नवीन समाचार, नैनीताल, 27 जनवरी 2026 (Muslims in Temple Shoes)। उत्तराखंड (Uttarakhand) के नैनीताल (Nainital) जनपद में स्थित सरोवर नगरी (sarovar Nagri) की आराध्य देवी माता नयना देवी (Naina Devi Temple) से जुड़ा एक वीडियो बीते दिनों सोशल मीडिया (Social Media) पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ मुस्लिम युवक-युवतियां जूते पहने मंदिर परिसर से बाहर निकलते दिखाई दे रहे हैं। देखें संबंधित वीडिओ :
वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर लोगों की तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली और कुछ हिंदूवादी संगठनों ने इसे धार्मिक मर्यादाओं से जोड़ते हुए नाराजगी जताई। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए ‘नवीन समाचार’ ने पूरे प्रकरण की तथ्यात्मक पड़ताल की, जिसमें कई महत्वपूर्ण बातें सामने आईं। नैनीताल, जो माता नयना के नाम पर ही पहचाना जाता है, वहां मंदिर में यह घटना 24 जनवरी 2026 की दोपहर लगभग 12 बजे की बताई गई है। यह तथ्य मंदिर प्रबंधन की ओर से स्पष्ट किया गया है, जिससे वायरल दावों और वास्तविकता के बीच अंतर सामने आया है। देखें संबंधित वीडिओ :
क्या है पूरा मामला और क्या सामने आई सच्चाई
माता नयना देवी मंदिर का प्रबंधन करने वाले अमर उदय ट्रस्ट (Amar Uday Trust) के व्यवस्थाधिकारी सुरेश मेलकानी (Suresh Melkani) ने ‘नवीन समाचार’ को बताया कि 5–6 मुस्लिम युवक और युवतियां, जिनमें से कुछ की गोद में छोटे बच्चे भी थे, मंदिर के जूता स्टैंड (Shoe Stand) से कुछ कदम आगे तक जूते पहने हुए पहुंच गए थे। सुरक्षा कर्मियों ने जैसे ही उन्हें नियत सीमा से आगे जाते देखा, तुरंत रोक लिया गया।
सुरेश मेलकानी के अनुसार, पूछताछ पर उन लोगों ने बताया कि वे नैनी झील (Naini Lake) में नौकायन (Boating) के लिए जा रहे थे और गलती से मंदिर के मार्ग को नौका स्टैंड का रास्ता समझ बैठे। उन्हें नियमों की जानकारी नहीं थी। स्थिति स्पष्ट होने पर वे बिना किसी विवाद के तत्काल मंदिर परिसर से बाहर लौट गए।
मंदिर प्रबंधन ने इस पूरी घटना के सीसीटीवी (CCTV) दृश्य भी ‘नवीन समाचार’ को उपलब्ध कराए हैं, जिनमें साफ दिखता है कि कुछ ही सेकेंड के भीतर टोके जाने पर सभी लोग वापस लौट गए थे। बाहर लौटते समय का एक वीडियो किसी सैलानी द्वारा बनाया गया, जो बाद में सोशल मीडिया पर साझा किया गया और वहीं से मामला तूल पकड़ने लगा।
सामाजिक प्रभाव और प्रशासनिक पक्ष
वीडियो के वायरल होने के बाद धर्म और आस्था से जुड़े संदर्भों में चर्चा तेज हुई। हालांकि मंदिर प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि नयना देवी मंदिर में किसी भी धर्म के लोगों के प्रवेश पर कोई प्रतिबंध नहीं है। यहां हिंदुओं के साथ-साथ मुस्लिम और अन्य धर्मों के श्रद्धालु भी आते रहे हैं। कई मुस्लिम श्रद्धालुओं ने अपनी आस्था के अनुसार आंखों से संबंधित मन्नत पूरी होने पर सोने या चांदी की बनी आंखें भी यहाँ अर्पित की हैं।
प्रबंधन के अनुसार, मंदिर को एक सुरक्षित और मानवीय स्थल मानते हुए कई मुस्लिम महिलाएं अपने छोटे बच्चों को स्तनपान कराने के लिए भी यहां आती रही हैं। केवल इतना अनुरोध किया जाता है कि सभी श्रद्धालु शालीन वस्त्रों में और धार्मिक मर्यादाओं का पालन करते हुए प्रवेश करें।
यह घटना यह भी दर्शाती है कि सोशल मीडिया पर अधूरी जानकारी किस तरह धार्मिक और सामाजिक तनाव को जन्म दे सकती है। प्रशासन और मंदिर समिति का कहना है कि तथ्यों की पुष्टि के बिना निष्कर्ष निकालना समाज में गलत संदेश देता है।
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।















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