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बॉलीवुड कलाकार हेमंत पांडे ने उठाया उत्तराखंड के लुप्त हो रहे वाद्य यंत्रों को बनाने वालों के संरक्षण का बीड़ा

-लोक वाद्यों की प्रदर्शनी लगाने, विद्यालयों में कार्यशालाएं आयोजित करने, इन वाद्यों को बजाने वालों के लिए विशेष आयोजन करने एवं सरकार की ओर से इन लोगों के लिए पूर्व मे घोषित योजनाओं का लाभ दिए जाने की जताई आवश्यकता

सिने कलाकार हेमंत पांडे को प्रतीक चिन्ह भेंट करते आयोजक।

नवीन समाचार, नैनीताल, 17 अक्तूबर 2022। कृष सहित कई बॉलीवुड फिल्मों में पहाड़ की लोक संस्कति को अपने स्तर से बड़े परदे पर लाने वाले पहाड़ के कलाकार हेमंत पांडे ने अब पहाड़ के लुप्त हो रहे लोक वाद्यों को बनाने वाले कलाकारों व उनकी कला के संरक्षण के लिए कार्य करने की बात कही है। इसके लिए उन्होंने लोक वाद्यों की प्रदर्शनी लगाने, विद्यालयों में कार्यशालाएं आयोजित करने, इन वाद्यों को बजाने वालों के लिए विशेष आयोजन करने एवं सरकार की ओर से इन लोगों के लिए पूर्व मे घोषित योजनाओं का लाभ दिए जाने की आवश्यकता जताई है। यह भी पढ़ें : फिर बड़ी वारदात : दिनदहाड़े पुलिस कर्मियों पर बदमाशों ने की फायरिंग, दो पुलिस कर्मी घायल  

सोमवार को नगर के मनु महारानी होटल में आयोजित पत्रकार वार्ता में श्री पांडे ने कहा कि कुमाउनी लोक वाद्यों को बचाने वाले लोग अंतिम पीढ़ी में हैं। वह बचेंगे तो लोक वाद्य आगे भी बनेंगे और हम तक पहुंचेंगे। यह भी कहा कि कोई भी परिवर्तन सरकार से नहीं संस्कार से होता है। बच्चों में कपनी धरोहर, कला व संस्कति के बीज डालने जरूरी हैं। इसके लिए विद्यालयो में संस्कृति विभाग की ओर से बच्चों को इन लोक वाद्यों को खेल-खेल में बनाने व बजाने का ज्ञान देने की कार्यशालाएं आयोजित करने जरूरत है। यह भी पढ़ें : शादी का झांसा देकर युवती से दुष्कर्म करने का आरोपित गिरफ्तार

इस भेंट वार्ता के आयोजक रन टु लिव संस्था के संस्थापक हरीश तिवारी ने कहा कि पारंपरिक वाद्य यंत्र केवल ड्रॉइंग रूम की शोभा बन कर रह गए हैं। गीत-संगीत में इन लोक वाद्यों का अधिक से अधिक प्रयोग हो, इसके प्रयास होने चाहिए। इस विषय पर वृत्त चित्र बनाने वाले पिथौरागढ़ से जुड़े कैलाश ने कहा कि खासकर खाल से इन लोक वाद्यों को बनाने वाले लोग अब गिने-चुने रह गए हैं, और वह भी उम्र के आखिरी पड़ाव पर हैं। इनका डाटाबेस बनाए जाने और सरकार से इनके संरक्षण की जरूरत है। यह भी पढ़ें : बिग ब्रेकिंग: हल्द्वानी के 2 स्पा सेंटरों से मुक्त कराई गईं 10 युवतियां

‘धाद’ संस्था एवं ‘धाद सुनो’ यूटयूब चैनल के माध्यम से पहाड़ की लोक संस्कृति, लोक गीत आदि के कलाकारों को आगे ला रहे रविकांत राजू ने कहा कि लोक वाद्य बनाने वालों के साथ लोक वाद्य बचेंगे तो इनके साथ लोक संगीत, लोक जीवन, रीति-रिवाज, लोक देवी-देवताओं के प्रति आस्था भी बचेगी। यह भी कहा गया कि केवल लोक वाद्यों को बचाने की एकतरफा मुहिम की जगह लोक बोली को भी बचाने तथा शादी-व्याह में ब्रास बैंड की जगह पारंपरिक छोलिया नर्तकों के साथ लोक वाद्यों को बजाने की परंपरा भी लौटानी होगी। यह भी पढ़ें : बिग ब्रेकिंग: हल्द्वानी के 2 स्पा सेंटरों से मुक्त कराई गईं 10 युवतियां

इस दौरान सोलन घाटी में 14 घंटे में 4300 मीटर की ऊंचाई वाले ट्रेक पर 60 किमी की दौड़ पूरी करने वाले नगर के एकेश तिवारी व साइकिल पर 15 हजार किमी चलकर देश भर का चक्कर लगाकर एशियन बुक ऑफ रिकॉर्ड में नाम दर्ज करने वाले धावक सागर देवराड़ी को सम्मानित भी किया गया। इस मौके पर मनु महारानी होटल के राजेंद्र रावत भी मौजूद रहे। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार
‘नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से ‘मन कही’ के रूप में जनवरी 2010 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।
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