नवीन समाचार, देहरादून, 12 जुलाई 2025 (No Intern-Clerks wear Advocates Dress in Court)। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के जिला न्यायालय परिसर में बढ़ती ठगी की घटनाओं के दृष्टिगत देहरादून बार एसोसिएशन ने एक बड़ा निर्णय लेते हुए अधिवक्ताओं की पारंपरिक पोशाक के दुरुपयोग पर रोक लगा दी है। अब अधिवक्ताओं को छोड़कर कोई भी व्यक्ति न्यायालय परिसर में काले कोट, सफेद कमीज और काली पैंट में नहीं आ सकेगा।
अधिवक्ता की पोशाक में नजर आए तो होगी कार्रवाई
देहरादून बार एसोसिएशन के संयुक्त सचिव कपिल ने बताया कि संगठन के संज्ञान में यह बात आयी है कि कुछ लोग जो अधिवक्ता नहीं हैं, वे न्यायालय परिसर में अधिवक्ताओं की पोशाक पहनकर कार्य कर रहे हैं और आम नागरिकों को भ्रमित कर ठगी कर रहे हैं। इस कारण यह निर्णय लिया गया कि अब अधिवक्ताओं की पोशाक में केवल अधिवक्ता ही न्यायालय परिसर में उपस्थित हो सकेंगे। यदि कोई अन्य व्यक्ति — जैसे मुंशी या इंटर्न — इस ड्रेस कोड में पाया गया तो उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुंशी और इंटर्न के लिए जारी हुए निर्देश
बार एसोसिएशन द्वारा यह भी स्पष्ट किया गया है कि अधिवक्ताओं के साथ कार्य करने वाले मुंशी के लिए पहचान पत्र बनवाना अनिवार्य होगा। साथ ही लॉ इंटर्न करने वाले विद्यार्थियों को केवल अपने कॉलेज की अधिकृत ड्रेस में ही न्यायालय परिसर में आने की अनुमति होगी। इससे न्यायालय में अनुशासन और पारदर्शिता बनी रहेगी।
ठगी रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम (No Intern-Clerks wear Advocates Dress in Court)
एसोसिएशन का कहना है कि यह नियम आम लोगों के हित में है। कई बार अनाधिकृत लोग अधिवक्ता का रूप धारण कर न्यायालय परिसर में घूमते हैं और पीड़ितों से धोखाधड़ी करते हैं। नए नियम के तहत अब केवल अधिकृत अधिवक्ताओं को ही उनकी पारंपरिक पोशाक में परिसर में आने की अनुमति होगी, जिससे ऐसे मामलों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।














