🗞️भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौर को अनुशासनहीनता के आरोप में कारण बताओ नोटिस जारी, राठौर ने दिया जवाब, कॉंग्रेस को दी चुनौती

(College Name on Ankita (Suresh Rathaur Intrim Bail)

🟣पूर्व विधायक सुरेश राठौर की दोहरी ज़िंदगी चर्चा में! (Former BJP MLA-Urmila Sanavar Love Story Scandle) प्रेस वार्ता में अभिनेत्री ने उन्हें पति कहा, उत्तराखंड की राजनीति में मचा बवाल। दूसरी शादी पर भाजपा ने किया नोटिस जारी, जवाब में राठौर ने कांग्रेस को दी चुनौती। अब पार्टी और समाज के बीच उलझा निजी रिश्ता…सच … Read more

भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौर को अनुशासनहीनता के आरोप में कारण बताओ नोटिस जारी, राठौर ने दिया जवाब, कॉंग्रेस को दी चुनौती

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नवीन समाचार, देहरादून, 24 जून 2025 (BJP MLA Rathore got Notice-Replied-Challanged)। उत्तराखंड भाजपा द्वारा गत दिवस अभिनेत्री उर्मिला सनावर को अपनी दूसरी पत्नी स्वीकारने के मामले में पूर्व विधायक सुरेश राठौर को महिला विवाद व पार्टी की छवि धूमिल करने के आरोपों में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, जिसमें उन्हें एक सप्ताह में … Read more

होने वाली 22 वर्षीय दुल्हन को छोड़ 50 वर्षीय सास संग फरार हुआ दामाद, उत्तराखंड में मिली आखिरी लोकेशन…

होने वाले ससुर से बोला- “20 साल तुमने बिता लिए, अब उन्हें भूल जाओ” नवीन समाचार, अलीगढ़, 13 अप्रैल 2025 (Son-in-law Fled with Mother-in-law-Last location)। उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जनपद के मडराक थाना क्षेत्र का एक चौंकाने वाला मामला इन दिनों रिश्तों की वर्तमान स्थिति को उजागर करता हुआ पूरे देश में चर्चा का विषय … Read more

राजुला-मालूशाही, उत्तराखंड की एक अप्रतिम त्याग, समर्पण और विश्वास से भरी प्रेम लोक-गाथा

Rajula Malooshahi

डॉ. नवीन जोशी, नैनीताल (Rajula-Malushahi-a Love Folk Tale of Uttarakhand)। देश-दुनिया में लैला-मजनू, हीर-रांझा, सोनी-महिवाल व रोमियो-जूलियट आदि कई प्रेम कहानियां प्रचलित हैं, वहीं उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल में भी एक ऐसी ही एक लोकगाथा-प्रेम कहानी ‘राजुला-मालूशाही’ सदियों से प्रचलित हैं, जिसमें एक प्रेम कहानी के साथ ही तत्कालीन देश-काल-परिस्थितियों को बताने वाले कथ्य तथा … Read more

52 साल बाद एक और सीता-गीता चर्चा में, कहानी में यूपी, दिल्ली, हरियाणा के साथ उत्तराखंड भी

Ladkiyon men pyar dosti, gay love Badalta Daur ladkiyan

नवीन समाचार, नई दिल्ली, 1 मई 2024 (Another Sita-Geeta-UP-Delhi-Haryana-Uttarakhand)। वर्ष 1972 हेमा मालिनी की एक फिल्म आई थी-सीता और गीता। जुड़वा बहनों की इस फिल्म में हेमा मालिनी का डबल रोल था। अब 52 साल बाद उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से दो सगी बहनों सीता (20) और गीता (21) का एक ऐसा मामला सामने आया … Read more

Enemy Property : उत्तराखंड में अब अरबों की शत्रु संपत्तियों पर कब्जे की तैयारी में सरकार, केंद्र के बाद राज्य सरकार भी गंभीर

नवीन समाचार, देहरादून, 26 अगस्त 2023 (Enemy Property)। देहरादून में मौजूद शत्रु संपत्तियों पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। उन्होंने डीएम सोनिका को जिले की सभी शत्रु संपत्तियों को कब्जा मुक्त कराकर उन्हें सरकारी जमीन घोषित करने के निर्देश दिए हैं। बताया गया है कि इन शत्रु संपत्तियों की वर्तमान कीमत अरबों रुपये की हैं। उधर नैनीताल जिला मुख्यालय की कम से कम से तीन सहित जिले की कई शत्रु संपत्तियों को लेकर भी जिला प्रशासन सक्रिय बना हुआ है।

