय लकड़ियों एवं हरित प्रणाली से तैयार किये जाएंगे

रविन्द्र देवालियल, नैनीताल (वार्ता)। वन्य जीवों के शौकीनों के लिये एक अच्छी खबर है। अफ्रीकी एवं यूरोपीय देशों की तरह देश में एक आधुनिक सुविधाओं से युक्त अंतरराष्ट्रीय प्राणी उद्यान जल्द अस्तित्व में आने वाला है जहां न केवल अफ्रीकी देशों की तर्ज पर वन्य जीव सफारी होगी बल्कि विदेशी जीव जंतु भी आकर्षण का केन्द्र होंगे। पांच सौ करोड़ की लागत से बनने वाले इस प्राणी उद्यान में आधुनिक अस्पताल भी होगा जहां जानवरों के इलाज के साथ-साथ पहली दफा सर्जरी की भी व्यवस्था होगी। अलग-अलग प्रकृति के जीवों को अलग-अलग खंडों में रखा जाएगा। मांसाहारी व शाकाहारी जीवों को अलग-अलग खंडों में रखा जाएगा। यही नहीं, यहां पक्षियों की भी अलग दुनिया होगी, साथ ही वन्य जीवों व पर्यटकों के लिए आधुनिक सुख सुविधायें भी मौजूद होंगी।

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हल्द्वानी के गौलापार में 412 हेक्टेयर में बनाया जा रहा यह प्राणी उद्यान इसलिये भी अपनी तरह का पहला अंतरराष्ट्रीय प्राणी उद्यान होगा कि यह कार्बन न्यूट्रल जू होगा। यह संपूर्ण रूप से प्राकृतिक संसाधनों से निर्मित होगा। प्रकाश और ऊर्जा के लिए पवन और सौर ऊर्जा का प्रयोग किया जाएगा। इसको इस तरह से डिजाइन किया गया है कि यहां से कार्बन उत्सर्जन कम से कम हो और जानवरों तथा पर्यटकों को यहां साफ सुथरा वातावरण मिल सके। इसके लिये यहां उसी प्रकार की तकनीक इस्तेमाल की जाएगी और संयत्र लगाये जाएंगे। वन्य जीवों के वासस्थल सीमेंट और कंक्रीट की बजाय लकड़ियों एवं हरित प्रणाली से तैयार किये जाएंगे। इस प्राणी उद्यान में पर्यटकों के मनोरंजन के लिये कई तरह की सुविधाएं होंगी। इसके बीचो बीच 5.5 एकड़ में कृत्रिम झील का निर्माण भी किया जा रहा है जहां पर्यटक नौकायन का लुत्फ उठा सकेंगे। इसके अलावा मोनो रेल और बच्चों के लिए टॉय ट्रेन भी संचालित की जाएगी।

वन्य जीवों के अलावा उद्यान का आकर्षण का केन्द्र यहां बनने वाला जैव विविधता पार्क और जुरासिक पार्क भी होगा। बच्चों के मनोरंजन के लिये चिल्ड्रन पार्क एवं घूमने के शौकीनों के लिए जॉगिंग पार्क अलग से तैयार किया जाएगा। पर्यटक इस प्राणी उद्यान में शेर, बाघ, तेंदुआ, भालू और हिरणों की अलग-अलग सफारी का लुत्फ उठा सकेंगे। सबसे बड़ी बात यह कि देश के अन्य प्राणी उद्यानों की तरह यहां वन्य जीव कैद नहीं रहेंगे। वे विचरण करते रहेंगे। यहां देशी वन्य जीवों के साथ आस्ट्रेलियाई, अमेरिकी और यूरोपीय वन्य जीव भी देखने को मिलेंगे और इनके लिये अलग-अलग जोन बनाये जाएंगे। पक्षियों और रेंगने वाले जीवों का भी यहां अपना अलग संसार होगा। खासकर सांप और मगरमच्छों की अलग दुनिया होगी। साथ ही वन्य जीवों के संरक्षण के लिए अलग से वृहद ब्रीडिंग सेंटर भी तैयार किया जा रहा है।

