उच्च न्यायालय में नए मुख्य न्यायाधीश के साथ नैनीताल के सिद्धार्थ साह की दो वर्ष के लिए अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति, राष्ट्रपति ने जारी किया आदेश

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 5 जनवरी 2026 (New HC Judge Siddharth Sah)। उत्तराखंड के नैनीताल जनपद से न्यायिक व्यवस्था से जुड़ी एक महत्वपूर्ण संवैधानिक सूचना सामने आयी है। भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संविधान में निहित अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए उच्च न्यायालय के अधिवक्ता सिद्धार्थ साह को दो वर्ष की अवधि के लिए अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया है। इस संबंध में भारत सरकार की ओर से आज औपचारिक आदेश जारी कर दिया गया है, जिससे उत्तराखंड उच्च न्यायालय की न्यायिक क्षमता को और सुदृढ़ करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
2 वर्ष से भी अधिक पहले सर्वोच्च न्यायालय की कॉलेजियम ने की थी सिफारिश
उल्लेखनीय है कि सर्वोच्च न्यायालय के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाले कॉलेजियम ने 17 अक्तूबर 2023 को उत्तराखंड उच्च न्यायालय के अधिवक्ता सिद्धार्थ साह और आलोक मेहरा को उत्तराखंड हाईकोर्ट का जज नियुक्त करने की सिफारिश की थी। कॉलेजियम में न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना भी शामिल थे।
कौन हैं अधिवक्ता सिद्धार्थ साह
अधिवक्ता सिद्धार्थ साह तल्लीताल नैनीताल निवासी हैं। उनके पिता महेश लाल साह भी उत्तराखंड उच्च न्यायालय में वरिष्ठ अधिवक्ता हैं। साह वर्तमान में अधिवक्ता के रूप में उत्तराखंड हाई कोर्ट में अपनी सेवाएँ दे रहे थे। चार सितंबर 1971 को जन्मे सिद्धार्थ साह की हाईस्कूल तक की पढ़ाई नैनीताल के सेंट जोजफ कालेज व इंटर की पढ़ाई बिड़ला विद्या मंदिर नैनीताल से हुई है जबकि स्नातक की किरोड़ीमल कालेज दिल्ली से और कानून की कुमाऊं विश्विद्यालय के अल्मोड़ा परिसर से की है। उनकी पत्नी दीप्ति गृहणी हैं। उनकी दो पुत्रियां भी हैं।
राष्ट्रपति के आदेश से प्रभावी हुई नियुक्ति
भारत सरकार के अपर सचिव जगन्नाथ श्रीनिवासन की ओर से जारी पत्र के माध्यम से यह नियुक्ति अधिसूचित की गयी है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि राष्ट्रपति ने संविधान के अनुच्छेदों के तहत प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए यह निर्णय लिया है। अतिरिक्त न्यायाधीश की नियुक्ति का उद्देश्य न्यायालय में लंबित वादों के त्वरित निस्तारण और न्यायिक कार्यभार के संतुलन को सुनिश्चित करना है। क्या यह नियुक्ति न्यायालय में लंबित मामलों के निस्तारण की गति को बढ़ा पायेगी। विधिक क्षेत्र में इस पर सकारात्मक अपेक्षाएं व्यक्त की जा रही हैं।
अधिवक्ता से न्यायाधीश तक की जिम्मेदारी
सिद्धार्थ साह का अधिवक्ता के रूप में अनुभव अब न्यायाधीश की भूमिका में न्यायिक निर्णयों के रूप में सामने आयेगा। अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में उनका कार्यकाल दो वर्ष का होगा, जिसमें उनके कार्य, निर्णय और न्यायिक दृष्टिकोण के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय की जाती है। विधिक समुदाय में यह नियुक्ति पेशेवर दक्षता और अनुभव को न्यायिक मंच पर लाने के रूप में देखी जा रही है।
अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में शपथ ग्रहण के बाद सिद्धार्थ साह को उच्च न्यायालय की पीठ में कार्यभार सौंपा जायेगा। आने वाले समय में यह देखा जायेगा कि इस नियुक्ति से वाद निस्तारण की गति और न्यायिक संतुलन पर क्या प्रभाव पड़ता है। यह नियुक्ति न केवल न्यायपालिका बल्कि राज्य की विधिक व्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
नए मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता भी 9 जनवरी को कार्यभार ग्रहण कर सकते हैं
उत्तराखंड उच्च न्यायालय को नये मुख्य न्यायाधीश मिलने जा रहे हैं। सर्वोच्च न्यायालय की कॉलेजियम ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता को नैनीताल स्थित उत्तराखंड उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने की सिफारिश की है। वर्तमान मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति जी नरेंद्र के 9 जनवरी 2026 को सेवानिवृत्त होने के बाद न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता कार्यभार ग्रहण कर सकते हैं।
न्यायिक व्यवस्था पर संभावित प्रभाव
उच्च न्यायालय की कार्यक्षमता बढ़ाने की दिशा
उत्तराखंड उच्च न्यायालय में अतिरिक्त न्यायाधीश की नियुक्ति को न्यायिक सुधारों के क्रम में देखा जा रहा है। राज्य में विभिन्न श्रेणियों के वादों की संख्या लगातार बढ़ रही है और ऐसे में अतिरिक्त न्यायाधीशों की नियुक्ति से पीठों की संख्या और सुनवाई की क्षमता में इजाफा होता है। इससे आम नागरिकों को समयबद्ध न्याय मिलने की संभावना बढ़ती है, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था की मूल भावना से जुड़ा विषय है।
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।











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