नवीन समाचार, देहरादून, 7 मार्च 2025 (Administrative Action Against 15Illegal Madrasas)। उत्तराखंड के देहरादून जिले में अवैध रूप से संचालित मदरसों के विरुद्ध प्रशासनिक कार्रवाई तेज हो गई है। जिला प्रशासन ने अब तक 15 से अधिक मदरसों को सील किया है, जो उत्तराखंड मदरसा शिक्षा परिषद से संबद्ध नहीं थे और जिनके नक्शे मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) से स्वीकृत नहीं थे।
अवैध मदरसों की पहचान और सीलिंग प्रक्रिया
देहरादून के जिलाधिकारी सविन बंसल के अनुसार, जिले में कुल 57 मदरसे बिना पंजीकरण के संचालित हो रहे थे। इनमें से सदर देहरादून तहसील में 16 अवैध और 8 पंजीकृत मदरसे, विकासनगर तहसील में 34 अवैध और 27 पंजीकृत मदरसे, डोईवाला में 6 अवैध और 1 पंजीकृत मदरसा, तथा कालसी में 1 अवैध मदरसा पाया गया। जिला प्रशासन ने 28 फरवरी 2025 को आदेश जारी कर अवैध मदरसों को सील करने की प्रक्रिया शुरू की। विकासनगर के उप-जिलाधिकारी विनोद कुमार के अनुसार, 3 मार्च से अब तक विकासनगर क्षेत्र में 9 मदरसों को सील किया गया है। इन मदरसों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को नजदीकी सरकारी विद्यालय में दाखिला दिलाने के निर्देश दिए गए हैं।
मदरसों की मान्यता प्रक्रिया में विलंब
उत्तराखंड मदरसा शिक्षा परिषद के अध्यक्ष मुफ्ती शमून कासमी ने बताया कि हाल ही में परिषद ने 51 मदरसों को मान्यता प्रदान की है, जबकि 37 अन्य मदरसों की मान्यता प्रक्रिया लंबित है। इनमें से 10 मदरसे बंद पाए गए हैं, जबकि 27 मदरसों की रिपोर्ट अभी प्राप्त नहीं हुई है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों से रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही इन मदरसों की मान्यता पर निर्णय लिया जाएगा। कासमी ने सभी मदरसा संचालकों से अपना पंजीकरण करवाने का आग्रह किया है, ताकि बच्चों को धार्मिक शिक्षा के साथ-साथ मुख्य धारा की शिक्षा भी मिल सके।
मुस्लिम संगठनों का विरोध और प्रशासन की प्रतिक्रिया
मदरसों को सील किए जाने की कार्रवाई के विरुद्ध मुस्लिम सेवा संगठन ने मंगलवार को जिलाधिकारी कार्यालय और बुधवार को एमडीडीए कार्यालय पर प्रदर्शन किया। संगठन के अध्यक्ष नईम कुरैशी ने कहा कि मदरसा चलाने के लिए किसी मान्यता की आवश्यकता नहीं होती और बिना पूर्व सूचना के की गई यह कार्रवाई अवैध है। उन्होंने आरोप लगाया कि मदरसा प्रबंधकों को कोई पूर्व नोटिस जारी नहीं किया गया। संगठन के एक अन्य नेता आकिब कुरैशी ने कहा कि देहरादून के सिटी मजिस्ट्रेट ने रमजान के दौरान मदरसों के विरुद्ध कार्रवाई न करने का वादा किया था, लेकिन उन्होंने उसे नहीं निभाया। प्रशासन ने इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
मुख्यमंत्री का बयान और आगे की कार्रवाई (Administrative Action Against 15Illegal Madrasas)
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार इस तरह की संस्थाओं के वित्त पोषण के स्रोत और उत्पत्ति की गहराई से जांच करेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि अवैध रूप से संचालित हो रहे मदरसों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि प्रदेश में सभी शैक्षणिक संस्थान नियमों के अनुसार संचालित हों और छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त हो सके।
उत्तराखंड में अवैध मदरसों के विरुद्ध प्रशासनिक कार्रवाई से यह स्पष्ट होता है कि राज्य सरकार शैक्षणिक संस्थानों में नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। वहीं, मुस्लिम संगठनों के विरोध से यह भी स्पष्ट है कि इस मुद्दे पर संवाद और समन्वय की आवश्यकता है, ताकि सभी पक्षों के हितों का संरक्षण हो सके और छात्रों की शिक्षा में कोई बाधा न आए। (Administrative Action Against 15Illegal Madrasas)
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‘डॉ.नवीन जोशी, वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले पत्रकार’ एवं मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 140 मिलियन यानी 1.40 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।