प्राणी उद्यान के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और वन संरक्षक डा. पराग मधुकर धकाते ने बताया कि प्राणि उद्यान अलग-अलग चरणों में बनाया जाएगा और यह दो साल के अंदर अस्तित्व में आ जाएगा। उन्होंने कहा कि सबसे पहले वन्य जीवों के संरक्षण एवं सुरक्षा के लिए आधुनिक सुविधाओं वाला अस्पताल बनाया जा रहा है जिसमें छोटे-बड़े हर जीव का इलाज किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर आधुनिक तरीके से सर्जरी भी की जा सकेगी। इसके साथ ही एक रेस्क्यू सेंटर भी स्थापित किया जा रहा है। केन्द्र सरकार की ओर से इन दोनों सेंटर को बनाने के लिए साढ़े 11 करोड़ की धनराशि उपलब्ध कराई गई है।

बिन्दुवार कुछ विशेषताएं :

अलग अगल प्रकृति के जीवों के लिये अलग जोन
सेण्ट्रल जू अथाॅरिटी की ओर से इस प्राणि उद्यान का निर्माण किया जा रहा है। यह प्राणि उद्यान हल्द्वानी के गौलापार में 412 हेक्टेअर में बनाया जाएगा। यह देश का अपनी तरह का पहला अंतर्राष्ट्रीय प्राणि उद्यान होगा। इसमें सभी प्रकार के वन्य जीवों का समावेश होगा। बड़ी संख्या में विभिन्न प्रकार की प्रजाति के वन्य जीव यहां मिलेंगे। मांसाहारी व शाकाहारी जीवों को अलग अलग खंडों में रखा जाएगा। यही नहीं यहां चिड़ियाओं की भी अलग दुनिया होगी।
देश का पहला कार्बन न्यूट्रल प्राणि उद्यान
इस प्राणि उद्यान की खासियत है कि यह कार्बन न्यूट्रल जू होगा। साथ ही यह संपूर्ण रूप से प्राकृतिक संसाधनों से निर्मित्त होगा। प्रकाश व उर्जा के लिए पवन उर्जा व सोलर उर्जा का प्रयोग किया जाएगा। इस प्राणि उद्यान को ऐसा डिजायन किया गया है कि यह कार्बन उत्सर्जन न कर सके और जानवरों व पर्यटकों को यहां साफ सुथरा वातावरण व उर्जा मिल सके। इसके लिये यहां उसी प्रकार की तकनीक इस्तेमाल की जाएगी व संयत्र लगाये जाएंगे। वन्य जीवों के वासस्थल सीमेंण्ट व कंकरीट के बजाय लकड़ियों व हरित प्रणाली से तैयार किये जाएंगे।
वन्य जीवों के लिये होगा देश का पहला आधुनिक अस्पताल
यह प्राणि उद्यान देश में अपनी शैली का पहला प्राणि उद्यान होगा। इसमें वन्य जीवों के लिए जहां आधुनिक तकनीक का अस्पताल होगा वहीं अत्यंत सुख सुविधाओं से युक्त राहत केन्द्र बनाया जा रहा है। अब देश व आसपास के जंगलों में कोई भी जीव कुत्ते की मौत नहीं मारा जाएगा। मनुष्यों की तरह वन्य जीवों का संपूर्ण इलाज यहां किया जाएगा। यहां तक कि जरूरत पड़ने पर जानवरों की सर्जरी भी की जाएगी।
नौका विहार के लिये होगी झील व मोनो रेल
 देश में अभी तक बड़े बड़े प्राणि उद्यानों व पार्कों में ऐसी सुविधायें उपलब्ध नहीं हैं। इसके साथ ही इस प्राणि उद्यान के बीचोंबीच 5.5 एकड़ में कृत्रिम झील का निर्माण भी किया जा रहा है। पर्यटक यहां बोटिंग का लुत्फ उठा सकेंगे। इसके अलावा यहां आने वाले वन्य जीवों के लिए मोनो रेल व बच्चों के लिए टाॅय ट्रेन भी संचालित की जाएगी।