अलबत्ता जिला प्रशासन के सामने सबसे बड़ी मुश्किल काबुल के कुछ बड़े जमींदारों की जमीन को लेकर है। बताया गया है कि काबुल के ये जमींदार दून में दिलाराम, सर्वे चौक, कमिश्नरी कार्यालय, ईसी रोड, आईएसबीटी के पास, राजपुर रोड, मसूरी, माजरा, चकराता में आकर बस गए थे, लेकिन बंटवारे के बाद अपनी हजारों बीघा जमीन को छोड़कर पाकिस्तान चले गए। अब कुछ लोग खुद को जमींदारों का रिश्तेदार बताकर इन जमीनों पर अपना दावा ठोक रहे हैं। हालांकि राज्य सरकार का कहना है कि यह सभी जमीनें शत्रु संपत्ति हैं। लेकिन, जिला प्रशासन इन पर कब्जा नहीं ले पा रहा है।

यह भी बताया गया है कि इन जमीनों पर लोगों ने अवैध कब्जे किए हुए हैं। फर्जी रजिस्ट्री और स्टांप घोटालों की जांच में जुटे प्रशासन को ऐसी जमीनों को हेराफेरी कर सरकारी दस्तावेजों में चढ़ाने की जानकारी मिली है। ऐसे में इसकी जांच की जा रही है। इससे पहले भी एक तहसीलदार की भूमिका संदिग्ध मिलने पर कमिश्नर के आदेश पर शत्रु संपत्तियों को नगर निगम के दस्तावेजों में चढ़ने से रोक लिया गया था।

इधर बताया गया है कि उत्तराखंड में शत्रु संपत्ति को लेकर केंद्र सरकार भी गंभीर है। गृह मंत्रालय ने भी शत्रु संपत्तियों पर कब्जा लेने के आदेश दे रखे हैं और मंत्रालय लगातार इसकी निगारानी भी कर रहा है। अब सीएम पुष्कर सिंह धामी ने शत्रु संपत्ति मामले में सख्त रुख अपनाकर डीएम सोनिका को इन संपत्तियों को अपने कब्जे में लेकर उनकी चारदीवारी कराने के निर्देश दिए हैं। सीएम ने इन जगहों पर बोर्ड लगाकर इनका जनहित में प्रयोग करने के लिए कहा है।

मामले में डीएम सोनिका ने बताया कि शत्रु संपत्तियों को लेकर जिला प्रशासन लगातार काम कर रहा है, चिह्नित जमीनों पर कब्जे लिए जा रहे हैं, कई मामले एडीएम प्रशासन के कोर्ट में लंबित हैं, उन पर सुनवाई चल रही है, जल्द फैसला आते ही ऐसी जमीनों पर कब्जा लिया जाएगा, शेष जमीनों पर कब्जे की प्रक्रिया चल रही है।

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-शत्रु संपत्तियों का कुल मूल्य एक लाख करोड़ रुपए से ज्यादा, इन संपत्तियों और 3000 करोड़ रुपए मूल्य की शत्रु हिस्सेदारी को बेचने का प्रयास कर रही है केंद्र सरकार
नवीन समाचार,  नई दिल्ली , 12 मार्च 2019। केंद्र सरकार ने बंटवारे के बाद पाकिस्तान चले गए या फिर 1962 के भारत-चीन युद्ध के बाद चीन चले गए लोगों द्वारा छोड़ी गई कुछ शत्रु संपत्तियों के सार्वजनिक इस्तेमाल की इजाजत राज्य सरकारों को दे दी है। यह कदम केंद्र सरकार के उन प्रयासों के बीच आया है जिसके तहत वह एक लाख करोड़ रुपए से ज्यादा मूल्य की 9,400 शत्रु संपत्तियों और 3000 करोड़ रुपए मूल्य की शत्रु हिस्सेदारी को बेचने का प्रयास कर रही है।

गृह मंत्रालय द्वारा जारी की गई अधिसूचना के मुताबिक शत्रु संपत्ति आदेश, 2018 के निस्तारण के लिये दिशानिर्देशों में संशोधन किया गया है जिससे राज्य सरकार द्वारा शत्रु संपत्ति का इस्तेमाल खास तौर पर सार्वजनिक इस्तेमाल के लिए किया जा सके। शत्रु संपत्तियां वो संपत्तियां हैं जो उन लोगों द्वारा पीछे छोड़ी गईं जिन्होंने पाकिस्तान और चीन की नागरिकता ले ली। मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि पाकिस्तानी नागरिकों की ऐसी 9,280 संपत्तियां हैं जबकि चीनी नागरिकों द्वारा 126 संपत्तियां यहां छोड़ी गई हैं।

