नवीन समाचार, बिजनेस डेस्क, 10 जुलाई 2023। क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) में निवेश करने वाले निवेशकों के लिए बड़ी खबर है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार बिटकॉइन अपने 13 महीनों में अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। आज एक बिटकॉइन 3.28 प्रतिशत बढ़कर 31,500 डॉलर (लगभग 25,97,767 रुपये) हो गया।
वहीं क्रिप्टो ट्रेडिंग एक्सचेंज कॉइन मार्केट कैप के अनुसार बिटकॉइन का मौजूदा बाजार पूंजीकरण 2.2 प्रतिशत बढ़कर 610,122,773,744 डॉलर हो गया है। जबकि एक साल पहले 7 जुलाई 2022 में बिटकॉइन की कीमत 20,547.81 डॉलर थी जबकि आज इसकी कीमत 29,940 डॉलर हो गई है। बताया जा रहा है कि हाल ही में यूएस-सूचीबद्ध स्पॉट बिटकॉइन ईटीएफ लॉन्च करने के लिए वैश्विक परिसंपत्ति प्रबंधक ब्लैकरॉक सहित फंड प्रबंधकों की योजनाओं के कारण समर्थन मिला है। इस कारण क्रिप्टोकरेंसी की कीमतों में बढ़ोत्तरी होनी शुरू हो गई है।
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इसका क्या अर्थ है ?
कहते हैं कि वर्ष 2009 में जारी होने के दौरान एक बिटकॉइन एक डॉलर में मिलता था, लेकिन आज इसकी कीमत करीब 30 हजार डॉलर के करीब हो गई है। यानी इसने इसे शुरुआत में खरीदने वालों को 14 वर्षों में करीब 30 हजार गुना लाभ दिलाया है। जबकि भारत में बिटकॉइन का मूल्य सबसे अधिक 44,54,673 भारतीय रुपए तक पहुंच चुका है। जबकि आज इसकी कीमत करीब 20.5 लाख रुपए के करीब है।
क्रिप्टोकरेंसी को जानने वाले लोग जानते हैं कि पिछले वर्षों में क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) की मार्केट काफी डाउन रही है। यानी इस दौरान लोग इससे कम लाभान्वित हुए हैं। लेकिन इधर जैसे इसकी कीमतों में उछाल आया है तो अब माना जा रहा है कि इसकी कीमतें बढ़ने का दौर आ गया है। आज भी आप चाहें तो इसके जोखिम अच्छी तरह से समझ कर और अपनी जोखिम लेने की क्षमता के अनुसार आप इसे खरीद सकते हैं और भविष्य में अच्छे लाभ की उम्मीद कर सकते हैं।
यह भी है कि आप को पूरा एक बिटकॉइन खरीदने के लिए लाखों रुपए खर्च करने की जरूरत नहीं है, बल्कि आप 100 रुपए जितनी कम धनराशि से भी बिटकॉइन या अन्य क्रिप्टोकरेंसी खरीदने का अनुभव ले सकते हैं, और इस क्षेत्र में अनुभव लेकर आगे बढ़ सकते हैं।
भारत है क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) की खरीद-फरोख्त की कानूनी स्थिति
उल्लेखनीय है कि बिटकॉइन दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) है। बिटकॉइन को पूर्व में भारत सरकार बिटकॉइन सहित हर क्रिप्टोकरेंसी के प्रति सचेत और इसे प्रतिबंधित किए रही, लेकिन वर्ष 2022 के अपने बजट भाषण में देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारत में क्रिप्टोकरेंसी पर पूंजीगत लाभ बिना किसी छूट के 30 प्रतिशत कर (साथ ही अधिभार और 4 प्रतिशत उपकर) के अधीन लाने की घोषणा की। इसके बाद भारत में भी बिटकॉइन की खरीद-फरोख्त अधिक करों के साथ ही सही आम लोगों के लिए वैध हो गई है।
क्या है बिटकॉइन
वर्तमान में संसार में बिटकॉइन बहुत लोकप्रिय हो रही बिटकौइन दुनिया की पहली एक विकेन्द्रीकृत डिजिटल मुद्रा है। विकेन्द्रीकृत डिजिटल मुद्रा होने का अर्थ यह है कि यह किसी केन्द्रीय बैंक द्वारा नहीं संचालित होती। कम्प्यूटर नेटवर्किंग पर आधारित भुगतान हेतु इसे निर्मित किया गया है। इसका विकास सातोशी नकामोतो नामक एक अभियन्ता ने 2008 में किया था और 2009 में ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर के रूप में इसे जारी किया गया था।
बिना लेन-देन शुल्क के सुरक्षित और सुपर फास्ट
आम डेबिट-क्रेडिट कार्ड से भुगतान करने में लगभग दो से तीन प्रतिशत लेनदेन शुल्क लगता है, लेकिन बिटकॉइन में कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगता है, इस वजह से भी यह लोकप्रिय होता जा रहा है। इसके अलावा यह सुरक्षित और तेज है, जिससे लोग बिटकॉइन स्वीकार करने के लिए प्रोत्साहित हो रहे हैं।