जैव विविधता पार्क के साथ ही होगा जुरासिक पार्क
वन्य जीवों के अलावा उद्यान का आकर्षण का केन्द्र यहां बनने वाला जैव विविधता पार्क व जुरासिक पार्क भी होगा। बच्चों के मनोरंजन के लिये चिल्ड्रन पार्क व घूमने के शौकीनों के लिये जाॅगिंग पार्क अलग से तैयार किया जाएगा। पर्यटक इस प्राणि उद्यान में शेर, बाघ, तेंदुआ, भालु व हिरनों की अलग अलग सफारी का लुत्फ ले सकेंगे। इसके लिए अलग अलग हिस्सों में अलग अलग वन्य जीवों के वास स्थल बनाये जायेंगे। शेर, बाघ भालु व हिरन सफारी होंगी। यही नहीं यहां अफ्रीकन सफारी भी मौजूद रहेगी।
देश ही नहीं विदेशी जानवर भी रहेंगे मौजूद
सबसे बड़ी बात यह कि देश के अन्य प्राणि उद्यानों की तरह यहां वन्य जीव यहां कैद नहीं रहेंगे। वे विचरण करते रहेंगे। यहां देशी वन्य जीवों की तरह ऑस्ट्रेलियन, अमेरिकन व यूरोपियन वन्य जीव भी देखने को मिलेंगे और इनके लिये अलग अलग जोन बनाये जायेंगे।
पक्षियों का होगा अलग संसार
इस प्राणि उद्यान में पक्षियों व रेंगने वाले जीवों का भी यहां अपना अलग संसार होगा। खासकर सांप व मगरमच्छों की अलग दुनिया होगी। साथ ही वन्य जीवों के संरक्षण के लिए अलग से वृहद ब्रीडिंग सेंटर भी तैयार किया जा रहा है। प्राणि उद्यान के अंतर्गत अलग हिस्से में पक्षियों की अलग दुनिया बसायी जा रही है। इसमें देश दुनिया के सभी पक्षी कलरव करते नजर आयेंगे।
दो साल में आ जाएगा अस्तित्व में
प्राणि उद्यान के सीईओ व वन संरक्षक डा0 पराग मधुकर धकाते ने बताया कि प्राणि उद्यान अलग अलग चरणों में बनाया जाएगा और यह दो साल के अंदर अस्तित्व में आ जाएगा। उन्होंने कहा कि सबसे पहले वन्य जीवों के संरक्षण व सुरक्षा के लिए एक आधुनिक सुख सुविधाओं से युक्त व्यापक अस्पताल बनाया जा रहा है। जिसमें छोटे से लेकर बड़े हर जीव का इलाज किया जाएगा व आवश्यकता पड़ने पर आधुनिक तरीके से सर्जरी भी की जा सकेगी। इसके साथ ही एक रेस्क्यू सेंटर भी स्थापित किया जा रहा है। केन्द्र सरकार की ओर से इन दोनों सेंटरों को बनाये जाने के लिए साढे़ ग्यारह करोड़ की धनराशि अवमुक्त की गयी है। डा0 धकाते के अनुसार यह देश का पहला अंतर्राष्ट्रीय व कार्बन न्यूट्रल प्राणि उद्यान होगा।
आकर्षण के प्रमुख केन्द्र
1. जैव विविधता पार्क,
2. जुरासिक थीम पार्क,
3. मोनो रेल,
4. टाॅय ट्रेन,
5. चिल्ड्रन पार्क,
6. इको केफेटेरिया,
7. बायोडाइवरसिटी पार्क,
8. वन्य जीव सफारी ( शेर, बाघ, तेंदुआ, भालू व हिरन),
9. अफ्रीकन सफारी,
10. ऑस्ट्रेलियन, यूरोपियन तथा अमेरिकन वन्य जीव जोन,
11. पक्षियों की दुनिया
नवीन समाचार
‘नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से ‘मन कही’ के रूप में जनवरी 2010 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।
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