पाकिस्तानी नागरिकता लेने वाले लोगों द्वारा छोड़ी गई संपत्तियों में से 4,991 उत्तर प्रदेश में स्थित हैं जो देश में सबसे ज्यादा हैं। पश्चिम बंगाल में ऐसी 2,735 संपत्तियां हैं जबकि दिल्ली में 487 संपत्तियां हैं। चीनी नागरिकों द्वारा छोड़ी गई सबसे ज्यादा संपत्तियां मेघालय में हैं जहां ऐसी 57 संपत्तियां हैं। पश्चिम बंगाल में ऐसी 29 और असम में सात संपत्तियां हैं। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री हंसराज गंगाराम अहीर ने पिछले साल राज्यसभा को बताया था कि शत्रु संपत्तियों का अनुमानित मूल्य लगभग एक लाख करोड़ रुपए है।

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Rashtriya Sahara 13 January 2016 Page-1
राष्ट्रीय सहारा, 13 जनवरी 2016, पेज-1
  • करीब 50 हजार करोड़ की सपंत्ति के मालिक थे राजा अमीर मोहम्मद खान
  • 14 मार्च 2017  को संसद में ध्वनिमत से पारित हुआ 49 वर्ष पुराने शत्रु संपत्ति कानून में संशोधन संबंधी विधेयक
  • नैनीताल में करोड़ों का होटल, यूपी व उत्तराखंड में हैं खरबों रुपये की संपत्तियां

डॉ. नवीन जोशी, नैनीताल। करीब 50 हजार करोड़ यानी करीब पांच खरब रुपये की शत्रु संपत्ति के मालिक ‘राजा महमूदाबाद’ यानी राजा अमीर मोहम्मद खान एक पल में ‘‘रंक’ जैसी स्थिति में पहुंच गये हैं। ऐसा संसद में पास हुए विधेयक के बाद हुआ है। केंद्र सरकार की ओर से 49 साल पुराने 1968 में बने सरकारी स्थान (अप्राधित अधिभोगियों की बेदखली) अधिनियम 1971 कानून में संशोधन संबंधी विधेयक को मंगलवार को ध्वनिमत से पारित किया गया।

इस संशोधन विधेयक के लागू हो जाने से बंटवारे के समय पाकिस्तान चले गए अथवा 1965 और 1971 के युद्ध के बाद पाकिस्तान की नागरिकता ले चुके लोग भारत में अपनी संपत्तियों (जिन्हें शत्रु संपत्ति) कहा जाता है, का हस्तांतरण नहीं कर सकेंगे।नए विधेयक से राजा महमूदाबाद को सर्वाधिक मुश्किलें होनी तय हैं, जिनकी नैनीताल में करोड़ों के 1870 में निर्मित बताये जाने वाले मेट्रोपोल होटल व अन्य भूसंपत्ति सहित करीब 50 हजार करोड़ रुपये की सहित उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में 10 सितम्बर 1965 में शत्रु संपत्ति घोषित देश की कुल 1519 में से करीब 936 संपत्तियां हैं।

ताजा विधेयक के अनुसार उनकी संपत्तियां संबंधित जिले के डीएम के अधिकार में चली जाएंगी। विधेयक की एक धारा के अनुसार इन शत्रु संपत्तियों पर काबिज लोगों को मालिकाना हक मिलने की बात भी कही जा रही है। इसलिए काबिज लोगों के लिए राहत भरी खबर हो सकती है। अलबत्ता केंद्र सरकार के इस विधेयक के बावजूद यह मामला आगे भी विवादों में रह सकता है, क्योंकि आगे राष्ट्रपति द्वारा हस्ताक्षर होने और विधेयक के कानून बनने के बावजूद संबंधित पक्षों को सर्वोच्च न्यायालय जाने का समय दिया जा रहा है, तथा सर्वोच्च न्यायालय में पहले से भी कई वाद लंबित हैं।

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Dahej Utpeedan : महिला का दहेज के लिए ऐसा उत्पीड़न, पति ने किया अप्राकृतिक यौन शोषण तो जेठ ने भी उतारी अपनी हवस

Pyar Dhokha

Dahej Utpeedan, Dahej, Dahej Hatya, Dowry, Mahila Apradh,

Antardharmik vivah : महकी महक की मोहब्बत, शिवम के साथ शिवानी बन बंधी 7 जन्म के बंधन में….

Antardharmik vivah, There is news of a Muslim girl named Mehak marrying a Hindu youth named Shivam by posing as Shivani in Khatima of Udham Singh Nagar district of Uttarakhand. After a long legal process, Mehak aka Shivani has not only socially but also legally tied up with Shivam in the relationship of husband and wife which is considered for seven births.