कहते हैं कि किसी अन्य क्रेडिट कार्ड की तरह इसमें कोई क्रेडिट लिमिट नहीं होती है न ही कोई नगदी लेकर घूमने की समस्या है। खरीददार की पहचान का खुलासा किए बिना पूरे बिटकॉइन नेटवर्क के प्रत्येक लेन देन के बारे में पता किया जा सकता है। यह एकदम सुरक्षित और सुपर फास्ट है और यह दुनिया में कहीं भी कारगर है और इसकी कोई सीमा भी नहीं है।
ऐसे सैकड़ों हजारों वेबसाइट कम्पनी है जो बिटकॉइन को स्वीकार कर रही हैं। हवाई जहाज की टिकट, होटल, इलेक्ट्रॉनिक्स, कार, कॉफी और किसी अन्य चीज के लिए भी बिटकॉइन से भुगतान कर सकते हैं। इसका प्रयोग करने के लिए कहीं से अनुमति भी लेनी नहीं पड़ती है। क्योंकि बिटकॉइन पर किसी व्यक्ति विशेष सरकार या कम्पनी का कोई स्वामित्व नहीं होता है। बिटकॉइन मुद्रा पर कोई भी ‘सेण्ट्रलाइज कण्ट्रोलिंग अथॉरिटी’ यानी केंद्रीयकृत नियंत्रण संस्था नहीं है।
अन्य मुद्रा या खनिज की तरह माइनिंग से बनती हैं क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency)
बिटकॉइन सहित हर क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) को शक्ति उन हजारों लोगों से मिलती है जिनके पास विशेष कम्प्यूटर है जो नेटवर्क को शक्ति सम्पन्न बनाते हैं। नेट पर विनिमय को सुरक्षित करते हैं और लेनदेन की जाँच करते हैं।
आम भाषा में माइनिंग का मतलब खुदाई के द्वारा सोना-कोयला आदि खनिजो को निकालना होता है। चूँकि बिटकॉइन का कोई भौतिक रूप नहीं है अतः इसकी माइनिंग परम्परागत तरीके से नहीं बल्कि विशेष कम्प्यूटरों पर होती है। माइनिंग के माध्यम से कम्प्यूटिंग पावर का इस्तेमाल कर ट्रांजैक्शन प्रोसेस किया जाता है, नेटवर्क को सुरक्षित रखा जाता है साथ ही नेटवर्क को सिंक्रोनाइज भी किया जाता है।
बिटकॉइन माइनिंग की सफलता का ट्रांजैक्शन प्रोसेस करने पर जो पुरस्कार मिलता है वह बिटकॉइन होता है। बिटकॉइन माइन करने वालों को माइनिंग के लिए ट्रांजैक्शन फीस बिटकॉइन के रूप में दी जाती है। अब मोबाइल पर भी अनेक कंपनियां क्रिप्टोकरेंसी की माइनिंग की सुविधा दे रही हैं। इनके जरिए मुफ्त में क्रिप्टोकरेंसी प्राप्त की जा सकती हैं। इन लिंक्स के माध्यम से संबंधित एप्स को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड करके माइनिंग कर मुफ्त में क्रिप्टोकरेंसी प्राप्त की जा सकती हैं।
- https://m.avive.world/register/?vcode=2ijjyx
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बिटकॉइन के लेन देन के लिए बिटकॉइन एड्रेस का प्रयोग किया जाता है। कोई भी ब्लॉकचेन में अपना खाता बनाकर इसके जरिये बिटकॉइन का लेन देन कर सकता है। बिटकॉइन की सबसे छोटी संख्या को सातोशी कहा जाता है। एक बिटकॉइन में 10 करोड़ सातोशी होते हैं। यानी 0.00000001 बीटीसी को एक सातोशी कहा जाता है।
बिटकॉइन का मूल्य
बिटकॉइन का मूल्य कई चीजों में निर्भर होता है। उनमें से दो सबसे महत्वपूर्ण चीजें आपूर्ति और माँग है। बिटकॉइन सीमित संख्या में पाया जाता है। 2,10,00,000 बिटकॉइन ही माइन किया जा सकता है। ऐसे में अगर आपूर्ति से कम माँग हो तो बिटकॉइन का मूल्य घटता है और उल्टा होने पर इसका मूल्य बढ़ता है।
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डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 30 जनवरी 2022। फेसबुक का नया नाम मेटा हो जाने के बाद से इंटरनेट पर मेटावर्स शब्द काफी चर्चा में है। यदि आप इंटरनेट पर सक्रिय हैं तो आपके लिए मेटावर्स के बारे में जानना जरूरी है, क्योंकि मेटावर्स अपने आप में एक अलग व भविष्य की दुनिया है। यह कैसी होगी, आइये इसके बारे में जानते हैं।
