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क्षेत्रवासी इसे ग्वेल देवता की कृपा व चमत्‍कार मान रहे हैं।नवीन समाचार, अल्मोड़ा, 21 अप्रैल 2023। (stir miracle or something? A tree said to be 400 years old, dry for 15 years suddenly turned green in the temple premises) इसे चमत्कार कहें या संयोग, अल्मोड़ा जनपद के लोद घाटी स्थित ग्वेल देवता मंदिर में करीब 400 वर्ष पुराना बताया जाने वाला व इधर करीब 15 वर्षों से सूखा एक पेड़ फिर से सक्रिय हो गया है। मंदिर में स्थित होने के कारण भी इसे लोग ईश्वर का चमत्कार मान रहे हैं। इससे लोगों की मंदिर के प्रति भी आस्था बढ़ गई है। यह भी पढ़ें : अभिनेत्री ने किया शादी से पहले गर्भवती होने का खुलासा, इस सूची में बॉलीवुड की कई अभिनेत्रियां शामिल….

मंदिर के पुजारी शंकर दत्त पाटनी के अनुसार 400 वर्ष पूर्व से मंदिर परिसर में स्थापित शहतूत का पेड़ जो लगभग 15 वषों से सूख गया था, इधर कुछ दिनों से दिन-प्रतिदिन हरा भरा होता जा रहा है। इसे लोग ग्वेल देवता की कृपा मानते हैं। उनका कहना है कि ग्वेल देवता आज भी मंदिर परिसर में साक्षात विराजमान हैं। यह भी पढ़ें : ‘नवीन समाचार’ एक्सक्लूसिव: उत्तराखंड के वन क्षेत्रों में धार्मिक आधार पर मजार, कब्रिस्तान आदि के अतिक्रमण पर सनसनीखेज खुलासा…

उन्होंने बताया कि चंद राजाओं ने 400 वर्ष पहले इस मंदिर की स्थापना की थी। मंदिर में प्रतिवर्ष वैशाखी के पर्व पर गर्भगृह की पूजा-अर्चना होती है। इसके दूसरे दिन मंदिर परिसर में भव्य मेला लगता है। क्षेत्रवासियों ने मंदिर में शहतूत के सूखे पेड़ के इस तरह हरा-भरा होने के बाद उत्साहित होकर इस वर्ष लोद घाटी सांस्कृतिक मंच के तत्वावधान में स्याल्दे बिखोती मेले को अधिक धूमधाम से मनाने का निर्णय लिया है। यह भी पढ़ें : ब्रेकिंग: न्यायालय परिसर में गोलीबारी, महिला व अधिवक्ता को लगी गोली…

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By डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार

‘डॉ.नवीन जोशी, वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार, 'कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले पत्रकार' एवं मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 140 मिलियन यानी 1.40 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।

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