नवीन समाचार, देहरादून, 16 फरवरी 2026 (Action on Double Pension)। उत्तराखंड (Uttarakhand) में समाज कल्याण विभाग (Social Welfare Department) ने दोहरी पेंशन प्राप्त कर रहे 970 व्यक्तियों की पेंशन स्थायी तौर पर रोक दी है। विभाग ने पूरे प्रकरण की विस्तृत रिपोर्ट शासन को भेज दी है, जिसके बाद आगे वसूली और अन्य वैधानिक कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा।
कैग विश्लेषण से खुला मामला
यह मामला नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (Comptroller and Auditor General-CAG) के डाटा विश्लेषण और सत्यापन के बाद सामने आया। जांच में पाया गया कि पिछले लगभग 12 वर्षों में विभिन्न विभागों से सेवानिवृत्त कुल 1377 कर्मचारी दोहरी पेंशन का लाभ ले रहे थे।
कैग की ओर से शासन को पत्र भेजे जाने के बाद विभागीय स्तर पर हलचल तेज हुई और समाज कल्याण विभाग ने तत्काल जांच प्रक्रिया शुरू की।
सत्यापन में घटा आंकड़ा
विभागीय जांच के दौरान मृत्यु और दस्तावेज सत्यापन के बाद 407 नाम पोर्टल से हटा दिए गये। इसके बाद शेष 970 मामलों पर कार्रवाई आगे बढ़ाई गयी।
पहले रोकी गई थी मासिक पेंशन
समाज कल्याण विभाग ने फरवरी माह की पेंशन रोकते हुए कोषागार विभाग (Treasury Department) से संबंधित कर्मचारियों का विस्तृत विवरण मांगा था। अब जांच पूरी होने के बाद इन 970 व्यक्तियों की पेंशन स्थायी रूप से रोक दी गयी है।
शासन स्तर पर होगा अगला फैसला
विभाग ने अपनी रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया है कि संबंधित कर्मचारी किन-किन विभागों से दोहरी पेंशन ले रहे थे। रिपोर्ट शासन को भेज दी गयी है, जहां से संभावित वसूली, दंडात्मक कार्रवाई या अन्य प्रशासनिक निर्णय लिये जा सकते हैं।
समाज कल्याण निदेशक संदीप तिवारी (IAS Dr.Sandeep Tiwari) ने पुष्टि की है कि संबंधित कर्मचारियों की पेंशन स्थायी रूप से रोक दी गयी है और प्रकरण शासन को भेज दिया गया है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह कार्रवाई
यह कदम सरकारी पेंशन व्यवस्था में पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। क्या आगे बड़े स्तर पर वसूली अभियान चलेगा? इस पर अब शासन के निर्णय की प्रतीक्षा है।
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।















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