मेटावर्स को भविष्य की दुनिया, भविष्य का इंटरनेट भी कहा जा रहा है। फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग ने भी कहा कि उनकी कंपनी इस तकनीक पर तेजी से काम कर रही है, जो जल्द ही सबके सामने होगी। दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने भी हाल ही में कहा है कि वह Activision Blizzard को 69 बिलियन डॉलर में खरीदेगा, जिससे मेटावर्स में विस्तार किया जा सके।
वास्तव में मेटावर्स एक वर्चुअल यानी आभासीय या काल्पनिक दुनिया है। आज के दौर में लोग समस्त भौतिक सुविधाएं प्राप्त कर लेने के बाद उससे आगे आभाषी दुनिया में आगे बढ़ना चाह रहे हैं। जिस तरह बिट कॉइस जैसी आभासी मुद्रा क्रिप्टो करेंसी भी चलन में है। उसी तरह मनुष्य मेटावर्स के जरिए अपना खुद का वर्चुअल अवतार यानी आभाषी स्वरूप तैयार करता है, और उसके माध्यम से ऐसे कार्य कर सकता है जो वह भौतिक रूप से यानी अपने शरीर से नहीं कर सकता।
इस तरह मेटावर्स एक ऐसा ऑनलाइन स्पेस यानी स्थान है, जहां कोई भी व्यक्ति एआर यानी ऑगमेंटेड रियलिटी या वीआर यानी वर्चुअल रियलिटी हेडसेट की मदद से अपना खुद का अवतार या स्वरूप बनाते हैं, और इसके जरिए आभाषीय तौर पर अपने दोस्त बनाकर एक अलग समाज स्थापित कर सकते हैं, और उनके साथ खेल भी सकते हैं। साथ ही दुनिया में कहीं भी दूसरे लोगों से मिल सकते हैं, और वे सभी काम वर्चुअली कर सकते हैं, जो वह अपनी असल जिंदगी में करते हैं, या करना चाहते हैं। वह आभाषीय तौर पर कहीं भी आ और जा भी सकते हैं, दोस्तों के साथ डांस कर सकते है, पहाड़ों पर जा सकते हैं, और फिल्में देख सकते हैं। यही नहीं अपनी डिजिटल संपत्ति भी कमा सकते हैं और ऑनलाइन घर बना सकते हैं, तथा अपने दोस्तों के साथ मनोरंजन भी कर सकते हैं।
गौरतलब है कि मेटावर्स का आइडिया यानी विचार और यह शब्द इतना नया भी नहीं है। अमेरिकी लेखक नील स्टीफेन्सन ने पहली बार 1992 में अपनी किताब स्नो क्रैश में मेटावर्स शब्द का इस्तेमाल वर्चुअल रियलिटी की दुनिया के लिए किया था।
अलबत्ता अभी यह देखना बाकी है कि भविष्य में इस तरह के कितने मेटावर्स यानी आभाषीष दुनिया होंगी। क्योंकि अभी मेटावर्स के लिए कोई मानक मौजूद नहीं है। बहुत सी कंपनियां अपने-अपने मेटावर्स बनाने के लिए काम कर रही हैं। अभी फेसबुक, माइक्रोसॉफ्ट, सोनी, एपिक गेम्स और छोटी कंपनियों का एक समूह सबसे पहले इस दुनिया पर राज करने की कोशिश में लगा है। यह भी कहा जा रहा है कि अधिकांश कंपनियां एक ही मेटावर्स बनाएंगी जिसमें अन्य कंपनियां भी शामिल हो सकेंगी।
बताया जा रहा है कि कपड़ों और जूतों के कई दिग्गज ब्रांड भी मेटावर्स की दुनिया में प्रवेश करने पर विचार कर रहे हैं। ऐसा लगता है जल्द ही मेटावर्स की दुनिया में वर्चुअल दुकानें भी होंगी, जिसमें लोग वस्तुओं को एनएफटी (नॉन फंगिबल टोकन) की मदद से मेटावर्स पर खरीद भी सकेंगे।
आगे हम आपको मेटावर्स में एनएफटी यानी नॉन फंगिबल टोकन के बारे में बताएंगे, जिसमें हैं बड़ी कमाई के मौके…. इस नए विकल्प का आप भी फायदा उठा सकते हैं। (डॉ. नवीन जोशी) आज के अन्य एवं अधिक पढ़े जा रहे ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। यदि आपको लगता है कि ‘नवीन समाचार’ अच्छा कार्य कर रहा है तो हमें सहयोग करें..यहां क्लिक कर हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें, यहां क्लिक कर हमें गूगल न्यूज पर फॉलो करें। यहां क्लिक कर हमारे टेलीग्राम पेज से जुड़ें और यहां क्लिक कर हमारे फेसबुक ग्रुप में जुड़ें।आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
‘डॉ.नवीन जोशी, वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले पत्रकार’ एवं मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 140 मिलियन यानी 1.40 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।














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