नवीन समाचार, देहरादून, 2 मई 2024 (Uttarakhand High Court on 20-08 Hect in Gaulapar)। उत्तराखंड उच्च न्यायालय को नैनीताल से अन्यत्र स्थानांतरित होने के बारे में बात एक कदम आगे बढ़ती नजर आ रही है। बताया जा रहा है कि अब उच्च न्यायालय नैनीताल जनपद के हल्द्वानी के गौलापार में 26.08 हेक्टेयर के स्थान पर 20.08 हेक्टेयर भूमि में बनेगा। केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की आपत्ति के बाद उत्तराखंड शासन ने इस वन भूमि के हस्तांतरण का प्रस्ताव नए सिरे से भेजने का फैसला किया है।
10 मई तक भूमि हस्तांतरण के प्रस्ताव को परिवेश पोर्टल में अपलोड करने के निर्देश (Uttarakhand High Court on 20-08 Hect in Gaulapar)
इस प्रोजेक्ट के लिए बनाए गए नोडल अधिकारी लोक निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पांडेय ने मंत्रालय की सभी आपत्तियों का निपटारा करते हुए 10 मई तक भूमि हस्तांतरण के प्रस्ताव को परिवेश पोर्टल में अपलोड करने के निर्देश दिए हैं।
विदित हो कि उत्तराखंड गठन के समय वर्ष 2000 में उत्तराखंड के उच्च न्यायालय की स्थापना नैनीताल हुई थी। न्यायालय के विस्तार की आवश्यकता, अधिवक्ताओं की बढ़ती संख्या और पर्यटन स्थल नैनीताल पर लगातार बढ़ते दबाव को देखते हुए उच्च न्यायालय को स्थानांरित करने पर लंबे समय से विचार हो रहा था। प्रदेश के मंत्रिमंडल ने भी उच्च न्यायालय को स्थानांतरित करने के लिए गौलापार में 26.08 हेक्टेयर वन भूमि चिह्नित की थी।
इस भूमि पर कॉन्सेप्ट ले-आउट प्लान बना कर भूमि हस्तांतरण का प्रस्ताव केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को भेजा गया था। किंतु केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की क्षेत्रीय अधिकार प्राप्त समिति (आरईसी) ने इस प्रस्ताव पर आपत्तियां लगा दीं। इससे पूरे प्रोजेक्ट पर ही संशय के बादल मंडराने लगे थे। (Uttarakhand High Court on 20-08 Hect in Gaulapar)
इस दौरान उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक बैठक हुई। बैठक में लोनिवि की ओर से बताया गया कि प्रोजेक्ट के संबंध में डिजिटल मैपिंग, जियो रिफरेंस मैप, परियोजना की एनपीवी यानी मूल्य की गणना और क्षतिपूरक पौधरोपण के संबंध में कार्रवाई शुरू हो गई है। इसके बाद सचिव लोनिवि की अध्यक्षता में पिछले दिनों एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में तय हुआ कि पूर्व में चयनित भूमि 26.08 हेक्टेयर के स्थान पर अब 20.08 हेक्टेयर वन भूमि के हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू होगी। न्याय विभाग इसका शासनादेश जारी करेगा। (Uttarakhand High Court on 20-08 Hect in Gaulapar)
बैठक में लोनिवि सचिव पंकज पांडे ने प्रमुख अभियंता को निर्देश दिए कि यह प्रस्ताव अत्यंत महत्वपूर्ण और सर्वोच्च प्राथमिकता का है, इसलिए इस पर समयबद्धता के साथ काम किया जाए। इस संबंध में जिलाधिकारी नैनीताल व अन्य संबंधित अधिकारियों को समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं। (Uttarakhand High Court on 20-08 Hect in Gaulapar)
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‘डॉ.नवीन जोशी, वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले पत्रकार’ एवं मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 140 मिलियन यानी 1.40 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।













