नवीन समाचार, नैनीताल, 17 फरवरी 2026 (Leopard Captured in Cage)। उत्तराखंड (Uttarakhand) के नैनीताल (Nainital) जनपद के भीमताल (Bhimtal) स्थित जून स्टेट (June State) क्षेत्र में मंगलवार प्रातः वन विभाग (Forest Department) द्वारा लगाए गये पिंजरे में एक गुलदार (Leopard) कैद मिला। नियमित गश्त के दौरान टीम ने गुलदार को सुरक्षित पकड़कर रानीबाग (Ranibagh) स्थित बचाव केंद्र (Rescue Center) भेज दिया। क्षेत्र में इसी माह हुई एक महिला की मौत के बाद इस कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। देखें संबंधित वीडिओ :
गश्त के दौरान मिला गुलदार
प्राप्त जानकारी के अनुसार वन विभाग की टीम पिंजरों की नियमित जांच कर रही थी, इसी दौरान एक पिंजरे में गुलदार फंसा दिखाई दिया। सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण भी जंगल क्षेत्र की ओर पहुंच गये। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि पकड़े गये गुलदार की पहचान और व्यवहार की जांच की जा रही है। पढ़ें पूर्व संबंधित समाचार : भीमताल के जंगल में एक दिन से लापता बुजुर्ग महिला का शव बरामद, वन्यजीव के हमले से मृत्यु की आशंका
हाल में महिला की हुई थी मृत्यु
उल्लेखनीय है कि इसी क्षेत्र में गत 2 फरवरी को जून स्टेट निवासी राजेंद्र प्रसाद की 60 वर्षीय पत्नी गंगा देवी (Ganga Devi) चारा लेने जंगल गयी थीं और वापस नहीं लौटी थीं। अगले दिन 3 फरवरी को खोज के दौरान उनका शव गहरी खाई में क्षत-विक्षत अवस्था में मिला था।
हाथ-पैर खाए होने और गले पर गहरे दांतों के निशानों के आधार पर वन्यजीव हमले की आशंका जताई गयी थी। इस घटना के बाद क्षेत्र में भय और आक्रोश का माहौल बना हुआ था।
क्या यही है हमलावर गुलदार?
वन क्षेत्राधिकारी विजय मेलकानी (Vijay Melkani) ने बताया कि पकड़ा गया गुलदार मानव पर आक्रमण करने वाला है या नहीं, इसकी जांच की जा रही है। विशेष रूप से यह भी परखा जा रहा है कि क्या यही गुलदार गंगा देवी की मृत्यु से जुड़ा है।
क्षेत्र में बढ़ी थीं गतिविधियां
ग्रामीणों के अनुसार मेहरागांव और जून स्टेट क्षेत्र में पिछले कुछ समय से गुलदार की गतिविधियां लगातार देखी जा रही थीं। स्थानीय लोगों का दावा है कि बीते दो महीनों में क्षेत्र में चार महिलाएं वन्यजीवों का शिकार बन चुकी हैं, जिससे ग्रामीणों में दहशत बनी हुई है।
क्यों महत्वपूर्ण है कार्रवाई
गुलदार के पकड़ में आने से ग्रामीणों ने कुछ राहत महसूस की है, लेकिन अंतिम पुष्टि जांच रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी। वन विभाग ने लोगों से जंगल क्षेत्रों में सतर्कता बरतने की अपील की है।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि जांच में पकड़ा गया गुलदार मानव-भक्षी साबित होता है या नहीं और क्षेत्र में मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने के लिए आगे क्या कदम उठाए जाते हैं। पाठकों से आग्रह है कि इस समाचार से संबंधित अपनी राय और विचार नीचे दिए गए कमेन्ट बॉक्स में अवश्य साझा करें।
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।















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